देश-विदेश
बहनें अब "जॉब सीकर" नहीं, "जॉब क्रिएटर" बन रही हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बहनें अब "जॉब सीकर" नहीं, "जॉब क्रिएटर" बन रही हैं। उद्योग और निवेश के क्षेत्र में महिलाएं वह आत्मविश्वास लेकर आई हैं, जो आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर भारत का "ग्रोथ इंजन" बनाएगा। प्रदेश के 47 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप में महिलाओं की हिस्सेदारी है। लखपति दीदी योजना से प्रदेश की एक लाख से अधिक महिलाएं प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। आज 5 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से लगभग 62 लाख बहनें जुड़कर न सिर्फ अपने घर की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुधारने में भी अपना योगदान दे रही हैं। ग्रामीण अंचलों में स्व-सहायता समूह अब उत्पादन, पैकेजिंग, मार्केटिंग और डिज़ाइनिंग के क्षेत्र में कदम रख चुके हैं। प्रदेश की महिलाएं कृषि-उद्योग, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र निर्माण, बायोटेक और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भोपाल वुमेन हब द्वारा आयोजित एमपी एक्सीलेंस अवार्ड-2025 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सभी को छठ पूजा की शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति को समाज की धूरी माना गया है। हम माँ सरस्वती से ज्ञान और बुद्धि, माँ लक्ष्मी से धन और सम्पदा और माँ दुर्गा से शक्ति मांगते हैं। हमारे लिए बहन, बेटियां देवी समान हैं। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म महिला सशक्तिकरण का प्रभावी प्लेटफार्म बन चुका है। यह महिलाओं को आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और नेतृत्व क्षमता की दिशा में सशक्त बनाने में सहायक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बालिकाओं द्वारा स्वागत स्वरूप कथक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर भोपाल वुमेन हब की गतिविधियों और एमपी एक्सीलेंस अवार्ड समारोह के उद्देश्यों पर लघु फिल्म की प्रस्तुति दी गई। प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नेतृत्व और मार्गदर्शन में जारी महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, प्रदेश में संचालित विकास गतिविधियों और जनकल्याण कार्यक्रमों पर भी लघु फिल्म दिखाई गई। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान समारोह में श्रेणी-1 में गौरांशी शर्मा, सरगम कुशवाहा, भावना देहरिया, सिद्धि मिश्रा, निशिता पाठरकर, शांति देवी, श्रुति अधिकारी, लता मुंशी, मुस्कान रघुवंशी, संगीता राजगीर, शिवि श्रीवास्तव, सोमित दुबे, कनिष्का शर्मा, शिखा शर्मा, मनन सिंह और अविराज सिंह ठाकुर को सम्मानित किया। श्रेणी-2 में नमन देशमुख, मयंक तिवारी, सिमरन बहल, विजय निहाल चंदानी, माही पवार, इशिका ककड़े, देवेंद्र गोरे, चिन्मय गोधा, आयुष गुप्ता, दैविका वघेला, वंशदीप, आरविका गुप्ता और सुषांत कौशल को सम्मानित किया।
पुस्तकीय ज्ञान के साथ समसामयिक जानकारी जरूरी : राज्यपाल पटेल
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि छात्र-छात्राओं को पुस्तकीय ज्ञान के साथ ही देश में हो रही प्रगति और विकास के बारे में समसामयिक जानकारी होना भी जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम ऐसी अद्भुत पहल है, जिसमें देश में हो रहे नवाचारों और प्रगति की जानकारी मिलती है। उन्होंने विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में मन की बात कार्यक्रम के सामूहिक श्रवण की व्यवस्था करने के लिए भी कहा है।
राज्यपाल पटेल रविवार को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में मन की बात के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम के छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। सामूहिक श्रवण कार्यक्रम का आयोजन ज्ञान विज्ञान भवन में किया गया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय आगमन पर ज्ञान विज्ञान भवन परिसर में पौधरोपण किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय की छात्राओं जैनस्वी शर्मा, खुशी सेन ने "हम उठे जग उठे", लक्ष्य गीत का गायन किया।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'मन की बात' और 'परीक्षा पे चर्चा' जैसे कार्यक्रम राष्ट्र जागरण की अभूतपूर्व पहल है। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के द्वारा गरीब, वंचित और पिछड़े व्यक्तियों और क्षेत्रों के द्वारा देश-समाज के निर्माण में दिये जा रहे योगदान की जानकारी दी जाती है। इन प्रेरक प्रसंगों से आत्मबल से विकास और परिवर्तन के लिए समाज को आत्मविश्वास, प्रेरणा और उत्साह प्राप्त होती है। इसी तरह 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के द्वारा प्रधानमंत्री ने विद्यार्थी परीक्षा की कैसे तैयारी करें, पालक बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करें, इन सभी विषयों पर विस्तार से समझाइश देकर छात्र-छात्राओं पर अनावश्यक रूप से परीक्षा के समय बनने वाले भारी दबाव कम करने में बहुत मदद की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत@2047 की नई पहल की है। आज़ादी की 100वीं वर्षगांठ पर राष्ट्र का स्वरूप कैसा होगा इस दिशा में विवेकानंद जयंती के अवसर पर नई पहल की है। देश भर के विद्यार्थियों से राष्ट्र के भावी स्वरूप के संबंध में उनके विचार प्राप्त किये। चयनित 3 हजार युवाओं के साथ नई दिल्ली में गोष्ठी भी की है।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि ज्ञान के साथ संस्कार से ही जीवन अच्छा जीवन होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार देना केवल शिक्षण संस्थाओं का दायित्व नहीं हो सकता। परिवार को भी बच्चों में संस्कार देने की जिम्मेदारी समझना होगी। बच्चे माता-पिता के आचरण से संस्कार ग्रहण करते हैं। परिवार का वातावरण संस्कारित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ज्ञान से प्राप्त प्रगति अधूरी है। यदि उसमें अपने माता-पिता, राष्ट्र, समाज के प्रति सम्मान और सेवा का भाव नहीं है। उन्होंने कहा माता-पिता अपने बच्चों की अंगुली पकड़ कर चलना सिखाते हैं। वृद्धावस्था में उनके साथ दुर्व्यवहार करके कोई भी व्यक्ति, समाज और राष्ट्र उन्नति नहीं कर सकता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कुलगुरू एस.के. जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन कुल सचिव डॉ. अनिल शर्मा ने किया। संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण पवन मिश्रा ने किया।
भारत पहली बार एशिया प्रशांत दुर्घटना जांच समूह की बैठक और कार्यशाला की करेगा मेजबानी
नईदिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) 28-31 अक्टूबर 2025 तक कार्यशाला के साथ चार दिवसीय एशिया प्रशांत दुर्घटना जांच समूह (एपीएसी-एआईजी) बैठक की अध्यक्षता करेगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।
एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीएसी-एआईजी) की बैठक प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के आईसीएओ सदस्य देश विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ इस बैठक में भाग लेते हैं। इस बैठक की मेजबानी आमतौर पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के किसी भी आईसीएओ सदस्य देश द्वारा की जाती है।
भारत पहली बार एशिया-प्रशांत क्षेत्र-एआईजी बैठक की मेज़बानी करेगा। इसमें एशिया-प्रशांत देशों के विमान दुर्घटना जाँच प्राधिकरणों और आईसीएओ के लगभग 90 प्रतिनिधि भाग लेंगे।
बैठक में विमान दुर्घटना जाँच के विभिन्न पहलुओं, प्रक्रियाओं और रिपोर्टिंग सहित, पर चर्चा की जाएगी। समूह की बैठकों का उद्देश्य दुर्घटना/घटना जाँच अधिकारियों के बीच विशेषज्ञता, अनुभव और जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और एशिया एवं प्रशांत क्षेत्रों में दुर्घटना/घटना जाँच क्षमता में सुधार हेतु उनके बीच सहयोग को विकसित और सुदृढ़ करना है।
यह कार्यशाला 28-29 अक्टूबर 2025 को आयोजित की जाएगी जिसमें विमान दुर्घटना जाँच से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी। कार्यशाला में एएआईबी और डीजीसीए के अधिकारियों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागी भी शामिल होंगे। एशिया प्रशांत क्षेत्र के आईसीएओ सदस्य देशों के प्रतिनिधि और एएआईबी के अधिकारी 30 और 31 अक्टूबर को चर्चा करेंगे।
कार्य पद्धति को बेहतर बनाने के लिए करें नवाचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कार्य पद्धति को बेहतर बनाकर नए प्रयोगों और नवाचारों के माध्यम से नागरिकों के कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे करने के प्रयास किए जाएं। सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत जिन जिलों अथवा क्षेत्रों में न्यूनतम शिकायतें होंगी, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में शिकायतें शून्य स्थिति में हैं उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपने कार्यों से अधिकारी-कर्मचारी सुशासन स्थापित करें।
समाधान ऑनलाइन समीक्षा में प्रकरणों में कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले 3 कर्मियों को निलंबित करने के साथ ही 19 अधिकारियों-कर्मचारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 शासकीय सेवकों की वेतन वृद्धि रोकने, 6 को कारण बताओ नोटिस देने, 7 प्रकरण में अनुशासनात्मक कार्यवाही और एक प्रकरण में दोषी कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय जांच की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास से वीसी द्वारा समाधान ऑनलाइन के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में नागरिकों के लंबित प्रकरणों के समाधान की कार्यवाही करवाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि आम लोगों के हित में प्रशासनिक अमला दक्षता से कार्य करे। बीते महीनों में हुए श्रेष्ठ कार्यों के लिए जिला स्तर पर रायसेन एवं दतिया जिले और विभाग स्तर पर ऊर्जा विभाग प्रथम स्थान पर रहा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चार अधिकारियों केके दुबे उपनिरीक्षक थाना रावतपुरा जिला भिंड, श्री वेंकटेश नेरकर कनिष्ठ अभियंता ऊर्जा मंडला, डॉ नंदिता निगम, विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी धार और श्री कमलेश शुक्ला, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सतना को सितम्बर माह में सीएम हेल्पलाइन में मिली शिकायतों के शत-प्रतिशत निराकरण के लिए उच्च प्रदर्शन के लिए बधाई दी। समाधान ऑनलाइन बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष समाधान ऑनलाइन समीक्षा बैठक में छात्रवृत्ति, आहार अनुदान, भू-अर्जन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और शिक्षकों की उपस्थिति से संबंधित प्रकरणों पर कार्रवाई हुई। अनूपपुर जिले के आवेदक श्री सीता बैगा ने आहार अनुदान की राशि प्राप्त न होने की शिकायत की थी। आवेदक को राशि का भुगतान करवाते हुए विलंब के लिए दोषी ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन और सहायक आयुक्त कार्यालय के दोषी शासकीय सेवक की वेतन वृद्धि रोकी गई। रीवा जिले के श्री आशीष बहेलिया की लैपटॉप की राशि का भुगतान करवाया गया। इस तरह के लंबित अन्य प्रकरणों में भी तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए। दोषी शासकीय सेवक के निलंबन और विभागीय जांच के निर्देश दिए गए। डिण्डोरी जिले के आवेदक श्री उज्जवल साहू की पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति का भुगतान करवाया गया।
पोर्टल की समस्या के कारण इस कार्य में विलंब होना पाया गया जिसके फलस्वरूप दोषियों को दण्डित करने के निर्देश दिए गए हैं। मंदसौर जिले के आवेदक श्री योगेश द्वारा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना की राशि में विलंब के लिए भी अधिकारियों-कर्मचारियों का दायित्व निर्धारित कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। डिण्डोरी जिले के आवेदक श्री अरूण यादव के सब्सिडी राशि न प्राप्त होने के प्रकरण में बैंक के स्टॉफ की त्रुटि पाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आवेदक के हक की राशि 97 हजार 500 दिलवाते हुए विलंब के जिम्मेदार बैंक कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश गए। इस प्रकरण में कुटीर एवं ग्रामोद्योग के एक अधिकारी और एक कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दिल्ली एम्स के 50वें दीक्षांत समारोह में 326 स्नातकों को प्रदान की गई डिग्री
नईदिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने आज यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के 50वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। नड्डा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्नातक छात्रों को बधाई दी और भारत में चिकित्सा विज्ञान, शिक्षा और रोगी देखभाल को आगे बढ़ाने में एम्स के अद्वितीय योगदान की सराहना की। उन्होंने युवा डॉक्टरों से सहानुभूति के साथ सेवा करने, नैतिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और देश की उभरती स्वास्थ्य सेवा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नवाचार का उपयोग करने का आह्वान किया।
नड्डा ने कहा “चिकित्सा विज्ञान, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में, राजधानी दिल्ली स्थित एम्स ने न केवल भारत में, बल्कि विश्व स्तर पर अपना स्थान बनाया है।” उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, अत्याधुनिक शोध और रोगी देखभाल में उत्कृष्टता के प्रति संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता की सराहना की।
नड्डा ने पिछले दशक में भारत के स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछली सदी के अंत में जहां देश में केवल एक एम्स था, वहीं आज पूरे भारत में 23 एम्स संस्थान हैं। यह प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा प्रशिक्षण के विस्तार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो गई है। इसी प्रकार, स्नातक मेडिकल सीटें 51,000 से बढ़कर 1,29,000 और स्नातकोत्तर सीटें 31,000 से बढ़कर 78,000 हो गई हैं। श्री नड्डा ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर 75,000 अतिरिक्त सीटें जुड़ने की उम्मीद है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि भारत ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जहाँ नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) के आंकड़ों के अनुसार, मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) 130 से घटकर 88 और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) 39 से घटकर 27 हो गई है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (यू5एमआर) और राष्ट्रीय मृत्यु दर (एनएमआर) में भी क्रमशः 42 प्रतिशत और 39 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी देखी गई है, जो वैश्विक औसत से अधिक है।
उन्होंने आगे कहा कि लैंसेट की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में टीबी के मामलों में 17.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। नड्डा ने अपने समापन भाषण में स्नातक छात्रों से शिक्षा और शोध में सक्रिय योगदान देने और अपने पेशेवर एवं नैतिक आचरण में उत्कृष्टता के माध्यम से एम्स की प्रतिष्ठित विरासत और ब्रांड को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों को आजीवन शिक्षार्थी और नवप्रवर्तक बने रहने, चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर, नीति आयोग के सदस्य प्रो. वी.के. पॉल ने कहा, "जिस समुदाय ने हमें पोषित किया है, उसे कुछ वापस देना हमारी एक गहन सामाजिक ज़िम्मेदारी है। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, उत्कृष्टता को अपना दैनिक अभ्यास और नवाचार को अपना मार्गदर्शक सिद्धांत बनाएँ।"
उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे शिक्षा जगत में शामिल होने, स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की अगली पीढ़ी को पढ़ाने, मार्गदर्शन करने और प्रेरित करने पर विचार करें, जिससे 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण में योगदान मिल सके। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सच्चा राष्ट्र निर्माण ज्ञान, करुणा और निरंतर सीखने की मज़बूत नींव पर टिका होता है।
इस दीक्षांत समारोह के दौरान, 326 स्नातकों को उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 50 पीएचडी स्कॉलर, 95 डीएम/एमसीएच विशेषज्ञ, 69 एमडी, 15 एमएस, 4 एमडीएस, 45 एमएससी, 30 एमएससी (नर्सिंग) और 18 एम.बायोटेक स्नातक शामिल थे। इसके अतिरिक्त, एम्स में उनके अनुकरणीय योगदान और समर्पित सेवा के लिए सात डॉक्टरों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
खान मंत्रालय ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के तहत दो और उत्कृष्टता केंद्रों को मान्यता दी
नईदिल्ली। खान मंत्रालय ने पहले से मान्यता प्राप्त 7 संस्थानों के अलावा, दो और संस्थानों, भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बैंगलोर और सेंटर फॉर मैटेरियल्स फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी (सी-मेट), हैदराबाद को राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (एनसीएमएम) के अंतर्गत उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) के रूप में मान्यता दी। यह निर्णय परियोजना अनुमोदन एवं सलाहकार समिति (पीएएसी) द्वारा 24 अक्टूबर 2025 को खान मंत्रालय के सचिव श्री पीयूष गोयल और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. अभय करंदीकर की सह-अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दी गई मंजूरी के बाद लिया गया।
उन्नत प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, अंतरिक्ष आदि जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के अलावा, स्वच्छ ऊर्जा और गतिशीलता परिवर्तन के उभरते क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण कच्चे माल महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करते हैं। संपूर्ण प्रणाली दृष्टिकोण में प्रौद्योगिकियों के विकास, प्रदर्शन और परिनियोजन हेतु, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) करना आवश्यक है ताकि टीआरएल 7/8 पायलट प्लांट और पूर्व-व्यावसायिक प्रदर्शन के उच्च प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (टीआरएल) तक पहुंचा जा सके। ये उत्कृष्टता केंद्र महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में देश की विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षमता को सुदृढ़ और उन्नत करने के लिए नवीन और परिवर्तनकारी अनुसंधान करेंगे।
प्रत्येक उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) हब और स्पोक मॉडल पर एक संघ के रूप में कार्य करेगा, ताकि महत्वपूर्ण खनिजों में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा दिया जा सके और प्रत्येक घटक की मुख्य क्षमताओं को एक छतरी के नीचे लाया जा सके। सीओई (हब संस्थान) को सीओई दिशानिर्देशों के अनुसार, संघ में कम से कम दो उद्योग भागीदारों और कम से कम दो अनुसंधान एवं विकास/शैक्षणिक भागीदारों को शामिल करना अनिवार्य है। 9 मान्यता प्राप्त उत्कृष्टता केंद्रों ने मिलकर लगभग 90 उद्योग और शैक्षणिक/आरएंडडी प्रवक्ताओं को शामिल किया है।
तुलसीघाट पर आज द्वापर का पुनर्जागरण: गंगा बनेंगी कालिंदी, कन्हैया करेंगे कालिया मर्दन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया हॉस्पिटल में बच्चों और नागरिकों के स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्बाइड गन से प्रभावितों से भोपाल हमीदिया हॉस्पिटल के ब्लॉक 2 की 11वीं मंजिल स्थित नेत्र रोग वार्ड में भेंट की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सा विशेषज्ञों से रोगियों के उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त कर समुचित इलाज के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी कार्बाइड गन से प्रभावित बच्चों और नागरिकों के उचित इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से भी सहायता के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे प्रकरणों की निरंतर मॉनीटरिंग की जा रही है। घातक कार्बाइड गन के निर्माण और विक्रय को अवैध होने के नाते थाना स्तर पर छापामारी और जाँच की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नारियलखेड़ा निवासी प्रशांत मालवीय, गरीब नगर छोला के करण पंथी, भानपुर के आरिश और परवलिया सड़क के अंश प्रजापति से भेंट की। इनमें अधिकांश किशोर हैं। अंश प्रजापति ने बताया कि वे अन्य युवकों के कार्बाइड गन उपयोग करने से घायल हुए हैं। वहीं प्रशांत, करण और आरिश ने स्वयं कार्बाइड गन का उपयोग करते हुए घायल होने की बात स्वीकार की।
हमीदिया अस्पताल में दाखिल इन रोगियों के अभिभावकों ने भी परिवार के सदस्यों द्वारा कार्बाइड गन के उपयोग को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। रोगियों के परिजन ने हमीदिया अस्पताल में किए जा रहे उपचार पर संतोष व्यक्त किया। करण पंथी के परिवार ने कहा कि उन्होंने गरीब नगर में अन्य परिवारों को भी कार्बाइड गन का उपयोग न करने का परामर्श दिया है। अब सभी जागरूक हो चुके हैं और बस्ती में कोई भी इसका उपयोग नहीं कर रहा।
छठ पूजा पर रेलवे की सांस्कृतिक सौगात: स्टेशनों पर गूंजे छठ गीत, यात्रियों का भक्ति भाव से हुआ स्वागत
छठ पर रेलवे की यह पहल एक मिसाल है—जहां तकनीक, संस्कृति और श्रद्धा का संगम यात्रियों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है।
बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान, भारत के बाद अब अफगानिस्तान भी रोकेगा पानी की सप्लाई
कुनार नदी का स्रोत हिमालय के हिंदुकुश क्षेत्र में है और यह लगभग 480 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यह नदी बाद में काबुल नदी में मिलती है। अफगानिस्तान से आगे नदी पाकिस्तानी इलाके में आगे प्रवाहित होती है। इसलिए बांध जैसी परियोजनाएं पड़ोसी देश के लिए बड़ी समस्या साबित हो सकती है। कुनार को पाकिस्तान में चित्राल नदी कहा जाता है।
शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषकों को फसल ऋण दिये जाने की योजना को निरंतर रखे जाने का निर्णय
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक गुरूवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषकों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना को निरंतर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। खरीफ 2025 सीजन की ड्यू डेट 28 मार्च, 2026 और रबी 2025-26 सीजन की ड्यू डेट 15 जून 2026 नियत की गई है।
योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) द्वारा 3 लाख रूपये तक के दिये गये अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जायेगा। राज्य शासन द्वारा सभी किसानों के लिए 1.5 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जायेगा। वर्तमान वर्ष में 23 हजार करोड़ रूपये वितरण का लक्ष्य रखा गया हैं।
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सतत् विकास लक्ष्यों के क्रियान्वयन के लिए "एसडीजी (सतत् विकास लक्ष्य) मूल्यांकन योजना" को आगामी 5 वर्षों (वर्ष 2025-30 तक) के लिए स्वीकृत किये जाने का निर्णय लिया गया है। योजना अंतर्गत सतत् विकास के लक्ष्यों का राज्य, जिला एवं विकासखंड स्तर पर स्थानीयकरण, क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों के सतत् विकास लक्ष्यों और उनके संकेतक के आधार पर डैशबोर्ड के माध्यम से रैंकिंग तय की जायेगी। डैशबोर्ड आधारित रैंकिंग अनुसार दो शीर्ष प्रदर्शन किये जाने वाले जिलों को पुरस्कार राशि का वितरण किया जाएगा।
प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले जिले को 1 करोड़ रुपए और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले जिले को 75 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का वार्षिक प्रावधान किया जाएगा। चयनित जिला अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 17 सतत् विकास लक्ष्यों में से किसी भी लक्ष्य में सुधार के लिए पुरस्कार राशि का उपयोग कर सकता है। प्रदेश के ऐसे जिले जिनका रैंकिंग में प्रदर्शन कमजोर स्तर का होगा, उन्हें प्रदेश में चल रही कल्याणकारी योजनाओं की सहायता से विकास की मुख्य धारा में सम्मिलित किया जायेगा, जो प्रदेश के समग्र विकास में सहायक होगा। योजना पर 19 करोड़ 10 लाख रूपये (3 करोड़ 82 लाख प्रतिवर्ष) का अनुमानित व्यय होगा।
दर्दनाक हादसा — बेंगलुरु जा रही बस में लगी आग, 11 यात्रियों की मौत, कई घायल
कुरनूल के पुलिस अधीक्षक विक्रांत पाटिल ने बताया कि बस में आग लगने का कारण फिलहाल जांच के दायरे में है।हादसे के बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जिनमें 9 को सरकारी अस्पताल और 3 को निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने लापता यात्रियों की पहचान और पीड़ितों के परिजनों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
कोलार मेजर लिफ्ट परियोजना में बिलकिसगंज के नजदीकी 44 गांव शामिल होंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धनतेरस के शुभ अवसर पर किसानों को चिंता मुक्त करने के लिए सरकार द्वारा राहत राशि प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार किसान, गरीब, महिला और वंचित वर्गों की सरकार है। किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है और उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसानों को अभी राहत राशि दी जा रही है और बीमा राशि मिलना बाकी है। राज्य सरकार की नीति है कि किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम मिले। सरकार फसलों का निरंतर समर्थन मूल्य भी बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिले इसके लिए सरकार द्वारा भावांतर योजना प्रारंभ की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर जिले के बिलकिसगंज में आयोजित कार्यक्रम में शनिवार को पीला मोजेक, कीट व्याधि एवं अतिवृष्टि से हुई सोयाबीन फसल क्षति से प्रभावित सीहोर जिले के 2,05,977 किसानों के खाते में 118 करोड़ 41 लाख रूपये की राहत राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के 69 करोड़ 38 लाख 36 हजार रूपये के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सीमा पर जवान और खेत में किसान अपने-अपने तरीके से देश की सेवा करते हैं। सरकार के लिए दोनों का ही सम्मान सर्वोपरि है। राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सिंचाई सुविधा हो या किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाना हमारी सरकार हर मामले में संवेदनशील है। प्रदेश में कभी सिंचाई का रकबा मात्र साढ़े 7 लाख हेक्टेयर था और हमारी सरकार आने के बाद सिंचाई का रकबा 53 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
लालगंज में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने चुनावी बैठक ली, संगठन की मजबूती पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ की हड्डी है और एकजुट होकर ही बिहार में भाजपा सरकार बनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र को सशक्त बना सकते हैं।
यूपी में योगी सरकार का ‘मिशन शक्ति’: 256 कुख्यात अपराधी ढेर, मेरठ जोन अव्वल
पुलिस के इस अभियान से जहां अपराध पर लगाम लग रही है, वहीं जनता में सुरक्षा का विश्वास भी बढ़ रहा है। योगी सरकार का यह मिशन अपराधमुक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने 196 करोड़ की योजनाओं को दी मंजूरी, विकास कार्यों को मिलेगी गति
इन स्वीकृतियों से राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, और आपदा प्रबंधन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल विकास को गति मिलेगी, बल्कि जनता के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
इंदौर मे एमपी ट्रांसको की अभिनव पहल : मंत्री तोमर
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि इंदौर महानगर के विद्युत उपभोक्ताओं को जरूरत के समय विद्युत का व्यवधान न हो, इस उद्देश्य के साथ मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी इंदौर ने एक अभिनव पहल की है। त्यौहारी सीजन में ट्रांसमिशन लाइन के मेंटेनेंस दिन के बजाय देर रात या तड़के किए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली व्यवधान का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा है कि इसी तरह के प्रयोग अन्य शहरों में भी किए जाएंगे। सामान्यतः ट्रांसमिशन लाइन में मेंटेनेंस का कार्य दिन के उजाले में ही किया जाता है, लेकिन इंदौर ट्रांसमिशन मेंटेनेंस टीम ने इस परंपरा को बदल दिया है। अब जब शहर सो रहा होता है, तब एमपी ट्रांसको की टीमें फील्ड में सक्रिय होकर ट्रांसमिशन लाइनों की देखरेख कर रही होती हैं। एमपी ट्रांसको इंदौर की यह पहल इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसका नेतृत्व अतिरिक्त मुख्य अभियंता नीलम खन्ना के मार्गदर्शन मे कार्यपालन अभियंता नम्रता जैन कर रहीं है। कार्यपालन अभियंता नम्रता जैन चाहे रात्रि कालीन हो या सुबह तडके, पूरे शटडाउन समय मे फील्ड पर मौजूद रहकर मेंटेनेंस कार्य की स्वयं निगरानी करती हैं।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता नीलम खन्ना ने बताया कि इंदौर की बिजली व्यवस्था कुछ इस तरह है कि यदि ट्रांसमिशन लाइन पर मेंटेनेंस के दौरान शटडाउन लिया जाए, तो उपभोक्ताओं को असुविधा हो सकती है। इस समय त्यौहारी सीजन होने के कारण घरेलू और व्यावसायिक दोनों वर्गों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।