उत्तराखंड में लागू होगी देवभूमि परिवार योजना, आपदा सहायता राशि और संविदा कर्मियों समेत कैबिनेट के 12 बड़े फैसले, पढ़ें विस्तार से….
2025-11-13 10:25 AM
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देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के हर परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से देवभूमि परिवार योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 12 प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई।
सचिव शैलेष बगौली ने बताया कि इस योजना के तहत ग्राम पंचायतों के परिवार रजिस्टर में दर्ज परिवारों की एक विशिष्ट पहचान आईडी (Family ID) बनाई जाएगी। इस पहचान संख्या के माध्यम से प्रत्येक परिवार को राज्य सरकार की सभी योजनाओं की जानकारी एक क्लिक में मिल सकेगी और वे उन योजनाओं का लाभ ले सकेंगे जिनके लिए वे पात्र हैं।
आपदा सहायता राशि बढ़ाई गई
कैबिनेट ने आपदा में मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि को चार लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का फैसला लिया है। वहीं, आपदा में मकान क्षतिग्रस्त होने पर पक्के मकानों के लिए पांच लाख और कच्चे मकानों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा व्यावसायिक भवनों को नुकसान होने पर केस-टू-केस आधार पर मदद की जाएगी।
संविदा और तदर्थ कर्मियों को मिलेगी नियमितीकरण की राहत
राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा, तदर्थ, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालिक कर्मचारियों, जिन्होंने वर्ष 2018 में 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, को नियमित करने का निर्णय लिया है। भविष्य में कट ऑफ डेट तय करने के लिए मंत्रिमंडल की समिति बनाई जाएगी।
उपनल कर्मियों के लिए बनेगी उपसमिति
कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता देने के लिए एक मंत्रिमंडल उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति उपनल कर्मचारियों के साथ संवाद कर दो माह के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
शहरी विकास निदेशालय में बनेगी पीएमयू यूनिट
15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत शहरी निकायों में लोक स्वास्थ्य नीतियों के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए शहरी विकास निदेशालय में परियोजना प्रबंधन यूनिट (PMU) का गठन किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ चिकित्साधिकारी, वित्त नियंत्रक, एमआईएस एक्सपर्ट और सहायक लेखाकार के पद सृजित किए जाएंगे।
कैबिनेट में अन्य प्रमुख निर्णय
उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली 2025 में संशोधन, अब बीड सिक्योरिटी के रूप में इंश्योरेंस सिक्योरिटी बांड भी स्वीकार होगा।
राजकोषीय नियोजन एवं संसाधन निदेशालय में आउटसोर्स वाहन चालक का एक अतिरिक्त पद सृजित।