देश-विदेश
पद्म पुरस्कार-2026 के लिए 31 जुलाई, 2025 तक किए जा सकेंगे नामांकन
नईदिल्ली। गणतंत्र दिवस, 2026 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कार-2026 के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिशें 15 मार्च 2025 से शुरू हो गई हैं। पद्म पुरस्कारों के नामांकन की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2025 है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिशें राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in पर ऑनलाइन प्राप्त की जाएंगी।
पद्म पुरस्कार, अर्थात पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। वर्ष 1954 में स्थापित, इन पुरस्कारों की घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्कारों के अंतर्गत ‘उत्कृष्ट कार्य’ के लिए सम्मानित किया जाता है। पद्म पुरस्कार कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरी, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा के लिए प्रदान किए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को छोड़कर अन्य सरकारी सेवक, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी सेवक भी शामिल है, पद्म पुरस्कारों के पात्र नहीं हैं।
सरकार पद्म पुरस्कारों को “पीपल्स पद्म” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अत:, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे नामांकन/सिफारिशें करें। नागरिक स्वयं को भी नामित कर सकते हैं। महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग व्यक्तियों और समाज के लिए निस्वार्थ सेवा कर रहे लोगों में से ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के ठोस प्रयास किए जा सकते हैं जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में पहचाने जाने योग्य हैं।
नामांकन/सिफारिशों में पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट सभी प्रासंगिक विवरण शामिल होने चाहिए, जिसमें वर्णनात्मक रूप में एक उद्धरण (citation) (अधिकतम 800 शब्द) शामिल होना चाहिए, जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/अनुशासन में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया हो।
इस संबंध में विस्तृत विवरण गृह मंत्रालय की वेबसाइट (https://mha.gov.in) पर ‘पुरस्कार और पदक’ शीर्षक के अंतर्गत और पद्म पुरस्कार पोर्टल (https://padmaawards.gov.in) पर उपलब्ध हैं। इन पुरस्कारों से संबंधित संविधि (statutes) और नियम वेबसाइट पर https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx लिंक पर उपलब्ध हैं।
कोयला मंत्रालय सामुदायिक सहभागिता और विकास ढांचा रिक्लेम (RECLAIM) करेगा लॉन्च
नईदिल्ली। कोयला मंत्रालय सामुदायिक सहभागिता और विकास ढांचा- रिक्लेम (RECLAIM) का शुभारंभ करने जा रहा है। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी 4 जुलाई, 2025 को इसका शुभारंभ करेंगे। कोयला मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कोयला नियंत्रक संगठन ने हार्टफुलनेस संस्थान के साथ मिलकर इस व्यापक सामुदायिक विकास ढांचे को विकसित किया है। विशेष रूप से, इसे खदानों के बंद होने के बाद प्रभावित समुदायों लिए तैयार किया गया है। खदानों के बंद होने से भू-दृश्य और स्थानीय आजीविका दोनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है और इसलिए यह ढांचा, दशकों से खनन कार्यों के साथ-साथ विकसित हुए समुदायों के लिए न्यायसंगत और टिकाऊ बदलाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह ढांचा जिसे रिक्लेम कहा जाता है, खदान बंद होने और बंद होने के बाद के चरणों में समावेशी सामुदायिक सहभागिता और विकास के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करता है। बदलाव की इस प्रक्रिया में सामुदायिक भागीदारी को संस्थागत बनाने के लिए यह ढांचा एक व्यावहारिक व चरण-दर-चरण दृष्टिकोण प्रदान करता है।
यह ढांचा भारतीय संदर्भ के अनुरूप क्रियाशील उपकरणों, टेम्पलेट्स और क्षेत्र-परीक्षणित पद्धतियों द्वारा समर्थित है। इसमें लैंगिक समावेशिता, कमजोर समूहों के प्रतिनिधित्व पर विशेष बल दिया गया है और पंचायती राज संस्थाओं के अनुरूप है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बदलाव की यह पूरी प्रक्रिया न्यायसंगत और स्थानीय रूप से प्रासंगिक हो। ‘रिक्लेम’ फ्रेमवर्क का उद्देश्य खनन समुदायों के लिए एक निर्बाध और लचीले बदलाव को सुगम बनाना है जो विश्वास, पारिस्थितिकी बहाली और दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक कल्याण पर आधारित हो।
स्मार्ट मीटर लगवाएं और 20 प्रतिशत सस्ती बिजली पाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली सबकी जरूरत है। सबको जरूरत के अनुसार बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिजली सस्ती दरों पर मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर मॉडल सबसे अच्छा है, इसलिए विद्युत उपभोक्ताओं के हित में सबके घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएं। इससे उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत सस्ती दर पर बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर लगाने से उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभों का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें उपभोक्ता को खुद की खपत का आंकलन कर ऊर्जा का अपनी सुविधानुसार उपयोग कर अपने बिजली बिल की राशि को कम से कम करने की सुविधा भी मिलती है। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को स्मार्ट मीटर लगाने की गति को और तेज करने के निर्देश दिये। बताया गया कि प्रदेश में 1.34 करोड़ घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 21 लाख से भी अधिक घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मई-जून में विभिन्न स्थानों पर हुए विद्युत अवरोधों पर चर्चा करते हुए कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए साल भर मेंटीनेंस गतिविधियां चलाई जाएं, ताकि आंधी, पानी या अन्य किसी घटना के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने कहा कि मेंटीनेंस गतिविधियों में नई एप्रोच के साथ नए उपाय किए जाएं। नये उपकरण क्रय किये जाएं। जहां घने पेड़ हैं, उनके नीचे से गुजरने वाले बिजली के तारों में कोटिंग कराएं। पॉवर/लाईन लॉसेस कम से कम करें और ऊर्जा की बचत के सभी तरीकों पर गंभीरता से अमल करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घरेलू हो या औद्योगिक सभी जगह विद्युत का उपयोग बढ़ रहा है। इसलिए घरेलू और औद्योगिक संस्थानों को सोलर पॉवर के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इससे उपभोक्ता अपनी बिजली स्वयं पैदा कर अतिरिक्त बिजली बेच भी सकेगा। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में विद्युत उपयोग को भी सोलर पॉवर से चलित पम्पों पर शिफ्ट किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जरूरत वाले जिलों में ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग यूनिट की स्थापना के लिए विभागीय नीति तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं को सर्वाधिक लाभ उपलब्ध कराने के लिए ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा विभाग मिलकर प्रयास करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगले दो साल में तीनों विद्युत वितरण कंपनियां लाभ की स्थिति में आ जाएं इसके लिए विद्युत कंपनियां अपनी आय के साधन बढ़ाने के प्रयास करें। नई तकनीक इस्तेमाल करें, नवाचार करें, ताकि कंपनी के साथ-साथ उपभोक्ताओं को फायदा मिले।
‘भोजन शुद्ध होना चाहिए…’, CM धामी ने ‘नेम प्लेट’ विवाद को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी
देहरादून। कांवड़ यात्रा ‘नेम प्लेट’ विवाद पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा हमारी आस्था और श्रद्धा की यात्रा है। जिसमें प्रत्येक वर्ष 4 करोड़ से भी अधिक श्रद्धालु अलग-अलग क्षेत्रों से हरिद्वार और ऋषिकेश आते हैं। वे सभी मां गंगा का जल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों को प्रस्थान करते हैं। ऐसे में उन्हें मिलने वाला भोजन शुद्ध होना चाहिए।
सीएम धामी ने कहा कि दो तीन दिनों की ये प्रक्रिया होती है। इसमें रास्तेभर में जो दुकानदार होते है, खाद्य समाग्री जहां खाना मिलता है। वो सब शुद्ध होना चाहिए और कहीं किसी प्रकार की मिलावट न हो। कोई असंदिग्ध न हो उनकी सुरक्षा भी हमारी प्राथमिकता है। कल मै इसकी व्यापक रूप से समीक्षा भी करने वाला हूं।
सीएम धामी ने आगे कहा कि जो हमारे जन प्रतिनिधियों के, व्यापार मंडल और धार्मिक सभा के लोग है। गंगा सभा के जो हमारे प्रतिनिधि है। उनके जो सुझाव आएंगे, उसके आधार पर हम निर्णय लेंगे।
पीएम मोदी ने महिलाओं और बाल कल्याण में बदलाव के लिए प्रौद्योगिकी के लाभ पर एक लेख किया साझा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को महिला और बाल कल्याण में बदलाव के लिए प्रौद्योगिकी के लाभ पर एक लेख साझा किया है। इस लेख में बताया गया है कि किस तरह सरकार ने महिलाओं और बाल कल्याण में बदलाव के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया है।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए पोस्ट पर पीएम ने दी प्रतिक्रिया
केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा जी ने लिखा है कि किस तरह सरकार ने महिलाओं और बाल कल्याण में बदलाव के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया है। पोषण ट्रैकर, एक समर्पित शिकायत निवारण मॉड्यूल और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी पहल देश भर में वास्तविक समय में, प्रभावशाली बदलाव ला रही हैं।”
अपने लेख में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बताया है कि किस तरह सरकार ने महिलाओं और बाल कल्याण में बदलाव के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया है। वहीं इस लेख पर पीएम मोदी द्वारा दी गई प्रतिक्रिया को पीएमओ के सोशल मीडिया हैंडल के जरिए साझा किया गया है।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 'डाक सेवा, जन सेवा' की भावना को मजबूत करने के लिए डाक विभाग के डाक और छंटाई सहायकों के साथ संवाद किया
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज डाक एवं छंटाई सहायकों के साथ विस्तृत संवाद सत्र आयोजित किया। देश भर के सभी 23 डाक सर्किलों का प्रतिनिधित्व करने वाले ये अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी डाक विभाग (डीओपी) की रीढ़ हैं।
सत्र के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से वहां उपस्थित हर व्यक्ति की बात सुनी, उनके विचारों और प्रतिक्रियाओं पर उचित ध्यान दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को आश्वस्त किया कि उनके सुझावों की सावधानीपूर्वक जांच की जाएगी और भविष्य के नीतिगत निर्णयों और परिचालन सुधारों में शामिल किया जाएगा।
डाक सहायक डाकघरों में जनता के सामने प्रतिनिधि के रूप में काम करते हैं। वे ग्राहकों के साथ बातचीत करते हैं और समय पर सेवा वितरण सुनिश्चित करते हैं, वहीं मेल और पार्सल की सटीक और समय पर छंटाई सुनिश्चित करने के लिए, सॉर्टिंग असिस्टैंट (छंटाई सहायक) रेलवे मेल सेवाओं, एयर मेल सॉर्टिंग इकाइयों और ट्रांजिट मेल कार्यालयों जैसे मेल कार्यालयों में काम करते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने और प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लागू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने और पूरे देश में संचार के सुचारू प्रवाह को बनाए रखने में उनके दैनिक प्रयासों की सराहना की।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 3 और 4 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर दौरे पर जा रहे हैं। शिवराज सिंह 3 और 4 जुलाई 2025 को दो दिवसीय यात्रा के दौरान उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करेंगे और कृषि, ग्रामीण विकास व शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
3 जुलाई को सुबह शिवराज सिंह चौहान श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद दोपहर में प्राकृतिक खेती एवं राष्ट्रीय तिलहन मिशन पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति सलाहकार समिति की बैठक में भाग लेंगे। शाम को जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल श्री मनोज सिन्हा के साथ राजभवन में शिष्टाचार भेंट करेंगे।
यात्रा के दूसरे दिन 4 जुलाई को शिवराज सिंह चौहान शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SKUAST-K), श्रीनगर के छठे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम SKUAST-K के शालीमार कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री एवं SKUAST-K के प्रो चांसलर उमर अब्दुल्ला भी उपस्थित रहेंगे।
इस दीक्षांत समारोह में 5,250 छात्रों को स्नातक, परास्नातक एवं पीएचडी की उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इसके अलावा, 150 स्वर्ण पदक एवं 445 मेरिट प्रमाण पत्र मेधावी छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए प्रदान किए जाएंगे।
दीक्षांत समारोह के उपरांत शिवराज सिंह SKUAST परिसर में केसर और सेब बागानों का अवलोकन करेंगे और वहां के बागवानी वैज्ञानिकों व किसानों से बातचीत करेंगे। इसके उपरांत केंद्रीय कृषि मंत्री खोनमोह गांव में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण समृद्धि की प्रतीक ‘लखपति दीदियों’ के साथ संवाद करेंगे।
शिवराज सिंह का यह दौरा जम्मू-कश्मीर में स्थायी कृषि, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के दौरान शिवराज सिंह ने जम्मू का दौरा कर किसानों से संवाद किया था। अभियान के अनुभवों को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान लगातार विभिन्न राज्यों और गाँवों में जाकर किसानों से सीधी बातचीत कर रहे हैं।
लाखों भक्तों की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है श्री धूनी वाले दादा का मंदिर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्री धूनी वाले दादाजी मंदिर जिलेवासियों सहित निमाड़ क्षेत्र के भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह केवल एक मंदिर नहीं लाखों भक्तों की आस्था एवं उनकी श्रद्धा का प्रतीक है। मंदिर निर्माण की कई बरसों पूर्व की कामना आज शिलान्यास के साथ पूर्ण हुई जो एक नए आध्यात्मिक युग का प्रारंभ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को खंडवा में आयोजित श्री दादाजी दरबार भूमि-पूजन महोत्सव में पहुँचकर समाधि के दर्शन और पूजन-अर्चन किया। उन्होने भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि-पूजन स्थल पर पुष्प अर्पित किए। श्री धूनी वाले दादाजी मंदिर के भव्य निर्माण के लिए भूमि-पूजन वेद-ऋचाओं के उच्चारण के साथ संतों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय लोगों की उपस्थिति में हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री दादाजी दरबार में श्री बड़े और छोटे दादाजी महाराज की समाधियों के दर्शन कर पूजन अर्चन किया और धूनीमाई में आहूति अर्पित कर प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधी स्थल पर संतों की उपस्थिति में पुष्प अर्पित किये।
श्री धूनी वाले दादाजी मंदिर का निर्माण 22 एकड़ भूमि पर 100 करोड़ की लागत से किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा जितना संभव हो उतना मंदिर का निर्माण कार्य किया जाए, उसके बाद शेष रहे कार्य का निर्माण शासन द्वारा किया जाएगा। मंदिर का निर्माण शिर्डी एवं अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर विभिन्न चरणों में किया जाएगा। मंदिर निर्माण में संगमरमर का उपयोग होगा। निर्माण कार्य का प्रारंभ गुरु पूर्णिमा के बाद किया जाएगा। भव्य मंदिर निर्माण में आधुनिक गौशाला, सेवाधारी निवास, पार्किंग व्यवस्था, भक्त निवास, भोजनशाला एवं नर्मदा परिक्रमावासी विश्रामस्थल का निर्माण किया जाएगा।
लापरवाह अधिकारीयों पर होगी सख्त कार्यवाही: राज्यमंत्री गौर
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि समय पर काम नहीं करने वाले लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही होगी। राज्यमंत्री गौर सोमवार को गोविंदपुरा क्षेत्र के वार्ड 66 में जनसंपर्क के दौरान जनता की समस्याओं को सुन रही थी। उन्होंने गोविंदपुरा क्षेत्र में जे.के. रोड स्थित गोयल अपार्टमेंट क्षेत्र के रहवासियों द्वारा नाली सफाई, जर्जर सर्विस रोड और रात्रि के समय अंधेरे के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए निर्देश दिए।
राज्यमंत्री गौर ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इंद्रपुरी -ए- सेक्टर में जनसंपर्क के दौरान पार्क की स्वच्छता, घास की कटाई एवं सौंदर्यीकरण के लिये आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही नाली में जमा कचरे की शीघ्र सफाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। छत्तीसगढ़ लेबर कॉलोनी का निरीक्षण कर रहवासियों से संवाद किया। स्थानीय समस्याओं विशेषकर नाली सफाई, नाली निर्माण और सीवेज लाइन से संबंधित प्रकरणों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
छत्रसाल नगर फेस- 1 के रहवासियों ने बताया कि आसपास की कॉलोनियों में जल भराव हो जाता है। सड़के जर्जर हो चुकी हैं, पेयजल की भी समस्या है। राज्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सड़क बनाने और पानी की टंकी का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। रविदास नगर के पार्क में पौधरोपण किया और रहवासियों की मांग पर गणेश उत्सव के पहले शेड निर्माण, पेपर ब्लॉक व फ्लोरिंग कार्य कराए जाने के लिये निर्देश दिए। साथी ही नर्मदा जल के लिए बल्क कनेक्शन दिए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। भारत नगर में जर्जर हो गई सड़कों के निर्माण, पार्क की बाउंड्री वॉल और सौंदर्यकरण के निर्देश दिए। नैनागिरी आजाद पार्क में नाले पर से अतिक्रमण हटाने और नाले की सफाई के निर्देश दिए। बार-बार बिजली जाने और वोल्टेज कम होने की शिकायत को दूर करने अधिकारियों को निर्देशित किया। छत्रसाल नगर फेज -2 में शहीद मनोज सोनी स्मृति पार्क के सौंदर्यकरण, हाईमास्ट लगाने और पेड़ों की छटाई के निर्देश दिए। कॉलोनियों की नालियां चौक हो गई है, उन्हें साफ करने, सीवेज लाइन की मरम्मत और जर्जर सड़कों को बनाने के निर्देश भी दिए। कर्मवीर नगर पार्क में नवनिर्मित कम्युनिटी हॉल का निरीक्षण कर अधूरे कार्य को जल्द पूरा करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान पार्षद शिरोमणि शर्मा, उर्मिला मोर्य, लवकुश यादव, सुभाष पगारे, भीकम सिंह बघेल, राकेश राजपूत, छोटू पंडित और अधिकारी मौजूद रहे।
नर्सिंग संवर्ग के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि नर्सिंग संवर्ग के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन कर कर्मचारी चयन मण्डल को त्वरित रूप से मांग पत्र प्रेषित किए जाएं। फार्मासिस्ट ग्रेड-2, नेत्र सहायक तथा ओ.टी. टेक्नीशियन के पदों की पूर्ति के लिये भी भर्ती प्रक्रिया शीघ्र आरंभ करने के भी निर्देश दिए गए। मेडिकल कॉलेजों में आउटसोर्स से नियुक्ति संबंधी वर्तमान व्यवस्था में केवल अकुशल पदों की स्वीकृति है, जबकि विभागीय समिति द्वारा कुशल पदों की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है। इस विषय में व्यावहारिक आवश्यकताओं के दृष्टिगत प्रस्ताव तैयार कर केबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिससे उच्च स्तरीय सेवाओं का विधिवत एवं गुणवत्तापूर्ण प्रदाय सुनिश्चित हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में विभागीय योजनाओं, भर्ती प्रक्रिया, अधोसंरचना विकास, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता की वृहद समीक्षा कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग की स्थापना के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे हृदय रोगों विशेष रूप से बायपास सर्जरी की सुविधा ग्वालियर संभाग में सुलभ हो सके। इसी प्रकार इंदौर मेडिकल कॉलेज में नवजात एवं बाल चिकित्सा (पीडियाट्रिक्स/नियोनेटोलॉजी) विभाग की स्थापना की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पूर्व की निवेश नीति के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिये। बंधपत्रधारी चिकित्सकों की जिला स्तर पर कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की उपस्थिति में अभिमुखीकरण (ओरिएंटेशन) करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को सेवा की महत्ता, दायित्व एवं प्रभावी संचालन के लिए प्रेरित करना और ज़िम्मेदारियों से अवगत होना आवश्यक है जिससे उनकी उपयोगिता को बेहतर बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एचआरपी (हाई रिस्क प्रेगनेंसी) केंद्रों पर धात्री महिलाओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही कक्ष में उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिससे उनकी देखभाल सहज, सुरक्षित और समेकित रूप में संभव हो सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने फार्मेसी काउंसिल में पंजीयन एवं नियामक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में आवश्यक परिवर्तन की कार्यवाही की समीक्षा की और शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत 600 आयुष मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अस्पतालों में फोरेंसिक विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे कानूनी प्रकरणों एवं पोस्टमार्टम संबंधी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आउटसोर्स मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब की स्थापना के लिए दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (पीएम-अभीम) अंतर्गत स्वीकृत राशि का उपयोग वर्ष 2026 तक पूर्ण रूप से सुनिश्चित किए जाने के लिए समयबद्ध योजना तैयार कर आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रदेश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में ऑन्को सर्जरी विभाग की स्थापना के लिए कार्य योजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। जिससे प्रदेश के हर क्षेत्र में कैंसर रोगियों को उत्कृष्ट उपचार सुविधा मिल सके। बैठक में प्रमुख सचिव संदीप यादव एवं आयुक्त तरुण राठी उपस्थित रहे।
अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश की भागीदारी और उपलब्धियां बढ़ाना राज्य सरकार का लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश की भागीदारी और उपलब्धियां बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग दे रही है। वर्ष 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक सहित सभी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और बड़ी संख्या में पदक लाएं, इस लक्ष्य के साथ प्रदेश में खेल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार प्रदेश में खेल अधोसंरचना विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण के साथ-साथ अन्य सहायता व प्रोत्साहन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। राज्य शासन मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ की जबलपुर में आयोजित वार्षिक बैठक को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वर्चुअली शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवक कल्याण मनु श्रीवास्तव इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ वर्ष 1952 से अर्थात् 73 साल से खेल के क्षेत्र में लगातार कार्यरत है। मध्यप्रदेश का 38वें राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड में प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा और प्रदेश ने पहली बार तीसरा स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश में खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में 22 से ज्यादा हॉकी के एस्ट्रोटर्फ हैं और 15 एथलेटिक ट्रैक हैं, जो कि देश में किसी भी प्रदेश में नहीं है। मध्यप्रदेश में 18 एक्सीलेंस एकेडमी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओलंपिक संघ के सभी पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। जबलपुर में हुई बैठक में मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।
त्याग और अनुशासन सच्ची देशभक्ति की नींव हैं: सर्बानंद सोनोवाल
नईदिल्ली। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज के स्वर्ण जयंती उद्घाटन समारोह में भाग लिया। श्री सोनोवाल ने आध्यात्मिकता, सामाजिक सद्भाव और चरित्र निर्माण पर आधारित संगठन की पचास वर्षों की निस्वार्थ सेवा की प्रशंसा की।
अपने भाषण में सोनोवाल ने ब्रह्माकुमारीज़ को एक " परिवर्तनकारी शक्ति " बताया, जो ध्यान, मानवीय मूल्यों और आध्यात्मिक अनुशासन की शक्ति के माध्यम से समाज को नकारात्मकता से दूर कर नैतिकता की ओर ले जा रही है।
सोनोवाल ने कहा कि पिछले पचास वर्षों से प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ने न केवल व्यक्तिगत रूप से बल्कि हमारे समाज की आत्मा का भी पोषण किया है। उनकी अथक सेवा ' अंत्योदय ' के दृष्टिकोण को दर्शाती है - पंक्ति में अंतिम व्यक्ति का उत्थान - जिसे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अपने शासन में बढ़ावा देते हैं।
सोनोवाल ने कहा कि करुणा, चरित्र और हाशिए पर रहे लोगों के सशक्तिकरण से प्रेरित प्रधानमंत्री मोदी का समावेशी विकास का मॉडल ब्रह्माकुमारीज द्वारा अपनाए गए मूल्यों के साथ मेल खाता है। श्री सोनोवाल कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास केवल एक नारा नहीं है बल्कि यह एकता और उत्थान के प्रति एक आध्यात्मिक प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि बलिदान, धैर्य और नैतिक शक्ति एक मजबूत राष्ट्र के आधार स्तंभ हैं।
सोनोवाल ने मातृ सद्गुणों और राष्ट्रीय चरित्र के बीच समानताएं बताते हुए कहा की जिस तरह एक मां धैर्य और मूल्यों के साथ बच्चे का पालन पोषण करती है ठीक उसी तरह ब्रह्माकुमारी जैसे संगठन चरित्र, आत्म-अनुशासन और आत्म-साक्षात्कार का पोषण करके समाज को आकार देते है । उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि त्याग और अनुशासन पुराने जमाने के आदर्श नहीं हैं बल्कि बीते हुए कल के वो गुण हैं जो सच्ची देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की नींव रखते हैं।
तेजी से हो रहे तकनीकी और सामाजिक बदलावों के बीच आज के युवाओं का मार्गदर्शन करने की जरूरत पर बल देते हुए श्री सोनोवाल ने कहा कि आज की दुनिया में जहां धैर्य की परीक्षा होती है और मूल्यों को लगातार चुनौती दी जाती है, ऐसे में जिसके पास सहन शक्ति है, वही हमारी महाशक्ति है ।
PAN Card के नियमों में किया गया बदलाव, अब घर बैठे आसानी से बनाएं
PAN Card: सरकार ने पैन कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव किया है. 1 जुलाई 2025 से पैन कार्ड के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है. यदि किसी व्यक्ति के पास आधार नहीं है, तो वह अब नया पैन कार्ड नहीं बनवा पाएगा. इस कदम का उद्देश्य कर चोरी रोकना और दस्तावेजी पारदर्शिता को बढ़ावा देना है.
जिन व्यक्तियों के पास पहले से पैन कार्ड है, उन्हें 31 दिसंबर 2025 तक अपने पैन को आधार से लिंक कराना अनिवार्य होगा. ऐसा न करने पर उनका पैन 1 जनवरी 2026 से ‘निष्क्रिय’ (Inactive) घोषित कर दिया जाएगा. यानी वे उस पैन नंबर का उपयोग किसी भी वित्तीय कार्य में नहीं कर सकेंगे.
पैन (स्थायी खाता संख्या) आयकर विभाग द्वारा जारी किया गया 10 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक पहचान पत्र है. यह दस्तावेज़ निम्नलिखित कार्यों में अनिवार्य है:
यदि आपके पास अभी तक पैन कार्ड नहीं है, तो आप इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जाकर सिर्फ 10 मिनट में फ्री में ई-पैन कार्ड प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए आधार नंबर अनिवार्य है और मोबाइल नंबर उससे लिंक होना चाहिए.
यदि आप डिजिटल के बजाय फिजिकल पैन कार्ड मंगवाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको ₹107 शुल्क देना होगा. यह कार्ड 15 से 30 दिनों के भीतर डाक द्वारा आपके पते पर भेज दिया जाएगा.
अहमदाबाद में स्थापित होगा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम का कार्यालय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने तथा प्रदेश में निवेश प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम का एक कार्यालय अहमदाबाद में आरंभ किया जाएगा। मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने की पहल सूरत में रंग लाई जहां निवेशकों से 15,710 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए हैं। इन प्रस्तावों के फलीभूत होने पर 11,250 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। औद्योगिक तथा व्यापार गतिविधियों को विस्तार देने के लिए प्रक्रियाओं में सरलता, सुगमता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और समय सीमा का पालन महत्वपूर्ण है।
राज्य सरकार इन सभी बिंदुओं के साथ प्रदेश में पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाते हुए प्रदेश भारी उद्योग, एमएसएमई सहित लघु और कुटीर उद्योगों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सूरत ऐतिहासिक रूप से देश- दुनिया में उद्योग और व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से औद्योगिक समूहों से जुड़ाव बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा यह इन्टरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर होटल मेरियट सूरत में आयोजित इन्टरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में राज्य के औद्योगिक विकास के दीर्घकालिक दृष्टिकोण, अधोसंरचना विस्तार और निवेशकों के लिए बनाए गए भरोसेमंद वातावरण पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के भौगोलिक विस्तार, औद्योगिक क्षमताओं, अधोसंरचना और नीतिगत नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश की 39 प्रतिशत कृषि विकास दर, विभिन्न उद्योगों के लिए आवश्यक स्क्लिस से युक्त मानव संसाधन और पर्याप्त खनिज उपलब्धता राज्य को सभी सेक्टर्स के लिए उपयुक्त बनाते हैं। प्रदेश में वस्त्र उद्योग, फार्मास्युटिकल, स्वास्थ्य,पर्यटन सहित सभी क्षेत्रों में विस्तार की पर्याप्त संभावना है। हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से सीधे संबंधित के बैंक खाते में पहुंचनी चाहिए। सरकार ने छोटे और बड़े सभी कारोबारियों को उनके हक का एक-एक रुपया भेजने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात भारत ही नहीं दुनिया में सिरमौर है। उन्होंने महात्मा गांधी और सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत कुछ ही वर्षों में विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में शामिल हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज सुरक्षित और समृद्ध है। अयोध्या में बना भव्य श्रीराम मंदिर, महाकाल महालोक और वाराणसी का बदला स्वरूप प्रधानमंत्री श्री मोदी की आभा का विस्तार कर रहा है। गुजरात ने ही देश को सरदार वल्लभ भाई पटेल और श्री अमित शाह जैसे विलक्षण गृह मंत्री दिए हैं।
महंगी हुई Mercedes Benz की कारें, कंपनी ने बढ़ाई कीमतें
Mercedes Benz : जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता Mercedes Benz ने भारतीय बाजार में अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। यानी अब मर्सिडीज की कारें खरीदने के लिए ग्राहकों को ज्यादा रकम चुकानी होगी।
Mercedes Benz की ओर से कीमतों में इजाफे की वजह इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी और सप्लाई चेन पर दबाव बताई गई है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती लागत के चलते यह कदम जरूरी हो गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अलग-अलग मॉडल्स पर कीमतों में 2% से लेकर 3% तक की बढ़ोतरी की गई है। उदाहरण के लिए –
ए-क्लास लिमोजीन, सी-क्लास और ई-क्लास जैसी लोकप्रिय सेडान की कीमत में करीब ₹1 लाख से ₹2 लाख तक इजाफा हुआ है।
जीएलसी, जीएलई और जी-क्लास जैसी SUV की कीमत में ₹2 लाख से ₹4 लाख तक बढ़ोतरी की गई है।
हाई-एंड मॉडल जैसे S-Class और AMG कारों की कीमत में भी करीब ₹4 लाख से ₹6 लाख तक की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी की ओर से यह बढ़ी हुई कीमतें 29 जून 2025 से लागू कर दी गई हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज तेलंगाना के निज़ामाबाद में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के मुख्यालय का उद्घाटन किया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज तेलंगाना के निज़ामाबाद में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के मुख्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केन्द्रीय कोयला और खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी और केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर, विशेषकर तेलंगाना, के हल्दी की खेती करने वाले करोड़ों किसानों की 40 साल पुरानी मांग को पूरा करते हुए राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देशभर के हल्दी की खेती करने वाले किसानों, विशेषकर तेलंगाना और निज़ामाबाद, के साथ किया गया वायदा आज पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि निज़ामाबाद कई दशकों से हल्दी की राजधानी के रूप में जाना जाता है और यहां के किसान सदियों से हल्दी उगा रहे हैं, लेकिन उसे वैश्विक बाज़ार नहीं मिल रहा है। श्री शाह ने कहा कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड बनने से 3-4 साल में ही निज़ामाबाद की हल्दी दुनिया के अधिकतर देशों में पहुंचेगी।
अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के विधिवत रूप से काम शुरू करने के बाद हल्दी के किसानों को बिचौलियों से आज़ादी मिलेगी। राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड, हल्दी की पैकिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट का पूरा चैनल तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि हल्दी एंटी-वायरल, एंटी-कैंसर और एंटी-इन्फ्लेमेट्री है और औषधीय गुणों के कारण इसे दुनियाभर में वंडर ड्रग के रूप में जाना जाता है। शाह ने कहा कि हल्दी एक आश्चर्यजनक दवा है जिसका थोड़ी सी मात्रा में सेवन करने पर ही कई रोग एकसाथ मानव शरीर से समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब ऑर्गेनिक हल्दी का जीआई टैग उत्पादन और जीआई टैग मार्केटिंग भी शुरू कर दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी की बातों से विद्यार्थियों को मिलता उत्साह और प्रेरणा: राज्यपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री की मन की बात ज्ञान की बातों का कार्यक्रम है। इसमें ज्ञान और संस्कार की बातें होती है। देश के कोने-कोने में हो रहे प्रेरक कार्यों और प्रसंगों की जानकारी होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातों से विद्यार्थियों को नया उत्साह और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतें बड़े बदलाव का कारण बनती है। कार्यक्रम ज्ञान की बातों का खजाना है। इसलिए जरूरी है कि प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम सुनना आदत बनाई जाए। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के सभी छात्र-छात्राओं और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 9 से लेकर 12 वीं तक के सभी विद्यार्थी प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम में शामिल हो। कोई छात्र-छात्रा कार्यक्रम से वंचित नहीं हो।
राज्यपाल पटेल ने यह बात भोपाल में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ चर्चा में कहीं। राज्यपाल एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को बच्चों के साथ सुनने के लिए पहुँचे थे। इस अवसर पर राज्यपाल पटेल ने विद्यालय के बालिका छात्रावास का निरीक्षण भी किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बातें गागर में सागर के समान होती है। उसमें अच्छे जीवन के मंत्र होते हैं। उत्कृष्ट कार्यों का बखूबी जिक्र होता है। नवाचार और सफलता के किस्से होते हैं। विभिन्न विषयों की वृहद जानकारियां अल्प अवधि में उपलब्ध हो जाती है, जो हमें जीवन की सही दिशा दिखाती है। अनेक चुनौतियों और समस्याओं के समाधान भी हमें कार्यक्रम में मिल जाते हैं।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में ग्रामीण आजीविका, विकास और जन कल्याणकारी कार्यों का विवरण मिलता है। अत्यंत प्रेरणादायी और मार्गदर्शी विकास की नई पहल और सफलता की कहानियों का पता चलता है। उन्होंने प्रदेश की समस्त पेसा ग्राम सभाओं के पदाधिकारियों से अपील की है कि प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम प्रसारण दिवस पर ग्राम सभाओं का आयोजन करने का प्रयास करें। कार्यक्रम में सहभागिता से ग्राम सभा सदस्यों को ग्राम विकास और कल्याण प्रयासों का दिशा का दर्शन होगा। विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की प्रेरणा मिलेगी।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि सार्थक ज्ञान वही है जो संस्कार युक्त हो। उच्च शिक्षित होना पर्याप्त नहीं है। अच्छा जीवन जीना महत्त्वपूर्ण है, जिसमें दायित्व का बोध हो। उन्होंने कहा कि संस्कारित जीवन के लिए बचपन से ही प्रयास किए जाना जरुरी है। उन्होंने आवासीय विद्यालय के शिक्षकों, प्रबंधकों और विद्यार्थियों को मिलकर संकल्प के साथ इस दिशा में प्रयास करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दिन की अच्छी शुरुआत, अच्छे जीवन का सबक है। सूर्योदय के साथ प्रातः विधि के बाद कक्ष की सफाई और उसे सुव्यवस्थित करें। उसके बाद स्नान ध्यान कर नाश्ते के बाद अध्ययन प्रारम्भ करना चाहिए।
राज्यपाल पटेल ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पहुँचने पर जनजातीय नायक एकलव्य की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया। राज्यपाल का तुलसी का पौधा और पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। जनजातीय कलाकृति स्मृति स्वरूप भेंट की गई। शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत की संगीतमय प्रस्तुति दी।