संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के समर कैंप का समापन बच्चों ने प्रस्तुत किए भजन और गीत
- योग आसनों को किया प्रदर्शन, आर्ट एंड क्राफ्ट से बनाई सुंदर कलाकृति
रायपुर। संत ज्ञानेश्वर इंग्लिस मीडियम स्कूल में आयोजित 10 दिवसीय समर कैंप का समापन सोमवार 27 अप्रैल को हुआ। इस अवसर पर बच्चों ने सुंदर भजन और गीत की प्रस्तुति दी। कैंप के दौरान बच्चों ने कैंप में सीखी योग आसन और आर्ट एंड क्राफ्ट की सुंदर कलाकृति बनाई।

कैंप के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में मंडल के सचिव चेतन दंडवते पहुंचे थे। अध्यक्षता मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने की। विशेष अतिथि के रुप में जगदीश हबलानी, बीना सोमानी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ द्वीप प्रज्वलन तथा माल्यार्पण के साथ हुआ।

बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि दंडवते ने विद्यार्थियों के प्रवीण्य सूची में स्थान बनाने की सराहना करते हुए आने वाले सत्र में अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि समर कैंप में आकर बच्चों की क्रिएटिविटी सामने आती है। बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

उपाध्यक्ष गीता दलाल ने समर कैंप की सराहना करते हुए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी। दलाल ने कहा कि स्कूलों में छुट्टियां लगने के बाद बच्चे घर पर बोर होते हैं, ऐसे में उनके स्क्रीन एडिक्ट होने की चांसेंस बढ़ जाते है। तो ऐसे समर बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने में सहायक होते है। टेली प्रशिक्षक जगदीश हबलानी ने प्राचार्य को धन्यवाद दिया। दोनों विशिष्ट अतिथियों को प्राचार्य महोदय ने स्कूल मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

समापन कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने एक भजन और गीत प्रस्तुत किया। योग आसनों का प्रदर्शन किया, तथा कैंप के दौरान सीखा हुआ नृत्य भी प्रस्तुत किया। एक छोटी सी प्रदर्शनी भी आर्ट एंड क्राफ्ट में बने हुए सामानों की लगाई गई जिसकी सभी अतिथियों के द्वारा सराहना की गई। समर कैंप के समापन समारोह के उपरांत बच्चों को फल और गिफ्ट देकर उत्साहित किया गया। पूरे कैंप के दौरान रोशन सिंह राजपूत में वीडियो बनाएं वह नियमित फोटोग्राफी की टैली क्लासेस के लिए विद्यार्थियों को मोटीवेट किया।

कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य मनीष गोवर्धन उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार, पालक तथा समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। समर कैंप की इंचार्ज अपर्णा आठले ने पूरे कैंप के दौरान हुई सभी गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन आराधना लाल ने किया। भजन व गीत म्यूजिक विवेक सिंह राजपूत, अस्मिता कुसरे तथा वंदना बिसेन में प्रस्तुत किया।
