छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के न्यायलयों को बम से उड़ाने की धमकी, हाई अलर्ट पर पुलिस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और बिलासपुर जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रदेश में तनाव का माहौल बन गया है। राजनांदगांव और बिलासपुर के न्यायालयों को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बम से उड़ाने की धमकी दी गई है।
धमकी मिलते ही दोनों जिलों के न्यायालय परिसरों को एहतियातन खाली करा लिया गया है। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। वहीं राजधानी रायपुर की कोर्ट में भी सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है।
डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता और बड़ी संख्या में पुलिस बल न्यायालय परिसरों की सघन तलाशी ले रहा है। कोर्ट परिसर के भीतर और बाहर संदिग्ध व्यक्तियों, गाड़ियों और वाहनों की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस साइबर सेल धमकी देने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है। फिलहाल किसी भी न्यायालय परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा कारणों से पूरे प्रदेश के न्यायालयों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालात पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया बीएसपी ‘गिफ्टमिल्क योजना’ के तीसरे चरण का आगाज़
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और खनन प्रभावित क्षेत्रों में बाल कुपोषण के विरुद्ध जंग को और अधिक सशक्त करते हुए, सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की महत्वाकांक्षी सीएसआर पहल ‘गिफ्टमिल्क कार्यक्रम’ के तृतीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया गया। 6 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘राष्ट्रीय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी कॉन्क्लेव’ के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने इस विस्तार योजना की घोषणा की।
पोषण सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन (एनएफएन) द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य विषय "पोषण सुरक्षा एवं कुपोषण उन्मूलन में निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका" था। कार्यक्रम के तीसरे चरण के तहत, बीएसपी की लौह अयस्क खदानों के बफर जोन में स्थित सरकारी स्कूलों के लगभग 4,000 अतिरिक्त बच्चों को विटामिन-ए और डी से युक्त फ्लेवर्ड दूध उपलब्ध कराया जाएगा। यह दूध एनडीडीबी द्वारा प्रबंधित छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के माध्यम से वितरित किया जाएगा, जिससे स्थानीय सहकारी तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।
मंच पर बच्चों के साथ हुई सुखद शुरुआत शुभारंभ समारोह के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब मुख्य अतिथि और उपस्थित केंद्रीय मंत्रियों ने रावघाट खदान क्षेत्र से आए 21 स्कूली बच्चों को मंच पर स्वयं ‘गिफ्टमिल्क’ के पैकेट वितरित किए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ (ललन सिंह), सुश्री अन्नपूर्णा देवी और श्री कृष्ण पाल गुर्जर सहित भारत सरकार के कई वरिष्ठ सचिव और एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह उपस्थित रहे। सेल की ओर से निदेशक (वित्त) श्री अशोक कुमार पंडा और कार्यपालक निदेशक श्री राजीव पांडेय ने संगठन का प्रतिनिधित्व किया। हजारों बच्चों के भविष्य को संवार रही है योजना गिफ्टमिल्क कार्यक्रम का मूल उद्देश्य खदान क्षेत्रों में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार करना, विद्यालय में उनकी उपस्थिति बढ़ाना और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाना है। वर्तमान में यह योजना 102 शासकीय विद्यालयों में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जिससे नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बालोद जिलों के लगभग 3,250 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। इस नए चरण के जुड़ने से लाभान्वित होने वाले बच्चों की कुल संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका, 7 महिला समेत 26 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। ‘पूना मार्गेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत माओवादी नेटवर्क को करारा झटका लगा है। अभियान से प्रभावित होकर 7 महिला कैडर समेत कुल 26 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी PLGA बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन तथा आंध्र-ओडिशा बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। इनमें CYPCM-01, DVCM-01, PPCM-03, ACM-03 और पार्टी सदस्य-18 के रैंक शामिल हैं। ये माओवादी सुकमा जिला, माड़ क्षेत्र और सीमावर्ती ओडिशा में हुई कई बड़ी नक्सली वारदातों में संलिप्त रहे हैं।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति’ और ‘पूना मार्गेम’ अभियान के प्रभाव से लगातार माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं। अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना और तेज नक्सल विरोधी अभियानों से माओवादी संगठन कमजोर पड़ता जा रहा है। इसका सकारात्मक असर बस्तर संभाग में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में दिखाई देने लगा है।
छत्तीसगढ़ में पूना मार्गेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान और संबंधित नक्सल आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीतियों का व्यापक असर दिख रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार पिछले लगभग 23 महीनों में छत्तीसगढ़ में 2200 से अधिक नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया है, जिसमें बड़ी संख्या में सक्रिय माओवादी कैडर शामिल हैं।
विशेष रूप से दंतेवाड़ा जिले में ही अकेले 37 नक्सलियों का समूह आत्मसमर्पण कर चुका है, जिसका हिस्सा पूना मार्गेम पहल भी रहा है। सामान्य तौर पर राज्य के कई जिलों से समय-समय पर समूह में आत्मसमर्पण की खबरें सामने आती रही हैं, जो इस अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं। पूना मार्गेम और संबंधित नीतियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अब तक लगभग 2200 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
जंगल में नक्सलियों का बड़ा डम्प बरामद, विस्फोटक और हथियार जब्त
लगातार चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन से नक्सल संगठन को भारी नुकसान पहुंचा है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास के मार्ग पर लौटने की अपील की है, पुलिस ने माओवादियों से ‘पूना मार्गेम पुनर्वास योजना’ के तहत आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया है। कार्रवाई के बाद सभी सुरक्षा बल सुरक्षित रूप से कैम्प वापस लौट आए।
बस्तर में भीषण सड़क हादसा; ट्रक ने पहले पिकअप को मारी टक्कर, तीन को कुचला
रायपुर। जिला बस्तर अंतर्गत कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में मंगलवार को बड़ी सड़क दुर्घटना हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पीछे से आ रहे एक ट्रक ने पिकअप वाहन को जबरदस्त टक्कर मार दी। हादसे में पिकअप वाहन में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दी है। पूरा मामला दरभा थाना क्षेत्र का है।
बताया जा रहा है कि पिकअप वाहन पखनार के साप्ताहिक बाजार की ओर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक का ब्रेक फेल हो गया, जिससे ट्रक सीधे पिकअप वाहन से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं ट्रक का अगला हिस्सा भी बुरी तरह टूट गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन के केबिन में फंसा है। घटना की सूचना मिलने पर दरभा पुलिस मौके पर पहुंची है। कटर मशीन की मदद से ट्रक चालक को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने बताया कि दोनों वाहन एक ही दिशा में चल रहे थे। पिकअप आगे थी और ट्रक पीछे से आ रहा था। ब्रेक फेल होने के कारण ट्रक पिकअप से टकरा गया। इस हादसे में पिकअप सवार तीन लोगों की मौत हुई है। हादसे के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर जाम की स्थिति बन गई है। पुलिस यातायात बहाल करने की कोशिश कर रही है।
पांच लाख की इनामी महिला माओवादी ने किया आत्मसमर्पण
रायपुर। माओवादी संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद एक महिला माओवादी ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। शासन की ओर से उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। माओवादी उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस मुख्यालय के सतत मार्गदर्शन और रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश कुमार मिश्रा के निर्देशन में उसका आत्मसमर्पण कराया गया। भूमिका उर्फ गीता वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय थी। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह वर्ष 2010 तक प्लाटून-01 में रही। इसके बाद उसे ओडिशा राज्य कमेटी में स्थानांतरित किया गया, जहां विभिन्न कमेटियों में कार्य करते हुए वर्ष 2011 से 2019 तक सीसीएम संग्राम की गार्ड रही।
वर्ष 2019 से 2023 तक वह सीनापाली एरिया कमेटी में एसीएम के रूप में कार्यरत रही। सितंबर 2023 में उसे गोबरा एलओएस का कमांडर बनाया गया। हाल के समय में संगठन में सदस्यों की संख्या घटने के कारण वह नगरी और सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी।
कई नक्सली घटनाओं में रही शामिल
वर्ष 2010: ओडिशा के पड़कीपाली (जिला महासमुंद) में मुठभेड़, 8 नक्सली मारे गए, एक ग्रामीण की मौत
वर्ष 2014: मैनपुर के मोतिपानी जंगल में मुठभेड़
वर्ष 2016: नुआपाड़ा (ओडिशा) के कमलावाड़ी और पोतेलपाड़ा जंगलों में मुठभेड़
वर्ष 2018: बीजापुर के तिमेनार जंगल में मुठभेड़, 8 नक्सली मारे गए
वर्ष 2023: गरियाबंद के ताराझार जंगल में मुठभेड़
वर्ष 2024: धमतरी के एकावरी जंगल में मुठभेड़
वर्ष 2025: धमतरी के मांदागिरी जंगल में मुठभेड़
10 नवंबर 2025: गरियाबंद के सेमरा जंगल में मुठभेड़
युक्तियुक्तकरण के बाद ज्वॉइनिंग नहीं करने वाले शिक्षकों पर कोरबा कलेक्टर सख्त शिक्षा विभाग में हड़कंप
रायपुर। युक्तियुक्तकरण के तहत ट्रांसफर के बाद भी कोरबा में अनेक शिक्षकों ने अलॉटेड स्कूलों में ज्वॉइनिंग नहीं ली है। ऐसे शिक्षकों के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि शिक्षकीय कार्य में मनमानी और लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जायेगी। युक्तियुक्तकरण के तहत ट्रांसफर होने के बाद भी यदि शिक्षक अपने नये पदस्थापना में ज्वाइनिंग नही करते है, तो उनके खिलाफ सख्ती से एक्शन लिया जायेगा। कलेक्टर के इस सख्त निर्देश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
गौरतलब है कि युक्तियुक्तकरण के बाद आज भी प्रदेशभर में बड़ी संख्या में शिक्षक अपने नयी पदस्थापना में ज्वाइनिंग नही दे रहे है। तबादला के बाद ज्वाइनिंग को लेकर चल रहे उठा-पटक का कुछ ऐसा ही मामला कोरबा में भी है। बताया जा रहा है कि कोरबा के नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत के समक्ष एक ऐसे ही शिक्षक अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। मीडिल स्कूल के शिक्षक बोधराम निषाद ने पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक में हुए पोस्टिंग और वहां ज्वाइनिंग को लेकर कलेक्टर के समक्ष समस्याएं बतायी।
कलेक्टर ने शिक्षक की सारी बातों को सुनने के बाद समझाईश देते हुए नये पदस्थापना में ज्वाइनिंग की सलाह दी। लेकिन शिक्षक अपनी ही बातों पर अड़ा रहा और नये विद्यायल में ज्वाइनिंग करने में असमर्थता जता दी। तब कलेक्टर कुणाल दुदावत का गुस्सा फूट पड़ा, उन्होने शिक्षक को उसी दिन शाम तक नये अलॉटेड स्कूल में ज्वाइनिंग देने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि ज्वाइनिंग नही की तो दूसरे दिन निलंबन तय है।
इसके बाद कलेक्टर ने जिला शिक्षाधिकारी से ऐसे शिक्षकों की जानकारी मांगी गयी और ज्वाइनिंग नहीं करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शिक्षकीय कार्य में मनमानी बिल्कुल भी बर्दाश्त नही किया जायेगा। फिर क्या था कलेक्टर के इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि कलेक्टर के निर्देश के बाद डीईओं ने कुछ ऐसे ही शिक्षकों की सूची तैयार की है, जो कि नई पदस्थापना वाले स्कूल में ज्वाइनिंग के नाम पर लगातार मनमानी कर रहे थे। ऐसे शिक्षकों पर अगले एक-दो दिन में कभी भी निलंबन की गाज गिर सकती है।
धमतरी में ग्रामीण महिलाओं के लिए स्किल सैटेलाइट सेंटर होगा स्थापित
रायपुर। डीएसआईआर फाउंडेशन डे के अवसर पर विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) द्वारा नवाचार और उद्योग पारितंत्र को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न साझेदार संस्थाओं के साथ अनेक महत्वपूर्ण समझौते और एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इन्हीं में से छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रमुख उपलब्धि धमतरी में स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना से जुड़ा समझौता है, जो डीएसआईआर की टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एंड यूटिलाइजेशन प्रोग्राम फॉर वुमेन (TDUPW) के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा।
धमतरी में प्रस्तावित स्किल सैटेलाइट सेंटर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं को प्रौद्योगिकी-आधारित कौशल विकास, उद्यमिता प्रशिक्षण और आजीविका के स्थायी अवसरों से जोड़ना है। यहाँ महिलाओं को उपयुक्त तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण, बाजार से जोड़ने के अवसर तथा उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। प्राथमिक क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग, वन-आधारित उत्पाद, वस्त्र एवं हस्तशिल्प, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण तथा डिजिटल सेवाएँ शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि “प्रौद्योगिकी और कौशल विकास छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नेतृत्व में विकास के दो सशक्त आधार हैं।” उन्होंने कहा कि यह पहल “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण तथा प्रदेश सरकार की उस प्रतिबद्धता के अनुरूप है, जिसके तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाते हुए महिलाओं को लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की अग्रणी शक्ति बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूह, लक्षपति दीदी योजना, वन धन विकास केंद्र तथा राज्य आजीविका मिशन जैसे प्लेटफॉर्मों को इस स्किल सैटेलाइट सेंटर के साथ एकीकृत किया जाएगा। इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को तुरंत उद्यम स्थापित करने, ऋण सुविधा प्राप्त करने और विपणन सहयोग मिलने के अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में व्यापक आर्थिक प्रभाव दिखाई देगा।
धमतरी में स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना से राज्य में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, स्टार्टअप संवर्द्धन और जमीनी नवाचार को नया आयाम मिलेगा। डीएसआईआर के तकनीकी सहयोग और राज्य सरकार के व्यापक फील्ड नेटवर्क के साथ यह पहल धमतरी को प्रौद्योगिकी आधारित महिला उद्यमिता का अग्रणी मॉडल जिला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
आईआईटी भिलाई में संपन्न हुआ EPREC 2026, टिकाऊ ऊर्जा और नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम
रायपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई में तीन दिनों तक चले ज्ञान और तकनीक के महाकुंभ, '6वें IEEE अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (EPREC 2026)', का आज भव्य समापन हुआ। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रिक पावर और नवीकरणीय ऊर्जा के भविष्य पर मंथन किया। 2 से 4 जनवरी तक चले इस कार्यक्रम ने न केवल अनुसंधान की नई दिशाएं तय कीं, बल्कि वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को भी एक मजबूत मंच प्रदान किया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर और 'विज्ञान श्री' पुरस्कार विजेता, प्रो. भीम सिंह ने शोध की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने उपस्थित शोधकर्ताओं और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में केवल शोध करना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे 'अनुप्रयोग-उन्मुख' (application-oriented) बनाना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नवाचार और स्टार्टअप आधारित समाधान ही भविष्य में रोजगार सृजन का मुख्य आधार बनेंगे, जिससे देश तकनीकी रूप से और अधिक आत्मनिर्भर होगा।
इस गरिमामयी अवसर पर आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं। सम्मेलन के दौरान डीन (अनुसंधान एवं विकास) डॉ. संतोष बिस्वास और विद्युत अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. अविशेक अधिकारी ने भी अपने विचार साझा किए। शिक्षा जगत और उद्योग जगत के दिग्गजों द्वारा दिए गए मुख्य भाषणों ने प्रतिभागियों को बिजली क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों और आधुनिक समाधानों से अवगत कराया।
सम्मेलन की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 500 से अधिक शोधपत्र प्राप्त हुए थे। एक बेहद कठिन और गहन समीक्षा प्रक्रिया के बाद केवल 235 उच्च गुणवत्ता वाले शोधपत्रों को ही प्रस्तुति के लिए चुना गया। इन तकनीकी सत्रों और चर्चाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को स्मार्ट ग्रिड, इलेक्ट्रिक वाहन और सौर ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में हो रहे नवीनतम बदलावों को समझने का मौका मिला। डॉ. शैलेंद्र कुमार और डॉ. कृष्ण मुरारी के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन को सफल बनाने में डॉ. ओम हरि गुप्ता और डॉ. जितेंद्र कुमार (एनआईटी जमशेदपुर) का भी विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने IEEE, सभी प्रायोजकों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए इस सफल अध्याय का समापन किया। अब इस यात्रा का अगला पड़ाव 'EPREC 2027' होगा, जिसकी मेजबानी एनआईटी जमशेदपुर द्वारा की जाएगी।
भक्ति में डूबी बुजुर्ग महिला पर नशेड़ी का खूनी हमला, दो की हालत गंभीर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में रविवार को राम मंदिर के समीप चल रहे सत्संग के दौरान एक नशे में धुत युवक ने उत्पात मचाते हुए बुजुर्ग महिलाओं पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में दो महिलाएं बुरी तरह घायल हुई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार राम मंदिर के पास मोहल्ले की बुजुर्ग महिलाएं एकत्रित होकर सत्संग कर रही थीं। इसी बीच क्षेत्र का एक युवक नशे की हालत में वहां पहुंचा और महिलाओं से शराब पीने के लिए पैसों की मांग करने लगा। जब महिलाओं ने पैसे देने से साफ़ मना कर दिया, तो युवक हिंसक हो उठा।
पैसे न मिलने से तिलमिलाए आरोपी ने आव देखा न ताव और पास ही रखे डंडे को उठाकर बुजुर्ग महिलाओं पर हमला कर दिया। उसने महिलाओं के सिर और शरीर पर कई वार किए। इस अचानक हुए हमले से वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर आरोपी को पकड़ा।घटना की सूचना मिलते ही सक्ती पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार घटना में दो बुजुर्ग महिलाओं को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका प्राथमिक उपचार सरकारी अस्पताल में जारी है।
बिलासपुर के प्लास्टिक गोदाम में लगी आग, इलाके में मचा हड़कंप
रायपुर। छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब सिलपहरी के ब्लॉक-बी, प्लॉट नंबर-4 स्थित श्री साईं ट्रेडर्स नामक प्लास्टिक से भरे कबाड़ गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उससे उठता घना धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
आग लगने की सूचना तुरंत दमकल विभाग को दी गई, लेकिन दमकल के पहुंचने से पहले ही आग ने गोदाम में रखे प्लास्टिक स्क्रैप को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था। मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि इस भीषण आगजनी के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है, वहीं मिली जानकारी के अनुसार परिसर में प्लास्टिक कबाड़ का काम किया जाता है।
छत्तीसगढ़ में बढ़ी ठंड... अलसुबह के कोहरे ने जनजीवन किया प्रभावित
रायपुर। राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में ठंड बढ़ी हुई है। प्रदेश केसरगुजा संभाग समेत अंबिकापुर शहर में इन दिनों कड़ाके की ठंड का असर साफ़ तौर पर देखने को मिल रहा है। सुबह और देर रात घना कोहरा छाया रहने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मुख्य मार्गों में वाहनों की रफ्तार कम हो गई है।
सरगुजा संभाग में ठंड और कोहरे का सबसे ज़्यादा असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। सुबह-स्कूल जाने वाले बच्चों को ठिठुरन के साथ-साथ सड़कों पर कम दिखाई देने की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नज़र आ रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, कोहरे की वजह से सड़कों पर वाहन चलाना भी जोखिम भरा हो गया है। वाहन चालक इंडिकेटर और हेडलाइट का सहारा लेकर धीमी गति से सफर कर रहे हैं, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके। अभी आने वाले दिनों में ठंड में कमी होने के असार नहीं दिख रहे हैं।
कांगेर घाटी में मिली अनोखी “ग्रीन गुफा”.... जल्द खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार
रायपुर। छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इसी कड़ी में अब कांगेर घाटी में एक और अनोखी प्राकृतिक स्थलाकृति सामने आई है, जिसे “ग्रीन केव” (ग्रीन गुफा) नाम दिया गया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और वन्य धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वन मंत्री कश्यप ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन गुफा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति प्राप्त होगी और शीघ्र ही पर्यटक इस अद्भुत गुफा की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। वन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण किए जाने के बाद शीघ्र ही इस गुफा को पर्यटकों के लिए खोले जाने की योजना है।
उल्लेखनीय है कि यह ग्रीन गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। गुफा की दीवारों और छत से लटकती चूने की आकृतियों (स्टैलेक्टाइट्स) पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें पाई जाती हैं, जिसके कारण इसे “ग्रीन केव” नाम दिया गया है। चूना पत्थर और शैल से निर्मित यह गुफा कांगेर घाटी की दुर्लभ और विशिष्ट गुफाओं में से एक मानी जा रही है।
ग्रीन गुफा तक पहुंचने का मार्ग बड़े-बड़े पत्थरों से होकर गुजरता है। गुफा में प्रवेश करते ही सूक्ष्मजीवी जमाव से ढकी हरी दीवारें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। आगे बढ़ने पर एक विशाल कक्ष दिखाई देता है, जहां से भीतर की ओर चमकदार और विशाल स्टैलेक्टाइट्स तथा फ्लो-स्टोन (बहते पानी से बनी पत्थर की परतें) देखने को मिलती हैं, जो गुफा की प्राकृतिक भव्यता को और भी बढ़ा देती हैं।
घने जंगलों के मध्य स्थित यह गुफा अपनी अनोखी संरचना और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने जा रही है। वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा एवं नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहुंच मार्ग, पैदल पथ तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य प्रगति पर है। वन विभाग द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवासन तथा प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरुण पांडे का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जशपुर में झारखंड से लाया जा रहा 30 क्विंटल धान के साथ ट्रैक्टर जब्त
रायपुर। धान खरीदी सीजन के दौरान अवैध धान परिवहन पर सख्त निगरानी रखते हुए जशपुर पुलिस ने थाना तपकरा क्षेत्र अंतर्गत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने झारखंड से छत्तीसगढ़ में खपाने के उद्देश्य से लाए जा रहे 30 क्विंटल अवैध धान को एक ट्रैक्टर सहित जब्त कर जिला प्रशासन को अग्रिम कार्यवाही हेतु सौंपा है। जप्त धान की अनुमानित कीमत लगभग 69 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार दिनांक 02 व 03 जनवरी की दरम्यानी रात्रि करीब 2 बजे पेट्रोलिंग के दौरान घुमरा बैरियर के पास एक बिना नंबर के सोनालिका ट्रैक्टर को रोका गया। जांच के दौरान ट्रॉली में त्रिपाल से ढंके 70 बोरियों में 30 क्विंटल धान पाया गया। चालक गुलबदन साय, निवासी ग्राम मृग खोल, थाना तपकरा द्वारा धान से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिस पर पुलिस ने ट्रैक्टर सहित धान को जप्त किया।
गौरतलब है कि धान खरीदी सीजन में अवैध परिवहन रोकने के लिए जशपुर पुलिस लगातार सक्रिय है। अब तक पुलिस द्वारा 07 ट्रक, 22 पिकअप एवं 02 ट्रैक्टरों से कुल 1930 क्विंटल अवैध धान जब्त कर जिला प्रशासन को सौंपा जा चुका है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि अवैध धान परिवहन पर जशपुर पुलिस की कड़ी नजर बनी हुई है और आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सीबीआई की फाइनल चार्जशीटः परीक्षा नियंत्रक ने साल भर पहले एजेंसी से हासिल किया था प्रश्न पत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विशेष कोर्ट में 400 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। इसमें तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सोनवानी, परीक्षा नियंत्रक, सचिव और उद्योगपतियों समेत कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच में प्रश्नपत्र लीक, विशेष परीक्षा केंद्र और रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने जैसे कई खुलासे किए गए हैं।
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, सीजीपीएससी भर्ती घोटाला पूरी तरह से सुनियोजित और संगठित साजिश का परिणाम था। प्रश्नपत्र लीक कराने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को डिप्टी कलेक्टर और अन्य राजपत्रित पदों पर नियुक्त कराने के लिए बारनवापारा के आलीशान रिसॉर्ट को विशेष परीक्षा केंद्र बनाया गया। जांच में सामने आया है कि इस विशेष केंद्र पर अभ्यर्थियों के ठहरने, आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर ने निभाई थी। चार्जशीट के अंतिम हिस्से में उत्कर्ष चंद्राकर को भी औपचारिक रूप से आरोपी बनाया गया है। हालांकि वह अब तक फरार है।
सीबीआई की जांच में चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि सीजीपीएससी 2020 के लिए तैयार किया गया प्रश्नपत्र परीक्षा नियंत्रक द्वारा संबंधित एजेंसी से साल भर पहले ही हासिल कर लिया गया था। एजेंसी के संचालक ने अपने बयान में सीबीआई को बताया कि परीक्षा नियंत्रक ने उनसे प्रश्नपत्र दिखाने के लिए बुलाया था। इस दौरान उन्होंने इसकी कॉपी कर ली और प्रश्नपत्र लौटा दिया।
सबसे गंभीर बात यह है कि इस प्रश्नपत्र की कोई आधिकारिक एंट्री नहीं की गई और बाद में इसी प्रश्नपत्र का उपयोग सीजीपीएससी 2021 की मुख्य परीक्षा में कर लिया गया। सीबीआई के अनुसार, यह प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका था और इसकी जानकारी तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी के रिश्तेदारों तक पहुंच चुकी थी।
इस लीक का खुलासा टामन सोनवानी के भतीजे विनीत और उसकी पत्नी स्वेता के बीच हुई वाट्सएप चैट से भी हुआ, जिसे जांच का अहम आधार बनाया गया। चैट से यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र और मॉडल उत्तर कुछ लोगों के पास मौजूद थे।
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने अपने बेटे सुमित ध्रुव को प्रश्नपत्र और मॉडल उत्तर पहले ही उपलब्ध करा दिया था। इसी का परिणाम रहा कि सुमित ध्रुव का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हो गया। तलाशी के दौरान उनके घर से प्रश्नपत्र और उत्तरों की फोटोकॉपी भी बरामद की गई। इसी तरह तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी पर अपनी बहू मीशा कोसले और दीपा आदिल को चयन में लाभ पहुंचाने का आरोप है। चार्जशीट में नेहा और निखिल खलखो के चयन को भी संदिग्ध बताया गया है।
सीबीआइ ने जिन आरोपितों के खिलाफ फाइनल चार्जशीट दाखिल की है, उनमें जेल में बंद तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सोनवानी, उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल, तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, टामन सोनवानी का भतीजा नितेश सोनवानी, शशांक गोयल, उसकी पत्नी भूमिका कटियार, साहिल सोनवानी, एक्जाम कंट्रोलर ललित गणवीर, मीशा कोसले, दीपा अजगले आदिल और उत्कर्ष चंद्राकर शामिल हैं।
आरोप है कि इसमें तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी के पांच रिश्तेदार बेटे नीतेश और बहू निशा कोसले का डिप्टी कलेक्टर, भाई की बहू दीपा अगजले का जिला आबकारी अधिकारी, बहन की बेटी सुनीता जोशी का श्रम अधिकारी एवं बड़े भाई के बेटे साहिल सोनवानी का चयन डीएसपी के पद पर हुआ था।
हालांकि, परीक्षा में शामिल 29 अभ्यर्थियों को इस मामले में आरोपी नहीं बल्कि गवाह के रूप में प्रस्तुत किया गया है। गौरतलब है कि सीजीपीएससी परीक्षा 2021 के माध्यम से कुल 171 पदों पर भर्ती की गई थी। प्रारंभिक परीक्षा में 2565 अभ्यर्थी सफल हुए थे, जबकि मुख्य परीक्षा में 509 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की थी। इंटरव्यू के बाद 170 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी की गई थी।
इस मामले का उल्लेखनीय पहलु यह है कि सीजीपीएससी परीक्षा 2021 के परिणाम की घोषणा के बाद जब घोटाले के आरोप लगने लगे, तभी छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करके घोटाले की जांच की मांग की। हाई कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीर माना और इसकी जांच के आदेश दिए। हालांकि जांच के अभी भी आधे अधूरे होने के आरोप लग रहे हैं। माना जा रहा है कि जो प्रश्नपत्र लीक हुआ है, उसका लाभ अन्य अभ्यर्थियों को भी पहुंचाया गया है। सघन जांच की जाए तो और भी खुलासे हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की मुलाकात... ‘बस्तर पंडुम 2026’ में किया आमंत्रित
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं एवं लोक जीवन से अवगत कराते हुए कहा कि बस्तर पंडुम राज्य की जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह आयोजन तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका अंतिम चरण फरवरी 2026 में बस्तर में संपन्न होगा।
समाजसेवी कपिल अग्रवाल पहुंचे सियान गुड़ी... प्रकल्प की प्रशंसा की
रायपुर। समता कालोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह में संचालित सियान गुड़ी में शनिवार 3 जनवरी को पहुंचे बुजुर्गों में उत्साह देखा गया। समाजसेवी कपिल अग्रवाल ने सियान गुड़ी पहुंच जहां महाराष्ट्र मंडल के इस प्रकल्प और शासन की योजना को प्रशंसा की वहीं वहां पहुंचे लोगों को छेरछेरा पुन्नी की बधाई दी और छेरछेरा पुन्नी पर दान की परंपरा खुद को गौरवान्वित होने की बात कहीं।
सियान गुड़ी के समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि राजधानी के वरिष्ठ समाजसेवी कपिल अग्रवाल आज हमारे बीच सियान गुड़ी में पहुंचे थे। उन्होंने पूरा समय वहां हमारे साथ व्यतीत किया और योजना के बारे में पूरी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने सियान गुड़ी में पहुंचे सभी लोगों को छेरछेरा पुन्नी की बधाई दी और कहा कि छत्तीसगढ़ में पुन्नी में दान की अपनी अलग ही परंपरा है। यहां दान देकर आनंद की अनुभूति होती है।
खंगन ने आगे बताया कि शनिवार को सियान गुड़ी में पहुंचे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। छेरछेरा पर दान की परंपरा पर चर्चाओं का दौर चला। दाऊ कपिल अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने दान से मिलने वाली खुशी और लोगों को होने वाले लाभ पर अपने विचार रखे। डा. कमल वर्मा ने वरिष्ठों को स्वास्थ्य टिप्स दिए वहीं आस्था काले और दिव्या पात्रीकर ने योग के फायदे बताते हुए सभी का बीपी चेक किया। इस अवसर पर ओमप्रकाश सोनी, कमला सोनी, सलभ श्रीवास्तव, संतोष शर्मा, अरुण काठोटे, ज्योति भांगला, प्रशांत देशपांडे सहित अन्य वरिष्ठजन पहुंचे थे।