बाल संस्कार शिविर में बच्चों के खेल में नजर आया आध्यात्म
- राधा-कृष्ण और त्रिदेव के खेल को लेकर सभी में दिखा उत्साह
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में 1 मई से 30 मई तक चले बाल संस्कार शिविर के अंतिम दिन बच्चों ने आध्यात्म से जुड़े ऐसे खेल खेले कि सभी खेलों में सनातन धर्म का गुणगान हुआ। बच्चों ने खेल को नाम दिया ‘आकाश-धरती और पाताल’, राधा-कृष्ण और त्रिदेव। वहीं बच्चों ने रामायण के पात्रों पर आध्यात्म अंताक्षरी भी खेली।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि 1 मई से शुरु हुए बाल संस्कार शिविर की क्लासेस आनलाइन और आफलाइन दोनों मोड में संचालित की गई। सोमवार से गुरुवार तक आनलाइन क्लासेस और शुक्रवार-शनिवार को आफलाइन क्लासेस संचालित की गई। शनिवार 30 मई को क्लास के अंतिम दिन बच्चों को फ्री हैंड दिया गया था, क्योंकि आज अंतिम दिन बच्चों ने डिसाइड किया कि उन्हें आज शिविर में क्या करना है। बच्चों ने इस दौरान कई रोचक खेल खेले और इन खेलों को नाम भी खुद ही दिया। ‘आकाश-धरती और पाताल’, राधा-कृष्ण और त्रिदेव जैसे नाम दिए।

आस्था काले ने आगे बताया कि शनिवार 30 मई को शिविर का शुभारंभ मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन और संध्या खंगन ने बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत के साथ किया। वहीं सब बच्चों ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया।
आध्यात्मिक समिति की संध्या खंगन ने बताया कि बच्चों ने ‘आकाश-धरती और पाताल’ गेम खेला। जिसमें बच्चों ने इस खेल के साथ योग एक्टिविटी की। शिविर में आई साक्षी टोले बच्चों धरती, आकाश और पाताल बोलती, फिर बच्चे आकाश बोलने पर अपने हाथ ऊपर, पाताल बोलने पर हाथ जमीन पर और धरती बोलने पर कमर में रखते थे। जो क्रम तोड़ देता वह गेम से बाहर हो जाता। इसी तरह राधा-कृष्ण और त्रिदेव वाले खेल में राधा कृष्ण बोलने पर दो बच्चों को जोड़ी बनाना होता, और त्रिदेव बोलने पर तीन बच्चों को। जो नहीं बना पाता वह खेल से बाहर होता गया।

संध्या खंगन ने आगे बताया कि बच्चों ने रामायण के पात्र के नाम पर अंताक्षरी भी खेली। लेकिन नियम थोड़े अलग थे, बच्चों को क्रमशः रामायण के एक पात्र का नाम लेना था, रिपीट करने पर गेम से बाहर। इस तरह बच्चों ने रामायण के कई पात्रों के नाम लिए। जिसे देखकर यह लगा कि बच्चों को रामायण के काफी पात्रों के नाम याद है। वहीं बकरी और शेर के खेल को भी बच्चों ने खूब एजाय किया। अंत में बच्चों को महाराष्ट्र मंडल की ओर से सैंडविच और पना पिलाया गया। आज के शिविर में संध्या खंगन, आस्था काले, अक्षता पंडित और साक्षी टोले उपस्थित थीं।