छत्तीसगढ़
अंबिकापुर के एल्युमिनियम प्लांट में बड़ा धमाका.... अब तक तीन की मौत, कई घायल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले के सिलसिला गांव के एल्युमिनियम प्लांट में जोरदार धमाका हो गया। घटना में तीन मजदूरों की मौत हो गई। मां कुदरगढ़ी एल्युमिनियम प्लांट का बॉयलर फटने से ये घटना घटी है। अभी भी मलबे में कई मजदूरों के मलबे में दबने होने की खबर है। हादसे के बाद पूरे प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। रेस्क्यू का काम जारी है।
कई मजदूर घायल भी है, जिन्हें प्लांट प्रबंधन ने इलाज के लिए अंबिकापुर अस्पताल भेजा है। जानकारी के मुताबिक प्लांट के बंकर में कोयले की मात्रा ज्यादा हो गई थी, इस वजह से तेज धमाके के साथ बॉयलर फट गया। फिलहाल घायल मजदूरों का इलाज किया जा रहा है। मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। रगुनाथपुर इलाके का ये पूरा मामला है। इधर परिजनों का हुजूम प्लांट के बाहर जुटना शुरू हो गया है।
रविवार सुबह करीब 10 बजे रोजाना का तरह प्लांट में काम चल रहा था. अचानक तेज आवाज के साथ बायलर फटा और कोयला बंकर टूटकर नीचे गिर गया. हादसे के दौरान वहां काम कर रहे 7 मजदूर दब गए। अस्पताल में भर्ती कराये गये मजदूरों में कईयों की हालत गंभीर है।
‘पठन अभियान’ के तहत दो मोबाइल लाइब्रेरी वेन शुरू.... बच्चों के लिए बहुत कुछ...
रायपुर। प्रदेश में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और रूम टु रीड के संयुक्त तत्वाधान में में ‘पठन अभियान’ के तहत 2 मोबाइल लाइब्रेरी वेन का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत एससीईआरटी के संचालक राजेन्द्र कुमार कटारा ने की। इस दौरान अपर संचालक जेपी रथ और रूम टू रीड के राज्य प्रमुख यशवर्धन उनियाल, एससीईआरटी के अधिकारी-कर्मचारी सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
इस मोबाइल लाइब्रेरी का उद्देश्य बच्चों और समुदायों के बीच पठन कौशल को बढ़ावा देना है। लाइब्रेरी वेन 10 दिनों तक महासमुंद जिले के बागबहरा विकासखंड अंतर्गत 30 स्कूलों तथा संकुलों में बच्चों और समुदाय सदस्यों के समक्ष विभिन्न पठन गतिविधियों का आयोजन करेगी। इन गतिविधियों के माध्यम से स्कूली बच्चों में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित किया जाएगा और उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत लक्षित समुदाय सदस्यों को इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभियान में पठन कौशल बुनियादी साक्षरता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य से एससीईआरटी और रूम टु रीड ने इस वर्ष भी ‘पठन अभियान’ के तहत बच्चों में पढ़ने की आदतों को विकसित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया है। पठन अभियान के दौरान स्कूलों और समुदायों में विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम का हिस्सा बन सकें। इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी प्राथमिक विद्यालयों में 6 सप्ताह की योजना बनाई गई है, जिसमें पठन, लेखन, चित्रकला और सामुदायिक सहभागिता जैसी रोचक सीखने की गतिविधियाँ शामिल हैं। मोबाइल लाइब्रेरी वेन बच्चों को किताबों और पढ़ने की सामग्री उपलब्ध कराएगी और उन्हें पठन के महत्व को समझाने के लिए विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन करेगी।
इस अभियान के माध्यम से बुनियादी साक्षरता को बढ़ावा देने और पठन कौशल को बच्चों में मजबूती से स्थापित करने की उम्मीद की जा रही है। पठन अभियान के दौरान विविध गतिविधियों के माध्यम से स्कूल तथा समुदायों में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पठन के प्रति जागरूकता पैदा करना भी इसका लक्ष्य होगा।
सरकार की योजनाओं और नीतियों का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के ग्राम नवागांव में पटेल भोयारा मरार सामाजिक भवन का किया लोकार्पण
उपमुख्यमंत्री ने सामुदायिक शौचालय, बोर खनन, मंच निर्माण और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 21 लाख रुपए की घोषणा की
रायपुर | छत्तीसगढ़ की सरकार समाजो को आगे बढ़ाने लगातार कार्य कर रही है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम नवागांव में पटेल भोयारा मरार सामाजिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने सामाजिक भवन निर्माण के लिए समाज को बधाई और शुभकामनाएं दी। उप मुख्यमंत्री ने सामुदायिक शौचालय के लिए 7 लाख और बोर खनन, ग्राम नवागांव में शीतला मंदिर के पास मंच निर्माण के लिए 4 लाख और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए की घोषणा की।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पटेल समाज द्वारा एक जुटता से बनाया गया, यह सामाजिक भवन समाज की एकता को प्रदर्शित करता है। छत्तीसगढ में समाज सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार की योजनाओं और नीतियों का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक भवनों और अन्य विकासात्मक परियोजनाओं के माध्यम से समाज के उत्थान और समृद्धि को सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक समाज का एक सामाजिक भवन होना चाहिए। इससे समाज के नागरिकों को विभिन्न आयोजनों के लिए एक स्थिर स्थान उपलब्ध रहेगा और वे अनेक कार्यक्रम यहां आयोजित कर सकेंगे। सामाजिक भवन समाज की सामाजिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक ऐसा स्थान प्रदान करता है जहां लोग मिल सकते हैं, संवाद कर सकते हैं और सामूहिक प्रयासों के लिए एकजुट हो सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि गांव को नशा से मुक्त करने के लिए नशा मुक्ति अभियान चलाया जाना चाहिए जिसमे समाज की भागीदारी बनी रहे। उन्होंने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़कर नशामुक्त समाज की दिशा में प्रयास करें। नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि समाज के विकास में भी बाधा उत्पन्न करता है। इसलिए, सभी को एकजुट होकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि गांव का हर नागरिक स्वस्थ और सशक्त बन सके। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, जनपद सदस्य रवि राजपूत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य परदेशी पटेल, सोहन सिवोपसक, योगेश साहू, ईश्वरी साहू सहित जनप्रतिनिधि, नागरिकगण उपस्थित थे।
ओडिशा से छत्तीसगढ़ लौटा 27 हाथियों का दल... ग्रामीणों में दहशत का माहौल... विभाग सतर्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ के हाथी प्रभावित जशपुर जिले के तपकरा वन परिक्षेत्र में एक बार फिर हाथियों का बड़ा दल लौट आया है। 27 हाथियों का यह समूह पड़ोसी राज्य ओडिशा से वापस लौटकर छत्तीसगढ़-ओडिशा की सीमा पर स्थित जोरंडाझरिया गांव के पास के जंगल में डेरा जमाए हुए है। इस दल की वापसी से इलाके के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है।
बता दें कि हाथियों के इस झुंड को देखने के लिए जोरंडाझरिया और आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो रहे हैं। ग्रामीणों की इस भीड़ से स्थिति और भी जटिल हो गई है, क्योंकि हाथियों के पास जाने से उनकी आक्रामक प्रवृत्ति को उकसाया जा सकता है। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से जंगल से दूर रहने और अपने मवेशियों को चराने या मशरूम चुनने के लिए जंगल में नहीं जाने की सख्त हिदायत दी है।
हाथियों की प्रवृत्ति और उनके झुंड के व्यवहार को ध्यान में रखते हुए, विशेषज्ञों का कहना है कि हाथी आमतौर पर शांतिपूर्ण होते हैं, लेकिन यदि उन्हें उकसाया जाए या वे खतरे का आभास करें, तो वे आक्रामक हो सकते हैं। हाथियों के झुंड के जंगल में डेरा डालने का मतलब है कि वे भोजन और पानी की तलाश में हैं और इस दौरान ग्रामीणों का उनके पास जाना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में वन विभाग का ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देना बेहद महत्वपूर्ण है।
तपकरा वन परिक्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में हाथियों के उत्पात का इतिहास रहा है. पहले भी कई बार हाथियों के झुंड ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है, घरों को तोड़ा है और कई बार तो मानव जीवन को भी खतरे में डाला है. खासकर फसल कटाई के समय, हाथियों का दल गांवों के करीब आ जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसी कारण से वन विभाग और स्थानीय प्रशासन हमेशा हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखता है।
चक्रधर समारोह का शुभारंभ... सीएम की घोषणा.... रायगढ़ में की जाएगी संगीत महाविद्यालय की स्थापना
रायपुर। संगीत एवं कलाधानी नगरी रायगढ़ में आज 39वें चक्रधर समारोह का भव्य एवं रंगारंग आगाज हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10 दिन तक चलने वाले इस समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि संगीत सम्राट महाराज चक्रधर ने शास्त्रीय कला संगीत को विश्व में एक नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गारंटी को सायं-सायं पूरा कर रही है। उन्होंने प्रदेश के किसानों, गरीबों सहित सभी वर्गों का आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार राज्य के प्रगति के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने स्थानीय कला संस्कृति के साथ-साथ पारंपरिक विरासत को सहेजने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने इस मौके पर रायगढ़ में संगीत महाविद्यालय प्रांरभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने संगीत और कला के क्षेत्र में योगदान देने वाले संगीत के मर्मज्ञ विद्वतजनों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर रायगढ़ के शैल चित्रों पर आधारित अभिलेखीकरण पुस्तिका एवं चक्रधर समारोह की परिचय पुस्तिका का विमोचन किया।
घरेलू काम के संग निरूपा साहू उड़ाती है अब ड्रोन : गांव में कहलाती है ड्रोन वाली दीदी
नमो ड्रोन दीदी योजना से महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर,मिल रहा है अतिरिक्त लाभ
रायपुर | महिलाएं अब घरों के भीतर चूल्हा- चौका के काम तक सीमित नही रह गई है। वे दिन प्रतिदिन नित नए आधुनिक कार्य को सीखकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने का सतत प्रयास कर रही है। इन्ही प्रयासों में से एक बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम लाहोद निवासी निरूपा साहू अब गांव में ड्रोन वाली दीदी के नाम से जानी जाती है। निरूपा साहू बताती है की उनका मूल घर ग्राम करदा है। लेकिन हम लोग लाहोद में ही निवासरत है। मेरे पति नकुल प्रसाद साहू लवन जिला सहकारी सोसायटी में ऑपरेटर के रूप में कार्य करते हैं, हमारे दो लड़के हैं। दोनो लड़के अभी कक्षा चौथी और कक्षा दूसरी में पढ़ाई कर रहे है। मैं भी 12 वी तक पढ़ी हुई हूं। बचपन से ही मुझे बाहर जाकर कुछ काम करने का मन था ताकि मैं अपने पति के साथ कंधे से कंधे मिलाकर उनका सहयोगी बन सकूं और घर के खर्चों में अपना योगदान कर पाऊं। मैं बिहान अंतर्गत वैभव लक्ष्मी स्व सहायता समूह से जुड़ी हुई हूं, एक दिन कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा ड्रोन चलाने वाले काम के बारे में बताया गया। मैंने इस कार्य में भविष्य की संभावनाएं को देखते हुए तत्काल हामी भरी।उसके बाद इफको कंपनी की सहायता से नमो ड्रोन दीदी की ट्रेनिंग लेने ग्वालियर इंस्टिट्यूट में गई थी। जहां मुझे 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिग के बाद आरपीसी लाइसेंस मिला है। वापस गांव आकर मैं ड्रोन दीदी के रूप में कार्य कर रही हूं।
निरूपा आगे बताती है कि अप्रैल में मुझे यह ड्रोन मिला है और तब से वह ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेत में दवाई छिड़काव करने का कार्य कर रही है। 300 रूपये एकड़ के हिसाब से चार्ज लेती है। अब तक गांव के लगभग 80 एकड़ खेत में ड्रोन से दवाई छिड़काव कर चुकी है। जिससे मुझे 25 हजार रूपये की आमदनी हुई है। ड्रोन से ना केवल निरूपा साहू को फायदा हुआ है बल्कि किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिला है। किसान परमेश्वर वर्मा कहते है की पहले दवाई छिड़काव स्पियर से किया जाता था जिससे बहुत टाइम और खर्च अधिक लगता था। लेकिन ड्रोन के माध्यम से महज कुछ मिनटों में ही यह कार्य पूर्ण हो जाता हैं और दवाइयों का बेहतर रूप से छिड़काव हो जाता है।
गौरतलब है की केंद्र सरकार द्वारा नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत आने वाले चार वर्षों में 15 हजार स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा और कृषि क्षेत्र में उर्वरकों का छिड़काव,फसलों में खाद डालना, फसल वृद्धि की निगरानी करना, बीज बोना आदि के लिए ड्रोन चलाने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि नई प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कौशल प्रदान कर महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा किया जा सके।
मेडिकल अस्पताल और महारानी जिला अस्पताल का स्वास्थ्य मंत्री ने किया औचक निरीक्षण
वन विभाग ने हनुमान लंगूरों के अवैध शिकार के मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ वन विभाग ने साजा वन परिक्षेत्र के ग्राम बेलगांव में आठ हनुमान लंगूरों के अवैध शिकार के मामले में मुख्य आरोपी रामाधार को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रमुख वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुधीर अग्रवाल के निर्देश पर की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक राव ने ऐसे मामलों में लगातार कार्यवाही के निर्देश दिए है। दुर्ग सर्किल के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) डॉ. केनिली माचिओ एवं वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) श्री चंद्रशेखर परदेशी के नेतृत्व में राज्य उड़नदस्ता द्वारा यह कार्रवाई 5 सितंबर 2024 को की गई।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के पास से बंदूक बरामद हुई है, जिसका उपयोग 28 अगस्त 2024 को हुए इस अवैध शिकार में किया गया था। यह गिरफ्तारी धमधा की परिक्षेत्र अधिकारी लक्ष्मी आदित्य और साजा के परिक्षेत्र अधिकारी पीआर लसेल द्वारा की गई, जिसमें बेमेतरा के उप वनमंडलाधिकारी (एसडीओ) वीएन. दुबे और अन्य वन विभाग के अधिकारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
एक मैसेज से अंधेरे में गुजार रहे ग्रामीणों को मिली रोशनी
बंदूक की नोक पर व्यापारी से लाखों की लूट…. हवा में की दनादन फायरिंग
रायपुर। एक बार फिर बंदूक की नोंक पर लाखों की लूट की घटना सामने आई है। घटना बलौदाबाजार जिले के सिमगा थाना क्षेत्र की है। जहां सराफा कारोबारी से बंदूक की नोंक पर सोने-चांदी की लूट की गयी। बाद में दहशत फैलाने बाद में दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की। जानकारी के मुताबिक ज्वेलर्स संचालक से बाइक सवार 4 बदमाशों ने बंदूक से हवाई फायरिंग कर लूटपाट की है।
भाटापारा के ग्राम रोहरा बंजारी नाला के पास अज्ञात लुटेरों ने बंदूक की नोक पर सराफा व्यापारी से लगभग पांच लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। घटना बीती रात 7.30 बजे की है, जिसकी जानकारी आज मिलते ही मौके पर पुलिस के आला अधिकारी जांच के लिए पहुंचे हैं।
जानकारी के अनुसार, घटना सिमगा थाना क्षेत्र के लिमतरा चौकी की है। अज्ञात आरोपियों ने दो राउंड फायरिंग करते हुए सराफा व्यापारी से सोने-चांदी के जेवरों के साथ नगदी रकम लूटकर फरार हो गए। लूट की घटना की सूचना मिलते ही सिमगा थाना पुलिस एवं लिमतरा चौकी पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी गई है। मौके पर जांच के लिए एडिशनल एसपी हेम सागर सिदार भी मौजूद हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह 2024 का हुआ आयोजन
मुख्य आतिथ्य में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह 2024 का हुआ आयोजन
बच्चों को जीवन में आगे बढ़ाने और सही राह दिखाने में शिक्षकों का होता है महत्वपूर्ण योगदान : प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
गुरु के बिना ज्ञान नहीं मिलता-सांसद कमलेश जांगड़े
रायपुर | शिक्षक दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री और सक्ती जिले की प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य और सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े की अध्यक्षता में सक्ती जिले के हटरी धर्मशाला में जिला स्तरीय मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह 2024 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले में सेवानिवृत्त शिक्षकों, शत-प्रतिशत वार्षिक परीक्षा परिणाम दिलाने वाले प्राचार्यों तथा जिले में शिक्षा प्रदान करने वाले विभिन्न शिक्षकों को बेहतर कार्य करने के लिए शिक्षादूत पुरुस्कार और ज्ञानदीप पुरुस्कार से मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद कमलेश जांगड़े सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा शाल, श्रीफल और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सभी को शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बच्चों को जीवन में आगे बढ़ाने और सही राह दिखाने में शिक्षकों का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही वे मार्गदर्शक होते हैं, जो हमें सही दिशा दिखाते हैं और हमारे ज्ञान को बढ़ाने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि जो शिक्षक छात्र-छात्राओं को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने का काम करते है। ऐसे शिक्षकों सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा, अच्छा ज्ञान देंगे तो एक अच्छे समाज का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यार्थी किसी अच्छे मुकाम पर अपने शिक्षक के बदौलत ही पहुँच पाते हैं। इसलिए शिक्षकों का जीवन में महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसी क्रम में सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु के बिना ज्ञान नहीं मिलता। एक शिक्षक के पढ़ाने के बाद ही कोई विद्यार्थी ही कलेक्टर, एसपी, मंत्री, सांसद, जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी, बिजनेसमैन सहित अन्य मुकाम पर पहुँचता है। उन्होंने सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य विद्या सिदार, जिला पंचायत सदस्य टिकेश्वर गबेल, जिला शिक्षा अधिकारी एन के चंद्रा, जिला सांख्यिकी अधिकारी राकेश अग्रवाल सहित कृष्ण कांत चंद्रा, रामनरेश यादव, अभिषेक शर्मा सहित विभिन्न जनप्रतिधि, अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य नागरिक, विभिन्न शिक्षक-शिक्षिकाएं, सेवानिवृत्त शिक्षक, मीडिया प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।
बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देकर आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं शिक्षक : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह में हुए शामिल
कबीर भवन की मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की
रायपुर | उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने गुरुवार को मुंगेली जिले के लोरमी में नगर पालिका द्वारा किए जाने वाले चार करोड़ 70 लाख रुपए लागत के 80 से अधिक कार्यों का भूमिपूजन किया। अधोसंरचना मद से किए जाने वाले इन कार्यों में शहर के विभिन्न वार्डों में सीसी रोड, आरसीसी नाली व कव्हर निर्माण तथा इंटर-लॉकिंग कांक्रीट ब्लॉक कार्य शामिल हैं। उन्होंने लोरमी के कबीर भवन में आयोजित कार्यक्रम में शहर को साफ-सुथरा बनाने 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत वाहन एवं अन्य सामाग्रियां भी प्रदान की। इनमें पांच ई-रिक्शा, ट्रेक्टर ट्राली व इंजन, जेसीबी, मिनी टिप्पर, व्हील बैरो इत्यादि शामिल हैं।
बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देकर आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं शिक्षक – उप मुख्यमंत्री अरुण साव कबीर भवन में आयोजित शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में कबीर भवन की मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। साव ने शिक्षक दिवस पर आयोजित शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह में 293 विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और सेवारत शिक्षकों के साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया। उन्होंने शासकीय व अशासकीय हाईस्कूलों, राज्यपाल द्वारा सम्मानित स्काउट-गाइड तथा शिक्षकों, राज्य स्तरीय व राष्ट्रीय खिलाड़यों को श्रीरामचरित मानस और स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित पुस्तकों के साथ ही स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। साव ने बच्चों की रंगारंग प्रस्तुति पर पांच हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की।
बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देकर आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं शिक्षक – अरुण सावउप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह में आदर्श शिक्षक एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर नमन किया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी प्राचीन परंपरा में गुरूजनों का बड़ा सम्मान रहा है और उन्हें सर्वोपरि स्थान पर रखा गया है। माता-पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों को अच्छे संस्कार और अच्छी शिक्षा देकर आगे बढ़ाने का काम करते हैं। मैं सभी गुरूजनों को प्रणाम कर उनका अभिनंदन करता हूं।
बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देकर आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं शिक्षक – अरुण सावउप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में शिक्षकों से आग्रह किया कि पौराणिक काल से समाज में शिक्षकों का जो मान-सम्मान और गौरव रहा है, उसे और आगे बढ़ाने का काम करें। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने उज्जवल भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करने और आगे बढ़कर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। लोरमी नगर पालिका की अध्यक्ष अंकिता रवि शुक्ला और मुंगेली जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में मजबूत अधोसंरचना निर्माण हेतु : विकास कार्यों की लगातार मिल रही स्वीकृति
जशपुर एवं पत्थलगांव क्षेत्र में सड़कों के निर्माण की मिली प्रशासकीय स्वीकृति
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में एक मजबूत अधोसंरचना निर्माण के लिए सड़कें, पुल-पुलिया के साथ ही स्कूल, छात्रावास सहित अन्य शासकीय भवनों के निर्माण आदि के लिए राज्य शासन द्वारा लगातार स्वीकृति दी जा रही है। किसी भी क्षेत्र में अगर एक बेहतर अधोसंरचना हैं। गांवों में अच्छी सड़क होने के साथ ही मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ हो तो वहां की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ती है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री साय की पहल पर ही जशपुर एवं पत्थलगांव क्षेत्र में सड़क निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जशपुर क्षेत्र में चांदीडांड हात्ता हल्काटोली पहुंच मार्ग निर्माण लंबाई 2.36 किलोमीटर के लिए 3 करोड़ 39 लाख 79 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी तरह पत्थलगांव क्षेत्र में बगिया-सूजीबहार मार्ग लंबाई 8.70 किमी में मजबूतीकरण निर्माण कार्य के लिए 7 करोड़ 98 लाख 86 हजार रूपए, बाबूसाजबहार से गोलीडीह नदी तक मार्ग निर्माण कार्य लंबाई 4 किमी तक के लिए 4 करोड़ 3 लाख 45 हजार रूपए और विकासखंड कांसाबेल के ग्राम करंजटोली रजौटी मार्ग लंबाई 1.20 किमी के लिए 3 करोड़ 36 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव की सरकार के बने अभी 9 महीने ही हुए हैं। इतने कम समय में ही जिले में राज्य सरकार ने विकास की एक रूपरेखा बना कर उस पर काम करना शुरू कर दिया है। स्कूल व छात्रावास भवनों के निर्माण, सिंचाई व्यवस्था के लिए एनीकट, व्यपवर्तन, जीर्णाेद्धार एवं लाईनिंग कार्य, जलाशय, सी.सी.लाईनिंग कार्य, मुख्य एवं शाखा नहर के मरम्मत, पुराने पक्के कार्याे का सुधार, तालाब निर्माण, सड़कों का निर्माण, अस्पतालों के निर्माण सहित डॉक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति आदि कार्य प्राथमिकता के साथ किए जा रहे हैं।
ऐसा काम करें कि आप न बोले, आपका काम बोले : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ गृह विभाग ने कहा कि पुलिस अधीक्षकों को पुराने प्रकरणों पर ध्यान देकर लंबित मामलों का निराकरण सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय के साथ बदलाव जरूरी है। साईबर अपराध, नारकोटिक्स से संबंधित प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई की बात कहते हुए कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के प्रति अपराध की रोकथाम पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कबाड़ व्यवसाय के माध्यम से सार्वजनिक सम्पत्ति का नुकसान न हो, इसके लिए कबाड़ चोरों पर कार्रवाई के निर्दश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से संबंधित जानकारी समय पर प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।
विद्युत केन्द्र शुरू होने से क्षेत्र के 65 ग्रामों के घरेलू और किसानों को मिलेगा सीधा लाभ : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
52 करोड़ रूपए की लागत से जिले के सिल्हाटी (बैजलपुर) 132 केव्हीए का विद्युत उपकेन्द्र का उद्धाटन किया
रायपुर | उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा 52 करोड़ रूपए की लागत से जिले के सिल्हाटी (बैजलपुर) 132 केव्हीए का विद्युत उपकेन्द्र का उद्घाटन किया। उन्होंने क्षेत्रवासी को इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यहां विद्युत केन्द्र शुरू होने से क्षेत्र के 65 ग्रामों के घरेलू और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उद्घाटन के बाद उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले तथा क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या कोे दूरूस्त करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र के 33/11 विद्युत उपकेन्द्र कुसुमघटा, सारंगपुर, पाण्डातराई, मड़मड़ा व बैजलपुर को इससे जोड़ा गया। जिससे 33/11 विद्युत उपकेन्द्र से जुड़े सभी उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। भविष्य में 33 के. व्ही. के 4 फीडर के निर्माण कार्य होने के पश्चात 33/11 के. व्ही. के 3 विद्युत उपकेन्द्र से 50 ग्राम लाभान्वित होंगे। इससे उस क्षेत्र के 65 ग्रामों के घरेलू व अन्य श्रेणी के उपभोक्तागण एवं पम्प कनेक्शन के किसान लाभान्वित होंगे तथा लो वोल्टेज की समस्या का निराकरण होगा। इस विद्युत उपकेन्द्र से विभिन्न श्रेणी के लगभग 20 हजार से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित होंगे एवं कवर्धा उपकेन्द्र पर भी 15 मेगावाट विद्युत भार का दबाव कम होगा। इस अवसर पर पूर्व विधायक अशोक साहू, जनप्रतिनिधि सहित आसपास के ग्रामीणजन उपस्थित थे।
मनरेगा की एक छोटी सी मदद से मिली उन्नति की नई राह : कृषक बीरसाय
रायपुर | महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् पंजीकृत श्रमिकों को न केवल रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं, बल्कि आजीविका के नए-नए साधन एवं सुविधाएं भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मनरेगा से किसान बीरसाय की कृषि भूमि उपजाऊ बनी, जिससे वह सब्जी की खेती कर अपनी आय बढ़ा रहा है।
मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के ग्राम पंचायत लाई में रहने वाले पंजीकृत श्रमिक बीरसाय के पास जो भूमि थी, वह काफी उबड़-खाबड़ या कहें किसानी के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त थी, उन्होंने ग्राम पंचायत से अपनी भूमि के समतलीकरण का कार्य कराए जाने हेतु आवेदन किया। उनके आवेदन को ग्राम पंचायत में आहूत ग्राम सभा के प्रस्ताव पारित होने के बाद जिला पंचायत कोरिया से स्वीकृत किया गया। कुल 95 हजार रूपए से होने वाले इस भूमि सुधार कार्य के लिए ग्राम पंचायत लाई को एजेंसी का दायित्व दिया गया। यहां बीरसाय ने स्वयं अपने गांव के अन्य श्रमिकों के साथ अपनी असमतल भूमि को कृषि के योग्य बनाया और इसकी मेढ़बंदी कराई। इस कार्य से उन्हें सौ दिवस का रोजगार भी प्राप्त हुआ जिसकी मजदूरी सीधे उनके खातों में पहुंची।
कृषि योग्य भूमि बन जाने के पश्चात् शासन से उन्होंने सब्जी उत्पादन के लिए मिलने वाली टपक सिंचाई योजना के साथ मल्चिंग खेती का लाभ लिया। अपने खेतों में बेहद कम पानी से होने वाली व्यवस्था बनाकर सब्जी की खेती प्रारंभ की। उसके पश्चात् बीरसाय अपनी मेहनत से लगातार हर मौसम में अलग-अलग सब्जी उगाकर लगभग हर माह 10 से 15 हजार रुपए की आमदनी प्राप्त कर रहा है, इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी है। अपनी सफलता से खुश होकर बीरसाय कहते हैं कि मनरेगा से भूमि सुधार और कृषि विभाग से टपक सिंचाई का लाभ मिलने से अब उनकी रोजगार की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो गई है। अब हर सप्ताह सब्जी से अच्छी आय हो जाती है और पैसों की चिंता भी खत्म हो गई है। कुछ खेतों में वह सब्जी का उत्पादन करते हैं और बाकी खेतों में वह परंपरागत धान और गेहूं की फसल लेकर अतिरिक्त कमाई भी करने लगे हैं। भूमि समतलीकरण जैसे छोटे से काम से एक मेहनतकश श्रमिक परिवार की दशा और दिशा बदल गई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वास्थ्य और शिक्षा पर दे रहे हैं विशेष जोर
चिरायु टीम स्कूलों का भ्रमण कर बिमारियों से प्रभावित बच्चों का कर रहे चिन्हांकन
गंभीर बच्चों को उच्च स्तरीय ईलाज की दी जा रही सुविधा
रायपुर | ’चिरायु’ टीम द्वारा स्कूलों का दौरा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दूरस्थ अंचल के बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत, स्वास्थ्य विभाग की ’चिरायु’ टीम द्वारा स्कूलों का दौरा कर गंभीर बीमारियों से प्रभावित बच्चों का चिन्हांकन किया जा रहा है और उन्हें उच्च स्तरीय इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इसी कड़ी में जशपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग के चिरायु दल द्वारा स्कूलों में जाकर छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण उपरांत बीमारी से प्रभावित बच्चों को सुविधानुसार निःशुल्क दवाइयाँ और उच्च स्तरीय ईलाज की सुविधा दी जा रही है।
चिरायु टीम ने हाल ही में पत्थलगांव विकासखण्ड के शासकीय प्री मैट्रिक कन्या एवं बालक छात्रावास लुडेग में स्वास्थ्य परीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कुल 21 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें 6 बच्चों को आंखों से संबंधित समस्याएं, 11 को त्वचा संबंधी रोग, 2 बच्चे को पेट दर्द, और 2 अन्य बीमारियों से ग्रस्त पाये गये। चिरायु टीम ने इन सभी बच्चों को आवश्यक इलाज और दवाइयों की सुविधा प्रदान की। साथ ही उन्हें स्वास्थ्य शिक्षा भी दी गई, जिसमें साफ-सफाई रखने, मच्छरदानी का उपयोग करने, उबला हुआ पानी पीने और बरसात के मौसम में होने वाली मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में बताया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अमले को निर्देश दिए है कि इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाना सुनिश्चित करें। ताकि राज्य के सभी दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।