रायपुर
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में हथियार छोड़ मुख्यधारा में शामिल हुए लोगों से मुलाकात की
रायपुर | केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और असम के उन लोगों से मुलाकात की जो हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुलाकात के बाद अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि 2019 में कश्मीर, उत्तरपूर्व और नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में देश के युवा हथियार लेकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे थे, हिंसा कर रहे थे और पूरे क्षेत्र को विकास से दूर रखते थे। उन्होंने कहा कि उस वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ये तय किया गया था कि जो लोग हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें ये मौका दिया जाए। शाह ने कहा कि 2019 से 2024 तक सिर्फ नॉर्थईस्ट में ही 9000 से अधिक लोगों ने हथियार छोड़कर सरेंडर किया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में भी कई युवाओं ने सरेंडर किया है और अब भारत सरकार ऐसे लोगों और नक्सलवाद से पीड़ित लोगों के कल्याण के लिए समग्र योजना बना रही है। गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 15 हज़ार मकान बनाने को मंज़ूरी दी है। इसके साथ ही, नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में हर परिवार को एक गाय या भैंस देकर डेयरी कोऑपरेटिव बनाने की शुरूआत भी की जा रही है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के बाद नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया गया था। उन्होंने कहा कि हिंसा रास्ता नहीं है, बल्कि जिन लोगों ने हथियार उठा रखे हैं, उन्हें मेनस्ट्रीम में वापिस लाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सबसे अच्छी सरेंडर पॉलिसी बनाई है और इसे पूरे देश में रेप्लिकेट करके हथियार छोड़ने वाले युवाओं को समाज में पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
अमित शाह ने हिंसा में लिप्त युवाओं से अपील की कि वे हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में आ जाएं। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के बारे में बात करते हुए कहा कि बस्तर के होनहार बच्चे भारत का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि 2025 से 2036 के ओलंपिक तक बस्तर के बच्चों को पदक जीतने के योग्य बनाने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। शाह ने कहा कि जब बस्तर की एक बच्ची 2036 के ओलंपिक में पदक जीतेगी, वो नक्सलवाद को एक मज़बूत जवाब और पूरी दुनिया को संदेश होगा कि हिंसा रास्ता नहीं है बल्कि विकास रास्ता है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि अब बहुत कम क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि जो हिंसा में लिप्त हैं, वे भी हमारे अपने ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के नागरिकों को स्कूल, दवाखाने, अस्पताल, मुफ्त अनाज, बिजली, शौचालय, पानी चाहिए और इन सभी सुविधाओं को आपके गांवों तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी छत्तीसगढ़ सरकार की है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं की सबसे पहली प्राथमिकता बस्तर है। उन्होंने कहा कि हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में आने वाले लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी जी पर भरोसा किया है और उनका ये भरोसा टूटेगा नहीं और ऐसे लोगों को देखकर कई युवा हथियार छोड़कर विकास की यात्रा में शामिल होंगे।
पांच लाख युवाओं को व्यापमं के रिजल्ट का इंतजार... चिप्स-व्यापमं के बीच अनुबंध खत्म
रायपुर। चिप्स व व्यापमं के बीच अनुबंध खत्म हुए दो महीने से ज्यादा हो गए है। नई एजेंसी के साथ व्यापमं का अनुबंध अभी नहीं हुआ है। इस वजह से 5 लाख से अधिक युवाओं का रिजल्ट अटका है। दरअसल, प्रयोगशाला तकनीशियन, छात्रावास अधीक्षक, राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) समेत अन्य परीक्षा जुलाई से अक्टूबर के पहले सप्ताह तक आयोजित की गई। इन परीक्षाओं में पांच लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें से कुछ का रिजल्ट लगभग तैयार है, लेकिन इसे जारी करने के लिए एजेंसी नहीं होने की वजह से यह घोषित नहीं हो पा रहा है।
दूसरी ओर परीक्षाओं के रिजल्ट में देरी होने से युवाओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि चिप्स से अनुबंध अचानक समाप्त नहीं हुआ होगा। इसकी जानकारी अधिकारियों को पहले से होगी। यदि ऐसा था तो पहले से तैयारी क्यों नहीं की गई। इसी तरह चिप्स से कुछ दिन पहले उन भर्ती परीक्षाओं का रिजल्ट व्यापमं की वेबसाइट पर जारी किया गया, जिनकी फाइनल मेरिट लिस्ट कुछ महीने पहले ही जारी हो चुकी है।
व्यापमं से हर साल करीब दर्जनभर परीक्षाएं आयोजित की जाती थी। इस साल भर्ती के इंतजार में साल बीता है। सिर्फ एक वैकेंसी निकली। मत्स्य निरीक्षक की यह भर्ती 70 पदों के लिए है। इसकी अभी परीक्षा नहीं हुई है। इसे लेकर युवाओं का कहना है कि पूरा साल इंतजार में बीत गया। इस चक्कर में कई युवाओं की उम्र पार हो गई। आगे भी कब तक भर्ती आएगी यह पता नहीं है। वहीं दूसरी ओर जिनकी परीक्षा हो चुकी है, उसका रिजल्ट जारी नहीं किया जा रहा है। इसी तरह प्रयोगशाला परिचारक समेत अन्य की परीक्षा के लिए युवाओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसके लिए अक्टूबर 2023 में उच्च शिक्षा विभाग से आवेदन मंगाए गए थे। 880 पदों के लिए 7 लाख से अधिक फॉर्म मिले हैं। परीक्षा व्यापमं से आयोजित की जाएगी। लेकिन यह कब तक होगी इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज : रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस को 'प्रेसिडेंट कलर' प्रदान किया
किसी भी सशस्त्र बल के लिए 'प्रेसिडेंट कलर' मिलना बहुत गर्व का विषय है, अपनी स्थापना के 25 साल में ही छत्तीसगढ़ पुलिस ने ये सम्मान प्राप्त किया
छत्तीसगढ़ पुलिस को 'प्रेसिडेंट कलर' अवार्ड मिलना, उनकी कड़ी मेहनत, वीरता व समर्पण का प्रतीक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 31 मार्च, 2026 से पहले देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा
पिछले एक साल में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों ने 287 नक्सलियों को न्यूट्रलाइज़ किया, 1000 को गिरफ्तार किया और 837 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
नक्सलमुक्त और नशामुक्त भारत के सपने को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस ने जुनून, विश्वास और समर्पण के साथ अपनी भूमिका को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया
मोदी जी के 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण में भी छत्तीसगढ़ का भी बहुत बड़ा योगदान स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा
नक्सलवाद के खिलाफ मोदी सरकार की सख्त नीति के कारण 4 दशकों में पहली बार नागरिकों और सुरक्षाबलों की मृत्यु का आंकड़ा 100 से नीचे आया है
गृह मंत्री ने नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर छत्तीसगढ़ के विकास में अपना योगदान देने की अपील की
केन्द्रीय गृह मंत्री ने आज सरदार पटेल जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी, सरदार साहब के अदम्य साहस और दृढ़ता ने ही इस देश को एक करने का काम किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने सरदार साहब के अधूरे कामों को पूरा किया और धारा 370 को समाप्त कर कश्मीर को हमेशा के लिए भारत के साथ जोड़ा
रायपुर | केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज अपने छत्तीसगढ़ दौरे के पहले दिन रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस को 'प्रेसिडेंट कलर' प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति का निशान मिलना किसी भी सशस्त्र बल के लिए बहुत गर्व का विषय है और अपनी स्थापना के 25 साल की अल्पावधि में ही छत्तीसगढ़ पुलिस ने राष्ट्रपति का विश्वास जीतकर इस सम्मान को प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपने जुनून, वीरता और समर्पण के साथ देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस बलों में से एक है।
गृह मंत्री ने कहा कि अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश करते ही राष्ट्रपति के निशान से सम्मानित होना छत्तीसगढ़ पुलिस की कड़ी मेहनत, समर्पण, बहादुरी और जनता के प्रति लगाव का द्योतक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस विशिष्टता, प्रतिबद्धता, बहादुरी और समर्पण के साथ राज्य की जनता की सेवा कर रही है। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नक्सलवाद मुक्त और नशामुक्त भारत अभियान, सार्वजनिक सुरक्षा औऱ नागरिकों के जीवन को सुलभ बनाने के अपने प्रयासों में छत्तीसगढ़ पुलिस हमेशा अग्रणी रही है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज सरदार पटेल जी की पुण्यतिथि है। उन्होंने कहा कि सरदार साहब के अदम्य साहस और दृढ़ता ने ही इस देश को एक करने का काम किया। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने सरदार साहब के अधूरे कामों को पूरा किया और धारा 370 को समाप्त कर कश्मीर को हमेशा के लिए भारत के साथ जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश कृतज्ञता के साथ सरदार साहब को श्रद्धांजलि दे रहा है।
अमित शाह ने कहा कि दशकों से चली आ रही छत्तीसगढ़ के गठन की मांग को अटल बिहारी वाजपेयी जी ने पूरा किया था। गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 31 मार्च, 2026 से पहले छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों को भी नक्सलवाद से मुक्त कराने के प्रति कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस बहादुरी के साथ इस संकल्प की प्राप्ति की दिशा में बढ़ रही है और पिछले एक साल में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में कई उपलब्धियां प्राप्त की हैं।
अमित शाह ने कहा कि 1951 में सबसे पहला राष्ट्रपति का निशान भारतीय नौसेना को दिया गया था और आज इस निशान को पाने के लिए किसी भी सशस्त्र बल को 25 साल तक सेवा देनी होती है। उन्होंने भारत की राष्ट्रपति महोदया को भी छत्तीसगढ़ पुलिस की 25 साल की सेवा, समर्पण, त्याग और बलिदान को सम्मानित करने के लिए धन्यवाद दिया।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि एक विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित बस्तर के संकल्प को सिद्ध करने में छत्तीसगढ़ पुलिस के हर जवान का बहुत बड़ा योगदान रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण में भी छत्तीसगढ़ का भी बहुत बड़ा योगदान स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा।
गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों से कहा कि प्रेसिडेंट कलर मात्र एक अलंकरण नहीं है, बल्कि ये सेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ये निशान उन अनगिनत चुनौतियों की याद दिलाता है जिनका सामना दृढ़ता के साथ करना है। शाह ने कहा कि प्रेसिडेंट कलर, अलंकरण के साथ-साथ एक दायित्व भी है और छत्तीसगढ़ पुलिस का हर जवान यह दायित्व निभाएगा और अपने कर्तव्य को निभाने में एक कदम भी पीछे नहीं हटेगा।
राज्यपाल रमेन डेका ने टीबी मरीजों को दिये फुड बास्केट
टी. बी. मरीजों के लिए प्रदाय किए फुड बास्केट
राज्यपाल निःक्षय मित्र बनकर 10 टी बी मरीजों की करेंगे मदद
रायपुर | राज्यपाल रमेन डेका ने अपने धमतरी प्रवास के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के क्षयमुक्त भारत अभियान योजना अंतर्गत 3 निक्षय मित्रों के माध्यम से 3 टी. बी. के मरीजों के लिए प्रोटीन युक्त फूड बास्केट प्रदाय किये। इस दौरान राज्यपाल डेका ने मरीजों को समझाईश देते हुए कहा कि टी. बी. से घबराना नहीं, यह बीमारी दवाई के नियमित सेवन एवं उचित खानपान से पूर्णतः ठीक हो जाता है। राज्यपाल स्वयं निक्षय मित्र बनकर जिले के 10 टी. बी. मरीजों की मदद करेंगे। टी बी मरीजों क़ो दिये जाने वाला फ़ूड बास्केट जिसकी लागत 500 रूपए होती है, जिसमे पौष्टिक खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनके सेवन से मरीजों क़ो ताकत मिलती है और वे जल्दी ठीक हो पाते है। निक्षय मित्र के रूप में 6 माह या उससे अधिक समय के लिए बना जा सकता है ।
राज्यपाल रमेन डेका ने प्रधानमंत्री टी बी मुक्त भारत अभियान की गतिविधियों में रेडक्रॉस को भी जोड़ने के निर्देश दिए।
‘रामलला की माता‘ नाटक की प्रस्तुति 17 दिसंबर को
रायपुर। आर्ट आफ लिविंग की थियेटर टीम आश्रम मंडली के तत्वावधान में ‘रामलला की माता‘ नाटक का मंचन 17 दिसंबर की शाम 7.30 बजे पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में किया जाएगा। इन नाटक के जरिए आर्ट आफ लिविंग की आश्रम मंडली त्रेतायुग में माताओं के बलिदान को रेखांकित करेगी। किस तरह माताओं ने मोह त्यागकर बलिदान के माध्यम से मानव कल्याण का पथ प्रशस्त किया, यह नाटक की विशेषता होगी।
एक मां ही अपनी संतान का चरित्र गढ़ती है। कैकेई एक मां ही थीं, जिन्होंने साधारण राजकुमार श्रीराम को भगवान राम बना दिया और युगों के कलंक को हंसते-हंसते स्वीकार कर लिया। माता कौशल्या व सुमित्रा ने कितना बड़ा अनोखा त्याग किया। माता समान मंथरा के अनोखे पात्र को कौन भुला सकता है। कैसे स्वयं को कठघरे में खड़ा कर भी जगत का भला सुनिश्चित किया। माताओं ने कैसे राजकुमारों को वन जाने दिया। कैकेये ने कैसे स्वयं को इतिहास में आलोचनीय बनवाकर भी राक्षसों का अंत सुनिश्चित करने का बड़ा अनुष्ठान कर दिखाया। यह सब इस नाट्य प्रस्तुति के अंग होंगे।
नाटक की रचना आज के समय में बालकों के प्रति माताओं के धर्म को रेखांकित करता है। साथ ही मातृभक्ति की भावना को भी रेखांकित करता है। इस नाटक में ऐसे संवाद रखे गए हैं जो मोटिवेशनल हैं। प्रत्येक अभिनेता की भाव-भंगिमा पात्र के अनुकूल है। नेपथ्य से लेकर मंचीय संगीत का मिश्रण कमाल का है। इससे परिवार में संस्कार घुलते हैं। जीवन में परिवर्तन आता है। गुरूदेव श्री श्री रविशंकर की शिक्षाओं के अनुरूप ही इस नाट्य को रंग दिया गया है।
चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों ने जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जाना
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन का एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसंपर्क विभाग द्वारा शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों को देने के लिए चित्र प्रदर्शनी लगाई है। चित्र प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना सहित अन्य हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी लोगों को दी गई। प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
जशपुर जिले में रणजीता स्टेडियम चौक के पास 13 से 14 दिसंबर 24 तक दो दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी लोगों को दी गई है। प्रर्दशनी का अवलोकन करने वाले फरसाबहार विकास खंड के नवीन कुमार, बसंत कांसाबेल विकास खंड के पाकरटोली निवासी रूपेश साय ने बताया कि वे अभी कालेज में पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही प्रतियोगिता परीक्षा की भी तैयारी कर रहे हैं। प्रदर्शनी का अवलोकन करके अच्छा लगा और बहुत सारी ज्ञानवर्धक जानकारी भी मिला है। तैयारी करने के लिए योजना से संबन्धित पुस्तिका भी मिला जिसके उनको अब तैयारी करने में आसानी होगी। पत्थलगांव विकास खंड के जय प्रकाश पैंकरा ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया और खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत अनेक अच्छी योजना संचालित की जा रही है। इसकी जानकारी विस्तार से उनको यहां आकर मिला है। और लोगों को भी इसकी जानकारी देने की बात कही। प्रर्दशनी का अवलोकन जशपुर गिराग के नंनकू राम , कुलविंदर, बाबूलाल, कुनकुरी के जावेद, भागलपुर जशपुर के अलका कुजुर ने भी अवलोकन किया।
प्रदर्शनी स्थल मे एलईडी स्क्रिन के माध्यम से भी उपलब्धियों की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा पुस्तक, ब्रोसर, बुकलेट का भी वितरण किया जा रहा है। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान योजना से लाभान्वित हुए जनजाति परिवारों भी दर्शाया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना किस तरह से लोगों के पक्के आशियाने को पूरा कर रही है इसे भी प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही सीएम विष्णुदेव साय का प्रयास से 220 बिस्तर का अस्पताल, 400 केवी विद्युत सब स्टेशन, पर्यटन के क्षेत्र में जशपुर ले रहा नया रूप, एडवेंचर, इको-टूरिज्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हुई है मायली नेचर कैंप का किया जा रहा है विकास को भी प्रदर्शित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए महत्वपूर्ण कद महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना से समृद्ध होते किसान, छात्र-शिक्षक एवं पालक समुदाय के बीच अपनेपन की भावना को विकसित करने का जरिया बना न्योता भोजन, पीएम जनमन योजना, योजना से लखपति दीदी की राह पकड़ती महिलाएं स्व सहायता समूहों से सशक्त होती महिलाएं, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बनी लोगों का आशा का केंद्र, बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने सरकार के किए जा रहे कार्यों, कैंप कार्यालय से मरीजों को तत्काल मिल रहा है सहायता अब तक 1023 मरीज को मिला स्वास्थ्य लाभ, प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी से किसानों में व्यापक उत्साह, विष्णु के सुशासन में तेजी से बदल रही गांव की तस्वीर, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित सभी योजनाओं का दिया जा रहा लोगों को लाभ मधेश्वर पहाड़ को मिला शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति होने का गौरव‘, लार्जेस्ट नेचुरल शिवलिंग’ के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम सहित अन्य योजनाओं और कार्यक्रमों से संबंधित उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है।
नेशनल लोक अदालत में 22 लाख 59 हजार से अधिक प्रकरणों का हुआ रिकार्ड निराकरण
842 करोड़ रूपए से अधिक का अवार्ड पारित
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने नेशनल लोक अदालत खण्डपीठों का किया वर्चुअल निरीक्षण
रायपुर | नेशनल लोक अदालत के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में 22 लाख 59 हजार से अधिक प्रकरणों का रिकार्ड निराकरण हुआ। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कुल 842 करोड़ रूपए से अधिक का अवार्ड पारित किया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि 14 दिसम्बर को उच्च न्यायालय से लेकर तालुका स्तर न्यायालयों के साथ-साथ राजस्व न्यायालयों में लोक अदालतों का आयोजन हुआ। हाईकोर्ट बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश ने नेशनल लोक अदालत के तहत खण्डपीठों का वर्चुअल निरीक्षण किया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि यह इस वर्ष की चतुर्थ एवं अंतिम नेशलन लोक अदालत थी।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा द्वारा रायपुर व दुर्ग के लोक अदालत की कार्यवाहियों का निरीक्षण कर वहां के प्रधान जिला न्यायाधीशों से चर्चा की गई और उन्हें अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। इससे लोक अदालत के पीठासीन अधिकारियों, सदस्यों व पक्षकारों को प्रोत्साहन मिला और पक्षकारों में विश्वास सृजित हुआ है। लोक अदालत की विश्वसनीयता और प्रमाणिकता बढ़ी है। नेशनल लोक अदालत में तकनीकी का उपयोग करते हुए जहां पक्षकार नहीं आ सके, उन्हें वर्चुअल माध्यम से भी जोड़कर तथा मोबाईल वेन के माध्यम से लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण किया गया।
गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा द्वारा नेशनल लोक अदालत की तैयारियों और अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के संबंध में सभी जिले के प्रधान जिला न्यायाधीशों के साथ बैठक कर सतत् पर्यवेक्षण करते हुए मार्गदर्शन दिया जाता रहा है। मुख्य न्यायाधीश सिन्हा के छत्तीसगढ उच्च न्यायालय में पदभार ग्रहण करने के उपरांत से छत्तीसगढ में शीघ्र सुलभ व सस्ता न्याय की अवधारणा को साकार करते हुए लोगों को लोक अदालत के माध्यम से त्वरित न्याय प्रदान किया जाना सुनिश्चित हो पा रहा है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा द्वारा कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल को प्रकरणों के निराकरण में उनके सतत् मार्गदर्शन व प्रयास के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया गया। मुख्य न्यायाधीश सिन्हा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में गठित लोक अदालत की दोनों खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारी माननीय न्यायमूर्तिगण व सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया है। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा राज्य के सभी सम्मानित प्रधान जिला न्यायाधीशगणों और नेशनल लोक अदालत के संबंध में राज्य में गठित सभी खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारियों और खण्डपीठ के सदस्यों, राजस्व अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, सभी न्यायालयीन कर्मचारियों के साथ-साथ सभी पैरालीगल वालेण्टियर, अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों तथा पक्षकारों तथा अन्य सभी लोगों, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस नेशनल लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में योगदान दिया है, को धन्यवाद ज्ञापित किया है। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया है, जिन्होंने इस नेशनल लोक अदालत के प्रचार-प्रसार व लोगों के मध्य जागरूकता फैलाने में विशेष योगदान दिया।
राष्ट्रपति का निशान (President’s Colours): छत्तीसगढ़ पुलिस को क्यों दिया गया यह सम्मान?
रायपुर। भारत के सशस्त्र बलों और पुलिस संगठनों को उनकी विशिष्ट सेवाओं और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है ‘राष्ट्रपति का निशान (President’s Colours)’। हाल ही में छत्तीसगढ़ पुलिस को यह गौरव प्रदान किया गया है। यह सम्मान राज्य पुलिस के उन अद्वितीय प्रयासों और उपलब्धियों को मान्यता देता है, जो उन्होंने नक्सलवाद और अन्य चुनौतियों से निपटने में हासिल की हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस: सबसे युवा बलों में से एक
छत्तीसगढ़ पुलिस को यह सम्मान उसकी स्थापना के केवल 24 वर्षों के भीतर प्राप्त हुआ है, जो इसे यह गौरव पाने वाले सबसे युवा पुलिस बलों में से एक बनाता है। 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद इस पुलिस बल का गठन किया गया। इतने कम समय में उन्होंने नक्सलवाद जैसी जटिल चुनौतियों से निपटते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ पुलिस के अद्वितीय समर्पण और प्रभावशाली कार्य प्रणाली का प्रमाण है।
राष्ट्रपति का निशान (President’s Colours): ऐतिहासिक महत्व
‘राष्ट्रपति का निशान (President’s Colours)’ सम्मान की परंपरा भारत में ब्रिटिश काल से जुड़ी है। उस समय इसे “किंग्स कलर्स” या “क्वीन्स कलर्स” कहा जाता था, जो ब्रिटिश साम्राज्य के प्रति वफादारी और सैन्य संगठन की श्रेष्ठता का प्रतीक होता था। 1950 में भारत के गणराज्य बनने के बाद इसे ‘राष्ट्रपति का निशान’ के रूप में पुनर्परिभाषित किया गया। यह भारतीय गणराज्य के राष्ट्रपति की ओर से उन सशस्त्र बलों और पुलिस संगठनों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने असाधारण सेवाएं दी हैं और अपने प्रदर्शन से राष्ट्रीय गौरव को बढ़ाया है।
भारत में पहली बार यह सम्मान भारतीय नौसेना को 27 मई 1951 को प्रदान किया गया, जो इसे प्राप्त करने वाली पहली इकाई बनी। इसके बाद यह सम्मान भारतीय वायुसेना और दिल्ली पुलिस को दिया गया। यह सम्मान उस संगठन की परंपरा, समर्पण और अनुकरणीय सेवाओं का प्रतीक है।
किन पुलिस बलों को मिला है राष्ट्रपति का निशान (President’s Colours)?
1. नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष:
छत्तीसगढ़ लंबे समय से नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। पुलिस ने दुर्गम क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों का डटकर सामना किया है और सफलतापूर्वक शांति बहाल की है। उनके अभियानों में साहस, समर्पण और सामुदायिक सहभागिता का अनूठा मेल देखने को मिला।
2. सामुदायिक पुलिसिंग:
छत्तीसगढ़ पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत आदिवासी युवाओं को रोजगार, शिक्षा और पुनर्वास के लिए विशेष योजनाएं चलाईं। इसके जरिए पुलिस ने आम जनता और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास कायम किया।
3. आधुनिक तकनीक और विशेष बल:
छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपराध नियंत्रण और नक्सल विरोधी अभियानों में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया। विशेष बल, जैसे डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप (DRG), ने माओवादियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
सम्मान का महत्व
‘राष्ट्रपति का निशान (President’s Colours)’ न केवल बल की गौरवशाली सेवाओं का प्रतीक है, बल्कि हर सदस्य को यह प्रेरित करता है कि वे अपने कार्यों में उच्चतम मानकों का पालन करें। यह संगठन के गौरव को बढ़ाने के साथ-साथ उसकी जिम्मेदारी भी बढ़ाता है।
छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति का निशान (President’s Colours) दिया जाना उनके संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रमाण है। केवल 24 वर्षों में यह सम्मान प्राप्त करना छत्तीसगढ़ पुलिस की दक्षता, साहस और देश के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौती से निपटने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में उनकी उपलब्धियां सराहनीय हैं। यह सम्मान उनके हर जवान और अधिकारी के लिए गर्व का विषय है, जो उन्हें आने वाले समय में और अधिक उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया मीडिया क्रिकेट लीग का शुभारंभ
भगवान दत्तात्रेय जन्मोत्सव पर तात्यापारा भजन मंडली ने प्रस्तुत किया सुमधुर भजन
रायपुर। भगवान दत्तात्रेय संस्थान ब्रह्मपुरी रायपुर के तत्वावधान में आयोजित श्री दत्तात्रेय जयंती महोत्सव में 14 दिसंबर को भगवान का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। सुबह से कई आयोजनों के साथ शाम को तात्यापारा भजन मंडली ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी।
मंदिर समिति के सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि 14 दिसंबर को भगवान श्री दत्तात्रेय का जन्म उत्सव मनाया गया। सुबह 11 बजे गुरु चरित ग्रंथ का पारायण, दोपहर 12 बजे से अभिषेक, सत्यनारायण पूजन, हवन आरती हुई। शाम 5 बजे श्री दत्तात्रेय जन्मोत्सव पर ग्रंथ के अंतिम अध्याय (जन्म अध्याय) का पठन, सामूहिक आरती, प्रसाद वितरण और भव्य आतिशबाजी की गई।
शाम 7 से तात्यापारा हनुमान मंदिर भजन मंडली की ओर से भजन प्रस्तुत किया गया। भजन मंडली के सदस्य नवीन शेष ने ‘राम तुम्हारा धाम छोड़कर’, श्याम शेष ने ‘निघालों घेउन दत्ता चि पालकी’, ललित ध्रुव ने ‘माझे माहेर पंढरी’, शरद देशपांडे ने ‘तन तो मंदिर है’ और सुमीत मोड़क ने ‘सीता राम सीता राम कहिए’ भजन प्रस्तुत कर दर्शकों को रामनाम पर झूमने पर मजबूर कर दिया।
छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल ने राज कपूर पर जारी किया स्पेशल कैंसिलेशन
रायपुर। सिने जगत के महान कलाकार शो मैन और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित अभिनेता स्व. राज कपूर के जन्म दिवस पर 100वीं वर्षगांठ 14 दिसंबर को छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल कार्यालय में मनाई गई।
छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल ने इस अवसर को अविस्मरणीय बनाए रखने के लिए स्व. राज कपूर पर स्पेशल कैंसिलेशन जारी किया। आज के इस विशेष अवसर पर निदेशक डाक सेवाएं और डॉ अनुराधा दुबे उपस्थित रहीं। डॉ अनुराधा दुबे अंतर्राष्ट्रीय कत्थक नृत्यांगना, रंगमंच, हिंदी, छत्तीसगढ़ी, भोजपुरी फिल्मों की कलाकार हैं, छत्तीसगढ़ दूरदर्शन की एंकर हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग में जनसंपर्क अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद विजय कुमार लाड और कुमुद लाड विशेष रुप से उपस्थित थे।
“नैनो टेक्नोलॉजी एंड एनवायरनमेंट पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का उद्घाटन
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विकसित भारत मिशन के अंतर्गत “नैनो टेक्नोलॉजी एंड एनवायरनमेंट (एनसीएनई - 2024)” पर 13 और 14 दिसंबर 2024 को नेशनल कांफ्रेंस आयोजित की जा रही है । इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में संस्थान की निदेशक (प्रभारी) डॉ. एबी सोनी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित होकर इसे गौरवान्वित किया। मुख्य अतिथि के रूप में आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. अनिल वर्मा, विशेष अतिथि के रूप में टस्केगी विश्वविद्यालय, एएल के प्रोफेसर डॉ. विजय रंगारी मौजूद रहे। केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित केशव, डॉ. धर्मपाल एवं डॉ. आर. मणिवन्नन इस कार्यक्रम के सचिव हैं। इस ज्ञानवर्धक सम्मेलन में विभाग के विभिन्न फैकल्टी सदस्य, शोधार्थी, छात्र एवं प्रतिभागी शामिल मौजूद रहे। इस कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी-अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन, तथा सह-प्रायोजक छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् है।
उद्घाटन समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” से हुई, जिसके बाद डॉ. अमित केशव ने "“नैनो टेक्नोलॉजी और पर्यावरण" पर राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे संस्करण में सभी का स्वागत किया। उन्होंने विभाग की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए SERB, SRL आदि के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय हाइब्रिड सम्मेलन की जानकारी दी और कहा कि इस कांफ्रेंस में 60 से अधिक पेपर प्रस्तुत हुए, जिनमें से 50 स्वीकृत किए गए।
डॉ. मानवेंद्र त्रिपाठी ने आईआईटी दिल्ली के डॉ. अनिल वर्मा की विशेषज्ञता का उल्लेख किया, जो सुपरकैपेसिटर, इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री और इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन पर काम कर रहे हैं। डॉ. त्रिपाठी ने रासायनिक अभियांत्रिकी, जैव प्रौद्योगिकी और भौतिकी जैसे क्षेत्रों में नैनो टेक्नोलॉजी के अवसरों को बढ़ावा देने की बात की और विभागों के बीच सहयोग और ज्ञान साझा करने के प्रयासों को महत्व दिया।
डॉ. एबी सोनी ने सम्मेलन में सभी का स्वागत किया और डॉ. मणिवन्नन द्वारा समन्वित इस कार्यक्रम की सराहना की, जिन्होंने कम समय में इस कार्यक्रम का आयोजन किया। विभाग की 20 वर्षों की विशेषज्ञता और 15 वर्षों के शोध कार्य को उजागर करते हुए, डॉ. सोनी ने नैनो टेक्नोलॉजी के आईटी, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण विज्ञान में अनुप्रयोगों पर जोर दिया। उन्होंने मजबूत, हल्के और अधिक टिकाऊ संरचनाओं वाले नैनोपार्टिकल्स और स्वास्थ्य, सौर ऊर्जा संचयन और पेट्रोलियम एवं ऊर्जा की मांग के लिए नैनोस्केल फाइबर के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दी और उन्हें इंटरएक्टिव सत्रों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया |
डॉ. विजय के. रंगारी ने अपनी गहरी विशेषज्ञता साझा की, जो उन्होंने ओस्मानिया विश्वविद्यालय और आईआईएससी बेंगलुरु जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करते हुए प्राप्त की। उन्होंने नैनो कणों के विकास और उनके थर्मोस्टेट्स और थर्मोप्लास्टिक्स में उपयोग की चर्चा की। डॉ. रंगारी ने अकादमिक और उद्योग के बीच के अंतर को पाटने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों और संकाय से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम ज्ञान के आदान-प्रदान और कौशल विकास के अनमोल अवसर प्रदान करते हैं, जो नैनो टेक्नोलॉजी में भविष्य के नवाचारों को बढ़ावा देते हैं।
मुख्य वक्ता डॉ. अनिल वर्मा ने वैनाडियम के निष्कर्षण और उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे पॉलिमर, कॉस्मेटिक्स, पैकेजिंग, फ्यूल्स और सेमीकंडक्टर्स जैसे क्षेत्रों में दैनिक जीवन के लिए अनिवार्य बताया। डॉ. वर्मा ने केमिकल टेक्नोलॉजी के व्यापक दायरे को रेखांकित किया, जो औद्योगिक उत्पादन से गहराई से जुड़ा हुआ है और 2030 तक 9% की वृद्धि दर के साथ रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने मूर के नियम, नैनो टेक्नोलॉजी और नैनो मैटेरियल्स की महत्ता पर जोर देते हुए बताया कि यह तकनीक औद्योगिक और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। उन्होंने वैनाडियम-आधारित रेडॉक्स फ्लो बैटरियों और उनकी ऊर्जा भंडारण क्षमता के उपयोग पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने ग्लासगो में आयोजित COP26 सम्मेलन में भारत की 5-सूत्रीय योजना का उल्लेख करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा और शून्य कार्बन उत्सर्जन के महत्व को दोहराया।
सैंड आर्ट के माध्यम से दिखी विष्णु सरकार के सुशासन और विकास की झलक
छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी महासंघ ने किया प्रदर्शन.... 13 जनवरी को महाधरना की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी महासंघ ने कल 13 दिसंबर को शाम छत्तीसगढ़ पॉवर कम्पनी मुख्यालय रायपुर के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन को ज्ञापन सौंप एक माह के भीतर मांगों पर निर्णय लेते हुए आदेश जारी करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि नीयत समय पर मांगे पूरी नहीं हुई तो आगामी 13 जनवरी को मुख्यालय के दोनों द्वार के समक्ष महा धरना दिया जाएगा जिसके लिए प्रबंधन जिम्मेदार होगा।
मीडिया क्रिकेट लीग के पोस्टर का विमोचन, पहले मैच में भिड़ेंगे संपादक और भाजपा नेतागण
नई औद्योगिक नीति से भारत का इंडस्ट्रीयल हब बनेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उद्योगों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहन
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार देने पर उद्योगों को मिलेगा सब्सिडी
भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इकॉनोमिक कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने साझा किए विचार
रायपुर | नई औद्योगिक नीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को भारत का इंडस्ट्रीयल हब बनाने की दिशा में हमारी सरकार प्रयास कर रही है। इस नीति के तहत क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण एवं औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इकॉनोमिक कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऑनलाइन जुड़ कर यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के जनजातीय और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में पांच लाख नौकरियां सृजित की जाएगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन सहित कई अन्य सहायता दी जा रही है, जिसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार उपलब्ध कराने पर उद्योगों को उनके वेतन का 40 प्रतिशत तक सब्सिडी के रूप में प्रतिपूर्ति की जायेगी। इस नीति के तहत बस्तर में उद्योग लगाने पर स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के तहत उद्योगों को 45% तक की सहायता दी जाएगी। वहीं, एसजीएसटी प्रतिपूर्ति के तहत अगले 10 सालों तक पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक एसजीएसटी वापस भी किया जाएगा। नई नीति के तहत उद्योगों को स्टांप ड्यूटी और बिजली शुल्क में छूट, साथ ही 10 और तरह के निवेश प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
डबल इंजन की सरकार में मिल रहा डबल फायदा : केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा
छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को मनाया जाएगा अटल निर्माण वर्ष के रूप में
जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य - मुख्यमंत्री साय
केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का किया लोकार्पण और शिलान्यास
रायपुर | देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय की नेतृत्व वाली सरकार जनता की सेवा के लिए तत्पर होकर काम कर रही है। इसी का परिणाम है कि पूरे देश और प्रदेश में उत्तरोत्तर विकास हो रहा हैै। डबल इंजन की सरकार होने की वजह से लोगों को डबल लाभ हो रहा है। आज भारत विश्व की पांचवी बड़ी आर्थिक शक्ति है। अगले पांच सालों में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेंगे। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने आज रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कार्यक्रम में 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने जनादेश परब में छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्वप्रेरणा से लोकहित में पूरी जवाबदेही के साथ काम कर रही है। सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के 18 लाख से अधिक जरूरतमंदों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति दी गई। मोदी की गारंटी के अनुरूप यहां किसानों से 3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदी की जा रही है। किसानों को उनके हक का 3716 करोड़ रूपए धान के बकाया दो साल के बोनस का भुगतान भी किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनादेश परब में घोषणा की कि अब से हर साल 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक ’जनादेश परब’ के रूप में मनाया जाएगा। आने वाले वर्ष में छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राज्य निर्माता भारत रत्न अटलजी का यह शताब्दी वर्ष भी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की। साय ने कहा कि अटलजी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश में सड़कों का जाल बिछाया। उसी से प्रेरणा लेकर हम अपने रजत जयंती वर्ष में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता में रखेंगे। उसके बाद के तीन वर्षों में भी हम अलग-अलग थीम पर काम करेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने जनादेश परब को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले साल किसान भाइयों के खाते में आपकी डबल इंजिन की सरकार ने 49 हजार करोड़ रुपए डाले हैं। हमने अपने शुरूआती तीन महीनों में ही प्राथमिकता के साथ महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश की माताओं-बहनों को देना आरंभ किया। 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की अब तक 10 किश्तों में 6,530 करोड़ रुपए की राशि भेजी जा चुकी है। पहली तारीख को हम यह राशि भेज देते हैं और जैसे ही माताओं-बहनों के खाते में राशि आती है उनका चेहरा गर्व से खिल जाता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य हैं। हमने प्रशासन के हर स्तर पर सुशासन को सुनिश्चित किया है। हमने सुशासन के मूल्यों को सिस्टम में शामिल करने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया। सुशासन के लिए पारदर्शिता सबसे आवश्यक है और इसके लिए डिजिटल गवर्नेंस शुरू कराया है। लालफीताशाही को दूर करने हमने ई-आफिस प्रणाली आरंभ की है। इसमें डिजिटल माध्यम में नोटशीट आगे बढ़ती है। इससे समय-सीमा भी तय होती है और जवाबदेही भी तय हो जाती है।
उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास तमोर पिंगला को हमने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाया है। इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। सरगुजा और बस्तर में एयर कनेक्टिविटी आरंभ होने से इन क्षेत्रों में तेजी से विकास के साथ ही यहां अब देश-विदेश से पर्यटकों के पहुंचने की राह खुल गई है। मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सभी स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आगामी दो सालों में प्रदेश का सड़क नेटवर्क विकसित देशों की तरह हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सबसे बड़ी सफलता माओवादी मोर्चे पर मिली है। एक साल पहले किसी के लिए यह सोचना भी कठिन था कि माओवाद के नासूर को नष्ट किया जा सकता है। एक साल में 2 सौ से अधिक माओवादियों को मार गिराया। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से माओवाद की जड़ से मुक्त हुए गांवों में पुनः विकास की रोशनी पहुंची है। हमने नई उद्योग नीति तैयार की है, जिसमें अगले पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रुपए के निवेश के माध्यम से पांच लाख रोजगार सृजित करेंगे। हमने शासकीय सेवाओं में हजारों पदों में भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री नड्डा को बस्तर के कलाकारों द्वारा बेल मेटल से निर्मित अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक द्वारा राज्य शासन की योजनाओं पर रेत से तैयार की गई कृति का प्रदर्शन किया गया।
विधायक किरण सिंह देव ने कार्यक्रम में स्वागत भाषण दिया। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस और बिहार के कैबिनेट मंत्री नितिन नवीन सहित मंत्रिमण्डल के सभी सदस्य, विधायकगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।