रायपुर
मुख्यमंत्री को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण समारोह में शामिल होने का दिया आमंत्रण
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से इस भव्य एवं सुसज्जित विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण होगा। उन्होंने कह कि यह भवन छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक परंपराओं, विकास यात्रा और जनभावनाओं का प्रतीक बनेगा, जिसके हम सभी साक्षी बनेंगे।
31 अक्टूबर को रायपुर बंद का ऐलान
रायपुर। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने पर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने रायपुर बंद करने का ऐलान किया है. 28 अक्टूबर को रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छत्तीसगढ़ जोहार पार्टी ने कहा कि वे इस मामले में 31 अक्टूबर को रायपुर बंद करेंगे. जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के उपाध्यक्ष चंद्रकांत यदु ने रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और रायपुर बंद करने की घोषणा की. उनका कहना था कि 23 अक्टूबर को ही मूर्ति को तोड़ दिया गया और तीन दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ने वालों को मिलती है सफलता –अरुण साव
रायपुर : युवा अपने लिए दिशा निर्धारित करें, मंजिल निर्धारित कर खुद को सीमाओं में न बांधे। उड़ने के लिए सारा आकाश खुला है। अपने जीवन और करियर में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचने का प्रयास करें। बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ने वालों को ही सफलता मिलती है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव का शुभारंभ करते हुए ये बातें कहीं। 29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय युवा महोत्सव में विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों के 953 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। वे अगले तीन दिनों तक नृत्य, संगीत, साहित्य, थिएटर और फाइन आर्ट्स में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव के शुभारंभ समारोह में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा है। एक समय पूरा छत्तीसगढ़ इसका कार्यक्षेत्र हुआ करता था। यहां पढ़े अनेक लोग देश-विदेश में प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है और देश की उम्मीदें नवजवानों से है। इस युवा उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताएं आपकी सांस्कृतिक, साहित्यिक और कलात्मक प्रतिभाओं को परिष्कृत करेंगी। युवा उत्सव का यह मंच आपकी प्रतिभा को निखारेंगी। उन्होंने महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को आह्वान करते हुए कहा कि यहां आप अपनी प्रतिभा का शत-प्रतिशत प्रदर्शन करें, परिणाम की चिंता न करें। आप जीते या हारे... लेकिन इस भागीदीरी से आप बहुत कुछ सीखकर जाएंगे। यह उत्सव आप सभी का हौसला और आत्मविश्वास बढ़ाएगा।
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय अपने कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस साल अगस्त माह में नैक (NAAC) के मूल्यांकन में विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड मिला है जो कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अध्ययन के साथ-साथ अन्य गतिविधियों पर भी जोर दिया जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप वर्ष 2023-24 से विश्वविद्यालय में संचालित सभी पाठ्यक्रमों में इंटर्नशिप अनिवार्य किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में यहां 16 नए रोजगारमूलक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने राज्य शासन के सहयोग से इनोवेशन एंड इन्क्युबेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है। विगत ढाई वर्षों में विश्वविद्यालय के 32 प्राध्यापकों को विभिन्न एजेंसीज की शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। प्रो. शुक्ला ने बताया कि अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव के विजेता प्रतिभागी एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटिज द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी करेंगे।
युवा उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को छात्र कल्याण के अधिष्ठाता एवं आयोजन के समन्वयक प्रो. राजीव चौधरी और कुल सचिव प्रो. अम्बर व्यास ने भी संबोधित किया। कुल अनुशासक (प्रॉक्टर) प्रो. ए.के. श्रीवास्तव और सह-प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमेटी सहित विश्वविद्यालय तथा विभिन्न कॉलेजों से अपनी टीम लेकर आए प्राध्यापकगण, प्रतिभागी छात्र-छात्राएं एवं अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ पुलिस की राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह में 31 अक्टूबर को शामिल होंगे उपमुख्यमंत्री
रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा 31 अक्टूबर को राष्ट्र निर्माता एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह का आयोजन माना स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के 4थीं वाहिनी में किया जा रहा है। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा शामिल होंगे। समारोह सायं 4:30 बजे से आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर गृहमंत्री शर्मा मार्च पास्ट का अवलोकन करने के साथ परेड की सलामी लेंगे तथा सभी को एकता दिवस की शपथ भी दिलाएंगे।
जनता की दहलीज़ पर राजस्व-सेवा : सुहेला में नए तहसील भवन का लोकार्पण, ग्रामीणों को मिले विकास के उपहार
आकाश तिवारी बने रायपुर नगर निगम के नए नेता प्रतिपक्ष
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालयों में आयोजित होंगे राज्योत्सव कार्यक्रम
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, स्थानीय उत्पादों की झांकी एवं विकासपरक योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए जाएंगे। राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि राज्योत्सव कार्यक्रमों का आयोजन जनभागीदारी और पारंपरिक गौरव के साथ गरिमामय ढंग से किया जाए, ताकि प्रदेश की संस्कृति, विकास और एकता का संदेश पूरे राज्य में प्रसारित हो सके।
बच्चों के संग विद्यार्थी बने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर : प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के ग्राम बिरकोना स्थित उच्चतर माध्यमिक शाला से कवर्धा विकासखंड के अंतर्गत संचालित 17 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम सुविधा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं का स्कूली बच्चों के साथ रिबन काटकर शुभारम्भ किया। इस कार्यक्रम में कवर्धा विकासखण्ड के सभी स्कूल जहां स्मार्ट कक्षाओं की शुरुआत हो रही है वहां के बच्चे वर्चुअल माध्यम से सीधे जुड़े।
इस अवसर पर सभी शिक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के साक्षी बने। इस दौरान उपमुख्यमंत्री शर्मा स्मार्ट क्लास में जाकर बच्चों के साथ बैठकर खुद भी विद्यार्थी बन गए। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर आदर्श विद्यार्थी की तरह डिजिटल बोर्ड के माध्यम से हृदय की संरचना, पौधों में पादप हार्मोन एवं इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में बैटरी की कार्यप्रणाली के बारे में डिजिटल बोर्ड द्वारा जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शिक्षकों के साथ डिजिटल कक्षा के संचालन, उपयोग एवं कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्वयं भी स्मार्ट बोर्ड संचालित कर इसकी उपयोगिता को परखा। उन्होंने इस पहल को जिले में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था के सुव्यवस्थित विस्तार की दिशा में अभूतपूर्व कदम बताया। उन्होंने बच्चों से सीधा संवाद भी किया।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह परियोजना केवल उपकरण या तकनीक की उपलब्धता नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा संस्कृति में परिवर्तन की पहल है। जहाँ मल्टी-डायमेंशनल कंटेंट, थ्री-डी विसुअलाइजेशन और इंटरैक्टिव लर्निंग के माध्यम से विज्ञान एवं गणित जैसे कठिन से कठिन विषय भी विद्यार्थियों के लिए आकर्षक और सरल बन सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में कवर्धा विकासखंड के 17 स्कूलों में यह सुविधा शुरू की गई है, जबकि एचडीएफसी के सीएसआर मद से शेष 33 विद्यालयों को भी जोड़कर कुल 50 स्कूलों तक इसका विस्तार किया जाएगा तथा आगे कुल 74 विद्यालयों को भी स्मार्ट क्लास के रूप में सुसज्जित करने का लक्ष्य किया गया है। इससे विद्यार्थियों की विषय को लेकर आधातभूत समझ भी बढ़ेगी तथा परीक्षाओं में परिणाम भी बेहतर होंगे। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी तकनीकी शिक्षा से जुड़ सकेंगे।
राजधानी के अंबेडकर अस्पताल में अब सिटी स्कैन और एमआईआर जांच निशुल्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अंबेडकर अस्पताल में एमआईआर और सीटी स्कैन जांच की निशुल्क सुविधा को बंद कर दिया गया था। निशुल्क जांच बंद होने से यहां आने वाले गरीब मरीजों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ा रहा था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुये सरकार ने फिर से निशुल्क जांच अस्पताल में शुरू कर दी है।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में आने वाले मरीजों को सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस विषय में स्वतः संज्ञान लिया है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीज हित में फैसला लेते हुए आगामी सामान्य परिषद् की बैठक तक के लिए चिकित्सालयों में आने वाले बी.पी.एल. राशनकार्डधारी ओपीडी मरीजों को निःशुल्क सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, ऐसे अन्य ओपीडी मरीज जो बी..एल. श्रेणी में नहीं आते हैं, उन्हें शासन/विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम दरों पर यह जांच सुविधा प्राप्त होगी।
अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री का यह निर्णय ओपीडी स्तर पर जांच सुविधाओं को सुलभ एवं किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा है कि – इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हुए किसी भी मरीज को जांच सुविधा में असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाये।
मुख्यमंत्री ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ का लिया दर्शन लाभ: प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर महाप्रभु श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलराम जी के दर्शन किए। मुख्यमंत्री साय ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और कल्याण की मंगलकामना की।
मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में श्री जगन्नाथ सेवा समिति कुनकुरी द्वारा आयोजित तुलसी अर्चन कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ को 51 हजार तुलसी दल अर्पित कर विशेष पूजन किया। उन्होंने प्रदेश की निरंतर प्रगति, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा।
मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट कर उनकी कुशलक्षेम पूछी और श्री जगन्नाथ सेवा समिति कुनकुरी के सदस्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत ऐसी धार्मिक परंपराओं से ही सशक्त होती है। ऐसे आयोजन समाज को एकता, श्रद्धा और भक्ति के सूत्र में जोड़ते हैं। मुख्यमंत्री साय ने समिति को इस पावन आयोजन के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
जशपुर के युवाओं ने छुआ हिमालय की ऊंचाइयों को: 5350 मीटर की ऊंचाई पर ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय में ट्राइबल अल्पाइन एक्सपीडिशन हिमालय 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले जशपुर जिले के पर्वतारोहियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं के साहस, अनुशासन और अदम्य इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि जशपुर के युवाओं ने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी महान लक्ष्य को प्राप्त करना असंभव नहीं है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस उल्लेखनीय उपलब्धि से जशपुर और पूरे प्रदेश के आदिवासी युवाओं में एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रति नई जागरूकता और उत्साह पैदा होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक भावना का विकास होता है।
उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले के युवाओं ने हिमाचल प्रदेश में आयोजित ट्राइबल अल्पाइन एक्सपीडिशन हिमालय 2025 में भाग लेकर दुहांगन वैली में 5350 मीटर ऊंचाई तक सफलतापूर्वक आरोहण किया और छत्तीसगढ़ राज्य का गौरव बढ़ाया। अभियान के दौरान दल के सदस्यों ने ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग जैसी कठिन व रोमांचक गतिविधियों में अपनी अद्वितीय दक्षता और साहस का परिचय दिया। यह दल जिला प्रशासन, जशपुर के सहयोग से सितंबर माह में रवाना हुआ था।
युवाओं ने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन के सहयोग एवं प्रोत्साहन से ही उन्हें हिमालय अभियान का हिस्सा बनने और यह उपलब्धि हासिल करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस अभियान से मिले अनुभव और आत्मविश्वास से जिले के अन्य युवा भी साहसिक खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित होंगे।
युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन के सहयोग से आदिवासी वनांचल क्षेत्र जशपुर से हिमालय अभियान में भाग लेने का अवसर मिला। वहां विभिन्न प्रकार की एडवेंचर गतिविधियों — ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग — में हिस्सा लेकर उन्होंने कठिन परिस्थितियों में टीम भावना और धैर्य का अभ्यास किया।
उल्लेखनीय है कि जनजातीय हिमालय पर्वतारोहण अभियान 2025 की शुरुआत एक स्थानीय प्रशिक्षण पहल के रूप में हुई थी, जो सामूहिक विश्वास, सहयोग और समर्पण से एक सशक्त अभियान में परिवर्तित हुई। इस पहल ने न केवल युवाओं में आत्मविश्वास और रोमांच की भावना जगाई, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया।
जिले के सन्ना पंडरापाठ में तीरंदाजी अकादमी स्थापित करने हेतु एनटीपीसी के साथ हुआ एग्रीमेंट
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज जशपुर जिले के बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में बगीचा विकासखंड अंतर्गत सन्ना पंडरापाठ में तीरंदाजी अकादमी स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन और एनटीपीसी के बीच एग्रीमेंट किया गया। एनटीपीसी द्वारा यह परियोजना कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से संचालित की जाएगी। इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास और एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) बिलाश मोहंती उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनटीपीसी द्वारा सीएसआर के माध्यम से आर्चरी सेंटर की स्थापना के लिए 20 करोड़ 53 लाख रुपए की राशि प्रदान की जा रही है, यह अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी के प्रति अपार संभावनाएं हैं, और इस सेंटर के आरंभ होने से उन्हें प्रशिक्षण और संसाधनों की बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2036 में भारत ने ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए दावेदारी प्रस्तुत की है। हमारी कोशिश होगी कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में अधिकतम संख्या में शामिल हों और पदक जीतकर प्रदेश व देश का नाम रोशन करें। यह तभी संभव है जब हम आर्चरी सेंटर जैसे और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करें। ऐसे केंद्रों के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने घोषणा की है कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक प्राप्त करने वालों को 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि राज्य खेल अलंकरण समारोह को पुनः आयोजित किए गए हैं और इसके माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में ‘खेलो इंडिया’ के नए प्रशिक्षण केंद्र आरंभ किए गए हैं और जनजातीय क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश प्राचीन काल से ही तीरंदाजी में अग्रणी रहा है। महाभारत और रामायण जैसे हमारे पवित्र ग्रंथों के नायक भी इस विधा में पारंगत रहे हैं। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमें आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मार्गदर्शन के माध्यम से नए आर्चर्स तैयार करने होंगे।
उल्लेखनीय है कि सन्ना पंडरापाठ में 10.27 एकड़ भूमि में यह अकादमी स्थापित की जाएगी। यहां आउटडोर तीरंदाजी रेंज, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, खिलाड़ियों की सुविधा हेतु भवन, जैविक खेती के लिए छायादार नर्सरी, पुस्तकालय, चिकित्सा केंद्र, कौशल विकास केंद्र, हर्बल वृक्षारोपण तथा प्रशिक्षण मैदान जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
जवानों ने पील्लूर के जंगल में 20 फीट ऊंचा नक्सल स्मारक किया ध्वस्त
रायपुर। बस्तर के बीजापुर जिले के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के पिल्लूर के जंगलों में नक्सलियों द्वारा निर्मित 20 फीट ऊंचे नक्सली स्मारक को सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई डीआरजी केरिपु 214 और कोबरा 206 की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
सुरक्षा बलों ने नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की। सुरक्षा बलों की यह बड़ी सफलता नक्सल नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
बताया गया है कि नक्सली स्मारक को ध्वस्त करने के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है, माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा यह प्रभावी कार्रवाई की गई है।
रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया राज्योत्सव स्थल का निरीक्षण
रायपुर। राज्योत्सव-2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रवास की तैयारियां कार्यक्रम स्थल में जोरो से की जा रही है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह मौके पर पहुंचे और रात तक तैयारियों का जायजा लेते रहे। उन्होंने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, राज्योत्सव स्थल में निर्माणधीन मुख्य मंच एवं अन्य डोम का अधिकारियों के साथ पहुंचकर निरीक्षण किया और सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि राज्योत्सव स्थल में 24 एकड़ में भव्य राज्योत्सव मेला का निर्माण किया जा रहा है। यहां मुख्य मंच के साथ तीन बड़े एवं चार छोटे डोम बनाए जा रहे हैं, जिनमें 80 हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। सभी डोम में सुरक्षा के मद्देनज़र बैरिकेडिंग की गई है और आगंतुकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 80 सेक्टर तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्य परिपथ मार्ग का निर्माण कार्य भी जारी है, जहां से प्रधानमंत्री मोदी गुजरेंगे एवं जनता का अभिवादन स्वीकार करेंगे। एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण कर पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, अपर कलेक्टर नम्रता जैन (आईएएस), जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित पुलिस एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष स्वर्गीय बनवारी लाल अग्रवाल को दी श्रद्धांजलि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कोरबा के अग्रसेन भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष स्वर्गीय बनवारी लाल अग्रवाल की पगड़ी रस्म कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय अग्रवाल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय बनवारी लाल अग्रवाल की पत्नी पुष्पा अग्रवाल एवं उनके परिवार के लोगों से भेंट कर उन्हें ढाढस बंधाया और अपनी गहरी संवेदना प्रकट की।
साय ने कहा कि स्वर्गीय बनवारी लाल अग्रवाल का जीवन जनसेवा और समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने सदैव कोरबा जिले के विकास और जनता की भलाई के लिए कार्य किया। उनकी सादगी, विनम्रता और सामाजिक संवेदनशीलता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगी।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी ने स्वर्गीय अग्रवाल के योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, महावीर अग्रवाल, बजरंग लाल अग्रवाल, बिहारी लाल अग्रवाल, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण आदि मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ में कल से 4 दिनों तक होगी बारिश, इन इलाकों के लिए अलर्ट जारी
रविवार को भी बस्तर में कई जगहों पर हल्की बारिश हुई। राजधानी रायपुर में भी बूंदाबादी हुई। आसमान में हल्के बादल भी छाए रहे। रायपुर के माना में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33.6°C और सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया।
शिक्षण संचालनालय से 100 पदों की अंतरिम सूची जारी, 28 अक्टूबर तक दावा-आपत्ति का मौका
रायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने स्पेशल एजुकेटर के 100 पदों पर सीधी भर्ती के लिए अंतरिम पात्रता सूची जारी कर दी है। संचालनालय ने इस सूची को अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://eduportal.cg.nic.in पर अपलोड किया है। पात्र अभ्यर्थी इस सूची पर 28 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
संचालनालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 3 अक्टूबर को स्पेशल एजुकेटर (प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक) के 100 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद 18 अक्टूबर को मान्य एवं अमान्य आवेदनों की सूची प्रकाशित की गई थी। 22 एवं 23 अक्टूबर को अभ्यर्थियों से दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई थी।
दावा-आपत्ति समिति द्वारा सभी प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं निराकरण करने के बाद अब पात्र अभ्यर्थियों की अंतरिम सूची जारी की गई है। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि सूची में नाम शामिल होना चयन का आधार नहीं माना जाएगा।
अभ्यर्थियों से कहा गया है कि वे अपने दावे के समर्थन में आवश्यक दस्तावेजों सहित स्वयं उपस्थित होकर लोक शिक्षण संचालनालय, प्रथम तल, खंड-सी, इन्द्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करें। संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों के आवेदन पूर्व में अमान्य घोषित किए जा चुके हैं, उनसे पुनः दावा-आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।