देश-विदेश
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान की अगुवाई में 29 मई से देशव्यापी ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’
नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में संवाददाता सम्मेलन में 29 मई से प्रारंभ होने वाले देशव्यापी “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के बारे में विस्तार से जानकारी दी, साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण का अभियान चल रहा है और विकसित भारत के लिए विकसित कृषि, विकसित खेती और समृद्ध किसान जरूरी है। आज भी कृषि, भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लगभग आधी आबादी के रोजगार का साधन है और इससे भी आगे बढ़कर देश की खाद्य सुरक्षा का आधार है।
मीडिया से चर्चा में केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय का उद्देश्य देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लगभग 145 करोड़ की आबादी वाले हमारे देश में सबको भरपूर खाद्यान मिले सब्जियां व फल की उपलब्धता भी हों, किसानों की आजीविका ठीक चले, मतलब कृषि फायदे का धंधा बने और खाद्यान तो मिले लेकिन पोषणयुक्त हो, उसका प्रयत्न करना और हमारे प्राकृतिक संसाधन हैं, उनका संरक्षण करना, उनका ऐसा उपयोग करना कि वो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खाद्यान, फल-सब्जियां उत्पन्न करते रहें। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए हमारी छह सूत्रीय रणनीति है- एक उत्पादन बढ़ाना, दूसरा- उत्पादन लागत घटाना, तीसरा- उत्पादन के ठीक दाम देना, चौथा- प्रकृतिक आपदाओं में नुकसान हो जाएं तो भरपाई करना पांचवां- कृषि का विविधीकरण, उसके साथ-साथ वैल्यू एडिशन, फूड प्रोसेसिंग बाकी सारी चीजें और एक बहुत महत्वपूर्ण काम है- प्राकृतिक खेती, जैविक खेती बढ़ाने की दिशा में सोचना।
शिवराज सिंह ने उत्पादन बढ़ने के बारे में कहा कि समग्र देंखे तो खरीफ चावल 1206.79 लाख मीट्रिक टन, गेहूं 1154.30 लाख मीट्रिक टन, खरीफ मक्का 248.11 लाख मीट्रिक टन, मूंगफली 104.26 लाख मीट्रिक टन और सोयाबीन 151.32 लाख मीट्रिक टन, इस साल का ये उत्पादन है अब तक का सबसे अधिक उत्पादन है जोकि एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि हमारा उत्पादन बढ़ रहा है, इसलिए अन्न के भंडार भरे हैं, लेकिन हम यहां रूकना नहीं चाहते, हम अपने देश की जरूरत पूरी करेंगे और भारत चूंकि विश्वबंधु भी है तो कई देशों को भी मदद करेंगे। और, हमारा सपना और संकल्प एक दिन भारत को फूड बास्केट आफ वर्ल्ड बनाना है, इसलिए हम लोगों ने तय किया है कि खरीफ फसल के लिए हम सारे संस्थानों को, जो कृषि उत्पादन बढ़ाने व लागत घटाने के लिए काम कर रहे हैं, उन सभी को एक साथ लाकर एक दिशा में ले जाएं। अब ICAR के 113 संस्थान हैं, जिनमें इस अभियान के माध्यम से बेहतर कॉर्डिनेशन होगा। राज्य सरकार अपने प्रयत्न करती है, केंद्र सरकार की अपनी योजनाएं है, यूनिवर्सिटी अपना काम करती है, हमने तय किया-इन सभी को जोड़कर एक दिशा में ले चलना है।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि 2023-24 में कुल खाद्यान उत्पादन का उत्पादन खरीफ में 1557.68 लाख टन था, जो 2025-25 में 1663.91 लाख टन हो गया, वहीं रबी का हमारा उत्पादन 2023-24 में 1600.06 लाख टन था, जो अब 1645.27 लाख टन हो गया है। कुल मिलाकर, खाद्यान उत्पादन एक साल में 3157.74 से बढ़कर 3309.18 लाख टन हो गया है, अगर दालें भी इसमें जोड़ दी जाएं तो दालों का जो कुल उत्पादन है, वो भी 221.71 से बढ़कर 230.22 लाख टन हो गया और तिलहन भी इसमें जोड़े जाएं, तो तिलहनी फसलें वो भी 384 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 416 लाख मीट्रिक टन हो गई है।
सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त... मंत्री विजय शाह को लगाई फटकार, जांच के लिए SIT का गठन
डेस्क। कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी का गठन कर दिया है। इसमें मध्य प्रदेश के बाहर से एक महिला अधिकारी सहित तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल होंगे। हालांकि एक राहत भी दी है। कोर्ट ने विजय शाह की गिरफ्तार पर रोक लगा दी है।
सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को फटकार भी लगाई और उनकी माफी स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह मंत्री द्वारा मांगी गई माफ़ी स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
कोर्ट ने कहा, आप एक पब्लिक फिगर हैं। एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं। आपको बोलते समय अपने शब्दों पर विचार करना चाहिए। हमें आपका वीडियो यहां दिखाना चाहिए। यह सशस्त्र बलों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। हमें बहुत ज़िम्मेदार होने की जरूरत है।
बार एंड बेंच के के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कहा आपने किस तरह की माफ़ी मांगी है? हमें दिखाइए। माफी का एक मतलब होता है। कभी-कभी नम्र और बनावटी माफी भी होती है, कभी कभी घड़ियालू आंसू भी होते हैं। आपका कौनसा मामला है?
वहीं वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि माफी मांगी गई थी और इसे अदालत के सामने भी मांगी जा सकती है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हमें माफी की ज़रूरत नहीं है, यह अवमानना नहीं है। हम इसे कानून के अनुसार संभाल सकते हैं। सिर्फ इसलिए कि आप अदालत में आ रहे हैं, आप माफी मांग रहे हैं। आप एक सार्वजनिक व्यक्ति और एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं और आपको अपने शब्दों पर विचार करना चाहिए।
संग्रहालयों के तकनीकी उन्नयन से देश-दुनिया में प्रदेश की विशेष बनी है पहचान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धरोहरों के प्रति युवाओं की रूचि विकसित करने के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए जानकारियों का आकर्षक रूप से प्रस्तुतिकरण आवश्यक है। धरोहरों के संरक्षण के लिए भी अद्यतन तकनीक का उपयोग जरूरी है। इस दृष्टि से राज्य संग्रहालय ने इमर्सिव एक्सपीरियंस सेंटर आरंभ करने का नवाचार समयानुकूल है। प्रदेश में स्मारकों और संग्रहालयों में दर्शकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। संग्रहालयों की समृद्ध परंपरा में मध्यप्रदेश जिस प्रकार से कार्य कर रहा है, उससे देश- दुनिया में प्रदेश की विशेष पहचान बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर राज्य संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इमर्सिव एक्सपीरियन्स सेंटर का लोकापर्ण किया तथा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में आयोजित कार्यक्रमों का भी वर्चुअल शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बदलते दौर के भारत में रह रहे हैं। यह बदलाव हर क्षेत्र में देखा जा सकता है। संग्रहालय अब इतिहासकारों और शोधार्थियों के साथ-साथ जनसामान्य के लिए भी रूचि-आकर्षण और ज्ञार्नाजन के केंद्र का रूप ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने राज्य संग्रहालय की सराहना करते हुए कि पर्यटकों के लिए अब भोपाल की यात्रा, राज्य संग्रहालय आए बिना अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा- उच्च शिक्षा और पर्यटन विकास निगम संयुक्त रूप से स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के संग्रहालय भ्रमण का संभागवार क्रम बनाएं, इससे विद्यार्थी, प्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ेंगे और राज्य संग्रहालय की खुबियों से अधिक से अधिक लोग परिचित हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक केंद्रो को जन सामान्य से जोड़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर गतिविधयां संचालित की जा रही हैं। प्रदेश के प्रमुख नगरों के मुख्य प्रवेश मार्गों पर महापुरूषों को समर्पित द्वार विकसित किए जा रहे हैं। हमारे देवस्थान अभी तक केवल पूजा-पाठ के लिए जाने जाते थे। प्रदेश में निर्मित हुए महाकाल लोक सहित अन्य लोकों ने मंदिरों को आस्था, श्रद्धा के साथ-साथ लोक रुचि का भी स्वरूप प्रदान किया है । प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला, मुद्रा व्यवस्था सहित संपूर्ण जीवन पद्धति उन्नत स्वरूप में थी। नवीनतम तकनीक से इनके संरक्षण और प्रस्तुतीकरण से हमारी समृद्ध धरोहर को वर्तमान और आगामी पीढ़ी की रूचि के अनुकूल बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य संग्रहालय परिसर में आयोजित ‘संग्रहालय मेला’ के अंतर्गत पुरातत्व के संरक्षण और संवर्धन से संबंधित विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने उत्खनन उपकरण के प्रकार और कार्य सहित दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेले में ऐतिहासिक इमारतों के 3डी प्रिंटिंग और कॉस्टिंग से बने मिनिएचर और पीओपी से बनी मूर्तियों को सराहा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी श्री रामभद्राचार्य को ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित होने पर दी बधाई
Bhopal news: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जगद्गुरु तुलसीपीठाधीश्वर रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामभद्राचार्य को ज्ञानपीठ पुरस्कार-2023 से सम्मानित होने पर बधाई दी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह सम्मान स्वामी श्री रामभद्राचार्य को यह सम्मान प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृत के प्रकांड विद्वान स्वामी श्री रामभद्राचार्य द्वारा दृष्टिबाधित होने के बावजूद अंतर्मन के आलोक से वेद, उपनिषद एवं रामकथा की जो गूढ़ व्याख्या की गई है, वह भारत ही नहीं, वैश्विक साहित्य जगत के लिए अनुपम आध्यात्मिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि भारतीय संत परंपरा के गौरव, श्रद्धेय संत पद्मविभूषित स्वामी श्री रामभद्राचार्य की संस्कृत साधना और तपस्वी जीवन की इस उपलब्धि से भावी पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती रहेगी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ब्राजील में ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में लेंगे भाग
नई दिल्ली। केंद्रीय विद्युत और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, 19 मई को होने वाली ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए ब्राजील की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
“एम्पावरिंग ग्लोबल साउथ कोऑपरेशन फॉर इंक्लूसिव एंड सस्टेनेबल ग्लोबल गवर्नेंस” विषय के अंतर्गत, माननीय मंत्री ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, पहुंच, सामर्थ्य और स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
भारत इस बैठक में पिछले दशक की अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा, जिसमें विद्युत क्षमता में 90 प्रतिशत की वृद्धि, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और जैव ईंधन में नेतृत्व के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और सतत विकास शामिल हैं। देश ऊर्जा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने और ऊर्जा परिवर्तन में तेजी लाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करेगा।
यह यात्रा भारत के इस दृढ़ संकल्प को रेखांकित करती है कि वह ब्रिक्स देशों के साथ एक मजबूत, भविष्योन्मुखी और टिकाऊ ऊर्जा क्षेत्र के निर्माण में सक्रिय रूप से सहयोग करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद 3.25 लाख CRPF जवानों को राहत, छुट्टी का आदेश लिया गया वापस
नई दिल्ली। देश के भीतर और सीमाओं पर तनाव के चलते रद्द की गई सीआरपीएफ जवानों की छुट्टियों पर अब राहत की सांस ली जा सकती है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अचानक सुरक्षा हालातों में बदलाव के चलते 7 मई को छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं।
ड्यूटी पर मौजूद न रहने वाले जवानों को तुरंत वापस बुलाया गया था। अब 10 मई को भारत-पाक के बीच सीजफायर के बाद हालात सामान्य होने पर यह आदेश वापस ले लिया गया है। नए आदेश के मुताबिक सभी जवान और अधिकारी अब पहले की तरह नियमानुसार छुट्टियों का लाभ ले सकेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी, जिसके बाद सुरक्षा सतर्कता के चलते जवानों की छुट्टियां ही नहीं, तबादले भी रोक दिए गए थे। जो अधिकारी सात मई तक रिलीव नहीं हुए थे, उन्हें अपनी मौजूदा तैनाती पर ही रुकने का आदेश जारी किया गया था। अब हालात सामान्य होते देख ट्रांसफर प्रक्रिया भी पहले की भांति बहाल कर दी गई है।
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया को देगा आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता का भारत का सख्त
नईदिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर और भारत की सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई के संदर्भ में, सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों सहित प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करने जा रहे हैं।
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारत की राष्ट्रीय सहमति और मजबूत दृष्टिकोण को प्रदर्शित करेंगे। वे दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ शून्य-सहिष्णु बनाने के देश के मजबूत संदेश को आगे बढ़ाएंगे। विभिन्न दलों के संसद सदस्य, प्रमुख राजनीतिक हस्तियां और प्रतिष्ठित राजनयिक प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
निम्नलिखित संसद सदस्य सात प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करेंगे:
1) शशि थरूर, कांग्रेस
2) रविशंकर प्रसाद, भाजपा
3) संजय कुमार झा, जदयू
4) बैजयंत पांडा, भाजपा
5) कनिमोझी करुणानिधि, डीएमके
6) सुप्रिया सुले, एनसीपी
7) श्रीकांत एकनाथ शिंदे, शिव सेना
मध्यप्रदेश, गुजरात की तर्ज पर कर रहा है उद्योगों का तेजी से विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने, श्रमिकों, सहयोगी नागरिकों, सड़क और अन्य आवागमन सुविधाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं की सरलता के कारण औद्योगिक निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। गुजरात हमारे लिए आदर्श है। मध्यप्रदेश भी गुजरात की तर्ज पर उद्योगों के विकास का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में बेंगलुरू में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) द्वारा मध्यप्रदेश में रायसेन जिले में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना के लिए की गई पहल पर त्वरित कार्रवाई कर कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन का निर्णय बिना विलंब के लिया गया।
यह प्रदेश की उद्योग संवर्धन और निवेश वृद्धि की पारदर्शी नीति का नवीनतम उदाहरण है। मध्यप्रदेश उद्योगों के अनुकूल नीतियों को लागू कर उस स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में शामिल है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रयासरत हैं। उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब देकर सशक्त नेतृत्व की बेहतरीन मिसाल पेश की है। 'मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम इंदौर में टेक्सटाइल एक्सपो को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश का समूचा परिदृश्य बदल गया है। उद्योगों के विकास के साथ धन के अर्जन के साथ मानवीय पक्ष को महत्व देने की भारतीय संस्कृति रही है। कोरोना के कठिन समय में प्रधानमंत्री मोदी ने अनेक देशों में लोगों का जीवन बचाने का कार्य किया। यह भारत के इतिहास का गौरवशाली पृष्ठ है। आपरेशन सिंदूर के क्रियान्वयन में प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व और भारत की सेनाओं का साहस हम सभी के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। एक वस्त्र की बुनाई के लिए जिस तरह एक-एक धागे का अपना महत्व है, उसी तरह संकट के समय में भारत के सभी नागरिक भेदभाव से रहित होकर एकजुटता का परिचय देने में आगे रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कारखाने हमारे लिए मंदिर की तरह हैं। देवालय और मंदिर जिस तरह श्रद्धा का केंद्र होते हैं, उसी तरह कारखाने बड़े वर्ग को लाभान्वित करने के पवित्र भाव के साथ संचालित होते हैं। शासन द्वारा लागू अनुकूल नीतियों और सुशासन का लाभ उद्योगों को दिलाने के लिये मध्यप्रदेश में विशेष अभियान चल रहा है। मध्यप्रदेश में जो उद्योगपति आते हैं वे यहीं के होकर रह जाते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष मध्यप्रदेश के सभी संभागों में रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गईं। इसके बाद इस वर्ष फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। इन प्रयासों से 30 लाख हजार करोड़ से अधिक का निवेश लाने में सफलता मिली। अब विभिन्न सेक्टर को ध्यान में रखकर उद्योग संवर्धन कार्यक्रम हो रहे हैं। यह क्रम निरंतर चलेगा।
ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया ने देखा नया शक्ति संपन्न भारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Bhopal news: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बदलते दौर के भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया के सामने हमारी सेनाओं के साहस और शौर्य के प्रमाण दे दिए हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि आपरेशन सिंदूर रूकेगा नहीं, हमारे घर के किसी भी कोने में कोई भी आतंकवादी गतिविधि करेगा तो भारत उसे घर में घुसकर मारेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार शाम भोपाल के रोशनपुरा चौराहे से प्रारंभ हुई तिरंगा यात्रा में शामिल होने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विभिन्न धर्मगुरू, वरिष्ठ सांसद वीडी शर्मा, सांसद आलोक शर्मा, महेंद्र सिंह, मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल महापौर मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी के अलावा राहुल कोठारी, सुमित पचौरी, रविंद्र यति और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। हाथों में तिरंगा लिए अनेक समुदायों के प्रतिनिधि, आम नागरिक बड़ी संख्या में तिरंगा यात्रा में उत्साह से शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई भी ताकत भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। हम सब सेना को सम्मान देने के लिए इस यात्रा में एकत्रित हुए हैं। ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया ने हमारे हथियार भी देखे, हमारी एकजुटता भी देखी, हमारे देश का पराक्रम भी देखा और पुरूषार्थ भी देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सब पूरा देश आनंदित है। लगातार तिरंगा यात्राओं के माध्यम से पूरी दुनिया में संदेश जा रहा है। हमारे लिए सौभाग्य का क्षण है। भोपाल देश का दिल है। हमारे राफेल ने कमाल कर दिया। भारतीय सेना ने ऐतिहासिक शौर्य का प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का आजादी के बाद यह चौथा युद्ध था। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में तीनों सेनाओं ने मिलकर जिस प्रकार का योगदान देकर आजादी के बाद चौथे युद्ध में 4 दिन में पाकिस्तान को धूल चटाने का काम किया, वह अभूतपूर्व है। हमारे देश की सेना ने ऐसा कार्य किया है, जो न भूतो न भविष्यति। पलक झपकने से पहले ही ब्रह्मोस मिसाइल ने एक के बाद एक बड़े-बड़े एयर वेज को ध्वस्त कर दिया। पाकिस्तान को समझ में ही नहीं आया कि वह करे क्या। हमने देखा रात के 11:30 बजे जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अपने राष्ट्रपति से बात करने गए तो उनकी आवाज नहीं निकल रही थी।
मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापारी और निवेशक मध्यप्रदेश आएं और उद्योग को बढ़ावा दें। आज मेड इन इंडिया का जमाना है। मध्यप्रदेश सरकार ने नई उद्योग केंद्रित नीतियां लागू की हैं। सभी जिलों में उद्योग प्रकोष्ठ खोले गए हैं। इंडस्ट्री शुरू करने के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम लागू है। निवेशकों के लिये मुख्यमंत्री सहजता से उपलब्ध है। राज्य में पर्याप्त लैंड बैंक, पानी और बिजली उपलब्ध है। राज्य सरकार ने उद्योगपतियों को सब्सिडी के बैकलॉग का एक-एक रुपया लौटाया है। सरकार बड़े उद्योगों के साथ छोटे निवेशकों को भी प्रोत्साहन दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बेंगलुरू में हुए रोड-शो के इंटरेक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। इंटरेक्टिव सेशन में विभिन्न निवेशकों से चर्चा हुई। आज निवेशकों से 7935 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे 18 हजार 975 नए रोजगार सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “परफॉर्म, रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म” के मूलमंत्र को आधार बनाकर हम आत्म-निर्भर भारत के संकल्प की पूर्ति की ओर तेजी से अग्रसर है। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और निवेश को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। इस दिशा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, राष्ट्रीय पर विभिन्न शहरों में किये गये रोड-शो और इंटरेक्टिव सेशन सहित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के माध्यम से हमने लोकल से ग्लोबल स्तर तक सफलतापूर्वक निवेश संवाद किया है। बेंगलुरु में आज दूसरी बार हुए रोड-शो और इंटरेक्टिव सेशन से निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए “प्रगतिशील, पारदर्शी और भरोसेमंद राज्य” के रूप में उभरा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारा शेयर बाजार नई ऊँचाईयों को छू रहा है। निवेशक मध्यप्रदेश आएं और अपने उद्योग को बढ़ाएं। एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वहीं का होकर रह जाता है। सभी प्रकार के उद्योगों के विकास का कार्य मध्यप्रदेश में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
पंजाब के आदमपुर एयरबेस पहुंच सेना के जवानों से मिले पीएम नरेंद्र मोदी
डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह-सुबह पंजाब के आदमपुर एयरबेस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय वायुसेना के कर्मियों से मुलाकात की और हाल के घटनाक्रमों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रधानमंत्री ने वायुसेना के जवानों से बातचीत भी की और उनकी बहादुरी की सराहना की। यह दौरा हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बेहद खास है भारत की शान आदमपुर एयरबेसआदमपुर एयरबेस भारत का दूसरा सबसे बड़ा वायुसेना अड्डा है। यह हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव का केंद्र रहा है। पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया था कि उन्होंने आदमपुर में तैनात भारत के एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया है। अब भारतीय प्रधानमंत्री का दौरा पाकिस्तानी दुष्प्रचार की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है।
10 मई को पाकिस्तान द्वारा इस एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए थे, जिसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले कर उन्हें तबाह कर दिया। भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि आदमपुर में स्थित S-400 वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है और पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए इसे एक “दुष्प्रचार अभियान” करार दिया।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों ने 10 मई को एक तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताई थी। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच, पीएम मोदी का आदमपुर दौरा सैनिकों का मनोबल बढ़ाने और स्थिति का जायजा लेने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश की धरती पर अब नहीं बचेंगे नक्सली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में वर्ष-2026 तक देशभर से नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प लिया गया है। इसे पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार भी केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में बालाघाट जिले के पिछले दिनों नक्सल मुठभेड़ों में शामिल रहे पुलिस फोर्स, हॉक फोर्स और विशेष सशस्त्र बल के 64 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को क्रम पूर्व पदोन्नति प्रदान की गई है। राज्य सरकार का यह महत्वपूर्ण कदम पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाएगा। क्रम पूर्व पदोन्नति पुलिस इतिहास में स्वर्णिम क्षण है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट कभी अत्यधिक नक्सल प्रभावित 12 जिलों की सूची में शामिल था। सरकार की मंशा और पुलिस के परिश्रम से अब केंद्र सरकार ने बालाघाट को गंभीर समस्या वाली श्रेणी से बाहर कर अन्य श्रेणी में रखा है। बालाघाट में नक्सल गतिविधियों में गिरावट प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को बालाघाट के लांजी में आयोजित क्रम से पूर्व पदोन्नति अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैज लगाकर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नत कर किया और बधाई दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को 4 दिन की लड़ाई में पस्त कर दिया। गृह मंत्री शाह के नेतृत्व में देशभर में नक्सल विरोधी अभियान संचालित हो रहा है। इस अभियान को मजबूती देने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस किया जा रहा है। राज्य सरकार नक्सलियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। बालाघाट की धरती पर यह अलंकरण समारोह नक्सलियों को सीधा संदेश है कि वे सरेंडर करें नहीं तो मारे जाएंगे।
प्रदेश की धरती पर नक्सल का खूनी खेल अब नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि आज बालाघाट में पुलिस के वीरों का सम्मान हो रहा है। पुलिसकर्मी जान की बाजी लगाकर नागरिकों की सुरक्षा करते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वोच्च बलिदान देने वाले 37 वीर पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए कहा कि जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है, लेकिन मृत्यु ऐसी हो, जिस पर देश, प्रदेश और समाज गर्व करे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात 8 बजे देश को करेंगे संबोधित
नईदिल्ली। पाकिस्तान के खिलाफ भारत सैन्य कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 12 मई मंगलवार रात करीब 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। बता दें इससे पहले तीनों सेना की ओर से आरेशन सिंदूर पर भारतीय रक्षों की लक्षित कार्यवाही के बारें में जानकारी दी गई।
थोड़ी ही देर में भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद आज दोनों देशों के DGMO हॉटलाइन के जरिए एक दूसरे से बातचीत करेंगे। दोनों देशों की ओर से शांति की पहल की जा सकती है।
बता दें कि प्रधानमंत्री का ये संबोधन दोनों देशों के बीच जमीन, हवा और समुद्र में सभी सैन्य हमलों को रोकने के आपसी समझौते पर पहुंचने के दो दिनों बाद होगा। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर शुरू किए जाने के बाद यह युद्धविराम हुआ था।
प्रधानमंत्री @narendramodi आज रात करीब 08:00 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
— PIB in Chhattisgarh (@PIBRaipur) May 12, 2025
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चेनाब नदी पर सलाल डैम के गेट खोले गए, पाकिस्तान में बाढ़ का खतरा बढ़ा, भारत का सख्त संदेश
नईदिल्ली। भारत ने चेनाब नदी पर बने सलाल डैम के अधिकतर गेट्स खोल दिए हैं, जिससे पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के रंभन जिले में बगलिहार डैम के कई स्लुइस गेट्स भी खोले गए थे। यह कदम इंडस वॉटर ट्रीटी को निलंबित करने के बाद भारत द्वारा पिछले एक सप्ताह में उठाया गया दूसरा बड़ा कदम है। इन कार्यवाहियों के जरिए भारत ने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया है कि वह चेनाब नदी के जल स्तर को अपने हितों के अनुसार सख्ती से नियंत्रित करेगा। अधिकारियों के अनुसार, गेट्स खोलने का कारण जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद बांधों में बढ़ता जल स्तर है।
बता दें कि पिछले शुक्रवार और शनिवार को सलाल और बगलिहार बांधों में गाद निकालने की प्रक्रिया के दौरान गेट्स बंद किए गए थे, जिससे चेनाब नदी का जल स्तर जम्मू के अखनूर क्षेत्र में कमर से भी नीचे चला गया था। इस कदम ने पाकिस्तान में पानी की कमी की स्थिति पैदा कर दी थी, जिसे भारत ने एक सांकेतिक वॉटर स्ट्राइक के रूप में इस्तेमाल किया। यह कदम अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद इंडस वॉटर ट्रीटी को निलंबित करने के भारत के फैसले का हिस्सा था। निलंबन के बाद भारत ने स्पष्ट किया है कि वह सतलुज, ब्यास, रवि के साथ-साथ चेनाब, झेलम और सिंधु नदियों के पानी का उपयोग अपने हितों के लिए करेगा।
भारत के 32 हवाई अड्डों पर परिचालन फिर से शुरू, हटाई गई लगाई गई रोक
डेस्क। भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच तनाव कम होने के बाद भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय (डीजीसीए) ने देश के उत्तरी एवं पश्चिमी हिस्सों में स्थित 32 हवाई अड्डों से नागरिक उड़ानों पर लगाई गई रोक को हटा दिया है। 15 मई 2025 को 5:29 बजे तक नागरिक उड़ानों के लिए बंद किए गए 32 हवाई अड्डों पर परिचालन फिर से शुरू हो गया है। सभी अब तत्काल प्रभाव से नागरिक विमानों के लिए खुल गए हैं।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरलाइनों से सीधे उड़ान की स्थिति की जांच करें और नियमित अपडेट के लिए एयरलाइंस की वेबसाइटों पर नज़र रखें। बता दें कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और संबंधित विमानन प्राधिकरणों को कई ‘नोटिस टु एयरमैन (नोटम)’ जारी कर 15 मई को सुबह पांच बजकर 29 मिनट तक 32 हवाई अड्डों से नागरिक उड़ानों पर लगाई गई रोक लगा दी गई थी।
इसमें उधमपुर, अंबाला, अमृतसर, अवंतीपुरा, बठिंडा, भुज, बीकानेर, चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन, जैसलमेर, जम्मू, जामनगर, जोधपुर, कांडला, कांगड़ा (गग्गल), केशोद, किशनगढ़, कुल्लू मनाली (भुंतर), लेह, लुधियाना, मुंद्रा, नलिया, पठानकोट, पटियाला, पोरबंदर, राजकोट (हीरासर), सरसावा, शिमला, श्रीनगर, थोईस और उत्तरलाई शामिल थे।
युवाओं को रोजगार देकर स्वावलम्बी प्रदेश बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे राज्य का युवा सक्षम, योग्य और आत्म-निर्भर बने यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि रोजगार और स्वरोजगार देकर स्वावलम्बी समाज और स्वावलम्बी प्रदेश बनाया जाये। इस दिशा में हम तेजी से लगातार आगे बढ़ रहे है। प्रदेश में हर क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिये तेजी से प्रयास किये जा रहे है, चाहे वह परम्परागत दुग्ध पालन का क्षेत्र हो या आधुनिक आईटी का क्षेत्र। प्रदेश में रोजगार आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिये इंड्रस्टी कॉन्क्लेव व्यापक स्तर पर आयोजित की गई। इसके बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज रविवार को दशहरा मैदान, इंदौर में आयोजित महापौर मेगा रोजगार मेला के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोजगार मेले को मिले बेहतर प्रतिसाद की सराहना की और कहा कि ऐसे रोजगार मेलों के माध्यम से सरकार और प्रशासन युवाओं को अवसर, मंच और मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। उन्होंने युवाओं को रोजगार देने की दिशा में इंदौर जिले में हर एक पंचायत में स्थापित किये गये उद्योग लगाने के अभियान की भी प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले में अभियान चलाकर सभी पंचायतों में उद्योग स्थापित कराने का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से कहा कि आज का युग कौशल का है। डिग्री के साथ व्यवहारिक ज्ञान और संवाद कौशल भी ज़रूरी हैं। मुझे गर्व है कि इंदौर ने इस दिशा में एक अनुकरणीय पहल की है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे इन अवसरों का लाभ उठाएँ और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएँ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-पाकिस्तान संबंधों और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर कहा कि देश अब पहले जैसा नहीं रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी शक्ति, रणनीति और तकनीकी क्षमता से यह सिद्ध कर दिया है कि हम शांति चाहते हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर करारा जवाब देना भी जानते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने एक नई दिशा प्राप्त की है। आज भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन अगर कोई भारत को छेड़ने की गलती करता है, तो उसे हम कभी छोड़ते नहीं हैं। हमारी सेनाएं अब पारंपरिक युद्ध पद्धतियों से आगे बढ़कर अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही हैं। इससे दुश्मनों को हर मोर्चे पर जवाब दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत की रक्षा नीति की तुलना ‘नए युग के नए भारत’ से करते हुए कहा कि यह वही भारत है जो संयम रखता है, परंतु आवश्यकता होने पर शौर्य और पराक्रम का परिचय देने में पीछे नहीं हटता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आत्म-निर्भरता की दिशा में भी तेज़ी से अग्रसर है, चाहे वह रक्षा उत्पादन हो, सामरिक नीति हो या वैश्विक कूटनीति। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से कहा कि सरकार और सेनाओं पर विश्वास रखें, भारत अब एक सशक्त, आत्मनिर्भर और निर्णायक राष्ट्र के रूप में उभर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सामरिक इच्छाशक्ति
नईदिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 मई को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ब्रह्मोस एकीकरण और परीक्षण सुविधा केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर अपने वर्चुअल संबोधन के दौरान कहा, “ ऑपरेशन सिंदूर न सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि भारत की राजनीतिक, सामाजिक और रणनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक था।” उन्होंने इस ऑपरेशन को आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और सशस्त्र बलों की क्षमता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन बताया, जिसने उन निर्दोष परिवारों को न्याय सुनिश्चित किया, जिन्होंने भारतीय धरती पर भारत विरोधी और आतंकवादी संगठनों के हाथों अपने प्रियजनों को खो दिया था।
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को इस बात का सबूत बताया कि जब भी भारत आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करता है, तो सीमा पार की जमीन भी आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए सुरक्षित नहीं होती। उन्होंने कहा कि "उरी में हुई आतंकी घटना के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा हमले के बाद की गई एयर स्ट्राइक और अब पहलगाम हमले के जवाब में भारत द्वारा की गई कई स्ट्राइक के जरिए दुनिया ने देख लिया है कि अगर भारत की धरती पर कोई भी आतंकी हमला होता है, तो वह क्या कर सकता है। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नया भारत सीमा के दोनों तरफ आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।"
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह अभियान पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए शुरू किया गया था और इसमें निर्दोष नागरिकों को निशाना नहीं बनाया गया, लेकिन पाकिस्तान ने भारत में नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया और मंदिरों, गुरुद्वारों और चर्चों पर हमला करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "हमारे सशस्त्र बलों ने वीरता और संयम का परिचय दिया और पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला करके मुंहतोड़ जवाब दिया। हमने न केवल सीमा से सटे सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की, बल्कि हमारे सशस्त्र बलों का आक्रोश रावलपिंडी तक पहुंच गया, जहां पाकिस्तानी सैन्य मुख्यालय स्थित है।"
ब्रह्मोस एकीकरण एवं परीक्षण सुविधा केंद्र के बारे में रक्षा मंत्री ने कहा कि यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों को मजबूत करेगा तथा महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन करके क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देगा। उन्होंने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर उद्घाटन को एक ऐतिहासिक क्षण बताया, जो भारत की बढ़ती नवीन ऊर्जा को दर्शाता है तथा महत्वपूर्ण, उच्च स्तरीय एवं अग्रणी प्रौद्योगिकियों में तेजी से हो रहे वैश्विक परिवर्तन के साथ संरेखित है।