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70 साल के ‘साइंटिस्ट किसान’ ने बनाया अनोखा बायोगैस प्लांट, गैस-बिजली फ्री में चला रहे घर की हर चीज़!

भरतपुर (राजस्थान)। Scientist Farmer: जहां रसोई गैस और बिजली की कीमतें सातवें आसमान पर हैं, वहीं राजस्थान के एक बुजुर्ग किसान ने ऐसा जुगाड़ लगाया है जो पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। भरतपुर जिले के बाबन गांव के 70 वर्षीय किसान ठाकुर गोपाल सिंह ने बायोगैस से अपनी जिंदगी को रोशन कर दिया है। लोग उन्हें अब प्यार से ‘बायोगैस वाले बाबा’ या ‘साइंटिस्ट किसान’ कहकर बुला रहे हैं।

गाय के गोबर और कचरे से बनाई अनोखी गैस
गोपाल सिंह ने अपने घर में गाय के गोबर, सड़ी हुई सब्ज़ियों, मानव अपशिष्ट और अन्य ऑर्गेनिक वेस्ट से एक बायोगैस प्लांट तैयार किया है।
इससे निकलने वाली गैस न सिर्फ उनके घर की रसोई में उपयोग होती है बल्कि घर की ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक चीजें भी इसी से चल रही हैं।
इससे वे पूरी तरह से बिजली और एलपीजी के खर्च से मुक्त हो चुके हैं।

सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने प्लांट का प्रदर्शन कर रहे हैं।
लाखों लोग वीडियो को शेयर कर चुके हैं और किसान के इस देसी इनोवेशन की जमकर सराहना कर रहे हैं।
कई लोग कह रहे हैं — “अगर हर गांव में ऐसे प्लांट लग जाएं तो देश की आधी ऊर्जा समस्या खत्म हो जाएगी।”

किताब से आया प्रेरणा का विचार
गोपाल सिंह ने बताया कि साल 1980 में उन्होंने एक किताब पढ़ी थी, जिसने उनका नजरिया बदल दिया।
उन्होंने कहा — “मैंने उस किताब को करीब 20 बार पढ़ा। उसके बाद सोचा कि क्यों न गाय के गोबर से गैस बनाई जाए, जो सस्ती भी हो और स्वच्छ भी।”
आज वही प्रयोग उन्हें ‘इन्वेंशन किसान’ के रूप में पहचान दिला रहा है।

25 बीघा जमीन पर खेती करने वाले गोपाल सिंह ज्वार, बाजरा, गेहूं, दलहन, तिलहन और सरसों जैसी फसलें उगाते हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने खेत में नींबू का बाग भी लगाया है। खेती और पर्यावरण के मेल से वे अब गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। 
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