देश-विदेश
मुख्यमंत्री चौहान के साथ भोपाल की करीब 100 लाड़ली बहनों ने लगाए पौधे
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल शहर के विभिन्न मोहल्लों की निवासी करीब 100 लाड़ली बहनों के साथ आज स्मार्ट उद्यान में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं। बहनों के साथ न सिर्फ पौधे लगाए बल्कि उनके घर-परिवार के हालचाल भी पूछे। मुख्यमंत्री ने बहनों से पूछा, राखी की तैयारी कैसी चल रही है घर पर सब कुशल हैं न। उन्होंने लाड़ली बहनों से कहा "खुश रहो और प्रगति करो।" लाड़ली बहनों में नीलम शर्मा, रेखा सिंह, कुसुम ठाकुर, कंचन, शबनम, आरती शर्मा, फरजाना, अर्चना, गौरी, स्वाति, सुधा सोनी, माधुरी दास, निर्मला, रशीदा खा, उमा चौहान, स्वर्णलता, शकुंतला, उर्मिला, शोभा, ज्योति, कविता, किरण, रजनी, राजकुमारी शर्मा, राजदुलारी, राखी, माया, राधा पांडे, अंजली, अर्चना आदि शामिल हैं। अनेक सामाजिक कार्यकर्ता भी पौध-रोपण में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ लेने वाली बाणगंगा भोपाल निवासी लक्ष्मी बाई ने कहा कि उसके कठिन समय में मुख्यमंत्री ने इस योजना के माध्यम से सहारा दिया है। भावुक लक्ष्मीबाई ने मुख्यमंत्री को परिवार की आर्थिक दिक्कतों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने भोपाल शहर की लाड़ली बहना सेना की कुछ सदस्यों से चर्चा में कहा कि वे मुख्यमंत्री नहीं, लाड़ली बहनों के भाई हैं। आगामी 27 अगस्त को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उपहार देने के लिए विशेष कार्यक्रम हो रहा है। बहनों को इस कार्यक्रम की प्रतीक्षा है। रक्षाबंधन पर भाई अपनी लाड़ली बहनों को उपहार देने वाले हैं।
प्राकृतिक कृषि से जुड़े प्राण सिंह माथुर, सोनीलाल माथुर, दत्ताराम कुशवाह, वेताल कुशवाह और रामसेवक कुशवाह ने भी पौध-रोपण में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के साथ जबलपुर के जिला पंचायत सदस्य सत्येन्द्र सिंह राजपूत, संतोष पटेल, महेन्द्र जैन, अमित शर्मा, अमित राजपूत, अनुसूचित जाति मोर्चा सिंगरौली के अध्यक्ष दिलशरण सिंह ने भी आज पौध-रोपण किया।
हर घर तिरंगा यात्रा के दौरान तिरंगामय हुआ बुधनी, उमंग और उत्साह के साथ निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री का निधन... अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री... परिजनों से की मुलाकात
स्वर्गीय रामदयाल अहिरवार जी लोकप्रिय नेता और समर्पित जनसेवक थे। वह भारतीय जनता पार्टी के ऐसे कार्यकर्ता थे, जिन्होंने बचपन से पार्टी के काम को विस्तार देने के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया था।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) August 14, 2023
वह संघ के स्वयंसेवक व समाजसेवी थे। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने अनेक उल्लेखनीय कार्य… pic.twitter.com/JtEKM8ENu5
आफत की बारिशः सोलन में बादल फटने से 7 की मौत, समरहिल में दो दर्जन लोगों के दबने की आशंका
शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने कहर बरपा दिया है। सोलन जिला में बादल फटने से 7 लोगों की मौत हो गई। कंडाघाट उपमंडल की ममलीग उप-तहसील के जडौण गांव में आधी रात बादल फटने की घटना हुई है। बादल फटने से दो घर और एक गौशाला बह गई। अभी तक 7 लोगों के शवों को बाहर निकाला जा चुका है। इधर राजधानी शिमला के उपनगर समरहिल में सोमवार सुबह बड़ा भूस्खलन हुआ है। इस घटना में प्राचीन शिव बाड़ी मंदिर ध्वस्त हो गया। राहत व बचाव दलों ने तीन शवों को मलबे से निकाला है। हादसे में करीब दो दर्जन लोगों के दबने की आशंका है। शिमला के डीसी आदित्य नेगी और एसपी संजीव गांधी घटनास्थल पर मौजूद हैं।
सोलन जिला के कंडाघाट के एसडीएम सिद्धार्थ आचार्य ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि 7 लोगों के शवों को निकाला गया है। बीते दिन से भारी बारिश हो रही है। बारिश के कारण पंचायत सायरी के ज़डौण गांव में रति राम और उसके बेटे हरनाम के दो मकान भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गए। हरनाम का मकान पूरी तरह से तबाह हो गया है। मकान में 4 व्यक्ति थे, जबकि रति राम के घर में 9 व्यक्ति थे। कुल 5 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि 7 व्यक्तियों के शव पुलिस की मदद से निकाले जा चुके हैं। पुलिस और एसडीआरएफ टीम अभी मौके पर मौजूद है। इधर शिमला के उपनगर समरहिल में सोमवार सुबह भूस्खलन हुआ है। हादसे में करीब दो दर्जन लोगों के दबने की आशंका है। शिमला के एसपी संजीव गांधी ने बताया कि राहत कार्य जारी है। मलबे में कई लोग दबे हैं, जिन्हें निकालने की कोशिश जारी है।
इधर भारी बारिश से चंडीगढ़-शिमला नेशनल हाईवे-5 फिर से बंद हो गया है। भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। चक्की मोड़ पर पहाड़ से मलबा गिरा है। नेशनल हाईवे से डायवर्ट अंदरुनी मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद हो गए हैं। शिमला और चंडीगढ़ का संपर्क अब पूरी तरह से टूट गया है। चंडीगढ़ से कसौली जंगेशु मार्ग भी बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ से वाया बद्दी होकर सोलन और शिमला जाने का विकल्प भी खत्म हो गया है। इधर मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
सरकारी अस्पताल में 24 घंटे के भीतर... 18 मरीजों की मौत... मचे हड़कंप के बीच जांच के आदेश
मंत्री गिरीश महाजन ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पिछले चार दिनों में अस्पताल में मरने वालों की संख्या 22 हो गई है। अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गयी है। बताया जा रहा है कि इन मरीजों की मौत समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण हुई।
आज मध्य प्रदेश से सामाजिक समरसता के नए युग की शुरुआत : प्रधानमंत्री
भोपाल। संत शिरोमणि स्वामी रविदास सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। उन्होंने सामाजिक बुराइयों को दूर किया और समाज को जागृत किया। आज भारत उनके बताये मार्ग पर चलकर गुलामी की मानसिकता से मुक्ति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। आज मध्यप्रदेश से सामाजिक समरसता के नये युग की शुरूआत हो रही है। संत रविदास स्मारक एवं कला संग्रहालय की आधारशिला रखी गई है। यह भव्य भी होगा और दिव्य भी। इसके लिये मध्यप्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री शिवराज चौहान और प्रदेश की जनता को मैं बधाई भी देता हूँ और अभिनंदन करता हूँ। उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सागर जिले के बड़तूमा में संत शिरोमणि स्वामी श्री रविदास के सौ करोड़ की लागत से बनने वाले स्मारक और कला संग्रहालय के भूमि-पूजन और शिलान्यास के बाद ढाना में कहीं।
प्रधानमंत्री ने कोटा-बीना रेल लाइन दोहरीकरण का लोकार्पण किया। उन्होंने 1580 करोड़ रूपये से अधिक की लागत की 2 सड़क परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री चौहान और मंत्रीगण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुष्प गुच्छों से आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को प्रकाशन भेंट किए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संत जी की शिक्षाएं इस स्मारक स्थल के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रेरणा देंगी। यहाँ समरसता का भाव भी रहेगा। उन्होंने मध्यप्रदेश के 20 हजार ग्रामों और करीब 300 नदियों की मिट्टी विभिन्न यात्राओं के माध्यम से सागर तक लाने के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे लाखों परिवारों ने एक-एक मुट्ठी अनाज देकर समरसता के भाव को बढ़ाया है। वे इस स्मारक का हिस्सा बनेंगी। पाँच समरसता यात्राओं का समापन आज हुआ है। ये यात्राएं यहाँ खत्म नहीं होंगी, यहाँ से एक नए युग का प्रारंभ होगा। प्रेरणा और प्रगति जुड़ते हैं तो नए युग की नीव पड़ती है। मध्यप्रदेश इन कार्यों के लिए प्रशंसा का पात्र है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज बुंदेलखंड की इस भूमि पर संत रविदास जी के स्मारक स्थल के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री जी पधारे हैं। यह नींव ऐसे समय डाली गई है जब आजादी के 75 वर्ष हुए हैं। अमृत काल में हमारा दायित्व है कि हम अपनी विरासत को आगे बढ़ाएं,अतीत से सबक भी लें। संत रविदास महाराज ने भारतीय संस्कृति और समरसता के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। श्री संत रविदास ने कर्म को महत्व दिया। वे परिश्रम से जो भी अर्जित करते थे, उसे संत सेवा और समाज को अर्पित कर देते थे। कई राजा और मीराबाई भी उनके शिष्य थे। संत रविदास वास्तव में सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे।
हर घर तिरंगाः संस्कृति मंत्रालय की पहल..... तिरंगे के साथ सेल्फी यहां करे अपलोड
नईदिल्ली। आजादी का अमृत महोत्सव के तत्वाधान में 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन कर रहा है। इस कार्यक्रम के आयोजन के पीछे विचार नागरिकों के भीतर देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देना और सहयोगात्मक भागीदारी तथा बढ़ी हुई जन भागीदारी के सार के साथ आजादी का अमृत महोत्सव मनाना है। यह जानकारी नई दिल्ली में संस्कृति मंत्रालय में सचिव गोविंद मोहन द्वारा आयोजित एक संवादवाता सम्मेलन में साझा की गई। उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय द्वारा आरंभ किया गया हर घर तिरंगा अभियान बढ़ती जन भागीदारी के साथ एक जन आंदोलन में रूपांतरित हो गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष के लिए राष्ट्रीय तिरंगा बाइक रैली 11 अगस्त से मंडपम प्रगति मैदान, नई दिल्ली से आरंभ हुई जहां संसद के सदस्यों ने हर घर तिरंगा अभियान में भाग लिया। इसे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने झंडी दिखा कर रवाना किया। बाइक रैली ने इंडिया गेट सर्किल तक अपना रास्ता बनाया और इंडिया गेट क्षेत्र के निकट एक सर्किल का चक्कर लगाते हुए कर्तव्य पथ को पार किया तथा मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में जाकर यह रैली समाप्त हुई। अलग अलग आयु वर्ग से जुड़े हजारों लोगों ने अपनी बाइकों पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए रैली में भाग लिया।
गोविंद मोहन ने कहा कि प्रतिदिन लाखों लोग तिरंगा के साथ अपनी सेल्फी अपलोड कर रहे हैं। तिरंगा की सेल्फी के साथ साथ, लोग मेरी माटी मेरा देश अभियान में भी भाग ले रहे हैं जहां महत्वपूर्ण स्थानों पर देश के वीरों की स्मृति में अनगिनत शिलाफलकम का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर कोई तिरंगा के साथ अपनी सेल्फी अपलोड करने के जरिये हर घर तिरंगा में भाग ले सकता है। इन ध्वजों की खरीद https: //www.epostoffice.gov.in / से 12 अगस्त 11.59 बजे रात तक की जा सकती है। तिरंगा के साथ अपनी सेल्फी अपलोड करने के लिए https://harghartiranga.com . पर जाएं। लोग https://merimaatimeradesh.gov.in पर मेरी माटी मेरा देश अभियान में भाग ले सकते हैं।
मध्यप्रदेश में प्रियंका और कमलनाथ के खिलाफ... 41 जिलों में FIR... क्या है इसके पीछे वजह, पढ़िए
महाराष्ट्र सरकार का स्वास्थ्य को लेकर बड़ा फैसला... 15 अगस्त से प्रदेश के सभी अस्पतालों में मुफ्त होगा उपचार
जंगलों में लगी आग से पूरा शहर तबाह... अब तक 67 लोगों की मौत... हजार से ज्यादा इमारतें जलकर खाक
बता दें कि अब माउई द्वीप का पश्चिमी इलाका पूरी तरह से अलग-थलग पड़ चुका है। सिर्फ एक ही हाईवे खुला है। वहां मौजूद लहानिया शहर के हजारों लोगों को सुरक्षित इलाकों में भेजा गया है। कई लोग धुएं, तेज आंच और आग से बचने के लिए समुद्र में भाग गए। लहानिया से भागे मेसन जारवी ने बताया कि इससे पहले उन्होंने ऐसी आपदा नहीं देखी थी। पूरा का पूरा लहानिया जलकर खाक हो चुका है। यह किसी प्रलय से कम नहीं है।
BIG NEWS : गृहमंत्री शाह ने पेश किए 3 विधेयक... नाबालिग से गैंगरेप पर अब... सीधे 'सजा—ए—मौत'
#WATCH ...इस कानून के तहत हम राजद्रोह जैसे कानूनों को निरस्त कर रहे हैं: भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023, भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक पर लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह pic.twitter.com/V5HzoQFiMe
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 11, 2023
#WATCH केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में भारतीय न्याय संहिता विधेयक, 2023 भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक पर बोल रहे हैं।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 11, 2023
उन्होंने कहा, "1860 से 2023 तक देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार कार्य करती… pic.twitter.com/Mtk2DaYaTx
गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय न्याय संहित विधेयक में ऐसे प्रावधान हैं जो राजद्रोह को निरस्त करने और मॉब लिंचिंग और नाबालिगों से बलात्कार जैसे अपराधों के लिए अधिकतम मृत्युदंड देने का प्रावधान करते हैं। विधेयक में छोटे अपराधों के लिए दंड के रूप में पहली बार सामुदायिक सेवा प्रदान करने का भी प्रावधान है। विधेयक में अलगाव, सशस्त्र विद्रोह, विध्वंसक गतिविधियां, अलगाववादी गतिविधियां या भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने जैसे नए अपराधों को भी सूचीबद्ध किया गया है।
पेशी के लिए कोर्ट लाए गए दो भैंस... मामला जानने उमड़ पड़ी भीड़... हर कोई होता रहा हैरान, पढ़िए पूरा मामला
अब पुलिस ने दो भैंस तो जब्त कर लिए थे पर ये भैंस चरण सिंह की है या नहीं इसकी पुष्टि के लिए ये मामला कोर्ट में पहुंचा। 11 साल बाद इस मामले में 10 अगस्त को कार्यालय तहसीलदार एवं मजिस्ट्रेट तहसील चौमूँ पेश होने कहा गया। यहां पर 21 गवाहों में 5 लोगों की गवाही ली गई। 16 की गवाही अभी बाकी है, जिसके बाद भैंस को मालिक चरण सिंह को सौंप दिया जाएगा। अभी भैंस अस्थाई तौर पर परिवादी के पास है।
सर्पदंश से मौत होने पर... राज्य सरकार देगी 4 लाख का मुआवजा... पेश करने होंगे ये अहम दस्तावेज
लखनऊ। सावन का महीना चल रहा है। एक तरफ जहां शिव की उपासना हो रही है, तो खेती—किसानी भी शबाब पर है। लगभग किसान सुबह से लेकर शाम तक अच्छी फसल के लिए खेतों में पसीना बहा रहे हैं। हालांकि खेती—किसानी के दौरान किसानों को कई मुश्किलात के दौर से गुजरना पड़ता है, लेकिन किसान कभी हार नहीं मानते।
एयर इंडिया ने बदल दी अपनी पहचान... नया कलेवर लॉंच... दिसंबर से बदल जाएगा नजारा
संत रविदास ने भारतीय संस्कृति और समरसता के लिए अभूतपूर्व कार्य कियाः मुख्यमंत्री
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सागर जिले के बड़तूमा में बन रहे संत रविदास मंदिर के निर्माण स्थल के अवलोकन के बाद ढाना ग्राम में आगामी 12 अगस्त को होने वाली प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनसभा की तैयारी का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 अगस्त को बड़तुमा (सागर) में 100 करोड़ रूपये की लागत से संत शिरोमणि रविदास जी के भव्य मंदिर एवं विशाल स्मारक का शिलान्यास करेंगे।
मुख्यमंत्री ने सभा स्थल के मंच, हैलीपैड, डोम का अवलोकन कर अन्य सुविधाओं की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संत रविदास महाराज ने भारतीय संस्कृति और समरसता के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। संत रविदास ने कर्म को महत्व दिया। वे परिश्रम से जो भी अर्जित करते थे, उसे संत सेवा और समाज को अर्पित कर देते थे। कई राजा और मीराबाई भी उनके शिष्य थी। संत रविदास वास्तव में सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने सागर में विगत 8 फरवरी को संत रविदास मंदिर की योजना को भव्य रूप देकर निर्माण कराने की घोषणा की थी, जिसके परिप्रेक्ष्य में अब भव्य और अलौकिक मंदिर बनेगा। उन्होंने बताया कि सभा स्थल पर सभी तैयारियाँ पूरी हो गई है ।सागर जिले का प्रत्येक नागरिक सौभाग्यशाली है कि जिले की भूमि पर मंदिर निर्माण के भूमि पूजन के लिए वैश्विक नेता और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का 12 अगस्त को आगमन हो रहा है ।
चौहान ने बताया कि मंदिर नागर शैली में 10000 वर्ग फुट में बनेगा। इंटरप्रिटेशन म्यूजियम बनेगा। संस्कृति और रचनात्मक के साथ संत रविदास के कृतित्व-व्यक्तित्व को प्रदर्शित करने वाला संग्रहालय भी बनेगा। संग्रहालय में चार गैलरी बनेगी, जिनमें भक्ति मार्ग, निर्गुण पंथ में योगदान, संत जी का दर्शन और उनके साहित्य, समरसता का विवरण भी रहेगा। लाइब्रेरी के अलावा संगत हाल, जल कुंड, भक्त निवास भी बनेगा, जो अध्यात्मिक सुविधाओं से युक्त होगा। भक्त निवास में देश विदेश से संत रविदास के अनुयायी और अध्येता आएंगे, जिन्हें संत जी के जीवन से प्रेरणा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि संत रविदास जी का मंदिर और कला संग्रहालय भव्य होगा, जो श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अभूतपूर्व स्थल होगा। दार्शनिक और अध्येता और जिज्ञासु भी देश-विदेश से आएंगे। संत रविदास जी का कृतित्व- व्यक्तित्व और दर्शन पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादाई होगा।
स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन में आयोजित स्वागत समारोह की तैयारी हेतु बैठक सम्पन्न
घाटे का सौदा साबित होने लगा फिक्सड डिपॉजिट... 5 बैंकों ने घटाए ब्याज दर... अन्य बैंक भी चल पड़े उसी राह