दिव्य महाराष्ट्र मंडल
‘मैं भी स्वदेशी समर्थक’ अभियान को राजधानी में मिल रहा व्यापक समर्थन
रायपुर। पूरे देश सहित राजधानी रायपुर में चल रहे ‘मैं भी स्वदेशी समर्थक’ अभियान को राजधानी में मिल रहा व्यापक समर्थन मिल रहा है। यह 1 से 20 अगस्त तक चलने वाला राष्ट्रव्यापी डिजिटल जन-जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य लोगों को भारतीय उत्पादों, स्थानीय व्यवसायों, कारीगरों और उद्यमिता को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करना है।
स्वदेशी जागरण मंच की डॉ मंजिरी बक्षी ने बताया कि स्वदेशी केवल वस्तु नहीं, एक विचार है। स्वदेशी केवल खरीदारी नहीं, देश के भविष्य में भागीदारी है। ‘मैं भी स्वदेशी समर्थक’ अभियान का उद्देश्य है कि हम अपने दैनिक जीवन में भारतीय उत्पादों, स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों, किसानों, बुनकरों और भारतीय उद्यमियों को प्राथमिकता दें।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने इस अभियान में सहभागिता दिखाई और मंडल के सदस्यों को इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया। काले ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ दुनिया से कटना नहीं, बल्कि अपनी क्षमता को मजबूत करके दुनिया के सामने आत्मविश्वास से खड़ा होना है।
डॉ मंजिरी बक्षी ने कहा कि जब हम एक भारतीय उत्पाद खरीदते हैं, तो हमारी छोटी-सी खरीदारी भी किसी कारीगर के घर की आय, किसी युवा के रोजगार, किसी छोटे व्यवसाय की प्रगति और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे सकती है। स्वदेशी को बढ़ावा देने से स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन मिलता है। छोटे और कुटीर उद्योग मजबूत होते हैं। भारतीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलता है। आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होती है। देश का आर्थिक आधार सशक्त होता है।
सखी निवास में ध्वजारोहण कर दी गई तिरंगे को सलामी
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सखी निवास सेंटर में 15 अगस्त की सुबह ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी गई। महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल और सखी निवास प्रभारी नमिता शेष ने भारत माता की छायाचित्र पर पूजा अर्चना कर तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के उपरांत सभी ने वंदे मातरम राष्ट्रगान का गायन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सखी निवास में निवासरत बच्चियों और महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी उपस्थित थे।
शंकर नगर बाल वाचनालय में मनाया गय 80वाँ स्वतंत्रता दिवस
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित शंकर नगर बाल वाचनालय में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। ध्वजरोहण समारोह के मुख्य अतिथि शंकर नगर वार्ड के पार्षद
मॉर्निंग वॉक, जिम से कहीं ज्यादा फायदेमंद योग: डॉ. सोलंकी
0- महाराष्ट्र मंडल के सियान गुड़ी में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद बच्चों ने नुक्कड़ नाटकों से बताया गया योग का महत्व
हाईटेक आंगनबाड़ी में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस... नौनिहालों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
रायपुर। टाटीबंध में रायपुर नगर निगम द्वारा निर्मित महतारी सदन में महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित हाईटेक आंगनबाड़ी में शनिवार 15 अगस्त को उत्साह के साथ मंडल सचिव चेतन दंडवते ने ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान के पश्चात पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा।
ध्वजारोहण के उपरांत सचिव दंडवते ने भारतमाता के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया। उपस्थित अभिभावकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए दंडवते ने कहा कि हाईटेक आंगनबाड़ी छोटे बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विधायक राजेश मूणत के मंशा के अनुरुप शुरु किया गया। आज यहां 50 बच्चें आ रहे है। दंडवते ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र निर्माण में युवा पीढ़ी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बच्चों को संस्कारवान, अनुशासित एवं राष्ट्रभक्त नागरिक बनने का संदेश दिया।
संस्था की प्रभारी सुचिता देशमुख ने बताया कि यह आधुनिक आंगनबाड़ी का पहला स्वतंत्रता दिवस उत्सव है। शिक्षिका मेघा पोतदार द्वारा बच्चों को मनमोहक नृत्य का अभ्यास कराया गया था। बच्चों में देश प्रेम और राष्ट्रभक्ति जगाने के लिए छोटी-छोटी प्रस्तुतियां तैयार कराई गई थी।
इस अवसर पर मंडल के कार्यकारिणी सदस्य परितोष डोनगांवकर, सह-सचिव अजय पोतदार, आंगनबाड़ी प्रभारी डॉ. शुचिता देशमुख, मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम समिति के प्रमुख गणेशा जाधव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय पदाधिकारी धर्मवीर सिंह, विभूति भूषण पांडे, आशुतोष दुबे, जितेंद्र शर्मा, संतोष गुप्ता एवं धीरेन्द्र मिश्रा सहित अन्य स्वयंसेवक एवं पदाधिकारी, आंगनबाड़ी की शिक्षिकाएं भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुचिता देशमुख और आभार प्रदर्शन सह-सचिव अजय पोतदार ने किया।
महाऱाष्ट्र मंडल परिसर में मंडल अध्यक्ष ने किया ध्वजारोहण
रायपुर। चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल मुख्यालय में मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले और कार्यकारिणी सदस्य दीपक किरवईवाले ने ध्वजारोहण किया।
अपने संक्षिप्त उद्बोधन में मंडल अध्यक्ष ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में उस समय के युवाओं का बड़ा योगदान था। जिन्होंने समाज के हित के लिए आजादी की लड़ाई में सहभागिता निभाई। आज हमें अपने जीवन का कुछ समय निकालकर समाज को समर्पित करना होगा। क्योंकि समाज अच्छा होगा तो उससे सबंधित और उसके ईर्द-गिर्द सभी चीजें अच्छी होगी।
दीपक किरवईवाले ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का यह पावन पर्व मां भारती की वंदना का दिन है। आज हम भारत माता के उन सभी महान सपूतों को नमन कर रहे हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज का दिन देश की एकता, अखंडता की गौरवशाली यात्रा से प्रेरणा लेने का दिन है। इस अवसर पर मंडल सचिव चेतन दंडवते, उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, कार्यकारिणी सदस्य नमिता शेष, मालती मिश्रा, सुबोध टोले, निरंजन पंडित, पूर्व कार्यकारिणी प्रसन्न निमोणकर, भागिरथ कालेल, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, दिव्या पात्रीकर, दापक पात्रीकर, निखिल मुकादम, पल्लवी मुकादम सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस… बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में आजादी के 80वाँ वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने ध्वजारोहण किया। सामूहिक राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ बच्चों ने तिरंगे को सलामी दी। वहीं छोटे-छोटे बच्चों ने देशभक्ति से ओत प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। प्री प्राइमरी के बच्चों ने सुंदर कविता पाठ कर खूब तालियां बटोरी।

बच्चों को संबोधित करते हुए महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने कहा कि हम सबसे पहले भारत की नागरिक है, स्कूलों में गुरुजन हमें अच्छी भाषा और अच्छे संस्कार देते हैं। आज हमें दूसरों के सम्मान करने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने बच्चों को बताया कि 15 अगस्त और 26 जनवरी दोनों ही दिनों में ध्वजारोहण के पूर्व ध्वज की स्थिति भिन्न-भिन्न होती है। 15 अगस्त में जहां झंडे को नीचे से ऊपर ले जाकर फहराया जाता है वहीं 26 जनवरी को हमारा संविधान लागू हुआ था और देश आजाद हो चुका था इसलिए झंडा ऊपर ही रहता है, और उसे वहीं से फहराया जाता है।

बच्चों को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ सभासद प्रसन्न निमोणकर ने बच्चों के चारों हाउस और उसके रंगों और उन रंगों के हमारे जीवन में सकारात्मक प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पीला रंग सूर्य के प्रकाश, लाल रंग सिंदूर व आलता, हरा रंग हरियाली और शांति का तथा नीला रंग आकाश की भांति प्रकाशमान होने की सीख देता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि अगर उनके घर पर कोई ऐसा बुजुर्ग को जिसने परतंत्र भारत देखा होगा तो उनसे मिले और जाने कि उस समय का जीवन कैसा था। आजादी के लिए हमें कितना संघर्ष करना पड़ा।
प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने अपने अध्यक्षीय भाषण में सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस का यह पावन पर्व माँ भारती की वंदना का दिन है। आज हम भारत माता के उन सभी महान सपूतों को नमन कर रहे हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वहीं शाला के सहप्रभारी नवीन देशमुख ने सभी इस स्वतंत्रता दिवस पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने के बात कहीं। कार्यक्रम का संचालन वर्षा परिदा और हिमांशी लोढ़ा ने किया। वहीं दिव्यांश ने स्वतंत्रता दिवस पर स्पीच प्रस्तुत किया।
श्रोताओं ने महसूस किया ‘...फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’
महाराष्ट्र मंडल में हुई पार्थिव शिवलिंग की पूजा-अर्चना
रायपुर। सावन के पवित्र महीने में महाराष्ट्र मंडल रायपुर में पार्थिव शिवलिंग पूजना का वृह्द स्तर पर आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपने हाथों से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर विधिविधान के साथ उसकी पूजा अर्चना की। मंडल के सचिव और आचार्य चेतन दंडवते ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन विधि संपन्न कराई।

आचार्य दंडवते ने बताया कि सावन के इस पावन अवसर पर चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में 33 महिलाओं ने पार्थिव शिवलिंग पूजन और रूद्राभिषेक किया। मंडल परिसर विधिवत मंत्रोच्चार के साथ हर-हर महादेव के जयकारे गूंज उठा। आरती के बाद फलाहार और प्रसाद वितरण किया गया। सदस्यों ने महाराष्ट्र मंडल के सामाजिक कार्यों को बढ़ाने का संकल्प लिया।

आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि पूजन कार्यक्रम में मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, उपाध्याक्ष गीता श्याम दलाल, कार्यकारिणी सदस्य नमिता शेष विशेष रुप से उपस्थित रहीं।

आज अचला मोहरीकर, अलका कुलकर्णी, प्रांजल बल्लाळ, अपर्णा वराडपाणडे, श्यामल जोशी, मृदुला काळेले, वैशाली अजय जोशी, नम्रता देशपांडे, विपुला शेजवलकर, सृष्टि दंडवते, आयुष शिर्के, प्रमिला मिश्रा , प्रमिला तिवारी, आस्था काळे, श्वेता कुसरे, यशस्वी पिंपळापुरे, जयश्री भुरे, जया भावे, माधुरी इनचुलकर, स्वाती मैराल, रैना पुराणिक, स्मिता कोमजवार, मयुरी तिवारी, रोमी दत्ता, सोनल परचुरे, अनुजा महाडिक, संगीता कवीश्वर, कीर्ति हिशिकर और सौम्या इंगळे ने पूजन किया।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के बच्चों ने किया प्री इंडिपेन्डन्स डे सेलिब्रेट
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में शुक्रवार 14 अगस्त को प्री इंडिपेन्डन्स डे सेलिब्रेट किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने भारतमाता और देश के वीर जवानों की वेशभूषा में पहुंच मार्निंग असेंबली को देशप्रेम से ओतप्रोत कर दिया।
शिक्षिका अपर्णा आठले ने बताया कि आज की असेंबली ग्रीन हाउस इंचार्ज शिक्षिका रेणुका शुक्ला की अगुवाई में हुई। दिव्या कोठारी ने असेंबली कंडक्ट किया। भारतमाता की वेशभूषा में पहुंची अभिज्ञा शुक्ला ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। वहीं फैसल खान गौरव रावत सेना के जवान के ड्रेसकोड में पहुंचे थे। छत्रा रौनक साहू, पलक साहू और काव्य साहू ने तिरंगे के तीनों रंगों के बारे में बताया।
रेणुका शुक्ला ने बताया कि रौनक ने बताया कि तिरंग में सबसे ऊपर दिखने वाला केसरिया रंग देश के साहस, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। पलक साहू ने तिरंगे के मध्य सफेद रंग के बारे में बताते हुए कहा कि यह रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक है। वहीं काव्य साहू ने कहा कि तिरंगे का हरा रंग देश की समृद्धि, खुशहाली और उर्वरता का प्रतीक है। वहीं मध्य में नीले रंग से बना अशोक चक्र निरंतर प्रगति और गतिशीलता का प्रतीक है।
सियान गुड़ी में योग समिति का नुक्कड़ नाटक 15 अगस्त को
रायपुर। आज 40 की उम्र पार करते ही लगभग हर कोई किसी ने किसी परेशानी से जूझ रहा है। किसी को पैरों में दर्द तो कोई अपने मोटापे से परेशान। किसो को शूगर ने तो किसी को बीपी ने तकलीफ दे रखी है। ऐसे में योग एक ऐसा माध्यम से है, जो हमें स्वास्थ्य कई लाभ देते है। योग के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र मंडल की योग समिति द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक 15 अगस्त को सुबह समता कालोनी स्थित सियान गुड़ी परिसर में ध्वजारोहण के बाद किया जाएगा।
मंडल की कायकारिणी सदस्य आस्था काले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल परिसर में हुई योग समिति की दूसरी बैठक में इस संबंध में चर्चा की गई। तथा योग के प्रचार-प्रसार के लिए रुपरेखा तैयार की गई। अभियान की शुरूआत 15 अगस्त को सियान गुड़ी परिसर में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से की जाएगी।
योग समिति की प्रमुख साक्षी टोले ने बताया कि नुक्कड़ नाटक ‘दवा या योग’ के जरिए लोगों को यह बताया जाएगा कि डाक्टर कहते है कि दवा बेहद जरूरी है, वहीं योग शिक्षक बताएंगे की योग, प्राणायाम, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्चा आपको कितना राहत देगा। वहीं नाटक ‘समय नहीं हैं’ के माध्यम से उन लोगों को जागरूक किया जाएगा जो कहते है कि उनके पास योग करने के लिए समय नहीं है। वहीं एक अन्य नाटक ‘योग सबके लिए’ के अंतर्गत लोगों को यह समझाया जाएगा कि योग न उम्र देखता है न पेशा। यह सबसे लिए हितकारी है।
‘अहिल्याबाई होल्कर के सुशासन और न्यायप्रियता ने देश-प्रदेश को किया गौरवान्वित’
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर मालवा की ऐसी शासिका थीं, जिनके कारण मध्यप्रदेश और देश गौरवान्वित होता है। उन्होंने अपने शासनकाल में सुशासन और न्यायप्रियता के प्रतिमान स्थापित किए। राज्य सरकार ने देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती के अवसर पर इंदौर के राजवाड़ा में विशेष कैबिनेट कर उनके योगदान का स्मरण किया।
देवी अहिल्याबाई होल्कर सुशासन की प्रतिमूर्ति थीं। उनकी सेवा, साधना, न्याय, त्याग सहित जीवन के प्रत्येक पक्ष के आधार पर हमारी सरकार जनसेवा, सुशासन, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के साथ सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अखिल भारतीय गड़रिया महासभा की ओर से आयोजित पुण्यस्मृति दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवींद्र भवन में आयोजित पुण्यस्मृति कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया तथा लोकमाता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जागो नारी जागो पुस्तक का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता देवी अहिल्या के श्रीचरणों का पूजन किया। उन्हें इस अवसर पर देवी अहिल्या की प्रतिमा और चित्र भेंट किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इस अवसर पर गजमाला पहनाकर अभिवादन किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पाल-गड़रिया समाज का गौ वंश के प्रति सेवाभाव गोपाल कृष्ण के समान हैं। राज्य सरकार पाल-गड़रिया समाज के सुख-दु:ख और जनकल्याण के कार्यों के लिए सदैव तत्पर है। सरकार ने प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के लिए दूध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अखिल भारतीय गड़रिया समाज के प्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाल-गड़रिया समाज के लिए समाज कल्याण बोर्ड का गठन करने की घोषणा की।
अखिल भारतीय गड़रिया महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मोती श्रीपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी में देवी अहिल्या बाई की प्रतिमा स्थापित कर हमारा मान बढ़ाया है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई ने यह सुनिश्चित किया कि जनसेवा ही सत्ता का प्रमुख उद्देश्य हो। उन्होंने देशभर में मंदिर-मठों का जीर्णोद्धार कराया। नए मंदिर, धर्मशालाएं, कुंए और नदियों पर घाटों का निर्माण कराया। समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सुशासन और न्याय की पहुंच सुनिश्चित की। उनके कार्य अखिल भारतीय गड़रिया महासभा के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं।
गड़रिया समाज ने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता, सामूहिक विवाह कार्यक्रम और राष्ट्र निर्माण को अपना ध्येय बनाया है। समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, रोजगार और उद्योग में अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य है। महासभा द्वारा युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में सहयोग, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान और समाजसेवा के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जब समाज शिक्षित, संगठित और नेतृत्व में सहभागी होगा, तभी वह राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा पाएगा।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या एक शाम आजादी के नाम
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या एक शाम आजादी के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समता कालोनी स्थित सियान गुड़ी में शाम 4 से 6 बजे तक किया गया है।
कार्यक्रम का संयोजन कर रही कराओके गायन समिति की समन्वयक भारती पलसोदकर ने बताया कि मंडल के वरिष्ठ सदस्यों की देशप्रेम से भरी गीतों की महफिल 14 अगस्त को शाम 4 से 6 बजे तक समता कालोनी स्थित सियान गुड़ी में सजेगी। 15 अगस्त की पूर्व संध्या देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति इसलिए भी खास होगी क्योंकि कार्यक्रम में वरिष्ठ के साथ युवा भी देशभक्ति गीत गाएंगे।
महाराष्ट्र मंडल के छह प्रकल्पों में होगा ध्वजारोहण
- मुख्यालय में अध्यक्ष काले राष्ट्रीय ध्वज का करेंगे रोहण, बाकी प्रकल्पों के लिए कार्यकारिणी सदस्यों व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय
रायपुर। 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में महाराष्ट्र मंडल के छह प्रकल्पों पर ध्वजारोहण के साथ विविध कार्यक्रमों की धूम रहेगी। आजादी के इस पर्व पर मंडल का प्रकल्प टाटीबंध स्थित महतारी सदन में हाईटेक आंगनबाड़ी चल रहा है। यहां भी नौनिहाल अपनी प्रस्तुतियों को लेकर अभी से उत्साहित हैं।
मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को सुबह 07:30 बजे अध्यक्ष अजय मधुकर काले अपने कार्यकारिणी साथियों दीपक किरवईवाले और निरंजन पंडित के साथ ध्वजारोहण करेंगे। इसके तुरंत बाद सुबह 7:50 बजे मंडल के ही सखी निवास प्रकल्प में उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, सखी निवास प्रभारी नमिता शेष के साथ ध्वजारोहण करेंगी। यहां रहने वाली कामकाजी महिलाओं सहित छात्राएं आजादी पर्व पर अपने विचार रखेंगी। साथ ही देशभक्ति के परिपूर्ण गाने गाएंगी।
खंगन के अनुसार प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में सुबह 8:30 बजे महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले शाला के सह प्रमुख नवीन देशमुख के साथ राष्ट्रीय ध्वज का रोहण करेंगी। हर बार मंडल का सर्वाधिक भव्य व आकर्षक कार्यक्रम इसी प्रकल्प में होता है। यहां अधिकाधिक बच्चों की देशभक्ति से जुड़ी प्रतिभा को सामने लाने का प्रयास किया जाता है। महाराष्ट्र मंडल के नए प्रकल्प हाईटेक आंगनबाड़ी में सचिव चेतन गोविंद दंडवते, कार्यकारिणाी सहयोगियों परितोष डोनगांवकर, अजय पोतदार और आंगनबाडी प्रभारी डॉ. शुचिता देशमुख के साथ सुबह 09:00 बजे ध्वज का रोहण करेंगे।
अध्यक्ष काले के अनुसार शंकर नगर स्थित बाल वाचनालय में कार्यकारिणी सदस्य सुबोध टोले सुबह 9:00 बजे ध्वजारोहण करेंगे। यहां गार्डन के पास रानी पद्मावती स्कूल के मासूम बच्चों की आयोजन स्थल पर लुभावनी प्रस्तुतियां होंगी। समता कॉलोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह व सियान गुडी में 15 अगस्त को सुबह 9:15 बजे मुख्य अतिथि छत्तीसगढ सिविल सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सोलंकी राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का रोहण करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय मधुकर काले करेंगे। यहां दिव्यांग व मूक-बधिर बालिकाओं व वरिष्ठ नागरिकों का जोरदार सांस्कृतिक कार्यक्रम कार्यकारिणी सदस्य व स्वास्थ्य, आध्यात्म व योग प्रभारी आस्था अभय काले, सह सचिव मालती मिश्रा और प्रवीण क्षीरसागर के मार्गदर्शन में होगा।
शंकर नगर बालवाचनालय में आर्ट ऑफ लिविंग हैपीनेस शिविर शुरू
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित शंकर नगर बालवाचनालय में आर्ट ऑफ लिविंग हैपीनेस सेंटर की ओर से चार दिवसीय शिविर का आयोजन 13 अगस्त से शुरु किया गया। 16 अगस्त तक चलने वाले आर्ट ऑफ लिविंग हैपीनेस सेंटर के अश्विनी जग्गी और किशोर बजाज ने शिविर का संचालन किया। प्रतिदिन सुबह 6.30 से 9.30 बजे तक शिविर का संचालन किया जा रहा है।

शंकर नगर केंद्र की संयोजिका आयुषी विठाळकर ने बताया कि 12 अगस्त को शंकर नगर केंद्र की मासिक बैठक संपन्न हुई। बैठक कीशुरुआत में हनुमान चालीसा का पाठ की गई। इसके पश्चात आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई और सभी ने हाऊजी गेम का आनंद लिया। जिसमे रैना पुराणिक बंपर टिकट की विजेता रही। नाश्ता का स्वाद लेते सभी ने आपस में बातचीत मस्ती का आनंद लिया। बैठक में अश्विनी जग्गी जी और किशोर बजाज ने आर्ट ऑफ लिविंग हैपीनेस सेंटर के शिविर के बारे में सभी सदस्यों को जानकारी दी।
शंकर नगर केंद्र की 12 अगस्त को हुई बैठक में संयोजिका आयुषी विठाळकर, सह संयोजिका निर्मला पिंपले, अनुराधा शिवलकर, अदिति जोशी, स्मिता कोमजवार के साथ रैना पुराणिक, मधुरा भागवत, पुष्पा जावळेकर, शुभदा गिजरे, सुजाता देशपांडे, अर्चना दशपुत्रे, श्रद्धा विठाळकर, कविता लांजेवार, मैथिली ठोके, वर्षा उरकुरकर, लीना मुजुमदार, अर्चना भंडारकर, संगीता राजिमवाले, मेधा कोतवालीवाले, कांचन केळकर, सुरेखा पाटील, श्रुती मनोहर, सुनीता वंजारी और विनया करदळे उपस्थित रहीं।
ज्ञानियों के ज्ञान की प्रशंसा करने से अपने ज्ञान में वृद्धि होती है:- मुनि 108 आगम सागर जी महाराज
एक ही मां की तीन संतानों को हुई थी एक साथ फांसीः चारुशीला देव
इससे पूर्व कीर्तन में संत तुकाराम महाराज के अभंग का विवेचन किया गया। जिसमें उन्होंने कहा कि दया का भाव सिर्फ भूखों को खाना खिलाना और प्यासे को पानी पिलाना नहीं होगा। संकट ग्रस्त लोगों की मदद करना भी सेवा का भाव है। कीर्तन में हारमोनियम में शुभदा गिरजे और तबले पर राकेश देशमुख ने संगत दी। इस अवसर पर मंडल की कार्यकारिणी सदस्य आस्था काले, मालती मिश्रा विशेष रुप उपस्थित थीं। कार्यक्रम आध्यात्मिक समिति की समन्वयक सृष्टि दंडवते, सह महिला प्रमुख प्रिया बक्षी, मनीषा वरवंडकर, चौबे कालोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित, सह संयोजिका स्वाति डबली, संगीता निमोणकर, अनुपमा बोधनकर और प्राची डोनगांवकर सहित बड़ी संख्या में चौबे कालोनी केंद्र और आध्यात्मिक समिति की महिलाएं उपस्थित थीं।