रायपुर
नौकरी के नाम पर ठगी का बड़ा खुलासा, रेलवे के जोनल मैनेजर के नाम पर 14 लाख की ठगी
रायपुर। राजधानी रायपुर में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर ठगी करने वाले दो ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने रेलवे के ज़ोनल मैनेजर के नाम का इस्तेमाल कर लोगों से कुल 14,37,063 रुपये की धोखाधड़ी की। पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र, मेडिकल, इंटरव्यू और ट्रेनिंग के नाम पर लगातार ठगा गया।
कैसे हुआ खुलासा?
प्रोफेसर कॉलोनी, अटल उद्यान के पास रहने वाली चेतना साहू ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी रूपेश साहू और उसके साथी संपेश साहू ने उनकी बेटी शिखा साहू को रेलवे में नौकरी लगाने का झांसा दिया। इसके लिए उन्होंने शिखा समेत परिवार के अन्य सदस्यों से नकद और किश्तों में लाखों रुपये वसूले।
ठगी की पूरी पटकथा
दिसंबर 2023 में चेतना अपने मामा शत्रुघ्न साहू के घर देवपुरी गई थीं, जहां संपेश साहू से पहचान हुई। इस दौरान संपेश ने खुद को रेलवे अधिकारी बताकर रूपेश साहू से मिलवाया, जिसने दावा किया कि वह पहले भी कई लोगों की नौकरी लगवा चुका है। रूपेश ने फर्जी जॉइनिंग लेटर, मेडिकल टेस्ट, इंटरव्यू और भोपाल व बड़ौदा में ट्रेनिंग के नाम पर मोटी रकम ऐंठी। रेलवे में गाड़ी लगाने का झांसा देकर कुणाल साहू से ₹55,000 की सिक्योरिटी और वाहन की किश्तों के नाम पर पैसे लिए।जब पेमेंट नहीं मिला तो बैंक जाकर जांच की, जहां पता चला कि चेक और वादे फर्जी हैं और गाड़ी रेलवे में नहीं, बल्कि प्राइवेट कंपनी में चलाई जा रही है।
कुल ठगी की राशि
संपूर्ण घटनाक्रम में आरोपियों ने 14,37,063 रुपये की ठगी की। रूपेश साहू और संपेश साहू ने साजिशपूर्वक एक राय होकर पीड़ितों को झांसे में लिया और फर्जी दस्तावेजों व वादों से उन्हें धोखा दिया।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
· पुरानी बस्ती थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
· साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
· पुलिस ने कहा है कि ठगी से जुड़े और भी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय आधारभूत/उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी है। यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले की तस्वीर बदल सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक कल्याण की भावना से जनता की सेवा करने वालों को जनता स्वयं आगे बढ़ाती है। अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने भी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत पंच के रूप में की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगा। 10 वर्ष की आयु में पिताजी के स्वर्गवास के बाद मेरे कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। मेरा पूरा जीवन संघर्ष में बीता। मैं सरपंच भी बनूंगा, यह मैंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन जनता का आशीर्वाद मिला, जिससे विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में बेहतर कार्य करने के लिए स्वयं को पूरी तरह तैयार करें। पंचायती राज से जुड़े कानूनी प्रावधानों की गहन जानकारी रखें। गांव की उन्नति के लिए केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि अन्य संभावनाओं पर भी सतत विचार करें। दुग्ध उत्पादन जैसे कार्यों से गांव की आर्थिक उन्नति सुनिश्चित होती है। गांव में आर्थिक समृद्धि आने से युवाओं को नई दिशा मिलती है और वे व्यसनों से दूर रहते हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पेसा : पंचायत उपबंध एवं छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध मार्गदर्शिका, पंचमन पत्रिका तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों हेतु पठन सामग्री का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के प्रांगण में मौलश्री पौधे का रोपण भी किया।
फरार तोमर बंदुओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, कुर्क की जा सकती है संपत्ति
रायपुर| ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के मामलों में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर वीरेन्द्र सिंह तोमर और रोहित सिंह तोमर के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. न्यायलय ने दोनों आरोपियों की गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया गया है. न्यायालय ने दोनों आरोपियों को पुलिस जांच और पूछताछ के लिए उपस्थित होने के निर्देश भी दिए हैं. इस आदेश के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और अब उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है.
जानकारी के अनुसार, वीरेन्द्र और रोहित तोमर, उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धमकी और अवैध वसूली से जुड़े पांच अलग-अलग मामले दर्ज हैं. साथ ही आरोपी रोहित तोमर पर मारपीट का भी केस चल रहा है.
जांच में बरामद किए गए ज्वेलरी और नकदी को आयकर विभाग को सौंपा गया है. वहीं प्रॉपर्टी के दस्तावेजों की भी जांच जारी है. भाठागांव स्थित करीब 5000 वर्गफीट में बना ‘साई विला’ आरोपी वीरेन्द्र सिंह तोमर की पत्नी के नाम पर दर्ज है. वहीं, अभनपुर, भनपुरी समेत अन्य स्थानों पर वीरेन्द्र और रोहित के नाम पर जमीनों के दस्तावेज भी सामने आए हैं. दावा किया जा रहा है कि अगर दोनों आरोपी जल्द गिरफ्त में नहीं आते हैं, तो इनकी संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है. वहीं फरार आरोपियों के मददगारों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी.
पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगी हैं और उनकी लोकेशन ट्रैक करने के लिए तकनीकी जांच जारी है. जांच के दौरान आरोपियों की संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड पुलिस को हाथ लगे हैं. इस मामले में पुलिस के बाद कई नए शिकायतकर्ता भी पहुंचे हैं. इनका आरोप है कि आरोपियों ने उनसे कई गुना ब्याज वसूलने के बाद भी गिरवी रखी जमीनों के दस्तावेज, चेक और अन्य कागजात वापस नहीं किए. इतना ही नहीं, उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां भी दी गई.
रेलवे ने बाबा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को दी बड़ी राहत, दुर्ग से पटना के बीच चलेगी एक और स्पेशल ट्रेन
रायपुर. रेलवे ने बाबा धाम जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत दी है. भारतीय रेलवे ने दुर्ग से पटना के बीच एक और स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है. अब ट्रेन से बाबा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को आठ दिन स्पेशल ट्रेन की सुविधा मिल सकेगी
दरअसल,पहले भी इन दोनों स्टेशनों के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की गई थी, हालांकि वह सिर्फ दुर्ग से 06, 13, 20, एवं 27 जुलाई को उपलब्ध थी. अब नए नंबर से इन दोनों स्टेशनों के बीच एक और स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है. यह ट्रेन दुर्ग से 07, 14, 21 एवं 28 जुलाई को छूटेगी. वहीं वापसी में नई स्पेशल ट्रेन 08, 15, 22 एवं 29 जुलाई को छूटेगी, जबकि पहले से घोषित ट्रेन 07, 14, 21, एवं 28 जुलाई को पटना से रवाना होगी.
इन दोनों स्पेशल ट्रेनों में 1008 कन्फर्म बर्थ की सुविधा मिलेगी. दुर्ग और पटना के बीच चलने वाली एक और साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 08797 नंबर के साथ प्रत्येक सोमवार को दुर्ग से रवाना होगी.
वापसी में 08798 नंबर से ट्रेन प्रत्येक मंगलवार को छूटेगी. इस ट्रेन में दो एसी-श्री, 13 स्लीपर, 4 सामान्य, 2 एलआरडी सहित 21 कोच जुड़ेंगे, जिससे यात्रियों को 1008 कंफर्म बर्थ की सुविधा मिलेगी.
एक पेड़ माँ के नाम अभियान पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक: मंत्री केदार कश्यप
रायपुर। सहकारिता एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप आज नवा रायपुर, अटल नगर में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) परिसर में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने इस दौरान मंत्री श्री कश्यप ने गौपालक तथा मत्स्य पालक किसानों को रुपे केसीसी कार्ड और दुग्ध सहकारी समितियो को माइक्रो एटीएम वितरण किया ।
मंत्री श्री कश्यप ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है , और माँ के प्रति हमारी श्रद्ध। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा तरीका भी है । माँ और प्रकृति दोनों ही जीवनदायिनी हैं, पोषण करती हैं, और बिना किसी स्वार्थ के अपनापन देती हैं ।
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि माँ के नाम पर एक पेड़ लगाना माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ता है। यह एक जीवंत श्रद्धांजलि है, जो न केवल माँ के प्रति हमारी भावनाओं को व्यक्त करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक उपहार है। उन्होंने कहा कि यह अभियान, ‘सहकारिता‘ के साथ, भारत में सामाजिक और पर्यावरणीय उत्थान के लिए महत्वपूर्ण पहलें हैं। ये सामूहिक भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी पर आधारित हैं, और इनकी मूल भावना सहयोग, संरक्षण और समाज में योगदान देने की है । ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ पहल की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की गई थी । इसका उद्देश्य माताओं की स्मृति में पेड़ लगाने को प्रोत्साहित करना और पर्यावरण संहिता को बढ़ावा देना है । यह अभियान प्रकृति और मातृत्व के बीच समानता को रेखांकित करता है , क्योंकि दोनों ही जीवन का पोषण करते हैं ।
अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता ने कहा कि अभियान का संदेश है – ‘माँ के लिए एक पेड़, धरती के लिए एक कदम‘ । सभी सहकारी समितियों के साथ इस नेक कार्य में हिस्सा लेने और अपनी माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ने का आह्वान किया गया है । उन्होंने आगे कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मंशा है कि पैक्स सोसायटियो को मजबूत किया जाए।
अपर मुख्य सचिव , सहकारिता , छत्तीसगढ़ शासन सुब्रत साहू ने राज्य स्तरीय सहकारी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में ‘सहकार से संमृद्धि‘ अंतर्गत अनेक कार्यक्रम व नवाचार सहकारिता के माध्यम से किये जा रहे है, जिसमे सहकारिता छेत्र की इकाई-समितियो को बहुउद्देशीय बनाना व इस आंदोलन को और विस्तारित करना है। सहकारिता की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 2021 में केंद्र सरकार द्वारा पृथक से सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया, जो इस आंदोलन के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।
संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ सहकारिता प्रकोष्ठ अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ सी आर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता कुलदीप शर्मा, एमडी अपेक्स बैंक श्री के एन कांडे, अपर आयुक्त एच के दोषी, सहकारिता विभाग के अधिकारी सहित जिला सहकारी बैंको, मार्कफेड, लघुवनोपज तथा एनसीडीसी तथा बड़ी संख्या में अपेक्स बैंक, जिला सहकारी बैंकों, जिला सहकारी संघ के अधिकारी गण मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में संसदीय पत्रकारों का योगदान अतुलनीय: डॉ. रमन सिंह
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा परिसर के प्रेक्षागृह में संसदीय रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य और विधानसभा के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा ने भी 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पूरी की है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में विधायकों के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था, जिसका लाभ हमारे सदस्यों को मिला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में अनेक नवनिर्वाचित विधायक भी हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। इसी तरह पत्रकारों की भी अहम भूमिका है, जो विधानसभा की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में संसदीय पत्रकारिता की महत्ता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में पत्रकारों का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि संसदीय पत्रकारिता अत्यंत संवेदनशील दायित्व है, जो सदन की गोपनीयता, अनुशासन और गरिमा को बनाए रखते हुए जनता तक सटीक एवं निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने का कार्य करती है। डॉ. सिंह ने कहा कि पत्रकार जब पक्ष–विपक्ष से परे रहकर निष्पक्ष रूप से विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन करते हैं और उसे प्रस्तुत करते हैं, तब लोकतंत्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली की गहरी समझ से ही पत्रकार बेहतर ढंग से जनता को विधानसभा की गतिविधियों से अवगत करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय पत्रकारिता में विशेष रूप से विधानसभा की प्रक्रिया से जुड़े समाचारों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना आवश्यक है, ताकि आमजन तक वे प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ एवं दिवंगत पत्रकारों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश की पत्रकारिता परंपरा ने सदैव विधानसभा की गरिमा बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यशाला में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पत्रकारों की भूमिका को नारद मुनि की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि पत्रकार समयबद्धता और सजगता के साथ लोकतंत्र के संवाहक होते हैं। डॉ. महंत ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से सभी को कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा और संसदीय पत्रकारिता को समझने का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन उपयोगी सिद्ध होगा और पत्रकारों के कार्य को नई दिशा देगा। उन्होंने अपनी लंबी संसदीय यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि इस दौरान पत्रकारों के साथ बिताए गए समय और अनुभव अत्यंत मूल्यवान रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों की सजगता, सटीकता और संवेदनशीलता की सराहना की, जो वर्षों से संसदीय गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सप्लाई पाइप फटा, लाखों लीटर पानी बर्बाद, रिंग रोड पर लगा जाम
रायपुर| रायपुर के रिंग रोड नंबर 1 पर बड़ा हादसा टल गया, लेकिन सप्लाई जल व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई।महावीर नगर स्थित हनुमान मंदिर के पास पानी की सप्लाई लाइन का मेन पाइप अचानक फट गया, जिससे लाखों लीटर पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो गया।
पाइप फटने के बाद पानी का तेज बहाव इतना ज्यादा था कि सड़क पर जलजमाव हो गया और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई। करीब एक घंटे तक पानी लगातार बहता रहा, जिसके बाद जाकर आपूर्ति को रोका गया।
नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। अनुमान है कि मरम्मत में 3 से 4 घंटे लग सकते हैं। तब तक उस क्षेत्र की जल आपूर्ति ठप रहेगी।स्थानीय लोगों में जल बर्बादी और व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी गई। वहीं प्रशासन का कहना है कि आपूर्ति जल्द सामान्य की जाएगी।
राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता के पोस्टर का मुख्यमंत्री साय ने किया विमोचन
“सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ 2025” अभियान के अंतर्गत स्कूली बच्चों को दिलाई गई स्वच्छता की शपथ
बीरगांव। नगर पालिका निगम बीरगांव द्वारा “सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ 2025” अभियान के अंतर्गत दिनांक 04.07.2025 को आडवाणी आर्लिंकन् शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बीरगांव में स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय महापौर श्री नंदलाल देवांगन जी की उपस्थिति में स्कूली बच्चों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को हाथ धोने के सही तरीके बताए गए तथा उन्हें व्यावहारिक रूप से हाथ धोकर स्वच्छता के महत्व को समझाया गया। साथ ही डोर टू डोर कलेक्शन के तहत सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग देने की अपील की गई और बच्चों को यह जानकारी अपने पालकों तक पहुँचाने का आग्रह किया गया।
इस कार्यक्रम में एम.आई.सी. सदस्य संतोष साहू, पार्षद टिकेंद्र सिन्हा, सहायक अभियंता केवल साहू, विद्यालय के प्रधान पाठक, स्वच्छता निरीक्षक राजेश सिंह क्षत्रिय, स्वच्छ भारत मिशन (पीआईयू) के विकास जांगड़े सहित समस्त शिक्षकगण एवं छात्रगण उपस्थित रहे।
महापौर नंदलाल देवांगन ने बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने और समाज में स्वच्छता का संदेश फैलाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक कर्तव्य भी है। यदि आज के बच्चे स्वच्छता को अपनाते हैं, तो आने वाला भविष्य स्वस्थ एवं स्वच्छ होगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली छात्रों में स्वच्छता के प्रति चेतना जागृत करना एवं समुदाय स्तर पर जनजागरूकता फैलाना था, जिसमें विद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वॉटर वुमन शिप्रा पाठक का किया सम्मान
नई पीढ़ी का विकास एवं मार्गदर्शन शिक्षा से ही संभवः कुलपति
रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में एक दिवसीय गुरू दक्षता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गुरु दक्षता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल ने कहा कि हम विज्ञान और तकनीकी के समय में रह रहें हैं। हम सभी का जीवन वैज्ञानिक आविष्कारों और आधुनिक समय की तकनीकों पर निर्भर है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने लोगों के जीवन को बड़े स्तर पर प्रभावित किया है।
कुलपति ने आगे कहा कि इसने जीवन को आसान, सरल और तेज बना दिया है। ऐसे में हमारी उच्च शिक्षा और उससे जुड़े विभाग भी कैसे अछूते रह सकते हैं। हमको भी इस क्षेत्र में हो रही नित नयी-नयी तकनीकों और उनके जुड़े पहलुओं को दृष्टिगत रखते हुए कार्य करना होगा। इससे शिक्षकों का विकास होगा, वहीं छात्रों को भी आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। जिसके लिए नवीन प्राध्यापकों का प्रशिक्षण बहुत ही ज्यादा आवश्यक है ताकि शिक्षा में हो रहे नित नए परिवर्तनों से उन्हें भली भांति अवगत कराया जा सके।
पं. रविशंकर शुक्ल विश्व विद्यालय रायपुर के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर के अध्यक्ष प्रीति के. सुरेश ने इस अवसर पर कहा कि विश्व वि़द्यालयीन शिक्षकों को हमेशा नित नई जानकारियों से अवगत रहने की जरूरत है, इस दिशा में हमें मिलकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने उपस्थित समस्त प्रतिभागियों को नैतिक, निष्ठा, सदाचार के साथ कर्तव्य पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी।
आज आयोजित इस कार्यक्रम में कोर्स कोआर्डिनेटर प्रो. एलएस गजपाल ने कहा कि शिक्षकों को स्व विकास और छात्र विकास के लिए विज्ञान की मदद लेनी ही होगी। तकनीक के बलबूते हम बहुत आगे जा सकेंगें। यह आज के समय के लिए नितांत आवश्यक है ताकि शिक्षा के गुणवत्ता में नए परिवर्तन हो सके l इस कार्यक्रम में उपस्थित 19 राज्यों के 139 नव नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को मालवीय मिशन टीचर टेनिंग सेंटर रविवि के कार्यक्रम संयोजक डॉ . बृजेंद्र पांडेय ने आभार व्यक्त करते हुए कहा की यह सेंटर अत्यंत कम समय में गुरु दक्षता प्रोग्राम के माध्यम से छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के नव नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को उच्च शिक्षण हेतु ट्रेनिंग और मार्गदर्शन प्रदान करते आ रहा है।
प्रदेश में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में सुधार... कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं
रायपुर। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और संतुलित बनाने की दिशा में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से बेहतर परिणाम मिले हैं। प्रदेश में युक्तियुक्तकरण के पूर्व कुल 453 विद्यालय शिक्षक विहीन थे। युक्तियुक्तकरण के पश्चात एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। इसी प्रकार युक्तियुक्तकरण के पश्चात प्रदेश के 5936 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में से 4728 विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना की गई है जो कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक सार्थक कदम है, जिससे निःसंदेह उन विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
बस्तर एवं सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में शिक्षकों की कमी के कारण लगभग 1208 विद्यालय एकल शिक्षकीय रह गये हैं। निकट भविष्य में प्रधान पाठक एवं व्याख्याता की पदोन्नति तथा लगभग 5000 शिक्षकों की सीधी भर्ती के द्वारा शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में पूर्ति कर दी जावेगी, जिससे कोई भी विद्यालय एकल शिक्षकीय नहीं रहेगा तथा अन्य विद्यालयों में भी जहां शिक्षकों की कमी है, शिक्षकों की पूर्ति की जाएगी।
युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में निहित प्रावधानों के तहत की गई है, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर पर 2008 के सेटअप की प्रासंगिकता नहीं रह गई है। ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जो किसी भी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पाये गये, उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है।
आबकारी आरक्षक परीक्षा 2025 में गड़बड़ी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने व्यापम अध्यक्ष को लिखा पत्र, ये की मांग ..
रायपुर । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा प्रक्रिया के दौरान सामने आई तकनीकी गड़बड़ियों के चलते सैकड़ों अभ्यर्थियों के आवेदन फॉर्म सबमिट नहीं हो सके, जबकि उन्होंने निर्धारित समयसीमा के भीतर ऑनलाइन फीस का भुगतान सफलतापूर्वक कर दिया था।
इस गंभीर मसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने व्यापम अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मामले की जांच और त्वरित समाधान की मांग की है।
4 जून से 27 जून 2025 तक व्यापम द्वारा आबकारी आरक्षक के 200 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चलाई गई थी। आवेदन प्रक्रिया के अंतर्गत उम्मीदवारों को ऑनलाइन फॉर्म भरकर शुल्क जमा करना था।
लेकिन सैकड़ों ऐसे मामलों की जानकारी सामने आई है जिनमें:
· अभ्यर्थियों ने समय पर फीस का भुगतान किया।
· परंतु तकनीकी कारणों से फॉर्म सबमिट नहीं हो सका।
· अभ्यर्थियों को इसकी कोई स्पष्ट सूचना या विकल्प भी नहीं मिला।
इस कारण कई योग्य अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह सकते हैं, जिससे व्यापक नाराजगी फैल रही है।
इस पूरे मामले को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने व्यापम के अध्यक्ष को पत्र लिखा और कहा:
इस मामले से प्रभावित अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश है। कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों के जरिए व्यवस्था की विफलता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि वेबसाइट या सर्वर की गलती है, तो उसकी सजा उम्मीदवारों को क्यों दी जाए?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा रही हैं। यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई जा रही है।
पाण्डेय ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में सामने आई कुछ अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रत्येक पुस्तक पर दो बारकोड लगाए गए हैं। एक प्रिंटर की पहचान के लिए और दूसरा पुस्तक के गंतव्य विद्यालय की पहचान के लिए।
इस वर्ष कुल 2 करोड़ 41 लाख किताबें मुद्रित की गईं, जो 17-18 जून 2025 तक सभी डिपो में पहुंचा दी गईं। शासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं, 10वीं की पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी गई है तथा स्कूलों में बारकोड स्कैनिंग का कार्य भी 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसी तरह आत्मानंद विद्यालयों में भी पुस्तकों का वितरण तेजी से किया जा रहा है और 60 प्रतिशत किताबें पहुँच चुकी हैं, शेष कुछ ही दिनों में पहुंचा दी जाएंगी।
प्राइवेट विद्यालयों को इस बार बारकोड स्कैनिंग के पश्चात ही पुस्तकें डिपो से प्रदान की जा रही हैं, जबकि पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह प्रक्रिया की जाती थी। हालांकि, बीते तीन दिनों में डिपो में स्थान की कमी और स्कैनिंग प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता की कमी के कारण समस्याएं उत्पन्न हुईं।
इस संबंध में जब मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया और बताया गया कि 1100 से अधिक सरस्वती शिक्षा मंदिर सहित बड़ी संख्या में प्राइवेट विद्यालयों को पुस्तकें मिलनी हैं, तब मुख्यमंत्री जी ने शीघ्र निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि सभी प्राइवेट विद्यालय अपनी आवश्यकता अनुसार जिलेवार किताबें डिपो से प्राप्त करें तथा 7 दिवस के भीतर अपने विद्यालय में बारकोड स्कैनिंग पूर्ण करें।
मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना करते हुए अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने कहा कि यह शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और कोई भी छात्र पुस्तक के अभाव में पीछे न रह जाए। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित और सजगता से कार्य कर रहा है।
रायपुर रेलवे स्टेशन में ठेकेदारों की दबंगई: मुख्य वाणिज्य निरीक्षक से मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप, जीआरपी रायपुर में FIR दर्ज
रायपुर। रेलवे स्टेशन रायपुर में पदस्थ मुख्य वाणिज्य निरीक्षक ठाकुर नाग ने रेलवे इंजीनियर हीरा लाल और दो ठेकेदारों पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में जीआरपी रायपुर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायत के अनुसार, ठाकुर नाग आज यानी गुरुवार, 3 जुलाई की दोपहर 12:20 बजे अपने कार्यालय में मौजूद थे। उसी समय रेलवे इंजीनियर हीरा लाल, ठेकेदार अविनाश और उपेंद्र कुमार सिंह उनके कार्यालय पहुंचे और गुढ़ियारी स्थित पुराने बुकिंग कार्यालय की चाबी की मांग की। ठाकुर नाग ने जब चाबी मांगने का कारण पूछा, तो तीनों ने कथित तौर पर उन्हें गालियां दीं और मारपीट की।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि तीनों ने जान से मारने की धमकी दी और घटना के बाद वहां से चले गए। मारपीट और गाली-गलौज की इस घटना के दौरान कार्यालय में उपस्थित मुख्य टिकट निरीक्षक बी.सी. आल्दा, उप स्टेशन अधीक्षक (वाणिज्य) सतेन्द्र सिंह और एम.एस.टी. अजीत कुमार ने बीच-बचाव किया।
ठाकुर नाग की लिखित शिकायत पर जीआरपी रायपुर ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है, और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जीआरपी और रेलवे प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत,पाठ्यपुस्तक वितरण प्रक्रिया में आई तकनीकी समस्याओं पर लिया गया त्वरित निर्णय
रायपुर।मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा रही हैं। यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई जा रही है।
पाण्डेय ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में सामने आई कुछ अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रत्येक पुस्तक पर दो बारकोड लगाए गए हैं।एक प्रिंटर की पहचान के लिए और दूसरा पुस्तक के गंतव्य विद्यालय की पहचान के लिए।
इस वर्ष कुल 2 करोड़ 41 लाख किताबें मुद्रित की गईं, जो 17-18 जून 2025 तक सभी डिपो में पहुँचा दी गईं। शासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं, 10वीं की पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी गई है तथा स्कूलों में बारकोड स्कैनिंग का कार्य भी 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसी तरह आत्मानंद विद्यालयों में भी पुस्तकों का वितरण तेजी से किया जा रहा है और 60 प्रतिशत किताबें पहुँच चुकी हैं, शेष कुछ ही दिनों में पहुँचा दी जाएंगी।
प्राइवेट विद्यालयों को इस बार बारकोड स्कैनिंग के पश्चात ही पुस्तकें डिपो से प्रदान की जा रही हैं, जबकि पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह प्रक्रिया की जाती थी। हालांकि, बीते तीन दिनों में डिपो में स्थान की कमी और स्कैनिंग प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता की कमी के कारण समस्याएं उत्पन्न हुईं।
इस संबंध में जब मुख्यमंत्री साय को अवगत कराया गया और बताया गया कि 1100 से अधिक सरस्वती शिक्षा मंदिर सहित बड़ी संख्या में प्राइवेट विद्यालयों को पुस्तकें मिलनी हैं, तब मुख्यमंत्री साय ने शीघ्र निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि सभी प्राइवेट विद्यालय अपनी आवश्यकता अनुसार जिलेवार किताबें डिपो से प्राप्त करें तथा 7 दिवस के भीतर अपने विद्यालय में बारकोड स्कैनिंग पूर्ण करें।
मुख्यमंत्री साय के इस निर्णय की सराहना करते हुए अध्यक्ष पाण्डेय ने कहा कि यह शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और कोई भी छात्र पुस्तक के अभाव में पीछे न रह जाए। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित और सजगता से कार्य कर रहा है।
विधायक पुरंदर मिश्रा ने आयुक्त विश्वदीप सहित राजातालाब, तेलीबांधा बाजार, झंडा चौक पंडरी, एक्सप्रेस वे ब्रिज के नीचे शिफ्ट चावडी का किया निरीक्षण
रायपुर। आज रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त विश्वदीप सहित नगर निगम रायपुर के रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजातालाब क्षेत्र एवं तेलीबांधा बाजार एक्सपे्रस वे ब्रिज क्षेत्र झंडा चौक के पास शहीद भगत सिंह स्कूल के पास के क्षेत्र का निरीक्षण जोन 3 जोन कमिश्नर रमेश जायसवाल, कार्यपालन अभियंता सुशील मोडेस्टस, सहायक अभियंता नरेश साहू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी पुरन तांडी एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया और पूर्व में दिये गये निर्देशों के पालन की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये।
उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा और आयुक्त विश्वदीप ने राजातालाब का निरीक्षण करने के दौरान संबंधित जोन 4 अधिकारियों को राजातालाब में गंदा पानी जाने से रोकने व्यवहारिक आवश्यकतानुसार नाले को शीघ्र डायवर्ट करने के निर्देश दिये। इस दौरान पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड के पार्षद आकाश तिवारी की उपस्थिति रही।
उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा एवं आयुक्त विश्वदीप ने जोन 3 क्षेत्र में तेलीबांधा बाजार क्षेत्र में शेड निर्माण करवाने एवं एक्सप्रेस वे ब्रिज के नीचे शिफ्ट चावडी के मजदूरो हेतु अच्छी सफाई पेयजल, आदि की आवश्यक व्यवस्था करवाने के संबंध में निर्देश सम्बंधित जोन 3 के अधिकारियों को स्थल पर दिये।
उत्तर विधायक एवं आयुक्त ने निरीक्षण कर जोन 3 क्षेत्र में गुरू गोविंद सिंह वार्ड में झंडा चौक के पास शहीद भगत सिंह स्कूल के समीप लगने वाली मटन दुकानों को अन्यत्र शिफ्ट करने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिये।
उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने स्कूल के समीप मटन दुकानें नहीं लगने देने की व्यवस्था प्रशासनिक तौर पर सुनिश्चित करने के निर्देश जोन 3 जोन कमिश्नर को दिये हैँ। इस दौरान स्थल पर वार्ड पार्षद कैलाश बेहरा की उपस्थिति रही।