देश-विदेश
दिल्ली में 100 स्थानों पर जल्द शुरू होगी अटल कैंटीन, सिर्फ पांच रुपये में मिलेगा पौष्टिक भोजन
काशी में मोदी का मेगा शो: ढोल-नगाड़ों संग हुआ भव्य स्वागत, वंदे भारत को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री का यह दौरा दो दिवसीय है। शनिवार को वे चार वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे, जिनमें से एक ट्रेन वाराणसी से खजुराहो के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन वाराणसी को मिलने वाली आठवीं वंदे भारत सेवा होगी, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई गति देने वाली है।
गीता ज्ञान प्रतियोगिता में व्यापक भागीदारी करें सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के प्रदेश में गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। इसके साथ ही ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मध्यप्रदेश में 7 से 25 नवंबर की अवधि में ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता हो रही है। मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेशभर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 नवंबर से 1 दिसंबर की अवधि में कुरुक्षेत्र में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 की तैयारी की जानकारी भी प्राप्त की। इस महोत्सव में मध्यप्रदेश के आंचलिक और जनजातीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रदर्शनी, मेले और नाट्य समारोह के आयोजन होंगे। नाट्य समारोह में श्री पुनीत इस्सर और श्री मोहित शेवानी मुंबई, शिरीष राजपुरोहित उज्जैन के कार्यक्रमों सहित जनजातीय संग्रहालय के सौजन्य से जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति होगी।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, वीर भारत न्यास सहित उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, जनसंपर्क, संस्कृति संचालनालय, कृषि उद्योग विकास परिषद नई दिल्ली, इस्कॉन, गीता परिवार और विश्व गीता प्रतिष्ठानम की भागीदारी के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरों में गीता भवन और विभिन्न चिन्हित स्थानों पर श्रीकृष्ण पाथेय से संबंधित कार्यों को भी पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ स्कूल विद्यार्थियों को जोड़कर एक अभिनव कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 1 से 3 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के लिए की जा रही तैयारी की भी जानकारी प्राप्त की। इस महोत्सव में ऑनलाइन श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में 21 लाख नागरिकों की विशाल भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसम्बर को दशहरा मैदान उज्जैन में गीता पाठ और प्रदर्शनी सहित सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन काव्य पाठ और सांगीतिक प्रस्तुति और तीसरे दिन बैंगलोर एवं भोपाल के संगीत दल प्रस्तुति देंगे।
भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 1 दिसम्बर को लाल परेड ग्राउण्ड पर आचार्यों की सन्निधि में श्रीमद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ होगा। इसके साथ ही गौ और गोपाल पर आधारित प्रदर्शनी और बैंगलोर के दल द्वारा गीता ऑन व्हील्स सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दो दिसम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागार में कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ दिव्यांग कलाकार भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
बरेका गेस्ट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी के विकास की दिशा पर की गहन चर्चा
शनिवार की सुबह प्रधानमंत्री मोदी बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या आठ से चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का शुभारंभ करेंगे। इनमें बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन प्रत्यक्ष रूप से किया जाएगा, जबकि तीन अन्य वंदे भारत ट्रेनों का शुभारंभ वर्चुअली किया जाएगा। यह कदम वाराणसी को आधुनिक रेल संपर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
काशी में प्रधानमंत्री का स्वागत: योगी ने दिए सख्त निर्देश, “लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं”
काशी बोले—स्वागत है मोदी जी!
ग्रेनो वेस्ट की झुग्गियों में लगी भयंकर आग, फटे सिलेंडर, 50 से अधिक झुग्गियां जलकर हुई खाक
भारत ने लैटिन अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत किए
नईदिल्ली। भारत ने साझेदार देशों के साथ लैटिन अमेरिका में व्यापार वार्ता के दो प्रमुख दौर सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं, जो इस क्षेत्र के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा व्यापार संबंधों को और भी अधिक मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत-पेरू व्यापार समझौते पर 9वें दौर की वार्ता 3 से 5 नवंबर, 2025 तक पेरू के लीमा में आयोजित की गई। प्रस्तावित समझौते के प्रमुख अध्यायों में चर्चा के दौरान ठोस प्रगति देखी गई, जिसमें वस्तुओं और सेवाओं में व्यापार, मौलिकता संबंधी नियमावली, व्यापार में तकनीकी बाधाएं, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, विवाद निपटान और महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं।
समापन समारोह में पेरू की विदेश व्यापार एवं पर्यटन मंत्री सुश्री टेरेसा स्टेला मेरा गोमेज और विदेश व्यापार उप मंत्री श्री सीजर ऑगस्टो लोना सिल्वा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व पेरू में भारत के राजदूत श्री विश्वास विदु सपकाल और भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव एवं मुख्य वार्ताकार श्री विमल आनंद ने किया।
अपनी टिप्पणी में सुश्री गोमेज ने वार्ता के समय पर समापन के लिए पेरू की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच पूरकता पर प्रकाश डाला और आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता व्यापार और निवेश को बढ़ाएगा। राजदूत श्री सपकाल ने भारत की निरंतर विकास गति के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि यह समझौता महत्वपूर्ण खनिजों, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, वस्त्र और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर पैदा करेगा। दोनों पक्षों ने जनवरी 2026 में नई दिल्ली में प्रस्तावित अगले दौर की वार्ता से पहले लंबित मुद्दों के समाधान के लिए अंतर-सत्रीय बैठकें आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की।
इससे पहले, भारत-चिली व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) की तीसरी दौर की वार्ता 27 से 30 अक्टूबर, 2025 तक चिली के सैंटियागो में आयोजित की गई थी। इस वार्ता में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रोत्साहन, मौलिकता संबंधी नियमावली, बौद्धिक संपदा अधिकार, टीबीटी/एसपीएस उपाय, आर्थिक सहयोग और महत्वपूर्ण खनिजों सहित कई अध्यायों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सीईपीए वार्ता को शीघ्र और समयबद्ध ढंग से पूरा करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई, जिसका उद्देश्य बाजार पहुंच को बढ़ाना, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और आर्थिक एकीकरण को सशक्त करना है।
पेरू और चिली के साथ भारत की बढ़ती व्यापारिक भागीदारी, परस्पर लाभकारी और व्यापक आर्थिक सहयोग के माध्यम से लैटिन अमेरिकी क्षेत्र के साथ मजबूत साझेदारी बनाने की दिशा में रणनीति पर जोर देती है।
टोयोटा शोरूम पर किसानों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
जिलाध्यक्ष बिजेंद्र चौधरी ने बताया कि बम्हैटा के किसान महेश यादव ने टोयोटा शोरूम से 18 अक्तूबर को 45 लाख की कार की डिलीवरी ली थी। चार दिन बाद ही कार से तेल टपकने लगा। इसकी शिकायत शोरूम प्रबंधन को दी। उन्होंने कार को शोरूम पर लाने को कहा। फिर उनको बताया गया कि कार का इंजन खुलेगा। ऐसे में शोरूम प्रबंधन से नई कार देने का कहा गया है। इतनी कीमत देने के बाद भी इंजन खुली कार चलाने का कोई मतलब नहीं है। इसलिए शोरूम पर धरना शुरू किया गया। इस मौके पर पवन कुमार लालाराम बापू, ओमपाल सिंह, रामकुमार दुहाई, जयकुमार मलिक आदि किसान मौजूद रहे। इस बारे में शोरूम प्रबंधक पूजा ने बताया कि कार का सर्वे कराया जाएगा। तीन दिन मेें इस समस्या का समाधान कराने को किसानों से कहा गया है।
प्रधानमंत्री वाराणसी से चार नई वंदे भारत ट्रेन को 8 नवंबर को दिखाएंगे हरी झंडी
रायपुर। भारत की आधुनिक रेल अवसंरचना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 8 नवंबर को सुबह लगभग 8:15 बजे वाराणसी का दौरा करेंगे और चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को झंडी दिखाएंगे।
यह विश्वस्तरीय रेल सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को सुगम, त्वरित और अधिक आरामदायक यात्रा प्रदान करने के प्रधानमंत्री के विज़न को साकार करने में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु मार्गों पर चलेंगी। प्रमुख गंतव्यों के बीच यात्रा के समय को उल्लेखनीय रूप से कम करने के जरिए, ये ट्रेनें क्षेत्रीय गतिशीलता में वृद्धि करेंगी, पर्यटन को बढ़ाएंगी और देश भर में आर्थिक कार्यकलापों को बढ़ावा देंगी।
बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस इस रूट पर सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और वर्तमान में चल रही विशेष ट्रेनों की तुलना में लगभग 2 घंटे 40 मिनट की बचत करेगी। बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों, जैसे वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो, को जोड़ेगी। यह संपर्क न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि तीर्थयात्रियों और यात्रियों को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक त्वरित, आधुनिक और आरामदायक यात्रा भी प्रदान करेगा।
लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 7 घंटे 45 मिनट में यात्रा पूरी करेगी, जिससे यात्रा समय में लगभग 1 घंटे की बचत होगी। लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस से लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुर के यात्रियों को बहुत लाभ होगा, साथ ही रुड़की होते हुए हरिद्वार तक उनकी पहुंच भी बेहतर होगी। मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुगम तथा त्वरित अंतर-शहर यात्रा सुनिश्चित करने के ज़रिए, यह सेवा कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत इस रूट पर सबसे तेज़ चलने वाली ट्रेन होगी, जो अपनी यात्रा मात्र 6 घंटे 40 मिनट में पूरी कर लेगी। फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस राष्ट्रीय राजधानी और पंजाब के प्रमुख शहरों, जैसे फिरोजपुर, बठिंडा और पटियाला, के बीच संपर्क को सुदृढ़ करेगी। इस ट्रेन से व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के अवसरों को बढ़ावा मिलने, सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने और राष्ट्रीय बाज़ारों के साथ बेहतर एकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दक्षिण भारत में, एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रा समय में 2 घंटे से अधिक की कमी ला देगी, जिससे यह यात्रा 8 घंटे 40 मिनट में पूरी हो जाएगी। एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस प्रमुख आईटी और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ेगी, जिससे प्रोफेशनलों, छात्रों और पर्यटकों को तेज़ और अधिक आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। यह रूट केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच आर्थिक कार्यकलापों और पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे क्षेत्रीय विकास और सहयोग में सहायता मिलेगी।
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एक संकल्प और एक भावना में समाहित होकर राष्ट्रगीत का सामूहिक गान करें
बता दें कि देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत चट्टोपाध्याय ने 7 नवम्बर 1875 को वंदेमातरम् की रचना की थी. वंदे मातरम् को कांग्रेस के अधिवेशन में प्रथम बार कलकत्ता में 1896 में गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर ने गाया. इसके बाद यह कांग्रेस के अधिवेशनों में परंपरागत रूप से गाया जाने लगा. वर्ष 1901 में भी कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया, यहां चरणदास ने गायन किया. वर्ष 1905 में वाराणसी में आयोजित अधिवेशन में सरला देवी ने गायन किया. वर्ष 1923 में गायन के समय इसका विरोध हुआ. वंदे मातरम् की प्रबल राष्ट्रीय भावना के प्रकटीकरण के लिए ही स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय ने अपने समाचार पत्र का नामकरण ही “वंदे मातरम्” किया. अंग्रेजों की गोली लगने से शहीद हुईं क्रातिकारी मांतगिनी हजारा ने “वंदे मातरम्” का उद्घोष करते हुए अपने प्राण त्याग दिये थे. जर्मनी में मैडम भीकाजी कामा ने “वंदे मातरम्” लिखा तिरंगा स्टेट गार्ड में फहराया था. इसे जब बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय ने अपने उपन्यास “आनन्द मठ” में 1882 में शामिल किया तो यह क्रांति गीत बन गया.
अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विकास और कल्याण के लिए राज्य सरकार कर रही है निरंतर कार्य : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास तथा कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है। योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य शासन विभिन्न सुझावों के प्रति संवेदनशील और नवाचारों के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास पहुंची अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण के लिए गठित केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्यों के साथ चर्चा में यह बात कही।
केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष कुलस्ते ने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय समिति द्वारा मैदानी स्तर पर समीक्षा की जा रही है। साथ ही कर्मचारियों के सेवा में प्रतिनिधित्व और उनके लिए संचालित कल्याणकारी गतिविधियों की प्रगति का भी आंकलन किया जा रहा है। योजनाओं व कार्यक्रमों के संबंध में समिति ने स्थानीय समुदायों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया है। समिति द्वारा तैयार की जा रही यह रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय समिति प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर थीं। समिति में राज्यसभा सांसद मिथलेश कुमार, ममता ठाकुर, सुमित्रा बाल्मीक, देवेन्द्र प्रताप सिंह, फूलो देवी नेताम, रवांगारा नार्जरी, लोकसभा सांसद हरीश मीना, अरूण कुमार, प्रोतिमा मंडल, जगन्नाथ सरकार, गोविंद करजोल, डी. प्रसाद राव और विष्णु दयाल राम शामिल थे।
विश्व कप जीतने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भारतीय महिला टीम की मुलाकात
नईदिल्ली। महिला विश्व कप 2025 का खिताब जीतने के बाद गुरुवार को भारतीय टीम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। यह मुलाकात नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में हुई, जहां राष्ट्रपति ने टीम इंडिया को जीत की बधाई दी। इस दौरान भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने राष्ट्रपति मुर्मु को खिलाड़ियों के सिग्नेचर की हुई जर्सी भेंट की। कप्तान ने विश्व कप ट्रॉफी हाथों में लेकर राष्ट्रपति के साथ तस्वीरें भी क्लिक करवाईं। इसके साथ ही पूरी टीम भी राष्ट्रपति के साथ फोटो सेशन में नजर आई।
इससे पहले, बुधवार को भारतीय टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 7 लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की थी। पीएम मोदी ने टीम को ऐतिहासिक जीत पर बधाई देते हुए खिलाड़ियों के साथ एक लंबी बातचीत की थी। इस दौरान उप कप्तान ने साल 2017 में हुई मुलाकात को याद करते हुए बताया कि पीएम मोदी की बातों ने उन्हें मोटिवेट किया है। वह टीम के लिए प्रेरणास्त्रोत रहे हैं।
रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट खोकर 298 रन बनाए। टीम के लिए शेफाली वर्मा ने 78 गेंदों में 87 रन की पारी खेली, जबकि दीप्ति शर्मा ने 58 गेंदों में इतने ही रन बनाए। विपक्षी टीम की ओर से अयाबोंगा खाका ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए।
इसके जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम ने 45.3 ओवरों में लौरा वोल्वार्ड्ट ने 101 रन की शतकीय पारी खेली, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सकीं। टीम इंडिया की ओर से दीप्ति शर्मा ने 39 रन देकर सर्वाधिक 5 विकेट हासिल किए। शेफाली वर्मा को 2 विकेट हाथ लगे।
भारतीय महिला टीम ने पहली बार विश्व कप खिताब अपने नाम किया है। इससे पहले वनडे फॉर्मेट के विश्व कप में टीम इंडिया साल 2005 और 2017 के फाइनल में जगह बना चुकी थी, लेकिन खिताब अपने नाम नहीं कर सकी। साल 2017 में उसे इंग्लैंड के हाथों 9 रन से करीबी हार का सामना करना पड़ा था।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने स्वच्छता को बढ़ावा देने और लंबित मामलों को कम करने के लिए विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूर्ण किया
देलही : पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक चलाए गए विशेष अभियान 5.0 (एससी 5.0) का सफलतापूर्वक संपूर्ण किया। इस राष्ट्रव्यापी अभियान में शासन को बेहतर बनाने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें लंबित मामलों के समाधान, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन और व्यापक स्वच्छता पहल पर ध्यान केंद्रित किया गया।
डीडीडब्ल्यूएस का सांकेतिक शुभारंभ 2 अक्टूबर, 2025 को डीडीडब्ल्यूएस सचिव के मार्गदर्शन में पंडित दीन दयाल अंत्योदय भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली के पास स्वच्छता पार्क में स्वच्छता अभियान के साथ हुआ, जो सभी परिचालन स्तरों पर दक्षता और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता का संकेत देता है।
स्थान और अभिलेख प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई, जहां 120 वर्ग फुट कार्यालय स्थान साफ किया गया और 100 भौतिक फाइलों को सफलतापूर्वक हटाया गया, जिससे अभिलेखों को सुव्यवस्थित किया गया और भौतिक अव्यवस्था को कम किया गया। इसके अलावा, अभियान के दौरान अनुपयोगी संपत्तियों और ई-कचरे सहित स्क्रैप के व्यवस्थित निपटान से 3,73,706 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जिससे इन मानकों पर पूर्ण लक्ष्य प्राप्ति और उससे भी अधिक की प्राप्ति हुई।
विभाग ने 410 (84 प्रतिशत) लोक शिकायतों (पीजी) और 50 पीजी अपीलों के निपटान में सफलता हासिल की। महत्वपूर्ण बात यह है कि विभाग ने 16 वीआईपी संदर्भों, 3 पीएमओ संदर्भों और 2 राज्य सरकार संदर्भों का निपटारा करके उच्च प्राथमिकता वाले संचार पर त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित की।
पेयजल और स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक के. के. मीणा ने व्यक्तिगत रूप से अभियान की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें 10 अक्टूबर, 2025 को पंडित दीन दयाल अंत्योदय भवन में स्थित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कार्यालय का दौरा भी शामिल था।
भारतीय नौसेना अकादमी में भारतीय नौसेना क्विज – थिंक-25 का ग्रैंड फिनाले संपन्न
देलही : भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए), एझिमाला में भारतीय नौसेना क्विज थिंक-25 का ग्रैंड फिनाले 05 नवंबर, 2025 को बड़े उत्साह और जश्न के साथ संपन्न हुआ। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे। यह कार्यक्रम ज्ञान, नवाचार और भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का जश्न मनाने वाली एक राष्ट्रव्यापी बौद्धिक यात्रा का समापन था।
"महासागर" थीम पर आधारित इस वर्ष के आयोजन में भारतीय नौसेना की अन्वेषण, उत्कृष्टता और युवाओं में समुद्र के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता समाहित थी। देश भर के हजारों प्रतिभागियों में से, उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले 16 स्कूलों ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
शीर्ष आठ टीमें ग्रैंड फिनाले में पहुंचीं। उन्होंने बुद्धि, टीमवर्क और जिज्ञासा की एक उत्साही प्रतियोगिता में प्रतिष्ठित थिंक-25 ट्रॉफी के लिए प्रतिस्पर्धा की।
जयश्री पेरीवाल हाई स्कूल, जयपुर; भारतीय विद्या भवन, कन्नूर; सुबोध पब्लिक स्कूल, जयपुर; शिक्षा निकेतन, जमशेदपुर; पद्म शेषाद्री बाला भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चेन्नई; कैम्ब्रिज कोर्ट हाई स्कूल, जयपुर; डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, कानपुर; पीएम जेएनवी, समस्तीपुर फाइनलिस्ट थे।
जयश्री पेरीवाल हाई स्कूल, जयपुर विजेता बना, जबकि पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय, समस्तीपुर ने उपविजेता स्थान प्राप्त किया, जिससे थिंक-25 का समापन एक उपयुक्त और प्रेरणादायक तरीके से हुआ।
इस अवसर पर अपने संबोधन में नौसेना प्रमुख ने युवा प्रतिभागियों के उत्साह, जागरूकता और भारत की समुद्री विरासत की गहरी समझ की सराहना की। उन्होंने युवाओं में जिज्ञासा पैदा करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये ऐसे गुण हैं जो भविष्य में समुद्री क्षेत्र की अग्रणी हस्तियों और विचारकों को आकार देंगे।
ग्रैंड फिनाले का भारतीय नौसेना के आधिकारिक यूट्यूब और फेसबुक पेज पर सीधा प्रसारण किया गया। इसमें देशभर के स्कूलों, नौसेना प्रतिष्ठानों और समुद्री विषयों पर जिज्ञास रखने वाले लोगों ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समय के साथ इस क्षेत्र में ज्ञान का निरंतर प्रसार हो रहा है। ऐसे में भारतीय नौसेना थिंक-26 की प्रतीक्षा कर रही है। इन प्रयासों से नवीन प्रतिभाओं को अन्वेषण, संलग्नता और उत्कृष्टता की दिशा में प्रेरणा मिलेगी तथा ज्ञान एवं अन्वेषण की यात्रा जारी रहेगी।
गुरु नानक देव जी के उपदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
यह आयोजन न केवल श्रद्धा का प्रतीक था, बल्कि समाज को एक बार फिर गुरु नानक देव जी के मूल संदेशों की ओर लौटने की प्रेरणा भी देता है — सेवा, समानता और संगठन।
भारत-पेरू व्यापार समझौते का 9वां दौर और भारत-चिली सीईपीए वार्ता का तीसरा दौर संपन्न
देलही : भारत ने साझेदार देशों के साथ लैटिन अमेरिका में व्यापार वार्ता के दो प्रमुख दौर सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं, जो इस क्षेत्र के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा व्यापार संबंधों को और भी अधिक मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत-पेरू व्यापार समझौते पर 9वें दौर की वार्ता 3 से 5 नवंबर, 2025 तक पेरू के लीमा में आयोजित की गई। प्रस्तावित समझौते के प्रमुख अध्यायों में चर्चा के दौरान ठोस प्रगति देखी गई, जिसमें वस्तुओं और सेवाओं में व्यापार, मौलिकता संबंधी नियमावली, व्यापार में तकनीकी बाधाएं, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, विवाद निपटान और महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं।
समापन समारोह में पेरू की विदेश व्यापार एवं पर्यटन मंत्री टेरेसा स्टेला मेरा गोमेज और विदेश व्यापार उप मंत्री सीजर ऑगस्टो लोना सिल्वा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व पेरू में भारत के राजदूत श्री विश्वास विदु सपकाल और भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव एवं मुख्य वार्ताकार विमल आनंद ने किया।
अपनी टिप्पणी में गोमेज ने वार्ता के समय पर समापन के लिए पेरू की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच पूरकता पर प्रकाश डाला और आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता व्यापार और निवेश को बढ़ाएगा। राजदूत सपकाल ने भारत की निरंतर विकास गति के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि यह समझौता महत्वपूर्ण खनिजों, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, वस्त्र और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर पैदा करेगा।
दोनों पक्षों ने जनवरी 2026 में नई दिल्ली में प्रस्तावित अगले दौर की वार्ता से पहले लंबित मुद्दों के समाधान के लिए अंतर-सत्रीय बैठकें आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की।
इससे पहले, भारत-चिली व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) की तीसरी दौर की वार्ता 27 से 30 अक्टूबर, 2025 तक चिली के सैंटियागो में आयोजित की गई थी। इस वार्ता में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रोत्साहन, मौलिकता संबंधी नियमावली, बौद्धिक संपदा अधिकार, टीबीटी/एसपीएस उपाय, आर्थिक सहयोग और महत्वपूर्ण खनिजों सहित कई अध्यायों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सीईपीए वार्ता को शीघ्र और समयबद्ध ढंग से पूरा करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई, जिसका उद्देश्य बाजार पहुंच को बढ़ाना, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और आर्थिक एकीकरण को सशक्त करना है।
पेरू और चिली के साथ भारत की बढ़ती व्यापारिक भागीदारी, परस्पर लाभकारी और व्यापक आर्थिक सहयोग के माध्यम से लैटिन अमेरिकी क्षेत्र के साथ मजबूत साझेदारी बनाने की दिशा में रणनीति पर जोर देती है।