खेतों में अधिक रसायनिक उपयोग होगा खतरनाक.. यह 1958 में बता दिया था कोंडापुरकर ने
2023-09-25 06:48 PM
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रायपुर। खेती के लिए अत्यधिक रसायनों का उपयोग आज सेहत के लिए काफी खतरनाक हो चुका है। रसायनिक खादों का उपयोग कम करने छत्तीसगढ़ सरकार अब जैविक खेती और गोठानों में प्राकृतिक खाद तैयार करने में जुटी है। खेतों में अधिक रसायनिक उपयोग मनुष्यों और मवेशियों के नुकसानदायक होगा यह महाराष्ट्र मंडळ के आजीवन सभासद सुधाकर राव कोंडापुरकर ने 1958 में अविभाजित मध्यप्रदेश के रीवां में आयोजित जैतहरी में बता दिया था।
1958 में मृदा परीक्षण कार्य कृषि विभाग मध्यप्रदेश रीवां द्वारा आयोजित मृदा परीक्षण पर बातचीत में अपने विचार रखते हुए उन्होंने उस समय बता दिया था कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने मिट्टी की उपज बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर रसायनिक उर्वरक का उपयोग करने की बात कहीं थी। मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाने के लिए अमोनियम सल्फेट, फास्फोरस का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए।
कोंडापुरकर ने आगे बताया कि रसायनिक उपयोग से उगाए गए फसल, सब्जियां ज्यादा दिनों तक सुरक्षित नहीं रहती है। उसमें गुणवत्ता की भी कमी आती है। आज पूरा समाज इन्हीं फसलों का उपयोग कर रहा है। आज यह बहुच अच्छी बात है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इस दिशा में गंभीरता से सोचा और प्रदेश के गोठानों में बनाए जा रहे जैविक खादों का अधिक से अधिक उपयोग किया जा रहा है।