रायपुर
राज्यपाल डेका ने वीर विनायक दामोदर सावरकर को श्रद्धांजलि दी
रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने आज महान सेनानी, विचारक और क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर “वीर सावरकर” जी की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि वीर सावरकर भारत माता के उन वीर सपूतों में से एक हैं जिनकी बौद्धिक क्षमता, क्रांतिकारी उत्साह और भारत के भविष्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता अतुलनीय रही। वीर सावरकर जी महज एक क्रांतिकारी से कहीं अधिक थे, वे एक गहन विचारक थे जिनके बौद्धिक योगदान को देश भूल नहीं सकता।
इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय, उप सचिव निधि साहू एवं अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी सावरकर जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
IAS निधि छिब्बर को केंद्र सरकार ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी... मिला नीति आयोग के CEO का अतिरिक्त प्रभार
रायपुर। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी निधि छिब्बर को नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह जिम्मेदारी उन्हें बीवीआर सुब्रह्मण्यम का तीन वर्षीय कार्यकाल पूर्ण होने के बाद दी गई है। वर्तमान में छिब्बर नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ) की महानिदेशक हैं और केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं की मॉनिटरिंग व मूल्यांकन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
1994 बैच की आईएएस अधिकारी निधि छिब्बर मूल रूप से हरियाणा की निवासी हैं। उन्होंने इतिहास में परास्नातक और विधि स्नातक की डिग्री प्राप्त की है तथा बौद्धिक संपदा अधिकार में पीजी डिप्लोमा भी किया है। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने जांजगीर-चांपा की कलेक्टर, सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले हैं।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए वह रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव और भारी उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रहीं। 13 मई 2022 को उन्हें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। मार्च 2024 में वह नीति आयोग में सलाहकार बनीं। नीति आयोग, जिसकी स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर हुई थी, सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने वाला देश का प्रमुख नीतिगत विचार मंच है।
ड्रग पैडलर नव्या मलिक का नाम पुलिस सूची में नहीं होने पर भूपेश ने जताई नाराजगी
रायपुर। विधानसभा में ड्रग पैडलर नव्या मलिक का नाम नशीली दवा आपूर्तिकर्ताओं में पुलिस की सूची में नाम नहीं होने पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस सदस्य भूपेश बघेल ने आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ड्रग पैडलर नव्या मलिक का नाम मीडिया में सुर्खियों में आया था लेकिन अब उनका नाम सूची में नहीं होने से आश्चर्य व्याप्त है। गृहमंत्री ने कहा कि हम नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वालों में कठोर कार्रवाई कर रहे है इस पूरे मामले को लेकर सरकार गंभीर है।
विस में आज पहले प्रश्र के दौरान ही भूपेश बघेल ने सरकार को बढ़ती हत्या फिरौती तथा नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ड्रग पैडलर नव्या मलिक का नाम पुलिस की तस्कर सूची में नहीं है इसलिए पूरा मामला संदिग्ध है। गृहमंत्री ने पंकज साहू की मौत के मामले में कहा कि इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मांगी गई है गृहमंत्री ने हत्या तथा तस्करी के मामले में कमी को लेकर सदन में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे अपराध में तीन प्रतिशत की कमी आई है।
प्रश्रकाल के दौरान कांग्रेस के विक्रम मंडावी ने गृहमंत्री से नक्सली पुनर्वास नीति के तहत नक्सलियों को अभी तक कितनी राशि दी तथा सरकार इस पूरे मामले को लेकर आवास सहित अन्य लाभ दे रही है। इसको लेकर प्रश्र पूछा। विजय शर्मा ने बताया कि राज्य में कुल 39 करोड़ स्वीकृत किये गये है जिनमें से पांच करोड़ 64 लाख की राशि वितरित की गई है उन्होंने कहा कि अलग अलग कैडर वर्ग के लिए अलग अलग राशि प्रदान की जाती है। इसलिए हम इसे शीघ्र प्रदान करेंगे। हमारा उद्देश्य छग को नक्सलमुक्त करना है।
मुख्यमंत्री साय से पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने की सौजन्य मुलाकात, खेल विकास पर हुई सार्थक चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कपिल देव को बेल मेटल से बनी प्रतिकृति, पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ कॉफी टेबल बुक भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
मुलाकात के दौरान दोनों के बीच प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने, आधुनिक खेल अधोसंरचना के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार द्वारा खेलों के प्रोत्साहन और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना, प्रशिक्षण और अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।
पूर्व कप्तान कपिल देव ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास के इस माहौल में प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मंच प्राप्त होगा तथा छत्तीसगढ़ सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा।
सेवानिवृत्त IAS गणेश शंकर मिश्रा को राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष नियुक्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक गलियारे में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) गणेश शंकर मिश्रा को राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। राज्य शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, उनकी यह नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।
जारी आदेश क्रमांक एफ 1-2/2004/23 के तहत, गणेश शंकर मिश्रा को तत्काल प्रभाव से यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि उनकी नियुक्ति की सेवा शर्तें और अन्य भत्ते पृथक से जारी किए जाएंगे। बता दें कि गणेश शंकर मिश्रा का लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा है।
बजट सर्वसमावेशी विकास की अवधारणा को साकार करने की दिशा में क्रांतिकारी कदम : अमर अग्रवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व वित्त मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ विधायक अमर अग्रवाल ने मंगलवार को प्रदेश की विधानसभा में प्रस्तुत बजट-2026-27 के प्रस्तावों का स्वागत करते हुए बजट प्रावधानों को सर्वसमावेशी विकास की अवधारणा को साकार करने की दिशा में उठाया क्रांतिकारी कदम बताया।
अग्रवाल ने कहा कि बजट में सुशासन और तकनीक पर जोर देते हुए इसी प्रकार फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन और उन्नत आईटी सेवाओं के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया गया है। 'द कॉल ऑफ द वाइल्ड' और आधुनिक इमारतों के दृश्य राज्य की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता के अद्भुत संगम को प्रदर्शित करते हैं।
बजट में कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रु., महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रु., शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान भारत के लिए 1500 करोड़ रु., राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 2000 करोड रुपए, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण योजना हेतु 265 करोड़ रु., मुख्यमंत्री पेंशन योजना हेतु 450 करोड़ रु., राष्ट्रीय विद्या पेंशन योजना हेतु 400 करोड़रु., पीएम जनमन योजना के लिए 720 करोड़ रु., लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 9450 करोड रुपए के प्रावधान के साथ ही अधोसंरचना विकास के दृष्टिगत लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 9,450 करोड रु., जल संसाधन विभाग अंतर्गत 3,500 करोड रु., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत लगभग 4,000 करोड़ रु., ग्रामीण विकास हेतु लगभग 3000 करोड़ रु., नगरीय विकास हेतु 2150 करोड़ रु., राज्य राजधानी क्षेत्र के लिए 68 करोड़ रु., द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना के लिए 200 करोड़ रु., पहुंच विहीन ग्रामों पुल एवं सड़कों के निर्माण के लिए 50 करोड़ रु., बिलासपुर, अंबिकापुर एवं जगदलपुर हवाई अड्डों के अधोसंरचना विकास हेतु 80 करोड़ रुपए, 90 नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों के लिए 100 करोड रु., प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए 400 करोड़ रु., नगर निगमों में अधोसंरचना विकास हेतु 750 करोड़ रु., स्टेडियमों के विकास हेतु 70 करोड रु. और पीएसीएस में नए गोदामों के निर्माण हेतु 180 करोड रु. का का प्रावधान किया गया है।
यह बजट स्पष्ट कर रहा है कि विकास केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर लोगों के जीवन स्तर में सुधार ला रहा है।
वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अर्पित की श्रद्धांजलि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी विचारक, समाज सुधारक, ओजस्वी लेखक-कवि और प्रखर इतिहासकार भी थे। उन्होंने भारतीय स्वाधीनता संग्राम को नई वैचारिक ऊर्जा प्रदान की तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सावरकर जी का त्याग, संघर्ष और अदम्य साहस भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। कालापानी की अमानवीय यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्र के प्रति समर्पण अडिग रहा। उनका संपूर्ण जीवन देशसेवा, आत्मबल और राष्ट्र गौरव का प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर के विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, राम गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
पुरी और पुणे के मध्य एक फेरे के लिए स्पेशल ट्रेन का परिचालन
रायपुर। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने तथा उन्हे सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुरी और पुणे के मध्य एक फेरे के लिए स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है | इस गाड़ी का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, एवं गोंदिया स्टेशनों पर दिया गया है।
गाड़ी संख्या 08405 पुरी-पुणे स्पेशल ट्रेन 27 फरवरी (शुक्रवार) 2026 को पुरी से 06.00 बजे रवाना होगी तथा खुर्दा रोड आगमन 06.45 बजे, प्रस्थान 06.50 बजे, भुवनेश्वर आगमन 07.15 बजे, प्रस्थान 07.20 बजे, कटक आगमन 07.50 बजे, प्रस्थान 07.55 बजे, ढेंकानाल आगमन 08.45 बजे, प्रस्थान 08.47 बजे, तालचेर रोड आगमन 09.30 बजे, प्रस्थान 09.32 बजे, अनुगुल आगमन 09.55 बजे, प्रस्थान 09.57 बजे, संबलपुर सिटी आगमन 12.20 बजे, प्रस्थान 12.25 बजे, झारसुगुड़ा रोड आगमन 13.30 बजे, प्रस्थान 13.35 बजे, रायगढ़ आगमन 15.13 बजे, प्रस्थान 15.15 बजे, बिलासपुर आगमन 18.15 बजे, प्रस्थान 18.25 बजे, रायपुर आगमन 20.05 बजे, प्रस्थान 20.10 बजे, दुर्ग आगमन 21.05 बजे, प्रस्थान 21.10 बजे, गोंदिया आगमन 23.04 बजे, प्रस्थान 23.06 बजे तथा दूसरे दिन नागपुर आगमन 01.10 बजे, प्रस्थान 01.15 बजे, वर्धा आगमन 02.10 बजे, प्रस्थान 02.12 बजे, बडनेरा आगमन 03.15 बजे, प्रस्थान 03.18 बजे, भुसावल आगमन 06.15 बजे, प्रस्थान 06.20 बजे, मनमाड आगमन 09.05 बजे, प्रस्थान 09.10 बजे, कोपरगांव आगमन 10.20 बजे, प्रस्थान 10.22 बजे, अहिल्या नगर आगमन 12.10 बजे, प्रस्थान 12.13 बजे, दौंड आगमन 14.58 बजे, प्रस्थान 15.00 बजे होते हुये 16.50 बजे पुणे स्टेशन पहुंचेगी।
ऊर्जा विभाग सचिव रोहित यादव ने छत्तीसगढ़ में ग्रीन हाइड्रोजन की संभावनाओं पर की चर्चा
जय स्तंभ, शारदा चौक और कोतवाली चौक मार्गों पर जुलूस रैली पर लगा प्रतिबंध
रायपुर। राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस उपायुक्त, मध्य क्षेत्र द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस कमिश्नर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत शहर के अति व्यस्ततम मार्गों पर रैली, शोभायात्रा, जुलूस, धरना और अन्य प्रकार के प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लागू कर दिया है।
प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रतिदिन प्रातः 09:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक किसी भी प्रकार की रैली, शोभायात्रा, जुलूस अथवा सार्वजनिक प्रदर्शन इन मार्गों पर आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। यह प्रतिबंध आदेश जारी होने की तिथि से आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय परिशांति, लोकहित, जनसुविधा और कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से लिया गया है।
प्रतिबंध जिन मार्गों पर लागू किया गया है, उनमें शहर के प्रमुख और सर्वाधिक व्यस्त मार्ग शामिल हैं। इनमें जी.ई. रोड पर शारदा चौक से जयस्तंभ चौक होते हुए शास्त्री चौक तक का हिस्सा, मालवीय रोड पर जयस्तंभ चौक से कोतवाली चौक तक, सदर बाजार रोड पर कोतवाली से सत्तीबाजार चौक तक तथा एम.जी. रोड पर गुरूनानक चौक से शारदा चौक तक का क्षेत्र शामिल है।
पुलिस उपायुक्त, मध्य क्षेत्र के प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया था कि इन मार्गों पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव, व्यावसायिक गतिविधियों और दैनिक आवागमन के कारण बार-बार होने वाले जुलूस एवं प्रदर्शनों से ट्रैफिक जाम, आपात सेवाओं में बाधा और आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंध की अनुशंसा की गई थी।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर की यातायात व्यवस्था और जनसुविधा सर्वोपरि है। रैली एवं जुलूस के दौरान अक्सर लंबा जाम लगने से एम्बुलेंस, स्कूल बसों और कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को गंभीर परेशानी होती है। प्रतिबंध का उद्देश्य किसी भी संवैधानिक अधिकार को बाधित करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और सुविधा सुनिश्चित करना है।
बस्तर से वैश्विक मंच तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई उड़ान
रायपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में इन दिनों पर्यटन विकास की एक नई और सकारात्मक इबारत लिखी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक किर्सी ह्यवैरिनेन के छह दिवसीय प्रवास ने राज्य के पर्यटन क्षेत्र को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण गति प्रदान की है। उनका यह दौरा केवल औपचारिक भ्रमण नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय आधारित सतत पर्यटन मॉडल को वैश्विक मानकों से जोड़ने की ठोस रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
दौरे के दूसरे दिन किर्सी बस्तर जिले के ग्राम धुड़मारास पहुंचीं, जहां धुरवा डेरा होमस्टे में उनका पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया। सिहाड़ी और महुए की माला पहनाकर तथा धुरवा नृत्य और स्वागत गीतों के माध्यम से ग्रामीणों ने अपनी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की। आत्मीय स्वागत से अभिभूत किर्सी ने कहा कि इस प्रकार का अनुभव उनके लिए अत्यंत विशेष और अविस्मरणीय है। यह स्वागत केवल सांस्कृतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि बस्तर की सामाजिक एकजुटता और आत्मीयता का सशक्त परिचय था।
प्रवास के दौरान उन्होंने बस्तर के पारंपरिक एवं जैविक व्यंजनों का स्वाद भी लिया। कलम भाजी, सेमी और बोदई की सब्जी, केले की सब्जी, उड़द दाल, इमली की चटनी, कोसरा भात तथा मंडिया पेज जैसे स्थानीय व्यंजनों से सजी थाली ने उन्हें यहां की जीवनशैली और खाद्य परंपरा से परिचित कराया। वैश्विक पर्यटन परिदृश्य में स्थानीय खान-पान एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है और बस्तर की जैव विविधता आधारित खाद्य संस्कृति विदेशी पर्यटकों के लिए विशिष्ट पहचान बना सकती है।
यह प्रवास विशेष रूप से यूनाइटेड नेशन से जुड़े ‘बेस्ट टूरिज्म विलेज अपग्रेड प्रोग्राम’ के मानकों के अनुरूप धुड़मारास और आसपास के क्षेत्रों को विकसित करने पर केंद्रित है। किर्सी धुरवा डेरा होमस्टे में रहकर स्थानीय समुदाय, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और पर्यटन हितधारकों से संवाद कर सेवा गुणवत्ता, स्वच्छता प्रबंधन, डिजिटल प्रचार, ब्रांडिंग और होमस्टे संचालन के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर मार्गदर्शन दे रही हैं। यह भ्रमण जिला प्रशासन तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के समन्वय से आयोजित किया गया है।
प्रवास के दौरान उन्होंने विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात में नौका विहार कर वहां की पर्यटन संभावनाओं का अवलोकन किया और मेंदरी घूमर क्षेत्र में स्थानीय हितग्राहियों के साथ पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने पर चर्चा की। चित्रकोट जलप्रपात पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखता है, किंतु अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ की उपस्थिति इसे वैश्विक प्रचार अभियानों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकती है।
किर्सी ह्यवैरिनेन के छह दिवसीय प्रवास का प्रभाव बहुआयामी होगा। एक ओर यह बस्तर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने में सहायक सिद्ध हो सकता है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के स्थायी अवसर भी सृजित करेगा। सामुदायिक पर्यटन को संस्थागत आधार मिलने से आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और सतत विकास की अवधारणा को बल मिलेगा।
कभी नक्सल प्रभाव की पहचान से जुड़े रहे बस्तर की छवि अब प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक समृद्धि के मॉडल के रूप में उभर रही है। यदि धुड़मारास ‘यूएन बेस्ट टूरिज्म विलेज’ मानकों पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ता है, तो यह मॉडल देश के अन्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। किर्सी ह्यवैरिनेन का यह प्रवास छत्तीसगढ़ के पर्यटन इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होने की संभावना रखता है, जो राज्य की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
शासन की योजना से दूर हुई बेटी के भविष्य की चिंता, चिरायु दल ने लौटाई मासूम रंजना की मुस्कान
रायपुर : बकावण्ड ब्लॉक के ग्राम जामगुड़ा (धनपुर) में रहने वाले महेश भारती के घर जब बेटी रंजना का जन्म हुआ, तो खुशियों के साथ-साथ एक गहरी चिंता ने भी दस्तक दी। मासूम रंजना जन्मजात क्लेफ्ट लिप (कटे होंठ) की समस्या से ग्रसित थी। जैसे-जैसे रंजना बड़ी हो रही थी, माता-पिता के मन में अपनी बेटी के भविष्य, उसकी पढ़ाई और समाज में उसे मिलने वाली स्वीकार्यता को लेकर डर गहराता जा रहा था। सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक तंगी थी। एक साधारण परिवार के लिए निजी अस्पतालों में ऑपरेशन का भारी-भरकम खर्च उठा पाना असंभव सा था, जिससे माता-पिता स्वयं को असहाय महसूस कर रहे थे।
उनकी इस मायूसी के बीच उम्मीद की पहली किरण 19 जून 2025 को तब जगी, जब चिरायु दल बकावण्ड की टीम आँगनबाड़ी केंद्र पहुँची। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान टीम ने रंजना की स्थिति को पहचाना और माता-पिता को ढांढस बंधाते हुए उसे जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र रेफर किया। इसके बाद की राह जिला स्वास्थ्य समिति के सहयोग से आसान होती गई। 06 नवंबर 2025 को बच्ची को रायपुर के मेडिसाईन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ विशेषज्ञों ने रंजना का सफल ऑपरेशन किया।
सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि जाँच, ऑपरेशन और अस्पताल में रहने का समस्त खर्च शासन द्वारा वहन किया गया, जिससे महेश भारती का परिवार आर्थिक बोझ से मुक्त रहा। 13 फरवरी को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम फॉलो-अप के लिए पहुँची, तो रंजना को पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। बेटी के चेहरे की बनावट में आए इस सुखद बदलाव और उसकी खिलखिलाती मुस्कान ने माता-पिता के सालों पुराने डर को खत्म कर दिया है। शासन की इस कल्याणकारी योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए परिजनों ने बताया कि अब वे अपनी बेटी के सुनहरे और सामान्य भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।
विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ रहा प्रदेश : - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है, जिसका परिणाम है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष चल रहा है और दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। पहले वर्ष प्रस्तुत बजट का थीम “ज्ञान” था, जिसमें जी का अर्थ गरीब, वाय का अर्थ युवा, ए का अर्थ अन्नदाता किसान और एन का अर्थ नारी था तथा इन सभी वर्गों के विकास पर विशेष फोकस किया गया था। दूसरे वर्ष उसी विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट का थीम “गति” रखा गया, जबकि इस वर्ष का बजट थीम “संकल्प” है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है और पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने बताया कि इस बजट में विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र केरल राज्य से भी बड़ा क्षेत्र है और प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व तथा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन विगत दो वर्षों में हमारे जवानों ने जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, उसमें कई बड़े माओवादी मारे गए हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे राज्य अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन क्षेत्रों में समुचित विकास नहीं हो पाया था, जिसकी भरपाई के लिए अब सरकार इन क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है।
बच्चों को मिल रहा पौष्टिक आहार विद्यालय की बगिया से
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया बड़ा ऐलान... छत्तीसगढ़ की महिलाओं को दी बड़ी सौगात
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेश का 25वां और साय सरकार का तीसरा बजट पेश कर रहे हैं। जैसे ही उन्होंने अपना भाषण शुरू किया, सत्ता पक्ष के विधायकों ने मेज थपथपाकर उनका स्वागत किया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी लाल ब्रीफकेस लेकर विधानसभा पहुंचे और बजट पेश किया। बता दें कि गति, ज्ञान के बाद इस बार वित्त मंत्री ने ‘संकल्प के थीम’ पर बजट किया है। साल 2026 के इस बजट में वित्तमंत्री चौधरी ने सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए सौगातें दी है।
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कई बड़े ऐलान किए। साथ ही वित्त मंत्री ने प्रदेश की महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। अपने बजट भाषण में वित्तमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कई बड़े ऐलान किए। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने भाषण में कहा कि, अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी की स्थापना होगी। दोनों सिटी के लिए 100—100 करोड़ का प्रावधान है। साथ ही उन्होंने कहा कि एजुकेशन सिटी में प्राथमिक शाला से लेकर उच्चतर माध्यमिक शाला, आईटीआई, प्री मैट्रिक पोस्ट मैट्रिक छात्रावास शिक्षक छात्रावास तक होंगे।
लोहराघाट व्यपवर्तन और फुलवारी जलाशय योजना के कार्यों के लिए 6.75 करोड़ रुपये स्वीकृत
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बिलासपुर जिले के दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 06 करोड़ 75 लाख 96 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। स्वीकृत योजना के कार्यों में विकासखण्ड-तखतपुर अंतर्गत लोहराघाट व्यपवर्तन योजना के शीर्ष कार्य के जीर्णोंद्धार एवं शेष नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 23 लाख 17 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूरा हो जाने पर योजना की रूपांकित सिंचाई क्षेत्र 1539 हेक्टेयर में 105 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति तथा 62 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सहित कुल 1601 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
जल संसाधन विभाग द्वारा बिलासपुर के विकासखण्ड¬-तखतपुर के अंतर्गत फुलवारी जलाशय के जीर्णोंद्धार एवं नहर लाईनिंग एवं मरम्मत कार्य के लिए 02 करोड़ 52 लाख 79 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्य हो जाने पर रूपांकित क्षेत्र में 826 हेक्टेयर में 97 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति तथा 12 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सहित कुल 838 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजनाओं के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री से आज विधानसभा परिसर स्थित उनके कक्ष में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करने से पूर्व मुलाकात की
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित उनके कक्ष में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करने से पूर्व मुलाकात की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने वित्त मंत्री को आगामी बजट के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई दिशा देने वाला सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं, सुशासन और समावेशी विकास के संकल्प को यह बजट और अधिक सशक्त आधार प्रदान करेगा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित मंत्रिपरिषद के सभी मंत्रीगण तथा वित्त सचिव मुकेश बंसल उपस्थित थे।