वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत प्रणाली: गंगा जलमार्गों को नई गति देने वाला बजट 2026 का ऐतिहासिक कदम
2026-02-02 11:03 AM
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वाराणसी| बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है, जिसने अंतर्देशीय जलमार्गों के भविष्य को नई ऊर्जा दी है। वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत प्रणाली स्थापित करने की योजना न केवल परिवहन क्षेत्र को सशक्त करेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी नई गति प्रदान करेगी।
बजट में जलमार्गों पर विशेष ध्यान
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि सरकार जलमार्गों के विकास को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहरों में आधुनिक जहाज मरम्मत प्रणाली स्थापित की जाएगी। यह कदम जल परिवहन की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती देगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा
इस परियोजना से स्थानीय समुदायों को सीधा लाभ मिलेगा। जहाज मरम्मत की सुविधाएँ उपलब्ध होने से वाराणसी और पटना में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। गंगा आधारित उद्योगों को भी इससे प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में कदम
वित्त मंत्री ने कहा कि यह योजना जलमार्गों के माध्यम से माल और यात्रियों के परिवहन को सुगम बनाएगी। साथ ही, यह पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प को भी बढ़ावा देगी। सड़क और रेल परिवहन पर दबाव कम होगा और गंगा में यातायात को नई गति मिलेगी।
वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था
सरकार ने इस परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि जलमार्गों के विकास के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अन्य योजनाओं का उल्लेख
वित्त मंत्री ने जलमार्गों के विकास के लिए अन्य योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है। इससे न केवल व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, बल्कि यह देश की आर्थिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगा।वाराणसी में तैयारियाँ और संभावनाएँ
अभी तक जहाज मरम्मत की सुविधा केवल समुद्र तटीय क्षेत्रों में उपलब्ध थी। लेकिन अब यह सुविधा गंगा किनारे वाराणसी और पटना में संभव होगी। वाराणसी में इसके लिए पूर्व से ही तैयारियाँ चल रही हैं। इससे गंगा आधारित रोजगार और आर्थिकी को नई दिशा मिलेगी।
वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत प्रणाली की स्थापना अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। यह परियोजना न केवल जल परिवहन को सशक्त बनाएगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। बजट 2026-27 की यह घोषणा जल परिवहन के क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगाती है और यह स्पष्ट करती है कि सरकार जलमार्गों के विकास को लेकर ठोस संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।