छत्तीसगढ़
रेप पीड़िता के गर्भपात की हाईकोर्ट ने नहीं दी इजाजत, कोर्ट ने गठित की थी 9 सदस्यीय डाक्टरों की टीम
रायपुर। दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात कराने की अनुमति देने वाली याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने डाक्टरों की एक टीम गठित करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने माना इस वक्त में गर्भपात का फैसला पीड़िता के लिए जान का खतरा हो सकता है। दरअसल हाईकोर्ट से दुष्कर्म की शिकार नाबालिग के गर्भवती होने पर परिजनों ने गर्भपात कराने की अनुमति मांगी थी। विशेषज्ञों द्वारा गर्भपात करना पीड़िता के लिए खतरनाक होने की डाक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने गर्भपात की इजाजत नहीं दी है।
मामले में जस्टिस पार्थ प्रितम साहू की कोर्ट में सुनवाई हुई। उन्होंने पीड़िता का विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित कर जांच रिपोर्ट देने कहा था। 9 सदस्यों की टीम ने जांच पाया, कि 20 सप्ताह का गर्भ समाप्त किया जा सकता है, इसके अलावा विशेष परिस्थिति में 24 सप्ताह का गर्भ पीड़िता के जीवन रक्षा के लिए हो सकता है। मामले में पीड़िता 24 सप्ताह से अधिक से गर्भवती है। ऐसे में गर्भ समाप्त करना उसके स्वास्थ्य के लिए घातक है, और पीड़िता का सुरक्षित प्रसव कराया जाना उचित है।
भ्रूण स्वस्थ्य होने के साथ उसमें किसी प्रकार के जन्मजात विसंगति नहीं है। मेडिकल रिपोर्ट में याचिकाकर्ता की गर्भावस्था की उम्र लगभग 32 सप्ताह है, और डॉक्टरों ने राय दी कि पीड़िता का सहज प्रसव की तुलना में गर्भ समाप्त करना अधिक जोखिम होगा, और गर्भावस्था को समाप्त करने से इनकार कर दिया गया। विशेषज्ञों के अभिमत के साथ ही हाईकोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी, और कहा कि, जांच रिपोर्ट में इस गर्भकालीन आयु में गर्भावस्था को समाप्त करने से सहज प्रसव की तुलना में अधिक जोखिम हो सकता है। गर्भावस्था जारी रखें, भ्रूणहत्या न तो नैतिक होगी और न ही कानूनी रूप से स्वीकार्य होगी।
कोर्ट ने गर्भावस्था का चिकित्सकीय समापन करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा, कि दुष्कर्म की शिकार नाबालिग पीड़िता को बच्चे को जन्म देना है, राज्य सरकार को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने और सब खर्च वहन करने का निर्देश दिया गया है। यदि नाबालिग और उसके माता-पिता की इच्छा हो तो प्रसव के बाद बच्चा गोद लिया जाए। राज्य सरकार कानून के लागू प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कदम उठाएगी।
नक्सल मोर्चे पर तैनात ASI शहीद, गश्त के दौरान खाई में गिरने से आई थी गंभीर चोट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां नक्सल मोर्चे पर तैनात एक जवान चमरूराम तेलम शहीद हो गया। वे रात में वह गश्त के दौरान खाई में गिर गए थे। गंभीर चोट आने की वजह से दम तोड़ दिया। बीजापुर जिला मुख्यालय में आज चमरूराम गॉड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और इसके बाद गृहग्राम मोरमेड़ में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर DRG टीम बेचापाल, मेटापाल इलाक़े में गश्त के लिए निकली थी। इस टीम में ASI चमरूराम तेलम भी शामिल थे। रात में नक्सलियों का पीछा करने के वे खाई में गिर गए थे। गंभीर चोट आने की वजह से उन्होंने दम तोड़ दिया। बीजापुर जिला मुख्यालय में आज चमरूराम गॉड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और इसके बाद गृहग्राम मोरमेड़ में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
29 अगस्त को मनाया जाएगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस
1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों व किशोरों को दी जाएगी कृमि की दवा
प्रदेश के 33 जिलों में कुल 107.97 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य
रायपुर | छत्तीसगढ़ में 29 अगस्त 2024 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के 1 वर्ष से 19 वर्ष के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों, शासकीय विद्यालयों, स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में कृमि की दवा का सेवन कराया जाएगा। बच्चों व किशोरों के अच्छे स्वास्थ्य, बेहतर पोषण,नियमित शिक्षा तक पहुंच और जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी के लिए कृमिनाशक दवा देना आवश्यक है।

शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के उप संचालक डॉ. व्ही.आर. भगत ने बताया कि प्रदेश में 1 से 19 वर्ष के 1 करोड़ 7 लाख 97 हजार बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों द्वारा एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कृमिनाशक दवा एल्बेन्डाजॉल 400 एमजी की दवा का सेवन कराया जाएगा। 04 सितम्बर 2024 को मॉप-अप दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दवा सेवन से छूटे हुए बच्चों व किशोरों को दवा सेवन कराया जाएगा। इससे उनके स्वास्थ्य एवं पोषण के स्तर, एनीमिया की रोकथाम, बौद्धिक विकास तथा शाला में उपस्थिति में सुधार आएगा।

शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कृमिनाशक दवा एल्बेन्डाजॉल का सेवन कराकर कृमि नियंत्रण किया जाएगा | जिसमें 01 वर्ष से 02 वर्ष के बच्चों को आधी गोली (पीसकर), 02 से 03 वर्ष के बच्चों को एक गोली (पीसकर), 03 से 05 वर्ष के बच्चों को एक गोली चबाकर, 06 से 19 वर्ष के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक गोली चबाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी।
डॉ. भगत ने बताया कि कृमिनाशक दवा का सेवन बच्चों, किशोरों व किशोरियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। बच्चों के शरीर में कृमि के कारण कुछ सामान्य प्रतिकूल प्रभाव जैसे जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, पेट में हल्का दर्द और थकान का अनुभव हो सकता है। इसके अतिरिक्त जिन बच्चों को तीव्र कृमि संक्रमण होता है, उन्हें आमतौर पर कुछ अस्थायी प्रभाव भी हो सकते हैं, जिनको आसानी से स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों में ही देखभाल करते हुए ठीक किया जा सकता है। बच्चों एवं किशोरों में ये लक्षण पाए जाने पर उन्हें पीने का साफ़ पानी दें और उन्हें अपनी निगरानी में रखें।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रो में बच्चों को एक-एक अल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई जाएगी। ऐसे बच्चे और किशोर-किशोरी जो स्कूल नहीं जाते हैं उन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार पेट में कृमि होने के कई तरह की समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण के प्रति माता-पिता को जागरूक रहना चाहिए। कृमि के कारण बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता व खाने में रूचि घटती है। बच्चे अधिक भोजन करेंगे, लेकिन शरीर में नहीं लगेगा। अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने से बच्चे एनीमिया का शिकार होने से बच सकते हैं। इससे मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है और बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। मानसिक और शारीरिक विकास के लिए 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाना जरूरी है।
बिना अनुमति संचालित निजी चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य विभाग की दबिश : 12 को नोटिस
रायपुर | प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार और मरीजों की सुविधा के लिए बिना किसी वैध अनुमति से संचालित निजी अस्पताल तथा डायग्नोस्टिक सेंटरों पर कार्रवाई के निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने दिए हैं । इसी कड़ी में आज बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड के 12 चिकित्सा संस्थानों में नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार अवस्थी के मार्गदर्शन में टीम ने दबिश देकर निरीक्षण किया साथ ही नोटिस देकर विधिवत अनुमति लेने की अंतिम चेतावनी दी गई है।

जिन संस्थाओं की जांच की गई उसमें वर्मा पैथोलॉजी कटगी, गायत्री क्लीनिक कटगी, गुप्ता क्लीनिक कटगी , क्योर बे ई क्लीनिक कसडोल, रामगोपाल साहू लैब कसडोल, शर्मा मेटा पैथोलॉजी कसडोल, सिटी डेंटल केयर कसडोल, कबीर पैथोलोजी कसडोल, वासु पैथोलॉजी छांछी, ओम हेल्थ सेंटर छांछी, रत्ना क्लीनिक कसडोल व मानस पैथोलॉजी कसडोल शामिल है। सी एम एच ओ के अनुसार आगे भी जिले में यह जांच जारी रहेगी तथा बिना अनुमति संचालित संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी।
जन्माष्टमी के अवसर पर ननिहाल से भेजे गए विशेष परिधान से सुशोभित हुए अयोध्या में श्रीरामलला
बस्तर के शिल्पियों द्वारा बुने गए पीले खादी सिल्क से निर्मित किया गया है विशेष परिधान
छत्तीसगढ़वासियों के प्रेम, आस्था और समर्पण का प्रतीक है यह परिधान
रायपुर | प्रभु श्रीरामलला अयोध्या मे प्राण प्रतिष्ठा के बाद अपनी सम्पूर्ण दिव्यता और आभा से सुशोभित हैं। प्राणप्रतिष्ठा के पश्चात पहली जन्माष्टमी में बस्तर के श्रमसाधकों द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए पीले खादी सिल्क से निर्मित शुभवस्त्र से सुशोभित प्रभु श्रीरामलला की अलौकिक छटा दर्शनीय है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पुनीत अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ स्थल में श्रीरामलला को छत्तीसगढ़ में निर्मित पीली खादी सिल्क से निर्मित वस्त्र धारण कराना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। यह वस्त्र बस्तर के शिल्पियों द्वारा निर्मित है। दंडकारण्य जहां मर्यादा पुरुषोत्तम ने अपने वनवास का अधिकांश समय व्यतीत किया, वहां से भेजा वस्त्र धारण करने का समाचार वास्तव में भावुक करने वाला है। भांचा श्रीराम की कृपा उनके ननिहाल पर बरसती रहे यही कामना है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जहां के लोगों ने भगवान श्रीराम और माता कौशल्या का सदैव प्रेम और आशीर्वाद पाया है, यहां की माटी में आज भी वही दिव्यता है जो भगवान राम के चरणों से पवित्र हुई है। छत्तीसगढ़ जिसे प्रभु श्रीराम के ननिहाल होने का गौरव है यहां पग-पग में प्रभु श्रीराम की यादें दिखाई पड़ती है। बस्तर अंचल जिसे दंडकारण्य भी कहा जाता है, जहां प्रभु राम ने वनवास काल का अधिकांश समय व्यतीत किया है, वहां के शिल्पियों द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर उनके ननिहाल से भेजा गया विशेष परिधान धारण करना छत्तीसगढ़ के जन-जन के लिए गर्व का क्षण है। मामागांव के परंपरागत वस्त्रों में भांचा राम के सुशोभित होने से सभी छत्तीसगढ़वासियों का हृदय गर्व और असीम आनंद से परिपूर्ण है। यह अद्वितीय वस्त्र हमारी परम्पराओं और संस्कारों का प्रतीक है जो भगवान श्रीराम और माता कौशल्या को छत्तीसगढ़ की भूमि से जोड़ता है। यह वस्त्र केवल एक परिधान नही, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी परंपरा, हमारी अडिग आस्था और भांचा राम के प्रति हमारे प्रेम एवम श्रद्धा का प्रतीक है।

भांचा राम के यह वस्त्र केवल धागे से नहीं बल्कि उनके ननिहाल के भक्तों द्वारा श्रद्धा और स्नेह से बुने गए हैं। बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और छत्तीसगढ़ की अनुपम कला को दर्शाते ये वस्त्र छत्तीसगढ़ वासियों की आस्था और समर्पण का प्रतीक भी है। असली स्वर्ण-चूर्ण से हस्तछपाई की गई यह खादी सिल्क, उन अनगिनत घंटों की मेहनत की साक्षी है, जो बस्तर के शिल्पकारों ने भगवान राम के प्रति अपनी अनन्य भक्ति में समर्पित करते हुए बिताए हैं।
‘भांचा राम‘ के रूप में श्रीराम का प्रेम और आशीर्वाद यहाँ के लोगों के हृदय में सदैव प्रवाहित होता रहा है। छत्तीसगढ़ की पावन माटी आज भी उस स्नेह और श्रद्धा को संजोए हुए है, जिससे माता कौशल्या ने अपने पुत्र को संस्कारित किया। यह वही धरती है जहां श्रीराम ने अपने वनवास के समय अपार प्रेम और सम्मान पाया, यहाँ का एक एक कण आज भी भांचा राम और माता कौशल्या की अनुपम गाथा को संजोए हुए है।
उल्लेखनीय है कि श्री कृष्ण जन्मोत्सव का पर्व अयोध्या में अत्यंत भव्य तरीके से मनाया गया। प्रभु श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात यह पहली जन्माष्टमी है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग देखा गया। जन्मोत्सव के लिए मंदिर की रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक सजावट के साथ ही भोग के लिए पंजीरी, पंचामृत और अनेकों व्यंजन तैयार किये गये। इस पावन अवसर पर कीर्तन, भजन का आयोजन भी किया गया।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल का किया निरीक्षण, छात्रों से किया संवाद
जिला पंचायत अध्यक्ष की वाहन हुई दुर्घटनाग्रस्त…अध्यक्ष, पीएसओ सहित पांच लोग घायल
बस्तर । छत्तीसगढ़ के बस्तर से सड़क दुर्घटना की बड़ी ख़बर आ रही है, जानकारी के मुताबिक यहां दंतेवाड़ा के जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा की वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा और उनके पीएसओ, ड्राइवर सहित पांच लोगों की घायल होने की खबर है, जानकारी के मुताबिक घायलों को डिमरापाल मेडिकल कॉलेज जगदलपुर पहुंचाया गया है।
जानकारी के मुताबिक दंतेवाड़ा से जगदलपुर जाते वक्त ये हादसा मरेंगा गांव के पास के हुआ। जहां अन्य वाहन को बचाते वक्त दंतेवाड़ा के जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा की वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो गया और कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, इस दुर्घटना में जिला पंचायत अध्यक्ष समेत पांच लोग घायल बताए जा रहे है, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है.. वहीं मामले की सूचना मिलते ही पुलीस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बलौदाबाजार हिंसा मामले में विधायक देवेंद्र यादव की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने 3 सितंबर तक बढ़ाई न्यायिक रिमांड
रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में 17 अगस्त को गिरफ्तार किए गए भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। कोर्ट ने विधायक देवेंद्र यादव की न्यायिक रिमांड एक बार फिर बढ़ा दी है। सुरक्षा दृस्टि को देखते हुए मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विधायक देवेंद्र यादव की कोर्ट में पेशी हुई। इस दौरान पुलिस ने कोर्ट से फिर से सात दिनों की रिमांड की मांग की थी। पुलिस की इस मांग पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की रिमांड 7 दिनों के लिए बढ़ा दी है। वहीं पेशी के दौरान विधायक देवेंद्र यादव के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि, पुलिस के पास विधायक यादव के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। पुलिस बेवजह ही न्यायिक रिमांड की मांग कर रही है।
बता दें कि, बलौदाबाजार पुलिस ने भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को शनिवार 17 अगस्त को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद विधायक देवेंद्र यादव को लेकर पुलिस टीम बलौदाबजार पहुंची और देर रात उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। जहां कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं आज न्यायिक रिमांड खत्म होने के बाद विधायक देवेंद्र यादव को वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया, जहां उनकी न्यायिक हिरासत 7 दिनों के लिए बढ़ा दी गई थी।
केन्द्रीय इस्पात सचिव ने निर्माणाधीन आईओपीपी संयंत्र का किया निरीक्षण
रायपुर | इस्पात मंत्रालय में सचिव का पदभार संभालने के करीब सप्ताह भर बाद संदीप पौड्रिंक एनएमडीसी परियोजना-किंरदुल व बचेली आये थे । 24 अगस्त, शनिवार को दोपहर के बाद किंरदुल से आने के बाद एनएमडीसी बचेली गेस्ट हाउस आये, जहां बचेली परियेाजना के अधिशासी निदेशक, बी. वेंकटेश्वरलु व अन्य विभागध्यक्षों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

इस्पात सचिव ने बैलाडिला क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती की प्रसंशा की तथा निर्माणाधीन आईओपीपी प्लांट को जल्द शुरू करने के लिए अधिकारियों को कहा।
इस्पात सचिव के साथ मंत्रालय के अभिजीत नरेन्द्र, संयुक्त सचिव (आईआरटीएस),अमिताव मुखर्जी, एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक अतिरिक्त प्रभार, विनय कुमार, तकनीकि निदेशक, वी. सुरेश, वाणिज्य निदेशक, शरत राजा, उपसचिव इस्पात, परमजीत सिंह, औद्योगिक सलाहाकार आये थे।
रोबोटिक और ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की शिक्षा : नक्सल प्रभावित इलाकों के छात्रों को
रायपुर | छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है। यही वजह है कि साय सरकार को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिल रही है। साय सरकार के आने के बाद बड़ी संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर किया है। वहीं कई खूंखार नक्सली जवानों की जवाबी कार्रवाई में ढेर हुए हैं। इसी बीच अब नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा की अलख जगाने के लिए साय सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। नक्सल प्रभावित इलाकों के छात्रों को अब रोबोटिक और ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की शिक्षा देगी। प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। साय सरकार के इस फैसले से नक्सल प्रभावित इलाके के 800 बच्चों को फायदा मिलेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के साथ अनुबंध किया है। अनुबंध के तहत पहले दो शैक्षणिक वर्षों में 800 सरकारी स्कूलों में कौशल शिक्षा लागू की जाएगी। इस अवधि के दौरान 1,600 शिक्षक कक्षा छठवीं से 10 तक के 40,000 छात्रों को कौशल और जीवन कौशल की शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
साय सरकार ने नक्सल इलाकों में शिक्षा की नींव को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सीएम साय ने आदेश दिया है कि आदिवासी बच्चों को उनकी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में प्रदान की जाए। ऐसे में मातृभाषा जानने वाले स्थानीय शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा नियद नेल्लानार योजना भी शुरू की गई है।
संविदा शिक्षकों के नियमितिकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला रखा बरकरार,
रायपुर। संविदाकर्मियों नियमितिकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की एसएलपी को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। दरअसल हाईकोर्ट ने संविदा शिक्षकों को नियमित करने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ सरकार कोर्ट गयी और चुनौती दी, कि संविदाकर्मियों को नियमित करने का कोई प्रावधान ही नहीं है।पूरा मामला छत्तीसगढ़ का है। दरअसल प्रदेश के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में कार्यरत संविदा शिक्षकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के वर्ष 2018 में दिए गए फैसले को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की एसएलपी खारिज कर दी है।
शीर्ष अदालत ने तीन माह के भीतर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के उस निर्णय का पालन करने को कहा है। इसमें कोर्ट ने ऐसे याचिकाकर्ता सभी संविदा प्राध्यापकों को नियमित करने का निर्देश दिया है।हाईकोर्ट के फैसले को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। दायर एसएलपी में कहा था कि, संविदा पर काम करने वाले इन शिक्षकों को नियमित करने का कोई प्रावधान नहीं है।
दिसंबर 2018 में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ 2019 में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के तर्क को खारिज कर दिया है। इस अपील में सरकार ने तर्क दिया था कि, इन शिक्षकों को नियमित करने का कोई प्रावधान नहीं है। कोर्ट में जस्टिस, बीआर गवई, जस्टिस प्रशांत मिश्र और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया था। शीर्ष कोर्ट ने सिर्फ अदालती लड़ाई लड़ने वाले करीब 75 संविदा शिक्षकों को नियमित करने के आदेश दिए हैं।
यह साफ किया गया है कि कानूनी लड़ाई लड़ने वाले सभी संविदा शिक्षक ही नियमितीकरण के पात्र होंगे।गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश जारी होने के दिन से आगामी तीन माह के भीतर ही हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के आदेश का पालन करने का स्पष्ट निर्देश राज्य शासन को दिया गया है। इसके साथ ही शासन की स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी गई है। मामले में छत्तीसगढ़ शासन का पक्ष एडवोकेट जनरल प्रफुल्ल भारत और अन्य ने रखा। संविदा शिक्षकों की ओर से सीनियर एडवोकेट अनूप चौधरी, एडवोकेट दीपाली पाण्डेय और अन्य अधिवक्ता कोर्ट में मौजूद रहे।
गढ़िया पहाड़ पर्यटन स्थल में मिला महिला का कंकाल, जांच में जुटी पुलिस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर शहर का मुकुट कहे जाने वाले ऐतिहासिक पर्यटन स्थल गढ़िया पहाड़ से पुलिस ने एक नर कंकाल बरामद किया है। कंकाल के पास मिले कपड़े और पायल से महिला का शव होने का अंदेशा लगाया जा रहा है।
सुबह पहाड़ पर पहुंचे लोगो ने देख इसकी सूचना पुलिस को दी। वहीं मामले पर कोतवाली थाना प्रभारी मनीष नागर का कहना है कि पहाड़ पर आने जाने वाले लोगो के माध्यम से सूचना मिली कि पहाड़ में किसी अज्ञात व्यक्ति का कंकाल पड़ा है। सूचना पर पुलिस ने पहुंच कर कंकाल को अपने कब्जे में ले लिया है।
प्रथम दृष्टया किसी अज्ञात महिला के कंकाल होने अंदेशा है. जांच के लिए फॉरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है. वहीं महिला का कंकाल मिलने से आसपास के इलाके में सनसनी फैली हुई है. साथ ही पुलिस की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे है।
एकीकृत पेंशन योजना का राज्य में पेंशनरों ने किया स्वागत : राज्य में तुरंत लागू करने की मांग
छत्तीसगढ़ शासन से इसे तुरंत लागू करने की मांग
रायपुर | केन्द्र सरकार द्वारा घोषित 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाली एकीकृत पेंशन योजना का पूर्व कर्मचारी नेता,भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने इसे कर्मचारियों की भविष्य को आर्थिक सुरक्षा देने वाला निरूपित कर स्वागत किया है और छत्तीसगढ़ राज्य में भी इसे तुरंत लागू करने हेतु मुख्यमंत्री से आग्रह किया है।

उन्होंने आगे अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि इस योजना के तहत 10 साल तक सरकारी नौकरी करने वाले को 10 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी और 25 साल नौकरी करने वाले को पूरी पेंशन दी जाएगी | वहीं अगर किसी कर्मचारी की नौकरी के समय मौत हो जाती है तो उसकी पत्नी को 60 प्रतिशत पेंशन दी जाएगी | अगर किसी कर्मचारी ने 25 साल तक काम किया है तो रिटायरमेंट के पहले आखिरी 12 महीने के औसत वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा | सभी एनपीएस वालों को यूपीएस में जाने का विकल्प मिलेगा | सरकार इसके लिए एरियर का भी भुगतान करेगी, जो कर्मचारी 2004 से रिटायर हो चुके हैं उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा | केंद्र सरकार ने ये भी कहा कि अगर राज्य की सरकार यूपीएस को लागू करना चाहती हैं तो वो भी इसे लागू कर सकती हैं |

जारी विज्ञप्ति में पेंसनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश रायपुर के नेता क्रमश: वीरेन्द्र नामदेव, जे पी मिश्रा, पुरानसिंह पटेल, सुरेश मिश्रा, द्रोपदी यादव, लोचन पाण्डे, अनिल गोल्हानी, बी एस दसमेर, कुन्ती राणा, आर एन टाटी, ओ पी भट्ट, बी के वर्मा, दिनेश उपाध्याय, राकेश जैन, आई सी श्रीवास्तव, प्रदीप सोनी, रमेश नंदे, रणविजय सोनी, आर जी बोहरे, एस के चिलमवार, बी एल यादव, सी एल चंद्रवंशी, हरेन्द्र चंद्राकर, नरसिंग राम, ओ डी शर्मा, मालिकराम वर्मा, अनिल तिवारी, के जी विसेंट, रामगोपाल श्रीवास्तव, व्ही टी सत्यम, नागेन्द्र सिंह, आर डी झाड़ी, एस एन देहारी, पी एन उडक़ुड़े, जगदीश कनौजिया, एस के घाटोडे, मो कासिम, आर के नारद आदि ने छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से केन्द्र सरकार द्वारा घोषित किए गए निर्णय को राज्य में तुरंत लागू करने की मांग की है।
बिलासपुर से मुंबई और हैदराबाद के लिए नई फ्लाइट जल्द ही शुरू होने की संभावना
रायपुर | न्यायधानी के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है | जल्द ही बिलासपुर से मुंबई और हैदराबाद के लिए नई फ्लाइट शुरू होने की संभावना है | सूत्रों के मुताबिक इसके लिए एलाइंस एयर कंपनी ने अपनी तैयारी कर ली है | इसके लिए कराए गए सर्वे में भी कंपनी को मुंबई और हैदराबाद के लिए काफी संख्या में यात्री मिलने की उम्मीद है।
एलाइंस एयर कंपनी द्वारा बिलासपुर से संचालित सभी हवाई सेवा को मिल रहे अच्छे प्रतिसाद से उत्साहित होकर बिलासपुर से मुंबई और हैदराबाद मार्ग पर नई उड़ान प्रारंभ करने की संभावना को टटोला गया था | उक्त रूट में पर्याप्त संख्या में यात्री मिलने की पूरी संभवाना है | इसलिए एलाइंस एयर कंपनी के द्वारा किए गए, आकलन में मुंबई से जलगांव चल रही उड़ान को बिलासपुर तक बढ़ाने और हैदराबाद-जगदलपुर-रायपुर उड़ान के रायपुर स्टॉपेज समाप्त हो जाने के कारण उसे बिलासपुर लाने के बारे में अच्छी रिपोर्ट आई है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने उक्त संबंध में मीडिया को बताया कि एलाइंस एयर कंपनी द्वारा रायपुर में अपना सेटअप पूरी तरह समाप्त कर लिया है | इसके बाद जो उड़ान हैदराबाद से जगदलपुर होकर रायपुर तक चल रही थी | वह अब रायपुर आना बंद कर रही है | ऐसे में कंपनी को राज्य के दूसरे प्रमुख शहर बिलासपुर में अच्छी संभावनाएं दिखाई पड़ रही है | इसलिए बिलासपुर को अपने प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है | बिलासपुर से जलगांव होकर मुंबई उड़ान चालू होने पर बिलासपुर के लोगों को महाराष्ट्र के अंदरूनी इलाकों और शिर्डी आदि जाने के लिए एक नजदीकी एयरपोर्ट उपलब्ध होगा | साथ ही साथ मुंबई की सीधी कनेक्टिविटी बिलासपुर को मिल सकेगी | इस उड़ान में करीब चार घंटे लगने की संभावना है | वहीं बिलासपुर से जगदलपुर होकर हैदराबाद की उड़ान ढाई घंटे में पूरी हो जाएगी।
नक्सली उत्पात: मुखबिरी के शक में जनअदालत लगाकर निर्मम हत्या, जानें डिटेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के भैरमगढ़ इलाके में नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी क्रूरता का परिचय देते हुए एक ग्रामीण युवक की हत्या कर दी। नक्सलियों ने रविवार को जैगूर गांव के जंगल में जन अदालत लगाई, जिसमें युवक सीतु मंडावी को पुलिस मुखबिरी के आरोप में मौत की सज दी।
सूत्रों के अनुसार, भैरमगढ़ के जैगूर गांव के निवासी सीतु मंडावी पर 2021 से पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप था। इस आरोप के चलते नक्सलियों ने उसे जन अदालत में पेश किया, जहां ग्रामीणों के सामने उसे मौत की सजा सुनाई गई। जन अदालत के बाद उसे बंधक बनाकर रखा गया और सोमवार सुबह उसकी हत्या कर दी गई। मृतक का शव गांव के समीप जंगल में मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। घटना के बाद नक्सलियों की भैरमगढ़ एरिया कमेटी ने पर्चा जारी कर युवक की हत्या की जिम्मेदारी ली है. पर्चे में नक्सलियों ने स्पष्ट किया कि सीतु मंडावी को पुलिस मुखबिरी के कारण मार दिया गया है।
भैरमगढ़ के एसडीओपी तारेश साहू ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना जांगला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है. ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर रवाना हुई है, लेकिन इलाके की दुर्गमता के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में समय लग रहा है. पुलिस ने बताया कि विस्तृत जानकारी पुलिस पार्टी के लौटने पर ही उपलब्ध हो पाएगी।
52 वर्षों में 53 बार रक्तदान करने वाले बजरंग गर्ग का रेड क्रॉस सोसाइटी ने किया सम्मान
बजरंग गर्ग लगभग 29 साल से कर रहे हैं रक्तदान
29 साल से प्रत्येक विश्व रक्तदान दिवस पर करते आ रहे हैं रक्तदान
रायपुर | संयुक्त जिला सूरजपुर कार्यालय के कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में संपन्न हुई की रेड क्रॉस सोसाइटी की समीक्षा बैठक में जिले के जागरूक व मानव सेवा को समर्पित व्यवसायी बजरंग गर्ग को उनके 52 वर्ष की उम्र में 53 बार रक्तदान करने के लिए राज्य रेड क्रॉस सोसाइटी मुख्य कार्यपालन अधिकारी सह जनरल सेक्रेटरी एम के राऊत द्वारा सम्मानित किया गया। बजरंग गर्ग को सम्मानित करते हुए एम के राऊत ने अपने वक्तव्य में कहा कि वक्त के हर क्षण की तरह ही रक्त का प्रत्येक कण अमूल्य होता है। रक्तदान से जुड़ना, मानवता के हित में काम करना है।

रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार बजरंग गर्ग द्वारा जिले में निवासरत किसी भी नागरिक की तुलना में सर्वाधिक बार रक्तदान किया गया है। इस अवसर पर व्यवसायी बजरंग गर्ग ने बताया कि वो पिछले 29 साल से अपनी क्षमता और दूसरों की आवश्यकता के अनुरूप रक्तदान करते आए हैं। वो इस कार्य से कैसे जुड़े यह उनके लिए बता पाना कठिन है,परंतु परिवार में मानव सेवाभाव हमेशा से प्राथमिकता रही है जो कि इस कार्य के साथ जुड़ाव का एक कारण है।
उन्होंने यह भी बताया कि उनके द्वारा प्रत्येक विश्व रक्तदान दिवस पर रक्तदान किया गया है। इसके साथ ही वो हमेशा से ही दूसरों को भी रक्तदान, मानव कल्याण के कार्य के लिए जागरुक करते आ रहे हैं।
उक्त सम्मान समारोह के अवसर पर रेडक्रॉस के चेयरमेन अशोक अग्रवाल,जिला पंचायत सीईओ कमलेश नंदनी साहू , सीएमएचओ डॉ. कपिल देव पैकरा, अन्य अधिकारी व रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्य उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर का निरीक्षण किया
रायपुर | जशपुर पहुंचे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने जिला जशपुर के तालुका न्यायालय, व्यवहार न्यायालय बगीचा और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर का निरीक्षण किया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत हुए। मुख्य न्यायाधिपति सिन्हा व्यवहार न्यायालय बगीचा के निरीक्षण उपरांत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां पहुंचने पर मुख्य न्यायाधिपति का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर के न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं ने स्वागत किया।

मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर के कोर्ट के संचालन के लिए बने विभिन्न अनुभाग अभिलेखागार, कंप्यूटर सर्वर रूम, फर्स्ट एड क्लीनिक, मालखाना, बच्चों के लिए बने किलकारी कक्ष, कुटुम्ब न्यायालय, अधिवक्ता कक्ष सहित अन्य कक्षों का निरीक्षण किया और अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों से चर्चा के दौरान कहा कि मैं लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तय कर बिलासपुर से आप लोगों से मिलने और आप लोगों की समस्याओं से अवगत होने के लिए आया हूं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में बने न्यायालय में जाकर वे वहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, ताकि वहां पर किसी भी प्रकार की कमी हो तो सुधार किया जा सके और न्याय व्यवस्था आम नागरिकों के लिए सुलभ हो सके। मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने किलकारी कक्ष के निरीक्षण के दौरान वहां पर मौजूद कक्षा पहली में पढ़ने वाले मयंक यादव से बात की और उसे उपहार प्रदान करते हुए उक्त बालक के साथ फोटो भी लिया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश हिरेन्द्र सिंह टेकाम भी मुख्य न्यायाधिपति के साथ मौजूद रहे।
मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने अधिवक्ताओं से चर्चा के दौरान कहा की वे यहां पहली बार आ रहे हैं। जशपुर जिले का नैसर्गिक सौंदर्य सहज ही आकर्षित करने वाला है, जशपुर जिला छत्तीसगढ का कश्मीर है। मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने कहा कि न्याय की व्यवस्था को सुदूर अंचल तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को डिजिटल किया गया है ताकि किसी भी स्थान से अधिवक्ता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अपने प्रकरण में जिरह कर सकें। अन्य सुविधा के लिए मोबाईल एप भी बनाए गए हैं, जिसके माध्यम से सुदूर अंचल के निवासी एवं गरीब पक्षकार भी लाभ प्राप्त कर समय एवं पैसे का बचत कर सके।

मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने जशपुर जिले के व्यवहार न्यायालय कुनकुरी के न्यायालय एवं सभी अनुभाग का निरीक्षण भी किया एवं अधिवक्ताओं से सौजन्य मुलाकात किया। मुख्य न्यायाधिपति के द्वारा उक्त न्यायालयों के रख-रखाव एवं व्यवस्था पर संतुष्टि व्यक्त किया एवं भविष्य में अधिक बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अग्रिम सुधार हेतु प्रोत्साहित किया।
निरीक्षण के दौरान उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल बलराम प्रसाद वर्मा, संयुक्त रजिस्ट्रार सह पीपीएस एम.वी.एल.एन. सुब्रहमन्यम, प्रोटोकॉल ऑफिसर आर.एस. नेगी एवं पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह एवं पुलिस के अन्य अधिकारी, कमर्चारी, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष भागवत नारायण सिंह सहित अन्य अधिवक्तागण तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर, व्यवहार न्यायालय कुनकुरी एवं व्यवहार न्यायालय बगीचा के न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।