देश-विदेश
अहमदाबाद में क्रैश हुआ एयर इंडिया का विमान, 242 यात्री सवार थे… रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, एयरपोर्ट में अफरा-तफरी का माहौल…
· केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री और अहमदाबाद पुलिस आयुक्त से की बात
· हादसे में कई घरों को पहुंचा नुकसान, यात्रियों को लेकर यह विमान लंदन जा रहा था
अहमदाबाद. एजेंसी। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद के मेघानीनगर में आज दोपहर एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मिले इनपुट के अनुसार, इसमें 242 यात्री सवार थे। एयर इंडिया के विमान के साथ यह हादसा तब हुआ, जब वह पैसेंजर्स को लेकर टेक ऑफ करने वाला था। बताया जा रहा है कि टेकऑफ के दौरान प्लेन दीवार से टकरा गया, जिसके बाद उसमें भंयकर आग लग गई। घटना की खबर लगते ही मौके पर फायर ब्रिगेड का अमला पहुंच गया है। यात्रियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इधर विमान दुर्घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री और अहमदाबाद पुलिस आयुक्त से बात की है।
केंद्र ने राज्य को सभी आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया है। इस बीच, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू भी स्थिति का जायजा लेने के लिए अहमदाबाद रवाना हो गए हैं। यह हादसा गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास हुआ है। एयर इंडिया का यात्री विमान क्रैश हुआ है। यह विमान लंदन जा रहा था, लेकिन टेकऑफ के दौरान मेघानी नगर के पास क्रैश हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार विमान में करीब 242 यात्री सवार थे। हादसे की खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड और आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंच चुकी हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हताहतों की संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। इस हादसे में कई घरों को भी नुकसान हुआ है। हादसे से संबंधित वीडियो में विमान धू-धू कर जल रहा है। लोग आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। दमकल की गाड़ियां खड़ी है और आग बुझाया जा रहा है। एयरपोर्ट में अफरा-तफरी का माहौल है।
डीजीसीए के डीजी ने प्रेस नोट में दी सारी जानकारी
डीजीसीए के डीजी फैज किदवई ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि आज को एयर इंडिया का एक बोइंग 787 विमान,जिसका पंजीकरण नंबर VT-ANB था, अहमदाबाद से गैटविक जा रहा था। उड़ान संख्या AI-171 वाला यह विमान अहमदाबाद से उड़ान भरने के ठीक बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे,जिनमें 2 पायलट और 10 केबिन क्रू शामिल थे। विमान की कमान कैप्टन सुमीत सभरवाल के हाथों में थी,जिनके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर सह-पायलट के रूप में थे। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के अनुसार,विमान ने अहमदाबाद से दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान ने ATC को ‘मेडे’ (आपातकालीन) कॉल दिया। हालांकि,इसके बाद ATC द्वारा की गई किसी भी कॉल का विमान से कोई जवाब नहीं मिला। रनवे 23 से उड़ान भरने के तुरंत बाद,विमान हवाई अड्डे की परिधि के बाहर जमीन पर गिर गया। दुर्घटनास्थल से भारी काला धुआं उठता देखा गया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नॉर्वे की मत्स्य पालन और महासागर नीति मंत्री सुश्री मैरिएन सिवर्टसेन नेस के साथ की द्विपक्षीय बैठक
नईदिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नॉर्वे की मत्स्य पालन और महासागर नीति मंत्री सुश्री मैरिएन सिवर्टसन नेस के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इसमें टिकाऊ मत्स्य पालन, समुद्री संसाधन प्रबंधन, टिकाऊ मत्स्य पालन और नीली अर्थव्यवस्था के व्यापक ढांचे से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
बाद में दोनों मंत्रियों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में, भारत और नॉर्वे ने फ्रांस के नीस में चल रहे तीसरे संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन (यूएनओसी 3) के दौरान आयोजित द्विपक्षीय बैठक में टिकाऊ महासागर शासन और मत्स्य पालन पर सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
दोनों मंत्रियों ने समुद्री शासन में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें मत्स्य पालन क्षेत्र में भारत और नॉर्वे के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को दर्शाया गया। चर्चा में समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग, बेहतर डेटा साझाकरण तंत्र और अत्यधिक मछली पकड़ने और समुद्री प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों जैसी साझा प्राथमिकताओं को भी शामिल किया गया।
दोनों पक्षों ने सतत विकास के लिए महासागर विज्ञान के संयुक्त राष्ट्र दशक (2021-2030) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व को स्वीकार किया, जिसमें ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी साझाकरण पर जोर दिया गया। मंत्रियों ने मौजूदा भारत-नॉर्वे सहयोग को आगे बढ़ाने विशेष रूप से एक स्थायी और समावेशी नीली अर्थव्यवस्था के विकास से जुड़े क्षेत्रों में अवसरों की भी पहचान की।
9 से 13 जून तक आयोजित होने वाले यूएनओसी3 में वैश्विक नेता, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और उद्योग प्रतिनिधि महासागर स्वास्थ्य, सतत विकास और जलवायु लचीलेपन के लिए सामूहिक कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए हैं।
डॉ. जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में भारत की भागीदारी वैश्विक महासागर एजेंडे को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए देश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही तटीय समुदायों के हितों की रक्षा और टिकाऊ महासागर आधारित आजीविका को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी दर्शाती है।
नीस में यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर के देश आर्थिक विकास और समुद्री संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के प्रयासों को बढ़ा रहे हैं। भारत-नॉर्वे वार्ता को समुद्री संसाधनों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
भारतीय सैन्य टुकड़ी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास खान क्वेस्ट के लिए पहुंची मंगोलिया
नईदिल्ली। भारतीय सैन्य टुकड़ी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास खान क्वेस्ट के लिए आज मंगोलिया के उलानबटार, पहुंची, जिसका आयोजन 14 से 28 जून 2025 तक किया जाना निर्धारित है। यह अभ्यास विश्व भर के सैन्य बलों को परस्पर सहयोग करने और अपनी शांति स्थापना क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एकजुट करेगा। अभ्यास खान क्वेस्ट का पिछला संस्करण मंगोलिया में 27 जुलाई से 9 अगस्त 2024 तक आयोजित किया गया था ।
यह अभ्यास पहली बार वर्ष 2003 में संयुक्त राज्य अमेरिका और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के बीच एक द्विपक्षीय कार्यक्रम के रूप में आरंभ हुआ था। इसके बाद, वर्ष 2006 से यह अभ्यास बहुराष्ट्रीय शांति स्थापना अभ्यास में परिवर्तित हो गया और वर्तमान वर्ष इसका 22 वां संस्करण है।
भारतीय सेना के 40 कर्मियों वाले दल में मुख्य रूप से कुमाऊं रेजिमेंट की एक बटालियन के सैनिक तथा अन्य सेनाओं के कर्मी शामिल हैं। दल में एक महिला अधिकारी तथा दो महिला सैनिक भी शामिल होंगी।
अभ्यास खान क्वेस्ट का उद्देश्य बहुराष्ट्रीय वातावरण में प्रचालन करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों को शांति अभियानों के लिए तैयार करना है, जिससे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के अंतर्गत शांति समर्थन अभियानों में अंतर-संचालन और सैन्य तत्परता में वृद्धि हो। अभ्यास में उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस, संयुक्त योजना और संयुक्त सामरिक अभ्यास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अभ्यास के दौरान किए जाने वाले सामरिक अभ्यासों में अपरिवर्ती और गतिशील चेक प्वाइंटों की स्थापना, घेराबंदी और तलाशी अभियान, गश्त, शत्रु क्षेत्रों से नागरिकों की निकासी, काउंटर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस ड्रिल, युद्ध संबंधित प्राथमिक उपचार और हताहतों की निकासी आदि शामिल होंगे।
खान क्वेस्ट अभ्यास भागीदार देशों को संयुक्त अभियानों के प्रचालन के लिए रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं में अपनी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने में सक्षम बनाएगा। यह अभ्यास भाग लेने वाले देशों के सैनिकों के बीच अंतर-संचालन, सौहार्द और भ्रातृत्व विकसित करने में मदद करेगा।
Rath Yatra 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारी शुरु, स्नान के बाद 15 दिनों के लिए बीमार होंगे जगन्नाथ
Jagannath Rath Yatra 2025: ओडिशा की पुरी धाम में जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारी पूरे जोरों-शोरों से चल रही है। पंचांग के अनुसार, हर साल भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आषाढ़ माह शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को निकाली जाती है। वहीं जेष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि के दिन भगवान जगन्नाथ को स्नान कराया जाएगा। इसके बाद से भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए बीमार होने के बाद एकांतवास में चले जाते हैं। इस अवधि में भक्तगण भगवान के दर्शन नहीं कर सकते हैं, इसके बाद जब प्रभु ठीक होते हैं तब जगन्नाथ यात्रा शुरू होती है।
आज भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र की मूर्तियों को गर्भगृह से मंडप में लाया जाएगा फिर 108 घड़ों के पानी से स्नान कराया जाएगा. इसमें परंपरा के अनुसार प्रभु जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र को जल से स्नान कराया जाएगा। खास बात ये है कि इस पानी में कई तरह की औषधियां मिलाई जाती है। सुगंधित फूल, चंदन, केसर,कस्तूरी को पानी में मिलाया जाता है। इस पवित्र स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन को बुखार हो जाता है।
इस साल प्रभु श्री जगन्नाथ यात्रा की शुरुआत शुक्रवार, 27 जून 2025 को शुरु होगी। इस तिथि पर भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर तक यात्रा करते हैं। इस दौरान लाखों भक्त इस रथ यात्रा में शामिल होने के लिए आते हैं। इस यात्रा का समापन शनिवार, 5 जुलाई को होगा।
सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना में होगा 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सिरमौर बनाने के लिये प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश में वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट तक सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के स्वप्न को साकार करने में मध्यप्रदेश शत-प्रतिशत योगदान देगा। उन्होंने कहा कि भोपाल में सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट में देश एवं प्रदेश के 350 से अधिक निवेशकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की है। सभी के उत्साह का ही परिणाम है कि योजना में 20 हजार करोड़ से अधिक राशि का निवेश होना संभावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 'सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना' समिट को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नायक हैं। मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। प्रदेश में सोलर तथा पवन ऊर्जा का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है।मध्यप्रदेश के सोलर ऊर्जा उत्पादन से नई दिल्ली में मेट्रो ट्रेन चल रही है और कई घरों को बिजली मिल रही है। निकट भविष्य में पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर 6-6 महीने बिजली उपलब्धता के लिए सोलर प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में राज्यों के बीच सौहार्द्र का वातावरण बना है। मध्यप्रदेश ने उत्तरप्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के साथ नदी जोड़ो परियोजनाएं शुरू की हैं। ऊर्जा उत्पादन में नागरिकों को जोड़कर अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सूर्य अनंत ऊर्जा का भंडार है। सूर्य देव हमारे सौरमंडल में ऊर्जा के प्रमुख केंद्र हैं। ऋषि-मुनियों ने बताया है कि सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। प्रकाश से ही जीवन मिलता है। सनातन संस्कृति में सभी कार्यक्रमों की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से होती है, जो कि सूर्य आराधना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना में छोटे-छोटे निवेशकों को भी जोड़ना एक सराहनीय प्रयास है। मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के 11 साल में बड़े बदलाव आए हैं। मध्यप्रदेश बिजली के मामले में सरप्लस है। मोहासा बाबई में नवकरणीय ऊर्जा के उपकरण निर्माण के लिए 22 इकाइयों का भूमिपूजन किया जा चुका है इससे 24 हजार रोजगार सृजित होंगे। वर्ष 2025 तक प्रदेश के सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाए जाएंगे।
आईआईटी जोधपुर के उद्घाटन एवं विज्ञान-प्रोत्साहन गतिविधियों में होंगे शामिल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
नईदिल्ली। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला 09 जून (सोमवार) को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस अवसर पर बिरला संस्थान के नव-निर्मित व्याख्यान कक्ष परिसर – II (Lecture Hall Complex - II) का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, सामाजिक कार्यकर्ता श्री निम्बाराम, प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक और आईआईटी जोधपुर के अभिभाषक मंडल के अध्यक्ष एएस किरण कुमार, आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कु. अग्रवाल तथा उप निदेशक प्रो. भबानी के. सतपथी उपस्थित रहेंगे। एएस किरण कुमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
14 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ आईआईटी जोधपुर का यह अत्याधुनिक नया लेक्चर हॉल परिसर संस्थान की शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों को एक नई दिशा देगा। अपने दौरे के दौरान श्री बिरला 'रिसर्च इनिशिएटिव ग्रांट' का भी वितरण करेंगे, जिससे शोधकर्ताओं और नवाचार से जुड़ी परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, वे संस्थान की नई आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण भी करेंगे।
इस विशेष अवसर पर विज्ञान को लोकप्रिय बनाने हेतु तैयार की गई 'खेल-खेल में विज्ञान' कॉमिक्स श्रृंखला का विमोचन भी लोक सभा अध्यक्ष करेंगे। यह श्रृंखला बच्चों और युवाओं को सरल भाषा में वैज्ञानिक सोच से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। लोक सभा अध्यक्ष का यह दौरा उच्च शिक्षा, नवाचार और विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।य़ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT जोधपुर) राजस्थान में स्थित एक प्रमुख तकनीकी संस्थान है, जो 2008 में भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया था। यह उच्च गुणवत्ता वाली इंजीनियरिंग शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के लिए जाना जाता है।
दिल्ली में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल इतनी मापी गई तीव्रता
नईदिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में रविवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.3 मापी गई, जिसके कारण अधिकांश लोगों को इसका अहसास नहीं हुआ। भूकंप का केंद्र दक्षिण पूर्व दिल्ली में जमीन की सतह से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई पर था। फिलहाल, इस घटना से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि यह भूकंप शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि करीब 1:27 बजे आया। उस समय अधिकांश लोग सो रहे थे, जिसके चलते झटके महसूस नहीं हुए। कम तीव्रता और गहराई में होने के कारण यह भूकंप सामान्य रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर भूकंपीय जोन-4 में आता है, जहां हल्के भूकंप आना असामान्य नहीं है।
1400 करोड़ की लागत से बनेगा गौमुख जलाशय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कुंडम में जबलपुर और मंडला जिले के किसानों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुंडम के समीप ग्राम छपरा में सांदीपनिविद्यालय और आईटीआई का लोकार्पण करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए 1400 करोड़ रुपए की लागत से गौमुख जलाशय बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौमुख जलाशय से 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। जलाशय से जबलपुर जिले के 14 हजार 900 और मंडला जिले के 10 हजार 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई संभावित है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को सांदीपनि विद्यालय और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था की सौगात मिल रही है। यह शिक्षा के मंदिर इस क्षे़त्र में रहने वाले छात्र-छात्राओं के जीवन में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और विद्यार्थियों के जीवन की बेहतर दिशा तय करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि भगवान कृष्ण और बलराम ने संदीपनि आश्रम में अपनी शिक्षा ग्रहण की। शिक्षा ग्रहण करने के बाद विद्यार्थी नए रूप में उभरकर सामने आते हैं। इस अवसर पर राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेंटवाल, विधायक सर्व संतोष बरकड़े, अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी एवं सुशील कुमार तिवारी इंदु सहित अन्य जनप्रतिनिधि मंचासीन थे।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में नित नये आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश के दो सांदीपनि विद्यालय क्रमश: रतलाम का विनोबा सीएम राइज स्कूल ‘विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कार, 2024’ के ‘नवाचार’ श्रेणी में प्रथम स्थान पर घोषित हुआ है। सीएम राइज मॉडल उच्चतर माध्यमिक स्कूल झाबुआ को 'सपोर्टिंग हेल्दी लाइफ' में चुना गया है। लंदन स्थित T-4 एजुकेशन संस्था ने विभिन्न श्रेणियों में हमारे सांदीपनि विद्यालियों को विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में शामिल किया है। कक्षा 10वी एवं 12वी बोर्ड परीक्षा के परिणामों में शासकीय स्कूल के विद्यार्थियों ने निजी विद्यालयों की तुलना में अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि गोंडवाना समाज की रानी दुर्गावती ने अपने पराक्रम से दुश्मनों को मात दी। उन्होंने 52 लड़ाईयां लड़कर दुश्मनों के दांत खट्टे किये। उन्होंने अपने शौर्य के साथ-साथ जल संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो परियोजना के स्वप्न को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में तीन नदी जोड़ो परियोजना चल रही है। किसानों की आमदनी दोगुनी हो इसके लिये किसान मेले भी लगाए जा रहे हैं। हाल ही में नरसिंहपुर जिले में तीन दिवसीय कृषि उद्योग मेला लगाया गया। इन मेलों का उद्देश्य किसानों को उन्नत खेती, नई तकनीक और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन देकर उन्हें जानकारी प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जल सरंक्षण की दिशा में जल गंगा संवर्धन अभियान चला रही है। तीन माह चलने वाले इस अभियान में प्रदेश में 75 हजार खेत तालाब बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें ढाई महीने में 70 हजार खेत तालाब बन चुके हैं। आगामी रक्षाबंधन के पर्व पर लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाई जायेगी और पांच साल में इस राशि को 3 हजार रूपये तक पहुंचाया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के 9 जून को 11 वर्ष पूर्ण होने जा रहे है। इस उपलक्ष्य पर नारी सशक्तिकरण, युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण के साथ विभिन्न क्षेत्र में अर्जित उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा। इसके साथ ही उन्होंने विगत दिवस प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लोकार्पित चिनाव नदी पर बने रेल्वे पुल की उपयोगिता के बारे में बताया।
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार की उपलब्धियों के बारे में बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में कुंडम आईटीआई प्रारंभ किया गया था जिसमें 49 छात्र छात्राओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। वर्तमान मे यहाँ लगभग 12 करोड़ 63 लाख की लागत राशि से आईटीआई भवन, बालक बालिका हॉस्टल एवं स्टाफ़ के लिए क्वार्टर तैयार किया गया है। क्षेत्र के बालक-बालिकाओं को उनका हुनर और कौशल विकास में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम को विधायक संतोष वरकड़े ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किया।
दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन महीने बंद रहेगा रनवे..... नियमित 200 उड़ानें होंगी प्रभावित
नईदिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों को आगामी महीनों में असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है. दरअसल, रनवे 10/28 को 15 जून से 15 सितंबर तक अपग्रेडेशन के लिए बंद किया जा रहा है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने यह स्पष्ट किया है. इस दौरान हर दिन लगभग 200 उड़ानें प्रभावित होंगी। इनमें से 114 को रद्द कर दिया गया है, जबकि शेष 86 उड़ानों को गैर-पीक ऑवर में पुन: निर्धारित किया गया है।
डीआईएएल के अधिकारियों के मुताबिक, रनवे को बंद रखकर कैट- आईआईआईबी तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे घने कोहरे के दौरान भी बिना बाधा के विमान संचालन किया जा सकेगा. सर्दियों में कोहरे के कारण जब दृश्यता बेहद कम होती है तो यह तकनीक अत्यंत सहायक साबित होती है।
पहले यह रनवे अप्रैल और मई में भी अस्थायी रूप से बंद किया गया था, लेकिन पूर्वी हवाओं के कारण लैंडिंग क्षमता में कमी आने पर इसे दोबारा खोला गया था. उस दौरान प्रति घंटे की लैंडिंग क्षमता 42 से घटकर 32 रह गई थी. इस बार एयरपोर्ट प्रबंधन ने सभी एयरलाइनों के साथ समन्वय कर उड़ानों के समय में बदलाव किया है, जिससे यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।
दिल्ली एयरपोर्ट पर फिलहाल 27/9, 10/28, 29आर/11एल और 29एल /11आर कुल चार रनवे काम करता है. रनवे 10/28 के बंद होने पर 29आर /11एल से उड़ानों का प्रस्थान होगा. 29एल /11आर पर आगमन व रनवे 27/9 से आगमन व प्रस्थान दोनों संभाले जाएंगे. जब पश्चिमी हवाएं चलती हैं तब तीन रनवे 42 आगमन और 42 प्रस्थान प्रति घंटे संभाल सकते हैं. पूर्वी हवाओं के दौरान आगमन की क्षमता घटकर 32 प्रति घंटे रह जाती है।
दिल्ली एयरपोर्ट प्रतिदिन औसतन 1450 उड़ानों को संभालता. इस अपग्रेडेशन अवधि में लगभग 7.5 प्रतिशत उड़ानें प्रभावित होंगी, जो सामान्य 3.5 प्रतिशत की तुलना में थोड़ा अधिक है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस बार उड़ानों का समय पहले ही समायोजित कर दिया गया है, जिससे पिछली बार जैसी देरी नहीं होगी. उन्होंने बताया कि पीक फॉग सीजन में जहां पहले केवल 15 उड़ानें प्रति घंटे लैंड कर पाती थी, अपग्रेडेशन के बाद यह संख्या दोगुनी हो जाएगी।
प्रमुख शहरों जैसे मुंबई और बेंगलुरु से आने-जाने वाली उड़ानों पर बहुत कम असर पड़ेगा. मुंबई से आगमन की संख्या केवल 56 से घटकर 54 होगी और बेंगलुरु से 38 से 36 होगी. अपग्रेडेशन यात्रियों के लिए एक अस्थायी असुविधा जरूर है, लेकिन सर्दियों में इसे एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है. सुरक्षा व सुगमता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया यह कदम लंबे समय में दिल्ली हवाई अड्डे के संचालन को अधिक सक्षम और कुशल बनाएगा।
भारत ने अत्यधिक गर्मी के जोखिम प्रबंधन के लिए सक्रिय और दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाया है: डॉ. पीके मिश्रा
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के आह्वान को दोहराते हुए अत्यधिक गर्मी को वैश्विक संकट मानते हुए इसके समाधान की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने 6 जून 2025 जिनेवा में अत्यधिक गर्मी जोखिम प्रबंधन पर विशेष सत्र के दौरान मुख्य भाषण देते हुए इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते तापमान से सार्वजनिक स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिरता और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए नियमित जोखिम उत्पन्न हो रहा है और भारत साझा शिक्षा, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए एक मंच के रूप में अत्यधिक गर्मी के जोखिम प्रबंधन के लिए सामान्य रूपरेखा को आगे बढ़ाने के लिए यूएनडीआरआर की पहल का स्वागत करता है।
डॉ. मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अत्यधिक गर्मी के जोखिम प्रबंधन के लिए एक सक्रिय और दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने बताया कि भारत आपदा प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर एकीकृत तैयारी और उन आपदाओं को दूर करने रणनीतियों की ओर बढ़ा है। 2016 से, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने गर्म हवाओं के प्रबंधन पर व्यापक राष्ट्रीय दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। इनमें 2019 में संशोधन किया गया। इसने विकेंद्रीकृत गर्मी की कार्य योजना (एचएपी) की नींव रखी। उन्होंने अग्रणी अहमदाबाद की गर्मी की कार्य योजना को स्वीकार किया। इसने दिखाया कि कैसे प्रारंभिक चेतावनी, अंतर-एजेंसी समन्वय और सामुदायिक आउटरीच से जान बचाई जा सकती है।
प्रधान सचिव ने जोर देकर कहा कि, "23 गर्मी संभावित राज्यों के 250 से अधिक शहरों और जिलों में गर्मी की कार्य योजनाएं क्रियाशील हैं। इनको एनडीएमए की सलाह, तकनीकी और संस्थागत तंत्रों का सहयोग प्राप्त है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत निगरानी, अस्पतालों की तैयारी और जागरूकता अभियानों के कारण गर्मी-संबंधी मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है।
डॉ. मिश्रा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत का दृष्टिकोण पूरी सरकार और पूरे समाज का है। इसमें स्वास्थ्य, कृषि, शहरी विकास, श्रम, विद्युत, जल, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े मंत्रालय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान, शोध समूह, नागरिक समाज संगठन और विश्वविद्यालय स्थानीय सरकारों को गर्मी से निपटने की कार्ययोजनाओं में सुधार करने में सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
डॉ. मिश्रा ने जोर देकर कहा, "अत्यधिक गर्मी समुदायों को अत्यधिक प्रभावित करती है और भारत ने अपनी तैयारी में पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय अनुभवों को सक्रिय रूप से शामिल किया है।" उन्होंने कहा कि विद्यालय व्यवहार परिवर्तन के सहायक बन रहे हैं, बच्चों को जलवायु की अनुकूलता के बारे में शिक्षित कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शीघ्र और प्रभावी आपातकालीन तैयारी सुनिश्चित करने के लिए अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया जाना चाहिए।
डॉ. मिश्रा ने पुष्टि की कि भारत में केवल तैयारी के दृष्टिकोण से लेकर दीर्घकालिक गर्मी के शमन तक के परिवर्तन को रेखांकित किया। इसमें शीतल छत वाली प्रौद्योगिकियां, निष्क्रिय शीतलन केंद्र, शहरी क्षेत्रों में हरियाली और पारंपरिक जल निकायों का पुनरुद्धार शामिल है। भारत शहरी नियोजन में शहरों में तुलनात्मक अधिक गर्मी के प्रभाव के आकलन को एक कर रहा है।
डॉ. मिश्रा ने एक प्रमुख नीतिगत बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय और राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (एसडीएमएफ) का उपयोग अब गर्मी के न्यूनीकरण के लिए किया जा सकता है। इससे स्थानीय सरकारों, निजी क्षेत्र की संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों और व्यक्तियों को गर्मी की रोकथाम और न्यूनीकरण परियोजनाओं को सह-वित्तपोषित करने की अनुमति मिलेगी। इससे साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा मिलेगा।
सांदीपनी स्कूल एवं नवोदय विद्यालय के स्थापित होने से शिक्षा के नए कीर्तिमान बनेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन रतलाम जिले के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जिले को दो सौगातें मिली हैं। आलोट में नवोदय विद्यालय के साथ ही सांदीपनी विद्यालय भवन का लोकार्पण किया गया है, जो शिक्षा के क्षे़त्र में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। मध्यप्रदेश में शासकीय विद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहें है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र मे उत्तरोतर प्रगति कर रहा है। रतलाम के आलोट में 38.4 करोड़ लागत से बने पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय-2, छात्रावास और स्टॉफ क्वार्टरो तथा 35 करोड़ 11 लाख की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025 में 10वी एवं 12वी बोर्ड परीक्षा के परिणामों में निजी स्कूलों के बजाए शासकीय स्कूल के बच्चों ने ज्यादा अच्छा प्रर्दशन किया है। नीट, जेईई जैसी परीक्षाओं में भी सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कोई कमी नही छोडी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जवाहर नवोदय विद्यालय से मुख्य मार्ग से जोडने वाली सड़क का निर्माण किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अन्य क्षेत्रों में भी विकास के कार्य कर रही हैं। सिंचाई के लिए भी कई परियोजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी विजन के तहत नदी जोड़ो अभियान की शुरूआत हुई है। राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की बेहतरी के लिए पार्वती, चंबल, कालीसिंध नदी जोडों परियोजना स्वीकृत की गई है। इससे प्रदेश के कई गांव को पेयजय एवं सिंचाई के लिए जल मिल सकेगा। मध्यप्रदेश मे लगभग 55 लाख हैक्टेयर में सिंचाई हो रही है। किसानों को विद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पम्प देने की योजना है। इससे किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे है। मध्यप्रदेश देश में पर्यटन के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर आ गया है। आलोट में क्षिप्रा-चंबल नदी संगम स्थल पर पर्यटन का विकास किया जाएगा।
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि यह नवोदय विद्यालय रतलाम में दूसरा है, पहला विद्यालय कालूखेड़ा में स्थित है। नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय और उत्कृष्ट विद्यालय पूरे देश में विद्यार्थियों का शैक्षणिक एवं नैतिक विकास कर रहे हैं। शिक्षा ही सामाजिक एवं आर्थिक विकास का आधार है। भारत में साक्षरता दर निरंतर बढ़ रही है, जिसमें नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालयों का महत्वपूर्ण योगदान है।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि रतलाम जिले के आलोट में यह दूसरा नवोदय विद्यालय प्रारंभ हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आधार पर युवाओं को रोजगार मूलक शिक्षा देने में जवाहर नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे नवोदय विद्यालयों में अध्ययन कर जेईई, नीट जैसी परीक्षाएं पास कर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए महाविद्यालय में प्रवेश ले रहे है। लगभग 1 करोड़ 53 लाख बच्चे मध्यप्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। राज्य एवं केन्द्र सरकार के सहयोग से इन विद्यालयों में एआई की पढ़ाई भी प्रारंभ की गई है। स्कूल समाज को मजबूत बनाते है। मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को सशक्त कर प्रदेश को विकसित किया जाएगा।
हमारी युवा शक्ति गतिशीलता, नवाचार और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है: प्रधानमंत्री
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश के युवाओं की विश्व स्तरीय उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवाओं ने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है। युवाओं को गतिशीलता, नवाचार और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश का विकास युवा शक्ति की बेजोड़ ऊर्जा और दृढ़ विश्वास से प्रेरित है।
मोदी ने कहा कि हमारे युवाओं ने स्टार्टअप, विज्ञान, खेल, सामुदायिक सेवा और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया है। उन्होंने कहा, "पिछले 11 वर्षों में हमने ऐसे युवाओं के उल्लेखनीय उदाहरण देखे हैं जिन्होंने कल्पना से परे काम किए हैं।"
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 11 वर्षों में युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकारी नीतियों के परिवर्तनकारी प्रभाव पर जोर दिया। श्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जैसी सरकारी पहल इस दृढ़ विश्वास पर आधारित हैं कि युवाओं को सशक्त बनाना सबसे महत्वपूर्ण काम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। नई शिक्षा नीति और कौशल विकास तथा स्टार्ट-अप पर ध्यान केंद्रित करने से युवा 'विकसित भारत' के संकल्प में महत्वपूर्ण भागीदार बन गए हैं।
मोदी ने कहा कि सरकार युवा शक्ति को निखरने के सभी संभव अवसर प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया;
"भारत के युवाओं ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हमारी युवा शक्ति गतिशीलता, नवाचार और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। हमारे युवाओं ने बेजोड़ ऊर्जा और दृढ़ विश्वास के साथ भारत के विकास को आगे बढ़ाया है।"
पिछले 11 वर्षों में, हमने ऐसे युवाओं के उल्लेखनीय उदाहरण देखे हैं जिन्होंने स्टार्टअप, विज्ञान, खेल, सामुदायिक सेवा, संस्कृति आदि सहित विभिन्न क्षेत्रों में कल्पना से परे काम किए हैं।
पिछले 11 वर्षों में युवा सशक्तिकरण के उद्देश्य से नीति और कार्यक्रमों में निर्णायक बदलाव भी देखने को मिले हैं। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जैसी सरकारी पहल इस दृढ़ विश्वास पर आधारित हैं कि युवाओं को सशक्त बनाना सबसे महत्वपूर्ण काम है। मुझे विश्वास है कि हमारे युवा विकसित भारत के निर्माण के प्रयासों को मजबूत करते रहेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025.... बढ़ती मांग से अधिकारियों को तैयार करने के लिए कार्यशाला
नईदिल्ली। आयुष मंत्रालय ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ मिलकर कल 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) 2025 के लिए निर्बाध समन्वय और व्यापक पहुंच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में एक उच्च स्तरीय वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया। विभिन्न सरकारी विभागों के 400 से अधिक प्रतिभागी इसमें सम्मिलित हुए। इस सत्र का उद्देश्य भव्य योग दिवस समारोहों के संबंध में समय पर, प्रामाणिक ताजा जानकारी की बढ़ती मांग को संबोधित करना था क्योंकि इस वर्ष का अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2014 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा योग को वैश्विक मान्यता दिए जाने के बाद से ऐतिहासिक दस वर्ष की यात्रा का प्रतीक है।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कार्यशाला की अध्यक्षता की और विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के 400 से अधिक प्रतिनिधि इसमें सम्मिलित हुए। इस कार्यक्रम ने इस वर्ष के उत्सव की विषय वस्तु: "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग" के प्रति केंद्र सरकार की एकीकृत प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सी. सेंथिल राजन और आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री मोनालिसा दाश सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को संबोधित किया और परिचर्चाओं का संचालन किया, तथा मीडिया रणनीति की रूपरेखा तैयार की।
आयुष सचिव वैद्य कोटेचा ने अपने आरंभिक भाषण में प्रधानमंत्री के व्यापक दृष्टिकोण और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बढ़ती वैश्विक और राष्ट्रीय प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा: “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अब कैलेंडर पर सिर्फ एक तारीख नहीं रह गया है - यह कल्याण, एकता और सद्भाव के लिए एक दशक से संचालित राष्ट्रीय आंदोलन है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025, देश के हर कोने में रहने वाले हर नागरिक को कल्याण के इस साझा उत्सव से जोड़ने का हमारा अवसर है। सरकार के समग्र दृष्टिकोण और एकीकृत मीडिया पहुंच के साथ, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि देश के प्रत्येक नागरिक की इस वैश्विक कार्यक्रम तक पहुंच हो।” उन्होंने आगे बताया कि योग सार्वजनिक स्वास्थ्य परिवर्तन और सांस्कृतिक कूटनीति दोनों का एक माध्यम बन गया है, जिसने भारत को निवारक स्वास्थ्य सेवा और समग्र कल्याण में एक वैश्विक अग्रणी देश के रूप में स्थापित किया है।
सी. सेंथिल राजन ने सत्र को संबोधित करते हुए, विभिन्न मंचों पर मीडिया कन्वर्जेंस के महत्व और जानकारी देने, नागरिक जुड़ाव और दृश्य सामग्री की भागीदारी और जागरूकता बढ़ाने की क्षमता पर विचार व्यक्त किए। सुश्री मोनालिसा दाश ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के संदेश को बढ़ाने में समन्वित योजना और रचनात्मकता की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला ने अंतर-मंत्रालयी पहलों की प्रगति की समीक्षा करने, पहुंच रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने और 21 जून तक एक समन्वित राष्ट्रव्यापी अभियान सुनिश्चित करने के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य किया। योग संदेश और गतिविधियाँ डिजिटल और जमीनी स्तर के दोनों चैनलों के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों, शहरी इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों और वंचित समुदायों तक पहुँचा कर अंतिम छोर तक संपर्कता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
21 जून को 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन में अब कुछ ही सप्ताह शेष रह गए हैं, और योग के ऐतिहासिक, सम्मिलित और प्रभावशाली उत्सव के लिए सारी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। योग भारत की ओर से विश्व को एक उपहार है, और एक ऐसी पद्धति है जिसने स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव की खोज में करोड़ों लोगों को एकजुट किया है।
अयोध्या में राजा राम के साथ 9 देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न
डेस्क। रामनगरी के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ा, जब राम मंदिर परिसर में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा हुई। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर सुबह 11:25 से 11:40 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में राजा राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी सहित आठ देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इस भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सभी देव विग्रहों का अभिषेक किया और राम दरबार की मूर्तियों से आवरण हटाया। राजा राम को सोने-चांदी के आभूषणों से सजाया गया, जिससे मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण और भी दिव्य हो गया।
ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों, शंखनाद और हवन की सुगंध से भक्ति का माहौल बन गया था। समारोह में 19 संत-धर्माचार्य, राम मंदिर ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे। सीएम योगी सुबह 10:30 बजे अयोध्या पहुंचे और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। उनकी अगवानी कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने की।
बुधवार को प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियों के तहत सुबह 6:30 बजे से यज्ञमंडप में दो घंटे तक पूजन हुआ। अन्नाधिवास 9:00 से 9:30 बजे और हवन 9:35 से 10:35 बजे तक चला। दोपहर 10:40 से 12:40 तक सभी देव विग्रहों का अभिषेक हुआ। उत्सव मूर्तियों को चांदी की चौकियों पर पालकी में रखकर परिसर भ्रमण कराया गया।
राम दरबार की मूर्तियां 40 वर्ष पुराने संगमरमर से बनी हैं, जो मजबूती और चमक में अद्वितीय हैं। मूर्तिकार सत्य नारायण पांडेय के अनुसार, पत्थरों के चयन में छह माह लगे। आईआईटी हैदराबाद की वैज्ञानिक टीम ने इनकी जांच की, जिसमें ताकत, नमी सोखने की दर और तापमान सहिष्णुता का आकलन हुआ। सिंहासन समेत मूर्तियों की ऊंचाई सात फीट है, जिसमें सिंहासन साढ़े तीन फीट और सीता-राम का विग्रह साढ़े चार फीट है। हनुमान और भरत की मूर्तियां ढाई फीट (बैठी मुद्रा) तथा लक्ष्मण और शत्रुघ्न की मूर्तियां तीन फीट (खड़ी मुद्रा) हैं। यह प्राण प्रतिष्ठा राम मंदिर की स्थापत्य और आध्यात्मिक महिमा को और बढ़ाएगी।
जातियों की गणना के साथ-साथ जनगणना - 2027 दो चरणों में कराई जाएगी
नईदिल्ली। जातियों की गणना के साथ-साथ जनगणना-2027 को दो चरणों में कराने का निर्णय लिया गया है। जनगणना-2027 के लिए संदर्भ तिथि मार्च, 2027 के प्रथम दिन 00:00 बजे होगी। केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख और केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों के असमकालिक बर्फीले क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि अक्टूबर, 2026 के प्रथम दिन 00:00 बजे होगी। जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 के प्रावधान के अनुसार उपरोक्त संदर्भ तिथियों के साथ जनगणना कराने के आशय की अधिसूचना संभवतः 16.06.2025 को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी।
भारत की जनगणना, जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत की जाती है। भारत की पिछली जनगणना 2011 में दो चरणों में की गई थी, अर्थात् i) चरण I – मकान सूचीकरण (HLO) (1 अप्रैल से 30 सितंबर 2010) और (ii) चरण II – जनगणना (PE) (09 फरवरी से 28 फरवरी 2011) संदर्भ तिथि - मार्च 2011 के पहले दिन 00:00 बजे, तथा जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बर्फ से ढके असमकालिक क्षेत्रों के लिए यह 11 से 30 सितंबर 2010 के दौरान आयोजित की गई थी और संदर्भ तिथि अक्टूबर 2010 के पहले दिन 00.00 बजे थी ।
जनगणना 2021 को भी इसी तरह दो चरणों में आयोजित करने का प्रस्ताव था, पहला चरण अप्रैल-सितंबर 2020 के दौरान और दूसरा चरण फरवरी 2021 में आयोजित किया जाना था। 2021 में आयोजित की जाने वाली जनगणना के पहले चरण की सभी तैयारियां पूरी हो गई थीं और 1 अप्रैल, 2020 से कुछ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में क्षेत्रीय कार्य शुरू होने वाला था। हालांकि, देश भर में COVID-19 महामारी के प्रकोप के कारण जनगणना का काम स्थगित करना पड़ा।
लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन में मिलेगा अतिरिक्त राशि का उपहार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रीवा जिले के मनगवां में महिला स्वसहायता समूह सशक्तिकरण सम्मेलन में कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। रीवा की धरती में बहनों का अभिनंदन करते हुए गर्व हो रहा है। बहनों के लिए लाड़ली बहना योजना लगातार जारी रहेगी। रक्षाबंधन में बहनों को इस योजना से अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इस योजना की राशि 3 वर्ष में बढ़ाकर 3 हजार रुपए तक ले जाएंगे। महिलाओं को संपत्ति के पंजीयन में दो प्रतिशत की छूट दी जा रही है इसके फलस्वरुप पिछले एक साल में 70 प्रतिशत संपत्तियों का पंजीयन महिलाओं के नाम पर हुआ है। महिला सशक्तिकरण के लिये राज्य सरकार संकल्पित है। महिला स्व-सहायता समूहों को उद्योग लगाने के लिए भी छूट का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में 49.97 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजनकिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा तेजी से विकास कर रहा है और क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। रीवा जिले के हर खेत में सिंचाई के लिए पानी की सुविधा मिलेगी। हम किसानों को 5 रुपए में सिंचाई के लिए बिजली का कनेक्शन देंगे। अगले 3 सालों में 32 लाख किसानों को सोलर पंप देकर बिजली के बिल से मुक्ति दिलाएंगे। किसान सोलर से प्राप्त बिजली का उपयोग करेंगे और अतिरिक्त बिजली को सरकार खरीद कर किसानों को पैसा देगी। मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत गंगेव के भवन निर्माण तथा हिनौती गौधाम में बांध निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मनगवां में स्टेडियम निर्माण तथा देवास हाईस्कूल के हायर सेकेंडरी स्कूल का उन्नयन करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मनगवां तिवनी मोड़ से प्रयागराज रोड तक टू लेन सीसी रोड निर्माण की घोषणा की, इस 5.5 किलोमीटर सड़क निर्माण पर 16.5 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा से मेरा दोहरा और मीठा नाता है। रीवा के सफेद बाघ और सुंदरजा आम विश्व प्रसिद्ध हैं। रीवा में महानगरों की तरह आईटी पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इस साल यूपीएससी की परीक्षा में प्रदेश के 60 उम्मीदवारों को सफलता मिली है जो देश में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को आधुनिक बनाने के साथ-साथ दूध उत्पादन के लिए भी विशेष प्रयास करेंगे। वर्तमान में देश के 9 प्रतिशत दूध का उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाएंगे। इसके लिए गौपालन करने वालों को अनुदान देंगे तथा सरकार दूध खरीद कर पशुपालकों को लाभान्वित करेगी। मध्यप्रदेश को दूध की राजधानी बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा और आतंकवादी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। अब जो भी देश की ओर नजर उठाएगा उसको कड़ा जवाब दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। 2003 में प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेज थे। आज 27 मेडिकल कॉलेज हैं और तीन शीघ्र बनने वाले हैं। 2003 में प्रतिव्यक्ति वार्षिक आय 11000 रुपए थी जो अब बढ़कर एक लाख 52 हजार रुपए हो गई है। प्रदेश भर में सांदीपनि विद्यालय आधुनिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। इस साल कक्षा दसवीं और बारहवीं में परीक्षा परिणाम बहुत अच्छे रहे।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मनगवां विधानसभा क्षेत्र को लगभग 50 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात मिली है। मनगवां विधायक प्रजापति ने अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास किए हैं जिसके परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास की गाड़ी सरपट दौड़ती रहेगी। समारोह में सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मनगवां विधानसभा क्षेत्र को 6 लेन ओवरब्रिाज और हिनौती गोधाम की सौगात दी है। इसके साथ-साथ कई निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। सम्मेलन में विधायक मनगवां इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति ने अतिथियों का स्वागत किया।
जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्वच्छता पखवाड़ा-2025 मनाया
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के रूप में नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय और अपने सभी स्वायत्त संस्थानों (एआई) तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में 1 मई से 15 मई 2025 तक स्वच्छता पखवाड़ा-2025 मनाया। यह पखवाड़ा केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के कैलेंडर के अनुसार आयोजित किया गया।
स्वच्छता पखवाड़ा 2025 की शुरुआत 1 मई 2025 को जैव प्रौद्योगिकी विभाग, सीजीओ कॉम्प्लेक्स नई दिल्ली में जैव प्रौद्योगिकी विभाग सचिव की अगुवाई में शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुई जिसमें विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों ने भाग लिया। सामूहिक शपथ ने स्वच्छता, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की और पखवाड़े के दौरान होने वाली गतिविधियों के लिए माहौल तैयार किया। इस कार्यक्रम में उत्साही भागीदारी देखी गई और इसने पखवाड़े के लिए एक प्रेरक शुरुआत के रूप में कार्य किया। पखवाड़े के दौरान, विभिन्न स्वच्छता अभियान चलाए गए और जैव प्रौद्योगिकी विभाग और उसके एआई और पीएसयू द्वारा 188 गतिविधियों की योजना बनाई गई और उन्हें पूरा किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्य योजना में विभिन्न विशिष्ट विधियों को शामिल किया गया जैसे ई-कचरा बिन/सैनिटरी नैपकिन निपटान मशीन/उच्च क्षमता वाली अपशिष्ट श्रेडर मशीन आदि की स्थापना।