दिव्य महाराष्ट्र मंडल

धैर्य के साथ पढ़ प्रश्नपत्र.. पहले सरल प्रश्न को फिर कठिन को करें हल... ध्यान रखना प्रश्नों का क्रम न बदलेः मनीष गोवर्धन

रायपुर। सीजी बोर्ड की 12वीं बोर्ड की परीक्षा 20 फरवरी से शुरू हो रही है। वहीं 10वीं की परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होगी। ऐसे में परीक्षा हाल मे प्रवेश के साथ धैर्य रखना बेहद जरुरी है। प्रश्न पत्र हाथ में आने पर पहले धैर्य के साथ इसे पूरा पढ़े। फिर सरल प्रश्नों को मार्क करें और उन्हें साल्व करना प्रारंभ करें। परीक्षा हाल में उत्तर पुस्तिका लिखने के सही ढंग और क्रम मूल्यांकन कर्ता को जांच में सहायक होते है। इसलिए प्रश्नों के क्रम के अनुसार ही उत्तर का क्रम होना चाहिए। कोई प्रश्न अगर नहीं बन रहा है तो उनकी निर्धारित शब्द सीमा के अनुसार स्थान छोड़ दें, और बाद में उसका उत्तर लिखे। उक्त बातें संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य और माध्यमिक शिक्षा मंडल के विषय समिति के संयोजक मनीष गोवर्धन ने अपने 32 वर्षों के अनुभव के आधार पर कहीं।

उन्होंने कहा कि परीक्षा हाल में प्रश्न पत्र मिलने पर पहले 10 मिनट पेपर से अच्छे से पढ़े। ताकि आप यह मार्क कर सके कि आपको कौन-कौन से प्रश्नों को उत्तर बहुत अधिक अच्छे से याद है। प्रश्न पत्र हल करने का क्रम प्रारंभ से अंतिम यानी जिस क्रम में प्रश्न दिया उसी क्रम में उत्तर लिखे। क्योंकि मूल्यांकन कर्ता को उत्तर पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर अंक प्रविष्ठ करना होता है, अतः क्रम बदलने नहीं चाहिए।

मनीष गोवर्धन ने आगे कहा कि पहले चरण में आसानी से बनने वाले या यूं कहें कि उन प्रश्नों को हल कीजिए, जो आपको बहुत अच्छे से याद है। किसी प्रश्न का उत्तर नहीं बन रहा है उसके लिए उत्तर की शब्द सीमा के अनुसार स्थान छोड़ कर आगे बढ़ना चाहिए। प्रथम चरण के बाद बच्चों में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है, उसके बाद उन प्रश्नों के हल करना प्रारंभ कीजिए जो आपका याद है। लेकिन समय का विशेष ध्यान रखें। दोनों चरणों के बाद बचे समय में उन प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें जिसके लिए आपने स्थान छोड़ा है।

मनीष गोवर्धन ने आगे कहा कि उत्तर क्रमांक और आवंटित अंक का उल्लेख सभी प्रश्नों पर शीर्षक के रुप में अंकित करना चाहिए। ताकि मूल्यांकनकर्ता को नंबर देने में आसानी हो। वहीं हर प्रश्न को हल करने के बाद दो लाइन छोड़कर ही अलगा प्रश्न लिखे। पृष्ठ के अंतिम लाइन या काफी नीचे से नये प्रश्न का उत्तर लिखना बिल्कुल भी शुरू नहीं करे। पूरा प्रश्न पत्र हल करने के बाद एक बार उसका निरीक्षण अवश्य करें तभी पेपर जमा करें।