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जनजातियों के मातृभूमि प्रेम और बलिदान की भावना से युवा प्रेरणा ले: राज्यपाल
भोपाल। नई पीढ़ी को जनजाति समुदाय से अपनी मातृभूमि के लिए प्रेम और बलिदान की भावना से प्रेरणा लेनी चाहिए। जननायकों के बलिदान को अपने हृदय में संजोकर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीयों के अध्ययन एवं शोध के लिए शोधार्थियों में जनजातीय समुदाय से जुड़ने, गहराई से समझने की अनुभूति और संवेदनशीलता का होना जरुरी है। उक्त बातें मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राजीव गांधी प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित जनजाति शोध एवं अध्ययन पाठ्यक्रम कार्यशाला में कहीं।
राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय अध्ययन पाठ्यक्रम विजन डॉक्यूमेंट होना चाहिए। उसमें जनजातियों की सांस्कृतिक संप्रभुता, संवैधानिक प्रावधान और ऐतिहासिकता के विविध आयामों का समेकित अध्ययन किया जाना चाहिए। जरूरी है कि पाठ्यक्रम में जनजातियों के जीवन मूल्यों, नैसर्गिक सादगी की विशिष्टताएं भी शामिल हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनजाति समुदाय और उनके जन नायकों के प्रति संवेदनशील हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति में नई पीढ़ी को जनजातीय नायकों के कृतित्व और व्यक्तित्व को समझने का अवसर दिया है। प्रदेश सरकार जनजातीय शोध को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यपाल ने जनजातीय शोध एवं अध्ययन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों के प्रयासों और विद्यार्थियों की प्रभावी सहभागिता की सराहना की।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि जनजातीय समाज देश की धरोहर है। उनकी आध्यात्मिक चिंतन परंपरा और ज्ञान से नई पीढ़ी को सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शोध एवं अध्ययन संगोष्ठी जनजातियों के लिए अंग्रेजों द्वारा किए गए अप्रमाणिक, अपूर्ण और पूर्वागृहों से जुड़ी मान्यताओं को संशोधित करने और उन्हें वास्तविकता के साथ प्रस्तुत करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस्कॉन के ‘प्राईड ऑफ उज्जैन सम्मान’ से सम्मानित
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उज्जैन प्रवास के दौरान इस्कॉन द्वारा प्राईड आफ उज्जैन सम्मान से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि इस्कॉन की स्थापना की 18वी वर्षगांठ थी। मुख्यमंत्री ने इस्कॉन के श्री भक्तिचारू महाराज की समाधि को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने इस्कॉन मन्दिर पहुंचकर श्री राधा मदनमोहन के दर्शन किये और आरती की। उन्होंने इस्कॉन मन्दिर में प्रारम्भ किए गए निरामिश व सात्विक भोजन के उपहार गृह ‘गोविंदम फूड्स’ का शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ.मोहन यादव का इस्कॉन मन्दिर की ओर से अभिनन्दन किया गया। उन्हें शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्हें भक्तिचारू महाराज का पुण्य स्मरण हो रहा है। आध्यात्मिक आनन्द की अनुभूति भी हो रही है। भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपादजी ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भगवान श्रीकृष्ण और कृष्ण भावनामृत का प्रचार किया। यह अत्यन्त गौरव का विषय है कि इस्कॉन के माध्यम से कई देशों में भगवान श्रीकृष्ण, उनकी लीलाएं तथा उनके जीवन प्रसंगों तथा श्रीमदभगवद गीता का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ है।
डा यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की थी। उनके जीवन के कई प्रसंग अत्यन्त प्रेरणादायी हैं। मुख्यमंत्री ने इस्कॉन मन्दिर के प्रति आभार व्यक्त किया और सभी को शुभकामनाएं दी। इस्कॉन मन्दिर के श्री वासुघोष प्रभु, श्री उदयानंद प्रभु, इस्कॉन उज्जैन के भक्तिप्रेम स्वामी महाराज, भक्तिआश्रय वैष्णव महाराज, बालयोगी उमेशनाथजी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, रूप पमनानी, श्याम बंसल, संजय अग्रवाल, राज वर्मा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मानव जीवन की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगेः भूपेन्द्र यादव
नईदिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने वायनाड में बाघ और हाथी के हमलों में मारे गए लोगों के घरों का दौरा किया। बेंगलुरु से सीधे वायनाड के दो दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ने जंगली जानवरों के हमले में मारे गए लोगों के घरों का दौरा किया। यादव ने बाघ के हमले में मारे गए प्रजीश और हाथियों के हमले में मारे गए पॉल और अजीश के घरों का दौरा किया।
भूपेन्द्र यादव ने पीड़ितों के परिजनों को सांत्वना दी और उनकी तथा स्थानीय निवासियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मानव-पशु संघर्ष एक बड़ी समस्या है। सरकार ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए इस क्षेत्र में काम करने वाले अधिकारियों और वैज्ञानिकों को राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, ''इस मुद्दे का कोई समाधान होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस समस्या में कर्नाटक और केरल दो राज्य शामिल हैं, इसलिए दोनों राज्यों के संबंधित अधिकारियों से विचार-विमर्श किया जा रही है।
यादव ने कहा कि वे 22 फरवरी को स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों और इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों से मुलाकात करेंगे, बैठक के बाद इस संबंध में अधिक जानकारी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण से निर्देशित हैं कि पर्यावरण और मानव जीवन, समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और उनकी रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जानवर दया और करूणा के पात्र हैं लेकिन नई तकनीक की मदद से मानव जीवन की रक्षा की जानी चाहिए।
किरू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के मामले में पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर CBI की छापेमारी
नईदिल्ली। सीबीआई की टीम ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के दिल्ली आवास सहित 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है। दिल्ली में सुबह से मलिक के यहां कार्रवाई चल रही है। सीबीआई ने हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट मामले में यह छापा मारा है। बीमा घोटाले में सीबीआई मलिक के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। बीमा घोटाले के मामले में सीबीआई सत्यपाल मलिक और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापा मार चुकी है।
वर्ष-2019 में किश्तवाड़ में किरू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के लिए 22 सौ करोड़ के सिविल काम का ठेका देने में कथित भ्रष्टाचार हुआ था। मलिक जो 23 अगस्त, 2018 से 30 अक्तूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे थे। मलिक का आरोप था कि उन्हें परियोजना से संबंधित दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ की रिश्वत की पेशकश की गई थी।
पूर्व राज्यपाल मलिक ने अपने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पिछले 3-4 दिनों से मैं बीमार हूं और अस्पताल में भर्ती हूं। इसके वावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छापे डलवाएं जा रहें हैं। मेरे ड्राइवर, मेरे सहायक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। में किसान का बेटा हूं, इन छापों से घबराऊंगा नहीं। मैं किसानों के साथ हूं।
कृषि भवन में किसान कॉल सेंटर आउटबाउंड कॉल सुविधा का केंद्रीय मंत्री मुंडा द्वारा शुभारंभ
नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने कृषि भवन में किसान कॉल सेंटर आउटबाउंड कॉल सुविधा का शुभारंभ किया। कृषि भवन स्थित डीडी किसान के स्टूडियो में यह सुविधा स्थापित की गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के विभिन्न प्रभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य अधिकारी अब मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित योजनाओं पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए किसानों को इस केंद्र से आउटबाउंड कॉल कर सकते हैं। साथ ही समय-समय पर विभागीय मंत्री भी देशभर के किसानों में से किसी से भी योजनाओं के बारे में सीधा संवाद करके उनकी प्रतिक्रिया व सुझाव प्राप्त कर सकेंगे। इसके द्वारा किसानों से फीडबैक मिलने से उनके हित में समुचित कार्य तेजी से किया जा सकेगा। योजनाओं की प्रश्नावली और लाभार्थी किसानों की सूची इस केंद्र में उपलब्ध है।
यहां मुंडा ने तमिलनाडु व झारखंड के किसानों को कॉल कर संवाद किया और कृषि अवसंरचना कोष, प्रति बूंद-अधिक फसल सहित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को मिल रहे लाभों के संबंध में जानकारी प्राप्त की, साथ ही इन योजनाओं को लेकर अन्य किसानों को जागरूक करने का आग्रह भी किया। मुंडा ने, किसानों के लिए बेहतर कार्यान्वयन और उन्हें योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक सुधार लाने के संबंध में अधिकारियों से नियमित आधार पर चयनित किसानों को कॉल करने और फीडबैक तंत्र का उपयोग करने का आग्रह किया। इस अवसर पर सचिव मनोज आहूजा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री मुंडा ने कृषि भवन में कृषि क्षेत्र व किसानों के हित में शीघ्र प्रारंभ की जा रही अन्य सुविधाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की और उन्होंने इंटीग्रेटेट कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का अवलोकन भी किया। इस केंद्र के माध्यम से मंत्रालय के विभिन्न डिजीटल सिस्टम को इंटीग्रेट करके नीति निर्धारण तथा निर्णयों में सहायता मिलेगी। यहां देशभर के खेतों का अध्ययन हो सकेगा, ताकि सरकार और क्या सुधार कर सकती है, यह निर्णय लेने में सुविधा होगी, साथ ही मौसम, फसल, मृदा स्वास्थ्य, नाशीजीव, बाजार संबंधी जानकारी की उपलब्धता से खेती-किसानी को फायदा पहुंचाया जा सकेगा।
छिन्दवाड़ा में 178.26 करोड़ रुप के 347 विकास कार्यों की शुरूआत
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जन कल्याण के लिए कटिबद्ध है। संकल्प पत्र का पालन करते हुए सभी बिंदुओं पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव छिंदवाड़ा में 131.49 करोड़ रुपए की लागत की विभिन्न परियोजनाओं और प्रकल्पों के शिलान्यास एवं भूमि पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि एक समय था जब मध्यप्रदेश की हालत बहुत खराब थी। बुनियादी सुविधाएं भी जनता को उपलब्ध नहीं थीं। प्रधानमंत्री मोदी के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश का विकास हो रहा है। देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। मध्यप्रदेश को विशेष लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश किसी भी क्षेत्र में पीछे रहने वाला नहीं है। लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित अन्य सभी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा। प्रदेश का बजट आगामी जुलाई माह में आएगा। किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलवाने की बात हो या सड़कों के निर्माण या सिंचाई सुविधाएं बढ़ाने का प्रश्न हो, मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ेगा। प्रदेश के नागरिकों को विकास का पूरा लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव का छिंदवाड़ा में नागरिकों ने भव्य स्वागत किया।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने छिंदवाड़ा में 5 विभाग के 46.77 करोड़ रूपये लागत के 9 निर्माण कार्यो का भूमिपूजन और 7 विभागों के 131.49 करोड़ रूपये लागत के 28 विकास कार्यो का लोकार्पण किया। कुल 178.26 करोड़ रुपए के 37 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण सम्पन्न हुआ। आज 74.27 करोड़ रूपये लागत के औद्योगिक विकास केन्द्र बोरगांव का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने जिन अन्य प्रमुख कार्यों का लोकार्पण किया उनमें सेल्टिया जलाशय,ग्राम झिलमिली में हायर सेकेण्डरी स्कूल में अतिरिक्त कक्ष, उमरानाला में स्कूल भवन में प्रयोग शाला, ग्राम जाम में विद्यालय में प्रयोगशाला और अतिरिक्त कक्ष, ग्राम बढ़कुही में अतिरिक्त कक्ष, कैलाश नगर छिंदवाड़ा के कन्या स्कूल का मॉडल स्कूल में उन्नयन, दमुआमाल में विद्युत उपकेंद्र, जलजीवन मिशन में ग्राम लोटिया, हरकपुर, सीताडोंगरी, लोना पठार, करीडोंगरी और डुंगरिया में नलजल योजना, विभिन्न सड़क निर्माण कार्य, उप स्वास्थ्य केंद्र भवन, गोदाम आदि शामिल हैं। इसके साथ ही जिन कार्यों का शिलान्यास हुआ है उनमें एमपी इंडस्ट्रियल डेव्हलेपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम के अंतर्गत 13 करोड़ रूपये लागत के औद्योगिक क्षेत्र लहगडुआ का शिलान्यास भी शामिल है।
उज्जैन विक्रमोत्सव मेला व्यापार 2024 में मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट का निर्णय
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2024 में गैर- परिवहन यानों तथा हल्के परिवहन यानों के विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट का निर्णय लिया गया। निर्णय के अनुसार विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से स्थाई पंजीयन कराने पर छूट दी जाएगी। उज्जैन के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन में व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के बाद वाहन विक्रय कर सकेंगे।
मंत्रि-परिषद द्वारा इंदौर-उज्जैन 4-लेन मार्ग को 6-लेन मय पेव्हड शोल्डर में विकसित करने की स्वीकृति दी गई हैं। इसकी लम्बाई 45.475 कि.मी. है। योजना अंतर्गत 1692 करोड़ रूपये लागत से 45.475 कि.मी. के इंदौर-उज्जैन 4-लेन मार्ग को 6-लेन मय पेव्हड शोल्डर में हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (40:60) अंतर्गत निर्माण किया जाना है।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में 1 अध्यक्ष एवं 4 सदस्यों सहित कुल 5 पद स्वीकृत हैं और वर्तमान में एक अध्यक्ष एवं दो सदस्य कार्यरत हैं। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में सदस्यों के दो रिक्त पद पर चयन समिति की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में डॉ. एच.एस. मरकाम, सहायक प्राध्यापक (दंत रोग), मेडिकल कॉलेज, जबलपुर एवं डॉ. नरेन्द्र कुमार कोष्टी, सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र), शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, जबलपुर को सदस्य नियुक्त करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने किया।
किसानों को KYC अपडेट करवाने के बाद मिलेगा 16वीं किस्त का पैसा... योजना का लाभ पाने से पहले निपटा लें यह काम
डेस्क। केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। यह योजना किसानों की आर्थिक मदद करने के लिए शुरू किया है। योजना के अंतर्गत, पात्र किसानों को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना सरकार द्वारा सीधे किसानों के खाते में धनराशि की राशि के रूप में जमा की जाती है। 16वीं किस्त का पैसा प्राप्त करने के लिए किसानों को अपनी केवाईसी अपडेट करानी होगी।
पीएम किसान योजना में सालाना 6,000 रुपये की राशि देती है। यह राशि किस्तों में दी जाती है। हर किस्त में किसान के अकाउंट में 2,000 रुपये की राशि दी जाती है। इस योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को ई-केवाईसी (PM Kisan Ekyc) करवाना होता है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए, किसानों को अपडेट करवाने की आवश्यकता होती है। KYC अपडेट करवाने से किसानों के बैंक खाते में पैसे जमा हो सकते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सहायता मिल सकती है।
कैसे करें ई-केवाईसी
आपको पीएम किसान पोर्टल (http://pmkisan.gov.in) पर जाना होगा। इसके बाद आपको फार्मर कॉर्नर पर क्लिक करना होगा। अब नीचे ड्रॉपडाउन पर ई-केवाईसी के ऑप्शन को सेलेक्ट करना है। आप अपना आधार कार्ड नंबर (Aadhaar Card) दर्ज करें। इसके बाद आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी (OTP) आएगा। ओटीपी दर्ज करने के बाद ई-केवाईसी का प्रोसेस पूरा हो जाएगा
इंडियन नेशनल यंग एकेडमी ऑफ साइंस ने आयोजित 9वीं वार्षिक आम सभा
नईदिल्ली। इंडियन नेशनल यंग एकेडमी ऑफ साइंस (आईएनवाईएएस) ने 17 फरवरी को अपनी 9वीं वार्षिक आम सभा की बैठक का आयोजन किया। सीएसआईआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस कम्युनिकेशन एंड पॉलिसी रिसर्च (सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर) की निदेशक प्रोफेसर रंजना अग्रवाल इस कार्यक्रम में एक सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर, प्रो. रंजना अग्रवाल ने एक गहन व्याख्यान दिया और सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के प्रमुख उद्देश्यों और गतिविधियों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि समाज में वैज्ञानिक स्वभाव विकसित करने के लिए विज्ञान संचार किस प्रकार महत्वपूर्ण है। उन्होंने आईएनवाईएएस का वार्षिक समाचार पत्र का भी विमोचन किया।
आईएनवाईएएस भारत में युवा वैज्ञानिकों की ऐसी एकमात्र मान्यता प्राप्त अकादमी है जिसकी स्थापना वर्ष 2014 में युवा वैज्ञानिकों के बीच विज्ञान शिक्षा और नेटवर्किंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। पाँच वर्षों की इन्क्यूबेशन अवधि को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, आईएनवाईएएस ने वर्ष 2020 से एक नए चरण में प्रवेश किया है।
सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर) भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की एक प्रयोगशाला है। यह विज्ञान संचार के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखता है; एसटीआई ने साक्ष्य-आधारित नीति अनुसंधान और अध्ययन पर ध्यान केंद्रित किया है। यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर विभिन्न पत्रिकाओं, पुस्तकों, पत्रिकाओं, समाचारपत्रों और रिपोर्टों को प्रकाशित करता है। यह विज्ञान संचार, विज्ञान नीति, नवाचार प्रणाली, विज्ञान-समाज इंटरफ़ेस और विज्ञान कूटनीति पर भी अनुसंधान करता है।
सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम सिंगापुर एयरशो 2024 के लिए पूरी तरह तैयार
नईदिल्ली। 12 फरवरी 2024 को सिंगापुर पहुंचने के बाद, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने 18 फरवरी, 2024 को अपना पहला अभ्यास प्रदर्शन किया। टीम सिंगापुर गणराज्य वायु सेना (आरएसएएफ) के चांगी एयरबेस से काम कर रही है। सिंगापुर एयरशो 20 फरवरी 2024 से शुरू होगा। एयरशो में दुनियाभर की प्रदर्शन टीमें शामिल होंगी। एयरशो में प्रमुख हेलीकॉप्टर और सिस्टम मैन्यूफैक्चर एवं ऑपरेटर भी अपने उत्पादों का प्रदर्शन करते हैं।
हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ध्रुव) का निर्माण किया, जिसे सारंग टीम संचालित करती है, पहली बार शो में शामिल हो रहा है। हालांकि, सारंग टीम का पहला अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन 2004 में चांगी प्रदर्शनी केंद्र एशियाई एयरोस्पेस एयरशो के लिए सिंगापुर में भी हुआ था।
सारंग टीम इस वर्ष सिंगापुर एयरशो में दर्शकों के लिए चार हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन कर रही है। इस डिस्प्ले को एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव की दक्षता और बहुउपयोगिता के साथ-साथ इन मशीनों को उड़ाने वाले भारतीय वायुसेना पायलटों के उच्च स्तर के कौशल को प्रदर्शित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। स्वदेश निर्मित एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और इसके उन्नत संस्करण भारत की सभी सैन्य सेवाओं द्वारा संचालित किए जाते हैं। इस प्लेटफ़ॉर्म का सफल इंडेक्शन और परिचालन उपयोग रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की शानदार सफलता की गाथाओं में से एक है।
प्रधानमंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की है। मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर अपने विचार भी साझा किये।
एक्स पर अपनी एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा;
“छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। एक दूरदर्शी नेता, निडर योद्धा, संस्कृति के रक्षक और सुशासन के प्रतीक, छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन पीढ़ियों को प्रेरणा देता है।
“छत्रपती शिवाजी महाराज यांना त्यांच्या जयंतीनिमित्त विनम्र अभिवादन. दूरदर्शी नेते, निर्भीड योद्धे, संस्कृतीचे रक्षक आणि सुशासनाचे मूर्त रूप , त्यांचे जीवन अनेक पिढ्यांसाठी प्रेरणादायी आहे.”
Tributes to Chhatrapati Shivaji Maharaj on his Jayanti. A visionary leader, fearless warrior, protector of culture and embodiment of good governance, his life inspires generations. pic.twitter.com/4lF1IIAaFw
— Narendra Modi (@narendramodi) February 19, 2024
मई में होगी सिविल सेवा परीक्षा, 5 मार्च तक कर सकते हैं आवेदन, इस लिंक पर मिलेगी पूरी डिटेल
डेस्क। सिविल सेवा परीक्षा 2024 के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार प्रशासनिक सेवा के तहत IAS, IPS, IFS और IRS के 1056 पदों पर भर्ती होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 5 मार्च तक फार्म भरे जा सकते हैं। प्रारंभिक परीक्षा 26 मई को आयोजित की जाएगी। जबकि मुख्य परीक्षा 19 अक्टूबर को होगी। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे नोटिफिकेशन पढ़ने के बाद ही आवेदन करें।
मिली जानकारी के मुताबिक प्रशासनिक सेवा के लिए आयु सीमा 1 अगस्त 2024 को 21 से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा में ओबीसी, एसटी, एसटी समेत अन्य के लिए छूट का प्रावधान है। शैक्षणिक योग्यता के तहत किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री अनिवार्य है। बैचलर डिग्री की अंतिम परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर आवेदन का स्टेप्स दिया गया है।
भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या यूनिवर्सिटी से एनिमल हसबेंडरी एंड वेटनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथेमेटिक्स, फिजिक्स और जूलॉजी में से किसी एक विषय के साथ बैचलर डिग्री होना चाहिए। उम्मीदवारों की आयु 21-32 वर्ष के बीच होनी चाहिए। नियमों के अनुसार आयुसीमा में छूट का प्रावधान भी है। सिविल सेवा के आवेदन को लेकर विस्तृत जानकारी वेबसाइट upsconline.nic.in और upsc.gov.in पर दी गई है।
UPSC सिविल सर्विसेज 2024 के लिए ऐसे करें अप्लाई
सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
इसके बाद सिविल सेवा 2024 रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
पर्सनल डिटेल्स दर्ज करके सबमिट करें।
लॉग इन करें और फॉर्म भरें।
अब फीस का भुगतान करें।
इसके बाद फॉर्म सबमिट करें।
इसके बाद फॉर्म की एक प्रति डाउनलोड कर अपने पास रख लें।
चयन प्रक्रिया
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में एक माना जाता है। इस परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों का चयन प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू के बाद किया जाता है।
महिलाओं के नेतृत्व में शहरी आजीविका को प्रोत्साहन देने की नीतियों पर चर्चा
नईदिल्ली। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएलएम) के तहत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के सहयोग से 15-16 फरवरी, 2024 तक रांची, झारखंड में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस आयोजित कार्यशाला में देश भर से लगभग 150 प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ, शहरी आजीविका में नवीन रुझानों और अवसरों पर उच्च स्तरीय विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रस्तुत किया गया, जिसमें शहरी भारत में महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के लिए प्राथमिक रूप से ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों में राज्य शहरी आजीविका मिशन के राज्य मिशन निदेशक, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और झारखंड राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, भारत के संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के वरिष्ठ अधिकारी, अग्रणी क्षेत्र के विशेषज्ञ और अनुसंधान संस्थानों, स्टार्ट-अप्स, धर्मार्थ सहायता और दानदाता संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।
इस आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं के नेतृत्व में शहरी आजीविका और जलवायु, सेवाओं, खुदरा और विनिर्माण में नवीन क्षेत्रों और विभिन्न उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए सक्षम कार्यप्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई पैनल चर्चाएं की गई। इस कार्यक्रम के द्वारा बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एनएमपीआई) और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और नवोन्मेष वित्तीय निवेशों की पहचान के माध्यम से शहरी गरीबी की समस्या के निवारण में धर्मार्थ सहायता की भूमिका जैसे अन्य विषयों से भी अवगत कराया गया।
इस कार्यशाला ने राज्यों के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया, जिसमें महिलाओं के नेतृत्व में शहरी आजीविका और आर्थिक वृद्धि से संबंधित सर्वोत्तम प्रणालियों को साझा करने, सहकर्मियों से सीखने और अन्य राज्यों द्वारा सफल मॉडलों की सहज पुनरावृत्ति की गई।
दिल्ली के नेवी चिल्ड्रन स्कूल में विभिन्न सुविधाओं का शुभारंभ
नईदिल्ली। नेवी वेलफेयर एंड वेलनेस एसोसिएशन (एनडब्ल्यूडब्ल्यूए) की अध्यक्ष कला हरि कुमार ने 15 फरवरी 2024 को वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह, नियंत्रक कार्मिक सेवा, कमांडर एडविन जोथी राजन, कमांडर (नौसेना शिक्षा) II, वरिष्ठ अधिकारियों, स्कूल के कर्मचारियों तथा बच्चों की उपस्थिति में दिल्ली के नेवी चिल्ड्रन स्कूल में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए नवीनीकृत कंप्यूटर लैब तथा सम्मेलन कक्ष के साथ-साथ एक नई लिफ्ट का उद्घाटन किया।
वरिष्ठ कक्षाओं में पढ़ने वाले 40 विद्यार्थियों को समायोजित करने के लिए तैयार की गई कंप्यूटर लैब 'परम' अत्याधुनिक फर्नीचर, लर्निंग चार्ट और उन्नत हार्डवेयर से सुसज्जित है। सम्मेलन कक्ष 'मंत्रणा' सभी नौसेना स्कूलों को जोड़ने के प्रावधान के साथ संकाय विकास कार्यक्रमों और विद्यार्थियों के बीच ऑनलाइन शैक्षणिक संवाद की सुविधा प्रदान करेगा। नव उद्घाटन की गई लिफ्ट समग्र एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करने के विद्यालय के लोकाचार के अनुरूप, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सभी स्कूल सुविधाओं तक पहुंच को आसान बनाएगी।
नेवी वेलफेयर एंड वेलनेस एसोसिएशन की अध्यक्ष ने स्कूल की लाइब्रेरी का भी दौरा किया और उभरते हुए लेखकों से बातचीत की। ब्रि बुक्स पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित किताबें लिखने वाले 28 विद्यार्थियों ने अपनी किताबें उनके सामने प्रदर्शित कीं और अपने साहित्यिक अनुभव साझा किए। उन्होंने बच्चों को अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी। एनडब्ल्यूडब्ल्यूए अध्यक्ष श्रीमती कला हरि कुमार ने दिल्ली के नेवी चिल्ड्रन स्कूल में इन सुविधाओं में सुधार के प्रयासों की भी सराहना की, जो राष्ट्र निर्माण में बहुत बड़ा योगदान देता है।
नर्मदा में प्रदूषित पानी मिलने से रोकने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्धः मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां नर्मदा में नालों से मिलने वाले प्रदूषित पानी रोकने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा में नालों के मिलने वाले प्रदूषित पानी को रोकने के निर्माण कार्यों के लिए 15 करोड़ की राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम जिले में सेठानी घाट पर आयोजित 'माँ नर्मदा जयंती महोत्सव' और नर्मदापुरम गौरव दिवस में सहभगिता कर 191.34 करोड़ रुपए के 32 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि- विधान से माँ नर्मदा की आरती की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम को पवित्र नगरी बनाया जाएगा। इसके लिए खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगाई जाएगी और नगर से डेढ़ किलोमीटर दूर शराब की दुकाने रहेंगी। लाउड स्पीकर के प्रयोग पर भी नियंत्रण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम में आयुष महाविद्यालय खोला जाएगा, जिससे यहां के विद्यार्थी आयुर्वेद शिक्षा प्राप्त कर चिकित्सक बनेंगे। प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ नर्मदा की बात निराली है, माँ नर्मदा के दर्शन मात्र से ही पूरा जीवन धन्य हो जाता है। माँ नर्मदा की पहचान सब नदियों से अलग है।
भारत माँ और हमारी सनातन संस्कृति को भगवान का आशीर्वाद मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा जयंती की बधाई दी और जीवनदायिनी मैया नर्मदा के आशीर्वाद से प्रदेश में समृद्धि, दिव्य जल से जीवन धन्य रहने और सबके जीवन में खुशहाली की प्रार्थना की।
विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा और नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू महेंद्र यादव ने भी समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में नर्मदापुरम गौरव दिवस पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
ओडिशा में 6,600 करोड़ की 28 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का गडकरी ने किया उद्घाटन और शिलान्यास
नईदिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ओडिशा की समृद्धि के लिए बेहतर कनेक्टिविटी बढ़ाते हुए जगन्नाथ पुरी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 6,600 करोड़ रुपये की लागत वाली 28 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा सहित सांसद, विधायक और अधिकारी भी उपस्थित थे।
जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, उनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-16 के चंडीखोल से भद्रक खंड के अधीन 6-लेन का कार्य और राष्ट्रीय राजमार्ग-49 के बहरागोड़ा-सिंघरा खंड के तहत 4-लेन का कार्य शामिल है। इन परियोजनाओं से यात्रा का समय कम होगा और ईंधन की बचत होगी। इसके अलावा पूर्वी तट पर पत्तनों तक कनेक्टिविटी सुगम होगी, जिससे औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
इसके अलावा ओडिशा को विकास की नई गति देने के उद्देश्य से 26 महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। इनके अलावा 13 अन्य परियोजनाओं पर भी कार्य शुरू किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से ओडिशा के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इसके साथ ही श्रीजगन्नाथ धाम और कोणार्क मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और निर्धारित समय पर पूरी होगी। वहीं, अन्य राज्यों के साथ ओडिशा की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके अलावा खनन और कच्चे माल के लिए पत्तनों तक पहुंच आसान होगी। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे पुल के निर्माण से यात्रा सुरक्षित और त्वरित गति से होगी।
तेलंगाना के कोमुरवेल्ली में रेलवे स्टेशन के शिलान्यास समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शासन- संचालन में आमजन का योगदान और उनका सम्मान आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र तेजी से विकास कर रहा है। भारत की शान भी विश्व में बढ़ी है। वसुधैव कुटुम्बकम का भाव भारतीय संस्कृति की विशेषता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोमुरवेल्ली रेलवे स्टेशन के शिलान्यास समारोह में विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी, जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोमुरवेल्ली प्रवास के दौरान यहां के प्रमुख आस्था केंद्र मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भगवान मल्लिकार्जुन के द्वार पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के अतिथियों और स्थानीय जन को भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने का निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेल सुविधाओं के विकास से सशक्त भारत का निर्माण हो रहा है। भारत के रेलवे का इतिहास करीब पौने दो सौ वर्ष पुराना है। आज न सिर्फ निर्धन वर्ग बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए रेल साधन उपयोगी हैं।
मेट्रो के साथ ही वन्देभारत ट्रेनें और अन्य विशेष रेलगाड़ियां उपयोगिता बढ़ा चुकी हैं। बढ़ती रेल सुविधाओं से व्यवसाय और रोजगार के क्षेत्र में लाभ मिल रहा है। आज प्रारंभ रेल सुविधा का यह प्रकल्प क्रियान्वित होने पर स्थानीय निवासियों के लिए लाभकारी होगा। प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री वैष्णव के प्रयासों से यह सुविधा मिल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काल के प्रवाह में यह गर्व का विषय है कि भारत विकास के साथ अपनी संस्कृति के संरक्षण की दिशा में भी आगे बढ़ा है। सरयू तट पर अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के लिए प्राण-प्रतिष्ठा कार्य पूर्ण होने के बाद संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबूधाबी में भी मंदिर के लोकार्पण का कार्य हो गया है। आज इजराइल युद्ध हो या इसके पूर्व रूस-यूक्रेन युद्ध, सभी जगह भारत के नेतृत्व का डंका बज रहा है। कतर जैसे राष्ट्र मानते हैं कि भारत से उसकी मित्रता अमर है और वे भारतवासियों के साथ खड़े हैं। अनेक राष्ट्र आपसी संघर्ष और युद्धों के बावजूद भारतवासियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध दिखाई देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के प्रधानमंत्री पद के दो कार्यकाल के पूर्व का समय याद करें तो अनेक देश भारत का वह सम्मान नहीं करते थे जो आज करते हैं।