छत्तीसगढ़
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर पूर्वी साजापहाड़ इलाके में 6 दिनों से घूम रही बाघिन का सफल रेस्क्यू
एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम ने बाघिन को किया ट्रैंकुलाइज
रायपुर | वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशन में कोरिया वनमंडल के अंतर्गत आने वाले नगर निगम चिरमिरी के रिहायशी इलाकों में बीते एक सप्ताह से विचरण कर रही बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने के बाद सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।
सरगुजा से वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के आर बढ़ई की अगुवाई में बाघिन को रेस्क्यू करने कानन पेंडारी से डॉ. पीके चंदन, तमोर पिंगला एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर से डॉ. अजीत पांडेय व जंगल सफारी रायपुर से डॉ. वर्मा पहुंचे थे। उनकी निगरानी में सोमवार को शाम 4 बजे बाघिन को रेस्क्यू कर सुरक्षित ले जाया गया। मादा बाघ को नगर निगम चिरमिरी के हल्दीबाड़ी बघनच्चा दफाई के पास जंगल में ट्रैंकुलाइज किया गया। फिर उसे ग्रीन नेट से ढंककर पिंजरे में डाला गया। इसके बाद वन विभाग के ट्रक में लोड कर ले जाया गया। इस दौरान बाघिन को देखने बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। वन मुख्यालय रायपुर से निर्देश मिलने पर बाघिन को किसी टाइगर रिजर्व छोड़ा जाएगा।
गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह से कोरिया वनमण्डल बैकुण्ठपुर के पूर्वी साजापहाड़ बीट में बाघिन के विचरण के प्रमाण मिलने के बाद से ही वन विभाग का अमला पूरी तरह से अलर्ट रहकर लगातार निगरानी बनाए हुए था। बाघिन के विचरण क्षेत्र में वनों के चारों ओर गांव बसे हुए हैं, इसको ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही थी। वन मंडलाधिकारी ने बाघिन के रेस्क्यू और उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वनसंरक्षक वन्यप्राणी को पत्र लिखकर ट्रैंकुलाईजेशन और परिवहन की अनुमति भी मांगी थी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस बाघिन के विचरण की पुष्टि ट्रैप कैमरा एवं प्रत्यक्ष रूप से हुई थी। इसके बाद वन विभाग का अमला सक्रिय होकर ग्रामीणों और चरवाहों को सावधानी बरतने तथा जंगल ने जाने की लगातार हिदायत दे रहा था। यह बाघिन आज नगर निगम चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 15 एवं 6 नम्बर गोलाई (बगनचा) में एक बाड़ी में घुस गई थी। गश्ती दल बाघिन के मूव्हमेंट पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहा था। बाघिन ने 2 मवेशी का शिकार भी किया था।
छत्तीसगढ़ में पारंपरिक वैद्यों का हो रहा सर्टिफिकेशन
बस्तर, दुर्ग और धमतरी के 100 से अधिक वैद्यों की चिकित्सा पद्धतियों का दस्तावेजीकरण पूर्ण
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा राज्य में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के संरक्षण के लिए पारंपरिक वैद्यों के सर्टिफिकेशन की पहल और औषधीय पौधों के उपयोग और इसके महत्व का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। यह जानकारी देहरादून में आयोजित औषधीय पौधों पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में दी गई।
संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से शामिल हुईं छत्तीसगढ़़ जलवायु परिवर्तन केन्द्र में प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. देवयानी शर्मा ने बताया गया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा क्वालिटी काउंसिल ऑफ़ इंडिया एवं बेंगलुरु स्थित ट्रांस-डिसिप्लिनरी हेल्थ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के सहयोग से छत्तीसगढ़ में पारंपरिक वैद्यों के सर्टिफिकेशन की पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस सर्वेक्षण में बस्तर, दुर्ग और धमतरी क्षेत्रों के 100 से अधिक पारंपरिक वैद्यों की चिकित्सा पद्धतियों का दस्तावेजीकरण किया गया है।
डॉ. देवयानी शर्मा ने बताया कि वनमंत्री केदार कश्यप की पहल पर छत्तीसगढ़ में वन विभाग के द्वारा संचालित संजीवनी केंद्रों में वैद्यों को मरीजों का उपचार करने के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया है और कुछ वैद्यों को उनके सेवाओं के लिए पारिश्रमिक भी दिया जा रहा है। उन्होंने पद्मश्री वैद्यराज हेमचंद मांझी का भी उल्लेख किया करते हुए बताया कि मांझी ने नारायणपुर जिले में पिछले पांच दशकों से पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक पद्धतियों ने न केवल गंभीर बीमारियों का इलाज करने में अपनी उपयोगिता साबित की है, बल्कि यह सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक एकता को भी मजबूत करती हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को प्रोत्साहित करने के विज़न के अनुरूप पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने तथा अनुसंधान, मानकीकरण और नियमन के उद्देश्य से इस संगोष्ठी का आयोजन आयुष मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय औषधीय पौधा बोर्ड द्वारा दसवीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के हिस्से के रूप में आयोजित की गई थी।
दल से बिछड़ा हाथी पहुंचा गांव... ग्रामीण को कुचला, मौत... आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के आसपास के इलाकों में लगातार हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथियों के दल से बिछड़कर एक हाथी गांव में पहुंच गया, जहां एक ग्रामीण को कुचला दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीण बोझा मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन कर रहे है। मृतक परिवार को मुआवजा और नौकरी देने की मांग कर रहे हैं।
दरअसल, बीती रात को हाथियों के दल से बिछड़कर एक हाथी प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के सारसताल गांव पहुंचा गया। दल से बिछड़े हाथी का सामना ग्रामीण से हो गया, जहां हाथी ने ग्रामीण को कुचल कर मार डाला। गांव के लोगों ने बताया कि, गांव में लाइट नही होने के कारण हाथी की आवाज सुनकर मृतक घर से बाहर निकला था तभी उनका सामना हाथी से हो गया और उसी जगह हाथी ने उसे मार डाला।
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने शव को रखकर चक्का जाम कर दिया। वन विभाग और बिजली विभाग के खि़लाफ़ कार्रवाई की मांग करने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही प्रतापपुर जनपद पंचायत के अध्यक्ष जगत आयाम भी मौके पर पहुंच गए और उनका समर्थन किया। वहीं चक्का जाम की जानकारी मिलते ही प्रतापपुर एसडीएम पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच और लोगों को समझाइश दे रहे है।
पारदर्शिता और निष्पक्षता से जारी है वनरक्षकों की भर्ती : वनमंत्री केदार कश्यप
रायपुर | वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि राज्य में वनरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ चल रही है। उन्होंने कहा है कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया को लेकर सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरूस्त करने और इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को सजग रहने को कहा है। जिसके परिपालन में वन विभाग द्वारा 1,484 पदों के लिए सीधी भर्ती के तहत शारीरिक मापजोख और दक्षता परीक्षण प्रक्रिया में अत्याधुनिक तकनीकों और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का उपयोग करते हुए निष्पक्ष चयन सुनिश्चित किया गया है, जिसकी उम्मीदवारों द्वारा सराहना की जा रही है। उम्मीदवारों ने बताया कि वन विभाग द्वारा अपनाई गई यह पारदर्शी और अत्याधुनिक प्रक्रिया न केवल भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता की मिसाल पेश करती है, बल्कि सुशासन के आदर्शों को भी मजबूती प्रदान करती है।
उल्लेखनीय है कि वनरक्षक पदों के लिए शारीरिक मापजोख और दक्षता परीक्षण विगत 16 नवंबर से प्रारंभ है। इन परीक्षणों में उम्मीदवारों की ऊंचाई और सीने की माप के साथ-साथ 200 मीटर और 800 मीटर दौड़, लंबी कूद, और गोला फेंक जैसे इवेंट शामिल हैं। उम्मीदवारों के प्रदर्शन का मूल्यांकन सटीक समय और दूरी के आधार पर किया जा रहा है। इसी तरह भर्ती प्रक्रिया में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। पात्र उम्मीदवारों को बीआईबी नंबर एवं इलेक्ट्रॉनिक चिप प्रदान की जाती है। यह इलेक्ट्रॉनिक चिप उम्मीदवारों की दौड़ के दौरान सटीक समय दर्ज करती है। लंबी कूद और गोला फेंक के लिए लेजर-आधारित मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। सभी आंकड़े तुरंत केंद्रीय सर्वर पर दर्ज किए जा रहे हैं। जिससे डेटा प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। इसके अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और चेहरे की पहचान प्रणाली (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम) पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते हैं। उम्मीदवारों को उनके स्कोर मौके पर ही बताए जाते हैं, जिस पर उनके हस्ताक्षर लिए जाते हैं। किसी भी विवाद की स्थिति में, सीसीटीवी फुटेज दिखाकर समस्या का समाधान किया जा रहा है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप और वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में विभाग निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है। तकनीकी नवाचारों और सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यह प्रक्रिया न केवल कुशल है बल्कि उम्मीदवारों के विश्वास को भी मजबूत करती है। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया की देख रेख वन मंडलाधिकारी और 140-150 वन कर्मचारियों की टीम द्वारा की जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर्स को भी भर्ती प्रक्रिया की देखरेख के लिए विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया है। उम्मीदवारों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें पीने का पानी, ओआरएस, प्राथमिक उपचार किट, स्वच्छ शौचालय, चेंजिंग रूम, सामान रखने की व्यवस्था, पार्किंग और मेडिकल सहायता शामिल हैं। बीमार या अन्य कारणों से अनुपस्थित उम्मीदवारों के फिटनेस टेस्ट के लिए रिजर्व दिन भी रखा गया है।
बीजापुर जिले के गांव गुण्डम में महुआ पेड़ के नीचे केन्द्रीय गृह मंत्री ने लगाई चौपाल : ग्रामीणों से खुलकर की चर्चा
शासन की सभी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को किया प्रेरित
केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि माओवादी आतंक के भय से ग्रामीणों को मुक्त कराने के लिए बस्तर के विभिन्न स्थानों में सुरक्षा कैम्प स्थापित किए गए है। बस्तर अंचल में अमन और शांति का वातावरण स्थापित हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से ज्यादा से ज्यादा योजनाओं से जुड़ कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। श्री शाह ने कहा कि बच्चों को स्कूल अवश्य भेंजे। शिक्षा से ही विभिन्न समस्याओं का समाधान निकलेगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि गुण्डम के नजदीक स्थापित कैम्प में अस्पताल की सुविधा भी है जहां निःशुल्क उपचार हेतु ग्रामीण निःसंकोच होकर जाएं और झाड़-फूंक के भरोसे न रहें। उन्होंने ग्रामीणों को निःशुल्क 35 किलो चांवल, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया।
उन्होंने गांव में स्थित प्राथमिक शाला का अवलोकन कर बच्चों से पढ़ाई सम्बधी जानकारी ली और नियमित स्कूल आने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। वहीं उन्होंने महिलाओं को भी शिक्षा के लाभ से अवगत कराया।
गृहमंत्री अमित शाह ने ग्रामीणों हेतु जन सुविधा शिविर लगाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज बनाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने कहा शासन कि समस्त योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक पासबुक अनिवार्य है, इसलिए सभी का बैंक पासबुक जरूरी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक वर्ष के भीतर गांव में सड़क, बिजली, स्कूल,अस्पताल, पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी, नक्सलवाद का करेंगे खात्मा - केंद्रीय गृह मंत्री शाह
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज अमर वाटिका में नक्सली हमले में शहीद जवानों और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। शाह ने परिजनों से चर्चा करते हुए कहा कि एक लम्बी और वेदनापूर्ण लड़ाई में आपने अपने परिजनों को खोया है, इस दर्द को कम नहीं किया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार आपके साथ है। शहीदों के त्याग और बलिदान को चिर स्थाई बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार उनकी पुण्य स्मृतियों को सहेजने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आप सभी ने जैसे अपने परिजनों को खोया है, वैसे किसी और को खोना न पड़े। मैं नक्सली हमलों में शहीद हुए जवानों और जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मां दंतेश्वरी की धरती से नक्सलवाद को पूर्णतः समाप्त कर देंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस के जवान मजबूती के साथ नक्सल मोर्चे पर काम कर रहे हैं। पिछले एक साल की सटीक रणनीति से नक्सलवाद का दायरा सिमटा है और ढेर सारे विकास के कार्यों को गति देने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन के लिये सरकार तीनों मोर्चाे पर काम कर रही है। माओवादी उग्रवाद का रास्ता छोड़कर आत्म सर्मपण करने वालों का स्वागत किया जा रहा है। नक्सल अभियान के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया जा रहा है और जो दूसरे की जान लेने पर आमादा हैं, उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है।
शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शहीदों के परिजनों की समस्या सुनने के लिए पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में सप्ताह में एक दिन नियत किया गया है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आईजी कार्यालय में कलेक्टर भी मौजूद रहें और इस मुहिम का हिस्सा बने। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि अपनों को खोने का दर्द कोई कम नहीं कर सकता किंतु हम कुछ ऐसी व्यवस्था बनाएंगे, जिससे आपकी पीड़ा को कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आपके परिजनों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार साथ मिलकर आपके हितों का ध्यान रखेगी। आप सभी के लिए जो बेहतर होगा वह कार्य करने के लिए हम सभी दृढ़संकल्पित हैं। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और शहीदों को नमन किया।
रायगढ़ के 6 राइस मिलों में दी दबिश : जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने
खरसिया के आनंदी और नारायण राइस मिल में जांच जारी, कार्यवाही पूरी होने तक दोनों मिल को किया गया सील
छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश के उल्लंघन पर जांच में पहुंचे हैं अधिकारी
रायपुर | रायगढ़ में खाद्य विभाग की टीम द्वारा जिला प्रशासन के संयुक्त दल के तत्वाधान में रायगढ़ के छह राइस मिलों में औचक निरीक्षण किया गया। इसमें सत्यम बालाजी राइस मिल सहदेवपाली, व्योम राइस मिल, एनएस राइस इंडस्ट्रीज और जी एस राइस इंडस्ट्रीज सभी डोंगीतराई और खरसिया में आनंदी और नारायण राइस मिल में संयुक्त टीम जांच के लिए पहुंची। इसमें खरसिया के दो राइस मिल्स, आनंदी और नारायण राइस मिल को अनियमितता और नियमों के उल्लंघन के चलते सील करने के निर्देश दिए गए है।
जिला खाद्य अधिकारी खुमेश्वर सिंह ने बताया कि संयुक्त जांच टीम द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के कस्टम मिलिंग के बाद चावल जमा का स्टॉक वेरिफिकेशन किया जा रहा है। खरसिया के आनंदी राइस मिल में बीते वर्ष के धान कस्टम मिलिंग के स्टॉक का मिलान किया जा रहा है, प्रारंभिक जांच में स्टॉक में अंतर मिलने पर आनंदी राइस मिल को जांच प्रक्रिया पूरी होने तक सील कर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। वहीं खरसिया के नारायण राइस मिल में बीते वर्ष के कस्टम मिलिंग के लेखों की जांच की जा रही है साथ ही इस वर्ष कस्टम मिलिंग में रुचि नहीं लेने के चलते जांच की प्रक्रियाधीन कार्यवाही पूरी होने तक नारायण राइस मिल को भी सील किया गया है।
जिला खाद्य अधिकारी सिंह ने आगे बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग हेतु कई मिलर्स द्वारा पंजीयन नहीं कराया गया है वहीं कई मिलर्स द्वारा पंजीयन कराने के उपरांत भी अनुमति एवं अनुबंध का निष्पादन नहीं कराया गया है व शासकीय धान के उठाव में कम रुचि दिखाई जा रही है। जो कि प्रथम दृष्टया छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश, 2016 का उल्लंघन है। जिसके तहत मिलर को मिलिंग क्षमता के 50 प्रतिशत का शासकीय धान का कस्टम मिलिंग करना अनिवार्य है। राईस मिलों में जांच टीम द्वारा दबिश दी गई है एवं नियमानुसार जांच की जा रही है। वहीं मिलर को पंजीयन कराने और बैंक गारंटी व एफडीआर करवा कर धान का उठाव करने और कस्टम मिलिंग भी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा आगामी समय में प्रतिदिन आंकड़ों के आधार पर इस स्थिति पर नजर रखी जाएगी और समय-समय पर आवश्यकतानुसार युक्तियुक्त कार्यवाही की जाएगी।
राइस मिलों के पंजीयन, अनुमति, अनुबंध एवं मिलिंग अनुबंध में लगातार हो रही वृद्धि
राइस मिलर अघोषित हड़ताल से आ रहे वापस
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर हो चुकी 50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर अब तक कुल 50 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन कियाजा चुका है। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राइस मिलर और घोषित हड़ताल से वापस आ रहे हैं। राइस मिलों के पंजीयन, अनुमति अनुबंध एवं मिलिंग अनुबंध में लगातार वृद्धि हो रही है। अब तक रायपुर संभाग में 14.52 लाख मीट्रिक टन, बिलासपुर संभाग में 9.76 लाख मीट्रिक टन, दुर्ग संभाग में 17.79 लाख मीट्रिक टन, बस्तर संभाग में 4.13 लाख मीट्रिक टन और सरगुजा संभाग में 3.80 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है।
प्रदेश में कुल 27.78 लाख पंजीकृत किसानों में से अब तक 10.66 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा है। इनमें 2.92 लाख लघु एवं सीमांत कृषक और 6.26 लाख दीर्घ कृषक शामिल हैं। किसानों को उनकी फसल का भुगतान तेजी से किया जा रहा है। अब तक विपणन संघ द्वारा 10,770 करोड़ रुपये की राशि अपेक्स बैंक को अंतरित की जा चुकी है। इसके तहत, संबंधित किसानों के बैंक खातों में नियमित रूप से राशि स्थानांतरित की जा रही है।किसानों की सुविधा हेतु उपार्जन केंद्रों पर माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है। साथ ही, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धान उपार्जन के लिए बारदानों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। भारत सरकार की नीति के अनुसार, पुराने और नए बारदानों का उपयोग 50:50 अनुपात में किया जा रहा है। प्रदेश में अनुमानित 160 लाख मीट्रिक टन धान के उपार्जन के लिए 4 लाख गठान नए बारदानों की आवश्यकता है, जिसमें से अब तक 3.65 लाख गठान उपलब्ध कराए जा चुके हैं। शेष बारदान अगले 15-20 दिनों में प्राप्त हो जाएंगे।
अब तक पीडीएस बारदानों के रूप में 54,153 गठान, मिलर बारदानों के रूप में 1,40,924 गठान और किसान बारदानों के रूप में 12,747 गठान उपयोग किए जा चुके हैं। सभी उपार्जन केंद्रों में बारदानों की कोई कमी नहीं है।
उपार्जित धान के संग्रहण और भंडारण का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। इस वर्ष भंडारण क्षमता को बढ़ाकर 37.25 लाख मी.टन कर दिया गया है। जिन केंद्रों में भंडारण क्षमता से अधिक धान जमा हो रहा है, वहां परिवहन आदेश जारी कर निकटतम संग्रहण केंद्रों में धान का परिवहन किया जा रहा है। अब तक 9.09 लाख मीट्रिक टन धान के परिवहन आदेश जारी किए जा चुके हैं।
कस्टम मिलिंग के लिए 2133 मिलरों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1672 राइस मिलरों का पंजीकरण हो चुका है। इन मिलरों को 3.37 लाख मीट्रिक टन धान के वितरण आदेश जारी किए गए हैं।
धान उपार्जन में रिसाइक्लिंग रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है । अब तक 733 प्रकरण दर्ज कर 41,303 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। सीमावर्ती जिलों में 273 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां नियमित निगरानी की जा रही है। नोडल अधिकारियों द्वारा उपार्जन केंद्रों पर भौतिक सत्यापन और पोर्टल पर डेटा अपलोड करने का कार्य भी जारी है।
खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राइस मिलर और घोषित हड़ताल से वापस आ रहे हैं । राइस मिलों के पंजीयन, अनुमति अनुबंध एवं मिलिंग अनुबंध में लगातार वृद्धि हो रही है।
केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू के पहल से प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रकिया हुई आसान
केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के निर्देश पर प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन हुआ, अब आनलाईन
रायपुर | केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू सक्रिय रूप से मंत्रालय के विभागीय कार्य, संसदीय क्षेत्र की जनता की समस्याओं के त्वरित निपटारा और पार्टी के द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों के प्रति निष्ठा पुर्वक समर्पित है।
केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रथम चरण की पुनरीक्षा बैठक में यह पाया था कि लाभार्थियों के चयन प्रक्रिया में गड़बड़ियाँ सामने आयीं। जिसमें अपात्र हितग्राहियों को आवास दे दिया गया था, जबकि बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है । इन तथ्यों को ध्यान में रखकर केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने विभाग को यह निर्देश दिया था कि आवेदन की प्रक्रिया पारदर्शी हो जहाँ लोग स्वयं आवेदन कर सकें जिसका अधिकारियों ने पालन करते हुए अब प्रधानमंत्री आवास योजना के दूसरे चरण में लाभार्थी स्वयं भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, इसके पश्चात स्थानीय नगरीय निकायों द्वारा सत्यता का सत्यापन किया जाएगा और फिर राज्य स्तर पर सूची तैयार करके केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजी जाएगी।
इस प्रकार हर स्तर पर पारदर्शिता बरतने के मंशा से इसका क्रियान्वयन अब देश भर में किया जा रहा है।
अच्छी खबरः दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस 17 दिसंबर से नियमित चलेगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ से कुंभ मेले जाने वालों के लिए सोमवार को एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस मंगलवार 17 दिसंबर से फिर से नियमित रूप से दौड़ेगी। इस ट्रेन का संचालन करने की घोषणा रेलवे को प्रयागराज में लगने जा रहे कुंभ मेले को ध्यान में रखकर करना पड़ा।
बता दें कि रेलवे ने पिछले दिनों उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड और कोहरे का हवाला देते हुए दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस को दो दिसंबर से 27 फरवरी तक अलग-अलग दिनों में रद कर दिया था। रेलवे के इस फैसले का विभिन्न संगठनों के अलावा यात्रियों ने विरोध करते हुए इस ट्रेन की नियमित सेवा की मांग की थी। चौतरफा दवाब पड़ने पर रेलवे प्रशासन को यह फैसला वापस लेना पड़ा।
अगले महीने 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में कुंभ मेला लगने जा रहा है। ऐसे में दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के तीन मुख्य स्टेशन दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ से तीन कुंभ स्पेशल ट्रेन भी चलेगी। महाकुंभ के दौरान प्रयागराज जाने और आने वाले लोगों की आवाजाही ज्यादा होगी। ऐसे में यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलेगा।
कड़ाके की ठंड ने राजधानी रायपुर में तोड़ा रिकॉर्ड... आउटर में ज्यादा ठंड
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बीते दो वर्ष की तुलना में पारा अधिक गिर गया है। रविवार को 12.1 डिग्री दर्ज किया गया है। इससे पहले 15 दिसंबर न्यूनतम तापमान में 12.8 डिग्री व दो दिसंबर को न्यूनतम तापमान में 12.2 डिग्री दर्ज किया गया था।
इसके अलावा सरगुजा में भी पांच साल का रिकॉर्ड टूट गया है। यहां 2019 में 3.8 डिग्री पारा दर्ज किया गया था। रविवार को पारा 3.7 डिग्री दर्ज किया गया है। प्रदेश के उत्तरी भाग में कुछ पैकेट में शीतलहर चल रही है। साथ ही साथ उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ पैकेट में शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। सरगुजा संभाग के अनेक जिलों में पाले की स्थिति बनी हुई है।
अगले तीन दिनों में उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों के न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों के न्यूनतम तापमान में चार से छह डिग्री की क्रमिक वृद्धि हो सकती है। 17 दिसंबर से प्रदेश में बादल छाए रहने तथा 18 दिसंबर से दक्षिण छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।
टीबी मुक्त भारत जागरूकता के लिए क्रिकेट मैच... मंत्री तोखन साहू ने की बैटिंग
रायपुर। 15 दिसंबर को मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली में टीबी मुक्त भारत जागरूकता के लिए क्रिकेट मैच का आयोजन किया। जिसमें राज्यसभा चेयरमैन XI और लोकसभा स्पीकर XI के बीच मुकाबला हुआ।
ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) भारत में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है. ऐसे में टीबी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी राजनीतिक दलों के सांसद एक दोस्ताना क्रिकेट मैच खेलें। लोकसभा स्पीकर XI टीम की अगुआई अनुराग सिंह ठाकुर ने किया ,जबकि राज्यसभा स्पीकर XI की कप्तानी किरेन रिजिजू ने किया। 20-20 क्रिकेट मैच मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में हुआ। केन्द्रीय राज्यमंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने राज्यसभा स्पीकर XI की ओर से मैच खेला।
मैंच के उपरांत साहू ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में योगदान देने की दिशा में सार्थक पहल है। प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र से प्रेरित होकर, हम में से हर कोई इस मुहिम में शामिल होकर 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए जन आंदोलन में अपना सहभागिता सुनिश्चित करना चाहिए।
बालोद में ट्रक ने कार को मारी जोरदार टक्कर... छह की मौत, सात घायल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया। सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक एसयूवी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक़, हादसा डोंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत भानुप्रतापपुर-दल्लीराजहरा मार्ग पर चौरापावड़ के पास हुआ है। कार में सवार लोग डौंडी में कुम्भकार में किसी रिश्तेदार के घर छट्ठी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद डौंडी से अपने गांव गुरेदा लौट रहें थे। कार मे 13 लोग सवार थे. इसी बीच भानुप्रतापपुर-दल्लीराजहरा मार्ग पर चौरापावड़ के पास दल्लीराजहरा से भानुप्रतापपुर की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज की गाड़ी की परखच्चे उड़ गए. वही इस हादसे में 6 लोगों की तत्काल मौत हो गई. जबकि 7 अन्य घायल गंभीर रूप से घायल हुए हैं. हादसे के बाद लोगों की चीख पुकार मचने लगी। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से कार से निकला गया. घायल लोगों को राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है. सभी की हालत नाजुक बताई जा रही है।
खाद्य विभाग बड़ी कार्रवाई : रायपुर, महासमुंद सहित विभिन्न जिलों में दबिश, कई क्विंटल धान जब्त
रायपुर। प्रदेश की खाद्य विभाग की टीम ने रविवार को रायपुर, धमतरी, महासमुंद और राजनांदगांव जिले में स्थित राईस मिलों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने रायपुर जिले में आरटी राईस मिल, महासमुंद में श्रीवास्तव राईस मिल, नारायण राईस मिल, माँ लक्ष्मी राईस मिल, धमतरी में आकांक्षा राईस मिल, राजनांदगांव में अतुल राईस मिल में जांच की। इस दौरान खाद्य विभाग द्वारा कई क्विंटल धान जब्त किया गया।
रायपुर जिले में आरटी राईस मिल (प्रो. प्रमोद जैन) का निरीक्षण किया गया, जहां खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कराने के बावजूद अनुमति और अनुबंध का निष्पादन नहीं किया गया था। शासकीय धान का उठाव नहीं हो रहा था। निरीक्षण के दौरान 390 क्विंटल उसना चावल और 1200 क्विंटल धान फ्री सेल प्रयोजन हेतु पाया गया, जो छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश, 2016 का उल्लंघन है। टीम ने मिल परिसर को सील कर दिया। धान चावल जब्त किया गया है।
रायपुर में ही गौरी राईस मिल (प्रो. मुकेश अग्रवाल) में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के अनुबंध के तहत भारतीय खाद्य निगम में जमा किए जाने वाले 2272 क्विंटल चावल के मुकाबले केवल 872 क्विंटल चावल ही मिल में पाया गया। इसके अतिरिक्त, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए अनुबंध निष्पादित करने के बावजूद शासकीय धान का उठाव नहीं किया गया। छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग आदेश 2016 के उल्लंघन के चलते टीम ने मिल को सील कर दिया।
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देश की सबसे बहादुर पुलिस बलों में से है छत्तीसगढ़ पुलिस – केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह
कांकेर में नक्सली IED ब्लास्ट, बीएसएफ जवान घायल, रायपुर किया गया रेफर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा प्लांट की गई IED को डिफ्यूज करते समय हादसा हो गया। BSF जवान बी. ईश्वर राव ब्लास्ट में घायल हो गए। यह घटना हेटारकसा के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई। घायल जवान को प्राथमिक उपचार के बाद सेना के MI-17 हेलीकॉप्टर से रायपुर रेफर किया गया।
जवान के हाथ और चेहरे में चोट आई है, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। यह हादसा पानीडोबीर कैंप से सर्च ऑपरेशन पर निकली टीम के दौरान हुआ। सुरक्षा बल क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।