‘खाली सिलेंडर-भरा सिलेंडर’ खेलकर बताई गैस की उपयोगिता
- अमलीडीह महिला केंद्र की बैठक में गैस संकट पर चर्चा
रायपुर। वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध के चलते भारत में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बाधित है। ऐसे में महिलाओं के सामने गैस का कम से कम उपयोग और इसके लिए लोगों को जागरूक करना बड़ा काम है। महाराष्ट्र मंडल की अमलीडीह महिला केंद्र की महिलाओं ने अपनी मासिक बैठक में इसी मुद्दे पर चर्चा की और इससे जुड़ा एक रोचक गेम भी खेला।
बैठक का आयोजन केंद्र की वरिष्ठ सदस्य अपर्णा देशमुख के घर पर संपन्न हुआ। बैठक का शुभारंभ हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया। इसके बाद केंद्र के समाजसेवी कार्यों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में विशेष रुप से मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले उपस्थित रहीं। महिलाओं ने इस बीच ‘खाली सिलेंडर-भरा सिलेंडर’ गेम खेला। जिसमें सर्वप्रथम एक पेपर पर गैस सिलेंडर के चित्र बनाए गए। जिसमें एक में खाली और दूसरे में भरा सिलेंडर लिखा था। दोनों सिलेंडर के बगल में पासे के अंक लिखे थे। पहले खाली सिलेंडर में एक-दो और तीन, दूसरे भरे सिलेंडर में चार-पांच और छह। अब प्रतिभागियों को एक मिनट तक पासा फेंकना था। हर बार पासा फेंकने के बाद पासा में जितना नंबर आता है। उसे एक कागज में नोट करते। अंत में एक बाक्स में कागज की दो पर्ची रखी थीं, जिसमें एक में खाली और दूसरे में भरा सिलेंडर लिखा था। प्रतिभागी इसमें से एक पर्ची उठाता। खाली पर्ची उठाने पर खाली सिलेंडर के सामने अंकों को काउंट किया जाता । भरा सिलेंडर वाली पर्ची उठाने पर भरे सिलेंडर के सामने लिखे अंक को काउंट किया जाता। अंत में सभी के नंबर काउंट किए गए।
इस अवसर पर समर सीजन को देखते हुए हरा और पीला रंग का ड्रेस कोड सभी के लिए तय किया गया था। आयोजन में जो लोग हर रंग का कपड़ा पहनकर आए उनका स्वागत तरबूत के साथ और दो पीला पहनकर आए उनका स्वागत खरबूत देकर किया गया। अंत में सभी ने हल्दी-कुंकू लगाकर एक दूसरे को बधाई दी। इस अवसर पर सभी हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इस अवसर पर विशाखा तोपखनेवाले, अपर्णा देशमुख, अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, नीता डुमरे, रेणु सिंह, प्रेरणा मोरे, मेघा जोशी, शोभा सोनाये, प्रीति टोमे, प्रिया काडु, प्रेरणा सप्रे, संध्या फुलझेले और अर्चना धर्माधिकारी उपस्थित थीं।