जिंदगी के सफर में शतक लगाने से चूके... देश के सबसे उम्रदराज अरबपति... कारोबारी जगत में शोक की लहर
The industrial world has lost one of the tallest personalities today. Shri Keshub Mahindra had no match; the nicest person I had the privilege of knowing. I always looked forward to mtgs with him and inspired by how he connected business, economics and social matters. Om Shanti.
— Pawan K Goenka (@GoenkaPk) April 12, 2023
केशब महिंद्रा (Keshub Mahindra Death) ने पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद साल 1947 में ही महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) के साथ जुड़ गए। इसके बाद साल 1963 में वह इस ग्रुप के चेयरमैन बन गए। उनके नेतृत्व में महिंद्रा ग्रुप ने नई ऊंचाईयों को छुआ और फिर साल 2012 में 48 सालों की सेवा के बाद उन्होंने महिंद्रा चेयरमैन के पद को अपने भतीजे आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) को सौंप दिया। इसके साथ ही उन्होंने टाटा स्टील, सेल, टाटा केमिकल्स, इंडियन होटल्स जैसे कई कंपनियों में बोर्ड के स्तर पर भी काम किया।