शिवाजी, अहिल्या बाई, सावरकर को पाठ्यक्रम में शामिल करने डॉ. रमन ने की पहल, आभार: काले
0- विधानसभाध्यक्ष आवास में सावरकर जीवनी पुस्तक विमोचन किया डॉ. रमन सिंह ने*
शंकर नगर स्थित विधानसभाध्यक्ष आवास पर वीर सावरकर की जीवनी पर लिखी पुस्तक का विमोचन स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सावरकर को समझना है, तो ज़िन्दगी में एक बार अंडमान में जरूर जाएं और अपने जीवन को धन्य करें। आजकल के नेता दो माह जेल में रहते हैं और 15 माह न्यूज में रहते हैं। वहीं सावरकर जैसे देशभक्त आज भी राष्ट्र प्रेम की ज्योत जगा रहे हैं।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि स्वातंत्र्य वीर सावरकर ने राष्ट्र प्रेम समाज जागरूकता के लिए राजनीति में सुधार के लिए 1904 में अभिनव भारत की स्थापना की थी। उन्होंने इसके माध्यम से युवाओं में राष्ट्र प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन की अलख जगाई थी। वर्तमान में भी भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए युवाओं के साथ विनायक दामोदर सावरकर के विचारों को प्रसारित करने के लिए 'अभिनव भारत' स्थापित करना चाहिए इसलिए 15 फरवरी को महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित महापौर व पार्षदों के सम्मान समारोह में हमने मंच पर डॉ. रमन के समक्ष महापौर मीनल चौबे से रायपुर के व्यस्ततम क्षेत्र वाले चौराहे पर वीर सावरकर की प्रतिमा लगाने की मांग कर चुके हैं। हमें उम्मीद है कि नगर निगम हमारी मांग के अनुरूप वीर सावरकर की प्रतिमा लगाने के लिए यथोचित स्थान चयनित कर आगे की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाएगा।
काले ने समारोह में फिर दोहराया कि तीनों विभूतियां छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमाता अहिल्या बाई और वीर सावरकर आज भी प्रासंगिक हैं। इससे हमारी भावी पीढ़ी और युवाओं को काफी कुछ सीखने मिलेगा। मानववाद सोच से ओतप्रोत इनके जीवन हमारे लिए प्रेरक व अनुकरणीय हैं। इस मौके पर वीर सावरकर की जीवनी पर पुस्तक लिखने वाले और अपना पूरा जीवन विनायक दामोदर सावरकर की विचारधारा को प्रचारित करने के लिए लेखक अजय व संजय सिन्हा बिहार के पुस्तक लेखन की काले ने जमकर प्रशंसा की।
कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, सांसद चिंतामणी महाराज, गीता दलाल, मालती मिश्रा, निरजंन पंडित, विशाखा तोफखानेवाले, सुबोध टोले, स्वयंसेवक संघ से संजय दुबे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।











