देश-विदेश
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने बारामती में लीयरजेट 45 (वीटी-एसएसके) दुर्घटना की जांच पर जानकारी दी
देलही : विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) विमान (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2017 और आईसीएओ अनुलग्नक 13 के अंतरराष्ट्रीय मानकों और अनुशंसित प्रक्रियाओं के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को बारामती में लीयरजेट 45 विमान वीटी-एसएसके से जुड़ी दुर्घटना की विस्तृत जांच कर रहा है।
विमान में दो स्वतंत्र उड़ान रिकॉर्डर लगे हुए थे। दुर्घटना के दौरान दोनों रिकॉर्डर लंबे समय तक तीव्र गर्मी के संपर्क में रहे और आग से क्षतिग्रस्त हो गए।
एल3-कम्युनिकेशंस द्वारा निर्मित डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) को एएआईबी फ्लाइट रिकॉर्डर प्रयोगशाला में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है। हनीवेल द्वारा निर्मित कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) की विस्तृत तकनीकी जांच चल रही है। डेटा पुनर्प्राप्ति में विशेष सहायता के लिए निर्माता देश के मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि से संपर्क किया गया है।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो एक व्यापक, निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्धारित तकनीकी और प्रक्रियात्मक प्रोटोकॉल का पूरी निष्ठा से पालन कर रहा है। ब्यूरो पारदर्शिता के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और जांच के उचित चरण में आगे की जानकारी साझा करेगा।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो सभी हितधारकों से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता है कि वे अटकलों से बचें और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ने दें।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल : सीएचसी को एफआरयू के रूप में उन्नत करने के लिए मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित करें
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में उन्नत करने के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इन इकाइयों में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एफआरयू का सुचारू संचालन अत्यंत आवश्यक है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चयनित हो चुके स्टाफ की जॉइनिंग प्रक्रिया को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पतालों में मानव संसाधन की कमी को दूर कर सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।बैठक में स्वास्थ्य जांच की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रदेश की टेस्टिंग लैब्स के सुदृढ़ीकरण कार्यों पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और पैथोलॉजी सेवाओं के विस्तार हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल, आयुक्त धनराजू एस सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
चारधाम में मोबाइल और रील पर सख्त रोक, 19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा; जानिए कपाट खुलने की तिथियां…
चारधाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन, पुलिस और मंदिर समितियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और यात्रा को सफल एवं मर्यादित बनाने में सहयोग दें।
सम्राट विक्रमादित्य के सम्मान में स्थापित होगा देश का सबसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण सम्मान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन ने सदियों से धर्म, ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति की ज्योति प्रज्ज्वलित की है। विरासत से विकास के इस प्रतीक के रूप मे ही उज्जैन में विक्रमोत्सव का सांस्कृतिक महापर्व आयोजित किया जा रहा है। यह केवल एक उत्सव नहीं बल्कि सांस्कृतिक अस्मिता और ऐतिहासिक स्वाभिमान का विराट पर्व है। महान सम्राट विक्रमादित्य ने न्याय, सुशासन और लोक कल्याण की ऐसी परंपरा स्थापित की जो आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका शासन काल विद्या, विज्ञान, ज्योतिष और साहित्य के स्वर्णिम युग के रूप में विश्व में विख्यात रहा है।
विक्रम संवत और भारतीय काल गणना हमारे वैज्ञानिक सोच और सांस्कृतिक समृद्धि का गौरवशाली प्रतीक है। उज्जैन का सांस्कृतिक आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजन - विक्रमोत्सव हमारी परंपरा को नई ऊर्जा देगा। प्रदेश भर में गांव, शहर, कस्बों तक विक्रमोत्सव का विस्तार करते हुए प्रदेश में हो रहे सभी शिवरात्रि मेलों को इस आयोजन से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिव और शक्ति के महापर्व महाशिवरात्रि की उज्जैनवासियों को बधाई दी और रविवार को उज्जैन में विक्रमोत्सव-2026 का शुभारंभ कर यह विचार व्यक्त किये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन की कीर्ति का वैभव संपूर्ण विश्व में छाया था। सम्राट विक्रमादित्य का दरबार नवरत्नों से संपन्न था। उन्होंने शकों को परास्त किया और तुर्कमेनिस्तान से आगे यूरोप तक सनातन संस्कृति का विस्तार किया। साथ ही विक्रम संवत के माध्यम से सुशासन की नई मिसाल स्थापित की। सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा का वर्णन चीनी यात्रा व्हेन सांग और अरबी इतिहासकार अलबरूनी के उल्लेखों में मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने और उनके शौर्य, न्याय तथा प्रजावत्सल आदर्शों को अमर बनाने के लिए उनकी स्मृति में एक करोड़ एक लाख रुपए का सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्टीय अलंकरण सम्मान स्थापित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह देश का सबसे प्रतिष्ठित अलंकरण भारत की सांस्कृतिक गरिमा को विश्व मंच पर नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 21 लाख रुपए का राष्ट्रीय सम्मान और 5-5 लाख रुपए की तीन राज्य स्तरीय सम्मान भी स्थापित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव की ख्याति तेजी से बढ़ रही है। प्रसन्नता का विषय है कि वर्ष-2024 के विक्रमोत्सव को एशिया का बिगेस्ट रिलीजियस फेस्टीवल का अवार्ड मिला। विक्रमोत्सव-2025 को ईमैक्सम ग्लोबल अवार्ड द्वारा 'लांगस्टैडिंग आईपी ऑफ द इयर' से सम्मानित किया गया। इस वर्ष और आने वाले समय में भी विक्रमोत्सव अपनी उत्सवधर्मी सांस्कृतिक पहचान को दुनिया में स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन पृथ्वी का नाभि स्थल कहा जाता है। सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की अस्था इसे सनातन के विश्वास का केंद्र भी बनाती है। इसी दिव्य परम्परा को अधिक भव्य व्यवस्थित और श्रद्धालु केंद्रित बनाने के लिए सिंहस्थ की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उज्जैन तथा आसपास के क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी से जारी हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए उज्जैन के आसपास फोर लेन और सिक्स लेन सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। शिप्रा नदी में स्नान के लिए 30 किमी घाटों की व्यवस्था की गई है। मोक्षदायनी शिप्रा नदी को निर्मल और विरल बनाए रखने के लिए व्यवस्थित कार्य योजना प्रगति पर है।
महामृत्युंजय से डेढ़सी पुल तक शिवत्व का सैलाब, काशी डूबी आस्था के महाकुंभ में
बहनों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ना और मेहनत की सही कीमत देना प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बहनें मध्यप्रदेश की लक्ष्मी हैं, अन्नपूर्णा हैं, उनके लिए जितना करें, उतना कम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सदैव नारी कल्याण के लिए दृढ़ संकल्पित है। सनातन संस्कृति में नारी का स्थान सर्वोपरि है। महा शिवरात्रि के पावन पर्व से पहले प्रदेश की लाड़ली बहनों को 1500 रुपए सम्मान राशि की अद्भुत सौगात मिल रही है। बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार बहनों के कल्याण के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में हमारी प्राथमिकता है कि बहनों को प्रशिक्षण मिले, उन्हें स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए और मेहनत की सही कीमत मिले। बहनें एक बगिया मां के नाम योजना और स्व-सहायता समूहों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। हमारी बहनें लखपति दीदी के साथ अब ड्रोन दीदी भी बन रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित 5 लाख स्व-सहायता समूह के माध्यम से अब तक 62 लाख बहनें आत्मनिर्भर हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को खंडवा जिले के पंधाना में लाड़ली बहनों को योजना की 33वीं किस्त की सौगात देने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपए अंतरित किए। इस योजना में अब तक लाड़ली बहनों को 52,304 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा कर प्रदेश के कल्याण के लिए उनका आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर खंडवा के चहुंमुखी विकास के लिए 608 करोड़ रुपए से अधिक के 13 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इसमें 255 करोड़ रुपए लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं 353.82 करोड़ लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा जिले में 301 करोड़ लागत की निर्मित भाम सिंचाई परियोजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्रयोगशाला और पंधाना के नवीन शासकीय सांदीपनि विद्यालय का शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति नारी प्रधान है। घर में माताओं-बहनों के हाथ में पैसे आएं तो वे उन्हें परिवार की सुख समृद्धि में लगाती हैं। बहनों की जिंदगी बदलने के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार कपास आधारित उद्योग में काम करेंगी तो उन्हें 5 हजार रुपए महीना अलग से दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवार की बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में हो रहा है। सामूहिक कन्यादान योजना में 55 हजार रुपए प्रति जोड़ा राशि दी जाती है। सनातन संस्कृति के 16 संस्कारों में विवाह संस्कार सबसे बड़ा संस्कार है। यह परिवार में अमरता का संस्कार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पात्र हितग्राही परिवार की बेटियों के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था करा रही है, जिससे वे पढ़-लिखकर प्रदेश और परिवार का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला गैस योजना में प्रदेश की 25 लाख बहनों को 111 करोड़ की राशि भी निरंतर भेजी जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रदेश की 7 लाख से अधिक हितग्राहियों बहनों को 385 करोड़ की राशि दी गई है।
इंदौर का शास्त्री ब्रिज होगा नया: सांसद लालवानी की पहल से शुरू हुई ठोस कार्ययोजना
आरा मिल सील, वन विभाग की उड़नदस्ता ने की कार्रवाई
वन विभाग की इस कार्रवाई से अवैध कटाई एवं लकड़ी के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन अपराधों के विरुद्ध आगे भी सतत अभियान जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने सभी आरा मिल संचालकों से अपील की है कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा विधिसम्मत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी में कफ सिरप तस्करी पर पुलिस का बड़ा वार, 28 करोड़ की सम्पत्ति कुर्क
वाराणसी पुलिस की यह कार्रवाई नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त संदेश है। जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अवैध सम्पत्तियों पर शिकंजा कसना यह दर्शाता है कि अपराध से अर्जित धन अब सुरक्षित नहीं रहेगा। कफ सिरप तस्करी जैसे मामलों में पुलिस की यह कार्यवाही न केवल कानून का पालन कराती है बल्कि समाज को भी यह भरोसा दिलाती है कि अपराधियों की जड़ें आर्थिक रूप से काटी जाएंगी।
आज से एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षाएं, उर्दू विषय से शुरुआत
इस वर्ष एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षाओं में 9 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। राज्य भर में हजारों परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सख्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पहले दो घंटों में छात्रों को बिना अनुमति हॉल से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी, और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर पेपर रद्द करने जैसे सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
राष्ट्रपति से प्रधानमंत्री तक—तेंदुलकर परिवार ने दिया विवाह का आमंत्रण
जनजातीय समुदाय की समृद्धि का आधार बन रहे हैं वन मेले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन हमारी वसुंधरा का वैभव हैं, धरती की धरोहर और धरा का अलंकरण हैं। वन हमारी राष्ट्रीय पूंजी हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन मेले प्रदेश की समृद्ध जैविक और वानस्पतिक विविधताओं को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं। इनके जरिए हमारे जनजातीय भाई-बहनों को अपने वनोत्पाद और काष्ठ शिल्प विक्रय करने का सुनहरा मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि ‘श्री महाकाल वन मेले’ की आज से शुरूआत हो गई है। ये मेला शीघ्र ही अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। मेले में प्रदर्शित जड़ी-बूटियां तथा विभिन्न प्रकार के शुद्ध एवं सुरक्षित अकाष्ठीय लघु वनोत्पाद आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से रोगोपचार में बेहद उपयोगी होते हैं। वनौषधियां हर रोग के इलाज में कारगर साबित हो रही हैं। इनसे असंभव रोग का इलाज भी संभव हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय बजट-2026 में एम्स की तर्ज पर देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की घोषणा की गई है। इनमें से एक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भगवान धनवंतरी की कर्मभूमि और सिंहस्थ भूमि उज्जैन में स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में पहली बार आयोजित ‘श्री महाकाल वन मेला-2026’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस वन मेले में नागरिकों को प्राकृतिक रंग-गुलाल मिलेंगे। इसमें नाड़ी वैद्य और आयुर्वेदिक चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन मेले में प्रदर्शित काष्ठ और बांस से निर्मित एथनिक क्रॉफ्ट आइटम्स न केवल पारम्परिक शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, बल्कि सबके घरों की शोभा भी बढ़ाते हैं। उन्होंने उज्जैन के नागरिकों से अपील की कि वे इस वन मेले का भरपूर लाभ उठाएं और प्रदेश की वन संपदा तथा जनजातीय उत्पादों का उपयोग कर सबको प्रोत्साहित भी करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ‘महाकाल वन मेले’ के जरिए स्थानीय वन उत्पादों और शिल्पकारों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। पर्यावरण जागरूकता, आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रचार-प्रसार और आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक सार्थक कदम है। उज्जैन के दशहरा मैदान में यह वन मेला 16 फरवरी तक चलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार तेजी से प्रदेश में मेडिकल और आयुर्वेदिक कॉलेजों की संख्या में वृद्धि कर रही है। पिछले साल हमने विभिन्न जिलों में 8 नए आयुर्वेदिक कॉलेज शुरू किए हैं। इस साल हम और भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्य हर्बल के प्राकृतिक रंग-गुलाल, महाकाल स्मृति उपहार किट एवं 'महाकाल वन प्रसादम्' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना जिले के वन औषधियों से उपचार पद्धति के विशेष जानकार वनरक्षक जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 25 जनवरी को 'मन की बात' में वनरक्षक अहिरवार द्वारा वनौषधियों के देशज ज्ञान के संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की थी।
एक परिंदा बचा, पर सवाल अब भी बाकी—कब थमेगी मौत की मांझा
एनकाउंटर में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर, 40 केस थे दर्ज, गोलियों से टूटा सुबह का सन्नाटा
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार, बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधा हमला किया था. फायरिंग इतनी जबरदस्त थी कि एसपीआरए की गाड़ी के शीशे टूट गए और बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं. बुढाना, शाहपुर और तितावी थाने की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. घायल बदमाश अमजद को तुरंत इलाज के लिए सीएचसी बुढाना ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घायल पुलिसकर्मियों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है.
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एक 9 एमएम की आधुनिक कार्बाइन, एक पिस्टल, बड़ी तादाद में जिंदा कारतूस और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है. हथियारों के अलावा बदमाश के पास से हाल ही में लूटी गई ज्वेलरी, कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और मोबाइल फोन भी मिले हैं. एसएसपी ने बताया कि यह बदमाश अंतरराज्यीय गैंग का हिस्सा था और पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था. पुलिस अब उसके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है.
श्रद्धा, वैराग्य और लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम—काशी की शिव-बारात
UAE में सेलिना जेटली के भाई हिरासत में : दिल्ली हाईकोर्ट ने MEA को दिए अहम निर्देश, मीडिया से बात करने पर लगाई रोक
हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय से पूछा है कि क्या अदालत की सीधी बातचीत मेजर (रिटायर्ड) विक्रांत जेटली से कराई जा सकती है। सुनवाई के दौरान अदालत ने विदेश मंत्रालय के वकील को निर्देश दिया कि वह मंत्रालय या संबंधित भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि विक्रांत जेटली की अदालत से बातचीत संभव हो सके। कोर्ट यह जानना चाहती है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या किसी अन्य माध्यम से उनसे संपर्क स्थापित किया जा सकता है या नहीं।
अदालत को बताया गया कि विक्रांत जेटली सितंबर 2024 से UAE में हिरासत में हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को बिना अदालत की अनुमति मीडिया से बातचीत न करने का भी निर्देश दिया है। सुनवाई के बाद मंगलवार दोपहर सेलिना जेटली को दिल्ली हाईकोर्ट से बाहर निकलते हुए देखा गया, हालांकि अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने इस मामले पर मीडिया से कोई बयान नहीं दिया। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को निर्धारित की है।
इससे पहले, पिछले सप्ताह दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय को आदेश दिया था कि वह UAE की कानूनी फर्म अल मरी पार्टनर्स को वहां की अदालत में विक्रांत जेटली का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति दे। यह फर्म दुबई और अबू धाबी में पूरी तरह नि:शुल्क (प्रो बोनो) आधार पर मामले की पैरवी करेगी। अदालत को बताया गया कि इस फर्म का नाम सेलिना जेटली के वकील राघव कैकर ने सुझाया था, जिनकी सहायता अधिवक्ता माधव अग्रवाल और सुराधीश वत्स ने की। अदालत को यह भी बताया गया कि कानूनी फर्म ने मामले की जानकारी स्वयं जुटाई है और बिना किसी शुल्क के कानूनी सहायता देने के लिए तैयार है।