चीफ जस्टिस सिन्हा के आने के बाद अवमानना मामले के लिए बना रोस्टर.... 1143 मामलों का निराकरण.. अब 944 ही लंबित
रायपुर। केंद्रीय वित्त आयोग का दल जगदलपुर पहुंचने के बाद बस्तर जिले के लोहांडीगुड़ा विकासखंड में स्थित नारायणपाल मंदिर का अवलोकन करने पहुंचा। वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया मंदिर की वस्तुकला देखकर काफी प्रभावित हुए। उन्होंने मंदिर के इतिहास के बारे में जानकारी ली, जिस पर स्थानीय गाइड धनुर्जय बघेल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह मंदिर चक्रकोट के छिंदक नागवंशी शासकों द्वारा 11वीं शताब्दी में बनाया गया है, क्षेत्र के नागरिकों में मंदिर के प्रति गहरी आस्था है, नारायणपाल मंदिर वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन है। इस दौरान सदस्यों ने मंदिर में दर्शन कर समूह फोटो भी खिंचवाई।
ज्ञात हो कि चक्रकोट के छिंदक नागवंशी शासकों द्वारा निर्मित पूर्वाभिमुख यह प्रस्तर मन्दिर मध्यम ऊँचाई की जगति पर अवस्थित वस्तुतः शिव मन्दिर है। किन्तु परवर्ती काल में इस मन्दिर के गर्भगृह में विष्णु की प्रतिमा प्रतिष्ठापित कराई गई, जिसके कारण इसे अतीत में नारायण मन्दिर कहा जाने लगा। मंदिर की भू-संयोजना में अष्टकोणीय मण्डप, अन्तराल एवं गर्भगृह की व्यवस्था है, मंदिर का द्वार अलंकृत एवं बेसर शैली का सप्तस्थ योजना का उच्च साधारण शिखर है। मंदिर में प्रदक्षिणापथ का अभाव है। इस मंदिर में दो शिलालेख सुरक्षित हैं जिसमें प्रथम शंक संवत् 1033 (ईस्वी सन् 1110) के छिंदक नागवंशीय शासक सोमेश्वर की माता गुण्ड महादेवी का शिलालेख है, जिसमें भगवान नारायण की नारायणपुर नामक ग्राम तथा भगवान लोकेश्वर को कुछ भूमि दान करने का उल्लेख है जबकि दूसरे एक खण्डित शिलालेख में अदेश्वर (शिव) के मन्दिर का उल्लेख है। यह मन्दिर 11वीं शताब्दी के वास्तु शिल्प का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मंदिर के विभिन्न हिस्सों में शिलालेख भी हैं जिस पर संस्कृत के शब्द उकेरे गए हैं।
रायपुर। इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ की संबद्धता से दुर्ग साइंस कॉलेज में संचालित संगीत महाविद्यालय में प्रवेश के लिए अब ऑफलाइन आवेदन भी कर सकेंगे। दुर्ग संगीत महाविद्यालय के बैचलर ऑफ परफॉर्निंग आर्ट यानी बीपीए पाठक्रम में लोकसंगीत लोकगायन एवं भरतनाट्यम की पढ़ाई होगी। इस कोर्स के लिए पहले ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे थे। कालेज प्रशासन ने छात्रों की सुविधा के लिए इसे ऑफलाइन कर दिया है। बीपीए पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को 31 जुलाई से पहले आवेदन करना होगा।
बतादें कि संगीत महाविद्यालय की कुल सीट 40 हैं। जिनमें लगातार एडमिशन हो रहे हैं। ऐसे में संगीत की शिक्षा में रुचि रखने वालों के पास अब समय सीमित है। सबसे खास बात यह है कि दुर्ग संगीत महाविद्यालय में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यहां सीधे दाखिले मिलेंगे।
संगीत विश्वविद्यालय दुनियाभर में मशहूर है। यहां दी जाने वाली संगीत की तालीम हासिल करने विदेशों के विद्यार्थियों का भी छत्तीसगढ़ आना होता है। अब दुर्ग जिले में इससे संबद्ध महाविद्यालय संचालित होने से देश-विदेश के साथ ही जिले के विद्यार्थियों को भी नया मंच मिल सकेगा। विशेषकर खैरागढ़ जाकर संगीत के पाठ्यक्रम पढ़ने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि वे अपने घर पर रहकर तालीम ले सकेंगे।
कॉलेज के लिए स्थायी भवन तलाशने की मुहिम प्रवेश संपन्न होने के बाद शुरू हो जाएगी। संगीत महाविद्यालय के कोर्स बीपीए में विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत (हिंदुस्तानी) पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा उन्हें भरतनाट्यम सिखाएंगे। एक विषय लोक संगीत का भी रखा गया है। इसी तरह हिंदी और अंग्रेजी को आधार पाठ्यक्रम रखा गया है। कोर्स का संचालन करने कर्नाटक शैली गायन और मृदंगम के लिए एक-एक संगतकार है। हार्मोनियम और सारंगी के लिए विभाग ने एक संगतकार दिया है।
रायपुर। आपसी सुलह के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 13 जुलाई 2024 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह वर्ष 2024 की द्वितीय लोक अदालत होगी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि आगामी लोक अदालत 21 सितंबर 2024 एवं 14 दिसंबर 2024 को आयोजित होगी।
लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय, एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है।
नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे।
इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जावेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के किस्टाराम थाना क्षेत्र अंर्तगत ग्राम साकलेर से नक्सलियों ने दो दिन पहले तीन ग्रामीणों का अपहरण कर लिया था। बुधवार को जंगल में कथित जनअदालत लगाकर अपह्रित तीन ग्रामीणों में से एक ग्रामीण माड़वी राजाराव उम्र 20 वर्ष की पीट-पीट कर हत्या कर दी है।
नक्सलियों ने शव को परिजन के सुपुर्द भी कर दिया है। वहीं मारपीट में घायल दो ग्रामीणों को नक्सलियों बुधवार रात रिहा कर दिया है।फिलहाल इस मामले को लेकर अब तक पुलिस की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। विदित हो कि लगातार मुठभेड़ों में बड़ी संख्या में नक्सलियों के मारे जाने से बौखालाये नक्सली दो दिन पहले नक्सलियों ने तीन ग्रामीणों को ग्राम साकलेर से अपहरण के बाद जन अदालत लगाकर अपह्रित ग्रामीणों पर पुलिस की मुखबिरी का आरोप लगाकर सभी को मारा-पीटा गया।
इधर दंतेवाड़ा जिले में चलाये जा रहें नक्सल उन्मूलन अभियान लोन वर्राटू के तहत दो लाख के इनामी नक्सलियाें सहित तीन नक्सलियों में आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष कुंजामी मुका, आरपीसी मिलिशिया कमाण्डर माड़वी मुया के साथ जियाकोड़ता आरपसी सीएनएम सदस्य गुड्डी करटाम ने सुरक्षा बल के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें दो इनामी नक्सलियों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित था।
रायपुर। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की पंचायत, नगरीय निकाय एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आज मेफेयर लेक रिसोर्ट, नवा रायपुर अटल नगर में परिचर्चा का आयोजन किया गया। केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में आयोजित इस परिचर्चा में आयोग के सदस्य अजय नारायण झा, एन्नी जार्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पांडा, डॉ. सौम्यकांति घोष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
16 वें वित्त आयोग के साथ पंचायत प्रतिनिधियों के साथ आयोजित परिचर्चा में पंचायत विभाग के सचिव श्री एस भारती दासन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से पंचायतों को प्राप्त राशि, उनकी आवश्यकताओं और उनके वित्तीय प्रबंधन की जानकारी आयोग को दी। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं को रखते हुए आयोग के समक्ष सुझाव और मांगें प्रस्तुत कीं। उन्होंने पंचायतों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए केंद्र से अधिक सहायता की मांग की।
नगरीय निकाय के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित परिचर्चा में नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस ने नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति, उनकी चुनौतियों और आवश्यकताओं के बारे में विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। नगरीय निकायों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की वित्तीय चुनौतियों और विकास की आवश्यकताओं पर चर्चा की और आयोग के समक्ष अपने सुझाव एवं मांगें रखीं। उन्होंने नगरीय निकायों के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने और उनके वित्तीय प्रबंधन को सुधारने की मांग की।
आयोग ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी परिचर्चा की। इस बैठक में विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष अपने-अपने दलों की ओर से सुझाव और मांगें प्रस्तुत कीं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने, केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय समन्वय को सुधारने, और विभिन्न योजनाओं के लिए अधिक वित्तीय आवंटन की मांग की।
डेस्क। बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन गुरुवार को वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ उनकी मां जया बच्चन और उनकी बहन श्वेता बच्चन भी मौजूद रहीं। सभी ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर पूजा अर्चना की।
दोपहर 3.45 बजे अभिषेक बच्चन ने बाबा भोलेनाथ का पूजन कर मंदिर से रवाना हो गए। मंदिर के पुजारी और न्यास के सदस्य चंद्र मौली उपाध्याय ने बाबा विश्वनाथ के पूजन संपन्न कराया. इस दौरान अभिषेक बच्चन, जया बच्चन और श्वेता बच्चन ने विश्वनाथ धाम का दर्शन भी किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूल के शिक्षकों की मनमानी छुट्टी लेने की प्रथा को रोकने के लिए विष्णुदेव साय सरकार ने नया निमय लागू किया है। दरअसल, शिक्षक मनचाहे दिन छुट्टियों में रहते हैं या फिर स्कूलों में बच्चों की मौजूदगी में भी आराम फरमाते रहते हैं। इस पर साय सरकार सख्ती दिखाते हुए शिक्षकों के छुट्टी लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब 15 जुलाई से शिक्षकों को छुट्टी लेने के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। शासकीय स्कूलों की शिक्षक अब विभागीय पोर्टल के माध्यम से छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके प्रक्रिया के लिए शिक्षा विभाग योजना बनाने के लिए तैयारी कर रही है।
ऑनलाइन छुट्टी के लिए कई प्रक्रियाएं हैं। सरकारी शिक्षकों को विभिन्न प्रकार की छुट्टियां भी मिलती हैं। अब छुट्टी के लिए शिक्षक आकस्मिक छुट्टी, अर्जित छुट्टी आदि के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा करने के तुरंत बाद छुट्टी मिलना संभव नहीं है। क्योंकि ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद, संबंधित अधिकारी स्वीकृति प्रदान करेगी, तब जाकर शिक्षकों को छुट्टी मिलेगी। अस्वीकृति दिए जाने पर छुट्टी के लिए आवेदन रद्द कर दिया जायेगा। शिक्षक पोर्टल पर अपने अवकाश आवेदन की स्थिति को भी ट्रैक कर सकेंगे। इसके अलावा इन्हें कई और भी सुविधाएं मिलेंगी।
इसे लेकर शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। शिक्षकों की छुट्टियों के लिए एक वेबसाइट लांच किया गया है। शिक्षा विभाग ने पूरी मामले की जानकारी देते हुए बताया कि छुट्टी की स्वीकृति की प्रोसेस को आसान करने के लिए अवकाश मैनेजमेंट पोर्टल बनाया किया जा रहा है। इसके लिए eduportal.cg.nic.in/education वेबसाइट को लांच किया गया है। इसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर संभागीय स्तर के संचालकों को आदेश जारी किया गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक और रिश्वतखोर सरकारी कर्मचारी को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वह किसान से जमीन संबंधी दस्तावेज को आगे बढ़ाने के नाम पर 8000 रुपये रिश्वत लेते दबोचा गया।
जानकारी के मुताबिक नारायणपुर के चांदनी चौक निवासी लवदेव देवांगन ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) जगदलपुर कार्यालय में शिकायत की थी। लवदेव ने पूर्व में खरीदे गये भूमि के राजस्व रिकार्ड में सुधार करवाने एसडीएम न्यायालय नारायणपुर में आवेदन दिया था। सुनवाई के बाद एसडीएम द्वारा उसके पक्ष में आदेश दो माह पूर्व ही पारित कर दिया गया था। कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 (बाबू) संकेर कुमेटी उक्त आदेश की प्रतिलिपि शाखा में अगली कार्यवाही को भेजने के लिए 8000 रुपये रिश्वत मांग रहा था। प्रार्थी इससे परेशान था।
प्रार्थी लवदेव देवांगन रिश्वत नहीं देता चाहता था, बल्कि रिश्वत लेते आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। उन्होंने इसकी शिकायत जगदलपुर एसीबी कार्यालय में कर दी। शिकायत सत्यापन पर सही पाया गया। जिसके बाद एसीबी ने बाबू को ट्रेप करने की योजना बनाई गई। 11 जुलाई को आरोपी संकेर कुमेटी को एसडीएम कार्यालय में प्रार्थी से 8,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। एसीबी उसे जल्द ही कोर्ट में पेश करेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले मे डायरिया का कहर जारी है, जिले में डायरिया से दो लोगों की मौत की खबर आ रही है। हालांकि स्वास्थ्य महकमा ने बुजुर्ग की मौत होने की वजह हार्ट अटैक को बता रहे है, वहीं युवती की मौत डायरिया से होने की पुष्टि की है। युवती की मौत के बाद के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें कि ग्राम पंचायत नेवसा मे 19 वर्षीय नेहा धीवर की डायरिया से इलाज के दौरान मौत हो गई। वही जिले के कोटा, रतनपुर, बिल्हा और मस्तूरी क्षेत्र के कई इलाकों में डायरिया का प्रकोप जारी है। युवती की स्थिति बिगड़ने के उपरांत सिम्स मे भर्ती की गई थी जहाँ सिम्स मे युवती ने इलाज के दौरान अपना दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार युवती की मौत की वजह झोला छाप डॉक्टर की लापरवाही पूर्वक इलाज को बताया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले मे झोला छाप डॉक्टरो के खिलाफ कार्यवाही होने की बात कही जा रही है।
रायपुर। बिलासपुर के रतनपुर क्षेत्र के गांवों के खेतों में करंट आने के मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि किसी भी कंपनी को सिर्फ लाइसेंस देकर आप जवाबदेही से बच नहीं सकते। कोर्ट ने शासन को शपथपत्र में जवाब देने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई निर्धारित की है।
हाईटेंशन बिजली तार के कारण कई गांवों में ग्रामीणों और मवेशियों की जान को खतरा है। भयभीत ग्रामीणों ने हजारों एकड़ में इसके चलते खेती बंद कर दी है। प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने जनहित याचिका के तौर पर इसकी सुनवाई शुरू की है। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश ने हाईटेंशन तार बिछाने वाली सरकारी कंपनी पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, यहां इस काम को पूरा करने वाली जबलपुर ट्रांसपोर्टेशन कंपनी से इन जगहों पर इंजीनियरों को भेजकर पूरी जांच कराने का निर्देश दिया था।
इसकी रिपोर्ट व्यक्तिगत शपथपत्र पर कोर्ट में प्रस्तुत करने का भी आदेश कोर्ट ने दिया था। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश रविन्द्र अग्रवाल की डीबी में केंद्र शासन की ओर से कहा गया कि, हमने पावर ग्रिड को सिर्फ लाइसेंस दिया है। उन्होंने अगर कहा होता तो हम इस जगह पर पहले सर्वे कराकर जांच रिपोर्ट जारी करते। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि, आप सिर्फ लाइसेंस देकर जवाबदेही से बच नहीं हो सकते।
साथ ही कहा कि जानकारी दें कि हाईटेंशन विद्युत लाइन होने के चलते रतनपुर क्षेत्र के लगभग आठ गांवों के खेतों में हाईटेंशन तार के नीचे और टॉवरों के आसपास करंट के झटके महसूस किए जा रहे हैं। बचने के लिए लोग रबड़ के बूट, जूते पहन रहे हैं, इसके बावजूद हर रोज ग्रामीणों को करंट लग रहा है। मवेशियों और बच्चों को इससे ज्यादा खतरा है। इस समस्या से कछार, लोफंदी, भरारी, अमतरा, मोहतराई, लछनपुर, नवगंवा, मदनपुर अधिक प्रभावित हैं। इन गांवों में 20 से अधिक टावर होने की वजह से जमीन में करंट दौड़ रहा है। यहां के किसानों का मुख्य व्यवसाय सब्जी की खेती है। हाईटेंशन लाइन के कारण बार-बार करंट लगता है। यही वजह है कि अधिकांश किसानों ने टॉवर वाली जमीन पर खेती करना छोड़ दिया है।
रायपुर। केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में 12 सदस्यीय दल राजधानी रायपुर पहुंच रहा है। यह दल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रीमण्डल के सदस्यों और अधिकारियों के साथ, राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं, अधोसंरचना विकास तथा आर्थिक प्रगति सहित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करेगा। वित्त आयोग 12 एवं 13 जुलाई को जगदलपुर भ्रमण पर भी रहेगा। केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष पनगढ़िया के साथ आयोग के सदस्य अजय नारायण झा, एनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पाण्डा, डॉ. सौम्यकांति घोष तथा आयोग के सचिव ऋत्विक रंजनम पाण्डेय, संयुक्त सचिव कमल कुमार मिश्रा, संयुक्त संचालक राघवेन्द्र सिंह एवं अन्य अधिकारीगण भी रायपुर पहुंचेंगे।
केन्द्रीय वित्त आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 जुलाई को शाम 6.20 बजे आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया एवं सदस्यों का दल राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचेगा। अगले दिन 11 जुलाई को सुबह 10 बजे केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्य मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके मंत्रालय स्थित कक्ष में मुलाकात एवं चर्चा करेंगे। इसके बाद सुबह 10.25 बजे वित्त आयोग की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में होगी। इस बैठक को मुख्यमंत्री साय संबोधित करेंगे एवं राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं सहित विभिन्न मद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति का प्रस्तुतिकरण भी होगा।
11 जुलाई को ही होटल मेफेयर में दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक वित्त आयोग के साथ पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय संस्थाओं तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा होगी। केन्द्रीय वित्त आयोग की 12 जुलाई को उद्योग और वाणिज्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ होटल मेफेयर में सुबह 9.15 बजे से 10 बजे तक चर्चा होगी। इसके पश्चात सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक नया रायपुर भ्रमण का कार्यक्रम है। नया रायपुर भ्रमण पश्चात वित्त आयोग के प्रतिनिधि जगदलपुर के लिए रवाना होंगे और रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन 13 जुलाई को जगदलपुर सर्किट हाउस में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।
रायपुर। बांकीमोंगरा नगर पालिका परिषद के संचालन समिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष समेत सभी सदस्यों के पदभार ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन शामिल हुए।
मंत्री देवांगन ने कहा कि अब बांकीमोंगरा नगर पालिका में विकास का नया सूर्योदय होने जा रहा है। बांकीमोंगरा की जनता बहुत भाग्यशाली है कि उनको पहला अध्यक्ष शैल राठौर नारी शक्ति के रूप में कर्ता मिला है। बांकीमोंगरा की जनता लंबे समय से विकास नहीं होने का मलाल झेल रही थी। अब बांकीमोंगरा की जनता को विकास के लिए सोचना नहीं पड़ेगा। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। केंद्र और राज्य दोनों से नगर पालिका के विकास कार्यों के लिए राशि मिलेगी। विष्णुदेव सरकार में निकाय को न तो सेटअप की न ही फंड की कमी नहीं होगी।
इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, संचालन समिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शैल राठौर, उपाध्यक्ष कमला बरेठ, सदस्य प्रभावती चौहान, सतीश झा, लखपत शर्मा, अश्विनी मिश्रा, संतोष राठौर, मेलू पटेल, ज्योतिदास महंत पूर्व महापौर जोगेश लांबा, प्रफुल्ल तिवारी, पार्षद नरेंद्र देवांगन, नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल, भागवत विश्वकर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के भैसाकन्हर (क) में ग्रामीणों ने स्कूल को ताला लगाकर मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से स्कूल भवन की मांग की जा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन उनकी मांगे नहीं सुन रहे हैं। जिसके चलते स्कूल में ताला लगने से बच्चे स्कूल के बाहर खुले में बैठ पढ़ते नजर आए।
बताया जा रहा कि हाईस्कूल के बच्चों के पास पढ़ाई करने के लिए उनका खुद का स्कूल भवन नहीं है। वहीं बच्चे मीडिल स्कूल में बैठ कर पढ़ाई करने मजबूर है। जिसके कारण उन्होंने स्कूल में ताला लगाकर प्रदर्शन किया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों को खबर लगते ही उन्होंने ग्रामीणों को समझकर बुझाकर आश्वासन देते हुए स्कूल का ताला खुलवाया।
खंड शिक्षा अधिकारी सदेसिंह कोमरे का कहना है कि शासन स्तर पर स्कूल भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। इस दौरान जैसे ही स्वीकृति मिलेगी स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों ने मांगें पूरी नहीं होने पर चक्काजाम कर सड़क की लड़ाई लड़ने की बात भी कही जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोल घोटाले के दो बड़े आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बता दें आज सोमवार को काफी लंबे समय से जेल में बंद आईएएस रानू साहू और दीपेश टांक को सुप्रीम कोर्ट ने कोल लेवी मामले में जमानत मंजूर कर दी है।
वहीं ईओडब्ल्यू और एसीबी ने तीन नई एफआईआर दर्ज की है। निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर बिश्नोई और निलंबित राप्रसे अधिकारी सौम्या चौरसिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत यह मामले दर्ज हुए हैं। तीनों के खिलाफ अलग-अलग मामले में एफआईआर दर्ज हुई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन भैंसों के संरक्षण योजनाओं की विफलता और जंगली भैंसों की आबादी में गिरावट को देखते हुए प्रदेश के वन विभाग ने असम से एक नर और एक मादा वन भैंसा साल 2020 में लेकर आए। इसके बाद चार मादा वन भैंसा अप्रैल 2023 में लाए गए हैं। इन्हें बारनवापारा अभ्यारण में रखा गया है। वन भैंसों को आजीवन कैद करके रखने और इनके ब्रीडिंग प्लान को केंद्रीय जू अथॉरिटी द्वारा नामंजूर करने को लेकर दायर जनहित याचिका (Public Interest Litigation) की सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और रविंद्र अग्रवाल की युगल बेंच ने नोटिस जारी कर सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता नितिन सिंघवी की तरफ से हाईकोर्ट को बताया गया कि असम से लाए गए वन भैंस के स्थानांतरण की एक शर्त यह थी। अप्रैल 2023 में लाए गए 4 मादा वन भैंसों को 45 दिनों के अंदर जंगल में छोड़ा जाएगा, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय हो गया है। मादा भैंसों को अभी भी बारनवापारा अभयारण्य में कैद में रखा गया है। 2020 में लाये गए एक नर और एक मादा को भी कैद कर रखा गया है। सिंघवी ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि असम से इन जंगली भैंसों को छत्तीसगढ़ के जंगली वन भैंसा से क्रॉस कराकर आबादी बढ़ाने के लिए लाया गया था।
छत्तीसगढ़ में केवल एक शुद्ध नस्ल का नर “छोटू” है, जिसकी आयु वर्तमान में 22-23 वर्ष है। जंगली भैंसों की औसत आयु 25 वर्ष है और इतनी अधिक आयु होने के कारण उसे प्रजनन के लिए अयोग्य माना जाता है। उम्र के चलते छोटू का वीर्य भी नहीं निकला जा सकता। छत्तीसगढ़ वन विभाग ने छत्तीसगढ़ के क्रॉस ब्रीड (अशुद्ध नस्ल) के वन भैसों से असम से लाई गई मादा वन भैसों से प्रजनन कराने के अनुमति केंद्रीय जू अथॉरिटी से मांगी, जिसे यह कह कर नामंजूर कर दिया गया कि केंद्रीय जू अथॉरिटी के नियम अशुद्ध नस्ल से प्रजनन कराने की अनुमति नहीं देते।
केंद्रीय जू अथॉरिटी ने असम से वन भैसा लाने के बाद बारनवापारा में बनाये गए ब्रीडिंग सेंटर को सैद्धांतिक अनुमति दी थी, लेकिन अंतिम अनुमति नहीं दी है। याचिका में इस सैद्धांतिक अनुमति को भी चुनौती दी गई है। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत किसी भी अभ्यारण में ब्रीडिंग सेंटर नहीं खोला जा सकता। भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी कर रखी है कि किसी भी अभ्यारण, नेशनल पार्क में ब्रीडिंग सेंटर नहीं खोला जा सकता। केंद्रीय जू अथॉरिटी की सैद्धांतिक अनुमति को चुनौती दी गई है कि जब अभ्यारण में ब्रीडिंग सेंटर खोला ही नहीं जा सकता तो सैद्धांतिक अनुमति कैसे मिल गई।
वन विभाग की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि असम से लाये गए वन भैसों की तीसरी पीढ़ी को ही जंगल में छोड़ा जायेगा। याचिका में बताया गया है कि वन भैंसा शेड्यूल एक का वन्यप्राणी है और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की धारा 11 के अनुसार किसी भी अनुसूची एक के वन्यप्राणी को तब तक बंधक बनाकर नहीं रखा जा सकता, जब तक कि वह छोड़े जाने के लिए योग्य ना हो। असम के सभी वन भैसे स्वस्थ हैं और इन्हें जंगल में छोड़ा जा सकता है। इन्हें बंधक बनाकर रखने के आदेश भी मुख्य वन संरक्षक ने जारी नहीं किये और गैर कानूनी रूप से इन्हें बंधक बना रखा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की बंगुरसिया बस्ती में शनिवार रात को हाथियों का एक झुंड घुस आया, जिससे वहां के निवासियों में खौफ का माहौल बन गया. हाथियों का झुड़ बस्ती में दो घंटे घूमता रहा। जिससे लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल की ओर न जाने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़ में हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष का लंबा इतिहास है। यहां के जंगलों में हाथियों की गतिविधियों और उनके व्यवहार पर नजर रखने के लिए कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। 2018 में शुरू हुई छत्तीसगढ़ हाथी परियोजना का उद्देश्य मानव-हाथी संघर्ष को कम करना और इसके स्थायी समाधान खोजना है। इस परियोजना के तहत हाथियों को रेडियो कॉलर लगाकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती है और गांव वालों को हाथियों के बारे में जागरूक किया जाता है।
छत्तीसगढ़ के जंगलों में पानी की कमी और खाद्य संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण हाथी गांवों की ओर रुख करते हैं. गर्मियों के मौसम में जल स्रोतों की कमी के कारण हाथी पानी की तलाश में गांवों के पास आ जाते हैं. इसके अलावा, जंगलों में मानव अतिक्रमण और कृषि विस्तार के कारण हाथियों के पारंपरिक मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे वे बस्तियों में घुसने को मजबूर हो जाते हैं।
वन विभाग ने हाथियों के हमलों को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं. जंगल के आसपास के क्षेत्रों में जल स्रोतों का निर्माण, फसलों के चारों ओर खाई खोदना, और सर्चलाइट्स का उपयोग जैसे उपाय शामिल हैं। इसके अलावा, गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को हाथियों से निपटने के तरीके सिखाए जा रहे हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का शुभारंभ राजधानी रायपुर के बजाय राज्य के सुदूर सीमावर्ती जशपुर जिले के आदिवासी बहुल गांव बगिया से करके न सिर्फ वर्षो से चली आ रही परंपरा को बदला है बल्कि इसके माध्यम से उन्होंने राज्य के सुदूर कोने तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर बगिया और बंदरचुआ के स्कूल को मॉडल स्कूल बनाने तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक आवासीय विद्यालय बनाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने जशपुर सरकारी स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब्स में से एक में रोबोटिक्स मॉडल विकसित करने वाले छात्र से बातचीत की। उन्होंने इस सुदूरवर्ती जिले में किये गये व्यावसायिक शिक्षा कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी के लिए कौशल और व्यावसायिक शिक्षा जरूरी है। इस मौके पर वह स्वयं छात्रों के साथ मिट्टी के बर्तन बनाकर यह संदेश भी दिया कि बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा भी दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति की परिकल्पना के अनुसार स्थानीय भाषाओं में प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस क्षेत्र में बोली जाने वाली सदरी बोली भाषा में भी पाठ्य पुस्तकें तैयार करने की बात कहीं। छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में अब तक 18 स्थानीय भाषाओं-बोलियों में स्कूली बच्चों पुस्तकें तैयार की गई है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को नई शिक्षा नीति के अनुरूप मेगा पीटीएम आयोजित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने समर कैंप के दौरान छात्रों द्वारा किए गए कार्य को देखकर प्रसन्नता जताई और सरकारी स्कूलों में हर साल ग्रीष्मकालीन शिविर आयोजित किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए राज्य सरकार इस साल से दो बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होंगी। उन्होंने कहा कि पीएमश्री के तहत राज्य में प्रथम चरण में 211 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी बच्चों को शिक्षा-दीक्षा में माता-पिता की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के लिए कई उपयोगी टिप्स दिए और कहा कि बच्चों को मोबाइल का उपयोग सिर्फ शिक्षा, ज्ञान और जीवनोपयोगी जानकारी हासिल करने के लिए करना चाहिए।
Editor/Owner : Shri Ajay Madhukar Kale
President, Maharashtra Mandal, Raipur (CG)
Address : Central Ave, Near Pragati college, Choubey Colony Ramkund, Raipur Chhattisgarh 492001.
Phone No. : 0771-2254434
Email : info@mhmandalraipur.org
Website : www.mhmandalraipur.org
Copyright © 2021-2026. Divya Maharashtra Mandal | All Rights Reserved.