रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। सुबह से बदली और ठंडी हवाओं के बाद राजधानी सहित प्रदेश के कई इलाकों में कुछ देर के लिए ही सही, लेकिन झमाझम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुमान के तहत अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, अंधड़ के साथ ही बारिश होने की आशंका व्यक्त की गई है, जिसे देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
विभागीय अंदेशे के मुताबिक इस दौरान तेज गरज—चमक के साथ वज्रपात भी हो सकता है। वहीं हवाएं लगातार दिशाएं बदल रही है, जिसकी वजह से अंधड़ की भी आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इस दौरान संभल कर रहने की अपील की है, बच्चों और मवेशियों को भी मौसम की मार से बचाने के लिए कहा गया है।
बता दें कि भारत मौसम विज्ञान ने एक दिन पहले ही देशभर में अंधड़ और बारिश की संभावना जताई थी। मध्यप्रदेश, ओड़िशा और आंध्रप्रदेश में जिस तरह के हालात बने हुए हैं, उसकी वजह से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज इस पूरे सप्ताह इसी तरह रहने की आशंका भी जताई है।
इन जिलों के लिए अलर्ट जारी
मौसम विभाग केंद्र ने प्रदेश में अंधड़, वज्रपात और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। वहीं 30 अप्रैल सुबह 8 बजे से अगले 24 घंटे तक प्रदेश के धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, कोंडागांव, कांकेर और उससे लगे कुछ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने, अंधड़ और एक दो स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके आलवा प्रदेश के सभी संभागों के जिलों में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है। 1 मई की सुबह 8 बजे से अगले 24 घंटे तक चेतावनी जारी की है।
खानपान और रहन सहन संस्कृति से जुड़ा मुद्दा है। छत्तीसगढ़ में कहावत है कि जैसे खाए अन्न वैसा होय मन। यह कहावत बिलकुल छत्तीसगढ़ में सही उतरती है। बोरे-बासी एक सरल और सहज भोजन है। वैसे ही छत्तीसगढ़ के लोग भी सीधे-साधे लोग हैं, इसलिए कहा जाता है कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया।
मुख्यमंत्री डॉ भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सीधे साधे श्रमिकों और किसानों का मान बढ़ाने के लिए मजदूर दिवस के दिन लोगों से बोरे-बासी खाने की अपील की है। यह अपील लोगों को भावनात्मक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का भी काम कर रही है। राज्य में छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक वैभव को पिछले चार सालों में नया क्षितिज मिला है। राज्य में मनाए जाने वाले ठेठ छत्तीसगढ़िया त्योहारों का मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री निवास में तीजा, पोरा हरेली त्योहारों को मनाए जाने से लोगों में गर्व की अनुभूति हुई है।
मुख्यमंत्री ने इसी कड़ी में एक अनूठी पहल शुरू की है उन्होंने कहा है कि किसानों और श्रमिकों का मान बढ़ाने के लिए बोरे बासी तिहार मनाएं। मजदूर दिवस के दिन अमीर गरीब सभी लोग मजदूरों के पसंदीदा भोजन बोरे बासी खाकर लोगों में आपसी समरसता और भाईचारे का वातावरण बनाए। यह तिहार पिछले वर्ष से शुरू किया गया है। इसकी चर्चा पूरी दुनिया में हुई। अमेरिका ब्रिटेन और लंदन में रहने वाले लोगों ने बोरे-बासी खाकर अपनी मातृभूमि को याद किया। छत्तीसगढ़ के रेस्टोरेंट और होटलों के मेन्यू में भी बोरे बासी को शामिल किया गया है।
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध बोरे बासी का शोध अमेरिका में भी किया जा चुका है। वहां इसका अंग्रेजी नाम होल नाइट वाटर सोकिंग राइस रखा है। शोध में यह पाया गया है कि बोरे बासी में ताजा बने चावल (भात) की अपेक्षा इसमें करीब 60 फीसदी कैलोरी ज्यादा होती है। इसके अलावा कई शोधों में यह पाया गया है कि बोरे बासी में विटामिन बी 12 की प्रचुर मात्रा के साथ आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम भी भरपूर होती है। बोरे बासी ब्लडप्रेशर और हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने का भी काम करता है।
चिलचिलाती धूप और गर्मी में जब छत्तीसगढ़ का मेहनतकश श्रमिक और किसान खाने के लिए गमछा बिछाकर अपना डिब्बा खोलता है, तो उसमें पताल चटनी, गोंदली के साथ बोरे बासी जरुर देखने को मिलता है। पोषक तत्वों से भरपूर इस बोरे बासी से वैसे तो लोग परीचित थे पर इसे वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की अहम भूमिका छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने निभाई है। उन्हांेंने धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम में सभी श्रमिकों को रायपुर में आयोजित श्रम सम्मेलन के लिए न्यौता भी दिया है।
बासी के साथ आम तौर पर भाजी खाया जाता है। पोषक मूल्यों के लिहाज से भाजी में लौह तत्व प्रचुर मात्रा में विद्यमान रहते हैं। इसके अलावा बासी के साथ दही या मही सेवन किया जाता है। जिसमें बड़ी मात्रा में कैल्शियम रहता है। इसके सेवन के फायदों को देखते हुए धीरे-धीरे ये देश-विदेश में भी लोकप्रिय हो रहा है। बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों भी इसे बड़े चाव से खाना पंसद करते हैं। बोरे-बासी यहां की जीवनशैली का एक अहम हिस्सा है।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक परंपराओं, तीज त्योहारों को बढ़ावा देने के लिए पिछले चार सालों में अनेक कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री निवास में तीजा, पोरा, हरेली, जैसे अनेक लोकप्रिय त्योहारों को मनाने की शुरूआत की इससे लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व का भाव जगा। इसके साथ ही स्थानीय तीज त्योहारों पर शासकीय अवकाश भी घोषित किए गए। पारंपरिक खानपान को बढ़ावा देने के लिए सभी जिलों में गढ़ कलेवा प्रारंभ किए गए हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. भूपेश बघेल शनिवार को राजधानी के निजी होटल में आयोजत सारबोन यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस, फ्रांस के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। यहां पर उन्होंने अपने संबोधन में देश के उन मनीषियों का जिक्र किया, जिनके लेख में ऐसे दर्शन हैं, जो नित नए प्रयास करने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. बघेल के पूरे संबोधन को सुनने के बाद इसरो के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. टी. एन. सुरेश ने कहा कि मुख्यमंत्री जी आप केवल चीफ मिनिस्टर नहीं हैं। आप 'साइंटिफिक चीफ मिनिस्टर' हैं। आपका सम्बोधन सुनकर बहुत अच्छा लगा। आपका संबोधन हमको प्रेरित करता है कि अपने परिवेश के बारे में सही समझ और वैज्ञानिक चेतना से हम बहुत आगे बढ़ सकते हैं।
दरअसल इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे पास एक किताब विनोबा जी की है। उसमें उन्होंने लिखा है कि भारत में महात्मा गांधी, रविन्द्र नाथ, रामकृष्ण परमहंस जैसी विभूति रही हैं और उनका योगदान हमारी मनीषा को बनाने में है। बिना अस्त्र के लड़ाई की कल्पना संभव है क्या, महात्मा गांधी ने इसे साकार किया। अरोबिंदो के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब आप निर्लिप्त भाव से कर्म करेंगे तो द्वेष रहित होकर काम करेंगे। जो लोग नैतिकता को प्रधानता देते हैं। वे धन से दूर होते हैं। श्री माँ ने कहा कि नैतिक लोगों को धन से दूर नहीं होना चाहिए। उनके हाथ में धन होगा तो वे सार्थक उपयोग करेंगे।
आगे उन्होंने कहा कि हम ऐसे ही समृद्ध प्रदेश से हैं। भौगोलिक रूप से हम समृद्ध है। हमारे पास जंगल है। हिमालय के बाद सबसे अधिक नाले हमारे यहां हैं। खनिज संसाधन हमारे यहां पर्याप्त है। दुनिया भर में बैटरी गाड़ी की डिमांड हो रही है। हमारे यहां लिथियम है। आरबीआई के सर्वे के मुताबिक यहां हमारे यहां गरीबी रेखा के नीचे बड़ी आबादी है। उद्योग भी हैं फिर भी गरीबी है। देश के आकांक्षी जिलों में 10 हमारे यहां है जबकि दंतेवाड़ा और कोरबा में प्लांट भी हैं। फिर भी इन जिलों में गरीबी है। यह सब देखते हुए एक नए समाधान की जरूरत भी है।
आवारा पशुओं की समस्या है। इसे हल करने की दिशा में काम करने की जरूरत थी। इन संसाधनों का पर हावी उपयोग जरूरी था और हम सबने इसके लिए नीति बनाई। केवल उद्योग धंधों को बढ़ाने से बात नहीं बनेगी, संसाधनों के बेहतर उपयोग की भी जरूरत है और हमने प्रकृति को सहेजते हुए विकास कार्य करने का निश्चय किया।
हमारी योजनाओं से जो ग्रामीण विकास से संबंधित है। 1 लाख 66 हजार महिलाओं को इससे रोजगार मिला है। काजू का ही उदाहरण लें, इसे प्रसंस्कृत कर ये लोग लाभ ले रहे हैं। अबूझमाड़ में फुलझाडू की बात लें। उन्हें प्रशिक्षण दिया और पिछले तीन सालों से दिल्ली में इसकी सप्लाई छत्तीसगढ़ की महिलाएं कर रही हैं। तीखुर हमारे यहां स्वादिष्ट वनोपज है। बहुत तरलता देता है। इसकी खरीदी की वैल्यू एडिशन की कोई योजना नहीं थी। हमने इसे किया। मिलेट्स के लिए हम लोग काम कर रहे हैं पूरे प्रदेश भर में मिलेट कैफ़े हैं। 75 हजार से अधिक ट्रैक्टर 4 साल में बिके हैं। यह किसानों के मजबूत होने की निशानी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. भूपेश बघेल को दूसरी बार 'डॉक्टरेट' की उपाधि से नवाजा गया है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार है, जब किसी मुख्यमंत्री को डॉक्टरेट की एक नहीं, बल्कि दो बार 'डॉक्टरेट' की उपाधि से नवाजा गया है। पहली बार हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी ने उन्हें 'डॉक्टरेट' की मानद उपाधि से सम्मानित किया था और अब विश्वप्रसिद्ध सारबोन यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस, फ्रांस द्वारा छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीमित एवं स्थानीय संसाधनों की उपयोगिता के साथ आगे बढ़ाने की विशिष्ट पहल के लिए डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा गया। इस अवसर पर इसरो के सीनियर वैज्ञानिक सुरेश कुमार भी उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देश के अलग-अलग राज्यों के प्रतिभागियों को शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य, तकनीक एवं शोध जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में "ग्लोबल अवार्ड 2023" से सम्मानित किया। सारबोन यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस, फ्रांस ने मुख्यमंत्री डॉ. बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी एवं सुराजी ग्राम योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी कार्यक्रम के संचालन की सराहना भी की है।
मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को आगे बढ़ाने के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं, उन पर यूनिवर्सिटी के शोधार्थी एवं प्रोफेसर रिसर्च पेपर भी तैयार कर रहे हैं, जिसे यूनिवर्सिटी के विश्वप्रसिद्ध रिसर्च जनरल पर प्रकाशित किया जाएगा।
एंकर के सवाल का डॉ. बघेल ने दिया जवाब
डॉक्टरेट की उपाधि मिले के बाद आप ल कइसे लागत हे, यह प्रश्न एंकर ने पूछा और मुख्यमंत्री ने इसका उत्तर मंच से दिया। उन्होंने कहा कि जब काम करना शुरू किया तो बस ये चाह थी कि अच्छा काम करते रहना है। काम करते गए और रास्ता निकलता गया। ये उपाधि जरूर मुझे मिली है लेकिन इसके पीछे योगदान मेरे परिवार वालों का है। जनप्रतिनिधियों का है अधिकारी कर्मचारियों का है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ के सभी मेहनतकश लोगों का सम्मान है जिन्होंने अपने श्रम से छत्तीसगढ़ को खड़ा किया है।
भोपाल। सदैव प्रसन्न मुद्रा में रहने वाले दादा मधुकर राव हर्णे का जीवन यशस्वी रहा है। दादा सहज, सौम्य, सरल और स्नेही के साथ ही आत्मीयता के भाव से सबको अपनापन देते थे। इसीलिए सभी को अपने लगते थे। मैं दादा के यहां आरती में शामिल हुआ हूं। पूरा परिवार आरती और भजन के बाद एक साथ हिल-मिल कर भोजन करते थे। आनंद और प्रेम से परिपूर्ण उनका जीवन समाज और देश के लिए समर्पित रहा है। भारत माता के प्रति सदैव उनका लगाव रहता था। उनके गीत मन-मोह लेते थे। दादा श्री हर्णे ज्ञान, भक्ति और कर्म के त्रिवेणी संगम थे। उक्त बातें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदापुरम में पूर्व मंत्री स्व. दादा मधुकर राव हर्णे की श्रद्धांजलि सभा में कहीं।
श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री चौहान ने स्व. हर्णे के निधन पर गहरा दुख व्यक्त कर ईश्वर से दिवगंत आत्मा की शांति और उनके परिजन को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। दादा श्री हर्णे की पत्नी माधुरी हर्णे, पुत्र प्रशांत हर्णे, प्रसन्न हर्णे और परिजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि दादा में भक्ति का भाव तो रहता ही था। समाज और देश के लिए भी उनका चिंतन उतना ही प्रभावशील था। विद्वान होने के साथ एक अच्छे अधिवक्ता भी थे। मौलिक चिंतक, राष्ट्रवादी विचारक के साथ ही सबसे मधुर व्यवहार रखते थे। मंत्री के रूप में भी वे सहज, सरल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीज निगम के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने निगम को घाटे से उबार कर फायदे में पहुंचाया।
मुख्यमंत्री चौहान ने गीता के श्लोक का वाचन करते हुए कहा कि दादा बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने पूरा यशस्वी जीवन जिया, उनकी कीर्ति चारों तरफ थी। मुझे दादा से बड़े भाई के रूप में स्नेह मिलता रहा है। मैं मध्यप्रदेश की जनता की ओर से दादा को श्रद्धासुमन अर्पित करता हूँ। उन्होंने कहा कि हम दादा को मधुर गीतों में, अनोखी हँसी में, याद करते रहेंगे। नर्मदापुरम में उनकी स्मृति में क्या किया जाए यह हम मिल कर तय करेंगे। दादा को ऐसे ही नहीं भूलेंगे।
रायपुर। सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 35 लाख रुपये ठगी करने वाले दो आरोपी को डीडीनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में गिरफ्तार आरोपी राकेश बैस पूर्व हिस्ट्रीशीटर है। राकेश ने प्रार्थी के परिवार के सदस्यों को नौकरी लगाने के नाम पर 35 लाख रुपये की ठगी की।
डीडीनगर पुलिस ने मिली जानकारी के अनुसार एलआईजी 2/40 सेक्टर 4 दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासी रामनारायण राजपूत ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह वर्तमान में जिला मुंगेली में रहता है। वह सीआईएसएफ में आरक्षक के पद पर वर्ष 2018 में रायपुर एयरपोर्ट में पदस्थ था। इसी दौरान मंडी निरीक्षक, उप निरीक्षक खादय निरीक्षक, अन्य विभागों में भर्ती हेतु 2021-2022 में नियुक्ति निकला था। जिसमें प्रार्थी तथा उसके परिवार के सदस्यों ने विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया था।
इसी दौरान प्रार्थी के परिवार के अन्य सदस्य प्रार्थी के घर जाकर नौकरी के संबंध में प्रार्थी के पड़ोसी राकेश सिंह बैस से चर्चा किए तब राकेश सिंह बैस ने प्रार्थी से कहा कि उसकी बहुत ऊपर तक पहचान है, मैं तुम्हारे रिश्तेदारों को नौकरी में लगवा दूंगा, जिसके लिए पैसे देने होंगे। जिस पर प्रार्थी ने अपने परिवार के सदस्यों से बात कर उनकी नौकरी लगाने के लिए राकेश सिंह बैस के कहे अनुसार 8 जनवरी 2022 से 5 अप्रैल 2022 के मध्य अलग-अलग किश्तों में कुल 35 लाख रुपये राकेश डी.डी.नगर स्थित आवासगृह के उसके ऑफिस में पीए ओम नारायण को दिए। लेकिन किसी की नौकरी नहीं लगी। राकेश ने पैसे लौटा देने की बात कहीं, लेकिन अब तक पैसे नहीं लौटाए।
मामले की शिकायत पर डीडीनगर पुलिस ने आरोपी राकेश बैस और उसके पीए ओम नारायण को गिरफ्तार किया। आरोपी राकेश बैस थाना डीडीनगर का पुराना हिस्ट्रीशीटर है। राकेश के विरूद्ध थाना डीडीनगर, पुरानी बस्ती, आजाद चौक एवं आमानाका में हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट, उद्यापन सहित अन्य मामलों के एक दर्जन से अधिक अपराध पंजीबद्ध है, जिनमें आरोपी जेल निरूद्ध रह चुका है।
रायपुर। राजधानी पुलिस ने खमतराई क्षेत्रांतर्गत उरकुरा स्थित हर्षित विहार के एक सूने मकान में चोरी करने वाले दो दो अंतर्राज्यीय आरोपी सहित कुल तीन को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में संलिप्त आरोपी संतोष राठौर है घटना का मास्टर माईंड है। संतोष के विरूद्ध रायपुर एवं ओडिशा के राउरकेला सहित अलग-अलग थानों में लूट/चोरी के 2 दर्जन से अधिक अपराध पंजीबद्ध है। संतोष ने 2022 में थाना सरस्वती नगर क्षेत्र के सूने मकान में चोरी की थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हर्षित विहार कालोनी उरकुर निवासी अजय कुमार ने थाना खमतराई में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह उनके पड़ोस में विकास मिश्रा का मकान है। जो दिनांक 15 मार्च से अपने गांव झारखंड गया है। जाते वक्त प्रार्थी को उसके घर की देख-रेख करने बोला था। 23 मार्च को विकास मिश्रा के मकान को देखा तो पाया कि पर गेट का ताला टूटा हुआ था, घर अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा हुआ था, घर में रखे आलमारी के लॉकर का ताला टूटा हुआ था तथा उसमें कुछ भी नही था।
जिसके बाद अजय ने विकास मिश्रा को फोन कर इसकी सूचना दी। विकास मिश्रा द्वारा लॉकर में रखे सोने चांदी के जेवरात थे जो नही है बताया गया। कोई अज्ञात चोरी प्रार्थी के पड़ोसी विकास मिश्रा के घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश कर घर में रखे अलमारी के लॉकर का ताला तोड़कर उसमें रखे मशरूका को चोरी कर फरार हो गया था।
मामले में पुलिस ने आस-पास के लोगों से विस्तृत पूछताछ करते हुए अज्ञात आरोपी की पतासाजी करना प्रारंभ किया। आस-पास लगे सीसीटीव्ही फुटेजों का अवलोकन करते हुए प्रकरण में मुखबीर लगाने के साथ ही तरीका वारदात के आधार पर चोरी के पुराने आरोपियों की तस्दीक करने के साथ ही हाल ही में जेल से रिहा हुए अपराधियों के संबंध में भी जानकारी एकत्र की।
इसी दौरान पुलिस को आरोपी संतोष राठौर जो पूर्व में भी लूट/चोरी की दर्जनों घटनाओं को अंजाम दे चुका है, के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा संतोष राठौर की पतासाजी कर पकड़ा गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी संतोष राठौर द्वारा अपने साथी कोमल दास मानिकपुरी एवं आकाश उर्फ अमन राय के साथ मिलकर उक्त चोरी की घटना को कारित करना स्वीकार किया गया।
रायपुर। चारपहिया वाहन को किराये में बुक कर उसे बेचने के इरादे से चालक की हत्या करने और उसके शव को दफन करने वाले दो आरोपी को अभनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने कार चालक की थाना अभनपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम खोला स्थित नहर पास गला घोटकर हत्या की और मृतक को दफन कर दिया था। मृतक सुनील कुमार वर्मा का थाना पुरानी बस्ती में गुम इंसान दर्ज है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों ने हत्या के साक्ष्य को छिपाने के उद्देश्य से मृतक सुनील कुमार वर्मा के शव को दफन कर दिया था। मृतक के परिजनों व पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक के मोबाईल को ले जाकर दंतेवाड़ा के बस स्टैण्ड स्थित गार्डन में छोड़ दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक सुनील कुमार वर्मा के शव को तहसीलदार के सम्मुख विधिवत उत्खनन कर बरामद कर लिया।
पुलिस ने बताया कि 20 अप्रैल को भूमिका वर्मा ने पुरानी बस्ती थाना में सूचना दर्ज कराया कि उसके पिता सुनील कुमार वर्मा जो स्वीफ्ट डिजायर को बुकिंग/टैक्सी में चलाते है तथा वाहन उसके पिता के बड़े भाई की है। 14 अप्रैल 2023 को सुनील अभनपुर की बुकिंग प्राप्त हुई है। 2 घंटे में वापस आना कहकर सवारी राकेश कुर्रे नामक व्यक्ति के साथ अभनपुर जाने रवाना हुए थे, जो घर वापस नही आयें। जिस पर सूचक की रिपोर्ट पर थाना पुरानी बस्ती में गुम इंसान क्रमांक 29/2023 कायम कर जांच में लिया गया।
पुलिस ने भूमिका की शिकायत पर सवारी राकेश कुर्रे के संबंध जानकारी प्राप्त करते हुए उसकी पतासाजी कर पूछताछ करने पर उसके द्वारा बयान दिया गया कि वह सुनील कुमार वर्मा से परिचित है एवं पूर्व में भी वह उसकी कार को बुकिंग करा चुका था। 14 अप्रैल को राकेश अपने साथी तपन बांधे के साथ अपने ग्राम खोला अभनपुर जाने के लिए सुनील की कार को बुकिंग कराया एवं दोनों रायपुर से अभनपुर स्थित अपने ग्राम खोला आ गए।
पूछताछ के दौरान तपन बांधे का बयान लेने पर उसके तथा राकेश कुर्रे के बयान में भिन्नता पाया गया। जिस पर पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ करने पर वह दोनों अपने झूठ के सामने टिक न सके और अंततः दोनो के द्वारा सुनील कुमार वर्मा निवासी गली नं. 3 शीतला कॉलोनी पुरानी बस्ती रायपुर की रस्सी से गला घोटकर हत्या कर शव को अभनपुर के ग्राम खोला स्थित अपने पुराना मकान के पीछे दफन करना बताया।
आरोपियों ने बताया कि दोनों ने मिलकर योजना बनाया की सुनील कुमार वर्मा की कार को बुकिंग में बुलाकर सुनील वर्मा की हत्या करके कार को बिक्री कर आधा-आधा पैसा आपस में बांट लेंगे। योजना के अनुसार आरोपी राकेश ने दिनांक घटना की रात्रि सुनील कुमार वर्मा को फोन कर अभनपुर जाने के लिए कार बुक किया, जिस पर सुनील वर्मा कार को लेकर भाठागांव रायपुर पहुंचा। जहां राकेश कुमार कुर्रे एवं तपन बांधे को लेकर रवाना हो गया। राकेश कुमार कुर्रे अपने गांव खोला के बस्ती में प्रवेश करने के पूर्व सुनील कुमार वर्मा को कहा कि नहर में फ्रेश हो लेते हैं उसके बाद घर जाएंगे और कार को गंगरेल बांध नहर में छींद पेड़ के सामने ले गया और शौच करने लगा। इसी दौरान सुनील वर्मा और तपन बांधे भी कार से उतर कर लघुशंका करने लगे कुछ देर के बाद गांव जाने के लिए सभी कार में बैठे सुनील कुमार वर्मा ड्राइविंग सीट पर बैठकर सीट बेल्ट लगाया, राकेश कुर्रे सामने सीट में तथा तपन बांधे पीछे सीट में बैठा। उस समय लगभग रात्रि के 12 बजे थे।
सुनील कुमार वर्मा जैसे ही कार चालू करने का प्रयास किया कि पीछे बैठे तपन बांध ने सुनील वर्मा के गले में रस्सी डालकर खींच दिया राकेश कुर्रे भी पीछे आया दोनों मिलकर रस्सी से गला घोट कर सुनील कुमार वर्मा की हत्या कर दी। शव को कार से नीचे उतार कर तलाशी लिए जेब में नगदी रकम लगभग 7-8 हजार रूपए था जिसे तपन ने रख लिया उसके बाद सुनील की लाश को कार के डिग्गी में डालकर कार को राकेश कुर्रे चलाते हुए तपन बांधे के सूने घर के ब्यारा में रख दिया। दोनों मिलकर लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगे तब तक सुबह हो गई। 15 अप्रैल की सुबह राकेश अभनपुर से बस में सफर कर कांकेर गया वहां सुनील वर्मा के मोबाइल फोन से वीडियो तैयार कर सुनील वर्मा की पुत्री भूमिका वर्मा के मोबाइल में व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो भेजा और अभनपुर आकर तपन बांधे को सुनील वर्मा का मोबाइल फोन देकर लोकेशन बदलने के लिए कहीं दूर छोड़ कर आने के लिए कहा और रायपुर चला गया।
तपन बांधे अपने रिश्ते के भाई को बोला कि पुराने मकान के पीछे आंगन तरफ सेप्टिक टैंक के लिए गड्ढा खोदना है जेसीबी मशीन बुलवाकर खुदवा लेना और अपने भाई को दो हजार रुपये देकर वह रात्रि 9 बजे अभनपुर से बस में सफर करते हुए 16 अप्रैल की सुबह दंतेवाड़ा पहुंचकर सुनील वर्मा के मोबाइल फोन को ऑन किया तो सुनील वर्मा के रिश्तेदार का फोन आया तो फोन रिसीव कर कहा कि दंतेवाड़ा में सोनू मोबाइल दुकान से बोल रहा हूं यह मोबाईल खराब हो गया है बनने के लिए आया है। दो दिन में ठीक हो जाएगा और सुनील वर्मा के मोबाइल फोन को चालू हालत में बस स्टैंड के पास एक गार्डन में फेंक कर शाम तक अपने घर ग्राम खोला आ गया।। रात 11 बजे कार की डिग्गी से सुनील वर्मा की लाश को निकालकर खोदे गए गड्ढे में डालकर मिट्टी से पाट दिया और घर जाकर सो गया।
17 अप्रैल की सुबह तपन बांधे ने पुनः जेसीबी मशीन बुलवाया और और गलत जगह गड्ढा खुद गया है कहकर जमीन को जेसीबी चालक से समतल करवा दिया और सुनील वर्मा की कार में लगे आगे पीछे के नंबर प्लेट को निकालकर डिग्गी में डाल दिया और कार को ग्राम भालू कोना में ले जाकर अपने रिश्तेदार के मुर्गी फार्म में छिपा दिया एवं तपन बांधे अपने गांव वापस आ गया।
रायपुर। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के मैना मित्र तथा वन विभाग के फ्रंट लाइन स्टाफ के निरंतर प्रयास से अब बस्तर पहाड़ी मैना की संख्या में वृद्धि होने से आस-पास के ग्रामों में भी उनकी मीठी बोली गूंजने लगी है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना का प्राकृतिक रहवास कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान ही है। यहां लगभग एक साल से स्थानीय समुदाय के युवाओं को प्रशिक्षण देकर मैना मित्र बनाया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप तथा वन मंत्री मोहम्मद अकबर के कुशल मार्गदर्शन में वन विभाग की पहल पर मैना मित्र पहाड़ी मैना के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयासरत है और अब उनकी मेहनत रंग ला रही है।
इस संबंध में निदेशक, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान धम्मशील गणवीर ने बताया कि कैम्पा योजना अंतर्गत संचालित मैना सरंक्षण एवं संवर्धन प्रोजेक्ट बस्तर पहाड़ी मैना के सरंक्षण के लिए कारगर साबित हुआ है। प्रोजेक्ट अंतर्गत मैना मित्रों द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान से लगे 30 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। प्रत्येक शनिवार और रविवार स्कूली बच्चों को पक्षी दर्शन के लिए ले जाया जा रहा है, जिससे उनके व्यवहार में बदलाव भी देखा जा रहा है। एक समय में जिन बच्चों के हाथ में गुलेल थे अब उनके हाथ में दूरबीन देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है की मैना का रहवास साल के सूखे पेड़ो में होता है, जहां कटफोड़वे घोंसले बनाते है। इसी कड़ी में बस्तर वन मंडल द्वारा साल के सूखे पेड़ों को काटने पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे मैना का रहवास कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के बाहर भी सुरक्षित हो सके। साथ ही कांगेर घाटी से लगे ग्राम जैसे मांझीपाल, धूडमारास के होमस्टे पर्यटन में पहाड़ी मैना को जोड़ा गया है, जहां पर्यटक पक्षी दर्शन अंतर्गत राजकीय पक्षी को भी देख सकते है। धूड़मरास से धुरवा डेरा के संचालक श्री मानसिंह बघेल कहते है कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि पहाड़ी मैना हमारे घर के पास देखने को मिल रही है और उन्हें हम होम स्टे पर्यटन के साथ जोड़कर उसका संरक्षण भी कर रहे हैं।
अभी नेस्टिंग सीजन में पहाड़ी मैना के कई नए घोंसले देखने को मिले, जिसमें अभी पहाड़ी मैना अपने बच्चों को फल और कीड़े खिलाते हुए देखे जा रहे हैं, जिनकी निगरानी मैना मित्रों और फील्ड स्टाफ द्वारा की जा रही है। पहले जहां पहाड़ी मैना की संख्या कम थी, अब वह कई झुंड में नजर आ रही है। स्थानीय समुदायों के योगदान एवं पार्क प्रबंधन के सतत् प्रयास से ही यह मुमकिन हो पाया है।
रायपुर। राजधानी की यातायात पुलिस ने दोपहिया में तीन सवारी, बिना नंबर एवं ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 337 वाहनों के विरुद्ध मोटर यान अधिनियम के तहत चालानी कार्यवाही की गई।
बता दें कि यातायात पुलिस रायपुर द्वारा लगातार नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है। इसी तारतम्य में 27 अप्रैल को दोपहिया में तीन सवारी, बिना नंबर एवं ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान कारवाही चलाया गया। जिसमें यातायात रायपुर के अधिकारी कर्मचारी शहर के प्रमुख मार्गों एवं चौक चौराहों पर चेकिंग प्वाइंट लगाकर अभियान चलाया गया जिसमे 337 उल्लंघन कर्ता वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर यान अधिनियम के तहत चलाने कार्रवाई किया गया।
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाएं, नाबालिक बच्चों को वाहन ना दें, नशे की हालत में वहां ना चलाएं, दोपहिया में तीन सवारी ना चले, बिना नंबर के वाहन ना चलाएं, वाहनों में ब्लैक फिल्म का उपयोग ना करें, रॉन्ग साइड ना चलें तेज रफ्तार वाहन ना चलाएं नियमों का उल्लंघन यह जाने पर मोटर यान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। राजधानी की यातायात पुलिस ने दोपहिया में तीन सवारी, बिना नंबर एवं ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 337 वाहनों के विरुद्ध मोटर यान अधिनियम के तहत चालानी कार्यवाही की गई।
बता दें कि यातायात पुलिस रायपुर द्वारा लगातार नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है। इसी तारतम्य में 27 अप्रैल को दोपहिया में तीन सवारी, बिना नंबर एवं ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान कारवाही चलाया गया। जिसमें यातायात रायपुर के अधिकारी कर्मचारी शहर के प्रमुख मार्गों एवं चौक चौराहों पर चेकिंग प्वाइंट लगाकर अभियान चलाया गया जिसमे 337 उल्लंघन कर्ता वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर यान अधिनियम के तहत चलाने कार्रवाई किया गया।
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाएं, नाबालिक बच्चों को वाहन ना दें, नशे की हालत में वहां ना चलाएं, दोपहिया में तीन सवारी ना चले, बिना नंबर के वाहन ना चलाएं, वाहनों में ब्लैक फिल्म का उपयोग ना करें, रॉन्ग साइड ना चलें तेज रफ्तार वाहन ना चलाएं नियमों का उल्लंघन यह जाने पर मोटर यान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। राजधानी की यातायात पुलिस ने एसएसपी प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर एक्सपर्ट मैकेनिकों के साथ कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना में संचालित होने वाले स्कूली बसों का सुप्रीम कोर्ट के गाइड लाइन अनुसार मैकेनिकल जांच की। जिसमें संचालित कुल 9 स्कूली बसों मैं कुछ कुछ कमी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन को जल्द से जल्द सुधार करवाने निर्देशित किया गया।
बता दें कि कुछ दिन पहले कृष्णा पब्लिक स्कूल में संचालित होने वाले स्कूल वैन चालक की लापरवाही से एक स्कूली छात्रा टाटीबंध चौक पर वाहन से गिर गई थीं। इसी तारतम्य में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी यातायात टाटीबंध विशाल कुजूर ने दल बल के साथ एक्सपर्ट मैकेनिको को लेकर स्कूल में संचालित होने वाले स्कूली बसों का सुप्रीम कोर्ट के गाइड लाइन अनुसार मैकेनिकल जांच कराया।
यातायात पुलिस द्वारा जांच में दो गाड़ियों में लगे सीसीटीवी कैमरा खराब स्थिति में मिले। दो गाड़ियों में फायर स्टिक नहीं था। वहीं दो गाड़ी का इमरजेंसी गेट खराब था। इसके साथ दो गाडि़यों में लाइट खराब होने के साथ ब्रेक कम था। पुलिस ने गाड़ियों में जल्द सुधार करने के निर्देश स्कूल प्रबंधन को दिए। इस दौरान निरीक्षक विशाल कुजुर ने स्कूली बस चालक परिचालकों को यातायात नियमों से संबंधित जानकारी दी। साथ ही नियमों का पालन कर वाहन चलाने हेतु समझाइश दिया गया। साथ ही लापरवाही पूर्वक नियमों का उल्लंघन कर वाहन चलाते पाए जाने पर सख्त कार्यवाही किए जाने की हिदायत दी गई।
रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस 1 मई के अवसर पर राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम के अध्यक्षता श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री बघेल लगभग एक लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 47.12 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में राशि का अंतरण और आरंग और पाटन में श्रमिक सहायता केन्द्र का शुभारंभ भी करेंगे।
साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किए जा रहे श्रम सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए श्रमिक हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं से लाभांवित हितग्राहियों का सम्मान भी किया जाएगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के विकास में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल की मंशा के अनुरूप श्रमिक दिवस के दिन श्रम के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने प्रदेश में बोरे-बासी तिहार का भी आयोजन किया जा रहा है।
श्रम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार श्रम सम्मेलन में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अतर्गत 83086 हितग्राहियों को 22.76 करोड़ रूपए छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक मंडल अंतर्गत 11542 हितग्राहियों को 20.83 करोड़ रूपए, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल अतर्गत 6457 हितग्राहियों को 3.09 करोड़ रूपए तथा कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं अंतर्गत 50 बीमित व्यक्ति को चिकित्सा हितलाभ राशि 44.55 लाख रूपए इस प्रकार कुल 101135 हितग्राहियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 47.12 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की जाएगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 28 अप्रैल को धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रायपुर पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड से सुबह 11.30 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 11.50 बजे कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हंचलपुर पहुंचेंगे और 11.55 बजे गांव के रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का भ्रमण कर गोबर पेंट उद्योग तथा वहां संचालित गतिविधियों का अवलोकन करेंगे। इस दौरान वे स्व-सहायता समूह के सदस्यों से चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री दोपहर 12.20 बजे हंचलपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 12.30 बजे कुरूद विधानसभा के ग्राम सेमरा (बी) पहुंचेंगे और वहां प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना करने के बाद भेंट-मुलाकात कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री यहां विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद आम जनता से भेंट-मुलाकात के दौरान राज्य शासन की योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी लेंगे।
मुख्यमंत्री ग्राम सेमरा बी से 2.35 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 2.45 बजे कुरूद पहुंचेंगे और वहां विश्राम गृह में अपरान्ह 3.15 बजे से विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4.50 बजे कुरूद से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 5.10 बजे रायपुर लौट आएंगे।
रायपुर। अर्पण कल्याण समिति द्वारा सेक्टर एक, बजाज कालोनी, न्यू राजेंद्र नगर में संचालित अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल के मूक-बधिर बच्चों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शाला प्रवेश उत्सव पर स्कूल बैग व पाठ्य सामग्रियों का वितरण किया। नए शिक्षा सत्र पर प्रदेश का यह पहला शाला प्रवेशोत्सव था। कटोरा तालाब में कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक स्वर्गीय लक्ष्मण सतपथी की प्रतिमा अनावरण के बाद मुख्यमंत्री बघेल ने जैसे ही मंच के बाजू में बैठे मूक-बधिर बच्चों को देखा वैसे ही वे महापौर एजाज ढेबर व सभापति तथा पूर्व महापौर प्रमोद दुबे के साथ उनके पास पहुंचे तथा उन्हें लाड़ करते हुए सबसे हाथ मिलाया।
मुख्यमंत्री ने जांजगीर-चांपा में बोरवेल से छ: दिनों फंसे रहने के बाद सुरक्षित निकाले गए राहुल साहू से इशारों में बात कर उसका हाल चाल जाना। मुख्यमंत्री को अपने करीब पाकर दिव्यांग बच्चे अति-उत्साहित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने बच्चों को परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि इन बच्चों से हमें कठिन परिस्थितियों में भी जीने की प्रेरणा मिलती है। ये भले ही सुन व बोल नहीं सकते किंतु इनके तेज दिमाग से देश व प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बच्चों को स्कूल बैग व पाठ्य सामग्रियों का वितरण किया तथा सामूहिक तस्वीर खिंचवाई। कार्यक्रम में मौजूद महापौर एजाज ढेबर ने इन बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए इन्हें देवदूत बताया। नगर निगम के अध्यक्ष व पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि इन बच्चों की सेवा से आत्मा को आनंद की असीम अनुभूति होती है। दिव्यांग बच्चों के साथ कुछ समय व्यतीत करने से तनाव तो दूर होता ही है, शांति भी मिलती है। इन बच्चों की प्रतिभा को इस स्कूल में तराशा जा रहा है। उन्हें विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाया जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष प्रकाश शर्मा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, एजाज ढेबर व प्रमोद दुबे का आभार जताया। इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष धनंजय त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष विरेन्द्र शर्मा, डायरेक्टर डॉ. राकेश पाण्डेय, मृत्युंजय शुक्ला सहित प्राचार्य कमलेश शुक्ला, विशाल, सीमा छाबड़ा, दिनेश शुक्ला, शाहना आदि मौजूद थे।
रायपुर। मराठा समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट—मुलाकात कार्यक्रम के दौरान उनसे सामाजिक चर्चा की। समाज के युवा अध्यक्ष लोकेश पवार ने राजधानी में मराठा समाज द्वारा संचालित गतिविधियों से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अवगत कराया। इस बीच सामाजिक भवन की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी दी, जिस पर सीएम बघेल ने गंभीरता से विचार किया और तत्काल 20 लाख रुपए की आर्थिक सहयोग की घोषणा करते हुए सामाजिक भवन के लिए एक बड़ी सौगात दी।
इस संदर्भ में अधिक जानकारी देते हुए मराठा समाज के युवा अध्यक्ष लोकेश पवार ने बताया कि रायपुर में मुख्यमंत्री की भेंट—मुलाकात कार्यक्रम के दौरान सामाजिक संगठनों से चर्चा का भी समय तय था, जिसमें मराठा समाज के प्रतिनिधियों को मुलाकात का अवसर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिया। युवा अध्यक्ष पवार ने सीएम बघेल को बताया कि मराठा समाज अपने सामाजिक भवन में निरंतर शैक्षणिक एवं सामाजिक कार्यों को कराता आ रहा है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इस बात से भी अवगत कराया गया कि सालों पहले निर्मित मराठा समाज के भवन की स्थिति अब काफी खराब हो चुकी है, जहां पर अनहोनी का खतरा बना हुआ है। सामाजिक भवन की जीर्णता को लेकर दी गई जानकारी के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया और तत्काल निर्णय लेते हुए 20 लाख के आर्थिक सहयोग की सहर्ष घोषणा की।
इस भेंट मुलाकात के लिए मराठा समाज के प्रतिनिधि मंडल में मराठा मित्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष गुणवंत राव घाटगे, मराठा युवा समाज अध्यक्ष लोकेश पवार, महिला मित्र मंडल अध्यक्षा सुषमा महाड़िक,छ.ग. मराठा समाज के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेंद्र डुकरे, महामंत्री महेंद्र जाधव, युवा समाज के संरक्षक राहुल डुकरे, नीरज इंग्ले, महासचिव मनीष भोंसले, अविनाश शिर्के, सागर वाकड़े, सुमीत ढिगे,जयनारायण कदम, गौरव जाधव उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. भूपेश बघेल दंतेवाड़ा के लिए रवाना हो चुके हैं। सीएम डॉ. बघेल के साथ गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, सांसद फूलोदेवी नेताम, दीपक बैज और डीजीपी अशोक जुनेजा भी इस दौरे में हैं।
बता दें कि बुधवार को हुए नक्सली हमले के बाद मुख्यमंत्री ने अपने कर्नाटक दौरे के प्रस्तावित कार्यक्रम को स्थगित कर दिया था। बुधवार को नक्सलियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में माओवादियों ने सर्चिंग पर निकले डीआरजी जवानों पर घात लगाकर आईईडी ब्लास्ट किया, जिसकी जद में आने से डीआरजी के 10 जवानों की शहादत के साथ वाहन चालक की मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री डॉ. बघेल ने माओवादियों की इस करतूत की निंदा की है, तो उन्होंने उनकी इस हिमाकत के लिए नहीं बख्शे जाने की बात भी कही है। मुख्यमंत्री डॉ. बघेल कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के स्टार प्रचारकों में से हैं, जिसकी वजह उनका कर्नाटक दौरा प्रस्तावित था, लेकिन दंतेवाड़ा में हुई नक्सल वारदात और 10 जवानों की शहादत के बाद उन्होंने अपने प्रस्तावित कर्नाटक दौरे को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया और दंतेवाड़ा जाने का फैसला लिया।
इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में हुए नक्सली हमले के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक ली और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू आज नक्सली हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. भूपेश बघेल ने बुधवार को हुए नक्सली हमले के बाद अपने कर्नाटक दौरे के प्रस्तावित कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। सीएम डॉ. बघेल गुरुवार को दंतेवाड़ा के प्रवास पर रहेंगे और नक्सल वारदात को लेकर जमीनी स्थिति का आंकलन करेंगे।
विदित है कि बुधवार को नक्सलियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में माओवादियों ने सर्चिंग पर निकले डीआरजी जवानों पर घात लगाकर आईईडी ब्लास्ट किया, जिसकी जद में आने से डीआरजी के 10 जवानों की शहादत के साथ वाहन चालक की मौत हो गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. बघेल ने माओवादियों की इस करतूत की निंदा की है, तो उन्होंने उनकी इस हिमाकत के लिए नहीं बख्शे जाने की बात भी कही है। मुख्यमंत्री डॉ. बघेल कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के स्टार प्रचारकों में से हैं, जिसकी वजह उनका कर्नाटक दौरा प्रस्तावित था, लेकिन दंतेवाड़ा में हुई नक्सल वारदात और 10 जवानों की शहादत के बाद उन्होंने अपने प्रस्तावित कर्नाटक दौरे को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है और दंतेवाड़ा जाने का फैसला लिया है।