देश-विदेश
मध्यप्रदेश की जैविक विविधताओं का हो वैश्विक प्रचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल एंड फौनल डायवर्सिटी (वानस्पतिक एवं जैविक विविधताओं) के बारे में प्रापर ब्रांडिंग की जाए। प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं यहां के वनों में वन्य जीवों की सहज दृश्यता का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। इसके लिए भारतीय फिल्म डिवीजन, डिस्कवरी और अन्य चैनल्स के साथ मिलकर शॉट फिल्म्स, डाक्यूमेंटरी फिल्म, प्रमोशनल्स कैपसूल्स तैयार कर मध्यप्रदेश की वन विशिष्टताओं के बारे में पूरे विश्व को बतायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अच्छाईयां दुनिया के सामने आनी ही चाहिए। दूसरे राज्यों को प्रदेश में उपलब्ध वन्य प्राणी अवश्य दें, परन्तु उनसे भी उनके यहां उपलब्ध वन्य प्राणी प्राप्त कर प्रदेश की वन विविधताओं को और अधिक समृद्ध करें। उन्होंने कहा कि आसाम से गेंडा या एक सींग वाला गेंडा प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियों में मगरमच्छ, कछुआ और घड़ियाल सहित डॉल्फिन जैसे जलीय जीव मुक्त करने के लिए तैयारी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे।
बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार एवं बोर्ड के सदस्य डॉ. नारायण व्यास वर्चुअली शामिल हुए। मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी.एन. अम्बाडे, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य मोहन नागर, रूपनारायण मांडवे, महेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. सुदेश बाघमारे, डॉ. रविचंद्रन सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे।
बैठक में तीन राज्यों उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तीन जोड़े टाइगर देने पर गहन विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन राज्यों को टाइगर दिए जा रहे हैं, उनसे उस राज्य में पाए जाने वाले वन्य जीव भी प्राप्त किए जाएं। बैठक में बोर्ड के सदस्य डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में पन्ना एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में एक और कन्जर्वेशन रिजर्व बनाया जा सकता है। इसी प्रकार कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में बालाघाट जिले के सोनेवानी फॉरेस्ट रेंज को समाहित करते हुए एक पृथक कन्जर्वेशन रिजर्व बनाने की प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस विषय पर गंभीरतापूर्वक निर्णय लिया जाता है, तो यह प्रदेश में वाइल्ड लाइफ कन्जर्वेशन की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंगल क्लिक से 29 सितंबर को करेंगे फीस प्रतिपूर्ति
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा का अधिकार अधिनियम अन्तर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययनरत बच्चों की 489 करोड़ रुपये फीस प्रतिपूर्ति की राशि सिंगल क्लिक से सीधे स्कूलों के खातों में अंतरित करेंगे। फीस अंतरण का कार्यक्रम हरदा जिले के खिरकिया नगर में 29 सितम्बर, 2025 को होगा।
राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर मिशन संचालक हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्ष 2023-24 के अशासकीय विद्यालयों के प्रेषित प्रस्ताव पर नियमानुसार पोर्टल से जनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यम से फीस प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है। प्रदेश के 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत करीब 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके ग्राम, वार्ड अथवा पड़ोस में स्थित स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत प्रदेश में लगभग 8.50 लाख बच्चे अशासकीय स्कूलों में निःशुल्क अध्ययनरत होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे है। पूर्व के वर्षों में प्रवेशित छात्रों की संख्या को देखा जाये तो सत्र 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्क अध्ययन से लगभग 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। इन बच्चों की निजी विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षण व्यवस्था के तहत राज्य सरकार द्वारा अब तक लगभग 3 हजार करोड़ रूपये की फीस प्रतिपूर्ति की गयी है।
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प्रधानमंत्री जन-मन योजना से सहरिया समुदाय को मिला नवजीवन : राज्यपाल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान कार्ड की सुविधाओं से जनजातीय समुदाय को नव जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान उन्होंने आवास हितग्राहियों से चर्चा की है। सभी का कहना है कि उनके मकान पक्के होंगे, सोचा भी नहीं था। लोक शक्ति रथ के यात्रियों ने आयुष्मान भारत योजना को सभी के लिए जीवन दायिनी बताया है। राज्यपाल श्री पटेल सोमवार को मुरैना विकासखंड के ग्राम धनेला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने टीबी रोगियों से मुलाकात की और रोगियों को निक्षय मित्र के रूप में फलों की टोकरी भेंट की।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवा पीढ़ी को समाज सेवा के कार्यों में सहभागिता करनी चाहिए। वंचितों और गरीबों की सेवा के लिए अपना कर्तव्य समझकर आगे आना चाहिए। समाज की सेवा का सबसे प्रभावी तरीका शिक्षा है। शिक्षित युवाओं का आव्हान किया है कि सेवा पखवाड़े के दौरान सेवा के कार्यों में आगे बढ़कर सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि टी.बी. एक रोग मात्र है और नियमित दवाएं, उचित पोषण से मरीज 6 माह में ठीक हो सकते हैं। जरूरत रोग के बारे में सही जानकारी होने और उचित दवाएं लेने की है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा चलाए गए सेवा पखवाड़े के दौरान 2 अक्टूबर तक स्वास्थ्य शिविर लग रहे हैं। जाँच के साथ ही जरूरत के अनुसार दवाएं भी निःशुल्क दी जा रही है।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार द्वारा जनजातीय आबादी के कल्याण और विकास के लिए प्रदेश में धरती आबा योजना लागू की है। अत्यंत पिछड़े जनजातीय समूह बैगा, भारिया और सहरिया के विकास और कल्याण के लिए क्रांतिकारी पहल प्रधानमंत्री जन-मन योजना के द्वारा की गई है। योजना के लिए केन्द्र सरकार ने 24 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। जनजातीय बहनों, भाईयों के लिए विकास और कल्याण के सभी कार्य और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का क्रियान्वयन सुनियोजित तरीके से किया जाए। सबसे वंचित को सबसे पहले लाभान्वित करने के लिए प्राथमिकता निर्धारित कर हितग्राहियों को लाभान्वित करना चाहिए।
राज्यपाल ने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और आजीविका मिशन की प्रदर्शिनी का अवलोकन किया। आगनवाड़ी कार्यक्रर्ताओं द्वारा पोषण अभियान के तहत बाटे जाने वाले विभिन्न व्यंजनों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने श्रीअन्न (मोटे अनाज) से बने हलवे का स्वाद भी चखा और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में उपस्थित महिलाओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। स्व-सहायता समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों का अवलोकन किया।
नरेन्द्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया
देलही : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में 5,100 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, उन्होंने सर्वशक्तिमान डोनयी पोलो के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और सभी पर कृपा की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हेलीपैड से मैदान तक की यात्रा, मार्ग में अनगिनत लोगों से मिलना और बच्चों व युवाओं को राष्ट्रीय ध्वज थामे देखना, इन सभी ने तथा अरुणाचल प्रदेश के गर्मजोशी भरे आतिथ्य ने मुझे गौरवान्वित कर दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अरुणाचल न केवल उगते सूरज की धरती है, बल्कि देशभक्ति की भी भूमि है। जिस तरह राष्ट्रीय ध्वज का पहला रंग केसरिया होता है, उसी तरह अरुणाचल की आत्मा भी केसरिया रंग से आरंभ होती है। मोदी ने कहा कि अरुणाचल का हर व्यक्ति वीरता और सादगी का प्रतीक है। उन्होंने राज्य के प्रति अपना गहरा लगाव प्रदर्शित करते हुए कहा कि हर यात्रा उन्हें अपार प्रसन्नता देती है और लोगों के साथ बिताया हर पल यादगार होता है। उन्होंने अपने प्रति दिखाए गए प्यार और स्नेह को एक बड़ा सम्मान बताया। प्रधानमंत्री ने इस पवित्र भूमि को नमन करते हुए कहा, "तवांग मठ से लेकर नामसाई के गोल्डन पैगोडा तक, अरुणाचल प्रदेश शांति और संस्कृति के संगम का प्रतिनिधित्व करता है।" उन्होंने इस पवित्र भूमि को भारत माता का गौरव बताया।
प्रधानमंत्री ने आज अरुणाचल प्रदेश की अपनी यात्रा को तीन अलग-अलग कारणों से विशिष्ट बताते हुए कहा कि पहला, नवरात्रि के पावन प्रथम दिन उन्हें सुंदर पर्वत श्रृंखलाओं के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि इस दिन भक्त हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं। दूसरा, उन्होंने देश भर में अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों को लागू करने और जीएसटी बचत महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। मोदी ने कहा कि त्योहारों के मौसम में नागरिकों को दोहरा लाभ मिला है। तीसरा, उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में बिजली, कनेक्टिविटी, पर्यटन और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई विकास परियोजनाओं के उद्घाटन पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केंद्र और राज्य सरकारों के दोहरे लाभ को दर्शाता है और उन्होंने इन परियोजनाओं के लिए अरुणाचल प्रदेश के लोगों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीएसटी बचत महोत्सव भारत के लोगों के लिए खुशी, समृद्धि और सफलता लेकर आएगा।
उन्होंने कहा कि यद्यपि अरुणाचल प्रदेश सूर्य की किरणें सबसे पहले प्राप्त करता है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि त्वरित विकास की किरणों को इस क्षेत्र तक पहुंचने में कई दशक लग गए। मोदी ने 2014 से पहले कई बार अरुणाचल प्रदेश की यात्रा और वहां के लोगों के बीच रहने को याद करते हुए कहा कि इस राज्य को - अपनी भूमि, श्रमशील नागरिकों और अपार संभावनाओं के साथ प्रकृति का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इन विशिष्टताओं के बावजूद, दिल्ली से शासन करने वाले पूर्ववर्ती लोगों ने अरुणाचल की लगातार उपेक्षा की। उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों की इस सोच के लिए आलोचना की कि कम आबादी और केवल दो लोकसभा सीटों वाले अरुणाचल पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण ने अरुणाचल और पूरे पूर्वोत्तर को बहुत हानि पहुंचाई, जो विकास की यात्रा में बहुत पीछे छूट गया।
मोदी ने कहा कि 2014 में राष्ट्र की सेवा का अवसर मिलने के बाद, उन्होंने देश को पिछली सरकार की मानसिकता से मुक्त करने का संकल्प लिया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उनकी सरकार की मार्गदर्शक प्रेरणा किसी राज्य में वोटों या सीटों की संख्या नहीं, बल्कि "राष्ट्र प्रथम" का सिद्धांत है। उन्होंने सरकार के मूल मंत्र - 'नागरिक देवोभव' को दोहराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को पहले कभी सम्मान नहीं मिला, वे अब मोदी के लिए पूजनीय हैं। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि विपक्ष के शासन के दौरान उपेक्षित रहा पूर्वोत्तर 2014 के बाद विकास प्राथमिकताओं का केंद्र बन गया। क्षेत्र के विकास के लिए बजट कई गुना बढ़ा दिया गया और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी और वितरण को हमारे प्रशासन की पहचान बना दिया गया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि शासन अब दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा; अधिकारियों और मंत्रियों को नियमित रूप से पूर्वोत्तर का दौरा करना होगा और वहां रहना होगा।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री दो-तीन महीने में सिर्फ़ एक बार ही पूर्वोत्तर का दौरा करते थे। मोदी ने कहा कि इसके विपरीत हमारी सरकार में केंद्रीय मंत्रियों ने 800 से अधिक बार पूर्वोत्तर का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि ये दौरे प्रतीकात्मक नहीं हैं; हमारे केन्द्रीय मंत्री रात भर रुकने और क्षेत्र के साथ सार्थक संवाद करने का प्रयास करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे स्वयं 70 से अधिक बार पूर्वोत्तर का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह ही उन्होंने मिज़ोरम, मणिपुर और असम का दौरा किया और गुवाहाटी में रात बिताई। उन्होंने पूर्वोत्तर के प्रति अपने गहरे लगाव को व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने भावनात्मक दूरी को पाटकर दिल्ली को लोगों के और निकट ला दिया है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कि पूर्वोत्तर के आठ राज्य अष्टलक्ष्मी के रूप में पूजनीय हैं, कहा कि इसलिए इन्हें विकास की यात्रा में पीछे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार क्षेत्र की प्रगति के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित कर रही है। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा एकत्र किए गए करों का एक हिस्सा राज्यों को वितरित किया जाता है। पिछली सरकार के दौरान, अरुणाचल प्रदेश को दस वर्षों में केंद्रीय करों से केवल 6,000 करोड़ रुपये मिले थे। मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि इसके विपरीत हमारी सरकार के तहत अरुणाचल को इसी अवधि में 16 गुना अधिक - एक लाख करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त हुए हैं - उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा केवल कर हिस्सेदारी से संबंधित है, और इसमें राज्य में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं और प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं के तहत अतिरिक्त व्यय शामिल नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि अरुणाचल में आज इतना व्यापक और तेज़ विकास दिख रहा है।
दीवाली व दूसरे त्योहारों पर बंद करें गिफ्ट देना’, वित्त मंत्रालय का सरकारी विभागों को निर्देश
बता दें कि लोक उद्यम विभाग वित्त मंत्रालय के अधीन कार्यरत है और इसका काम सीपीएसयू से जुड़ी नीतियां तैयार करना, प्रदर्शन का मूल्यांकन करना और प्रबंधन संबंधी दिशानिर्देश जारी करना है।
पहला सुख निरोगी काया, फिट रहें, नशे से बचें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तन और मन की शुचिता के साथ इनका स्वस्थ रहना भी हम सबके लिए बेहद जरूरी है। मनुष्य को पहला सुख निरोगी काया से ही मिलता है। इसलिए हमेशा फिजिकली फिट रहने की कोशिश करें और किसी भी प्रकार के नशे के सेवन से बचें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार की सुबह अटल पथ पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के सभी नागरिकों विशेषत: युवाओं से यह अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्र सरकार द्वारा संचालित फिट इंडिया मूवमेंट और नशामुक्त भारत अभियान के संकल्प पूर्ति एवं जन-जागरूकता के लिए आयोजित नमो युवा रन (मैराथन दौड़) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। इस पखवाड़े के दौरान नमो युवा रन का आयोजन हम सबको देश की सेवा के लिए आगे आने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में नमो युवा रन के मोमेंटों (लोगो) का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने स्वयं स्पोर्ट्स ट्रेक सूट में मैराथन दौड़ में शिरकत कर हजारों की संख्या में नमो युवा रन में शामिल प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। हम सदैव अपनी सोच में , अपने विचारों में, अपने मूल्यों में 'देश सबसे पहले' की भावना रखें। हमेशा स्वदेशी वस्तुओं का ही उपयोग करें, तभी हमारा राष्ट्र पूरी दुनिया का सिरमौर बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व पटल पर एक अलग प्रतिष्ठा स्थापित की है। मध्यप्रदेश ने भी प्रधानमंत्री मोदी की सोच और उनके विजन से कदम से कदम मिलाते हुए देश-दुनिया में अपनी अलग जगह और नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने खेलों के मामले में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। देश के साथ मध्यप्रदेश का भी खेल स्पर्धाओं में प्रदर्शन दिनों-दिन सुधर रहा है। मध्यप्रदेश के हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर, ऑलिम्पिक में पदक विजेता टीम के सदस्य रहे। यह हमें खेल के क्षेत्र में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि यह संकल्प लें कि हम खुद को फिट रखेंगे, नशे से दूर रहेंगे और अपने-अपने काम और कर्तव्यों में भी हमेशा अव्वल रहेंगे।
प्रधानमंत्री 22 सितम्बर को अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा का दौरा करेंगे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 सितम्बर को अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा का दौरा करेंगे। वे ईटानगर में 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली अनेक विकास परियोजनाओं की अधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
इसके बाद, वे त्रिपुरा का दौरा करेंगे और पूजा-अर्चना करेंगे तथा माताबाड़ी में 'माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर' के विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे।
क्षेत्र में विशाल जलविद्युत क्षमता का उपयोग करने और निरन्तर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए, प्रधानमंत्री ईटानगर में 3,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली दो प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। हीओ जलविद्युत परियोजना (240 मेगावाट) और तातो-I जलविद्युत परियोजना (186 मेगावाट) अरुणाचल प्रदेश के सियोम उप-बेसिन में बनाई जाएंगी। प्रधानमंत्री तवांग में एक अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला भी रखेंगे। सीमावर्ती जिले तवांग में 9,820 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित यह केन्द्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों, सांस्कृतिक उत्सवों और प्रदर्शनियों की मेजबानी के लिए एक ऐतिहासिक इमारत के रूप में कार्य करेगा। 1,500 से अधिक प्रतिनिधियों की मेजबानी करने की क्षमता के साथ, यह केन्द्र वैश्विक मानकों को पूरा करेगा और क्षेत्र की पर्यटन और सांस्कृतिक संभावना में सहयोग करेगा।
प्रधानमंत्री 1,290 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली अनेक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी शुभारंभ करेंगे, जो कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, अग्नि सुरक्षा, कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावासों सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभान्वित करेंगी। इन पहलों से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने, जीवन स्तर में सुधार और कनेक्टिविटी में सुधार होने की उम्मीद है।
व्यापार में सुगमता सुनिश्चित करने और एक जीवंत उद्यमशीलता इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की अपनी कल्पना के अनुरूप, प्रधानमंत्री स्थानीय करदाताओं, व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ हाल ही में जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के प्रभाव पर भी चर्चा करेंगे।
भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और संरक्षित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद) योजना के तहत माताबाड़ी में 'माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर' के विकास कार्य का उद्घाटन करेंगे। यह त्रिपुरा के गोमती जिले के उदयपुर शहर में स्थित प्राचीन 51 शक्तिपीठों में से एक है।
इस परियोजना को ऊपर से कछुए के आकार का आकार दिया गया है, जिसमें मंदिर परिसर में सुधार, नए रास्ते, पुनर्निर्मित प्रवेश द्वार और बाड़, जल निकासी व्यवस्था, स्टालों, ध्यान कक्ष, अतिथि आवास, कार्यालय कक्षों सहित एक नये तीन मंजिले परिसर का निर्माण आदि शामिल हैं। यह पर्यटन को बढ़ावा देने, रोजगार और व्यापार के अवसर पैदा करने और क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजयोगिनी बी.के. अवधेश दीदी के किए अंतिम दर्शन
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजयोगिनी बी.के. अवधेश दीदी के अवसान पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजयोग भवन (एकांत पार्क के पास) पहुंचकर अवधेश दीदी के अंतिम दर्शन कर, पुष्पांजलि अर्पित की और मौन धारण कर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानवता के लिए समर्पित अवधेश दीदी ने लंबे समय तक ब्रह्माकुमारी संस्थान और समाज का मार्गदर्शन किया, उनका जाना आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी समृतियां सदैव हमारे साथ रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा ब्रह्माकुमारीज़ को यह असीम दु:ख सहन करने की क्षमता प्रदान करने की प्रार्थना की। राजयोगिनी बी.के. अवधेश दीदी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय संस्थान की वरिष्ठ राजयोगिनी और भोपाल जोन की क्षेत्रीय निदेशिका रही है।
विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा आरंभ किया गया है। साथ ही आमजन को जीएसटी रिफॉर्म्स के लाभ दिलाने तथा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत जन-जन को स्वदेशी अभियान में शामिल करने के उद्देश्य से भी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान में आमजन की सक्रिय भागीदारी से सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास तथा वोकल फॉर लोकल की भावना के अनुरूप गतिविधियां जारी हैं। प्रत्येक वार्ड और ग्राम स्तर तक गतिविधियों का प्रभावी व्यवस्थित और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'स्वच्छता ही सेवा अभियान', 'एक बगिया मां के नाम' और 'एक पेड़ मां के नाम' के अंतर्गत पौधरोपण, नमो पार्क तथा नमो उपवन विकसित करने, विद्यालय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, जनसामान्य को स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प सामग्री खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने जैसी गतिविधियां जनभागीदारी से संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में 'विकसित भारत' थीम पर निबंध, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा संगोष्ठियां भी हो रही हैं।
बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल सहित शिवप्रकाश और हितानंद शर्मा उपस्थित थे।
मुरैना ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना ने ग्रीन ऊर्जा और स्टोरेज को दी नई दिशा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि ”मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है।
मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मानवीय संवेदना
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का परिचय देते हुए इंदौर की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय संस्कृति वर्मा के उपचार की पूरी जिम्मेदारी ली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शनिवार को उच्च स्तरीय उपचार के लिये संस्कृति वर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका विशेष उपचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देश मिलते ही कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में संस्कृति वर्मा को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से मुम्बई भेजने की समुचित व्यवस्था की गयी। भण्डारी हॉस्पिटल से इस बालिका को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से एयरपोर्ट पहुंचाया गया और एयर एम्बुलेंस से मुम्बई के लिये रवाना किया गया। विगत दिनों इंदौर में हुये ट्रक हादसे में संस्कृति वर्मा गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उनका उपचार इंदौर के भंडारी अस्पताल में किया जा रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल पहुंचकर संस्कृति वर्मा के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और चिकित्सकों को हर संभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपचार का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। ईलाज में कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानवीय संवेदना को सर्वोपरि रखते हुए संस्कृति वर्मा के उच्च स्तरीय उपचार के लिये एयरलिफ्ट कर मुंबई भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति वर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
विकास से विंध्य क्षेत्र की बदलेंगे तकदीर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकास यज्ञ चल रहा है। विकास का यह कारवां अब रूकेगा नहीं, बल्कि और तेजी से यूं ही चलता रहेगा। विंध्य के विकास में सरकार कोई कसर नहीं रखेगी और हम सब मिलकर विकास परियोजनाओं के जरिए इस क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए त्योंथर में 400 एकड़ उपलब्ध भूमि पर नया औद्योगिक प्रक्षेत्र बनाने, त्योंथर के सिविल अस्पताल को 50 बेड से बढ़ाकर 100 बेडेड करने, त्योंथर में आईटीआई का निर्माण और तमस नदी के तट पर रिवर कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने निवेशक फर्म आईओसीजीपीएस रिन्युएबल प्रायवेट लिमिटेड द्वारा करीब 125 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित किए जाने वाले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भूमिपूजन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा सड़क दुर्घटना में मृत जीना वर्मा के परिजन को सरकार की ओर से 4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा के चाकघाट कृषि उपज मंडी में आयोजित 'विंध्य विकास संकल्प' सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्री श्रीनिवास तिवारी की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश को रोशन करने में अग्रणी है। इस क्षेत्र ने विद्युत उत्पादन, सोलर पॉवर प्रोडक्शन और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। ऊर्जा उत्पादन में धनी यह क्षेत्र सच्चे अर्थों में देश की ऊर्जा धानी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास की गतिविधियां तेजी से जारी हैं। बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए त्योंथर को भी उद्योगों की सौगात मिल रही है। आज त्योंथर में 162 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ है। उन्होंने तीन उद्योगपतियों को उद्योग लगाने के लिये भूमि आवंटन पत्र प्रदान किये। हमारी सरकार प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करते हुए विद्यार्थी बच्चों को यूनिफार्म, किताबें, साइकिल, लैपटॉप और स्कूटी सहित स्कॉलरशिप भी दे रही है। डबल इंजन की सरकार में प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण का बखूबी ध्यान रखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शेरों का बल, बीरबल की बुद्धि और विंध्य की वाणी हम सभी ने तुलसीदास जी के माध्यम से सुनी है। यहां इन्वेस्टर श्री विनोद अग्रवाल भी आए हैं। ये 125 करोड़ लागत से कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगा रहे हैं। ये किसानों से पराली भी खरीदेंगे। अब किसानों को उनकी खेत में फसल अपशिष्ट (कचरा) से भी आय बढ़ेगी। खेत भी साफ हो जाएगा और पैसे भी मिल जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर रायपुर में प्रदर्शनी, उपलब्धियों और जीवन यात्रा की झलक
चीता परियोजना के सफल तीन वर्ष
भोपाल : पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ते चीतों के परिवार के साथ मध्यप्रदेश एशिया का गौरव बन गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को अपने जन्म दिवस पर पहले पालपुर कूनो में चीते छोड़कर प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। आज चीतों के परिवारों में वृद्धि हो रही है। 'प्रोजेक्ट चीता को ‘इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार हाल ही में नई दिल्ली में आईएफएस एसोसिएशन और इंडियन मास्टरमाइंड्स द्वारा आयोजित तीसरे इको वॉरियर अवॉर्ड्स कार्यक्रम में प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अवॉर्ड मिलने पर चीता परियोजना से जुड़ी प्रबंधन टीम को बधाई दी है।.
प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाकर हुई। इसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तत्काल ध्यान आकर्षित किया। कई शंकाएँ भी उठीं कि भारतीय वातावरण चीता के लिए उपयुक्त नहीं है। इस अवधारणा को तोड़ते हुए कूनो पालपुर और गांधी सागर अभयारण में चीते फर्राटे भर रहे है और उनकी संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।
प्रोजेक्ट चीता की तीन वर्ष की यात्रा चुनौतीपूर्ण होने के साथ प्रेरणादायक भी रही है। यह परियोजना अब और अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। पिछले तीन वर्षों में चीता परियोजना प्रबंधन टीम ने कभी हार नहीं मानने का पाठ सीखा।
चीता प्रबंधन के हर पहलू से ऐसी मूल्यवान जानकारियाँ मिलीं हैं, जिससे अनुभव रखने वाले और नए दोनों पेशेवरों की समझ में वृद्धि हुई है। किसी जीवित प्राणी के साथ काम करते समय जोखिम अनिवार्य होते हैं। पिछले तीन वर्षों में केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, फील्ड मैनेजर्स, पशु चिकित्सकों और फ्रंटलाइन स्टाफ का आत्मविश्वास मज़बूत हुआ। इन वर्षों में यह भी साबित हो गया कि मध्यप्रदेश आपात स्थितियों और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम है। प्रोजेक्ट चीता की सफलता टीमवर्क का प्रतीक है जहाँ सभी पेशेवर एक ही उद्देश्य के लिए प्रतिबद्धता और कौशल के साथ कार्य कर रहे हैं।
मानवता की सेवा के लिये रक्तदान जरूरी : उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गंभीर मरीजों को समय पर रक्त मिल सके इसके लिये जरूरी है कि समाज में रक्तदान करने के लिये जगरूकता कार्यक्रम चलाए जायें। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को इस कार्य के लिये प्रोत्साहित किये जाने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल मंगलवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में दामोदर युवा संगठन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रक्तदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार अपने साधनों से बेहतर से बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र में सेवा के विस्तार के लिये स्वयं सेवी संगठनों की अधिक से अधिक मदद की जरूरत है। उन्होंने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलाये जाने वाले सेवा पखवाड़ा की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. नरहरि ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति समाज की भलाई के लिये मन में भाव रखता है, लेकिन इस भाव को स्वयं सेवी संगठनों से जुड़कर पूरा किया जा सकता है।
दामोदर युवा संगठन के संस्थापक अशोक नायक ने बताया कि इंदौर में देश का नि:शुल्क ब्लड कॉल सेंटर है। जहाँ देश के किसी भी स्थान से फोन आने पर संगठन द्वारा मरीज को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराये जाने का प्रयास किया जाता है। संगठन से देशभर के 4 लाख युवा जुड़े हुए है। संगठन ने अभी तक 2 लाख जरूरत मंदों को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि रियर ब्लड ग्रुप "ओ बॉम्बे पॉजिटिव" जिसके दानदाता देशभर में 180 है। इस ग्रुप का ब्लड भी 5 जरूरत मंदों को उपलब्ध कराया गया है। संगठन के 2 हेल्प लाइन नबंर 92002-50000 और 70245-12345 है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक के.पी. त्रिपाठी भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : स्वदेशी का संकल्प और राष्ट्र निर्माण के प्रेरक
"परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है,
जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है,
समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।"
यह उद्घोष करने वाले हमारे प्रेरक, मार्गदर्शक और भारत निर्माण के दृष्टा यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिवस पर अनंत शुभकामनाएं। हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री आज इस विशेष दिवस पर मध्यप्रदेश आ रहे हैं। उनकी इस यात्रा से प्रदेश को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वे धार जिले के भैंसोला ग्राम में देश के पहले "पीएम मित्र पार्क" की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही वे ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार और पोषण अभियान’ तथा ‘स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े का शुभारंभ करेंगे। मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के साथ प्रधानमंत्री जी का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता हूँ।
प्रधानमंत्री का संपूर्ण जीवन परिश्रम, पुरुषार्थ और सेवा के प्रेरणादायी संकल्प की यात्रा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से राष्ट्र और समाज सेवा का संकल्प लेकर उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा आरंभ की, जो प्रधानमंत्री के रूप में भी ध्येयनिष्ठ रही है। उनके लिए राष्ट्र प्रथम और सर्वोपरि है। यह उनके राष्ट्र निर्माण और देशहित में लिए गए निर्णयों और नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम है कि आज भारत की गणना विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में हो रही है।
उनके प्रत्येक निर्णय में राष्ट्र की नींव को सशक्त करने की झलक है। कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करना और उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद श्रीरामलला को अपने जन्म स्थान अयोध्या में प्रतिष्ठित करने में उनकी पहल अविश्वसनीय है। उन्होंने एक राष्ट्र, एक पहचान के लिए विभाजनकारी प्रवृत्तियों को समाप्त किया और समाज में एकत्व का भाव स्थापित किया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व आधुनिक भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रेरित कर रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि उनके मार्गदर्शन में जनकल्याण, आर्थिक सुदृढ़ीकरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत को अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं।
प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व संभालते ही सबसे पहले उन्होंने देशवासियों के स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता अभियान छेड़ा। वे स्वयं हाथ में झाड़ू लेकर दिल्ली के प्रगति मैदान पहुँचे। गांव-गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रधानमंत्री के आह्वान पर मध्यप्रदेश की जनता भी इस अभियान में जुट गई और गांव से लेकर नगर तक स्वच्छता अभियान में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य बना। इंदौर ने लगातार 8 बार देश में स्वच्छ शहर के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मोदी ने आम नागरिक को आधुनिक चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की, जिससे गरीब और असहाय परिवारों को उपचार में सहायता मिली। इस योजना से 40 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। समाज को अपने सांस्कृतिक गौरव के प्रति आत्मविश्वास उत्पन्न कराने के लिये प्रधानमंत्री ने हमें ‘विरासत के साथ विकास’ का नारा दिया। भारतीय संस्कृति के गौरव और आधुनिकता के संतुलन को साधते हुए उन्होंने लोगों में आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई।
मुझे यह बताते हुए गर्व का अनुभव हो रहा है कि मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तब भारत विश्व की ग्यारहवीं अर्थव्यवस्था था। केवल ग्यारह वर्षों में भारत चौथे स्थान पर पहुंचा और अब तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। तेल आयात, व्यापार, रक्षा उत्पादन और तकनीकी नवाचार में भारत ने नई मिसाल कायम की है। आयुध निर्यातक देश के रूप में भी भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। 'स्पेस टेक्नोलॉजी' में भारत ने चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर तिरंगा फहराकर विश्व को चकित कर दिया और विज्ञान तथा तकनीक में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे जो कहते हैं उसका क्रियान्वयन भी करते हैं। उन्होंने इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जीएसटी रिफॉर्म की घोषणा की थी और एक माह के भीतर इसे लागू करने का निर्णय ले लिया। इस फैसले से देश की कर-प्रणाली सरल होगी, महंगाई कम होगी और आर्थिक न्याय के साथ समावेशी विकास को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री की आर्थिक नीतियों ने निवेश, उत्पादन और रोज़गार के क्षेत्र में नई संभावनाएं निर्मित की हैं। ये नीतियाँ देशवासियों को राहत देने के साथ वैश्विक स्तर पर भारत के आत्म-सम्मान का प्रतीक बनी। अमेरिका जैसी आर्थिक महाशक्ति ने भारत पर भारी टैरिफ लागू कर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन मोदी की रणनीति ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। रूस और चीन के साथ सहयोग कर नए व्यापारिक मार्ग स्थापित करना और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधार लागू करना उनकी कुशल और निर्णायक नेतृत्व क्षमता का परिणाम है।
प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि देश का युवा आत्मनिर्भर बने और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाए। युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप रोज़गार देने के लिए उन्होंने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना’ लागू की। इसका उद्देश्य साढ़े तीन करोड़ से अधिक युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में युवाओं को कौशल विकास, स्वरोज़गार, स्टार्टअप, तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत लगभग 52.5 करोड़ छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके व्यवसाय को गति दी गई।
प्रधानमंत्री का मानना है कि किसी भी परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उज्ज्वला योजना से 10.33 करोड़ से अधिक महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ और उन्हें सम्मान जनक जीवन जीने का अवसर भी मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना से 4 करोड़ से अधिक लोगों को संपत्ति का अधिकार मिला। महिला आरक्षण लागू कर उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता को बढ़ावा दिया। 'लखपति दीदी अभियान' के माध्यम से 3 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। पिछले 10 वर्षों में उन्होंने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने जनकल्याण की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए। 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत 81 करोड़ से अधिक नागरिकों को निःशुल्क खाद्यान्न दिया गया। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य में सुधार हुआ। 'जल जीवन मिशन' के तहत 15 करोड़ से अधिक घरों तक नल से जल पहुंचाया गया। इन योजनाओं ने देश के हर वर्ग को सीधे लाभ पहुँचाया।
रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ से वे देश के हर जन-मन से जुड़े, हरेक की समस्या को जाना और समाधान पहुँचाने का प्रयास किया। उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद का सामना और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए उन्होंने अनेक निर्णय लिए। 'ऑपरेशन सिंदूर' से भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया और विश्व को भारत की शक्ति से परिचित कराया। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व सेवा, त्याग, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। उनके द्वारा चलाए गए कार्यक्रमों ने आम नागरिक को राहत दी, स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की, आर्थिक विकास की राह दिखाई, सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा दिया। उनके नेतृत्व में भारत ने संघर्ष से समाधान, संकट से अवसर और सीमित संसाधनों से वैश्विक प्रतिष्ठा की यात्रा तय की है।
आज प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर हम यह संकल्प लें कि उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए राष्ट्रहित में कार्य करेंगे और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। देश को विश्व शक्ति बनाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने सेवा और स्वदेशी का आह्वान किया है। मुझे विश्वास है कि प्रदेश के कपास उत्पादक क्षेत्र में टैक्सटाइल उद्योग के लिए स्थापित होने वाला 'पीएम मित्र पार्क' प्रधानमंत्री की स्वदेशी की संकल्पना को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश को मिलने वाले इस आशीर्वाद से हम सभी अभिभूत हैं। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका कल्याण' करने वाले युगदृष्टा माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पुनः जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ...।