दिव्य महाराष्ट्र मंडल
महाराष्ट्र मंडल में गीता जयंती पर पाठ के साथ प्रेरक उद्बोधन 30 नवंबर को
- दिव्यांग बालिका विकास गृह समता कालोनी में होगा आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति और संस्कृत भारती रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 30 नवंबर को गीता जयंती के अवसर पर गीता के 12वें और 15वें अध्याय के पाठ के साथ वक्ताओं का प्रेरक उद्बोधन होगा। कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित दिव्यांग बालिका विकास गृह समता कालोनी में शाम 4 बजे से किया जाएगा।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय रायपुर के असिस्टेंड डायरेक्टर डॉ सुनील दास होंगे। मुख्य वक्ता के रुप में शासकीय संस्कृत महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ वैभव वसन्त कान्हे और महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद चारूशीला देव उपस्थित रहेंगीं। कार्यक्रम में संस्कृत भारती समिति के अध्यक्ष व इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति डॉ सतेन्द्र सिंह सेंगर और महाराष्ट्र मंडल महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले विशेष रुप से उपस्थित रहेंगे।
आस्था काले ने आगे बताया कि गीता जयंती के इस आयोजन को लेकर आध्यात्मिक समिति की ओर से प्रतिदिन आनलाइन मोड पर गीता के दोनों अध्याय का नियमित अभ्यास जारी है। जिसमें प्रतिदिन लोग उत्साह के साथ पाठ का अभ्यास कर रहे है।
मंडल का एक-एक सदस्य जमा कराएगा 50-50 एसआईआर फार्म... आपुलकी योजना को मूर्तरूप देने की रूपरेखा हुई तैयार
- कार्यकारिणी की बैठक में एसआईआर फार्म को लेकर चर्चा
- पिछले कार्यक्रमों की सफलता के लिए अध्यक्ष ने दी सभी को शुभकामनाएं
- खेल समिति द्वारा दिसंबर में होगा खेलकूद स्पर्धा का आयोजन
रायपुर। अपने सामाजिक दायित्यों का निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र मंडल अब एसआईआर फार्म भरने में लोगों की मदद करने के लिए आगे आ गया है। मंडल के पदाधिकारियों ने अपना-अपना फार्म जमा कर लिया है। अब मंडल के सदस्य अपने आसपास के कम से कम 50 फार्म जमा करने में लोगों की मदद करने का संकल्प ले चुके है। गुरुवार को दिव्यांग बालिका विकास गृह परिसर में हुई बैठक में मंडल की कार्यकारिणी ने इस बात पर चर्चा की।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि बीते दिनों रायपुर कलेक्टर से चर्चा के दौरान उन्होंने मंडल के सदस्यों से अपेक्षा कि है कि हम एसआईआर फार्म भरने में लोगों की मदद करें और उन्हें जागरूक करें। ताकि निर्धारित समय तक कार्य पूरा किया जा सके। मंडल के सहसचिव सुकृत गनोदवाले ने बैठक में बताया कि अब तक उन्होंने 850 से अधिक लोगों को फार्म भरकर संबंधित बीएलओ के पास जमा करवा दिया है। उनका यह कार्य निरंतर जारी है। अध्यक्ष अजय काले ने अन्य सदस्यों और पदाधिकारियों से इसी जज्बे को अपनाने की बात कहीं।

बैठक को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बीते तीन महीनों में मंडल हुए कार्यक्रमों की सफलता के लिए सभी पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव, भागवत कथा, महाराष्ट्र मंडल के 90 वर्ष पूर्व होने पर स्थापना दिवस समारोह, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस, दशहरा, दीवाली की सफलता का श्रेय पदाधिकारियों को दिया।
महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने कहा कि दिव्यांग बालिका विकास गृह में मंडल द्वारा आपुलकी योजना शुरू किया जाना है। अब हमारा भवन बनकर तैयार हो गया है। जिसके क्रियान्वयन में सभी पदाधिकारियों की सहभागिता अनिवार्य है। ताकि अन्य योजनाओं की तरह हमारी यह योजना भी सफल हो।
महाराष्ट्र मंडल की सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने कहा कि दिव्यांग बालिका विकास गृह में आपुलकी योजना और सखी निवास में पालना घर इन दोनों योजनाओं को साकार करने का समय आ गया हैं क्योंकि दोनों के लिए हमारा इफ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार है। उन्होंने आगामी माह में एक दिन मंडल में विशेष कार्यक्रम रखने की बात कहीं, जिसमें सभी पदाधिकारी और समिति प्रमुख शामिल होंगे। जिसमें मंडल के आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा और बीच चुके कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। ताकि उसमें और सुधार किया जा सके।
मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने कहा कि दिसंबर के समय मंडल की खेलकूद समिति की ओर से खेलकूद स्पर्धा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें महिला और पुरूष दोनों वर्ग के लिए क्रिकेट कराया जाएगा। क्रिकेट का आयोजन मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय प्रांगण में होगा। जल्द की इसकी रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी। बैठक में कार्यकारिणी सदस्य मालती मिश्रा, परिषोत डोनगांवकर, आचार्य रंजन मोड़क, हेमंत मार्डीकर, ओपी कटारिया, अरविंद जोशी, सचिंद्र देशमुख, अपर्णा देशमुख, डा. शुचिता देशमुख, प्रवीण क्षीरसागर, अभय भागवतकर और मंडल सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी मौजूद थे।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल में बच्चों ने बताया अंगदान का महत्व
बच्चों ने दिया संदेश.. मां अन्नपूर्णा का करें सम्मान
रायपुर। शादियों का सीजन शुरू हो गया है, ऐसे में हम सब अपने रिश्तेदारों और परिचितों की शादी में अवश्य जाते है। पार्टियों में खूब खाते है। वहां हम देखते है कि बड़ी संख्या में लोग खाना वेस्ट भी करते है। कई बार ऐसे आयोजनों में बच्चों की सीख बड़ों को संस्कार दे जाती है। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी मार्निंग असेंबली में सभी को इस बात का संदेश दिया कि वे मां अन्नपूर्णा का सम्मान करें और थाली में खाना वेस्ट न करें।
ब्लू हाउस इंचार्ज स्नेहा महाजन के नेतृत्व में बच्चों ने "खाने और पानी की बचत कैसे करें?" थीम पर असेंबली कंडक्ट किया। असेंबली कंडक्शन आस्था चतुर्वेदी, विचार प्रियल ठवकर, प्लेज -ब.प्रेमा ने किया। स्नेहा महाजन ने खाने और पानी की बचत कैसे करें, इस पर कुछ उपाय बताए। मैडम ने बताया कि जितनी भूख हो उतना ही खाना प्लेट में ले और हाथ धोते वक्त नल चालू न रखे। बच्चों ने तख्ती में स्लोलन लिखकर कार्यक्रम को और रोचक कर दिया।
गीता जयंती पर होने वाले पाठ का नियमित अभ्यास जारी
ब्लू हाउस ने सेलिब्रेट किया वर्ल्ड हेरिटेज डे
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मंगलवार, 25 नवंबर को ब्लू हाउस के द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज डे सेलिब्रेट किया गया। जिसके अंतर्गत बच्चों ने सभी राज्यों की वेशभूषा पहनकर उसे राज्य की भाषा में अभिवादन किया।
आज की पूरी असेंबली वर्ल्ड हेरिटेज डे को समर्पित थी। ब्लू हाउस इंचार्ज वर्षा मैडम वह प्रतीक्षा मैडम के निर्देशन में वर्षा परीदा पूर्वी साहू व पूर्वी साहू ने आज की मिली जुली असेंबली कंडक्शन किया। समृद्धि मिश्रा ने आज का विचार प्रस्तुत किया तथा 11वीं के छात्र गगन ने वर्ल्ड हेरिटेज डे के ऊपर स्पीच प्रस्तुत किया।
एसआईआर अभियान में महाराष्ट्र मंडल निभाएगा सहभागिता
एयर पॉल्यूशन और फ्लोइजी का वर्किंग मॉडल बना संत ज्ञानेश्वर के बच्चों ने जीता बेस्ट क्राफ्टमेनशिप अवार्ड
रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय में बीते दिनों आयोजित साइंस वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता 4.0 में एयर पॉल्यूशन और फ्लोइजी का वर्किंग मॉडल बनाकर महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय बेस्ट क्राफ्ट मेनशिप अवार्ड अपने नाम कर लिया बतादें कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझते हुए कार्यात्मक मॉडल तैयार करने और प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करना था। प्रतियोगिता में प्रस्तुत मॉडल वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों, नवाचारी सोच और वर्तमान चुनौतियों के रचनात्मक समाधानों पर आधारित थे। विभिन्न विभागों के छात्र पर्यावरण, सतत विकास, कृषि, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, सामुदायिक कल्याण और सामाजिक विकास जैसे विविध विषयों पर अपने मॉडल प्रदर्शित किया।
स्कूल की शिक्षिका रीता संभलकर ने बताया कि कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा साइंस वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता 4.0 का आयोजन बीते दिनों किया गया था। जिसमें हमारे विद्यालय की दो टीम ने हिस्सा लिया था। पहली टीम में दीपिका अग्रवाल और प्रियंका सोनवानी शामिल थीं। इन्होंने अपने मॉडल एयर पॉल्यूशन पर प्रस्तुत किया।
दूसरी टीम में गौरांश साहू, पूर्वी साहू और वर्षा परीडा शामिल थे। इन्होंने अपने नवाचारी मॉडल फ्लोइजी को प्रस्तुत किया। इस मॉडल ने प्रतियोगिता में बेस्ट क्राफ्ट मेनशिप अवार्ड जीता। इस टीम को 5000 रुपये की नकद राशि और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति ने FlowEase मॉडल की विशेष सराहना की और घोषणा की कि उनकी टीम हमारे विद्यार्थियों की इस मॉडल का पेटेंट दर्ज कराने में सहायता करेंगे। बच्चों को स्कूल की शिक्षिक नीदा सुल्तान लेकर गई थी।
पासा फेंककर अपने लेफ्ट राइट वालों को किया आउट... स्मिता और वृंदा बनीं विजेता
- "राम आयेंगे" गीत पर श्वेता डबली ने पेश किया सुंदर नृत्य
- मंडल के आगामी सेवाभावी कार्यों की चर्चा कर बनी कार्ययोजना
रायपुर। अपनी भागमभाग जिंदगी में खुद के मनोरंजन का कोई भी मौका महिलाएं बिल्कुल भी मिस नहीं करती है। महाराष्ट्र मंडल की शंकर नगर महिला केंद्र की महिलाएं भी उसे लेकर बिल्कुल भी पीछे नहीं रहती। अपनी मासिक बैठक में केंद्र की महिलाओं ने रोचक खेल के साथ खूब एजांय किया वहीं केंद्र की आगामी सेवाभावी कार्यों पर खुलकर चर्चा की। "राम आयेंगे" गीत पर श्वेता डबली ने सुंदर नृत्य पेश कर आयोजन को भक्तिमय कर दिया।

केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत ने बताया कि शंकर नगर स्थित बालवाचनालय में मासिक बैठक का आयोजन किया गया। आयोजन में आए सभी सदस्यों का स्वागत हल्दी-कुंकू लगाकर किया गया। सभी ने फूलझड़ी जलाकर सेलिब्रेट किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वल के पश्चात गणेश स्तोत्र, सरस्वती वंदना, लक्ष्मी अष्टक और हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया।
संयोजिका ने बताया कि इस अवसर पर केंद्र की सदस्य श्वेता डबली ने "राम आयेंगे" गीत पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत आयोजन को भक्तिरस में डूबो दिया। वहीं शुभदा गिजरे और स्वाती जोशी ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। मेधा कोतवालीवाले ने बहुत सुंदर कविता सुनाई। कार्यक्रम का संचालन स्वाती कोरान्ने ने किया।
मधुरा भागवत ने आगे बताया कि इस दौरान केंद्र के सदस्यों ने रोचक खेल खेला। जिसमें सभी गोलाकार में बैठ गए। कार्यक्रम की शुरूआत में एक सदस्य ने पासा फेंका और फिर एक चिट निकाली। जिसमें लेफ्ट और राइट लिखा था। पासे में आए नंबर के अनुसार लेफ्ट और राइट के अनुसार एक एक सदस्य को गेम से बाहर किया गया। अंत में बचे स्मिता कोमजवार और वृंदा वोडितेलवार विजयी घोषित किया गया।

कार्यक्रम में मधुरा भागवत, आयुषी विठाळकर, स्मिता कोमजवार, ज्योती अंदनकर, सुरेखा पाटील, शुभदा गिजरे, सुजाता देशपांडे, मेधा कोतवालीवाले, श्वेता डबली, स्वाती जोशी, स्वाती कोरान्ने, योगिनी वरेटवार, सुनिता वंजारी, निर्मला पिंपळे, अर्चना दशपुत्रे, प्रतिमा ठाकुर, अर्चना भांडारकर, कविता लांजेवार, लीना मुजुमदार, सपना काडू, तोशिका भुजबळ, वैशाली निमजे, वर्षा उरकुरकर, रैना पुराणिक, वनिता चिदांबरे, मनीषा भांडारकर, श्रुती पाठक, वृंदा वोडितेलवार, जया कावडकर, मंजुषा कावडकर, जया कोटस्थाने, नीता पटवर्धन, शिल्पा पत्की, मनीषा चौखंडे उपस्थित रहीं।
महाराष्ट्र मंडल की छह महिला केंद्रों में हुआ हनुमान चालीसा पाठ




महाराष्ट्र मंडल रायपुर ने बिलासपुर मंडल को भेंट किया पांच मेडिकल बेड
मराठी नाटक केस-नंबर 99 में योजना, रहस्य और मनोरंजन का समावेश
आगामी समाजसेवी कार्यों की रूपरेखा बनाई चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने
रायपुर। अपने समाजसेवी कार्यों के चलते राजधानी सहित पूरे प्रदेश में अपना नाम स्थापित कर चुकी महाराष्ट्र मंडल रायपुर की चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने आगामी समाजसेवी कार्यों की रूपरेखा तैयार की। केंद्र की महिलाओं ने शनिवार, 22 नवंबर को महाराष्ट्र मंडल में इस संबंध में बैठक का आयोजन किया।
केंद्र की वरिष्ठ सदस्या अपर्णा काळेले ने बताया कि बैठक का आयोजन शनिवार के दिन होने के कारण आयोजन की शुरूआत हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र पाठ के साथ किया गया। इस अवसर पर आगामी सेवाभावी कार्यों की चर्चा की गई। काळेले ने बताया कि आगामी 30 नवंबर को आध्यात्मिक समिति की ओर से गीता जयंती का आयोजन किया जा रहा है। इसमें केंद्र की महिलाएं अधिक से अधिक संख्या में अपनी सहभागिता देंगे।
केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि आज हुई बैठक में सभी महिलाओं के मनोरंजन के लिए हाउजी का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर रोहिणी नेने, मनीष वरवंडकर, सेजल शाह, सुनंदा बेंद्रे, पल्लवी मुकादम, अनुपमा बोधनकर, अल्का मराठे, अवंती अग्निहोत्री, प्राची डोनगांवकर और स्वाती डबली मौजद थीं।
संचार क्रांति में टीवी की भूमिका अतुलनीयः प्राचार्य
- संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मनाया गया विश्व टेलीविजन दिवस
रायपुर। संचार क्रांति का आधार टेलीविजन को कहा जाता है। क्योंकि इसके आने के बाद मनोरंजन और सूचनाओं के प्रसार में तेजी आई। ब्लैक-एंड-व्हाइट से लेकर रंगीन, केबल और डिजिटल स्ट्रीमिंग तक, टीवी ने एक साझा सांस्कृतिक अनुभव बनाया है, जनमत को आकार दिया है और दुनिया भर की घटनाओं को लोगों तक पहुंचाया है। आज डिजिटल युग में भी यह अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए है। उक्ताशय के विचार संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने शुक्रवार 21 नवंबर की असेंबली में गया विश्व टेलीविजन दिवस के अवसर पर कहीं।
शुक्रवार, 21 नवंबर को येलो हाउस की टीम ने असेंबली कंडक्टकी। हाउस कार्डिनेटर अस्मिता कुसरे और असेंबली इंचार्ज रेणुका शुक्ला ने बच्चों को बताया कि टेलीविजन में आज भी कई कार्यक्रम ऐसे आते है जिन्हें छोटे बच्चों को देखना चाहिए। जैसे जंगल बुक, ब्रेनचाइल्ड, मालगुड़ी डेज, डोरा, द एक्सप्लोरर, डा. बिनोक्स शो, स्टोरीबॉट्स से पूछें, छोटे आइंस्टीन शिक्षाप्रद कार्यक्रम है।
प्रथम बालेश्वर ने बच्चों के सामने टेलिविजन डे पर एक स्पीच दी। लव पाठक ने बच्चों को सुविचार कि चार लाइन बोलकर बच्चों को शिक्षा का महत्व बताते हुए और उसे हम टेलीविजन से कैसे ग्रहण कर सकते हैं इस बारे में बताया। पावना, सुहानी, शिवम ने असेंबली में सहभागिता दी।
शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि हाई और हायर सेंकडरी के बच्चों द्वारा भी वर्ल्ड टेलिविजन डे सेलिब्रेट किया गया। हाउस इंचार्ज वंदना बिसेन और आशा जैन के मार्गदर्शन में बच्चों ने असेंबली तैयार की। वर्ल्ड टेलीविजन डे पर स्पीच दिव्या पांडे ने दिया। दिया गोस्वामी तथा शिवानी गोस्वामी ने बच्चों से टेलीविजन आधारित प्रश्न पूछे, जिसका बच्चों ने उत्साह के साथ उत्तर दिया।
गीता जयंती पर गीता के भक्ति और पुरुषोत्तम योग का पाठ
- महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति आनलाइन मोड कर रही प्रतिदिन अभ्यास
- मोक्षदा एकादशी पर गीता का सामूहिक पाठ 30 नवंबर को
रायपुर। अपनी सनातन संस्कृति को संजोकर चली रही महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति मोक्षदा एकदाशी यानी गीता जयंती के उपलक्ष्य पर गीता के भक्ति योग और पुरुषोत्तम योग का पाठ करने जा रही है। छत्तीसगढ़ की संस्कृत भारती की टीम भी विशेष रुप से आयोजन में शामिल होंगी। पाठ का आयोजन 30 नवंबर को महाराष्ट्र मंडल भवन में शाम 4 से 6 बजे तक किया जाएगा। आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल द्वारा हर वर्ष गीता जयंती मनाई जाती है।
आध्यात्मिक समिति की प्रमुख सृष्टि दंडवते ने बताया कि आध्यात्मिक समिति की ओर से अभी गीता के 12वें और 15वें अध्याय का नियमित अभ्यास आनलाइन मोड पर किया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हो रहे है। सृष्टि ने आगे कहा कि भगवद गीता के अध्याय 12 (भक्ति योग) में भगवान कृष्ण बताते हैं कि वे ऐसे भक्तों को अत्यंत प्रिय हैं जो किसी को दुख नहीं देते, जो स्वयं दुख से मुक्त हैं, और जो सुख, दुःख, भय और चिंता से परे हैं। अध्याय 15 (पुरुषोत्तम योग) में श्लोक 12 में कृष्ण बताते हैं कि सूर्य, चंद्रमा और अग्नि में जो तेज है, वह उन्हीं का तेज है, और इन तीनों से ही संसार आलोकित होता है।
कार्तिक माह में गोपाल काला उत्सह मना की कृष्ण की पूजा
रायपुर। कार्तिक का महीना हो और मराठी परिवार में गोपाल काला उत्सव न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। कार्तिक माह में गोपाल काला उत्सव एक धार्मिक उत्सव है जो भगवान कृष्ण की पूजा से जुड़ा है। खासकर उनके बाल स्वरूप 'लड्डू गोपाल' या 'दामोदर' के रूप में। महाराष्ट्र मंडल की डंगनिया महिला केंद्र की महिलाओं ने कार्तिक मास के पावन अवसर पर विगत दिनों गोपाल काला उत्सव मनाया। बाल कृष्ण और राधा बनकर पहुंचे बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे और केंद्र की सभी महिलाओं ने उनके समक्ष रास किया और सुंदर भजनों का गायन किया।

महाराष्ट्र मंडल की सखी निवास प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि गोपाल काला का आयोजन केंद्र की सदस्या श्रद्धा देशमुख के घर पर किया गया। गोपाल काला में हम भगवान कृष्ण की पूजा और उनकी बाल लीलाओं का स्मरण करते है। यह उत्सव भगवान कृष्ण से जुड़े विभिन्न अनुष्ठानों और उनके आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है। गोपाल काला उत्सव में सभी बाल गोपाल की पूजा अर्चना कर दीपक जलाए और सभी उनके समक्ष रास किया। उत्सव में राधा-कृष्ण बने श्रीनिता विशाल बक्षी और साहिता विधान बक्षी ने सभी का दिल जीत लिया।
इस अवसर पर श्रद्धा देशमुख, ज्योति डोळस, नमिता शेष, अनुभा जाउलकर, अंजली काळे, रंजना राजिमवाले, शैला गायधनी, रश्मि डांगे, प्रिया जोगलेकर, रश्मि दलाल, श्रद्धा मरघड़े, सरोजनी पराड़कर, माधुरी इंचुलकर, जया भावे, अर्चना टेंबे, अर्चना कुलकर्णी, श्रृष्टि दंडवते, अनुजा महाड़िक, संध्या विजया भाले, सौम्या इंगले उपस्थित थीं।
महाराष्ट्र मंडल ने शिवाजी की आरती संग मनाई गई रानी लक्ष्मी बाई की जयंती
रायपुर। खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी... बुंलेदे हर बोले के मुंह हमने सुनी कहानी थी.... शुभद्रा कुमारी चौहान की यह कविता सभी ने अपने बचपन में पढ़ी। यह कविता आज भी उतनी ही प्रासंगिक और अंर्तमन में देश प्रेम जागृत करने में सक्षम है। शुभद्रा कुमारी चौहान की यह कविता 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के असाधारण साहस और बहादुरी को दर्शाती है। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने रानी लक्ष्मी बाई की जयंती कार्यक्रम के अवसर पर कहीं। वहीं इससे पूर्व महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति ने माह के प्रत्येक 19 तारीख को होने वाली शिवाजी महाराज की आरती की।
शिवाजी महाराज और रानी लक्ष्मी बाई के रोचक प्रसंगों पर चर्चा करते हुए महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि शिवाजी महाराज और रानी लक्ष्मीबाई में कई समानताएं थीं, जैसे कि दोनों मराठा साम्राज्य से संबंधित थे, अपने राज्य के प्रति गहरी निष्ठा रखते थे और युद्ध और नेतृत्व कौशल में कुशल थे। दोनों ही भारत के महान नायकों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी बहादुरी और कौशल से राष्ट्र के इतिहास में एक विशेष स्थान बनाया है।
इस अवसर पर मंडल के वरिष्ठ सभासद अनिल श्रीराम कालेले ने कहा कि शिवाजी महाराज मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे, जबकि रानी लक्ष्मीबाई बाद के दौर में झांसी पर शासन करने वाली एक मराठी रानी थीं। दोनों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष किया। शिवाजी ने स्वराज्य की स्थापना की और लक्ष्मीबाई ने 'झांसी नहीं दूंगी' कहकर ब्रिटिश साम्राज्यवाद का विरोध किया।
इस अवसर पर युवा समिति के मंडल के वरिष्ठ सदस्य अतुल गद्रे, युवा समिति के प्रमुख विनोद राखुंडे, दिव्य महाराष्ट्र मंडल वेब पोर्टल प्रभारी कुणाल दत्त मिश्रा, कार्यालय सहायक मनीष देसाई प्रमुख रुप से उपस्थित थे।