0- महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक दिवस पर मंचित होने वाले भव्य हिंदी नाटक को लेकर हर स्तर पर तैयारियां जोरशोर से जारी
रायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य पर आधारित हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ के छह जून को होने वाले मंचन की तैयारियां पूरे शबाब पर हैं। महाराष्ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर होने वाले प्रयोग को लेकर लेखक, निर्देशक अभिषेक बक्षी के मार्गदर्शन पर लगभग हर आयुवर्ग के 25 कलाकार प्रतिदिन घंटों रिहर्सल कर रहे हैं। चूंकि नाटक ऐतिहासिक और शौर्य गाथा वाला है और इसके हर एक पात्र का अपना महत्व है, इसलिए शिव शौर्य में काम करने वाला हर एक ऊर्जावान रंगसाधक अपनी भूमिका में जान डालने का हरसंभव प्रयास कर रहा है।
अभी हाल ही में पुणे स्थित ‘शिव सृष्टि’ का भ्रमण करके लौटे अभिषेक बक्षी कहते हैं कि वहां जाने के बाद बहुत सी जानकारियां जुटाने का अवसर मिला। इससे हमारे नाटक को भी मजबूती मिलेगी, खासकर संवाद व कास्ट्यूम से लेकर उन्हें अपनी केंद्रीय भूमिका शिवाजी महाराज को मंच पर साकार करने में मदद मिलेगी। रंगमंच की दुनिया में अनिकेत के रूप में तहलका मचा रहे शशि वरवंडकर इस नाटक में अफजल खान की बेहद क्रूर भूमिका में जान डालते हुए दिखाई देंगे। इसके लिए उनकी दमदार भारी आवाज में डायलॉग डिलीवरी नाटक की बड़ी विशेषता होगी। चेतन दंडवते का लंबा रंगमंचीय अनुभव बाजी प्रभु देशपांडे की महत्वपूर्ण भूमिका को साकार करने में सहायक होगा।
आकाशवाणी के प्रसिद्ध उद्घोषक दीपक हटवार नाटक 'शिव शौर्य' के सूत्रधार होंगे। भारती पलसोदकर जिजाऊ माता और कीर्ति हिशीकर शिवाजी महाराज की पत्नी सई बाई की संवेदनशील किरदार में आंखें नम करेंगी। इनके अलावा रविंद्र ठेंगड़ी, विनोद राखुंडे, पवन ओगले, अभय भागवतकर, पंकज सराफ़, पराग दलाल, दीप्तांशु शर्मा, अक्षदा मातुरकर, योगेश दंडवते, यशस्वी दंडवते, अनुष्का टेम्बे, प्रार्थना दंडवते, अतुल गद्रे, हेमंत मोहिते, गणशा जाधव पाटिल, ज्योतिर्मय भोसले, रवि किरण दशपुत्रे।
शिव शौर्य के पार्श्व संगीत के लिए परितोष डोनगांवकर, अजय पोतदार के साथ स्वयं अभिषेक काफी मेहनत कर रहे हैं। इसी तरह तमाम पात्रों की वेशभूषा को लेकर काफी रिसर्च कर चीजे फाइनलाइज की जा रही हैं। प्रकाश व्यवस्था और साउंड सिस्टम को लेकर भी अति विशिष्ट और भव्य नाटक 'शिव शौर्य' के स्तर पर मैनेज किया जा रहा है। बताते चलें कि शनिवार, छह जून को शाम 06:30 बजे मंचित किए जाने वाले इस नाटक को देखने के लिए शिवाजी महाराज राज्याभिषेक दिवस समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका के अलावा अनेक जनप्रतिनिधि और रंगप्रेमी दर्शक विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।