Namami Gange Project: हिंडन की कायाकल्प के लिए 407.39 करोड़ रुपये की 4 परियोजनाएं स्वीकृत
2023-04-19 11:04 AM
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नईदिल्ली। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की कार्यकारी समिति की 48वीं बैठक राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक जी अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई। करीब 638 करोड़ रुपये मूल्य की 8 परियोजनाओं को बैठक में मंजूरी मिली। हिंडन नदी, जो कि यमुना नदी की एक सहायक नदी है, को साफ करने के प्रयास में शामली जिले में प्रदूषण कम करने के लिए 407.39 करोड़ रुपये की चार परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
ये परियोजनाएं व्यापक हिंडन कायाकल्प योजना का हिस्सा हैं। हिंडन नदी प्रदूषित नदियों के खंड में पहली प्राथमिकता के रूप में पहचानी गई है। जिन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, वे कृष्णा नदी में प्रदूषित पानी के प्रवाह को रोकने के लिए हैं। कृष्णा हिंडन की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है जो शामली जिले से प्रदूषित पानी को हिंडन नदी में छोड़ती है।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 2025 में होने वाले महाकुंभ की तैयारियों के तहत प्रयागराज में 7 घाटों के विकास की एक परियोजना को भी बैठक में मंजूरी दी गई। इन घाटों में दशाश्मेध घाट, किला घाट, नौकायन घाट, ज्ञान गंगा आश्रम घाट, सरस्वती घाट, महेवा घाट और रसूलाबाद घाट शामिल हैं। इन घाटों में नहाने के लिए जगह, कपड़े बदलने के लिए कमरे, सभी के लिए सुविधाजनक रैंप, पीने के पानी की जगह, रात के लिए फ्लड लाइट, कियोस्क, लैंडस्केपिंग आदि जैसी सुविधाएं होंगी।
बैठक में दो और, बिहार और मध्य प्रदेश में एक-एक गंदे नालों की प्रबंधन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक के दौरान जी अशोक कुमार ने राज्यों के अधिकारियों से एसटीपी स्थलों पर सौर ऊर्जा का उत्पादन करने और निर्मल जल केंद्रों को चलाने के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
उन्होंने अधिकारियों से नदियों से मिलने वाले नालों में ठोस कचरे को अलग करने और निपटाने के लिए ग्रिल का उपयोग करने का भी आह्वान किया। इस बात को रेखांकित करते हुए कि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत बनाई गई संपत्तियों के रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है।
हरिद्वार, उत्तराखंड के लिए घाट विकास की एक और परियोजना को मंजूरी दी गई, जहां 2.12 करोड़ करोड़ की कुल लागत से अखंड परम धाम घाट का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना में दुकान/कियोस्क (घाट पे हाट गतिविधियों के लिए), योग/ध्यान लॉन, दिव्यांगों के लिए रैंप, सैरगाह, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों के लिए मंच आदि का निर्माण शामिल है।