सपने बड़े देखो लेकिन उसे पाने के लिए कर्म भी करोः अजय काले
- माय भारत के युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में पहुंचे गुजरात के युवा
रायपुर। कुछ मोटीवेशन स्पीकर कहते है कि सपने बड़े देखो। लेकिन मैं कहता हूं कि सपने बड़े देखो लेकिन उसे पाने के लिए वैसा बड़ा कर्म भी करो। अपने सपनों को पाने के लिए मेहनत करो, तभी सफलता मिलेगी। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने माय भारत कार्यक्रम के युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत गुजरात से आए युवाओं से कहीं।

काले ने कहा क 25 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026 तक का समय आपके जीवन में दोबारा नहीं आएगा। यहां जो आपने सीखा, जो जाना उसे अपने जीवन में आत्मसात करना जरूरी है। उन्होंने मशहूर फुटबाल खिलाड़ी जेम की कहानी बताते हुए कहा कि उन्होंने जब अपने जीवन का पहला मैच खेला और पांच लाख डालर जीतकर स्टेडियम से बाहर आए तो एक भिखारी ने उनसे अपनी मां के बीमार होने का हवाला दिया और पैसे मांगे। इस पर जेम ने पूरे पांच लाख डालर उसे दे दिया। फिर पूरे उत्साह के साथ दूसरा मैच खेला। जिसमें उसने 10 लाख डालर जीता। इस पर उसके दोस्तों ने उससे पूछा कि तुमने पहले मैच में मिले पांच लाख डालर का क्या तो तो जेम ने अपने दोस्तों को सारी बात बताई। जेम की बात सुन दोस्तों ने कहा वह बहुत बड़ा फ्राड है। उसकी मां बीमार नही है। दोस्तों की बात सुन जेम ने कहा कि शुक्र है कि उसकी मां बीमार नहीं है। उसकी जगह कोई दूसरा होता तो उसे गाली देता। मन ने नकारात्मक भाव आते।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए माय भारत कार्यक्रम के डिप्टी डायरेक्टर अर्पित तिवारी ने 25 फरवरी से 28 फरवरी से तक युवाओं के पूरे कार्यक्रम और भ्रमण का ब्यौरा रखा। उन्होंने बताया कि माय भारत युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत गुजरात के आणंद, महिसागर, नडियाल, दहोद और गोधरा जिले से युवा आए है। वहीं कार्यक्रम में पहुंची दुर्गा कालेज की प्रोफेसर सुनीता चंसोरिया ने बच्चों से उनके छत्तीसगढ़ के अनुभव पर चर्चा की। कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर भी मंचस्थ थे।