देश-विदेश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख बढ़ी : भूपेन्द्र यादव
नईदिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन और श्रम एवं श्रम रोजगार मंत्री भूपेन्द्र यादव ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक साख बढ़ी और दुनिया जलवायु परिवर्तन कार्रवाई, नवाचार और प्रौद्योगिकी में भारतीय नेतृत्व को स्वीकार करती है।
विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती साख पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री यादव ने कहा कि भारत केवल 615 करोड़ रुपये खर्च करके सफलतापूर्वक चंद्रमा पर पहुंच गया। भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश है। चंद्रयान-3 के साथ भारत की अंतरिक्ष यात्रा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलु आत्मनिर्भरता है। भारत के आरंभिक चन्द्रयान मिशन अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी पर निर्भर थे। चंद्रयान-3 आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत का बढ़ता कदम था।
केन्द्रीय मंत्री ने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित किया कि किस प्रकार भारत ने कोविड महामारी के दौरान इससे निपटने की प्रतिक्रिया से विश्व को आश्चर्यचकित कर दिया। जब कोविड महामारी आई, तो दुनिया ने सोचा कि भारत ढह जाएगा लेकिन भारत का पतन नहीं हुआ बल्कि कोविड से निपटने की प्रतिक्रिया दुनिया के लिए मिसाल बन गई।
भारत ने न केवल सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया, बल्कि विश्व का सबसे तेज़ टीकाकरण अभियान भी चलाया। इससे ज्यादा और क्या? वैक्सीन भारत में निर्मित थी। भारत ने जरूरतमंद देशों को वैक्सीन देकर उनकी मदद की। भारत के कोविड वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम ने 100 से अधिक देशों की सहायता की है। कोविड से निपटने की रणनीति के लिए भारत को मिली वैश्विक प्रशंसा पर श्री यादव ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन-डब्ल्यूएचओ ने भी स्वीकार किया है कि ‘एक तैयार भारत एक तैयार दुनिया’है।
आईएनएस शिवाजी को एक औपचारिक समारोह में दिवंगत वाइस एडीएम बेनॉय रॉय चौधरी का मिला मूल 'वीर चक्र'
दिल्ली। भारतीय नौसेना के प्रमुख प्रशिक्षण प्रतिष्ठान आईएनएस शिवाजी को 18 दिसंबर 23 को लोनावाला में एक औपचारिक समारोह में दिवंगत वाइस एडमिरल बेनॉय रॉय चौधरी, एवीएसएम, वीआरसी (सेवानिवृत्त) को प्राप्त मूल 'वीर चक्र' प्रदान किया गया।
वाइस एडमिरल दिनेश प्रभाकर, एवीएसएम, एनएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त), आईएनएस शिवाजी के विशिष्ट चेयर मरीन इंजीनियरिंग ने भारतीय नौसेना की ओर से वीएडीएम चौधरी के परिवार के सदस्यों पदिप्त बोस और गार्गी बोस से 'वीर चक्र' प्राप्त किया। 'वीर चक्र' एक भारतीय युद्धकालीन सैन्य बहादुरी पुरस्कार है जो युद्ध के मैदान, जमीन, हवा या समुद्र में वीरता के कार्यों के लिए प्रदान किया जाता है। वीएडीएम चौधरी भारतीय नौसेना के एकमात्र तकनीकी अधिकारी हैं, जिन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।
वाइस एडमिरल बेनॉय रॉय चौधरी की वीरता 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान स्पष्ट रूप से सामने आई, जब वह तत्कालीन आईएनएस विक्रांत पर इंजीनियर अधिकारी थे। युद्ध के बीच तैनाती के दौरान, विक्रांत के बॉयलरों में से एक निष्क्रिय हो गया था, जबकि अन्य तीन बॉयलरों का प्रदर्शन निम्न स्तरीय पाया गया था। उन्होंने अपनी टीम के साथ ब्रिटिश ओईएम से किसी भी संभावित सहायता के बिना बेस पोर्ट से दूर समुद्र में कई नवोन्मेषी मरम्मत कार्य किए।
इन-हाउस कार्यों में बॉयलर के चारों ओर स्टील बैंड को ठीक करना, अधिक जोखिम वाले सुरक्षा वाल्वों का समायोजन, बॉयलर रूम को मानव रहित छोड़ना, फिर भी दूर से निगरानी करना और कई अन्य तकनीकी उपाय शामिल थे। इन कार्यों के लिए न केवल तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता थी, बल्कि अपने लोगों को जोखिम से भरे कार्य करने हेतु भरोसा दिलाने के लिए सर्वोच्च नेतृत्व गुणों की भी आवश्यकता थी। युद्ध के दौरान उनका योगदान हर तरह से महत्वपूर्ण था। तत्कालीन नौसेना प्रमुख एडमिरल एसएम नंदा ने उन्हें 'एन इंजीनियर पार एक्सीलेंस' की उपाधि दी। उनकी बहादुरी, देशभक्ति और समर्पित सेवा विभिन्न महत्वपूर्ण उपलब्धियों का प्रमाण है, जिससे उन्हें 1971 के युद्ध में उनके वीरतापूर्ण कार्यों के लिए 'वीर चक्र' प्रदान किया गया।
बिल्डिंग परमिशन और कम्पाउडिंग के नियम-प्रक्रिया का सरलीकरण हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिल्डिंग परमिशन और कम्पाउडिंग के नियम और प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए। नियम स्पष्ट और सरल हों, जिसे आम आदमी आसानी से समझ सके और उसे कोई परेशानी न हो। सामान्य व्यक्ति जीवन में एक बार मकान बनाता है, अत: बिल्डिंग परमिशन आदि की व्यवस्था ऐसी की जाएं, जिससे वह परेशान न हो और निर्धारित समय-सीमा में कार्य हो। नगरीय निकायों से नक्शे जल्दी पास कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। भवन अनुज्ञा से संबंधित सॉफ्टवेयर का आंकलन कर यह ज्ञात करें कि वर्तमान में औसतन कितने दिनों में भवन अनुज्ञा जारी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश नगरीय विकास एवं आवास विभाग की विधानसभा के समिति कक्ष में हुई बैठक में दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय भवनों के निर्माण के लिए भी नगरीय निकायों से अनुमति प्राप्त की जाएं। नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड, पर्यटन सहित शासकीय भवन निर्माण में संलग्न सभी एजेंसियां बिल्डिंग परमिशन लें और निर्माण में बिल्डिंग लाइन, ओपन स्पेस, पार्किंग आदि का अनिवार्यत: ध्यान रखें। टीडीआर व टीओडी के क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएं ताकि रहवासियों को सुविधा प्राप्त हो और शहरों की बेहतर प्लानिंग भी सुनिश्चित की जा सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेअ कहा कि सड़क चौड़ीकरण से संबंधित प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बेहतर तरीके से की जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि स्थानीय निवासियों की समस्याएं न बढ़ें, उन्हें सुविधा प्राप्त हो साथ ही सड़क चौड़ीकरण में बिजली संबंधी कार्यों में लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन द्वारा मांस और मछली के खुले में बिकने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इनके विक्रेताओं को परेशानी न हो, इस उद्देश्य से नगरीय निकायों द्वारा मांस-मछली मार्केट के लिए आवश्यक रूप से भवन निर्मित किए जाएं। जब तक भवन निर्मित नहीं होते तब तक मांस, मछली विक्रय केलिए स्थल निर्धारित कर अस्थाई शेड की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाएं। नगरीय निकायों के साथ-साथ बड़ी ग्रामीण पंचायतों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त बैठक लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कान्ह नदी का पानी, शुद्धिकरण के बाद ही क्षिप्रा नदी में मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए आधुनिकतम तकनीक का उपयोग करते हुए आवश्यक प्लांट लगाया जाएं। इस संबंध में जल संसाधन तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग की संयुक्त बैठक तत्काल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
मध्य प्रदेश की कैबिनेट में सिंघिया समर्थक विधायकों को रूतबा होगा कम
भोपाल। मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं, इन अटकलों के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायकों को बड़ा झटका भी लग सकता है। डॉ मोहन यादव सरकार में सिंधिया समर्थक कम विधायक ही मंत्रिमंडल में शामिल हो सकेंगे।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 8 पूर्व मंत्री इस बार विधानसभा चुनाव में अपनी जीत दर्ज करवा पाए हैं, जबकि 3 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा है। लोकसभा चुनाव की रणनीति के तहत इस बार पार्टी सभी लोकसभा सीटों से एक-एक मंत्री को डॉक्टर मोहन यादव मंत्रिमंडल में जगह दे सकती है।
बतादें कि इस बार विधानसभा चुनाव में सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, डॉक्टर प्रभुराम चौधरी, गोविंद सिंह राजपूत, बिसाहू लाल साहू, हरदीप सिंह डंग, बृजेंद्र सिंह यादव ने जीत दर्ज की है। सिंधिया समर्थक जीते हुए सभी पूर्व मंत्रियों का इस बार मंत्री बनना मुश्किल नजर आ रहा है। इस बार सिंधिया समर्थक 3 विधायक भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं. इनमें देवास जिले से मनोज चौधरी, नारायण सिंह पटेल और ऐदल सिंह कंसाना भी शामिल हैं।
काशी तमिल संगमम में भाग लेने के लिए तमिल प्रतिनिधिमंडल का पहला दल पहुंचा काशी
नईदिल्ली। काशी तमिल संगमम में भाग लेने के लिए तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों का प्रतिनिधिमंडल पवित्र शहर काशी (वाराणसी) पहुंच गया। जहां वे काशी तमिल संगमम के 15 दिवसीय दूसरे चरण में भाग लेंगे। इस दल का नाम पवित्र नदी ‘गंगा’ के नाम पर रखा गया है। आज वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचने पर दल के सदस्यों का भव्य स्वागत किया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान संगमम में भाग लेने के लिए छह अन्य समूह, जिनमें शिक्षक (यमुना), पेशेवर (गोदावरी), आध्यात्मिक (सरस्वती), किसान और कारीगर (नर्मदा), लेखक (सिंधु) तथा व्यापारी व व्यवसायी (कावेरी) शामिल हैं, भी काशी पहुंच रहे हैं।
संस्कृति मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, रेल मंत्रालय, वस्त्र मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय (ओडीओपी), एमएसएमई, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, आईआरसीटीसी तथा उत्तर प्रदेश सरकार के संबंधित विभागों की भागीदारी के साथ; भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय इस आयोजन के लिए नोडल एजेंसी है।
लोगों को आपस में जोड़ने वाले इस कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य काशी और तमिलनाडु के बीच जीवंत संबंधों को पुनर्जीवित करना है, जो प्राचीन भारत में शिक्षा और संस्कृति के दो महत्वपूर्ण केंद्र थे। इसका लक्ष्य साझी विरासत की समझ का निर्माण करते हुए तथा इन दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करते हुए ज्ञान और संस्कृति की इन दो परंपराओं को एक साथ लाना है।
इस उत्सव का उद्देश्य दो संस्कृतियों के बीच प्राचीन बौद्धिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और कारीगरी संबंधों के बारे में फिर से जानकारी प्राप्त करना और इन्हें सशक्त बनाना है। 15 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु और वाराणसी के विभिन्न सांस्कृतिक समूह काशी में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
खेलो इंडिया पैरा गेम्स का समापन.... हरियाणा ने कुल 105 पदक जीते, पदक तालिका में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर
नईदिल्ली। मानवीय भावना और समावेशिता के एक सप्ताह के उत्सव के बाद खेलो इंडिया पैरा गेम्स के पहले संस्करण का रविवार को समापन हो गया। इन खेलों में 173 स्वर्ण पदक दांव पर थे और इनमें से हरियाणा ने 40 स्वर्ण, 39 रजत और 26 कांस्य पदक सहित कुल 105 पदकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इसी तरह 25 स्वर्ण, 23 रजत और 14 कांस्य सहित कुल 62 पदकों के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा।
तमिलनाडु 20 स्वर्ण, 8 रजत और 14 कांस्य पदक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इन खेलों में चीन के हांगझू में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में अपनी चमक दिखाने वाले स्टार पैरा एथलीटों ने भी हिस्सा लिया। आर्मलेस तीरंदाज शीतल देवी, डिस्कस थ्रोअर योगेश कथुनिया, टेबल टेनिस स्टार भाविना पटेल, पारुल परमार, निशाद कुमार जैसे कई अन्य लोगों के अलावा, उभरते सितारों ने भी कुछ दिल छू लेने वाले प्रदर्शन के साथ शारीरिक सीमाओं को पार कर लिया।
युवा मामले और खेल तथा सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इस आयोजन में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की सराहना करने के साथ-साथ उन्हें बधाई और धन्यवाद भी दिया। माननीय खेल मंत्री ने कहा, “ पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स को लेकर देश भर में नया उत्साह और नई उमंग का माहौल है। आप सबके यहां आने से हजारों स्पाटलाइट जलीं। आप सबने इस एरिना को न सिर्फ अपनी जीत और अपनी कहानी से बल्कि अपनी अपने कभी न खत्म होने वाले जुनून की रौशनी से सराबोर कर दिया।“
तमिलनाडु के राजेश टी, हरियाणा के संदीप डांगी, महाराष्ट्र की तूलिका जाधाओ, असम की अनिश्मिता, कुछ नाम हैं, जो उनके अविश्वसनीय धैर्य और दृढ़ संकल्प के लिए जाने जाएंगे। इन खेलों में हरियाणा के प्रणव सूरमा द्वारा एशियाई रिकॉर्ड में सुधार भी देखा गया, जिन्होंने क्लब थ्रो स्पर्धा में 33.54 मीटर के प्रयास के साथ एशियाई पैरा खेलों में जीते अपने स्वर्ण पदक 30.01 के परफार्मेंस में सुधार किया। उन्होंने धरमबीर के 31.09 मीटर के एशियाई रिकॉर्ड में सुधार किया।
खेलों के अंतिम दिन केरल ने सीपी फुटबॉल में तमिलनाडु के खिलाफ 7-0 से शानदार जीत हासिल की, जिसमें वाई जया सूर्या ने 3 गोल किए, जबकि ए ग्रोथ ने 4 गोल किए। टेबल टेनिस में, पुरुषों की क्लास-4 श्रेणी में, हरियाणा के सुमित सहगल ने फाइनल में गुजरात के रमेश चौधरी को 3-0 (11-8, 11-7, 11-8) से हराकर स्वर्ण पदक जीता। 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1450 से अधिक पैरा एथलीटों ने प्रतिष्ठित खेलो इंडिया पैरा गेम्स में भाग लिया। इसमें सात खेलों का आय़ोजन हुआ।
कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने में कोई समझौता नहीं किया जाएगाः डा. मोहन यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकास कार्य समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सभी कार्यों की निरन्तर मॉनीटरिंग की जायेगी, ताकि जनता के हित में एवं जनता के लिये बेहतर निर्णय लिये जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का हित सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे भविष्य के प्रोजेक्ट को देखते हुए शासकीय जमीन आरक्षित करें। उज्जैन सहित बड़े शहरों का झोनल प्लान बनाने की दिशा में पहल करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन में सभी विभागों की संभागीय समीक्षा बैठक में यह बात कही। बैठक में उज्जैन संभाग के सभी संसदीय क्षेत्र के सांसद, विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, शहर प्राधिकरण अध्यक्ष, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक एवं संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि इस यात्रा से जन-हितैषी योजनाओं का लाभ आम जनता को बेहतर ढंग से मिले। विकसित भारत संकल्प यात्रा में 25 हजार की आबादी प्रतिदिन कवर की जायेगी। इसमें नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र की जनता को शासन द्वारा बनाई गई योजना की जानकारी दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की निर्माणाधीन सड़कों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि सड़कों सहित अन्य निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो जायें। सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से इसका पालन करें।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि खुले में बेच रहे मांस एवं मछली वालों पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मांस एवं मछली विक्रेताओं के लिये सभी जगह मार्केट विकसित किये जायें, जिससे सड़क पर मांस एवं मछली बेचने की नौबत नहीं आये।
मथुरा के शाही ईदगाह कॉम्पलेक्स के सर्वे पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
डेस्क। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 दिसंबर को मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के पास शाही ईदगाह कॉम्पलेक्स का सर्वे कराने का आदेश दिया था। इस आदेश के पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आज इस याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
बतादें कि मथुरा श्रीकृष्णजन्म भूमि मामले में हिंदू पक्ष का दावा है कि भगवान श्री कृष्ण का जन्मस्थान मस्जिद के नीचे है और वहां कई संकेत हैं जिससे यह जाहिर होता है कि मस्जिद एक हिंदू मंदिर था। हिंदू पक्ष ने इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ASI सर्वे की मांग की थी। कोर्ट ने सर्वे की मंजूरी दे दी है।
#WATCH | On Supreme Court refusing to stay Allahabad High Court’s December 14 order which allowed the primary survey of the Shahi Idgah complex adjacent to the Shri Krishna Janmabhoomi Temple in Uttar Pradesh's Mathura, Vishnu Shankar Jain, the lawyer for the Hindu side says,… pic.twitter.com/rkMNeVMzN3
— ANI (@ANI) December 15, 2023
16 दिसंबर से शुरू होगी "विकसित भारत संकल्प यात्रा".... मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में होंगे शामिल
भोपाल। केन्द्र सरकार की जनहितैषी योजनाओं, लाभों और सुविधाओं के बारे में जागरूकता सुनिश्चित करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजना की पहुंच को सुगम बनाने के उद्देश्य से "विकसित भारत संकल्प यात्रा" आरंभ की जा रही है। मध्यप्रदेश में यह यात्रा 16 दिसंबर से आरंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव उज्जैन में इस यात्रा में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में कमिश्नर-कलेक्टर्स को मंत्रालय में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप जनहित और जनकल्याण के लिए आरंभ की गई यात्रा का क्रियान्वयन मोदी की गारंटी की साख और गरिमा के अनुरूप हो। 26 जनवरी 2024 को यात्रा का समापन गणतंत्र दिवस पर होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "विकसित भारत संकल्प यात्रा" का सभी जिलों में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता तैयारी की जाएं, कहीं पर भी यात्रा की औपचारिकता न पूरी करें। यात्रा के सभी रूटों पर जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री स्वयं भी दिनांक 15 दिसम्बर को सभी जिलों के जनप्रतिनिधियों से यात्रा के सफल आयोजन के संबंध में वर्च्युअल संवाद करेंगे। अधिकारी-कर्मचारी व्यक्तिगत रूचि लेकर यात्रा में शामिल हों और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप सभी वंचित और पात्र व्यक्तियों तक यात्रा के लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 16 दिसम्बर को उज्जैन से आरंभ हो रही "विकसित भारत संकल्प यात्रा" में भाग लेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि यात्रा में स्कूली बच्चों, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, वरिष्ठ नागरिकों, युवाशक्ति और किसानों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाएं। "विकसित भारत संकल्प यात्रा" से फिट इंडिया के संदेश का भी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हों और जनसामान्य को पर्याप्त पोषण तथा एक्सरसाइज की आवश्यकता की जानकारी देते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोबाइल वैन के जिलों में भ्रमण के लिए रूट चार्ट तैयार करें और जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय सांसद, स्थानीय विधायक सहित अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा की तैयारियों के संबंध में डिण्डौरी, जबलपुर और उज्जैन के जिला कलेक्टरों से चर्चा की।
हवाई किराया प्रकृति में गतिशील होते हैं और मांग और आपूर्ति के सिद्धांत का अनुसरण करते हैः डॉ. वीके सिंह
नईदिल्ली। भारत का एक उच्च सीज़नल बाज़ार है। आमतौर पर मई और जून के महीनों में यातायात अधिक होता है, जुलाई के मध्य तक अंतर्राष्ट्रीय यातायात प्रवाह अधिक होता है, जिससे घरेलू फ़ीड को भी योगदान प्राप्त होता है। जुलाई से सितंबर तक की अवधि परंपरागत रूप से कम होती है क्योंकि मानसून और अन्य धार्मिक कारणों से यात्रा सीमित होती है। अक्टूबर में, त्योहारी सीजन दशहरा आरंभ होने के साथ, यातायात फिर से बढ़ जाता है और जनवरी के मध्य तक मांग कम हो जाती है। अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक मांग में नरमी का यह सिलसिला जारी रहता है और फिर गर्मी की छुट्टियों के कारण मांग बढ़ जाती है। उक्त जानकारी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल (डॉ.) वीके सिंह (सेवानिवृत्त) ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
हवाई किराए प्रकृति में गतिशील होते हैं और मांग और आपूर्ति के सिद्धांत का अनुसरण करते हैं। किराया कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है जैसे किसी विशेष उड़ान पर पहले से ही बेची गई सीटों की संख्या, विद्यमान ईंधन की कीमत, रूट पर प्रचालित होने वाले विमान की क्षमता, सेक्टर में प्रतिस्पर्धा, मौसम, छुट्टियां, त्यौहार, लंबे सप्ताहांत कार्यक्रम (खेल, मेले, प्रतियोगिताएं) आदि।
प्रचलित विनियमन के अनुसार, हवाई किराया सरकार द्वारा न तो स्थापित किया जाता है और न ही विनियमित किया जाता है। विमान नियमावली, 1937 के नियम 135 के उप नियम (1) के प्रावधान के तहत, अनुसूचित हवाई सेवाओं में लगे प्रत्येक हवाई परिवहन उपक्रम को प्रचालन की लागत, सेवाओं की विशेषता और आम तौर पर प्रचलित टैरिफ, सभी प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखते हुए टैरिफ निर्धारित करना आवश्यक है। उपर्युक्त नियम के अनुपालन के अधीन एयरलाइंस अपनी प्रचालन व्यवहार्यता के अनुसार हवाई किराया वसूलने के लिए स्वतंत्र हैं।
एयरलाइंस को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी नागरिक उड्डयन आवश्यकता (सीएआर) धारा 3, सीरिज़ एम, भाग IV जिसका शीर्षक " बोर्डिंग से इनकार, उड़ानें रद्द होने और उड़ानों में देरी के कारण एयरलाइंस"यात्रियों को प्रदान की जाने वाली सुविधाएं" है, के अनुसार उड़ानों में रद्दीकरण और देरी के कारण प्रभावित यात्रियों को सुविधा प्रदान करनी होगी। ।
रद्दीकरण के मामले में, यदि यात्री को रद्दीकरण के बारे में पहले सूचित नहीं किया गया है, तो एयरलाइंस या तो वैकल्पिक उड़ान प्रदान करेगी या हवाई टिकट की पूरी वापसी के अतिरिक्त क्षतिपूर्ति प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, एयरलाइन को उन यात्रियों को भोजन और जलपान प्रदान करना होगा जो वैकल्पिक उड़ान की प्रतीक्षा करते समय हवाई अड्डे पर अपनी मूल उड़ान के लिए पहले ही रिपोर्ट कर चुके हैं।
विलंब के मामले में, एयरलाइन को उस यात्री को भोजन और जलपान/होटल आवास/वैकल्पिक उड़ान/पूर्ण रिफंड प्रदान करना होगा, जिसने प्रस्थान के मूल घोषित निर्धारित समय से परे अपेक्षित देरी के आधार पर समय पर चेक-इन किया है।
परीक्षा पे चर्चाः तनाव को सफलता में बदलना और परीक्षा योद्धाओं को मुस्कान के साथ परीक्षा देने में सक्षम बनाना उद्देश्य
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा का उद्देश्य तनाव को सफलता में परिवर्तित करना है, जिससे परीक्षा योद्धा मुस्कुराहट के साथ परीक्षा दे सकें।
शिक्षा मंत्रालय ने एक एक्स पोस्ट में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पे चर्चा 2024 गतिविधियों में भागीदारी करने का आग्रह किया है।
शिक्षा मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में जानकारी देते हुए कहा- कोई भी नीचे दी गई वेबसाइट पर जाकर इसमें भाग ले सकता है और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ सीधे वार्तालाप करने का अवसर प्राप्त सकता है। लिंक इस प्रकार है.
https://innovateindia.mygov.in/ppc-2024/
शिक्षा मंत्रालय की एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा;
“परीक्षा पे चर्चा का उद्देश्य तनाव को सफलता में बदलना है, परीक्षा योद्धाओं को मुस्कुराहट के साथ परीक्षा देने में सक्षम बनाना है। संभव है कि अगला महत्वपूर्ण अध्ययन सुझाव सीधे हमारे आपसी संवाद सत्र से मिल सकता है!”
#ParikshaPeCharcha aims to transform stress into success, enabling #ExamWarriors to ace exams with a smile. Who knows, the next big study tip might come straight from our interactive session! https://t.co/en0z0yDqqO
— Narendra Modi (@narendramodi) December 14, 2023
'स्पोर्ट्स साइंस कॉन्क्लेव' में पैरा एथलीटों के प्रति अनुराग ठाकुर ने दोहराई प्रतिबद्धता
नईदिल्ली। खेलों में समावेशिता और प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता के एक शानदार प्रदर्शन के रूप में खेलो इंडिया के सहयोग से नेशनल सेंटर फॉर स्पोर्ट्स साइंस एंड रिसर्च (एनसीएसएसआर) द्वारा दो दिन का 'स्पोर्ट्स साइंस कॉन्क्लेव' आयोजित हुआ। यह खेलो इंडिया पैरा गेम्स की सफलता से जुड़ी चर्चाओं को बढ़ावा देने और रणनीति तैयार करने के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा।
इस महत्वपूर्ण पहल में सबसे अग्रणी माननीय केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर हैं। बुधवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम में स्पोर्ट्स साइंस कॉन्क्लेव का पहला दिन भारत के विकसित होते खेल परिदृश्य का साक्षी रहा, जिसमें पारंपरिक सीमाओं के परे जाते हुए दिव्यांग एथलीटों के लिए खेल आयोजनों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
अनुराग ठाकुर ने पैरा एथलीटों के लिए समावेशिता और समान अवसरों की वकालत की है। उन्होंने कहा, एनसीएसएसआर को ऐसे महत्वपूर्ण सम्मेलनों का आयोजन करते देखना वास्तव में उत्साहजनक है, जहां हितधारक इकट्ठा होते हैं और सक्षम तथा पैरा एथलीट, दोनों की आगे की राह को आकार देते हैं। इसमें एक समावेशी दृष्टिकोण रहता है, जिसमें सभी एथलीटों को समान सुविधाएं और सम्मान दिया जाता है, जो किसी भी कथित अंतर को धुंधला करता है।
ठाकुर ने कहा, “इस कॉन्क्लेव की 'लिमिटलेस होराइजन्स' की थीम 'हौसलों की उड़ान' की उभरती भावना के साथ गहराई से मेल खाती है। यह दिव्यांगों और पैरा एथलीटों के लिए खेल विज्ञान को पहचानने और उस पर विचार-विमर्श करने वाला एक समर्पित मंच है, जो भारत को खेल क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।”
आईएनएस कदमत फ़िलिपींस की राजधानी मनीला पहुंचा
नईदिल्ली। वर्तमान में चल रही लंबी दूरी की ऑपरेशन तैनाती के एक हिस्से के रूप में आईएनएस कदमत्त 12 दिसंबर 2023 को फ़िलिपींस की राजधानी मनीला पहुंचा। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और फ़िलिपींस के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना है।
पोर्ट कॉल के दौरान दोनों नौसेनाओं के कर्मियों के बीच व्यापक स्तर की सहभागिता बढ़ाने की योजना बनाई गई। इनमें पेशेवर बातचीत, विषय वस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान और क्रॉस डेक दौरे शामिल हैं, जिनका उद्देश्य सहयोग को बढ़ाना तथा सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करना है। इस यात्रा के दौरान स्कूली बच्चों के दौरे और सामुदायिक आउटरीच/सामाजिक प्रभाव वाली गतिविधियों का आयोजन करने की भी योजना बनाई गई है।
मनीला से प्रस्थान के बाद दक्षिण चीन सागर में आईएनएस कदमत और फ़िलिपींस नौसेना के अपतटीय गश्ती जहाज बीआरपी रेमन अलकराज के बीच समुद्री साझेदारी अभ्यास आयोजित करने का भी कार्यक्रम है। आईएनएस कदमत्त स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित पनडुब्बी रोधी समुद्री युद्धपोत है, जो अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी वेपन सूट से सुसज्जित है।
देश की 30 खनिजों की महत्वपूर्ण खनिज के तौर पर बनी सूची में छत्तीसगढ़ भी
रायपुर। खान मंत्रालय ने महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की पहचान करने के लिए 1 नवंबर 2022 को एक समिति का गठन किया था। समिति ने महत्वपूर्ण खनिज उत्कृष्टता केन्द्र (सीईसीएम) की स्थापना किए जाने की सिफारिश की। समिति ने अपनी सिफारिश में कहा कि देश के लिए 30 खनिज काफी महत्वपूर्ण है, जिनमें से 24 खनिजों को एमएमडीआर अधिनियम की अनुसूची 1 के पार्ट-डी में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की सूची में शामिल किया गया। तीन खनिजों की सूची में छत्तीसगढ़ के कटघोरा स्थित लिथियम और आरईई ब्लॉक को भी शामिल किया गया है।
भारतीय घरेलू बाजारों में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के तीन उपक्रमों - नेशनल एल्यूमीनियम कंपनी लिमिटेड, हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड और मिनरल एक्सप्लोरेशन एण्ड कंसल्टेंसी लिमिटेड की इक्विटी हिस्सेदारी से एक संयुक्त उद्यम कंपनी ‘खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (काबिल)’ बनाई गई।
प्रमाणित अध्ययनों और चयन मानदंडों के आधार पर काबिल ने विदेशों से खनिज प्राप्ति के लिये, प्राथमिक तौर पर महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के लिये भारतीय दूतावासों और विदेश मंत्रालय के जरिये संक्षिप्त सूची में शामिल स्रोत देशों जैसे की अर्जेंटीना और आस्ट्रेलिया के कई सरकारी संगठनों के साथ जुड़ने की शुरूआत की।
नीलामी के लिये अधिसूचित किये गये महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक का ब्योरा नीचे दिया गया है।
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क्रम संख्या |
ब्लॉक का नाम |
राज्य |
खनिज |
एमएल/सीएल |
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1 |
चुटिया- नौहट्टा ग्लूकोनाइट ब्लॉक |
बिहार |
ग्लूकोनाइट |
सीएल |
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2 |
पिपराडिह- भुरवा ग्लूकोनाइट ब्लॉक |
बिहार |
ग्लूकोनाइट |
सीएल |
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3 |
गेनजाना निकल, क्रोमियम और पीजीई ब्लॉक |
बिहार |
निकल, क्रोमियम और पीजीई |
सीएल |
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4 |
कुंडोल निकल और क्रोमियम ब्लॉक |
गुजरात |
निकल और क्रोमियम |
सीएल |
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5 |
मुस्कानिया- गरेरियाटोला- बरवारी पोटोश ब्लॉक |
झारखंड |
पोटाश |
सीएल |
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6 |
दुधियासोल पूर्वी निकल और कापर ब्लॉक |
ओडीशा |
निकल और कापर |
एमएल |
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7 |
बाब्जा ग्रेफाइट और मैगनीज़ ब्लॉक |
ओडीशा |
ग्रेफाइट और मैंगनींज |
एमएल |
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8 |
बियारापल्ली ग्रेफाइट और मैंगनींज ब्लॉक |
ओडीशा |
ग्रेफाइट और मैंगनींज |
एमएल |
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9 |
अखरकाटा ग्रेफाइट ब्लॉक |
ओडीशा |
ग्रेफाइट |
सीएल |
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10 |
वेल्लाकल सेंट्रल (सेगमेंट - ए) मोलिबडेनम ब्लॉक |
तमिलनाडु |
मोलीबडेनम अयस्क |
सीएल |
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11 |
नोच्चीपत्ती मोलिबडेनम ब्लॉक |
तमिलनाडु |
मोलिबडेनम अयस्क |
सीएल |
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12 |
वेलम्पत्ति नार्थ ए एण्ड बी मोलिबडेनम ब्लॉक |
तमिलनाडु |
मोलिबडेनम अयस्क |
सीएल |
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13 |
कुरूनजाकुलम ग्रेफाइट ब्लॉक |
तमिलनाडु |
ग्रेफाइट |
सीएल |
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14 |
इलूप्पाकुड़ी ग्रेफाइट ब्लॉक |
तमिलनाडु |
ग्रेफाइट |
सीएल |
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15 |
मन्नाडीपत्ती सेंट्रल मोलिबडेनम ब्लॉक |
तमिलनाडु |
मोलिबडेनम |
सीएल |
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16 |
मारूदीपत्ती (सेंट्रल) मोलिबडेनम ब्लॉक |
तमिलनाडु |
मोलिबडेनम |
एमएल |
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17 |
कुरछा ग्लूकोनाइट ब्लाक |
उत्तर प्रदेश |
ग्लूकोनाइट |
सीएल |
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18 |
पहाडीकलान - गोरा कलान फोस्फोराइट ब्लॉक |
उत्तर प्रदेश |
फोस्फोराइट |
सीएल |
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19 |
सलाल-हैमना लीथियम, टिटानियम और बाक्साइट (एल्यूमिनस लेटराइट) ब्लॉक |
यूटीः जम्मू और कश्मीर |
लिथियम, टिटानियम और बाक्साइट (एल्यूमिनस लेटराइट) |
सीएल |
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2 0 |
कटघोरा लिथियम और आरईई ब्लॉक |
छत्तीसगढ़ |
लिथियम और आरईई |
सीएल |
यह जानकारी केन्द्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
मोहन यादव बने मध्य प्रदेश के नए मुखिया.. नरेंद्र सिंह तोमर बनाए गए स्पीकर, जगदीश देवड़ा और राजेश शुक्ला बने डिप्टी सीएम
डेस्क। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री की कुर्सी कौन संभालेगा इसका फैसला हो गया है। विधायक दल की बैठक में मोहन यादव के नाम पर सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री चयन को लेकर भोपाल में पर्यवेक्षकों की एक टीम भी भेजी गई थी। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, आशा लाकड़ा और के लक्ष्मण के नाम शामिल हैं।
भोपाल पहुंचने के बाद मनोहरलाल खट्टर और अन्य पर्यवेक्षक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले शिवराज सिंह से मुलाकात की थी। विधायक दल की बैठक में मोहन यादव को विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं जगदीश देवड़ा और राजेश शुक्ला को डिप्टी सीएम चुना गया है।
वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर विधानसभा अध्यक्ष चुने गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के फैसले ने एक बार फिर सभी को चौंका दिया। आरएसएस के करीबी मोहन यादव के हाथों मध्यप्रदेश की कमान सौंप दी। बतादें कि उज्जैन दक्षिण के विधायक है मोहन यादव।
आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन की रखी गई आधारशिला... शामिल हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
नईदिल्ली। नागर विमानन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आजआंध्र प्रदेश के राजमुंदरी हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन की आधारशिला रखी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार वृद्धिशील विकास के लिए नहीं बल्कि बड़े परिवर्तनों के लिए कार्य कर रही है। इसे अपनाते हुए, यह टर्मिनल भवन 17,029 वर्गमीटर पर विकसित किया जाएगा जो मौजूदा टर्मिनल भवन का 400 गुना अधिक है। विस्तार के बाद इस भवन का कुल क्षेत्रफल 21,094 वर्गमीटर होगा, जो 2100 यात्रियों को सेवा प्रदान करने में सक्षम होगा, यह मौजूदा क्षमता का 10 गुना अधिक है।
आंध्र प्रदेश में नागर विमानन के विकास पर सिंधिया ने कहा कि 2014 से पहले आंध्र प्रदेश में केवल 4 हवाई अड्डे थे, अब 6 हवाई अड्डे हैं। वर्ष 2014 में एयर ट्रैफिक मूवमेंट 388 से बढ़कर 1162 हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में दो नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, भोगापुरम और नेल्लोर में बनाए जा रहे हैं और प्रकाशम जल बैराज जल्द ही जनता के लिए तैयार हो जाएगा। 2030 तक 200 से अधिक हवाई अड्डे होंगे, जिनमें विशेष रूप से टियर 2 और टियर 3 शहरों के हवाई अड्डे शामिल होंगे।
राजमुंदरी, वर्तमान में तीन शहरों यानी हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु से जुड़ा हुआ है, और यहां से प्रति सप्ताह 126 उड़ानों की आवाजाही होती है। नया टर्मिनल भवन हवाई अड्डे की आवश्यकताओं को पूरा करेगा क्योंकि मौजूदा बुनियादी ढांचा यात्री यातायात में तेजी से वृद्धि को पूरा करने में सक्षम नहीं है।17,029 वर्गमीटर के अतिरिक्त क्षेत्र में टर्मिनल भवन का विस्तार होगा। विस्तार के बाद टर्मिनल भवन का कुल क्षेत्र 21,094 वर्गमीटर हो जाएगा,इस पर 350 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
भारत के संविधान से चलेगा जम्मू कश्मीर... पढ़िए धारा 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
नईदिल्ली। अनुच्छेद 370 पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्टिकल-370 को बेअसर कर नई व्यवस्था से जम्मू-कश्मीर को बाकी भारत के साथ जोड़ने की प्रक्रिया मजबूत हुई है। अनुच्छेद 370 हटाना संवैधानिक रूप से वैध है। सीजीआई ने सुनवाई के दौरान कहा, "हमें सॉलिसीटर जनरल ने बताया कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिया जाएगा। लद्दाख केंद्र शासित क्षेत्र रहेगा। हम निर्देश देते हैं कि चुनाव आयोग नए परिसीमन के आधार पर 30 सितंबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव करवाए। राज्य का दर्जा भी जितना जल्द संभव हो, बहाल किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 16 दिनों की बहस के बाद 5 सितंबर को इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, बीआर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह फैसला सुनाया है।
सीजेआई ने कहा कि हमने उस दौरान राज्य में लगे राष्ट्रपति शासन पर फैसला नहीं लिया है। स्थिति के अनुसार राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। अनुच्छेद 356 में राष्ट्रपति को शक्तियां हासिल हैं। उसे चुनौती नहीं दी जा सकती संवैधानिक स्थिति यही है कि उनका उचित इस्तेमाल होना चाहिए। राष्ट्रपति शासन के दौरान केंद्र राज्य सरकार की जगह फैसले ले सकता है। संसद राज्य विधानसभा की जगह काम कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, राष्ट्रपति के लिए यह जरूरी नहीं था कि वह जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा की सिफारिश के बाद ही अनुच्छेद 370 पर कोई आदेश जारी करें। 370 को बेअसर कर नई व्यवस्था से जम्मू-कश्मीर को बाकी भारत के साथ जोड़ने की प्रक्रिया मजबूत हुई है। आर्टिकल 370 हटाना संवैधानिक रूप से वैध है।