गाठी पहनकर महिलाओं ने बचपन की यादें की ताजा
- डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने होली थीम में की बैठक
रायपुर। रंगो का त्योहार होली और गाठी (शक्कर माला) से हर किसी के बचपन की याद जुड़ी होती है। ऐसे में अपने बचपन को याद करने के हर एक पल को जीने वाली महाराष्ट्र मंडल के डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने उत्साह के साथ एक दूसरे को गाठी की माला पहनाई और अपने-अपने बचपन के दिनों को याद किया। जब घर के बड़े बुजुर्ग उन्हें गाठी पहनाते थे। वहीं रंग बिरंगी टोपी ने उनके उत्साह को दोगुना कर दिया।
सखी निवास प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने बुधवार 11 मार्च को अपनी मासिक बैठक की थीम होली पर रखी। बैठक में शनिवार 14 मार्च को महाराष्ट्र मंडल में होने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस में केंद्र के सदस्यों की उपस्थिति और कार्यक्रम को सफल बनाने पर चर्चा हुई। बैठक में बहुत से मनोरंजक गेम खेलकर होली मिलन भी मनाया गया।
नमिता शेष ने बताया कि अपने-अपने बचपन की यादों को ताजा करने के लिए रोचक गेम खेला। जिसमें एक-एक करके सभी सदस्यों ने दूसरे को क्रमशः गुलाल लगाया, टोपी पहनाई और गाठी की माला पहनाई। निर्धारित एक मिनट में जिसने सबसे ज्यादा लोगों को गाठी पहनाई उसे विजेता घोषित किया गया। इस खेल में प्रथम सोनल फड़नीस और सेकंड अर्चना टेंबे रही।
बैठक में सौम्या इंगले, अर्चना टेंबे, अनुभा जाउलकर, अंजली काळे, नमिता शेष, दिव्या पात्रीकर, विजया भाले, वर्षा नारखेड़कर, ज्योति डोळस, प्रिया जोगलेकर, दिपांजली भालेराव, अर्चना कुलकर्णी, जया भावे, प्रियंका राजपूत, प्रीती रणदिवे, शैला गायधनी ,रश्मि डांगे, माधवी गिरहें, श्रद्धा देशमुख, सरोजनी पराड़, शुभांगी रुद्रजवार, सृष्टि दंडवते, माधुरी इंचुलकर, संध्या अनिल, मिनाक्षी तारे उपस्थित थीं।