देश-विदेश
एनईजीडी ने डिजीलॉकर और ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म पर लगभग 2,000 ई-सरकारी सेवाओं का किया एकीकरण
नईदिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) ने डिजिलॉकर और ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म पर ई-गवर्नेंस सेवाओं के अखिल भारतीय समेकन को सक्षम बनाने के जरिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। इस उपलब्धि के साथ, सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नागरिक अब कहीं भी, कभी भी लगभग 2,000 डिजिटल सेवाओं का निर्बाध उपयोग कर सकते हैं।
एकीकृत सेवाएं प्रमाणपत्र, कल्याणकारी योजनाओं, सुविधा केन्द्र भुगतानों और अन्य आवश्यक सुविधाओं सहित नागरिकों की व्यापक आवश्यकताओं को पूरा करती हैं, जिससे वितरण में सुविधा, दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। यह प्रगति डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के विज़न को साकार करने, कागज रहित और गतिशील शासन को बढ़ावा देने तथा सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में प्रत्यक्ष योगदान देने की दिशा में एक बड़ी छलांग है।
डिजिलॉकर अंतर-संचालनीयता, डेटा सुरक्षा और बहु-हितधारक समन्वय की चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान करने के माध्यम से भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरा है। इसके नवोन्मेषी और सुदृढ़ ढांचे ने पहुंच में सुगमता, समावेशिता और विश्वसनीयता को संभव बनाया है और देश भर के नागरिकों को विश्वसनीय डिजिटल सेवाओं से सशक्त बनाया है।
इस विस्तार के साथ, महाराष्ट्र में नागरिकों को अब सबसे अधिक 254 सेवाओं तक पहुंच प्राप्त हुई है, उसके बाद दिल्ली में 123, कर्नाटक में 113, असम में 102 और उत्तर प्रदेश में 86 सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, केरल और जम्मू-कश्मीर प्रत्येक 77 सेवाएं प्रदान करते हैं, जबकि आंध्र प्रदेश 76 और गुजरात 64 सेवाएं प्रदान करता है। इसी प्रकार, तमिलनाडु और गोवा प्रत्येक 63 सेवाएं प्रदान करते हैं, जबकि हरियाणा 60 और हिमाचल प्रदेश 58 सेवाएं प्रदान करता है। कुल मिलाकर, वर्तमान में देश भर में नागरिकों के लिए 1,938 सेवाएं उपलब्ध हैं।
इस सफलता के आधार पर, एनईजीडी की योजना एआई-संचालित दृष्टिकोण के माध्यम से उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाकर ई-सरकारी सेवाओं के पोर्टफोलियो का और विस्तार करने की है। राज्य स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, साथ ही निरंतर नवोन्मेषण से अधिक समावेशिता और सेवाओं की बेहतर तथा समग्र पहुंच सुनिश्चित होगी।
यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल रूप से सक्षम और समावेशी भारत के विजन के अनुरूप नागरिकों को सशक्त बनाने और शासन में परिवर्तन लाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
अल्लू अर्जुन की दादी का निधन, इंडस्ट्री में शोक
बताया जा रहा है कि पवन कल्याण और नागाबाबू भी कल परिवार से मिलने हैदराबाद जाएंगे। फैंस और इंडस्ट्री के लोग अल्लू परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस महोत्सव का दूसरा दिन: सरदारपुर की टीम ने मिनी ब्राजील विचारपुर को रोमांचक मुकाबले में 1-0 से हराया
भोपाल : राष्ट्रीय खेल दिवस से शुरू हुए प्रदेशव्यापी खेल महोत्सव के दूसरे दिन टीटी नगर स्टेडियम भोपाल में 'मिनी ब्राजील' के नाम से प्रसिद्ध शहडोल जिले के विचारपुर ग्राम और धार जिले के सरदारपुर ग्राम की महिला फुटबॉल टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मैच की शुरुआत की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में विचारपुर ग्राम को “मिनी ब्राजील” के रूप में उल्लेखित कर पूरे देश को प्रेरित किया है। यह हमारे लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है कि हम खेलों को जमीनी स्तर तक प्रोत्साहित कर उनके सपनों को साकार करें।
मंत्री सारंग ने कहा कि विचारपुर और सरदारपुर दोनों ही ग्रामों में फुटबॉल का माहौल बेहद सकारात्मक है और यहां हर घर में खेलों के प्रति विशेष लगाव देखने को मिलता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग इन ग्रामों से प्रेरणा लेकर प्रदेश में फुटबॉल के और अधिक विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। मुकाबले की शुरुआत से ही सरदारपुर की टीम ने दबदबा बनाए रखा। पहले हाफ में ही सरदारपुर की कप्तान और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी ज्योति चौहान ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद विचारपुर की टीम ने पूरे दमखम से खेला, लेकिन बराबरी का गोल करने में सफल नहीं हो सकी। निर्धारित समय की समाप्ति पर स्कोर 1-0 रहा और सरदारपुर ने यह यादगार मुकाबला अपने नाम किया।
मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विचारपुर की गोलकीपर उमा केवट और सरदारपुर की कप्तान ज्योति चौहान को रु.21,000 की सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंत्री सारंग ने दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि यह मुकाबला प्रदेश में फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिये मील का पत्थर साबित होगा। सरदारपुर टीम: ज्योति चौहान (कप्तान), सुनीता भाबर (गोलकीपर), चंचल, बुलबुल, गायत्री, दीपिका, रक्षा, स्नेहा, दामिनी, दिव्यांशी, मानवी, मनीषा, सोनू, अर्चिता, वंशिका, प्रतिभा।
विचारपुर टीम: यशोदा सिंह (कप्तान), उमा केवट (गोलकीपर), एकता रजक, सपना गुप्ता, सानिया सिंह, सानिया कुंदे, रजनी सिंह, सोनू बैगा, राधनी सिंह, शबनम केवट, रेनू केवट, भारती बैगा, शीतल बैगा, पुनीता सिंह, स्नेहा सिंह, लक्ष्मी, सोहनी कोल।इस अवसर पर पूर्व क्रिकेटर और मोटिवेशनल स्पीकर मदनलाल शर्मा, हाइपरफॉर्मेंस स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. संजना किरन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक राकेश गुप्ता, उप संचालक बीएस यादव, पूर्व कमिश्नर राजीव शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
खेल महोत्सव के अंतिम दिन रविवार को मंत्री सारंग के नेतृत्व में राजा भोज प्रतिमा वीआईपी रोड से लेक व्यू स्थित वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी तक 5 किलोमीटर लंबी साइकल रैली निकाली जाएगी। यहाँ रैली के समापन पर वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया जायेगा।
स्वदेशी उत्पादों का उपयोग है सच्ची राष्ट्रसेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री एवं जनअभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वदेशी वस्तुएं केवल उत्पाद ही नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, धरोहर और हमारे मान-सम्मान का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया "वोकल फॉर लोकल" अभियान भारतीयता की इसी भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम है। हमारे देशी उत्पाद न केवल विदेशी उत्पादों से अधिक मजबूत, किफायती और गुणवत्तायुक्त हैं, बल्कि इन्हें खरीदने पर हमें अधिकतम लाभ भी मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आत्मीय आह्वान किया कि हर भारतीय नागरिक को न केवल स्वयं स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यही देश प्रेम हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। स्वदेशी भावना ही सच्ची राष्ट्रसेवा का सहज मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में जनअभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में 'स्वदेशी से स्वावलंबन' विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि कर इस एक दिवसीय संगोष्ठी का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनअभियान परिषद द्वारा स्वदेशी अभियान के लिए तैयार किए गए पोस्टर एवं ब्रोशर का भी विमोचन किया। इस ब्रोशर में स्वदेशी वस्तुओं की सूची दी गई है। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के मध्य स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार की जनजागृति के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में इस एमओयू का दोनों संगठनों द्वारा परस्पर आदान-प्रदान भी किया गया। कार्यक्रम का आरंभ वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। आरंभ में आयोजकों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तुलसी का पौधा भेंटकर स्वागत किया गया।
भारत किफायती और अभिनव स्वास्थ्य सेवा समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार: अमित अग्रवाल
फार्मास्यूटिकल्स विभाग के सचिव अमित अग्रवाल ने नई दिल्ली में आयोजित 17वें सीआईआई ग्लोबल मेडटेक शिखर सम्मेलन में भारत के चिकित्सा प्रौद्योगिकी के उभरते केंद्र के रूप में परिवर्तन पर प्रकाश डाला। इस शिखर सम्मेलन का विषय था, "स्वस्थ भविष्य के लिए नवाचार - वैश्विक प्रभाव के लिए मेडटेक को आगे बढ़ाना: मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड"।
अग्रवाल ने चिकित्सा प्रौद्योगिकी के हितधारकों को उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला देश है, इसलिए आने वाले दशकों में किफायती और अभिनव स्वास्थ्य सेवा समाधानों की घरेलू मांग लगातार दोहरे अंकों की वृद्धि दर से बढ़ने वाली है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र का मुख्य लक्ष्य मरीज़ों की भलाई और घरेलू व वैश्विक, दोनों बाज़ारों के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले, किफ़ायती चिकित्सा उपकरणों के विकास पर केंद्रित रहना चाहिए।
अग्रवाल ने कहा कि कोविड के बाद, भारत ने एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों, मैमोग्राफी इकाइयों, वेंटिलेटर, स्टेंट, हर्ट वाल्व, डायलिसिस मशीनों और कई प्रकार के प्रत्यारोपण उपकरणों सहित उन्नत उपकरणों के घरेलू निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सफलतापूर्वक हासिल कर ली है। एक दशक पहले जो उत्पाद स्थानीय उत्पादन के लिए असंभव लगते थे, अब देश में ही बनाए जा रहे हैं, जो देश की बढ़ती क्षमताओं और नवाचार इकोसिस्टम को दर्शाता है।
इस क्षेत्र के लिए सरकार के सहयोग पर सचिव महोदय ने आगामी वर्ष में शुरू होने वाले तीन समर्पित चिकित्सा उपकरण पार्कों, उनके निरंतर बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए नियोजित सहायता और चिकित्सा उपकरणों के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का उल्लेख किया, जो उद्योग को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख नीतिगत कदम हैं। अग्रवाल ने प्रयोगशाला से बाज़ार तक की यात्रा को तेज़ करने के लिए नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और निवेशकों के बीच गहन सहयोग का आह्वान किया जिससे देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता मज़बूत हो सके।
चिकित्सा उपकरण पार्क सुविधाओं का विस्तार, उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और पिछड़े एकीकरण के लिए सीमांत निवेश योजना जैसी लक्षित नीतिगत पहल, और जल्द ही शुरू होने वाली रु.5,000 करोड़ की फार्मा मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार संवर्धन (पीआरआईपी) योजना के परिणामस्वरूप भारतीय मेडटेक क्षेत्र की लागत-प्रतिस्पर्धात्मकता और उत्पादन दक्षता में वृद्धि, घरेलू मूल्य श्रृंखला का गहनीकरण और एक मजबूत नवाचार इकोसिस्टम का निर्माण होगा। देश को न केवल अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाएंगे, बल्कि वैश्विक उत्तर और दक्षिण दोनों को किफायती नवीन स्वास्थ्य सेवा समाधान भी प्रदान करेंगे।
अग्रवाल ने कहा कि दुनिया भर के देश अब भारत को न केवल एक बाज़ार के रूप में, बल्कि स्वास्थ्य सेवा नवाचार में अग्रणी के रूप में भी देखते हैं। हमें अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना होगा और मेडटेक क्षेत्र की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए उद्योग-सरकार साझेदारी को और मज़बूत करना होगा। उन्होंने कहा कि चल रहे आर्थिक सुधारों और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समझौतों के साथ, यह क्षेत्र लाखों नए रोज़गार पैदा करेगा और साथ ही सभी के लिए सुलभ, उच्च-गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
उन्होंने भारत के मेडटेक विजन को आकार देने में योगदान देने के लिए सभी हितधारकों को आमंत्रित किया और विकसित भारत 2047 के भारत के विजन को साकार करने के लिए सभी हितधारकों के साथ साझेदारी में मूल्य श्रृंखला में सहयोगात्मक और ठोस प्रयासों का आह्वान किया।
नरेन्द्र मोदी ने मियागी प्रान्त के सेंडाई में सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा किया
देलही: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ मियागी प्रान्त के सेंडाई स्थित सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा किया। दोनों नेताओं ने सेंडाई में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अग्रणी जापानी कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड (टीईएल मियागी) का दौरा किया। इस दौरान मोदी को वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में टीईएल की भूमिका, इसकी उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और भारत के साथ इसके जारी एवं नियोजित सहयोग के बारे में जानकारी दी गई। संयंत्र के दौरे से नेताओं को सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, निर्माण और परीक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच मौजूद अवसरों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
मोदी के सेंडाई दौरे ने भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और उन्नत सेमीकंडक्टर उपकरण एवं प्रौद्योगिकी में जापान की ताकत के बीच पूरकता को उजागर किया। दोनों पक्षों ने इस क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने, जापान-भारत सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला साझेदारी पर सहयोग ज्ञापन के साथ-साथ भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता साझेदारी और आर्थिक सुरक्षा संवाद के तहत वर्तमान सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री इशिबा की इस संयुक्त यात्रा ने भारत और जापान के बीच मज़बूत, लचीली और विश्वसनीय सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाएँ विकसित करने के साझा दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा में शामिल होने के लिए जापान के प्रधानमंत्री इशिबा का आभार व्यक्त किया और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में जापान के साथ मिलकर काम करने की भारत की तत्परता की पुष्टि की।
प्रधानमंत्री इशिबा ने सेंडाई में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में दोपहर के भोजन का आयोजन किया। इस अवसर पर मियागी प्रान्त के गवर्नर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इटावा में मासूम का खून से लतपथ शव मिला, परिवार ने जताई हत्या की आशंका
घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मध्य प्रदेश में खेलों के विकास और विस्तार को मिलेगी नई दिशा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में खेल गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों के खिलाड़ी ओलिंपिक और एशियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत में आगामी वर्षों में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होने जा रहा है। उम्मीद है कि भविष्य में ओलिंपिक के भव्य आयोजन का सौभाग्य भी भारत को ही मिलेगा। यदि ऐसा होता है, तो इससे मध्यप्रदेश में भी खेलों के विकास सहित विस्तार गतिविधियों को नई दिशा, नई ऊर्जा मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल दिवस पर फिट इंडिया अभियान के अंतर्गत भोपाल के मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की 120वीं जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद हमेशा देश के लिये जिये। वर्ष 1936 में मेजर ध्यानचंद ने ओलिंपिक के एक अहम् मुकाबले में एक के बाद एक तीन गोल दागकर स्टेडियम मे मौजूद सभी दर्शकों को चकित कर दिया था। इस मैच में भारत को विजय मिली थी। तब जर्मन तानाशाह हिटलर ने उनसे पूछा कि आप किस रैंक पर हैं। उन्होंने कहा कि मैं कारपोरल हूं। हिटलर ने उनसे कहा कि मैं आपको सेना में हायर रैंक दूंगा। लेकिन मेजर साहब ने बड़ी विनम्रता से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेजर ध्यानचंद के इस प्रसंग से हमारे सभी खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलती है कि हम जो भी हों सबसे पहले हम भारतीय हैं और भारत का गौरव बढ़ाने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर उपस्थित सभी खिलाड़ियों एवं अन्य नागरिकों को 'फिट इंडिया अभियान' की शपथ भी दिलाई। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रदेश के हर विकासखंड में विभिन्न प्रकार की खेल गतिविधियां आयोजित की गईं। इसी उपलक्ष्य में मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम भोपाल में मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी और पश्चिमी रेलवे के बीच हॉकी का एक मैत्री मैच भी आयोजित किया गया।
सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी नरेन्द्र मोदी का आहवान है “फिट इंडिया से बनेगा हिट इंडिया।” राष्ट्रीय खेल दिवस पर हमारा लक्ष्य है कि हर आयु वर्ग खेलों से जुड़े और फिटनैस को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि प्रत्येक खिलाड़ी अगले तीन माह में कम से कम 10 लोगों को खेल और फिटनैस से जोड़े। “जब खिलाड़ी खुद प्रेरणा स्रोत बनकर समाज में खेलों को बढ़ावा देंगे, तब यह आंदोलन घर-घर पहुँचेगा और भारत स्वस्थ एवं सक्षम बनेगा।”
मंत्री सारंग ने देश को गौरवान्वित करने वाले पूर्व खिलाड़ियों का सम्मान किया। इनमें 1976 ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले ओलिंपियन हॉकी खिलाड़ी मेहबूब खान, 1978 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य मो. युसुफ, वर्ष 2000 सिडनी ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे समीर दाद, वर्ष 2017 वर्ल्ड रेड स्नूकर चैंपियनशिप के पदक विजेता कमल चावला और वर्ष 2016 रियो ओलंपिक में भाग लेने वाले लोंग जंप खिलाड़ी अंकित शर्मा शामिल थे।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 'भारत बिल्डकॉन 2026' पूर्वावलोकन का उद्घाटन किया
नईदिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली में भारत बिल्डकॉन 2026 के लिए पूर्वावलोकन समारोह का शुभारंभ किया । इस अवसर पर देश भर के उद्योग जगत के अग्रणी व्यक्ति भी उपस्थित थे। गोयल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उद्योग जगत को कुछ देशों की एकपक्षीय कार्रवाइयों से उत्पन्न अनावश्यक तनाव या कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से उन क्षेत्रों पर प्रकाश डालने का आग्रह किया जहाँ वैकल्पिक बाज़ारों की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वाणिज्य मंत्रालय नए अवसरों के लिए विश्व भर में भागीदारों से संपर्क कर रहा है।
पीयूष गोयल ने बल देकर कहा कि वैश्विक पहुँच के साथ-साथ घरेलू खपत को प्रोत्साहन देना हमारी प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि आगामी जीएसटी परिषद की बैठक में ऐसे उपाय सुझाए जाने की उम्मीद है जो माँग में तेज़ी से वृद्धि करेंगे और और घरेलू विनिर्माण को मजबूत प्रोत्साहन देंगे।
मंत्री महोदय ने कहा कि केंद्र सरकार उद्योग जगत को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँच बनाने और घरेलू अवसरों को मज़बूत करने जैसे सभी क्षेत्रो में सहयोग देने पर केंद्रित है,जिससे हर क्षेत्र को सहायता मिले। उन्होंने गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली (क्यूसीओ) में सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भारत उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों का एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बनकर उभरे।
पीयूष गोयल ने भारत की बढ़ती वैश्विक स्थिति को रेखांकित करते हुए विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष का निर्यात गत वर्ष की तुलना में अधिक होगा, जो भारतीय उद्योग की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता और दृढ़ता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 से निरंतर "शून्य दोष, शून्य प्रभाव" विनिर्माण के आह्वान का संदर्भ देते हुए, उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री के उस संदेश को याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय उत्पादो में "दाम-कम, दम ज़्यादा" होने चाहिए - अर्थात किफ़ायती होने के साथ-साथ शक्तिशाली भी। गोयल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अवसंरचना ढाँचा राष्ट्रीय विकास के केंद्रबिंदु में बना हुआ है।
आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को आईएमएफ में मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर; 3 साल का होगा कार्यकाल
उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईडीएफसी लिमिटेड, एमसीएक्स लिमिटेड और गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम जैसी कई सार्वजनिक और निजी कंपनियों में भी प्रमुख जिम्मेदारियां निभाई हैं। डॉ. पटेल ने येल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एम.फिल. और लंदन विश्वविद्यालय से बी.एससी. की डिग्री प्राप्त की है।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर दौड़ा बिलासपुर... केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने मैराथन में युवाओं संग लगाई दौड़
रायपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सीएमडी चौक, बिलासपुर खेलमय वातावरण से गूंज उठा। यहां आयोजित ऑल इंडिया मैराथन में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने शिरकत कर युवाओं और खेल प्रेमियों का उत्साह देखा और उनके साथ कदम से कदम मिलाया। हजारों प्रतिभागियों की मौजूदगी में आयोजित इस दौड़ ने न केवल खेलों के महत्व को उजागर किया, बल्कि स्वस्थ और ऊर्जावान समाज के निर्माण का संदेश भी दिया।
मैराथन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का साधन नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम स्पिरिट विकसित करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया, हिट इंडिया’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाना ही आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
मैराथन में युवाओं, खिलाड़ियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, बिलासपुर महापौर पूजा विधानी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को और प्रेरणादायी बना दिया। खिलाड़ियों का उत्साह देखते हुए मंत्री साहू ने कहा कि बिलासपुर खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेल को सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
मैराथन के दौरान सुबह से ही शहर की सड़कों पर ऊर्जा और जोश का माहौल देखने को मिला। प्रतिभागियों ने फिटनेस और एकता का संदेश दिया। आयोजन समिति का मानना है कि इस तरह के आयोजन युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने और समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
RSS प्रमुख मोहन भागवत का बयान, बोले- 75 की आयु में रिटायरमेंट मैं नहीं होऊंगा और न ही किसी को बोलूंगा
नईदिल्ली। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा कि, 75 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट को लेकर उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि, न तो वे खुद 75 की उम्र में रिटायर होंगे और न ही किसी को ऐसा करने के लिए बोलेगे। संघ में रिटायरमेंट की कोई परंपरा नहीं है, यहां स्वयंसेवक जीवनभर राष्ट्र प्रेम करते हुए देश की सेवा करते है।
पत्रकारों ने उनसे पूछा कि, नेताओं को 75 वर्ष की उम्र के बाद राजनीति से संन्यास लेने की बात पर उनका क्या कहना है तो मोहन भागवत ने कहा कि, मोरोपंत पिंगले इतने हास्य-विनोदी थे कि उनकी हाजिर जवाबी सुनकर लोग अपनी कुर्सी पर उछल पड़ते थे। एक बार हमारे कार्यक्रम में हम सभी अखिल भारतीय कार्यकर्ता थे और उन्होंने अपने 70 वर्ष पूरे कर लिए थे, इसलिए उन्हें एक शॉल प्रदान किया गया और कुछ कहने को कहा गया।
उन्होंने खड़े होकर कहा, आप सोच रहे होंगे कि आपने मुझे सम्मानित किया है। लेकिन मैं जानता हूं कि, जब यह शॉल दिया जाता है तो इसका मतलब है कि आप शांति से कुर्सी पर बैठें और देखें कि क्या हो रहा है। मैंने कभी नहीं कहा कि मैं रिटायर हो जाऊंगा और दूसरों को भी इसके लिए कभी नहीं बोलूंगा।
बता दे कि, कुछ दिन पहले RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि, 75 की आयु बधाई की नहीं, विदाई की होती है। 75 वर्ष की आयु में नेताओं को रिटायर हो जाना चाहिए। मोहन भागवत ने यह बात 09 जुलाई 2025 को संघ विचारक मोरोपंत पिंगले के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘मोरोपंत पिंगले: द आर्किटेक्ट ऑफ हिंदू रिसर्जेंस’ के विमोचन के आयोजन में बोली थी।
आगे उन्होंने कहा था कि, 75 वर्ष की आयु में शॉल ओढ़ाए जाने का मतलब है कि, आयु हो चुकी है, अब दूसरों को मौका देना चाहिए। उनके इस बयान के बाद से सियासी गलियारों में बड़ी हलचल मची। वह इसलिए क्योंकि, सितंबर 2025 में मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ही 75 वर्ष की आयु के हो जाएंगे। दरअसल, RSS प्रमुख मोहन भागवत का जन्मदिन 11 सितंबर और प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर 2025 को है।
राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का विषय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। प्रदेश में सभी राजनीतिक दल अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सहमत हैं। विभिन्न पक्षों के अधिवक्ता इस विषय में न्यायालय के सामने अपने-अपने बिन्दु रख रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण विषय पर 22 सितम्बर से प्रतिदिन सुनवाई करेगा। इस विषय पर सभी दलों की सहमति हो, इस संबंध में गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया कि इस विषय में सभी दल एकजुट होकर एक फोरम पर आएंगे और विभिन्न पक्षों के अधिवक्तागण भी 10 सितम्बर तक एक साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई सर्वदलीय बैठक के बाद जारी अपने संदेश में यह बात कही।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी राजनीतिक दल एक मत से राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए कटिबद्ध हैं। प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को राज्य शासन और उसके विभिन्न घटकों द्वारा की गई चयन प्रक्रिया में विभिन्न न्यायिक आदेशों के फलस्वरूप नियुक्ति आदेश जारी किए जाने से वंचित शेष 13 प्रतिशत अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने सभी दल एकजुट होकर इसे क्रियान्वित करने के लिए विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के सभी फोरम पर मिलकर प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुसार हरसंभव प्रयास किए हैं। जिन विभागों में गुंजाइश थी उन सभी विभागों में आरक्षण देने में सरकार पीछे नहीं रही। कई विभाग जिनमें स्टे नहीं था, जैसे लोक निर्माण विभाग आदि में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इस विषय में राज्य सरकार वरिष्ठतम अधिवक्ताओं की सलाह लेने और राज्य सरकार का पक्ष रखने में उनका सहयोग लेने के लिए वर्तमान में भी सहमत और तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को उनका हक दिलाने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर हो रही जातिगत जनगणना से भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस विषय पर सर्वदलीय बैठक आयोजित करने की पहल की राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सराहना की। सर्वदलीय बैठक में शामिल सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया।
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पुलिस मुख्यालय ने साफ कहा है कि खुफिया तंत्र को पूरी तरह एक्टिव रखा जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए। साथ ही आम जनता से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।
हर काल और हर युग में रही है उज्जैन की गौरव गाथा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की सात पवित्र नगरियों में अवंतिका (उज्जैन) भी शामिल है। यहां राजा विक्रमादित्य, महाकवि कालिदास, सम्राट अशोक, चंद्र प्रद्योत के नाम अजर-अमर हो चुके हैं। हमारे पास राष्ट्र वीर दुर्गादास राठौर की ऐतिहासिक विरासत भी है। आज उनकी छत्री के जीर्णोद्धार के लिए भूमिपूजन किया गया है। हर काल और युग में उज्जैन की गौरवशाली गाथा रही है। हम एक नये दौर में प्रवेश कर रहे है। उज्जैन गोपाल मंदिर क्षेत्र स्थित रीगल टॉकीज का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है। यहां भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी निकलती है, सिंहस्थ के दौरान यहां से पेशवाई निकलती है और यह स्थान हरि और हर के मिलन का साक्षी भी होता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को उज्जैन में गोपाल मंदिर छत्री चौक स्थित कार्यक्रम में 79.27 करोड़ रूपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 25.15 करोड़ रूपये की लागत से रीगल टॉकीज के विकास कार्य, आगामी सिंहस्थ महापर्व के अंतर्गत 22.30 करोड़ रूपये की लागत से गदा पुलिया से रविशंकर नगर, जयसिंह पुरा होते हुए लालपुल ब्रिज तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य और 31.83 करोड़ रूपये की लागत से गाड़ी अड्डा चौराहे से वी.डी क्लाथ मार्केट, निकास चौराहा, खजूर वाली मस्जिद, के.डी. गेट मार्ग वाया जूना सोमवारिया से बड़ी पुलिया तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य का भूमिपूजन किया गया है। कार्यक्रम में रीगल टॉकीज के उन्नयन पर आधारित लघु फिल्प का प्रसारण भी किया गया। रीगल टॉकीज का निर्माण कार्य 36 हजार स्क्वेयर फीट क्षेत्र में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन शहर का हर काल में विशेष महत्व रहा है। आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए विकास के कार्य निरंतर किये जा रहे हैं। आज उज्जैन को कुल 107 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है। आगामी सिंहस्थ महापर्व में स्नान क्षिप्रा नदी के जल से ही होगा। सेवरखेडी - सिलारखेड़ी परियोजना से क्षिप्रा नदी में पूरे वर्ष जल रहेगा, क्षिप्रा सदैव प्रवहमान रहेगी। सिंहस्थ में सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही उज्जैन को नई 4 लेन सड़क की सौगात मिलने वाली है। साथ ही लगभग 10 हजार करोड़ की लागत से नई मेट्रो लाइन उज्जैन से इंदौर और पीथमपुर को कनेक्ट करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रम उद्योगपुरी में इंडस्ट्रियल सैट अप किया गया है और यहां से हम विश्व स्तरीय उत्पाद बनाकर विश्व के कई देशों को सप्लाई कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लखपति दीदी योजना ने बहनों का सशक्तिकरण किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी से प्रेरणा लेकर बहनों के सशक्तिकरण के लिए प्रदेश सरकार ने लाड़ली बहना योजना शुरू की है, जिसमें बहनों को अभी 1250 रुपए की राशि दी जा रही है। जल्दी ही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपए की राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने माताओं-बहनों को स्थानीय निकाय चुनावों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। अब ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देना चाहते हैं। सरकार हर वर्ग के विकास के लिए कार्य कर रही है। अब प्रदेश में सरकारी और निजी मिलाकर कुल 32 मैडिकल कॉलेज हो जाएंगे। वर्ष 2002-03 के बाद मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले डेढ़ साल में 7.5 लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा बढ़ा है।
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अहमदाबाद में होगा कॉमनवेल्थ गेम्स! भारत करेगा दावेदारी, कैबिनेट ने दी मंजूरी
डेस्क। Commonwealth Games 2030 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित केंद्रीय कैबिनेट बैठक में भारत की ओर से 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए बोली लगाने को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के तहत अहमदाबाद को आयोजन स्थल के तौर पर चुना गया है।
सरकार का कहना है कि अहमदाबाद में विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक ट्रेनिंग सुविधाएं और खेलों को लेकर विशेष उत्साह मौजूद है, जो इसे इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए उपयुक्त बनाता है। अगर बोली को अंतिम रूप से मंजूरी मिलती है, तो भारत दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में ये खेल सफलतापूर्वक आयोजित किए गए थे।
कुछ दिन पहले ही भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट दायर करने के बाद भारत की इस दावेदारी को हरी झंडी दी थी। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के साथ ही भारत आधिकारिक रूप से बोली प्रक्रिया में शामिल हो गया है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अब IOA अगले 48 घंटों में सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करेगा, ताकि 31 अगस्त की डेडलाइन से पहले प्रस्ताव सौंपा जा सके।