देश-विदेश
सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में नया शासकीय मेडिकल कॉलेज बनेगा
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। सिंहस्थ के दृष्टिगत उज्जैन में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना हेतु केवल सिविल कार्यों के लिये 592.30 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिये रबी विपणन वर्ष 2024-25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ पर 125 रूपये प्रति क्विंटल बोनस भुगतान की भी स्वीकृति प्रदान की। इस पर 3850 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आएगा।
विभागाध्यक्ष कार्यालय संचालक, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व एवं संचालक, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना सतपुड़ा भवन को वर्तमान में पदस्थ अमले सहित उज्जैन स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में समर्थन मूल्य विकेन्द्रीकृत योजना के अंतर्गत खाद्यान्न के उपार्जन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली व अन्य शासकीय योजनाओं के संचालन एवं डेफिसिट पूर्ति के लिये आगामी वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिये 29 हजार 400 करोड़ रूपये की निशुल्क शासकीय प्रत्याभूति (गारंटी) की स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रि-परिषद की बैठक में उज्जैन में सिंहस्थ 2028 आयोजन के दृष्टिगत स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिये नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लिये सिविल कार्यों के लिये 592.30 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। इसके लिये आवश्यक उपकरणों एवं मानव संसाधनों की स्वीकृति बाद में दी जाएगी। चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण से आस-पास के जिलों की जनता को भी उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश के लोकायुक्त के पद पर न्यायमूर्ति श्री सतेन्द्र कुमार सिंह की नियुक्ति का अनुसमर्थन किया। सायबर तहसील की क्षेत्रीय आधिकारिता प्रदेश के सभी जिलों में विस्तारित करने का अनुसमर्थन करते हुए स्वीकृति दी गई। एनडीबी योजना में भोपाल के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर मार्ग (कोलार मार्ग 15.1 किमी) के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन के लिये 305.08 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
राज्य में यूरिया, डीएपी, कॉम्प्लेक्स एवं पोटाश उर्वरकों की वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक की अग्रिम भंडारण योजना स्वीकृत की गई। इससे प्रदेश के किसानो को रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को इसके लिये नोडल एजेंसी बनाया गया है। वर्ष 2024-25 में मार्कफेड को 850 करोड़ रूपये की नि:शुल्क शासकीय प्रत्याभूति स्वीकृत की गई।
मंत्रि-परिषद ने नीमच, मंदसौर, श्योपुर एवं सिंगरौली के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन एवं उपकरण क्रय के लिये 1167.95 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। नीमच के लिये 287.45 करोड़ श्योपुर के लिये 288.5 करोड़, सिंगरौली के लिये 289.74 करोड़ एवं मंदसौर के लिये 302.26 करोड़ रूपये की स्वीकृती दी गई है।
आज रात 8 बजे पीएम का देश के नाम संबोधन... कर सकते हैं बड़ी घोषणा... CAA पर एलान संभव
नईदिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आज शाम 8 बजे CAA से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। खबर है कि पीएम नरेंद्र मोदी खुद इसका ऐलान करेंगे। CAA लोकसभा और राज्यसभा से पहले ही पास हो चुका है। मोदी सरकार का यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब कुछ ही दिनों में चुनाव आयोग देश में लोकसभा चुनाव का ऐलान कर सकती है।
क्या है CAA?
CAA पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए बिना दस्तावेज वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने के लिए है। एक बार सीएए के नियम जारी हो जाने के बाद मोदी सरकार 31 दिसंबर,2014 तक भारत आए बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रताड़ित गैर-मुस्लिम प्रवासियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को भारतीय नागरिकता देना शुरू कर देगी।
सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर आधारित डिजिटल प्रदर्शनी "सुभाष अभिनंदन" का उद्घाटन
नईदिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार अपना 134वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर, कानून एवं न्याय (स्वतंत्र प्रभार), संसदीय कार्य और संस्कृति राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने आज सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर आधारित एक डिजिटल प्रदर्शनी "सुभाष अभिनंदन" का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी राष्ट्रीय अभिलेखागार में उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है।
इस अवसर पर मेघवाल ने कहा कि अमृतकाल के इस काल-खंड में, अपनी जड़ों को मजबूत करने और भविष्य की नींव रखने के लिए अपने इतिहास को प्रस्तुत करना, पढ़ना, लिखना और समझना बेहद जरूरी है, जिस इतिहास ने आधुनिक भारत की नींव रखी। उन्होंने कहा, “हमारा मिशन 'विरासत भी, विकास भी' और भारत को हर क्षेत्र में विश्व में अग्रणी बनाना है। पुरालेख क्षेत्र उस दिशा में शानदार तरीके से योगदान दे रहा है।”
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तिगत दस्तावेज भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार में संरक्षित हैं और इन्हें नेताजी पोर्टल (http://www.netjipapers.gov.in/) तथा अभिलेख पटल (https://www.abhilekh-patal.in/jspui/) पर देखा जा सकता है। इन अभिलेखों में उनके द्वारा लिखे गए पत्र, उनके पिता श्री जानकी नाथ बोस की डायरी, आज़ाद हिंद फ़ौज के दस्तावेज़ और उनसे संबंधित कई सरकारी दस्तावेज़ उपलब्ध हैं।
झारखंड में 2500 करोड़ की 2 लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के उन्नयन की रखी गई आधारशिला
नईदिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने एक पोस्ट में कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण से झारखंड के विकास को गति देते हुए, कल आयोजित एक कार्यक्रम में 2500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से झारखंड के खूंटी में दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है । उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा, वरिष्ठ नेता श्री करिया मुंडा, श्री सुदर्शन भगत, सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह आधारशिलाएं रखीं।
उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें तुपुदाना से कुंडियाबारटोली खंड (खूंटी बाईपास सहित) को 4-लेन का निर्माण और बेरो से खूंटी खंड का चौड़ीकरण और उन्नयन शामिल है। बेरो से खूंटी खंड के निर्माण से यातायात सुगम होगा और आसपास के क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा मिलेगा। खांटी बाईपास के निर्माण से स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचना आसान हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इन परियोजनाओं से समय और ईंधन की बचत होगी, जिससे प्रदूषण कम होगा। आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें आसान और सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करेंगी। मंत्री महोदय ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा और रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर पैदा किए जाएंगे।
कोयला क्षेत्र ने पिछले 10 वर्षों में पैदा किए रोजगार के भरपूर अवसर
नईदिल्ली। भारत का कोयला क्षेत्र देश की ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, साथ ही महत्वपूर्ण रोजगार वृद्धि को भी बनाए हुए हैं। 06 मार्च, 2024 तक, देश का कोयला उत्पादन 900 मिलियन टन तक पहुंच गया है। इसके चालू वित्तीय वर्ष में 1 बिलियन टन से अधिक होने का अनुमान है। उत्पादन में यह वृद्धि न सिर्फ आवश्यक अवसंरचना विकास में ही योगदान देती है बल्कि देश भर में विशेषकर कोयले से समृद्ध क्षेत्रों में भरपूर रोजगार के अवसर सृजित करती है।
भारत सरकार के कोयला उत्पादक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू), विशेष रूप से कोल इंडिया लिमिटेड (सहायक कंपनियों सहित) और एनएलसी इंडिया लिमिटेड, सामूहिक रूप से 128,236 संविदा श्रमिकों सहित 369,053 व्यक्तियों के कार्यबल को रोजगार प्रदान किया हैं। इसके अतिरिक्त, यह क्षेत्र लगभग 3.1 लाख पेंशनभोगियों की मदद करता है, जो आजीविका और सामाजिक कल्याण पर इसके महत्वपूर्ण प्रभाव को रेखांकित करता है।
हाल के वर्षों में कोल इंडिया लिमिटेड और इसकी सहायक कंपनियों ने 2014 से फरवरी 2024 तक व्यापक भर्ती मुहिम चलाकर अपने कार्यबल में 59,681 कर्मियों को जोड़ा। इसी प्रकार, एनएलसी इंडिया लिमिटेड ने इसी अवधि के दौरान 4,265 व्यक्तियों की भर्ती की है। यह रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कोल इंडिया लिमिटेड और इसकी सहायक कंपनियों द्वारा मिशन मोड भर्ती पहल के तहत 5,711 व्यक्तियों को भर्ती करने के साथ चालू वित्तीय वर्ष में भर्ती प्रयासों में और तेजी देखने को मिली है। समवर्ती रूप से, एनएलसी इंडिया लिमिटेड ने इसी अवधि के दौरान 661 कर्मियों की भर्ती की है, जो रोजगार की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
बढ़ती मांग से प्रेरित कोयला खनन गतिविधियों में वृद्धि से आने वाले वर्षों में रोजगार वृद्धि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रदान करने के अलावा, खनन गतिविधियां महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा करती हैं, जो पूरे देश में सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देती हैं। जैसा कि कोयला क्षेत्र का विस्तार जारी है, यह समावेशी विकास को बढ़ावा देने और स्थायी आजीविका के माध्यम से हजारों लोगों के जीवन को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
सिमडेगा में लगा पूसा कृषि विज्ञान मेला... केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने किया उद्घाटन
नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड के सिमडेगा जिले में तीन दिवसीय पूसा कृषि विज्ञान मेले का उद्घाटन किया। अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में आयोजित मेले में मुख्य अतिथि मुंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए पूसा संस्थान और अन्य अनुसंधान संस्थाओं द्वारा लगातार बेहतर प्रयास किया रहा है। उन्होंने किसानों से नई प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके वैज्ञानिक नवाचारों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री मुंडा ने कहा कि बीज में रोग ना लगे, इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। धान की फसल में पानी की कम खपत हो, इसके लिए कैसे बीज तैयार किए जाएं, इस संबंध में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान सहित विभिन्न संस्थानों के माध्यम से रिसर्च की जा रही हैं और नई फसल किस्में विकसित भी की गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को फसलों में रोग से बचाव के बारे में भी जानकारी मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय का बजट 1.25 लाख करोड़ रुपए किया गया है, जो कि पिछली सरकारों के मुकाबले लगभग पांच गुना ज्यादा है। देशभर के पात्र किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हर साल तीन किस्तों में 6000 रुपये जमा कराए जा रहे है, वहीं नमो ड्रोन दीदी और लखपति दीदी की पहल की गई है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय स्वायत्तता को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार कृत संकल्प है।
उन्होंने कहा कि सिमडेगा जिले को आदर्श जिला बनाना है। कृषि के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से केंद्रीय स्तर पर सेंटर के माध्यम से किसानों का डेटाबेस बनाया जा रहा है, जिससे वह सीधे कृषि मंत्रालय से जुड़कर नई तकनीकों का लाभ ले सकें और उनके गांव-खेत की जानकारी डिजिटल रूप से जुटाकर सरकार उनके कल्याण के लिए ज्यादा मजबूती से कार्य कर सकें।
पुरी समुद्र तट पर फिर प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक
नई दिल्ली | 'मेरा पहला वोट देश के लिए अभियान देशभर में गति पकड़ रहा है और इसी को आगे बढ़ाते हुए प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर रेत की एक कलाकृति बनाई है। अपनी कलाकृति के माध्यम से, उन्होंने युवा और पहली बार मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने और हमारे लोकतंत्र को समृद्ध और मजबूत करने का आग्रह किया है।
'मेरा पहला वोट देश के लिए'अभियान देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में भी चलाया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवा मतदाताओं को बाहर आकर मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करना और राष्ट्र की व्यापक भलाई के लिए मतदान के महत्व को बताना है। यह पहल दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनावों के महत्व और मतदान के गौरव का प्रतीक है।
कर्नाटक में 4,000 करोड़ रुपये की कुल 268 किलोमीटर लंबाई वाली परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
नई दिल्ली | केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज मैसूर, कर्नाटक में कुल 268 किलोमीटर लंबी और 4,000 करोड़ से रुपये अधिक लागत की 22 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
हंगरहल्ली और होलेनरासीपुर बाईपास पर आरओबी की स्थापना के साथ बेलूर-हासन और येडेगौड़ानहल्ली-बिलिकेरे सड़क के 4-लेन विस्तार से यात्रा की अवधि में 2 घंटे की उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
सुव्यवस्थित शहरी नियोजन की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करते हुए, लक्ष्मणतीर्थ नदी पर एक प्रमुख पुल के निर्माण से हुनसूर शहर में भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, श्रीनिवासपुरा और चिंतामणि बाईपास के विकास का लक्ष्य दोनों शहरों में भीड़भाड़ में कमी लाना है।
बड़े और छोटे पुलों के साथ-साथ रेलवे-पार पथ पर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का रणनीतिक समावेश, निर्बाध यातायात आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के ठोस प्रयास को रेखांकित करता है।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया ग्वालियर एयर पोर्ट के नए टर्मिनल भवन का हुआ उदघाटन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 16 माह में ग्वालियर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का निर्माण पूर्ण कर ग्वालियर ने देश में द्रुत गति से कार्य का उदाहरण प्रस्तुत किया है, यह देश में तेज गति से हो रहे विकास का प्रतीक है। हमारी सरकार देश के सभी परिवारजनों के जीवन को आसान बनाने के लिए दिन-रात कार्य कर रही है। सामान्यजन के लिए विमान यात्रा को अधिक सहज एवं सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हवाई सेवाओं का विस्तार छोटे शहरों तक हो रहा है, इससे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। प्रधानमंत्री मोदी आजमगढ़ उत्तरप्रदेश से देश की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियों कान्फ्रेंसिंग से राजमाता विजयाराजे सिंधिया ग्वालियर एयरपोर्ट के नये टर्मिनल भवन का भी उदघाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 9 हजार 811 करोड़ लागत की देश की 14 अन्य हवाई अड्डा परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नए युग का बदलता भारत विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी हवाई सेवाओं को हवाई चप्पल पहनने वाले की पहुंच में लाने के लिए प्रयासरत हैं। आज का दिन अनेक कारणों से महत्वपूर्ण है। श्रद्धेय राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी के नाम पर नए विमान तल का लोकार्पण, समृद्ध विरासत के साथ ही बदलते दौर के बदलते भारत के विकास का प्रतीक है। उन्होंने उज्जैन एयरपोर्ट की घोषणा के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार माना। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास का क्रम निरंतर जारी रहेगा।
15 हवाई अड्डों के एक साथ लोकार्पण ने आज के दिन को ऐतिहासिक बनाया: केंद्रीय मंत्री सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक साथ 15 हवाई अड्डों के लोकार्पण और शिलान्यास ने भारतीय विमानन के क्षेत्र में आज के दिन को ऐतिहासिक बना दिया है। ग्वालियर के हवाई अड्डे को मात्र 16 महीने में तैयार कर लोकार्पण भी ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह क्षेत्रीय आकांक्षाओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता और प्राथमिकता प्रत्यक्ष प्रमाण है। इन विमानन परियोजनाओं से यात्री सुगमता में नया अध्याय जुड़ा है, ये परियोजनाएं न केवल देश के कोने-कोने को जोड़ेंगी अपितु देश के सभी भागों को विकसित करने में भी सहायक होंगी।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि देश के साथ-साथ प्रदेश में हवाई सेवा का विस्तार किया जा रहा है। ग्वालियर की एयर कनेक्टिविटी देश के प्रमुख शहरों से सुनिश्चित की गई है। ग्वालियर एयरपोर्ट का विस्तार 144 एकड़ भूमि पर किया गया है। यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। जबलपुर में एक लाख स्क्वेयर फिट के विमान तल का शुभारंभ हो रहा है। प्रदेश में रीवा,सतना और दतिया में भी एयर पोर्ट बनने जा रहा है। इसके साथ ही उज्जैन,गुना और शिवपुरी में भी हवाई सेवा का विस्तार किया जाएगा। प्रदेश में अब 10 एयरपोर्ट बन जाएंगे। प्रदेश में अब प्रति सप्ताह एक हजार विमानों का आवागमन हो रहा है।
देश में नागर विमानन अधोसरंचना और सेवा का निरंतर विस्तार हो रहा है
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में नागर विमानन की अधोसंरचना और सेवा को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र में कोल्हापुर और पुणे, मध्यप्रदेश में जबलपुर और ग्वालियर, उत्तरप्रदेश के छह हवाई अड्डों क्रमश: लखनऊ, आज़मगढ़, अलीगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती और चित्रकूट एवं नई दिल्ली में नए टी-1 टर्मिनल और पंजाब में आदमपुर हवाई अड्डों का उदघाटन कर रहे हैं। साथ ही कर्नाटक में बेलगावी व हुबली और आंध्रप्रदेश में कड़प्पा हवाई अड्डों पर नए टर्मिनल भवनों की आधारशिला भी रखी जा रही है।
क्या ? कैंसर का इलाज होगा भारतीय मसालों से
नई दिल्ली | कैंसर के इलाज के लिए आइआइटी मद्रास के अनुसंधानकर्ताओं ने भारतीय मसालों के इस्तेमाल का पेटेंट कराया है। इनसे बनने वाली दवाएं 2028 तक बाजार में आने की संभावना है। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि भारतीय मसालों से तैयार नैनोमेडिसिन में फेफड़े, स्तन, सर्वाइकल, मुंह और थायरॉयड सेल कैंसर रोधी गुण पाए गए हैं। नैनोमेडिसिन सामान्य कोशिकाओं के लिए सुरक्षित हैं। अनुसंधानकर्ता सुरक्षा और लागत के मुद्दों को हल करने पर काम कर रहे हैं, जो कैंसर दवाओं की सबसे बड़ी चुनौती है। आइआइटी मद्रास में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर आर. नागराजन ने बताया, हालांकि भारतीय मसाला तेलों के चिकित्सीय लाभ सदियों से ज्ञात हैं, जैव उपलब्धता ने उनके अनुप्रयोग और उपयोग को सीमित कर दिया है। पशुओं पर सफल परीक्षण के बाद 2027-28 तक दवाओं को बाजार में उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ ‘क्लीनिकल ट्रायल’ की योजना बनाई जा रही है। नैनो-इमल्शन के रूप में इसका निरूपण इस बाधा को प्रभावी रूप से पार कर जाता है। नागराजन ने कहा, हम पशुओं पर शोध में सकारात्मक परिणामों को शीघ्र क्लीनिकल ट्रायल में परिवर्तित करने का प्रयास करेंगे।
साइड इफेक्ट नहींहोगा, लागत भी कम | आइआइटी मद्रास ने इस पर शोध किया। कैंसर कोशिकाओं के साथ सक्रिय अवयवों और उनके संपर्क के तरीकों की पहचान के लिए अध्ययन जारी रहेगा।
पारंपरिक कैंसर उपचार थेरेपी की तुलना में नैनो-ऑन्कोलॉजी के कई फायदे हैं। इसमें कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं और उपचार में कम लागत आती है। आइआइटी मद्रास के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी (कैंसर नैनोमेडिसिन एंड ड्रग डिजाइन प्रयोगशाला) एम. जॉयस निर्मला के मुताबिक पेटेंट किए गए भारतीय मसाला-आधारित नैनो-फॉर्मूलेशन सामान्य प्रकार के कई कैंसर में प्रभावी साबित हुए हैं।
संस्कृति मंत्रालय हार्टफुलनेस के सहयोग से सबसे बड़ा आध्यात्मिक सभा का आयोजन करेगा
नई दिल्ली | संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार हार्टफुलनेस के सहयोग से हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित कान्हा शांति वनम, हार्टफुलनेस मुख्यालय में 14 से 17 मार्च तक वैश्विक आध्यात्मिक महोत्सव नामक एक आध्यात्मिक सभा का आयोजन करने जा रहा है। यह आयोजन सभी धर्मों और विश्वासों के आध्यात्मिक नेताओं को विश्व के सबसे बड़े ध्यान केंद्र में एक साथ लेकर आएगा। आज हैदराबाद में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्य अतिथि, उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय, पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी, चिन्ना जीयर स्वामी जी - वैष्णववाद, बोधमयानंद - विवेकानन्द इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन एक्सीलेंस के निदेशक और रेव दाजी - हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक और राम चंद्र मिशन के अध्यक्ष ने आगामी वैश्विक आध्यात्मिकता महोत्सव और इसके महत्व की घोषणा की।
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि “भारत संस्कृति, आध्यात्मिकता और जीवन के एक रूप का प्रदर्शन करता है जिससे पूरा विश्व प्रेरित होता है। हम अपने आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से विश्व में एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं और विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बन चुके हैं। हमारा देश कई धर्मों की जन्मस्थली है जो हमारे जीवन में शांति और प्रकाश फैलाते हैं। हमारा दार्शनिक दृष्टिकोण बहुत अनूठा है। पूरा विश्व योग एवं ध्यान के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक कल्याण के लिए भारत की ओर देख रहा है। विश्व के करोड़ों लोग पुराणों, उपनिषदों और वेदों को सीखने, हमारी संस्कृति एवं जीवन शैली को समझने तथा प्रेरणा एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भारत देश के महान पुरुषों और महिलाओं से प्रेरणा लेने के लिए भारत पहुंच रहे हैं। भारत में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।”

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रेड्डी ने कहा कि “वैश्विक आध्यात्मिक महोत्सव, जिसका आयोजन रेव दाजी के मार्गदर्शन में विश्व के सबसे बड़े ध्यान केंद्र में किया जाएगा, इसमें आध्यात्मिक गुरु विश्व शांति के लिए एक मंच पर आ रहे हैं – संस्कृति मंत्रालय का लक्ष्य है कि आध्यात्मिक गुरुओं के मार्गदर्शन में विश्व शांति के लिए सभी धर्मों के सार को एक साथ लाया जाए। इसलिए भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस सम्मेलन को समर्थन प्रदान करने का निर्णय लिया है। अगले कुछ वर्षों में (भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक) हमें सभी धार्मिक प्रमुखों सहित विश्व के सभी लोगों के बीच प्रेम, शांति और एकजुटता लाने की आवश्यकता है। जी-20 शिखर सम्मेलन में हमने वसुधैव कुटुम्बकम का आह्वान किया था। आगामी सम्मेलन भी उसी विषयवस्तु पर आधारित है, जिसका उद्देश्य सभी वर्गों, जातियों और धर्मों के बीच एकजुटता स्थापित करना और सभी देशों को आध्यात्मिक रूप से एक साथ लाना और कान्हा शांति वनम के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचना है।”
इसमें 1,00,000 से ज्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। शिखर सम्मेलन में विभिन्न पैनल चर्चाओं, आध्यात्मिकता से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भारत के आध्यात्मिक इतिहास, शांति के आख्यानों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी और पुस्तकों एवं संगीत के माध्यम से आध्यात्मिकता के लिए एक व्यापक अनुभव प्रदान किया जाएगा। उन लोगों के लिए पंचकर्म केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे जो कल्याण एवं चिकित्सा सत्रों का लाभ उठाना चाहते हैं। वैश्विक अध्यात्म महोत्सव में शामिल होने के लिए लोगों को संवेदनशील बनाने में फिल्म, संगीत और खेल जगत के प्रख्यात लोगों की भूमिका आमंत्रित की जा रही है और प्रतिभागियों के लिए विस्तृत व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की जा रही है।
वैश्विक अध्यात्म महोत्सव में शामिल होने वाले कुछ संगठन एक साथ आ रहे हैं जिनमें रामकृष्ण मिशन, परमार्थ निकेतन, द आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन, माता अमृतानंदमयी मठ, हैदराबाद के आर्कबिशप, रेव कार्डिनल एंथोनी पूला, चिन्ना जियार स्वामी, ब्रह्माकुमारी, पतंजलि योगपीठ, महर्षि फाउंडेशन (ट्रान्सेंडैंटल मेडिटेशन), ईशा फाउंडेशन, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी), शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति, हैदराबाद महाधर्मप्रांत, राष्ट्र संत तुकडोजी महाराज, अखिल भारतीय श्री गुरुदेव सेवा मंडल, संत ज्ञानेश्वर देवस्थान, अलंदी, अखिल भारतीय इमाम संगठन, श्रीमद राजचंद्र मिशन धर्मपुरी और श्री राम चंद्र मिशन/हर्टफुलन्स आदि शामिल हैं।
वैष्णव धर्म के गुरु चिन्ना जीयर स्वामी जी ने कहा, “हमारे संस्कृति मंत्रालय और विशेष रूप से जी कृष्ण रेड्डी गारू, जिन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजन की पहल की, वे सभी धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं को एक साथ लाने और बड़े पैमाने पर कान्हा शांति वनम में इस आयोजन की व्यवस्था करने में अपना महान योगदान दिया है। प्रत्येक धर्म का उद्देश्य लोगों को एकजुट करना है, लेकिन प्रत्येक धर्म में कुछ ऐसे विषय हैं जो अपने आप में अद्वितीय हैं और सभी के लिए सामान्य हैं - जैसे अच्छा भोजन, पानी और हवा। ये आत्मा की शांति के लिए हैं और सभी लोगों के लिए सामान्य है जिन्हें प्राप्त करने और अभ्यास करने की आवश्यकता है। जैसा कि हमारे पास पांच उंगलियां हैं और प्रत्येक उंगली अपने आप में अद्वितीय है लेकिन सभी को एक साथ काम करना चाहिए। कान्हा की चार दिवसीय चर्चा और विचार, एक साथ काम करने के लिए कार्य योजना बनाने में मदद करेंगे। हमें भारत की आजादी के शताब्दी समारोह के लिए एक मजबूत आधार बनना चाहिए।”
प्रधानमंत्री 11 मार्च को दिल्ली में सशक्त नारी-विकसित भारत कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 मार्च को सुबह 10 बजे सशक्त नारी - विकसित भारत कार्यक्रम में भाग लेंगे और नई दिल्ली के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसामें ‘नमो ड्रोन दीदियों’ द्वारा आयोजित कृषि ड्रोन प्रदर्शन देखेंगे। देशभर में 11 अलग-अलग स्थानों से नमो ड्रोन दीदियां भी एक साथ ड्रोन प्रदर्शन में भाग लेंगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री 1,000 नमो ड्रोन दीदियों को ड्रोन भी सौंपेंगे।
नमो ड्रोन दीदी और लखपति दीदी पहल, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय स्वायत्तता को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग हैं। इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए, प्रधानमंत्री लखपति दीदियों को सम्मानित करेंगे, जिन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समर्थन से सफलता हासिल की है और अन्य स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को उनके उत्थान के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री प्रत्येक जिले में बैंकों द्वारा स्थापित बैंक लिंकेज शिविरों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को रियायती ब्याज दर पर लगभग 8,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण भी वितरित करेंगे। प्रधानमंत्री एसएचजी को लगभग 2,000 करोड़ रुपये की पूंजी सहायता निधि भी वितरित करेंगे।
नौसेना कमांडरों का सम्मेलन
नई दिल्ली | नौसेना कमांडरों के अर्द्धवार्षिक सम्मेलन 2024 के पहले संस्करण का आयोजन 05 से 08 मार्च, 2024 तक आयोजित किया गया। 6 महीने के अंतराल में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन एक संस्थागत मंच की तरह कार्यरत है, जो सैन्य-रणनीतिक स्तर के महत्वपूर्ण समुद्री सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए अवसर प्रदान करता है। इस सम्मेलन का उद्घाटन सत्र विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर आयोजित किया गया था। इसके आगे की गतिविधियां 07 और 08 मार्च 2024 को हाइब्रिड प्रारूप में नई दिल्ली में आयोजित की गई थीं। माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और रक्षा सचिव के साथ उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की। इस अवसर पर रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा नौसेना कमांडर उपस्थित थे।
रक्षा मंत्री ने पश्चिम एशिया और आसपास के समुद्री क्षेत्र में हाल की घटनाओं तथा उत्पन्न समस्याओं पर भारतीय नौसेना द्वारा बहादुरी के साथ की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने नौसेना के कमांडरों से संघर्ष के सभी क्षेत्रों में संचालन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। राजनाथ सिंह ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में भारतीय नौसेना से अपेक्षित नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित किया। इसके अलावा, माननीय रक्षा मंत्री ने भविष्य के युद्धक्षेत्र को अनुकूल रूप देने और प्रभावी कार्रवाई करने के लिए तीनों सेनाओं की संयुक्तता एवं एकीकरण के महत्व पर जोर दिया।
नई दिल्ली में 07-08 मार्च 2024 को हुई बैठक में परिचालन, सामग्री, बुनियादी ढांचा, रसद और कार्मिक संबंधी गतिविधियों की समीक्षा प्रमुखता से शामिल थी। इसके अलावा, नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने समुद्री क्षेत्र में समकालीन एवं भविष्य की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए द्वीप क्षेत्रों में क्षमता वृद्धि सहित मौजूदा और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की। भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के प्रमुखों ने भी नौसेना कमांडरों के साथ बातचीत की। इस दौरान मौजूदा एवं उभरती सुरक्षा चुनौतियों के बीच राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए तत्परता के स्तर को रेखांकित करते हुए परिचालन के माहौल में अपने आकलन को साझा किया गया। इसके लिए तीनों सेनाओं के आपसी तालमेल एवं सहयोग को विस्तार देने के लिए कई क्षेत्र और डोमेन पर भी विचार रखे गए।
नौसेना कमांडरों ने सम्मेलन के इतर 08 मार्च 2024 को 'सागर मंथन' कार्यक्रम के दौरान विभिन्न 'वैचारिक विशेषज्ञ' के साथ बातचीत की। इस मंच ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्दयम व इनोवेटर्स तथा शिक्षाविदों के साथ विचार-विमर्श करने के तौर-तरीकों, साधनों एवं नए विचारों पर मंथन करने के साथ ही आत्मनिर्भरता पहल को आगे बढ़ाने और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने वाक् एवं श्रवण बाधित दिव्यांगों की सहायता के लिए साइनएबल कम्युनिकेशंस के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
नई दिल्ली | इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित दिव्यांगों के लिए सम्पर्क एवं पहुंच को बढ़ाना है। वर्तमान में, विभिन्न विभागीय संगठन अलग-अलग हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करते हैं, जिससे उपयोगकर्ता के अनुकूल किसी एक नम्बर को केंद्रीय रूप से शॉर्ट कोड हेल्पलाइन नंबर बनाना महत्वपूर्ण हो जाता है। दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय स्तर की हेल्पलाइन, शॉर्ट कोड-14456, 8 जनवरी, 2024 को इंटरनेशनल पर्पल फेस्ट, गोवा में लॉन्च की गई थी। अली यावर जंग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग डिसेबिलिटीज (दिव्यांगजन) (एवाईजेएनआईएसएचडी (डी))- ने 27 जनवरी, 2024 को निम्नलिखित सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन सेवाएं शुरू कीं हैं:
- बेटॉकिटेक-चेन्नई द्वारा प्रदत्त उन्नत क्लाउड-आधारित इन-वेहिकल वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम (आईवीवीआरएस)
- इसे एवाईजेएनआईएसएचडी (डी)-मुंबई में स्थापित किया गया और यह सीडीएसी-पुणे द्वारा वर्चुअल मशीन पर आधारित होगा
- अतिरिक्त चैनल और पहले से -रिकॉर्ड की गई आवाज में 21 दिव्यांगताओं के बारे में जानकारी
- अंग्रेजी और हिंदी में सहायता के लिए 6 कॉल सेंटरों पर मैप की गई आईवीआरएस सामग्री
वाक् और श्रवण बाधित दिव्यांगों की सहायता के लिए, साइनएबल कम्युनिकेशंस सहयोग कॉर्पोरेट सामजिक उत्तरदायित्व वित्तपोषण (सीएसआर फंडिंग) के माध्यम से भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) दुभाषिए प्रदान करेगा। इसके लिए हेल्पलाइन सप्ताह के सभी दिनों में सुबह 9:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक संचालित की जाएगी ।
महाकाल लोक के समान खजुराहो देवलोक के लिए भी योजना बनेगी
भोपाल :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने महाशिवरात्रि पर छतरपुर जिले के खजुराहो स्थित मतंगेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उनके साथ महेंद्र शर्मा, जिले के विधायकगण और जनप्रतिनिधि भी थे। मुख्यमंत्री ने मतेंगश्वर महादेव की पूजा कर प्रदेश की समृद्धि और नागरिकों के खुशहाल जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान मतंगेश्वर महादेव के दर्शन करके महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर हम सब ने मन, वचन और कर्म से पूजन-अभिषेक किया है। परमात्मा की कृपा से अभी सरकार बनी है, और सरकार बनने के साथ ही हमने निर्णय किया है कि सभी देवस्थान की चिंता करके जीवंत इकाई के नाते से मंदिर में पूजा हो, सभी प्रकार की गतिविधियां चले और वहां पर सभी प्रकार की व्यवस्था हो। सामाजिक रूप से मन्दिर संस्कार के केंद्र बने। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि मतंगेश्वर महादेव उसमें सबसे पहले आते हैं। जिसकी पूरे क्षेत्र में एक अलग पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खजुराहो में देश और दुनिया के लोग आते हैं। खजुराहो आने का एकमात्र कारण यहां मंदिरों की श्रृंखला है। मैने और सांसद वीडी शर्मा ने निर्णय किया कि न केवल मतंगेश्वर महादेव मन्दिर बल्कि पूरे क्षेत्र के नवीनीकरण, उन्नतीकरण के लिए जो-जो निर्माण कार्य होंगे उन्हें कराया जाएगा।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मतंगेश्वर महादेव के सामने जितना बड़ा भगवान का शिवलिंग है, उसके सामने नंदी गृह का अभाव है। पुरातत्व विभाग से तालमेल करके नंदी के समान रचना बनाकर यहां स्थापित कराएंगे। महाकाल के महालोक के समान जो भी योजना इस देवलोक के लिए बनेगी, मध्यप्रदेश सरकार उसे पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब अयोध्या के हालात बदले, भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा हुई, उज्जैन के महाकाल महालोक का निर्माण हुआ, बनारस में कॉरिडोर बना, इसी प्रकार खजुराहो को भी विकसित किया जायेगा।
प्रधानमंत्री ने असम में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया
नई दिल्ली :- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह असम में संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) विश्व धरोहर स्थल काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया। उन्होंने नागरिकों से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान आने और इसके परिदृश्यों की अद्वितीय सुंदरता का अनुभव करने का भी आह्वान किया। उन्होंने संरक्षण कार्य के लिए प्रयासरत महिला वन रक्षकों की टीम वन दुर्गा से बातचीत की और प्राकृतिक विरासत की सुरक्षा में उनके समर्पण और साहस की सराहना की। उन्होंने ने लखीमाई, प्रद्युम्न और फूलमई हाथियों को गन्ना खिलाते हुए अपनी झलकियां भी साझा की।
डेटाबेस पोर्टल का लोकार्पण और ‘राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस 2023: एक रिपोर्ट’ का विमोचन किया
नई दिल्ली :- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस का लोकार्पण और ‘राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस 2023: एक रिपोर्ट’ का विमोचन किया। इस अवसर पर केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री बी एल वर्मा और डॉ. आशीष कुमार भूटानी, सचिव, सहकारिता मंत्रालय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।