संत ज्ञानेश्वर स्कूल के वार्षिक उत्सव 'धरोहर: एक विरासत' में बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतियां
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के वार्षिकोत्सव 'धरोहर: एक विरासत' में बच्चों ने शानदार प्रस्तति देकर सभी का मन मोह लिया। बच्चे छोटे हो या बड़े उन्हें डांस की प्रैक्टिस कराने में शिक्षकों का बड़ा योगदान होगा। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए अलग-अलग शिक्षक अलग-अलग डांस ग्रुप के लिए कोरियोग्राफऱ बन गए थे। सभी शिक्षकों ने बच्चों को खूब अभ्यास कराया। उनकी मेहनत रंग लाई और बच्चों ने सभी प्रस्तुतियों ने दर्शकदीर्घा में बैठे सभी लोगों का मन मोह लिया।

संत ज्ञानेश्वर स्कूल के उपप्राचार्य राहुल वोडितेलवार ने बताया कि प्राचार्य मनीष गोवर्धन, स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर और सह प्रभारी नवीन देशमुख के मार्गदर्शन में बच्चों के साथ शिक्षकों ने भी वार्षिकोत्सव को लेकर खूब मेहनत की। कार्यक्रम के शुभारंभ में शिक्षक अक्षत कोसले और वंदना बिसेन के निर्देशन में बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन अराधना लाल, अपर्णा आठले, विनीता सुंदरानी ने किया। मुख्य अतिथि का परिचय सुनिधि रोकड़े ने दिया। आभार प्रदर्शन तृप्ति अग्निहोत्री ने किया।

प्री पाइमरी ने कराई चांद की सैर
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम का सिलसिला प्री प्राइमरी के बच्चों से शुरू हुआ। हार्दिका बोबडे और भारती सहगल के मार्गदर्शन में नर्सरी के बच्चों ने ‘आओ तुम्हें चांद पर ले जाए’ की शानदार प्रस्तुत देते हुए सभी को चांद की सैर कराई। हार्दिका बोबडे और शिखा गुप्ता के निर्देशन में पीपी 1 के बच्चों ने अपनी छोटी सी आशा को मंच पर व्यक्त किया। वहीं पीपी 2 के बच्चों ने ‘शा ला ला ला’ की शानदार प्रस्तुति दी। जिसमें कोरियोग्राफर की भूमिका अस्मिता कुसरे और सुरेखा नायक ने निभाई।

प्राइमरीः भक्ति और देशप्रेम साथ आए नजर
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम जैसे जैसे आगे बढ़ता गया, कार्यक्रम का रोमांच और बढ़ता गया। प्राइमरी के बच्चों ने यहां राधा कृष्ण लीला की प्रस्तुति देकर भक्ति का भाव जगाया। वहीं सैनिक की प्रस्तुति ने देश प्रेम का भाव जागृत किया। क्लास वन के बच्चों ने सेनोरिटा की प्रस्तुति श्वेता चौधरी और विनीता सुंदरानी के मार्गदर्शन में दी। वहीं क्लास 2 के बच्चों ने ‘स्कूल नहीं जाना’ की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। इस गाने का निर्देशन रेणुका शुक्ला, स्तुति राबिन्सन और अंजलि महाजन गुप्ता ने किया। क्लास 3 के बच्चों ने ‘नमो नमो शंकरा’ की प्रस्तुति प्रीति तिवारी और ज्योति साहू के निर्देशन में दी। क्लास 4 के बच्चों ने ‘भारत की बेटी’ प्रस्तुत किया। जिसका निर्देशन किरण सुतार और अंजलि महाजन गुप्ता ने किया। वहीं क्लास 4 के बच्चों ने ‘सैनिक’ मंचित किया। जिसका मार्गदर्शन किरण सुतार और अपर्णा आठले नेकिया। वहीं प्राइमरी की प्रस्तुति की अंतिम कड़ी में क्लास 5 के बच्चों ने राधा-कृष्ण लीला की प्रस्तुति किरण सुतार और अंजलि महाजन गुप्ता के निर्देशन में दी।

मीडिल के बच्चों ने मचाई धूम
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की कड़ी में मीडिल और हाई स्कूल के बच्चों ने खूब धमाल मचाया। क्लास 6 ने मल्हार डांस वंदना बिसेन और प्रतीक्षा महादेवकर के निर्देशन में प्रस्तुत किया। वहीं सरिता पांडेय और स्नेहा महाजन के निर्देशन में सातवीं के बच्चों ने छत्तीसगढ़ी नृत्य प्रस्तुत कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। वर्षा गिरिभट ,सुनिधि रोकड़े और गीतांजलि साहू के निर्देश में 8वीं के बच्चों ने देश भक्ति व चंद्रयान पर शानदार प्रस्तुति दी।

हायर सेकंडरी की नृत्य नाटिका में दिखा मराठी गौरव
जैसे-जैसे शाम ढलती गई, कार्यक्रम का मजा और बढ़ता चला गया। महाराष्ट्र मंडल का सभागृह उस वक्त पूरी तरह सांस्कृतिक विरासत और देश प्रेम में डूब गया जब बच्चों ने रानी अहिल्या बाई होल्कर की विजय गाथा को मंचित किया। रानी बाल्यावस्था से उनकी विरासत तक के सफर को बच्चों ने बखूबी मंचित किया। जिसकी प्रस्तुति चित्रा जावळेकर व अस्मिता कुसरे के निर्देशन में की गई। वहीं 9वीं के बच्चों ने श्रद्धा मते और दीपान्विता सेन के निर्देशन में दीप डांस, मेघा जैन और शेफाली ठाकुर के निर्देशन में 9वीं के ही बच्चों ने कृष्ण की चेतावनी पर अपनी प्रस्तुति दी। शिखा सूद और रीता शम्भरकर के निर्देशन में 10वीं के बच्चों ने शानदार भांगड़ा प्रस्तुत कर सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया। रचना तिवारी और नवीन चंद्राकर के निर्देशन में 11वीं के बच्चों ने कलयुग डांस और किरण सुतार , गीत भोजवानी और रोशन सिंह राजपूत के निर्देशन में 11वीं के ही बच्चों ने राजस्थानी डांस प्रस्तुत किया। वहीं 12 के बच्चों ने रेट्रो डांस की प्रस्तुति चित्रा जावळेकर और आराधना लाल के मार्गदर्शन में दी।