कवर्धा के दूरस्थ गांवों में बीएसएनएल के 4जी टॉवरों का भौतिक सत्यापन
रायपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “4जी सैचुरेशन परियोजना” के तहत छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल एवं दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क सेवाओं के विस्तार की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में अब तक किसी भी प्रकार की मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं थी, वहां अब भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के माध्यम से आधुनिक संचार सुविधाएं पहुंचने लगी हैं। परियोजना के अंतर्गत दूरस्थ इलाकों में 4जी मोबाइल टॉवर स्थापित करने की जिम्मेदारी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को सौंपी गई है।
इसी क्रम में कबीरधाम (कवर्धा) जिले के ग्राम मुड़वाही, झलमला तथा घूघवा डहरा में स्थापित 4जी मोबाइल टॉवरों का भौतिक सत्यापन नोडल अधिकारी एवं सहायक लेखा अधिकारी श्री टोपेश कुमार साहू द्वारा किया गया। सत्यापन के दौरान उन्होंने संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर टॉवरों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया तथा स्थानीय ग्रामीणों एवं हितग्राहियों से संवाद कर फीडबैक प्राप्त किया।
ग्रामीणों ने बताया कि मोबाइल नेटवर्क सुविधा शुरू होने के बाद उनके दैनिक जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आया है। अब वे मोबाइल फोन के माध्यम से सहज संवाद स्थापित कर पा रहे हैं। डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग बढ़ा है तथा बच्चों को ऑनलाइन अध्ययन और शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच मिल रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को मनोरंजन सहित विभिन्न डिजिटल सेवाओं का लाभ भी मिलने लगा है, जो पहले संभव नहीं था।
ग्रामीण अंचलों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा आधुनिक संचार सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में “4जी सैचुरेशन परियोजना” एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रही है। यह योजना दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में संचार, शिक्षा, डिजिटल लेनदेन और सूचना पहुंच के नए अवसर उपलब्ध करा रही है।