रायपुर
अब सरकारी स्कूल के होनहार बच्चों की बारी: उत्कर्ष योजना से कक्षा 6वीं में निशुल्क पढ़ाई
अधिक जानकारी और आवेदन फार्म विभागीय वेबसाइट http://www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी भरा हुआ आवेदन पत्र कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर में 20 जून 2026 तक जमा कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां तेज..........
दिव्यांगों एवं वरिष्ठ नागरिकों के चेहरों पर मुस्कान, शिविर में मिले सहायक उपकरण
गुढ़ियारी में नशीली सिरप के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
प्रदेश में चल रही विभागीय योजनाओं के प्रगति की मुख्य सचिव ने समीक्षा की
रायपुर। प्रदेश के मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है।
बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।
सुकमा के आदिवासी किसान के बेटे बारसे रोशन ने JEE एडवांस में गाड़े झंडे
रायपुर। छत्तीसगढ़ के अति-वनांचल (सुकमा) जिले के होनहार आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने JEE एडवांस्ड परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पहले ही प्रयास में कैटेगरी रैंक 634 लाकर और अपनी लगन से IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) तक का सफर तय कर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अंचल का नाम रोशन किया है
शिक्षा के क्षेत्र में सुदूर और वनांचल क्षेत्र सुकमा के एक आदिवासी छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच रहने वाले एक साधारण किसान के बेटे ने साबित कर दिया है कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। जिले के सुदूर वनाँचल के झापरा क्षेत्र के निवासी आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE एडवांस 2026 में कैटेगरी रैंक 634 हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रोशन किया है।
इस ऐतिहासिक सफलता पर छात्र का उत्साहवर्धन करने के लिए खुद कलेक्टर और जिला प्रशासन आगे आया है। तुंगल डैम में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने छात्र बारसे रोशन को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
कलेक्टर अमित कुमार ने इस मौके पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि रोशन की पढ़ाई की राह में पैसे कभी रोड़ा नहीं बनेंगे। जिला प्रशासन बारसे रोशन की उच्च शिक्षा की पूरी फीस का वहन करेगा, ताकि वह बिना किसी आर्थिक चिंता के देश के शीर्ष संस्थान (IIT) में अपनी पढ़ाई पूरी कर सके।
बारसे रोशन की यह बड़ी सफलता किसी जादू का परिणाम नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की सोची-समझी दूरदर्शिता का नतीजा है। जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कलेक्टर श्री अमित कुमार और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री मुकुन्द ठाकुर के सीधे निर्देशन में क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट का संचालन किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. मंडावी के मार्गदर्शन और नोडल अधिकारी श्री आशीष राम के सतत पर्यवेक्षण में यह संस्थान सुकमा के आदिवासी और ग्रामीण बच्चों को IIT और मेडिकल जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए निशुल्क तैयार कर रहा है।
इस बड़ी सफलता के पीछे जमीनी स्तर पर काम कर रही टीम की कड़ी मेहनत छिपी है। प्रबंधन की कमान संभाल रहे संस्थान के मैनेजर श्री सूरज सिंह ने दिन-रात मेहनत कर सुकमा में एक ऐसा अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक माहौल तैयार किया है, जो आमतौर पर सिर्फ बड़े महानगरों में देखने को मिलता है। इसके साथ ही, क्षितिज संस्थान और कैम्प एकेडमी रायपुर के शिक्षक सुश्री निधि चौहान, अभिषेक नाग, रजनीश पटेल और सोनम सिंह ने बच्चों को न सिर्फ किताबी ज्ञान दिया, बल्कि परीक्षा की सटीक रणनीति और हर मोड़ पर मोटिवेशन देकर इस कठिन परीक्षा के लिए तैयार किया।
बारसे रोशन के माता-पिता दिन-रात खेतों में पसीना बहाकर परिवार का पेट पालते हैं। जब कलेक्टर ने खुद रोशन को सम्मानित किया और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी ली, तो माता-पिता की आंखें गर्व और खुशी से छलक उठीं। रोशन और सुनील कुमार की यह सफलता आज सुकमा के हर उस बच्चे के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो अपनी गरीबी या पिछड़ेपन की वजह से बड़े सपने देखने से डरता था।
जिला प्रशासन के इस संवेदनशील और दूरदर्शी कदम की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। कलेक्टर, सीईओ और उनकी पूरी टीम ने छात्रों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि आने वाले सालों में सुकमा से ऐसे कई और सितारे निकलेंगे जो देश-दुनिया में जिले का नाम चमकाएंगे।
पीएम मोदी का छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी को पत्र: बोले- जनता का स्नेह राष्ट्र निर्माण के संकल्प की ताकत
डेस्क। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को मिली शानदार सफलता पर बधाई देने के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आभार व्यक्त किया है। इस चुनावी जीत के बाद छत्तीसगढ़ की प्रबुद्ध जनता और नागरिक समाज की ओर से प्रधानमंत्री को शुभकामना संदेश भेजे गए थे, जिसका संज्ञान लेते हुए उन्होंने राज्य के नागरिकों का धन्यवाद किया है।
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी को भेजे गए एक विशेष आधिकारिक पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने पत्र में भावुक और प्रेरित करते हुए लिखा कि देशवासियों से मिल रहा यह अपार स्नेह, विश्वास और समर्थन राष्ट्र निर्माण के हमारे संकल्प की सबसे बड़ी ताकत है। जनता का यही भरोसा सरकार को देशहित में निरंतर और कड़े फैसले लेने की ऊर्जा देता है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि सरकार जन-आकांक्षाओं को पूरा करने और देश के प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी को मिला यह जवाबी पत्र इस समय प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय प्रबुद्ध जनों और संगठन के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस पत्र पर खुशी जाहिर की है और इसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों के प्रति उनका विशेष लगाव बताया है।
.... जानिए नक्सलवाद को खात्मे में ‘आकाश’ के योगदान को
डेस्क। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे में बहुत से वीर जवानों का योगदान रहा। इन्हीं में एक थे, राजधानी रायपुर के आकाश राव गिरपुंजे। उन्हें पता था कि वे शहीद की मौत मरेंगे, इसीलिए वे अपने साथियों से आगे चलते थे। छत्तीसगढ़ स्टेट पुलिस फोर्स के 2013 बैच के ऑफिसर एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) आकाश राव गिरपुंजे ने अपनी सर्विस से पहले UPSC का एग्जाम भी दिया था। बदकिस्मती से वे सिर्फ 1 नंबर से बाहर हो गए, नहीं तो वे सीधे IPS ऑफिसर बन जाते। छत्तीसगढ़ पुलिस सर्विस के इस बहादुर ऑफिसर को उनकी शानदार बहादुरी और ड्यूटी के प्रति समर्पण के लिए 2019 में प्रतिष्ठित 'पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री' समेत कई गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
आकाश ने बस्तर डिवीजन, राजनांदगांव, दुर्ग, पाटन में SDOP और महासमुंद में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के तौर पर काम किया था। उसके बाद, एक बार फिर सुकमा जिले के कोंटा में एक एंटी-नक्सल ऑपरेशन में ASP के तौर पर काम करते हुए, नक्सल हिंसा की खबर मिलने पर उन्होंने सुकमा SSP के ऑर्डर का पालन किया। वह तुरंत कोंटा के TI और एक DSP के साथ सर्चिंग मिशन पर निकल गए। पक्की सड़क खत्म होने के बाद वह कच्चे रास्ते पर पैदल आगे बढ़े। उनकी टीम में एक गनर और एक ड्राइवर समेत कुल पांच लोग थे।
ASP आकाश राव गिरपुंजे, अपनी आदत के मुताबिक, आगे चल रहे थे और सबको अलर्ट रहने की चेतावनी देते हुए आगे बढ़ रहे थे। जब वह और उनकी टीम एक JCB के पास पहुंचने वाले थे, तभी नक्सलियों ने 'IED ब्लास्ट' किया और फिर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। ASP आकाश राव गिरपुंजे को तुरंत एहसास हो गया कि उन पर हमला हुआ है। उन्होंने खुद बहादुरी से नक्सलियों की तरफ कई राउंड फायरिंग की। हालांकि, IED ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि उनका एक पैर घुटने तक आधा कट गया और दूसरा पैर भी एड़ी तक बुरी तरह घायल हो गया। उनके शरीर से खून की धाराएं बह रही थीं। इस बीच, नक्सली इस कायरतापूर्ण हरकत को अंजाम देकर भाग निकले, उनका इरादा पूरा हो चुका था। इस हमले में उनकी टीम के दूसरे सदस्य, यानी TI ग्वाल और DSP चंद्राकर भी बुरी तरह घायल हो गए। ऐसे मुश्किल हालात में गनर और ड्राइवर ने हिम्मत दिखाई और तीनों को कोंटा के सरकारी अस्पताल ले गए। लेकिन, शरीर से बहुत ज़्यादा खून बह चुका था।
ASP आकाश राव गिरपुंजे को लगा कि अब उन्हें बचाना मुश्किल है। उन्होंने अपने गनर का फ़ोन लिया और अपनी पत्नी को फ़ोन किया। उन्होंने अपनी पत्नी से पूछा और बहुत शांति से कहा, "इंश्योरेंस के पैसे के लिए साहू सर से बात करो, मिल जाएंगे।" अपने आखिरी पलों में भी उन्होंने अपनी पत्नी को अपने दर्द का ज़रा भी एहसास नहीं होने दिया। थोड़ी ही देर में उन्होंने फ़ोन गनर को दे दिया। जैसे ही घर पर उनके पिता को इस घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत सुकमा-कोंटा के लिए निकल पड़े। लेकिन, रास्ते में बस्तर पुलिस ने उन्हें बताया कि आकाश राव शहीद हो गए हैं और पुलिस डिपार्टमेंट तीनों को एयरलिफ्ट करके रायपुर ले जा रहा है।
यह सुनकर पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ASP आकाश राव गिरपुंजे ने अपने बेटे के जन्मदिन पर घर आने का वादा किया था, वे वह वादा तो पूरा नहीं कर पाए, लेकिन देश के प्रति अपना सबसे बड़ा फ़र्ज़ निभाते हुए वे शहीद हो गए। 9 जून 2026 को उनकी पहली पुण्यतिथि के अवसर पर उनके मूल निवास रायपुर के लाखे नगर चौक पर एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने की सौजन्य भेंट
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिवादन किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय और साध्वी निरंजन ज्योति के बीच पिछड़ा वर्ग के कल्याण] सामाजिक न्याय] शैक्षणिक उन्नयन तथा सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज को निरंतर मिल रहा है।
साध्वी निरंजन ज्योति ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की भूमिका] कार्यप्रणाली तथा पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने आयोग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष] नेहरू निषाद सहित आयोग के सदस्यगण उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर केंद्र एवं राज्य सरकारों को सुझाव प्रदान करता है तथा उनके विकास की प्रगति का मूल्यांकन करता है। आयोग पिछड़ा वर्गों के हितों की रक्षा हेतु बनाए गए संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों के क्रियान्वयन की निगरानी भी करता है।
चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने बच्चों को कराया स्वर्णप्राशन
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चंद्रनाहू ¼चंद्राकर½ कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अधिवेशन परिसर में लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया तथा बच्चों को स्वर्ण प्राशन संस्कार कराकर स्वस्थ एवं सशक्त बाल्य जीवन का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न संस्कारों की समृद्ध परंपरा रही है। स्वर्ण प्राशन भी ऐसे ही महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है] जिसका उल्लेख आयुर्वेद में मिलता है। यह बच्चों के शारीरिक] मानसिक एवं बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में सहायक माना जाता है।
उल्लेखनीय है कि स्वर्ण प्राशन बच्चों में किए जाने वाले प्रमुख संस्कारों में से एक है। आयुर्वेद में इसे बाल स्वास्थ्य संवर्धन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में जिस प्रकार विभिन्न टीकों के माध्यम से बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत किया जाता है] उसी प्रकार आयुर्वेद में वैदिक काल से स्वर्ण प्राशन संस्कार के माध्यम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का उल्लेख मिलता है। इसे आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन की पारंपरिक प्रक्रिया के रूप में भी देखा जाता है।
अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से भेंट कर सामाजिक एकता] शिक्षा] स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संबंध में चर्चा की। उन्होंने समाज द्वारा बच्चों एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर] विनोद चंद्राकर] पूनम चंद्राकर] समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश चंद्राकर सहित समाज के पदाधिकारी]जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
नैनो उर्वरकों ने बदली किसान टीकाराम जायसवाल की खेती की तस्वीर
रायपुर % कृषि में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों की आय बढ़ाने और लागत कम करने की दिशा में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी प्रभावी साबित हो रहे हैं। इसका सकारात्मक उदाहरण मुंगेली विकासखंड के ग्राम चकरभट्ठा निवासी किसान टीकाराम जायसवाल हैं] जिन्होंने अपनी फसल में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया। किसान टीकाराम जायसवाल ने बताया कि वे लंबे समय से पारंपरिक उर्वरकों का उपयोग करते आ रहे थे] जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने पिछले खरीफ सीजन में अपनी फसल में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का प्रयोग किया। इसका परिणाम यह हुआ कि फसल की बढ़वार बेहतर रही] पौधे अधिक स्वस्थ दिखाई दिए और उत्पादन में भी संतोषजनक वृद्धि हुई।
टीकाराम जायसवाल ने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से उर्वरक की मात्रा कम लगी] जिससे लागत में कमी आई। साथ ही खेत की मिट्टी की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। बेहतर उत्पादन मिलने से उन्हें आर्थिक लाभ हुआ और खेती के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी आधुनिक खेती की दिशा में एक प्रभावी कदम हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी वैज्ञानिक सलाह के अनुसार नैनो उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की] ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को नई तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयास खेती को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने पिछड़ा वर्ग समाजों के प्रतिनिधियों से की मुलाकात, जानी समस्याएं
रायपुर % राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आज राज्य अतिथि गृह ¼पहुना½ में विभिन्न पिछड़ा वर्ग समाजों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने समाजों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं]मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना।
इस अवसर पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू राम निषाद] उपाध्यक्ष चंद्रकांती वर्मा] पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष आर-एस- विश्वकर्मा तथा लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा सहित पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न समाजों के प्रमुख एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि पिछड़ा वर्ग समाजों के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई और समाधान का भरोसा दिलाया। इस दौरान शिक्षा] रोजगार] सामाजिक उत्थान तथा कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
समाज के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और अपेक्षाओं से आयोग की अध्यक्ष को अवगत कराया। साध्वी निरंजन ज्योति ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विषयों पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।
जल संरक्षण का महाअभियान: मनरेगा से गांवों में बढ़ रहा जल भंडार, हरियाली और आजीविका
रायपुर] जलवायु परिवर्तन] अनिश्चित वर्षा और बढ़ते जल संकट के बीच छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनअभियान आकार ले रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ¼मनरेगा½ के अंतर्गत संचालित मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण] रोजगार सृजन] हरित विकास और आजीविका संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं रह गया है] बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में विकसित हो रहा है।
अभियान के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1610 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें तालाब, डबरियां, चेकडैम] जल संवर्धन संरचनाएं, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच] खेत तालाब और अन्य जल संरक्षण कार्य शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में भूमि में रोकना] भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को सुदृढ़ करना है।
इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 11 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिनमें 57 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस प्रकार जल संरक्षण का यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है।
राज्य सरकार ने जल संरक्षण को सीधे ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज के संवेदनशील और कमजोर वर्गों की निजी भूमि पर 13,065 आजीविका डबरियों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन परिसंपत्तियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को मत्स्य पालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर मिल रहे हैं।
इसी प्रकार ‘नवा तरिया-आय के जरिया] पहल के अंतर्गत 624 सामुदायिक तालाब विकसित किए जा रहे हैं। इन जल संरचनाओं को स्वयं सहायता समूहों] विशेषकर महिला समूहों की आजीविका से जोड़ने की पहल की गई है] जिससे जल संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल विकसित हो रहा है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित सन्डे ऑन सायकल (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने] फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद महेश कश्यप] महापौर संजय पाण्डेय और कलेक्टर आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।
साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड स्थित ग्राम ठठारी पहुंचकर ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री साय ने भगवान विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा चौथी शताब्दी की मानी जाती है, जो इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक विशेष बनाती है।
उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री साय ग्राम ठठारी में आयोजित जनचौपाल में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं के लाभांवितों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कमलेश जांगड़े, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शहरी विकास योजनाओं का किया सघन निरीक्षण
रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज जगदलपुर में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे किए विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों का बारीकी से अवलोकन कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री साव ने जगदलपुर के पावर हाउस चौक स्थित इंटेक-वेल व फिल्टर प्लांट तथा महारानी वार्ड में लगभग 101 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित नयामुंडा फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी लेते हुए नागरिकों को बेहतर एवं निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साव ने पीजी कॉलेज धरमपुरा में लगभग 11 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन 500 सीटर नालंदा परिसर के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए इसका काम शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का लाभ मिल सके।
उप मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी वार्ड में लगभग 79 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे पण्डरीतरई तालाब सौंदर्यीकरण कार्य तथा करीब 3 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से के गंगामुड़ा तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तालाबों के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों तालाबों के गहरीकरण से शहर के जलस्तर में भी सुधार होगा। साव के निरीक्षण के दौरान सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पाण्डेय, पार्षदगण, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जिला प्रशासन एवं नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
धमतरी का 'महा-परिवर्तन': धान का कटोरा अब बनेगा 'वेयरहाउसिंग हब': नई आर्थिक उड़ान
रायपुर। छत्तीसगढ़ का कृषि प्रधान जिला धमतरी आज विकास और आत्मनिर्भरता के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। कभी रबी फसलों के रिकॉर्ड उपार्जन के बाद भंडारण की कमी से जूझने वाला यह जिला, आज अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और प्रशासनिक दूरदर्शिता के कारण प्रदेश के एक प्रमुख 'वेयरहाउसिंग एवं कृषि लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में उभर रहा है।
राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ और छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) के संयुक्त प्रयासों से जिले में 30 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है, जो धमतरी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए तैयार है।
विगत वर्षों में धमतरी ने रबी फसलों, विशेषकर चने के रिकॉर्ड उत्पादन और उपार्जन का गवाह बना। लेकिन इस खुशी के साथ एक बड़ी चुनौती भी सामने आई।जिले में पर्याप्त भंडारण क्षमता का न होना। मजबूरी में उपज को दूसरे जिलों के गोदामों में भेजना पड़ा, जिससे न केवल परिवहन का खर्च बढ़ा, बल्कि प्रशासनिक और सहकारी संस्थाओं पर भी भारी दबाव पड़ा। इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए धमतरी प्रशासन ने जिले में ही स्थायी और आधुनिक भंडारण अधोसंरचना विकसित करने की एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू किया।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” धमतरी के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके तहत जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का चयन किया गया है। जिसमे अंवरी,कोसमर्रा,पोटियाडीह-आमदी और कोलियारी शामिल है। इन चारों समितियों में 2,500-2,500 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदामों का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। इनके पूरा होते ही ग्रामीण स्तर पर ही 10 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा।
इसके साथ ही, राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) द्वारा धमतरी और कुरूद में 10-10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो बड़े गोदाम विकसित किए जा रहे हैं। केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के पास पहले से उपलब्ध 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक की क्षमता के साथ अब धमतरी का नेटवर्क बेहद मजबूत होने जा रहा है।
भंडारण क्षमता में यह विस्तार हवा में नहीं, बल्कि जमीन पर बढ़ती कृषि समृद्धि को देखकर किया जा रहा है। रबी विपणन वर्ष 2026 में जिले के 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चने की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जिसके एवज में 60.54 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है। चने के साथ-साथ सरसों और मसूर का भी सफल उपार्जन किया गया है।
धान मिलिंग के क्षेत्र में धमतरी हमेशा से अग्रणी रहा है, लेकिन अक्सर तैयार चावल और धान के सुरक्षित रख-रखाव की समस्या आती थी। इस नई क्षमता विस्तार से मिलिंग गतिविधियों में तेजी आएगी,भंडारण का दबाव कम होगा और परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत में भारी कमी आएगी। इसके साथ ही, धमतरी में ब्रॉडगेज रेल लाइन पर जल्द शुरू होने वाला रैक संचालन जिले के विकास में चार चांद लगाने वाला है। रेल मार्ग जुड़ने से यहां का चावल और कृषि उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक बेहद कम लागत में पहुंच सकेंगे।