छत्तीसगढ़
सहसपुर लोहरा में नव निर्मित थाना भवन का उप मुख्यमंत्री शर्मा ने किया लोकार्पण
छत्तीसगढ़ी में शिक्षा के लिए दायर याचिका में शासन ने दिया जवाब : हाईकोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी
बिलासपुर | छत्तीसगढ़ी भाषा में पहली से आठवीं तक पढ़ाई को लेकर प्रस्तुत जनहित याचिका हाईकोर्ट ने शासन के जवाब के बाद निराकृत कर दी। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने कहा कि राज्य शासन ने स्थानीय भाषाओं में स्कूली पढ़ाई कराने का इंतजाम कर दिया है। छत्तीसगढ़ी बोली है या भाषा इस पर भी अभी निश्चयपूर्वक नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने पूर्व में शब्दावली को लेकर भी सवाल उठाए थे। शासन द्वारा चार स्थानीय बोलियां में पढ़ाई के लिए समिति बनाने की जानकारी देने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी।
छत्तीसगढिय़ा महिला क्रांति सेना की प्रदेश अध्यक्ष लता राठौर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका प्रस्तुत की थी। इसमें उनके अधिवक्ता ने कहा था कि एनसीईआरटी के नेशनल कैरिकुलम फ्रेम वर्क में कहा गया है कि मातृ भाषा से यदि पढ़ाया जाता है तो बच्चो को पढ़ाई करने और समझने में आसानी होती है। इस याचिका में प्रदेश के स्कूल में पहली से 8 वीं तक के पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा को भी माध्यम बनाये जाने मांग की गई। याचिका में कहा गया कि जिस तरह अन्य राज्यों में वहां की मातृभाषा में पढ़ाया जाता है वैसे छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ी भाषा में भी पढ़ाया जाना चाहिए। एनसीईआरटी ने भी तीन भाषा हिंदी , इंग्लिश और मातृभाषा में पढ़ाई को मंजूरी दी है।
सुनवाई के दौरान शासन की ओर से महाधिवक्ता ने बेंच को जानकारी दी थी कि इसके लिए प्रदेश की चार बोलियों में पढ़ाई के लिए समिति बनाई गई है। इसमें सरगुजिहा ,छतीसगढ़ी ,सादरी ,गोंडी हल्बी भाषा शामिल है। शुक्रवार को डबल बेंच में हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस को शासन की ओर से बताया गया कि शासन ने स्थानीय भाषाओं में अध्ययन का इंतजाम किया है। इसके बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि, देश में अलग अलग इलाकों में कई प्रकार की बोलियाँ हैं, इन सबमें पढ़ाई की मांग उठी तो इससे तो बहुत परेशानी खड़ी होगी। अब शासन ने पहल कर दी है तो यह याचिका निराकृत की जाती है।
नारायण सेवा संस्थान के शिविर में 750 दिव्यांगों को लगे नारायण लिम्ब
गलत पते के कारण वापस लौटने वाले ड्राइविंग लाइसेंस परिवहन कार्यालयों के माध्यम से मिलेंगे
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर आम नागरिकों को एक और नई सुविधा परिवहन विभाग के माध्यम से मिलने जा रही है। ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र आवेदक द्वारा दिए गए पते पर नहीं पहुंचने पर आवेदकों को उनके जिले के क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन कार्यालयों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। परिवहन विभाग द्वारा यह सुविधा एक जुलाई से लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री साय के समक्ष यह बात सामने आई कि परिवहन विभाग द्वारा डाक के माध्यम से भेजे गए कई ड्राइविंग लाइसेंस एवं पंजीयन प्रमाण पत्र पता सही नहीं होने के कारण नया रायपुर स्थित परिवहन विभाग के मुख्यालय इन्द्रावती भवन में वापस लौट आते थे। ऐसे आवेदकों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए नवा रायपुर आना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने आवेदकों की दिक्कतों को महसूस करते हुए परिवहन विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि किसी वजह से अप्राप्त रहे ड्राइविंग लाईसेंस तथा पंजीयन प्रमाण पत्र संबंधित जिले के क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय, जिला परिवहन कार्यालय के माध्यम से वितरित किए जाए।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अस्पष्ट अथवा अपूर्ण पते के कारण नवा रायपुर स्थित परिवहन मुख्यालय लौटने वाले ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र लेने के लिए नवा रायपुर आने की जरूरत नहीं होगी। आवेदक संबंधित कार्यालय से वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने चालक लाईसेंस अथवा पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगें। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा सभी अधीनस्थ कार्यालयों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
केन्द्रीय परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाने भू-अर्जन, मुआवजा, नामांतरण, बटांकन और वन भूमि के संबंध में त्वरित कार्यवाही के निर्देश
रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ में संचालित केन्द्रीय परियोजनाओं में सड़क, ऊर्जा, मोबाइल टॉवर, रेल्वे और खनिज से संबंधित परियोजनाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्य तेजी से पूर्ण करने के मद्देनजर परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन, मुआवजा सहित अन्य राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग प्राधिकरण और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अंतर्गत विभिन्न सड़क परियोजनाओं के कार्यों के संबंध में जिलों के कलेक्टरों से जानकारी ली एवं परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन, मुआवजा, नामांतरण, बटांकन और आवार्ड प्रकरणों सहित वन भूमि के प्रकरणों पर शीघ्रता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसी तरह से कांकेर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले में जहां मोबाइल टॉवर लगाना आवश्यक है वहां सभी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने कहा।
बैठक में बिलासपुर-उरगा, बिलासपुर से पथरापाली, सिमगा से सारागांव बिलासपुर, 6 लेन रायपुर से विशाखापटनम्, धमतरी-कांकेर-बेडमा-दाहिकोंगा, सड़क परियोजनाओं सहित अन्य सड़क परियोजनाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इसी तरह से एनटीपीसी, रेलवे परियोजनाओं के अंतर्गत ईस्ट-वेस्ट रेलवे, साउथ ईस्ट कोल फिल्डस् लिमिटेड के अधिकारियों से परियेाजनाओं के कार्यों का विस्तार से जानकारी ली और इस संबंध में आ रही विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए कोरबा और रायगढ़ जिले के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए। इसी तरह से खनन परियोजनाओं के लिए सड़क, भूमि इत्यादि के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
संयोगः जन्मदिन एक ही दिन... एक साथ एक ही स्थान से शुरू की नौकरी... साथ ही रिटायर.. विदाई भी एक साथ
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड राजनांदगांव से अनुभाग अधिकारी कल्पना श्रीवास्तव एवं अधिक्षण यंत्री सतीश शर्मा को सेवानिवृत होने पर विभाग द्वारा विदाई दी गई एवं उनके किए गए कार्यों की सराहना की गई। इस अवसर पर दोनों अधिकारी को पुष्पगुच्छ,शाल श्रीफल , प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित करने के साथ उपहार भी दिया गया।
विदाई समारोह में दोनों में एक खास बात की समानता की विशेष चर्चा रही कि दोनों अधिकारी का जन्मदिन 13 जून 1962 है और दोनों ने अपनी सर्विस महासमुंद के एक ही ऑफिस से प्रारंभ किए और सेवानिवृत भी राजनांदगांव के एक ही सर्किल से हुए। ऐसा अद्भुत संयोग शायद ही कही पर मिले। कल्पना श्रीवास्तव ने अपने 40 वर्ष के कार्यकाल में सर्वाधिक समय लगभग 38 वर्ष राजनांदगांव में अपनी सेवा प्रदान की।
विदाई समारोह अत्यंत भावुक पल रहा कुछ लोगों की आंखें भी नम थी। समारोह के पश्चात सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने सेवानिवृत अधिकारी को घर तक पहुंचाने आए। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मुख्य अभियन्ता टीके मेश्राम, गोस्वामी, खोटे, गीता ठाकुर, उषा साहू, सरस्वती अय्यर, भावेश वाल्दे, ज्योति ध्रुव, पीसी साहू, नूरेंद साहू, उईके, अमर लाल चौहान, राजेन्द्र झरिया, गणेश गणपाईले, सुनील वर्मा, मोरेश्वर साहू, जेपी साहू, विनीता खंडेलवाल, भारती यादव, मंडावी के साथ अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
बलौदाबाजार आगजनी कांडः मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक पहुंचे कलेक्टोरेट, कलेक्ट्रेट बिल्डिंग का लिया जायजा
रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन एवं पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने जिला मुख्यालय बलौदाबाजार पहुंच आगजनी की घटना क़े बाद कलेक्ट्रेट बिल्डिंग के पूर्ण हो चुके रिस्टोरेशन कार्य का जायजा लिया तथा अधिकारियों की बैठक लेकर बेहतर दायित्व निर्वहन क़े लिए उनका मनोबल बढाया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित गुप्ता, रायपुर रेंज क़े पुलिस महानिरीक्षक अमरेश कुमार मिश्रा भी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि घटना बहुत ही दुर्भाग्यजनक है। इससे आम जनता को तथा कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों को भौतिक नुकसान भी पहुंचा है और इस अप्रिय घटना के चलते सभी को भावनात्मक दुःख भी पहुंचा है। जो आर्थिक नुकसान हुआ है वो जल्द ठीक हो जाता है। भावनात्मक मनोदशा को ठीक करने में समय लगता है। जिला प्रशासन ने भवन का रिस्टोरेशन बहुत कम समय में पूर्ण कर लिया है और सभी अधिकारी कर्मचारी सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। घटना के बाद वे पुनः इससे उबरकर उत्साह से काम में जुटे हैं यह प्रशसनीय बात है। उन्होंने कहा कि जो भी क्षति हुई है उसकी पूर्ति के लिए शासन पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि आम जनता से सीधा संवाद करने तथा उनकी समस्या का तत्काल निराकरण करने क़े लिए जनसमस्या निवारण शिविर शुरू किया जाएगा। सभी अधिकारी-कर्मचारी घटना से उबर कर खुश व प्रसन्न रहें तथा इस जिले को जन हितैषी जिला बनाने का संकल्प लें।
पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने कहा कि इस घटना की पुनरावृति न हो। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा जो भी निर्देश दिए जा रहे हैं उसका पालन सुनिश्चित करें। इस घटना से अधिकारी कर्मचारी के मनोबल पर निश्चित ही असर हुआ है लेकिन आप सभी संकल्पित हैं और जल्द इससे उबर जाएंगे। उन्होने कहा कि लोक सेवक का कर्तव्य है कि उसका लोगों क़े साथ सम्पर्क व संवाद होता रहे। संवादहीनता बिलकुल न आने दें। अधिकारी अपने कक्ष में कम से कम 2-से 3 घंटे लोगों से मिलें। उन्होंने कहा कि घटना में जिनके विरुद्ध साक्ष्य मिल रहे हैं उन पर ही कानूनी कार्रवाई हो।
कलेक्टर दीपक सोनी ने पावर पॉइंट प्रेजेटेशन क़े माध्यम से अब किये गए कार्यवाहियों की सिलसिलेवार जानकारी दी। उन्होने बताया कि क्षति का आकलन कर लिया गया है जिसमें करीब 12 करोड़ रूपये का नुकसान हुआ है। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त वहानो क़े बीमा दावा राशि का भुगतान शुरू हो गया है। 24 घण्टे सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की जा रही है।
DMF की राशि का दुरूपयोग पर जनहित याचिका... हाईकोर्ट ने कहा- जांच होने के बाद अब कार्रवाई भी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड (DMF) मद के कार्यों में हुए घोटाला को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इस मामले में जांच होने के बाद गड़बड़ी पर कार्रवाई भी की जाएगी। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में महालेखाकार ने बताया कि आडिट और जांच के बाद रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपी गई है। जनहित याचिका में जांच और कार्रवाई की ही मांग की गई है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को याचिका निराकृत कर दिया।
जिला खनिज न्यास (DMF) की राशि का दुरुपयोग करते हुए कोरबा जिले में करीब 1200 करोड़ का घोटाला करने की याचिका लगाई गई थी। जिला खनिज न्यास मद के तहत पूरे प्रदेश के तमाम जिलों में कुल मिलाकर लगभग 10 हजार करोड़ का गोलमाल किया गया है। इसे लेकर कोरबा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता संतोष कुमार राठौर और 4 अन्य लोगों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर बताया कि खनिज न्यास के कार्यों में नियमों का उल्लंघन किया गया है और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। डीएमएफटी रूल्स 2015 के नियम 25 (3) 12 (3) 12 (6 )12 (2) की अवहेलना की गई है। न्यास में लंबे समय से टीडीएस नहीं काटा जा रहा है।
याचिका में यह भी बताया गया कि महालेखाकार से वार्षिक ऑडिट भी नहीं कराया जा रहा है। खनिजों से हो रही आय की राशि का सही उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसका कहीं कोई हिसाब भी नहीं रखा जा रहा है। खनिज वाले जिलों को डीएमएफ की राशि नहीं मिल रही है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में महालेखाकार की ओर से कोर्ट को बताया कि प्रकरण के ऑडिट और जांच के बाद रिपोर्ट राज्य शासन को सौंप दी गई है। रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि जांच हो चुकी है और अब मामले में कार्रवाई भी होगी। याचिका में यही मांग की गई है। इसी आधार पर याचिका निराकृत की जा रही है।
सड़क पार करते बाइक सवार ने युवती को मारी टक्कर.. मौत, भिलाई-चरोदा निगम के नेता प्रतिपक्ष की बेटी थी मृतका
रायपुर। दुर्ग जिले के भिलाई-3 में फोरलेन सड़क पर तेज रफ्तार मोटर साइकिल की टक्कर लगने से आटो पकड़ने पैदल सड़क पार कर रही युवती की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार साढ़े 11 बजे बिजली कॉलोनी के पहले गेट के पास हुई। गतवा तालाब पार निवासी मृतका मीनाक्षी वर्मा (20) भिलाई-चरोदा नगर निगम में भाजपा पार्षद व नेता प्रतिपक्ष राम खिलावन वर्मा की बेटी है। मामले में पुलिस ने आरोपी मोटर साइकिल चालक को हिरासत में ले लिया है।
जानकारी के अनुसार मीनाक्षी वर्मा मेहंदी कोचिंग क्लास जाने घर से निकली थी। इसके लिए आटो पकड़ने वह बिजली कॉलोनी के पहले गेट से होकर फोरलेन सड़क को पार कर रही थी। डिवाइडर पर पैदल वालों के लिए छोड़ी गई जगह से सड़क पार करते समय दुर्ग से रायपुर की दिशा में तेज रफ्तार से जा रहे मोटर साइकिल चालक ने उसे जबरदस्त टक्कर मार दी। सिर पर गंभीर चोट लगने से सड़क पर खून बिखर गया और मौके पर ही मीनाक्षी वर्मा की मौत हो गई।
सूचना पर पहुंची भिलाई-3 पुलिस ने शव को शास्त्री हास्पिटल सुपेला मर्च्यूरी भिजवा दिया है। मृतका मीनाक्षी वर्मा के पिता राम खिलावन वर्मा भिलाई-चरोदा नगर निगम में भाजपा से दो बार के पार्षद हैं। इस कार्यकाल में उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है। मीनाक्षी 4 बहनों में तीसरे नंबर की है। सड़क हादसे में मौत की खबर सुनकर महापौर निर्मल कोसरे सहित पक्ष और विपक्ष के अनेक पार्षद और संगठन के लोग पोस्टमार्टम के दौरान मर्च्यूरी में मौजूद रहे।
स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने बलौदाबाज़ार कलेक्टर पहुंचे हॉस्पिटल
रायपुर। बलौदाबाज़ार में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने कलेक्टर दीपक सोनी ने सिमगा नगर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचे। उन्होंने इस दौरान ओपीडी पंजीयन रजिस्टर,हमर लैब,महिला एवं पुरूष वार्ड,ऑपरेशन कक्ष,प्रधानमंत्री जन औषधि स्टोर, ट्रॉमा यूनिट,डेंटल एवं आयुष्मान रजिस्ट्रेशन क्लैम रजिस्टर का अवलोकन कर जायजा लिया। इसके साथ उन्होंने भर्ती हुए मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर व्यस्थाओं के बारे में जानकारी हासिल की। भर्ती हुए मरीजों ने कलेक्टर को समय पर भोजन एवं डाक्टरों द्वारा नियत समय में जांच करने की बात बताई गई।
कलेक्टर ने हॉस्पिटल में और अधिक सुधार के निर्देश सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही निर्माणधीन 30 बेड अस्पताल एवं ऑफिस भवन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए काम में तेजी लाते हुए समय सीमा में कार्य करने के निर्देश दिए है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल,एसडीएम सिमगा अंशुल वर्मा, सीएचएमओ डॉ.महिस्वर, डीपीएम सृष्टि मिश्रा, सीईओ,सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित थे।
मन में दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन एवं स्वयं पर रखें विश्वास तो मिलेगी सफलताः : वित्त मंत्री चौधरी
रायपुर। वित्त मंत्री ओपी.चौधरी के मुख्य आतिथ्य में शासकीय अंग्रेजी माध्यम नटवर स्कूल, रायगढ़ में जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन हुआ। इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी ने नवप्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर उनका स्वागत करते हुए उन्हें निःशुल्क गणवेश व पाठ्य पुस्तक भी प्रदान किए। इस दौरान यहां न्यौता भोज का भी आयोजन हुआ, जिसमें वित्त मंत्री चौधरी ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन भी ग्रहण किए।
शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बच्चों से कहा कि आप अपने जीवन के बहुत महत्वपूर्ण साल की शुरुआत कर रहे हैं। यह शाला प्रवेश उत्सव नटवर स्कूल में मनाया जा रहा है, जो हम सबके लिए एक गौरव और भावुकता का समय है। आज मंच में बैठे कई लोग इस स्कूल से पढ़े हैं और मैं बताना चाहता हूं कि मेरे पिताजी एवं चाचा भी इसी स्कूल से पढ़े हैं। ऐसे ही सबकी यादें इस स्कूल से जुड़ी हुई हैं, यह सब के लिए गर्व का विषय है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि अगर आप अपने जिंदगी में परिवर्तन लाना चाहते हैं जिससे आपके माता-पिता को सारी सुख-सुविधा एवं मान-सम्मान मिले तो इसका सबसे सहज एवं सरल माध्यम शिक्षा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से सारी सुख सुविधा मान सम्मान प्राप्त कर सकते हैं। यह आपको इस उम्र में समझने की आवश्यकता है। मैं स्वयं छोटे से गांव बायंग का निवासी हूं मेरे दादा किसान थे, मेरी मां कम पढ़ी-लिखी है लेकिन उन्होंने मेरी पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। आज आप सभी अच्छे स्कूल और शिक्षकों के बीच पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि हमारे समय में ना तो अच्छे स्कूल थे और न ही पूरे विषयों के शिक्षक। उन्होंने स्कूली पढ़ाई से लेकर आईएएस बनने तक के सफर को साझा करते हुए कहा कि आपके जिले के बायंग गांव का व्यक्ति विभिन्न परिस्थितियों के बाद भी कलेक्टर बन सकता है तो आप हमसे बेहतर जगह पर जा सकते हैं। मन में दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन एवं अपने आप पर भरोसा रखें, दुनिया की कोई भी ताकत आपको सफल होने से नहीं रोक सकती।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि भारत तेजी से बदलते हुए विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। इसमें बहुत सारे लोगों को अवसर मिलेगा। हम अपने आप को उस अवसर को लेने के लिए कितना तैयार कर पाते हैं, यह आप पर निर्भर करता है। शासकीय नौकरियों के अलावा अन्य संभावनाएं भी हैं, उसको भी आप को समझना होगा। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों के अंदर व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, धैर्य का विकास करें तभी वे कठिन से कठिन लक्ष्य पा सकते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को कहा कि बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन दें। शिक्षकों के हाथ में बच्चों का भविष्य होता है आप उनको संवार सकते हैं सभी प्रतिबद्ध होकर कार्य करें।
विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए शिक्षा है सबसे अहमः लक्ष्मी राजवाड़े
बीजापुर में ड्यूटी के दौरान CAF जवान ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारी, अस्पताल में चल रहा इलाज
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में लगातार जवानों की खुदकुशी की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस बीच, बीजापुर जिले से ऐसा ही मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में CAF के एक जवान ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली।
जानकारी के अनुसार नाइट ड्यूटी के दौरान जब गोली चली तो कैंप के जवान हड़बड़ा गए और फौरन मौके पर पहुंचे। फिलहाल घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत ठीक बताई जा रही है। जवान का नाम मनोज दिनकर है, जो जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला है।
पिछले कुछ महीने से बीजापुर जिले के रामपुरम CAF कैंप में पदस्थ है। कैंप में बुधवार को उसकी नाइट ड्यूटी लगी हुई थी। इसी दौरान उसने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली चलने के बाद साथी जवानों ने सबसे पहले कैंप में ही प्राथमिक इलाज किया।
इसके बाद उसे भोपालपटनम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल रेफर किया है। बताया जा रहा है कि, जवान की हालत खतरे से बाहर है। उसने सुसाइड की कोशिश क्यों की, इसकी वजह पता नहीं चली है।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में CRPF के 150 बटालियन के जवान ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि जवान ने साथी जवान की राइफल से खुद को गोली मार ली। इस वारदात में जवान की मौके पर ही मौत हो गई।
मिली जानकारी के मुताबिक दोरनापाल स्थित हेडक्वॉर्टर में जवान ने खुद को गोली मारी है। बताया जा रहा है कि जवान मानसिक रूप से परेशान था। वह सिर्फ कैंप में ड्यूटी कर रहा था। जिला अस्पताल में शव रखा गया है।
बेमेतरा से बड़ी खबर: खड़ी ट्रक से कंटेनर टकराया, ड्राइवर और कंडक्टर जिंदा जले
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से बड़ी खबर है। खड़ी ट्रक से कंटेनर टकराने से बड़ा हादसा हो गया है। इस घटना में ड्राइवर और कंडक्टर जिंदा जल गए हैं। आपस में टकराने के बाद दोनों गाड़ियों में आग लग गई है।
इसके चपेट में आने से ड्राइवर कंडक्टर की मौत हो गई है और आग लगने की वजह से ड्राइवर और कंडक्टर जिंदा जल गए हैं। बताया जा रहा है कि 2 घंटे बाद अग्निशमन वाहन पहुंची तब तक एक ट्रक जल कर राख में तब्दील हो गया था। फायर ब्रिगेड की गाड़ी को 50 किलोमीटर दूरी तय करने में 2 घंटे का समय लग गया। थाना नांदघाट प्रभारी दल बल सहित मौके पर मौजूद रहे। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है।
रामलला के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालु.... दुर्ग में डिप्टी सीएम ने किया स्वागत
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू किए गए रामलला दर्शन योजना अंतर्गत कवर्धा जिले के 71 श्रद्धालु अयोध्या के लिए रवाना हुए। दुर्ग रेलवे स्टेशन में सभी तीर्थयात्रियों का स्वागत डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने किया। शर्मा दुर्ग के जेवरा सिरसा के पास श्रद्धालुओं की बस को रुकवाकर उसमें उनके साथ बैठकर रेलवे स्टेशन पहुंचे और उन्हें यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए इस योजना के तहत सभी लाभार्थियों अभिनंदन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मोदी की गांरटी को पूरा करते हुए प्रभु श्री रामलाल दर्शन योजना का संचालन किया जा रहा है। इससे पहले 5 मार्च को मुख्यमंत्री साय श्रीरामलला दर्शन योजना के लिए छत्तीसगढ़ से अयोध्या तक चलाई जा रही विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। आज इस योजना के तहत दूसरी बार प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अयोध्या में प्रभु राम जी की दर्शन के लिए लाभार्थियों को रवाना किया जा रहा है। यह हम सबके लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा संचालित श्री रामलला दर्शन योजना के तहत कबीरधाम जिले के 71 श्रद्धालुओं को इस योजना के लाभ लेने के लिए चयन किया गया है। इन सभी लाभार्थियों को कवर्धा भारत माता चौक से बस में बैठकर दुर्ग रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया गया। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बताया कि सभी जनपद पंचायत एवं नगरी निकाय क्षेत्र के कुल 71 श्रद्धालु यात्रा में शामिल है, जिसमें महिलाएं भी है।
जिला पंचायत सीईओ संदीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि योजना का लाभ सभी वर्ग को मिल रहा है। यहा पहला अवसर है जब इस योजना से कबीरधाम जिले के निवासी सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। इसी क्रम में आज दो प्राइवेट वातानुकूलित बसों में 71 श्रद्धालुओं के साथ डेलिगेशन के दो सदस्यों को दुर्ग रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया गया है। जहा पर विशेष ट्रेन के माध्यम से सभी श्रद्धालु श्री अयोध्या धाम जाएंगे। ट्रेन में आने जाने से लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शासन की ओर से उपलब्ध रहेगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बिलासपुर जिले के कोनी आईटीआई का किया निरीक्षण
रायपुर। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज बिलासपुर जिले के कोनी स्थित आदर्श आईटीआई का निरीक्षण किया। वर्तमान में लगभग 1200 विद्यार्थी इसमें विभिन्न प्रकार के 33 ट्रेडों में पढ़ाई कर रहे हैं। शर्मा ने विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर पढ़ाई कर रहे बच्चों से बातचीत की। उन्होंने इस संस्थान के विकास को लेकर अधिकारियों की बैठक भी ली। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से सलाह लेकर इस प्राचीन संस्थान की गरिमा को पुनःस्थापित करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान एवं कलेक्टर अवनीश शरण सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बच्चों की सुविधा के लिए एक और हॉस्टल बनाये जाने की जरूरत है। फिलहाल केवल सवा सौ छात्र-छात्राओं के लिए दो हॉस्टल सुविधा है, जो कि अपर्याप्त है। उन्होंने संचालित इन दोनों छात्रावासों में मेस सुविधा भी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने समय की मांग के अनुरूप नये ट्रेड्स खोलने की जरूरत भी बताई। जिन ट्रेडों में रोजगार एवं नौकरी की संभावनाएं बंद हो गई हैं, उन्हें बंद करने का प्रस्ताव भी संचालनालय भेजने को कहा।
आईटीआई वर्तमान में 60 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। इसके सामने के कुछ हिस्से को व्यावसायिक उद्देश्य के लिए परिवर्तित कर संस्थान की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। शर्मा ने कहा कि चूंकि यह एशिया की सबसे पहली आईटीआई के रूप में पहचान रखती है। इसलिए इसे हैरिटैज बिल्डिंग के रूप में संरक्षित रखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने संस्थान के परिसर की साफ-सफाई करने के निर्देश भी दिए।
बेटे को मिली अनुकंपा नियुक्ति और मां को भूल गया, हाईकोर्ट की बेटे को फटकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी नहीं उठाने के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि पिता की मौत के बाद मां की देखभाल बेटे का नैतिक और कानूनी दायित्व है। मां की सहमति से नौकरी मिली है, इसलिए वह जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता। बेटे की अपील खारिज करते हुए कोर्ट ने फटकार लगाई और दस हजार रुपये प्रतिमाह आश्रित मां को देने का आदेश दिया है। रुपये नहीं देने पर एसईसीएल प्रबंधन को पुत्र के वेतन से कटौती कर सीधे मृतक की आश्रित पत्नी के खाते में जमा कराने का आदेश भी दिया है।
दरअसल, SECL में अनुकंपा नियुक्ति पाने के कुछ दिन बाद बेटे ने मां की देखभाल और खर्च देना बंद कर दिया था। परेशान मां ने हाईकोर्ट में एसईसीएल की नीति के अनुसार बेटे के वेतन से कटौती कर 20 हजार रुपये प्रति माह दिलाये जाने याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने संबंधितों को नोटिस भी जारी किया। मामले में एसईसीएल ने जवाब में कहा कि नीति के अनुसार सहमति का उल्लंघन करने पर 50 प्रतिशत राशि काट कर मृतक के आश्रितों के खाते में जमा किया जा सकता है। इसके बाद हाईकोर्ट ने बुजुर्ग महिला के पक्ष में फैसला सुनाया और बेटे को रुपये देने को कहा।
हाईकोर्ट की एकलपीठ के निर्णय के खिलाफ बेटे ने डबल बेंच में अपील की। उसने अपील में कहा कि उसे 79 हजार नहीं बल्कि 47 हजार रुपये वेतन मिलता है। इसमें भी EMI कट रही है। SECL के जवाब पर पुत्र ने कहा की याचिकाकर्ता को 5500 रुपये पेंशन मिल रही है। इसके अलावा मृतक के सेवानिवृत्त देयक राशि भी उन्हें मिली है। इससे वह अपनी देखभाल कर सकती है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डबल बेंच ने कहा कि मां की सहमति से नियुक्ति मिली है और उसकी जिम्मेदारी उठाने से आप बच नहीं सकते। 10 हजार रुपये देने की सहमति भी दी है, इसलिए खर्च के लिए राशि देना ही होगा। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए पुत्र की अपील को खारिज कर दिया।