छत्तीसगढ़
देश की राजधानी दिल्ली में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की दिखी झलक
रायपुर। देश की राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति व कला के बड़ी संख्या में लोग साक्षी बने। मौका था 43वें भारत अंतरर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ राज्य दिवस समारोह का, जहां एमफी थियेटर में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने मनोहर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य दिवस समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ पवेलियन में अलग-अलग स्टॉलों का भ्रमण कर कलाकारों को प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में राज्य को "संभावनाओं की भूमि" बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब "सशक्त भारत" के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि में नवाचार, और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। हमारा उद्देश्य राज्य को शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक विकास के संयोजन के साथ एक वैश्विक पहचान बनाने के लिए तैयार है।
सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ से आये कलाकारों ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न उत्सवों, तीज त्योहारों पर किए जाने वाले नृत्यों की प्रस्तुति दी। दर्शकों ने भरपूर तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। छत्तीसगढ़ी लोकमंच पर गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ, और पंथी जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दी गई। नृत्य के माध्यम से कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोक कला और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रस्तुतिकरण किया। कलाकारों ने गौरा-गौरी और भोजली की धार्मिक परंपरा, सुआ नृत्य के भावपूर्ण गीत, और राउत नाचा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की जीवंत लोक परंपराओं से दर्शकों को रूबरू कराया। इसके साथ ही पंथी और करमा नृत्य द्वारा आध्यात्मिकता और भक्ति भाव से दर्शकों को सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर दिल्ली में पदस्थ छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी, संस्कृति व राजभाषा विभाग के संचालक विवेक आचार्य, लघु वनोपज के महाप्रबंधक मणिवासन एस, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक विश्वेश कुमार, जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल, आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विकास कार्यों की समीक्षा की
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का ध्यान रखने के दिए निर्देश, जल जीवन मिशन के कार्यों को दिसम्बर-2024 तक पूर्ण करने कहा
रायपुर | उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार को बीजापुर जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर संभाग के नारायणपुर, सुकमा एवं दंतेवाड़ा जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सहित बीजापुर जिले में विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। साव ने बैठक में अंदरूनी इलाकों में सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण कार्यो में तेजी लाते हुए समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में अनावश्यक लेट-लतीफी करने वाले और गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देने वाले ठेकेदारों के कार्यों को निरस्त कर ब्लैक लिस्टेड करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री साव ने बैठक में बीजापुर के आवापल्ली, बासागुड़ा, जगरगुंडा मार्ग की प्रगति की जानकारी ली और इसका निर्माण कार्य आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने 50 किलोमीटर लंबाई के नेलसनार-गंगालूर मार्ग के शेष बचे 11 किलोमीटर का निर्माण कार्य भी जल्दी पूरा करने को कहा। साव ने बीजापुर से भोपालपटनम मार्ग में मोदकपाल के पास सड़क दुर्घटनाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने भारत सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के कार्यों को दिसम्बर-2024 तक पूर्ण करने को कहा। उन्होंने बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत तीन चरणों के सर्वे कार्य को जल्द पूरा करते हुए सभी पात्र हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बीजापुर एवं बस्तर संभाग सुदूरवर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्र है। यहां काम करने में कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। चुनौतियों के बीच काम करने का अनुभव अलग होता है। आप लोगों को बस्तर के सरल-सहज आदिवासी भाई-बहनों के विकास और कल्याण के कार्य करने का मौका मिला है। आप लोग संवेदनशीलता के साथ बस्तरवासियों की तकलीफों को समझें और उनसे प्रेमपूर्वक बातें कर उनकी समस्याओं का समाधान करें। बीजापुर के कलेक्टर संबित मिश्रा ने बैठक में विकास योजनाओं और जिले में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत के सीईओ हेमंत रमेश नंदनवार, डीएफओ रामाकृष्णा रंगानाथा वाय., इन्द्रावती टाइगर रिजर्व के उप निर्देशक संदीप बल्गा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता डॉ. एम.एल. अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर फिर लहराया परचम
छत्तीसगढ़ ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर फिर लहराया परचम
कांकेर जिला बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए हुआ चयनित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चुना गया है। कांकेर जिले को यह राष्ट्रीय अवार्ड 21 नवंबर विश्व मात्स्यिकीय दिवस के अवसर पर मिलेगा। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित कार्यक्रम यह सम्मान प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल एवं जॉर्ज कुरियन भी उपस्थित होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर को देश का बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चयन होने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए कांकेर सहित राज्य के सभी मत्स्य कृषकों एवं मछलीपालन विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ लैंड लॉक प्रदेश होने के बावजूद भी मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान पर है। मछली बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर हैं। यह उपलब्धि हमारे राज्य के मत्स्य कृषकों की मेहनत का परिणाम है। छत्तीसगढ़ मछली बीज उत्पादन के मामले में न सिर्फ पूरी तरह से आत्मनिर्भर है, बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी मछली बीज निर्यात कर रहा है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कुल 1,29,039 जल स्त्रोत उपलब्ध है, जिसका जल क्षेत्र 2.032 लाख हेक्टेयर है, जिनमें 96 प्रतिशत में किसी न किसी रूप में मत्स्य पालन हो रहा है। 3571 कि.मी का नदीय जलक्षेत्र भी उपलब्ध है। सघन मत्स्य पालन हेतु अतिरिक्त जलक्षेत्र निर्मित किया जा रहा है. अब तक कुल 6783 हेक्टर जलक्षेत्र निर्मित हो चुका है। एक समय था जब छत्तीसगढ़ मत्स्य बीज के लिए पश्चिम बंगाल राज्य पर निर्भर था। कुल 82 नवीन हैचरी निर्मित कर 115 हैचरियों के माध्यम से 546 करोड़ मत्स्य बीज का प्रति वर्ष उत्पादन होने से राज्य न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ अपितु अन्य राज्यों को भी मत्स्य बीज निर्यात कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में प्रति वर्ष 7.30 लाख टन मत्स्य उत्पादन हो रहा है। राज्य अन्तर्देशीय मत्स्य उत्पादन में देश में 8 वें स्थान पर है। राज्य में अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन हेतु जलाशयों एवं बंद खदानों में अब तक 9551 केज, 415 बायोफ्लॉक, 06 आर.ए.एस. एवं 253 बॉयोफलॉक पॉण्ड स्थापित किए गए हैं। रायपुर, दुर्ग बिलासपुर एवं जांजगीर में थोक मत्स्य बाजार की स्थापना की गई। प्रदेश के मत्स्य पालकों का एन.एफ.डी.पी. योजना अंतर्गत पंजीयन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंक से ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। पात्रतानुसार मत्स्य कृषकों को एक प्रतिशत से लेकर तीन प्रतिशत ब्याज पर अल्प अवधि ऋण भी दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में नक्सल आपरेशन में मिल रही सफलता की पूरे देश में हो रही है प्रशंसा : मुख्यमंत्री साय
चार लोगों से 70 लाख रुपये की ठगी.... महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सीपत क्षेत्र के ग्राम झलमला में एक बदमाश द्वारा 70 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया हैं। पीड़ित ने धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस थाना में दर्ज कराई। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच में जुट गई। जिसके बाद पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना सीपत थाना क्षेत्र का हैं। पीड़ित गोविंद राम साहू ने धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस थाना में दर्ज कराई। बताया जा रहा कि, ग्राम झलमला में रहने वाले आरोपी अभिषेक साहू और उसके परिवार के लोगों के शामिल खाते की 7 एकड़ 30 डिसमिल जमीन है। जिसे आरोपी अभिषेक साहू और उसके परिवार वाले बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे।
इस दौरान आरोपी अभिषेक साहू ने जमीन बेचने के नाम पर कुल 4 लोगो से करीब 70 लाख की ठगी कर ली। सभी ने जब अपने रुपयों की मांग की तो आरोपी अभिषेक साहू गांव छोड़कर भाग निकला। पीड़ित ने धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस थाना में दर्ज कराई। घटना की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच में जुट गई। जिसके बाद पुलिस ने महिला समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं।
बिलासपुर-कटनी मार्ग पर 21 से 30 नवंबर तक नर्मदा एक्सप्रेस-अंबिकापुर इंटरसिटी सहित 20 ट्रेनें निरस्त
रायपुर। बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस एवं जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी सहित 20 ट्रेनें 21 नवंबर से 30 नवंबर के मध्य निरस्त की गई है। इस दौरान बिलासपुर रेल मंडल के नौराजाबाद स्टेशन में तीसरे रेल लाइन जोड़ने का कार्य होगा।
Train Cancelled List: यह गाड़ियां निरस्त…
23 नवंबर से दो दिसंबर – 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस।
21 से 30 नवंबर – 18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस।
23 से 30 नवंबर – 11265 जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस।
24 नवंबर से एक दिसंबर – 11266 अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस।
22 से 30 नंवबर – 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस।
23 नवंबर से एक दिसंबर – 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस।
25, 27 एवं 29 नवंबर – 11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस।
26, 28 एवं 30 नवंबर -11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस।
23 से 30 नवंबर – 06617 कटनी-चिरमिरी एक्सप्रेस।
24 नवंबर से एक दिसंबर – 06618 चिरमिरी-कटनी एक्सप्रेस।
Train Cancelled List: इन ट्रेनों का परिचालन भी रहेगा प्रभावित…
23 नवंबर से एक दिसंबर – 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस।
22 से 30 नवंबर – 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस।
25 एवं 28 नवंबर – 12535 लखनऊ-रायपुर गरीबरथ एक्सप्रेस।
26 एवं 29 नवंबर – 12536 रायपुर-लखनऊ गरीबरथ एक्सप्रेस।
26 एवं 29 नवंबर – 22867 दुर्ग-नज़मुद्दीन एक्सप्रेस।
27 एवं 30 नवंबर – 22868 निजामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस।
24 एवं 26 नवंबर – 18203 दुर्ग-कानपूर एक्सप्रेस।
25 एवं 27 नवंबर – 18204 कानपूर-दुर्ग एक्सप्रेस।
24 नवंबर – 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस।
25 नवंबर – 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की पात्रता के लिए आय सीमा नहीं का बंधन नहीं
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) उमेश कुमार मिश्र ने बताया कि यह गलत जानकारी कुछ लोगों द्वारा वायरल की जा रही है जिसमें पात्रता के लिए 6000 रूपये की आय सीमा बताई जा रही है। जो भ्रामक और वस्तुस्थिति से परे है। वास्तव में इस योजना में 1 से 3 किलोवॉट का सोलर पावर प्लांट बिजली उपभोक्ता की छत पर लगाने पर 30 हजार से लेकर 78 हजार रुपए तक की सबसिडी का प्रावधान सभी के लिए है ,चाहे वे किसी भी आय व जाति वर्ग के हों।
योजनानुसार प्रतिमाह 300 यूनिट की मुफ्त बिजली मिलेगी ,जो उपभोक्ता की छत पर सौर ऊर्जा के रूप में उत्पादित होगी। यदि छत पर उत्पादित पूरी बिजली का उपयोग उपभोक्ता किसी कारण से नहीं कर पाता तो उसके ग्रिड के माध्यम से समायोजन की व्यवस्था भी रहेगी ताकि उपभोक्ता को आर्थिक लाभ में बाधा न आये। जो उपभोक्ता बैंक से ऋण लेना चाहते हैं उनके लिये मात्र 7 प्रतिशत ब्याज पर आसान ऋण की व्यवस्था भी की गई है। आवेदन के लिए पीएम सूर्यघर के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन करना होता है। यह योजना अपने घर की छत पर अपना बिजली घर बनाने का मार्ग प्रशस्त कर रही है ।
गुरू घासीदास-तमोर पिंगला बना देश का 56वां टाइगर रिजर्व….. मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार
रायपुर। छत्तीसगढ़ को बाघों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व‘ के रूप में एक नया टायगर रिजर्व मिल गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव को धन्यवाद दिया है। यह टायगर रिजर्व देश का 56वां टायगर रिजर्व होगा। गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 2829.387 वर्ग किलोमीटर होगा। इनमें आरक्षित वन 1254.586 वर्ग किलोमीटर, संरक्षित वन 1438.451 वर्ग किलोमीटर तथा राजस्व क्षेत्र 136.35 वर्ग किलोमीटर शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को देश के 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किए जाने की जानकारी राष्ट्र को दी है। उन्होंने कहा कि भारत बाघ संरक्षण में नए मील के पत्थर स्थापित कर रहा है, इसी क्रम में हमने छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की सलाह पर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को अधिसूचित किया। कुल 2829.38 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस बाघ अभयारण्य में 2049.2 वर्ग किलोमीटर का कोर/ क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट शामिल है, जिसमें गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं, और इसका बफर क्षेत्र 780.15 वर्ग किलोमीटर का है। यह इसे आंध्र प्रदेश के नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व और असम के मानस टाइगर रिजर्व के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाता है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व देश में अधिसूचित होने वाला 56वां टाइगर रिजर्व बन गया है।
भारत की राष्ट्रीय वन्यजीव योजना में परिकल्पित संरक्षण के लिए परिदृश्य दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, नव अधिसूचित बाघ अभयारण्य मध्य प्रदेश में संजय दुबरी बाघ अभयारण्य से सटा हुआ है, जो लगभग 4500 वर्ग किलोमीटर का परिदृश्य परिसर बनाता है। इसके अलावा, यह अभयारण्य पश्चिम में मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य और पूर्व में झारखंड के पलामू बाघ अभयारण्य से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने अक्टूबर, 2021 में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य को अधिसूचित करने के लिए अंतिम मंजूरी दी थी।
छोटा नागपुर पठार और आंशिक रूप से बघेलखंड पठार में स्थित यह बाघ अभयारण्य विविध भूभागों, घने जंगलों, नदियों और झरनों से समृद्ध है, जो समृद्ध जीव विविधता के लिए अनुकूल हैं और इसमें बाघों के लिए महत्वपूर्ण आवास मौजूद हैं। भारतीय प्राणी सर्वेक्षण द्वारा गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व से 365 अकशेरुकी और 388 कशेरुकी सहित कुल 753 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया है। अकशेरुकी जीवों का प्रतिनिधित्व ज्यादातर कीट वर्ग द्वारा किया जाता है। कशेरुकी जीवों में पक्षियों की 230 प्रजातियाँ और स्तनधारियों की 55 प्रजातियाँ शामिल हैं, जिनमें दोनों समूहों की कई संकटग्रस्त प्रजातियाँ शामिल हैं। इस अधिसूचना के साथ, छत्तीसगढ़ में अब 4 बाघ रिजर्व हो गए हैं, जिससे प्रोजेक्ट टाइगर के तहत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से मिल रही तकनीकी और वित्तीय सहायता से इस प्रजाति के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने बनेगा टूरिज्म कॉरिडोर... ऊर्जा चलित पॉवर बैंक का शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में चित्रकोट में आयोजित बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक में बस्तर में पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म कॉरिडोर बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही बस्तर अंचल के पर्यटन के लिए चिन्हित स्थानों को विकसित करने के लिए रणनीति तैयार की गई। बैठक में बस्तर में एनएमडीसी द्वारा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण के संबंध में भी चर्चा की गई। इस मौके पर साय ने सौर समाधान और मनो बस्तर एप्प लॉन्च किया तथा सौर ऊर्जा चलित पॉवर बैंक का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के उन्नयन कार्यक्रम के लिए कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धूड़मारास गांव के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे बस्तर को नई पहचान मिली है। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र के पर्यटन ग्राम उन्नयन कार्यक्रम के लिए 60 देशों से चयनित 20 गांवों में भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के धूड़मारास ने भी अपनी जगह बनाई है।
मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने बस्तर और सरगुजा के विकास पर अपना ध्यान विशेष रूप से केंद्रित किया है। इन क्षेत्रों के विकास में आदिवासी विकास प्राधिकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्रों के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। सीएसआर मद में भी काफी राशि उपलब्ध है। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। केन्द्र और राज्य दोनों में जनजातीय समुदायों के विकास के लिए संवेदनशील सरकारें हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक माओवादी आतंकवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में राज्य में बेहतर काम हो रहा है। माओवादी आतंकवाद छोटे से क्षेत्र में सिमट कर रह गया है। हम लोगों ने बस्तर में पूर्ण शांति बहाली करते हुए अंदरूनी क्षेत्रों तक लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का संकल्प लिया है। यह तभी होगा जब शासन के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत होगा। यह विश्वास विकास से ही निर्मित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, पेयजल, बिजली, मोबाइल टॉवर जैसी अधोसंरचनाएं अंदरूनी गांवों तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के तहत 34 नए सुरक्षा कैंप खोले गए हैं जहां ग्रामीणों को विभिन्न सुविधाएं भी दी जा रही हैं। बस्तर में शांति कायम हो, इसके लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें सतत प्रयास कर रही हैं। बैठक में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों से अमूल्य सुझाव मिले। सभी टीम भावना से काम करके विकास के प्रति एकजुटता दिखाएं।
आदिवासी अंचलों में 77,292 घरों में बिजली पहुंचाने का कार्य प्रगति पर
मुख्यमंत्री साय का बस्तरिया अंदाज में स्वागत... गौरसिंग मुकुट पहनाकर किया गया अभिनन्दन
बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक
रायपुर | बस्तर के चित्रकोट में बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक हो रही है | बैठक में शामिल होने सीएम साय चित्रकोट पहुंचे | चित्रकोट हैलिपैड पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव सहित बस्तर के विधायकों और नेताओं ने सीएम का स्वागत किया | चित्रकोट में बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक लगभग 4 घंटे तक चलेगी | इस बैठक में बस्तर संभाग के सभी विधायकों के साथ प्रदेश अध्यक्ष, डिप्टी सीएम अरुण साव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कांग्रेस विधायक व पूर्व प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, पूर्व मंत्री कवासी लखमा भी मौजूद रहेंगे | छत्तीसगढ़ में 2023 के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद पहली बार 2024 में यह बैठक बस्तर में आयोजित की गई है | ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बस्तर के विकास को लेकर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं | सीएम साय ने गोंडी भाषा में एक्स पर किया पोस्ट- छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय ने बस्तर दौरे को लेकर पोस्ट किया।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बालकोनगर में 77 लाख के विकास कार्यों की रखी आधारशिला
रायपुर | वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बालको नगर जोन के दो वार्डों क्रमशः वार्ड क्रमांक 34 और वार्ड क्रमांक 36 में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में कुल 77 लाख के विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी।
विधिवत पूजन अर्चना कर मंत्री देवांगन ने भूमिपूजन शिलापट्टी का अनावरण किया। इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव जी का आभार जताते हुए कहा कि कोरबा शहर के समुचित विकास के लिए बहुत गंभीर है। कोरबा शहर के विकास के लिए राशि लगातार जारी की जा रही है, जितने भी कार्यों की मांग आम जनमानस और वार्ड के पार्षदों से मिल रही है उन सभी कार्यों को एक महीने के भीतर स्वीकृत कराकर तत्काल प्रारम्भ भी किए जा रहे हैं।
मंत्री देवांगन ने कहा कि बालको नगर जोन के वार्डाे की मांग लंबे समय से अटकी हुई थी, सड़क, नाली निर्माण के लिए जनता मांग कर थक चुकी थी, लेकिन अब विष्णुदेव सरकार में किसी भी कार्य के लिए कोई फण्ड की कमी न तो हो रही हैं न ही कभी होगी।आने वाले कुछ महीने में शहर को और भी विकास कार्यों की स्वीकृति मिलने जा रही हैं. इस तरह से सिर्फ सिर्फ 10 महीने में ही कोरबा नगर निगम को 250 करोड़ की स्वीकृति दिलाई जा चुकी है।
दोनों ही वार्डों में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में जिला उपाध्य्क्ष प्रफुल्ल तिवारी, वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद नरेंद्र देवांगन, पूर्व मण्डल अध्यक्ष नरेंद्र पाटनवर, नेता प्रतिपक्ष हितानन्द अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष शिवबालक तोमर, पार्षद लुकेश्वर चौहान, पूर्व एल्डरमैन सत्येंद्र दुबे, देवी दयाल सोनी,दिलेन्द्र यादव, लखन चंद्रा, वैभव शर्मा, अनिल यादव समेत निगम के भी अधिकारी गण भी उपस्थित रहे।
वार्ड क्र. 35 पुराना शांति नगर में सी. सी. रोड एवं नाली निर्माण कार्य, लागतरू 6 लाख,वार्ड क्र. 36 नया रिस्दा भदरापारा चंद्रा समाज भवन के पास 2 अमर सिंह चंद्रा के घर के पास वाली गली में सामुदायिक भवन का निर्माण कार्यरू लागत 20 लाख,वार्ड क्र. 36 प्राथमिक शाला रिस्दा स्कूल का निर्माण/मरम्मत लागत रू 15 लाख, वार्ड क्र. 36 प्राथमिक शाला पाड़ीमार स्कूल भवन का निर्माण, लागत रू 15 लाख,वार्ड क्र. 34 बजरंग चौक बेलगिरी बस्ती में सी.सी. रोड एवं नाली 1 निर्माण कार्य, लागत 10 लाख,वार्ड क्र. 34 चेकपोस्ट में मुक्तिधाम निर्माण,लागत 5 लाख, वार्ड क्र 41 परसाभाठा बिही बाड़ी में मंच निर्माण कार्य, लागतरू 3 लाख, वार्ड क्र. 41 परसाभाठा मीना डहरिया के घर के पास सी.सी. रोड 4 व स्लैब निर्माण कार्य, लागत 3 लाख, इस प्रकार कुल 77 लाख के कार्यों का भूमि पूजन सम्पन्न हुआ।
अनियंत्रित होकर घर में जा घुसा तेज रफ्तार ट्रक, अंदर मौजूद था पूरा परिवार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से हादसे की बड़ी ख़बर आ रही है, बताया जा रहा है कि यहां तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक एक घर के दीवार को तोड़ते हुए घर में जा घुसा। इस दौरान महिला घर के आंगन में झाडू लगा रही थी, वहीं हादसे के वक्त घर के सभी सदस्य घर के अंदर ही मौजूद थे। जो ट्रक के चपेट में आने से बाल, बाल बच गए।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद ट्रक के अंदर फंसे ड्राइवर को भरपूर कोशिश के बाद बाहर निकाल लिया गया। जानकारी के मुताबिक घटना चारामा थाना इलाक़े के चावड़ी गांव के पास की बताई जा रही है, जहां ट्रक चारामा से पुरी की तरफ जा रही थी, उसी दौरान चावड़ी गांव के पास सामने से आ रही दोनों ट्रकों की जोरदार भिड़ंत हो गई।
जिसके बाद तेज रफ्तार ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे घर में जा घुसा, जबकि दूसरा ट्रक टायर फटने के कारण मौके पर ही खड़ा रह गया, जानकारी के मुताबिक जिस वक्त ये हादसा हुआ उस समय महिला घर के आंगन में झाडू लगा रही थी, जबकि परिवार के अन्य लोग घर के अन्दर ही मौजूद थे, जो बाल, बाल बच गए।
अगर आप भी बना रहे हैं बस्तर टूर तो यह खबर आपके लिए...
रायपुर। प्रशासन द्वारा 17 और 18 नवंबर को पर्यटकों के लिए बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात बंद किया गया है। दरअसल 18 नवंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में चित्रकोट में बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक होनी है। इसी दो घंटे की बैठक के लिए प्रपात को दो दिनों के लिए बंद किया जा रहा है। प्रशासन ने शुक्रवार को प्रपात बंद किए जाने की जो सूचना जारी की उसके अनुसार 17 और 18 नवंबर को प्रपात तक पर्यटकों की आवाजाही बंद रहेगी। टूरिज्म के पीक सीजन में पर्यटकों के लिए प्रपात को बंद किए जाने के फैसले पर अब सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि क्या बैठक कहीं और नहीं हो सकती थी। चित्रकोट में ही बैठक क्यों रखी गई। यहां बैठक होने से किसे और क्या फायदा होगा।
17 को रविवार है और इस दिन स्थानीय पर्यटकों के साथ ही बाहरी पर्यटक बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। अब जब रविवार को पर्यटक यहां आएंगे तो उन्हें निराश होकर यहां से लौटना पड़ेगा। यहां एक विशाल डोम तैयार किया गया है जहां पर बैठक होगी। शायद सीएम को कुछ देर के लिए प्रपात दिखाने यह पूरी कवायद अफसरों ने की है। इस फैसले से आम लोगों को कितना नुकसान होगा इसकी परवाह बिल्कुल भी नहीं की गई।
एक तरफ प्रशासन पखवाड़ेभर से बंद कोटमसर गुफा का समाधान नहीं निकाल पाया है और दूसरी तरफ चित्रकोट को दो दिन के लिए बंद करने जा रहा है। बस्तर के पर्यटन के लिए काम कर रहे लोगों का कहना है कि चंद अफसरों के फैसले की वजह से पर्यटन केंद्रों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ऐसी परंपरा भविष्य के लिए घातक साबित होगी। इन दिनों पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र और तेलंगाना से बड़ी संख्या में पर्यटक चित्रकोट जल प्रपात पहुंच रहे हैं। इन्हीं पर्यटकों में से कइयों का शेड्यूल पहले से 17 और 18 तारीख का तय होगा। उनकी होटल बुकिंग से लेकर तमाम तैयारी हो चुकी होगी। जब वे यहां आएंगे तो उन्हें निराशा हाथ लगेगी। पर्यटकों को होने वाले नुकसान की भरपाई अब कौन करेगा।
बस्तर का धुड़मारास सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के लिए चयनित... सीएम ने दी बधाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के छोटे से गांव धुड़मारास ने देश और दुनिया में अपनी अनोखी पहचान बनाई है। बस्तर जिले के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के उन्नयन कार्यक्रम के लिए चयनित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के पर्यटन ग्राम उन्नयन कार्यक्रम के लिए 60 देशों से चयनित 20 गांवों में भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के धुड़मारास ने भी अपनी जगह बनाई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए पर्यटन विभाग की टीम के साथ ही बस्तर जिला प्रशासन तथा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धुड़मारास की सफलता का मुख्य श्रेय यहां के स्थानीय निवासियों को जाता है, जिन्होंने अपने पारंपरिक ज्ञान और संसाधनों को संरक्षित रखते हुए इसे आकर्षक पर्यटक स्थल में बदल दिया है। धुड़मारास प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। बस्तर के अदभुत आदिवासी जीवनशैली, पारम्परिक व्यंजन, हरियाली और जैव विविधता से समृद्ध यह गांव पर्यटकों के लिए एक आकर्षक ही नहीं बल्कि रोमांचक स्थल है।
धुड़मारास गांव दुनिया भर के उन 20 गांवों में से एक है जिसे सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव उन्नयन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चुना गया है। धुड़मारास को इसकी अनूठी सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संुदरता और सतत पर्यटन विकास की क्षमता के कारण चुना गया है। उन्नयन कार्यक्रम में शामिल होने से गांव को उन संसाधनों तक पहंुंच प्राप्त होगी जो इसके पर्यटन बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, सांस्कृतिक संपत्तियों को बढ़ावा देने और ग्रामवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार में मदद करेंगे। विश्व स्तर पर पर्यटन गांव के रूप में इस गांव की पहचान स्थापित होने का तात्पर्य यह भी है कि लंबे समय के बाद बस्तर में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। उल्लेखनीय है कि धुड़मारास तथा बस्तर के ही चित्रकोट गांव को इस वर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला था।
प्रकृति की गोद में बसा धुड़मारास गांव घने जंगलों से घिरा हुआ है। गांव के बीच से बहती कांगेर नदी इसे मनमोहक बना देती है। बस्तर के लोग मेहमाननवाजी के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि स्थानीय लोग अपने घरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध करवा रहे हैं, ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवाने से उन्हें रोजगार मिल रहा है। गांव के युवा पर्यटकों को आसपास के क्षेत्रों की सैर कराते हैं। स्थानीय खानपान के अंतर्गत पर्यटकों को बस्तर के पारम्परिक व्यंजन परोसे जाते हैं।
संघर्षों में पली बिटिया ने थामा बैडमिंटन.... तो मुख्यमंत्री ने दी शाबाशी, कहा- खूब आगे बढ़ो
रायपुर। धमतरी की रहने वाली मजदूर पिता की बैडमिंटन प्लेयर बेटी रितिका ध्रुव ने कभी नहीं सोचा था कि उसका अपने खेल के प्रति जुनून एक दिन उसे मुख्यमंत्री से रूबरू करवा देगा। आज जब रितिका को मोबाइल पर वीडियो कॉल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्नेहमयी चेहरा नजर आया तो उसे विश्वास नहीं हुआ कि उसकी बात प्रदेश की मुखिया से हो रही है।
मुख्यमंत्री साय ने रितिका से बात करते हुए उसके बैडमिंटन के हुनर को सराहा और उसका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप इसी तरह अपने बैडमिंटन के हुनर को निखारिये। खूब आगे बढ़िये और अपने माता-पिता के साथ पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाइये। हम आपके साथ हैं, आपको बैडमिंटन के लिए जो भी सहायता व सुविधाएं चाहिए उसे हम आपको देंगे। मुख्यमंत्री की ये बात सुनकर रितिका का चेहरा खिल उठा।
मुख्यमंत्री ने रितिका से वीडियो-कॉल में बड़ी आत्मीयता से बात की और उसके बैकग्राउंड के विषय में जाना। रितिका ने बताया कि उसके पिता जीवनयापन के लिए मजदूरी का कार्य करते हैं और माता आंगनबाड़ी सहायिका हैं। उसे बचपन से ही बैडमिंटन के खेल में रुचि थी। समय के साथ उसका ये शौक जुनून में बदल गया और वह पूरे तरह से इस खेल के प्रति समर्पित हो गई। मगर परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि बड़े स्तर के टूर्नामेंट के लिए वह अपने टैलेंट को तराश सके। मुख्यमंत्री ने संघर्षों के बावजूद बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन के लिए रितिका की खूब सराहना की।
मुख्यमंत्री को रितिका ने वीडियो कॉल पर बताया कि उसने बंगलुरू में खेलो-इंडिया यूनवर्सिटी लेवल गेम्स और हाल ही में ओडिसा में नेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है। वह आगे नेशनल-इंटरनेशनल स्तर पर खेलना चाहती है और ओलम्पिक में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने रितिका से कहा कि आपका ओलम्पिक का सपना भी पूरा होगा। मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ वे राज्य ओलंपिक संघ के अध्यक्ष भी हैं। आपकी तरह छत्तीसगढ़ की बेटियां जो अपने खेल में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं, उन्हें सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा।
मुख्यमंत्री को रितिका ने बताया कि वो अभी बीए अंतिम वर्ष में पढ़ाई भी कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने रितिका को खेल के साथ अपनी पढ़ाई भी पूरे मन से करने प्रोत्साहित किया। उन्होंने बिटिया को खूब आशीर्वाद देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री से बात कर के रितिका के चेहरे पर खुशी की मुस्कान छा गयी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री लगातार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। उनका प्रयास है कि राज्य में खेल का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बनने के साथ-साथ यहां के टैलेंट को आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने विगत दिनों छत्तीसगढ़ की पर्वतारोही निशा को किलिमंजारो पर्वत फतह करने कॉल कर पूरी मदद का आश्वासन दिया था। आज जब मुख्यमंत्री ने रितिका के संघर्ष और उसकी बैडमिंटन की प्रतिभा को जाना तो वीडियो कॉल पर बिटिया का हौसला बढ़ाया।