देश-विदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मंत्री पटेल ने की सौजन्य भेंट
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मंत्री पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विशेष योजनाओं में प्रगति की जानकारी दी।
सरकारी स्कूलों की पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण कार्य उच्च गुणवत्तापूर्ण हो
भोपाल : स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि शैक्षणिक सत्र वर्ष 2026-27 में पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा मुद्रित की जाने वाली किताबें उच्च गुणवत्ता की हों। उन्होंने कहा कि मुद्रण कार्य से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं तय समय-सीमा में पूरी की जायें। उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकों का वितरण शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही पूरा किया जाये। यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह बुधवार को मंत्रालय में पाठ्य पुस्तक निगम की गवर्निंग बॉडी की बैठक ली। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता, वित्त, माध्यमिक शिक्षा मंडल के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बैठक में पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी विनय निगम ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में करीब 9 करोड़ पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण होगा। इसके लिये ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत निविदा की प्रक्रिया होगी। निगम शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 10 मार्च 2026 तक सभी पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण कार्य पूरा कर लेगा। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष अप्रैल 2025 में शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण शुरू किया गया था। इस वर्ष अब तक लगभग सभी पाठ्य पुस्तकों का वितरण विद्यार्थियों को किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि निगम ने कुछ सरकारी स्कूलों को खेल-कूद मैदान, अतिरिक्त कक्ष और नवीन कक्ष निर्माण के लिये अनुदान राशि मंजूर की है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले की कड़ी निंदा, विश्व हिंदू परिषद ने की सख्त जाँच की माँग
नई दिल्ली| दिल्ली की लोकप्रिय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले की विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कड़े शब्दों में निंदा की है। विहिप ने इसे न केवल एक जनप्रतिनिधि पर हमला, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और दिल्ली की जनता की भावनाओं पर प्रहार बताया है। संगठन ने इस घटना के पीछे गहरे षड्यंत्र की आशंका जताते हुए जिहादी मानसिकता से प्रेरित संगठनों या अराजकता फैलाने वाले वामपंथी समूहों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ दुग्ध-उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ दुग्ध उत्पादों की बेहतर ब्राडिंग, गोवंश की समुचित देखभाल, वेटनरी क्षेत्र में आवश्यक प्रशिक्षण और उन्नत अधोसंरचना स्थापित करने में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की विशेषज्ञता का हरसंभव लाभ लिया जाए। वर्ष 2030 तक प्रदेश के 26 हजार गांवों तक डेयरी नैटवर्क का विस्तार सुनिश्चित किया जाना है। इससे 52 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन होगा। बढ़े हुए दुग्ध संकलन का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आधुनिकतम दुग्ध प्रसंस्करण अवसंरचना विकसित की जाए। प्रदेश में निर्मित होने वाले दुग्ध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर ब्राडिंग सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और प्रदेश के दुग्ध संघों की गतिविधियों के संबंध में मंत्रालय में हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैटनरी कॉउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में वैटनरी के कोर्स संचालित किए जाएं। उन्होंने नगरीयनिकायों की बड़ी गो-शालाओं के उन्नयन और प्रबंधन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सहयोग लेने की आवश्यकता भी बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी दुग्ध संघों में एक समान उत्पाद निर्माण सुनिश्चित करने के लिए स्टेण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर अपनाना आवश्यक है। दुग्ध उत्पादकों को दुध-मूल्य के नियमित और समय पर भुगतान की व्यवस्था की नियमित मॉनीटरिंग हो। जिन क्षेत्रों में दुग्ध संघ की पहुंच सीमित है, वहां निजी दुग्ध व्यवसायियों को अद्यतन तकनीक का आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर दुग्ध व्यवसाय को प्रोत्साहित और सशक्त किया जाए। प्रदेश के दुग्ध संघ, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और मध्यप्रदेश कृषि उद्योग निगम में बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो।
लव जिहाद और ड्रग माफिया पर कसेंगे शिकंजा, अपराधियों को लगाएंगे ठिकाने : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा। लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है। राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है। सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे। सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नर्मदापुरम रोड स्थित आमिर मैजेस्टिक पार्क में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों से राखियां भी बंधवाईं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। रक्षाबंधन से पहले बहनों को लाड़ली बहना योजना की मासिक किश्त सहित 250 रुपए का शगुन अलग से भेजा गया है। बहनों के हाथ में यश होता है, लक्ष्मी पूजन भी उन्हीं के माध्यम से होता है। अब दीपावली के बाद भाई-दूज से प्रदेश भर की लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिलेगी। बहनों का स्नेह मेरे जीवन का सबसे बड़ा आधार है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बहनों की ओर से बड़ी राखी भेंट की गई, इसके बाद अनेक लाड़ली बहनों ने उन्हें राखियां बांधीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि बहनों के साथ बैठने से माता और पिता दोनों का प्रेम एक साथ मिल जाता है, जीवन धन्य हो जाता है। परिवार में बहन-भाई का रिश्ता युगों-युगों से अटूट है। महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण और द्रोपदी का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र में 200 करोड़ की लागत से सीवर लाइन सहित अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। स्थानीय विधायक एवं पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेटियों की सुरक्षा और लाड़ली बहनों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेशभर की बहनों ने अपने भाई और मुख्यमंत्री को राखी बांधी है।
घर में बहन-बेटियों के साथ आती है हर सिद्धि, बहनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
देलही : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति में रक्षाबंधन का विशेष महत्व है। जब तक घर में बेटा न आए सिद्धि नहीं होती, लेकिन घर में जब तक बेटी न जाए हर सिद्धि अर्थात पूर्णता प्राप्त नहीं हो सकती है। रक्षाबंधन त्यौहारों का राजा है। बहनों के आशीर्वाद से जीवन सफल हो जाता है। बहनों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के चांदबड़ क्षेत्र के वार्ड 37 में आयोजित विशाल रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का सिर धड़ से अलग किया तब भगवान श्रीकृष्ण की उंगली में चोट लग गई थी। इस पर द्रौपदी ने साड़ी का पल्लू फाड़कर भगवान श्रीकृष्ण की अंगुली पर बांधा था। यह राखी का प्रतीक था। इसके बाद से रक्षाबंधन की परम्परा प्रारंभ हो गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब परिवारों को आवास, गैस चूल्हा और अन्य सुविधाएं देने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बहनों को लोकसभा और राज्यसभा में अधिक प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे किसानों और जवानों की क्षमताओं पर भरोसा करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का सबसे सक्षम देश बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कतिपय लोग चुनाव आयोग और सेना का भी सम्मान नहीं करते। रक्षाबंधन कार्यक्रम के पूर्व चांदबड़ क्षेत्र में हुए रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नागरिकों ने पुष्पहारों से और गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बहनों ने रक्षासूत्र बांधे।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि नरेला क्षेत्र में 16 साल से भव्य रक्षाबंधन महोत्सव मनाया जा रहा है। पिछले साल डेढ़ लाख बहनों ने महोत्सव में राखियां बांधी थीं। भाई-बहन का रिश्ता अटूट होता है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश भी विकास के पथ पर अग्रसर है। हमें लव जिहाद के कुचक्र के खिलाफ और नशा मुक्ति के लिए संकल्प लेने की आवश्यकता है। रक्षाबंधन महोत्सव में महापौर मालती राय, पार्षद वंदना हेमराज कुशवाहा, रविंद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में भेंट की
देलही : चीन के विदेश मंत्री और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य वांग यी ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की।
वांग यी ने प्रधानमंत्री मोदी को तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग का संदेश और निमंत्रण दिया। उन्होंने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक और विशेष प्रतिनिधियों की 24 वीं बैठक के बारे में अपने सकारात्मक मूल्यांकन को भी साझा किया। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ इस बैठक की सह-अध्यक्षता की थी।
प्रधानमंत्री ने सीमा पर शांति बनाए रखने के महत्व पर बल दिया और सीमा प्रश्न के निष्पक्ष, तर्कसंगत और आपसी रूप से स्वीकार्य समाधान के लिए भारत की वचनबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष कजान में चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग के साथ अपनी बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति का स्वागत किया। ये संबंध आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता से निर्देशित हैं। इसमें कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली भी शामिल है।
प्रधानमंत्री ने एससीओ शिखर सम्मेलन के निमंत्रण के लिए राष्ट्रपति षी चिनफिंग को धन्यवाद दिया और अपनी स्वीकृति प्रदान की।उन्होंने एससीओ शिखर सम्मेलन में चीन की अध्यक्षता के लिए समर्थन व्यक्त किया।मोदी ने कहा कि वह तियानजिन में राष्ट्रपति षी चिनफिंग से मिलने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत और चीन के बीच स्थिर, आशा के अनुरूप और रचनात्मक संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति तथा समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की
देलही : भारतीय विदेश सेवा ] 2024 बैच] के प्रशिक्षु अधिकारियों ने आज] 19 अगस्त] 2025] राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
राष्ट्रपति ने अधिकारियों को भारतीय विदेश सेवा में शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपनी यात्रा शुरू करते समय सभ्यतागत ज्ञान के मूल्यों] शांति] बहुलवाद] अहिंसा और संवाद आदि को अपने साथ लेकर चलना चाहिए। साथ ही उन्हें अपने सामने आने वाली हर संस्कृति के विचारों] लोगों और दृष्टिकोणों के प्रति खुला रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके आसपास की दुनिया भू-राजनीतिक बदलावों] डिजिटल क्रांति] जलवायु परिवर्तन और बहुपक्षवाद के संदर्भ में तेज़ी से बदलाव देख रही है। युवा अधिकारियों के रूप में] उनकी चपलता और अनुकूलनशीलता हमारी सफलता की कुंजी होगी।राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक उत्तर और दक्षिण के बीच असमानता से उत्पन्न समस्याएं हों] सीमा पार आतंकवाद का ख़तरा हो या जलवायु परिवर्तन के निहितार्थ हों] भारत आज विश्व की प्रमुख चुनौतियों के समाधान का एक अनिवार्य हिस्सा है। भारत न केवल विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है] बल्कि एक निरंतर उभरती हुई आर्थिक शक्ति भी है। हमारी आवाज़ का महत्व है। उन्होंने आगे कहा कि राजनयिकों के रूप में भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी भारत का पहला चेहरा होंगे जिसे दुनिया उनके शब्दों] कार्यों और मूल्यों में देखेगी।
बदलापुर में प्रधानमंत्री का अपमान, उल्टा लिखा गया शिलापट्ट ग्रामीणों में आक्रोश
क्षेत्र में तनाव को देखते हुए प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।
अंतरिक्ष यात्री शुक्ला की यात्रा अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षाओं की दिशा में केवल पहला कदम है: प्रधानमंत्री
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल नई दिल्ली में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने उनकी अंतरिक्ष यात्रा के परिवर्तनकारी अनुभव के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि इतनी महत्वपूर्ण यात्रा करने के बाद व्यक्ति को बड़ा बदलाव महसूस होना चाहिए। उन्होंने यह समझने का प्रयास किया कि अंतरिक्ष यात्री इस परिवर्तन को कैसे समझते हैं और किस प्रकार उसका अनुभव करते हैं। प्रधानमंत्री के प्रश्नों के उत्तर में शुभांशु शुक्ला ने कहा कि अंतरिक्ष का वातावरण एकदम अलग होता है जिसमें गुरुत्वाकर्षण का अभाव प्रमुख कारक है।
प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा कि क्या यात्रा के दौरान बैठने की व्यवस्था एक जैसी रहती है, तो शुभांशु शुक्ला ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, " जी हां, यह एक जैसी ही रहती है।" श्री मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों को एक ही प्रकार की व्यवस्था में 23-24 घंटे बिताने पड़ते हैं। शुभांशु शुक्ला ने इसकी भी पुष्टि की और उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद अंतरिक्ष यात्री अपनी सीटों से उठ सकते हैं और यात्रा के लिए पहने गए विशेष सूट से बाहर आ सकते हैं तथा वे कैप्सूल के भीतर खुलकर घूम सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ बातचीत के दौरान अंतरिक्ष यात्रा के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए पूछा कि क्या कैप्सूल में पर्याप्त जगह होती है, तो शुभांशु शुक्ला ने बताया कि हालांकि वह बहुत विशाल स्थान नहीं था फिर भी वहां कुछ जगह अवश्य उपलब्ध थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कैप्सूल तो लड़ाकू विमान के कॉकपिट से भी ज़्यादा आरामदायक लग रहा था, तो श्री शुक्ला ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "यह तो उससे भी बेहतर है, सर।"
इसके अतिरिक्त उन्होंने श्री मोदी को अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद होने वाले शारीरिक परिवर्तनों के बारे में भी जानकारी दी। शुभांशु शुक्ला ने बताया कि वहां पर हृदय गति अत्यंत धीमी हो जाती है और शरीर वहां की परिस्थितियों में कई प्रकार से स्वयं को समायोजित करता है। हालांकि चार से पांच दिनों में शरीर अंतरिक्ष के माहौल में ढल जाता है और वहां की स्थिति के अनुकूल हो जाता है। शुभांशु शुक्ला ने यह भी बताया कि पृथ्वी पर लौटने के बाद शरीर में पुनः उसी तरह के बदलाव आते हैं। इसके कारण, किसी की फिटनेस का स्तर चाहे जो भी हो, लेकिन, शुरुआत में चलना-फिरना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि हालांकि उन्हें सबकुछ ठीक लग रहा था, लेकिन पहले कदम उठाते समय वे लड़खड़ा गए और उन्हें दूसरों का सहारा लेना पड़ा। इसका अर्थ यह हुआ कि भले ही कोई चलना जानता हो, लेकिन मस्तिष्क को नए वातावरण को समझने और उसके अनुरूप ढलने में समय लगता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि अंतरिक्ष यात्रा के लिए न केवल शारीरिक प्रशिक्षण बल्कि मानसिक अनुकूलन भी आवश्यक है। शुभांशु शुक्ला ने इस बात पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि जहां शरीर और मांसपेशियों में ताकत होती है, वहीं मस्तिष्क को नए वातावरण को समझने और सामान्य रूप से चलने और कार्य करने के आवश्यक प्रयास के लिए स्वयं को पुनः समायोजित करने में फिर से स्थिति के अनुसार बदलने की आवश्यकता पड़ती है।
श्री मोदी ने अंतरिक्ष अभियानों की अवधि के बारे में चर्चा करते हुए अंतरिक्ष यात्रियों की ओर से अंतरिक्ष में गुजारे गए सबसे लंबे समय के बारे में जानकारी ली। शुभांशु शुक्ला ने बताया कि अभी लोग एक बार में आठ महीने तक अंतरिक्ष में रहने लगे हैं जो इस मिशन के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। प्रधानमंत्री ने शुभांशु शुक्ला से उन अंतरिक्ष यात्रियों के बारे में भी पूछा जो उनके मिशन के दौरान मिले थे। शुभांशु शुक्ला ने बताया कि उनमें से कुछ दिसंबर में वापस आने वाले हैं।
उज्जैन नगर भ्रमण पर निकले राजाधिराज बाबा महाकाल... सीएम यादव ने बजाया डमरू
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में निकली राजाधिराज बाबा महाकाल की राजसी सवारी के अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से प्रदेशवासियों के कल्याण और मंगलमय जीवन की कामना की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देशभर में श्रावण मास में पूर्णिमा से पूर्णिमा तक महादेव की सवारियां निकलती हैं। लेकिन उत्तर और दक्षिण परम्पराओं के अनुसार भादवा (भाद्रपद) के दो सोमवार तक भी बाबा महाकाल की सवारी निकलती है। आज उज्जैन में बाबा महाकाल ने आखिरी (राजसी) सवारी कर नगर भ्रमण किया और अपनी प्रजा (जनता) के हाल-चाल जाने। बाबा ने अपने राजाधिराज स्वरुप में भक्तों को दिव्य दर्शन दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से बाबा की भव्य राजसी सवारी के लिए सभी व्यवस्थाएं की गईं और धूमधाम से सवारी की अगवानी की गई। बाबा की सवारी सहित सवारी पथ पर पुष्पवर्षा भी की गई। इस वर्ष विजयादशमी पर्व पर बाबा महाकाल एक बार फिर सवारी के साथ जनदर्शन के लिए पधारेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से कामना करते हुए कहा कि बाबा का शुभाशीष प्रदेशवासियों पर हमेशा बना रहे। कृपावंत भगवान महाकाल सबका कल्याण करें, सबके दुःख हर लें।
भगवान श्री महाकालेश्वर की इस वर्ष की श्रावण-भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारियों के क्रम में सोमवार,18 अगस्त को सायं 4 बजे राजसी सवारी धूमधाम से निकाली गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभामंडपम में भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन किया। रजत पालकी में विराजित श्री चंद्रमौलेश्वर भगवान अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले तो सम्पूर्ण उज्जयिनी भगवान श्री महाकालेश्वर की जय-जयकार से गुंजायमान हो गई। चारों दिशाओं में भगवान श्रीमहाकाल की भक्ति में लीन भक्तों के नेत्र त्रिनेत्रधारी भगवान श्री शिव की एक झलक पाकर भाव-विभोर हो उठे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन विधिवत रूप से किया। सभा मंडप में विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक श्री सतीश मालवीय, विधायक श्री महेश परमार, महापौर श्री मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव ने भी भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन किया और आरती में सम्मिलित हुए। पूजन के बाद निर्धारित समय पर भगवान श्री महाकाल की पालकी को नगर भ्रमण के लिये रवाना किया गया। पूजन-अर्चन पुजारी पं. घनश्याम शर्मा व अन्य पुजारियों द्वारा सम्पन्न करवाया गया। इस अवसर पर सभा मंडप में पूजन-अर्चन के दौरान श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंशानुरुप सवारी के मुख्य द्वार पर पहुंचने पर रजत पालकी में विराजित भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। रजत पालकी में विराजित भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर जैसे ही मुख्य द्वार पर पहुंचे असंख्य श्रद्धालुओं ने भगवान श्री महाकालेश्वर का स्वागत-वन्दन किया। सशस्त्र पुलिस बल के जवानों तथा प्रदेश के विभिन्न बटालियनों के जवानों द्वारा सवारी को सलामी दी गई। पालकी के आगे घुड़सवार दल, सशस्त्र पुलिस बल के जवान आदि की टुकडियां मार्च पास्ट करते हुए चल रही थी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सवारी में शामिल हुए और सवारी मार्ग पर उन्होंने ड़मरु और झांझ बजाया। राजाधिराज भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी में असंख्य श्रध्दालुओं ने सवारी मार्ग पर ड़मरु, झांझ-मंजीरे बजाकर अवंतिकानाथ भगवान श्री महाकालेश्वर की जय जयकार की।
सीएम योगी ने सुनी लोगों की समस्याएं
इससे उनकी शिकायत को पहले से रिकॉर्ड में लाया जा सकता है और जनता दरबार में चर्चा के दौरान उसे प्राथमिकता से देखा जा सकता है. जनता दरबार के समय या स्थान में परिवर्तन हो सकता है, इसलिए किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट या जनसुनवाई पोर्टल देखा जा सकता है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात
“मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 ने प्रधानमंत्री @narendramodi से मुलाकात की।
@CMMadhyaPradesh”
आईआईटी दिल्ली के विद्यार्थियों से आत्मनिर्भर भारत के लिए नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान
नईदिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का दौरा किया जहां उन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट के विद्यार्थियों के साथ-साथ नवप्रवर्तकों और शोधकर्ताओं से बातचीत की। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी, आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी और शिक्षा मंत्रालय तथा आईआईटी दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बातचीत के दौरान, मंत्री ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की आवश्यकता पर जोर देने, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों को गति देने और 2047 तक ‘समृद्ध भारत’ के विजन को पूरा करने का एक अनूठा अवसर है।
मंत्री महोदय ने विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और उनके सपनों, आकांक्षाओं, शोध के क्षेत्रों, उनके सामने मौजूद तकनीकी चुनौतियों और प्रधानमंत्री द्वारा उल्लिखित चुनौतियों एवं अवसरों पर उनके दृष्टिकोण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने क्षमताओं को बढ़ाने और नवाचार की भावना का विस्तार करने पर भी अपने विचार साझा किए।
मंत्री ने विद्यार्थियों को अपने नवीन विचारों को सामने लाने, चुनौतियों पर काम करने तथा हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने तक प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सरकार हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य बनाने और भारत को समाधानों के वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित करने के लिए भारत के नवप्रवर्तकों और शोधकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए, मंत्री महोदय ने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे युवाओं की प्रतिभा, दृढ़ता और संकल्प के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की खोज भारत की क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ उसकी तकनीकी और आर्थिक संप्रभुता को बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की नींव के रूप में आईआईटी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अटूट समर्थन से, प्रतिभाशाली युवाशक्ति प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता के नियमों को नए सिरे से लिखने और एक ‘समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत’ का निर्माण करने जा रही हैं। मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि वे विद्यार्थियों द्वारा विकसित किए जा रहे नवाचारों की समीक्षा करने के लिए संस्थान का पुनः दौरा करेंगे।
मध्यप्रदेश को बनायेंगे मिल्क केपिटल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। आज प्रदेश का हर कोना विकास कार्यों से सज-संवर रहा है। हम प्रदेश के किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। दुग्ध उत्पादन में तेजी लाकर हम वर्ष 2028 तक मध्यप्रदेश को मिल्क केपिटल बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिर्फ भैंस का नहीं, हमारी सरकार अब गाय का दूध भी खरीदेगी। हम गाय के दूध की खरीदी की कीमत भी ज्यादा देंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के जरिए हमने तय किया है कि 25 गाय और 42 लाख रुपये तक की गौशाला यूनिट स्थापित करने पर दूध और अन्य उत्पाद तो पशुपालक के होंगे, सरकार पशुपालक को 10 लाख रुपये प्रोत्साहन अनुदान के रूप में देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी गौशालाओं के निर्माण पर सरकार निवेश लागत की 25 प्रतिशत तक की निवेश राशि अनुदान के रुप में माफ करेगी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर क्षेत्र के धार्मिक स्थल कोटेश्वर एवं विरुपाक्ष महादेव में विकास कराने की बात कही।
सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित कराएं :पटेल
भोपाल : सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित कराएं : पटेल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिविल सेवा में चयनित लोकसेवक केन्द्र और राज्य सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों को सफल बनाएं। गरीब, वंचित और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहें और उनकी मदद आगे बढ़कर करें। विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।
राज्यपाल पटेल रविवार को नर्मदा क्लब के सभागार में संकल्प संस्थान से चयनित सिविल सेवकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी सफल प्रतिभागियों को सफलता की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल पटेल ने संकल्प संस्थान के गुरूजन, मार्गदर्शक और सफल प्रतिभागियों को मंच से सम्मानित किया। प्रतिभावान छात्रों को निखारने और सफल बनाने के प्रयासों के लिए संस्थान की सराहना की।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि ऋग्वेद के अनुसार ज्ञानी लोग अज्ञानियों को भी ज्ञानवान बनाते हैं, अर्थात शिक्षा की उपयोगिता अशिक्षितों को भी शिक्षित बनाने में ही है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो परिवार और समाज में बदलाव लाती है। राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को बंधन मुक्त शिक्षा का अवसर देकर, नए भारत के निर्माण का संकल्प दिया है। विश्वगुरू भारत और नए विश्व के निर्माण के लिए जरूरी है कि युवा हमेशा नए सपने देंखे और बड़े सपने देंखे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि संस्थान, प्रदेश के गरीब और वंचित वर्ग के प्रतिभागियों को संस्थान की विशेषज्ञता से लाभान्वित करने का विशेष प्रयास करें। दूरस्थ और ग्रामीण अंचल के युवाओं को तलाशने और तराशने के लिए का काम करें। उन्हें आगे बढ़ने प्रेरित और प्रोत्साहित करें। संस्थान, ऐसी व्यवस्था बनाने का चिंतन करें जो दूर-दराज के क्षेत्रों, जरूरतमंदों और प्रतिभावान बच्चों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में मददगार हो। उन्होंने कहा कि संस्थान समाज और राष्ट्र उत्थान से जुड़े सामाजिक सरोकारों में आगे बढ़कर हिस्सा लें। शिक्षा से समाज सेवा का आदर्श प्रस्तुत करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि संस्थान को विश्व जगत की वर्तमान की समस्याओं और भविष्य की चुनौतियों के समाधान और दिशा दर्शन का केन्द्र बनना चाहिए।
राज्यपाल पटेल का कार्यक्रम में शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। संकल्प संस्थान के संस्थापक श्री संतोष तनेजा ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने विद्वान वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। सफल प्रतिभागियों को भावी जीवन की चुनौतियों और चिंतन की प्रेरणा दी। संस्थान से जुड़े शैलेन्द्र चौधरी और दीपिका ने सिविल सेवा में सफलता के लिए संस्थान से प्राप्त सहयोग और अनुभवों को साझा किया। आभार संकल्प भोपाल के वी.आर. नायडु ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्थान के सदस्य, सफल प्रतिभागी, उनके परिजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेशी निवेश संवर्धन के प्रयासों के उत्साहजनक परिणाम
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के परिणाम आना शुरू हो गए हैं। विदेशी निवेश संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री के यूरोप दौरे के फलस्वरूप अब जर्मन की कंपनियों ने मध्यप्रदेश का रूख किया है। मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत 18 अगस्त से 22 अगस्त तक पांच अग्रणी जर्मन टेक कंपनियों का दौरा शुरू हो रहा है। इसमें म.प्र. और जर्मनी के बीच व्यापार एवं नवाचार को मजबूती मिलेगी। म.प्र. के उद्यमों और जर्मन कंपनियों के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ेंगी। साथ ही तकनीकी आदान-प्रदान और निवेश अवसरों में वृद्धि होगी। म.प्र. ग्लोबल स्टार्ट अप एक्सचेंज कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना, एआई, डेटा एनालिटिक्स और आईटी उद्योग में श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, नवाचारी प्रयासों का आदान-प्रदान करना है।
जर्मन कम्पनियों का यह दौरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं का सेतु बनेगा। इससे प्रदेश में अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा को नई ऊर्जा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस तरह की वैश्विक तकनीकी साझेदारी से प्रदेश में नवाचार और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “यह पहल केवल तकनीकी सहयोग का आरंभ नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की नींव है। ग्लोबल नॉलेज एक्सचेंज और कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से विकसित होने वाली ट्रांस्फ़ॉर्मेटिव साझेदारियाँ प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने में सहायक होंगी।”
प्रतिनिधिमंडल में टाइलर्स के श्री स्टीवन रैनविक, टैलोनिक के निकोलस, स्टेएक्स के एलेक्सजेन्ड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट-एजी के मटियास प्रोग्चा और क्लाउड-स्क्विड के फिलिप रेजमूश शामिल हैं। ये कंपनियां वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा इंटीग्रेशन, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, आईओटी और कनेक्टिविटी सॉल्युशंस, एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर तथा डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग एआई तकनीक के क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। इन कंपनियों का अनुभव और तकनीकी क्षमता मध्यप्रदेश के उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी।