छत्तीसगढ़
खेल और युवा कल्याण विभाग सहायक संचालक की बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत
रायपुर। खेल और युवा कल्याण विभाग को एक गहरा आघात पहुंचा है। सहायक संचालक राजेंद्र डेकाटे का आज सुबह रायपुर के मेडिशाइन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया था।
राजेंद्र डेकाटे पिछले सात वर्षों से जगदलपुर में सहायक संचालक पद पर पदस्थ थे और इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के खेल विकास में अहम भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में कई प्रमुख खेल प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया, जिससे बस्तर क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार को गति मिली।
उनकी कार्यशैली और समर्पण के कारण वे न केवल विभागीय अधिकारियों के बीच सम्मानित थे, बल्कि क्षेत्र के खिलाड़ियों और युवाओं के बीच भी प्रेरणास्रोत बने हुए थे। राजेंद्र डेकाटे के निधन की खबर फैलते ही जगदलपुर सहित पूरे बस्तर अंचल में शोक की लहर दौड़ गई। खेल से जुड़े अधिकारी, प्रशिक्षक और खिलाड़ी स्तब्ध हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
डेकाटे एक ऐसे अधिकारी थे, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बीच भी खेल अधोसंरचना को मजबूत करने का बीड़ा उठाया। उनके प्रयासों से कई खेल मैदानों और स्टेडियमों का जीर्णोद्धार हुआ, साथ ही बस्तर के ग्रामीण अंचलों से खिलाड़ियों को मुख्यधारा में लाने का काम भी उन्होंने बखूबी किया।उनका अचानक जाना बस्तर के खेल विकास को एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।सहायक संचालक डीकाटे के निधन पर खेल और युवा कल्याण विभाग, स्थानीय प्रशासन एवं क्षेत्रीय खेल संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
छत्तीसगढ़ वासियों को लगा बिजली का झटका... घरेलु उपभोक्ता की दरें 10 से 20 पैसा प्रति यूनिट बढ़ी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर आई है। छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग ने राज्य में बिजली की दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे घरेलू, व्यवसायिक और खासकर कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए यह जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि यह कदम ऊर्जा कंपनियों के बढ़ते खर्च और राजस्व घाटे को देखते हुए उठाया गया है।
हेमंत वर्मा ने बताया कि घरेलू उपभोक्ता को अब 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट अधिक चुकाने होंगे। वहीं गैर-घरेलू (व्यवसायिक) उपभोक्ताओं से औसतन 25 पैसे प्रति यूनिट अधिक लिया जाएगा। इसके साथ कृषि पंप सीधे 50 पैसे प्रति यूनिट की बड़ी वृद्धि कर दी गई है। वहीं अग्रिम भुगतान पर दिए जाना वाली 0.50 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया गया है।
नारायणपुर में 14 पुरुष और 8 महिला सहित 22 नक्सलियों ने किया सरेंडर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन से भयभीत और सरकारी पैकेज से आशान्वित होकर नारायणपुर जिले में 22 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। सभी नक्सली अबूझमाड़ इलाके में सक्रिय थे। सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर 37 लाख रुपये का इनाम था। मानसून के दौरान भी फोर्स का एक्शन जारी है। फोर्स के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के डर से नक्सलियों में दहशत है।
मिली जानकारी के मुताबिक नारायणपुर पुलिस को उस वक्त बड़ी सफलता हाथ लगी जब अबूझमाड़ के 22 नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक (SP) के सामने हिंसा का रास्ता छोड़कर सरेंडर कर दिया। इन सभी पर 37 लाख रुपये का इनाम घोषित था। समर्पण करने वालों में कुतुल DVCM सुखलाल भी शामिल है। समर्पण करने वालों में 14 पुरुष और 8 महिला नक्सली शामिल हैं। सरेंडर के अवसर पर नारायणपुर SP रॉबिंसन गुड़िया के साथ सीआरपीएफ के अफसर मौजूद रहे। दो दिन पहले दंतेवाड़ा जिले में एसपी के सामने 9 इनामी सहित 12 नक्सलियों ने सरेंडर किया था, जिसमें एक माओवादी दंपति भी शामिल था।
पिछले महीने 22 जून को अपने रायपुर दौरे के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि नक्सलियों को इस बार बरसात में भी सोने नहीं देंगे। बारिश के दिनों में भी उनके खिलाफ एंटी नक्सल ऑपरेशन जारी रहेगा। केंद्रीय गृहमंत्री के इस संदेश के बाद छत्तीसगढ़ में पहली बार मानसून के दौरान भी एंटी नक्सल ऑपरेशन जारी है। बता दें कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ से मार्च-2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन तय की है।
बता दें कि बस्तर संभाग में सीआरपीएफ, स्पेशल टॉस्क फोर्स, छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स, बस्तर फाइटर, कोबरा बटालियन, डीआरजी और पुलिस बल का ज्वाइंट ऑपरेशन चल रहा है। बस्तर संभाग के जिलों नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर में लगातार नक्सल ऑपरेशन चल रहे हैं। बीहड़ जंगलों में फोर्स के कैंप खुलने से माओवादी संगठन बैकफुट पर हैं। हाल के मुठभेडों में कई केंद्रीय स्तर के नक्सली नेता मारे गए हैं, जिन पर करोड़ों रुपये के इनाम थे।
भीषण सड़क हादसा: खाई में गिरी बोर वाहन, 4 की मौत….
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश से आ रही एक बोर वाहन खाई में गिर गई, जिसमें अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 8 अन्य लोग अब भी वाहन के नीचे दबे हुए हैं। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
यह दिल दहला देने वाला हादसा कवर्धा जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र अंतर्गत अगरपानी चाटा इलाके में हुआ है। शुक्रवार सुबह मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही बोर वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई है। अब तक 4 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं करीब 8 लोग अभी भी वाहन के मलबे के नीचे दबे हुए हैं।
रेस्क्यू टीम लगातार मशक्कत कर रही है ताकि दबे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।फिलहाल घायलों और मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। प्रशासन की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है।
मानसून ट्रैक -पर्यटकों को बस्तर की बरसात में प्राकृतिक खूबसूरती का अनुभव लेने का अवसर
बस्तर जिले में स्थित कांगेर वैली नेशनल पार्क के अधीन आने वाले टोपर वाटरफॉल का ट्रैकिंग, मड़वा वाटरफॉल का ट्रैकिंग, शिवगंगा ट्रैकिंग में जंगल एरिया के बीच जलप्रपात, झरना जंगली जानवर बर्ड वाचिंग करवाया जाएगा। कैलाश गुफा, कैलाश झील, गुड़िया पदर में गांव से जलप्रपात तक (4 किमी) तक ट्रैकिंग करवाई जाएगी। तीरथगढ़ वॉटरफॉल से रानीदरहा वाटरफॉल(3 किमी) तक में जंगल एरिया वाईल्ड लाइफ, बर्ड वाचिंग, मालकेव ट्रैक में मादरकोंटा से तीरथगढ़ (8 किमी) तक जंगलों के बीच ट्रैकिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा जिले के माचकोट इलाके में स्थित झील और झरनों के नाम से प्रसिद्ध तिरिया में और माचकोट के जंगलों में भ्रमण करवाने की कार्ययोजना बनाई गई है।
महिला के शव को कचरा गाड़ी से अस्पताल भेजा, पुलिस ने बुलवाई थी नगरपालिका की गाड़ी, एएसआई को किया गया सस्पेंड,
खराब सड़कों के विरोध में चक्काजाम करना पड़ा भारी : 15 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR, जाम में फंसा था केंद्रीय राज्य मंत्री का काफिला
महिला स्व-सहायता समूहों को फिर मिला रेडी टू ईट निर्माण का कार्य
छत्तीसगढ़ पर्यटन ने कोलकाता में दर्ज कराई प्रभावशाली उपस्थिति
श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम कोसमनारा में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय: प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की
10 जुलाई 2025/गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाल जीवन के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का दिन श्रद्धा, आस्था और मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। कोसमनारा स्थित यह धाम लोगों की आस्था का केंद्र है और यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण के मार्ग पर गुरुजनों के आशीर्वाद और जनआशीर्वाद के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री ओपी चौधरी, रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक पुरंदर मिश्रा और महापौर जीवर्धन चौहान भी उपस्थित थे।
राज्यपाल डेका से गेंड़ी लोक नृत्य कलाकार ने की भेंट
राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में तिफरा बिलासपुर के गेंडी लोक नृत्य कलाकार अनिल कुमार गढ़ेवाल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर नृत्य के कलाकार लक्ष्मी नारायण मांडले उपस्थित भी थे।
देवघर से नशीली सिरप की सप्लाई करने वाला मेडिकल एजेंसी संचालक गिरफ्तार, बिलासपुर में नशे के नेटवर्क का भंडाफोड़….
बिलासपुर पुलिस ने नशीली कफ सिरप की अवैध तस्करी और बिक्री के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। थाना सरकंडा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण क्रमांक 373/2025 में देवघर (झारखंड) से नवचेतन मेडिकल एजेंसी के संचालक कृष्ण कुमार बरनवाल (55 वर्ष) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क बिलासपुर में युवाओं को नशे के जाल में फंसाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा था। मामले की शुरुआत 09 मार्च 2025 को हुई, जब ऊर्जा पार्क, राजकिशोर नगर क्षेत्र में नशीली कफ सिरप बेचते हुए एक युवक अथर्व सौम्य सिंह और एक नाबालिक को पुलिस ने 55 नग अवैध कफ सिरप के साथ गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह सिरप देवघर से मंगाया गया था। इसके पीछे मुख्य सरगना टानू उर्फ तानू उर्फ भांचा महंत था, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसने राज मेडिकल, देवघर के संचालक रितुराज सिंह से संपर्क कर सिरप की ऑनलाइन खरीदी करवाई थी।
जांच के दौरान राज मेडिकल के माध्यम से नवचेतन मेडिकल एजेंसी से सिरप की आपूर्ति होने की जानकारी मिली। एजेंसी संचालक कृष्ण कुमार बरनवाल के खिलाफ तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस टीम ने देवघर पहुंचकर लक्ष्मी मार्केट में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
रविवि के महिला अध्ययन केंद्र में एमए इन वुमन एंड जेंडर स्टडीज पाठ्यक्रम का आरंभ
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के महिला अध्ययन केंद्र में दो वर्षीय (चार सेमेस्टर) पाठ्यक्रम "एम.ए. इन वुमन एंड जेंडर स्टडीज" आरंभ किया गया है। यह कोर्स छत्तीसगढ़ राज्य का पहला पूर्णकालिक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम है, जो विशेष रूप से महिलाओं और जेंडर से जुड़े मुद्दों के सैद्धांतिक अध्ययन, फील्ड वर्क, तथा शोध को समर्पित है। पाठ्यक्रम की वार्षिक फीस 4000 रुपये निर्धारित की गई है।
इससे पूर्व महिला अध्ययन केंद्र द्वारा "सर्टिफिकेट कोर्स इन वुमन लॉ एंड जेंडर जस्टिस" और यूनेस्को के सहयोग से संचालित "कम्युनिटी बेस्ड पार्टिसिपेटरी रिसर्च" पाठ्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों की फीस 2500 है।
एम.ए. कोर्स का उद्देश्य छात्रों को महिलाओं से जुड़े मुद्दों, लैंगिक असमानता, महिला अधिकारों, संबंधित विधियों, तथा सामाजिक न्याय के क्षेत्रों में गहन ज्ञान व व्यावहारिक समझ प्रदान करना है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को नीति निर्माण, वकालत, अनुसंधान, शिक्षा, मीडिया, गैर-सरकारी व सरकारी संस्थानों, महिला एवं बाल विकास, काउंसलिंग, कुटुंब न्यायालय, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, समाजसेवा, तथा अन्य सामाजिक क्षेत्रों में प्रभावी भूमिका निभाने हेतु सक्षम बनाता है।
इन तीनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। प्रत्येक पाठ्यक्रम में कुल 20 सीटें उपलब्ध हैं। इच्छुक अभ्यर्थी शीघ्र आवेदन करें।
भारतमाला मुआवजा घोटाले की आंच धमतरी में भी पहुंची, अफसर- ब्रोकर्स ने कर लिया करोड़ों का गोलमाल
सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का टूरिज्म विलेज धुड़मारास.. कयाकिंग और बांस राफ्टिंग भी
रायपुर। बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाला छोटा सा आदिवासी गांव धुड़मारास आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल यह गांव अब पर्यावरणीय संरक्षण और सतत विकास का मॉडल बनकर उभरा है।
प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक जीवनशैली से परिपूर्ण यह गांव, अब सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अंचल में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्थानीय सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। धुड़मारास गांव में क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा आधारित विभिन्न परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर स्वच्छ पेयजल, रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के माध्यम से गांव में 3 नग सोलर ड्यूल पम्प की स्थापना कर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 2 नग सोलर हाईमास्ट संयंत्र की स्थापना कर रात्रिकालीन प्रकाश की व्यवस्था की गई है। ग्राम की गलियों में सोलर पावर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा बस्तर जिले के धुड़मारास गांव और चित्रकोट गांव को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सर्वश्रेष्ठ गांव के रूप में पुरस्कृत किया गया है। प्राकृतिक रूप से समृद्ध धुड़मारास गांव कांगेर नदी की सुरम्य धारा, हरियाली, जैव विविधता एवं पारंपरिक बस्तरिया संस्कृति पर्यटकों को आकर्षित करती है।
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा ट्रैकिंग ट्रेल, कैंपिंग साइट और होम-स्टे की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। स्थानीय शिल्पकारों व कलाकारों को प्रोत्साहन देकर पारंपरिक हस्तशिल्प को बाजार से जोड़ा जा रहा है। सड़क एवं परिवहन सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।
धुड़मारास गांव में ईको-पर्यटन विकास समिति द्वारा कांगेर नदी में कयाकिंग और बांस राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। पर्यटकों हेतु प्रतीक्षालय, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास भी ग्रामीण स्तर पर किया जा रहा है। राज्य शासन के वन एवं पर्यटन विभाग द्वारा धुड़मारास को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं। इसी तर्ज पर नागलसर एवं नेतानार जैसे गांवों में भी ईको पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
गुरु पूर्णिमा और माघ पूर्णिमा पर भरत मुनि स्मृति दिवस पर कार्यक्रम करेगा संस्कार भारती
रायपुर। पुरातन कला नगरी के रूप में प्रसिद्ध रायगढ़ में संस्कार भारती छत्तीसगढ़ की 24वीं साधारण सभा 5- 6 जुलाई को संपन्न हुई। प्रथम दिवस 5 जुलाई को साधारण सभा के मुख्य अतिथि के रूप में संस्था के प्रथम मार्गदर्शक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुके प्रदीप देशपांडे बिलासपुर ने उपस्थित समस्त सदस्यों को कार्यकर्ता की विशेषता एवं आवश्यकता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कला क्षेत्र का संगठन होने के नाते हमें अपने सभी कला साधक व कार्यकर्ताओं से आत्मीय संबंध बनाना आवश्यक है। कला माध्यम से समाजोत्थान एवं राष्ट्रीय उत्थान का उद्देश्य लेकर संस्कार भारती का गठन हुआ है। देश में लगभग 1200 इकाइयों के साथ यह ऐसा एकमात्र कला संगठन है जो अनेक प्रचलित विधाओं को माध्यम बनाकर देश में कार्यरत है।
संस्था के प्रांतीय संरक्षक एवं छत्तीसगढ़ फिल्म एसोसिएशन के प्रांतीय संरक्षक योगेश अग्रवाल रायपुर ने कहा की कला क्षेत्र में योजनाबद्ध ढंग से विकृतियां उत्पन्न करने की साजिश चल रही है। विकृत मानसिकता से कला प्रदर्शन करने की होड सी लगी हुई है। लेकिन इन सब के बीच सकारात्मक प्रदर्शन कैसा हो यह हमारे संस्था के कार्यकर्ताओं को सोचना है। प्रदेश और देश में सकारात्मकता से कला प्रदर्शन करने वाले अनेक कलाकार एवं संस्थाएं हैं उनके साथ तादात्म्य स्थापित कर हमें नवोदित कलाकारों के समक्ष एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करना होगा।
अध्यक्षता कर रही गोंडी भाषा की विशेषज्ञ एवं इस वर्ष मध्य प्रदेश में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित डॉ जयमती कश्यप कोंडागांव ने प्रदेश के अनेक जिलों से आए हुए अभ्यागतों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान में स्टैंड अप कॉमेडी आधुनिक अभिव्यक्ति का नया रूप है जो युवाओं को तेजी से आकर्षित कर रहा है। यह माध्यम जहां सशक्त सामाजिक सुधारों का उपकरण बन सकता है वहीं दूसरी ओर शॉर्टकट प्रसिद्धी की होड में अशोभनीय भाषा सहित धर्म , जाति , लैंगिक और अश्लीलता का भी मंच बनता जा रहा है। अतः संस्कार भारती इस विधा के कलाकारों का आवाहन करती है कि विवादास्पद विषयों से हटकर भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित मर्यादित और उद्देश्य पूर्ण हास्य का प्रदर्शन करें जिसका सपरिवार आनंद लिया जा सके।
दूसरे सत्र में संस्था के प्रांतीय महामंत्री हेमन्त माहुलीकर ने वैधानिक कार्यवाही के अंतर्गत गत वर्ष की साधारण सभा की कार्यवाही का वाचन किया एवं अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रांतीय कोषाध्यक्ष जागेश्वर सिंह मानसर ने आय-व्यय एवं अगले वर्ष का बजट प्रस्तुत किया। प्रांतीय प्रबंधकारिणी द्वारा पारित संविधान संशोधन के प्रस्ताव को सभा के समक्ष रखा गया। चर्चा पश्चात उपरोक्त सभी वैधानिक कार्यवाही एवं प्रस्तावों का साधारण सभा के सदस्यों ने ओंकार ध्वनि के साथ अनुमोदन किया। श्रद्धांजलि सभा में अरुण दास वैष्णव ने प्रदेश के कला एवं साहित्य जगत के सभी मूर्धन्य कलाकारों सहित सदस्यों के परिजनों के नाम सभा के समक्ष रखे जिनका निधन हो गया है। उन्हें मौन श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अगले सत्र में श्रीपाद जोशी अखिल भारतीय अधिकारी एवं अनिल जोशी क्षेत्र प्रमुख ने संस्कार भारती की नवीन कार्य पद्धति और रीत नीति से सदस्यों को अवगत कराया। इस वर्ष से संस्कार भारती ने तय किया है कि गुरु पूर्णिमा उत्सव और माघ पूर्णिमा पर भरत मुनि स्मृति दिवस ये दो प्रमुख आयोजन हर जिले में करना है। इसके अलावा वर्ष प्रतिपदा , कृष्ण जन्माष्टमी , गणतंत्र दिवस पर भारत माता पूजन सहित संगीत ,चित्रकला लोक कला , रंगमंच , पुरातत्व भू अलंकरण ,फिल्म आदि विधाओं की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा । जिससे वरिष्ठ कला साधकों से नवोदित कला साधकों को मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इस वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस का कार्यक्रम संस्कार भारती के तत्वावधान में सभी जिलों में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर सदस्यों/ कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण भी होगा जिससे संस्कार भारती के उद्देश्यों एवं सकारात्मक विमर्श पर आधारित नई कार्य पद्धति की संकल्पना मालूम हो । राष्ट्रीय स्तर पर संस्कार भारती की स्थापना को 44 वर्ष पूर्ण हो गए हैं और एक परिपक्व संगठन के रूप में हमें समाज के सम्मुख सकारात्मक विमर्श को आगे लाना होगा जिससे देश एवं समाज में व्याप्त कुरीतियों पर विजय प्राप्त की जा सके , ऐसा संकल्प सबने लिया । प्रथम दिवस के समापन अवसर पर रात्रि कालीन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । प्रांतीय साहित्य विभाग संयोजक डॉ विश्वनाथ कश्यप बिलासपुर के संयोजन में उपस्थित साहित्य साधकों ने लोकमाता अहिल्याबाई एवं अन्य समसामयिक विषयों पर अपनी उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत कीं ।
द्वितीय दिवस 6 जुलाई रविवार को प्रातः कालीन विशेष सत्र में प्रांतीय कार्यकारिणी के समस्त सदस्यों की बैठक हुई जिसमें सबके दायित्व एवं कर्तव्य के बारे में चर्चा की गई । सभी से आग्रह किया गया कि प्रदेश के विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर कला शिक्षकों का डाटा तैयार किया जाए । इसके लिए प्रांतीय मंत्री श्री रिजेंद्र गंजीर को अधिकृत किया गया है । डाटा जमा होने के पश्चात कला शिक्षकों का एक सम्मेलन करने की योजना है जिसमें भारतीय मूल्यों पर आधारित कार्यक्रम करने का आग्रह उनसे किया जाएगा ।
अगले सत्र में समूहश: बैठकों का आयोजन हुआ प्रांत अध्यक्ष , जिल अध्यक्ष व कार्यकारी अध्यक्ष की बैठक वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री प्रदीप देशपांडे , महामंत्रीयों एवं कोषाध्यक्षों की बैठक श्री श्रीपाद जोशी तथा विभाग संयोजक व विधाओं के कलाकारों की बैठक श्री अनिल जोशी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई । तीनों समूह में अलग-अलग दायित्ववान बंधु - भगिनियों को उनके कार्यों को समझाते हुए वर्तमान कला क्षेत्र की आवश्यकताओं को बताया गया ।
अगले सत्र में मंचीय कला विभाग की ओर से डॉ आनंद कुमार पांडे जशपुर , दृश्य कला विभाग की ओर से चंद्रशेखर देवांगन बिलासपुर , साहित्य विभाग की ओर से डॉ विश्वनाथ कश्यप बिलासपुर एवं अशोक शर्मा बिलासपुर , कला धरोहर (पुरातत्व) विभाग की ओर से हरि सिंह क्षत्री कोरबा , लोक एवं जनजातीय कला विभाग की ओर से संजीव तिवारी दुर्ग ने अगले वर्ष की कार्य योजनाएं प्रस्तुत कीं । इसी सत्र में जिला सक्ति के महामंत्री मनोज तिवारी , सरगुजा की महामंत्री अर्चना पाठक , कांकेर के महामंत्री अवधेश लारिया , रायगढ़ के महामंत्री अजय पटनायक , कोरबा के महामंत्री शिव कुमार दुबे ,बिलासपुर के अध्यक्ष श्री गजानन फड़के , बलरामपुर - रामानुजगंज महामंत्री पवन कुमार पांडे ने जिले में हुए प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी से सभा को अवगत कराया । इस अवसर पर रायगढ़ जिला अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ,सरगुजा जिला अध्यक्ष रंजीत सारथी, सक्ति जिला अध्यक्ष खीकराम कश्यप , बिलासपुर जिला अध्यक्ष गजानन फड़के एवं कांकेर जिला अध्यक्ष डॉ गीता शर्मा मंच पर उपस्थित थे ।
प्रबंध कार्यकारिणी के प्रस्ताव पर वर्ष 2027 तक के लिए साहित्य विभाग संयोजक का दायित्व डॉ विश्वनाथ कश्यप बिलासपुर को एवं दृश्य कला विभाग का संयोजक श्री भोजराज धनगर रायपुर को दिया गया । सभा के अनुमोदन सहित प्रांतीय संरक्षक श्री योगेश अग्रवाल जी ने तिलक चंदन कर दोनों का स्वागत किया ।
समापन सत्र के प्रारंभ में प्रांतीय सह महामंत्री डॉ पुरुषोत्तम चंद्राकर ने साधारण सभा में हुए सभी सत्रों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया । मुख्य अतिथि श्री विनोद अग्रवाल सह जिला संघ चालक रायगढ़ ने कहा की संस्कार भारती का समाज में बहुत महत्वपूर्ण दायित्व है । कला मनुष्य को बहुत प्रभावित करती है । कलाकारों का अनुसरण करने का स्वभाव आम नागरिकों का है अतः मंच से क्या प्रस्तुत होना चाहिए यह बहुत सोचने का विषय होता है । मुख्य वक्ता डॉ राजकुमार भारद्वाज रायगढ़ विभाग प्रचारक ने साधारण सभा में उपस्थित सदस्यों को कहा कि हम क्या थे , हम क्या हैं , क्या बनना है और कैसे बनना है इसका विचार प्रत्येक कार्यकर्ता को करना चाहिए । आज विश्व में विमर्श की ही लड़ाई है । भारतीय संस्कृति को नीचा दिखाने के लिए विदेशी ही नहीं बलू अपने देश में भी कुछ मानसिक विकृत लोग लगे हुए हैं । एक समय में जेएनयू में महिषासुर को दुर्गा माता से बड़ा बताने का विमर्श स्थापित करने का प्रयास किया गया । महिषासुर का महिमा मंडन करने का कुचक्र चलाया गया , उसे दुष्ट राक्षस के स्थान पर दलित , पिछड़ा और अभागा घोषित करने का विमर्श खड़ा किया गया । भारतीय संस्कृति में विश्वास रखने वाले हमारे संतो , बुद्धिजीवियों और विचारकों ने इस विमर्श का प्रतिरोध किया , जन सामान्य के समक्ष वस्तु स्थिति प्रतिपादित की तब कहीं जाकर इस नकारात्मक विमर्श पर विजय प्राप्त हुई । आज का विमर्श अधर्म का नाश करने वाला होना चाहिए तभी धर्म की जय होगी । इस विमर्श को स्थापित करने के लिए कला एक सशक्त माध्यम है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पंच परिवर्तन के विषयों को देश के सम्मुख रखा है । स्वदेशी की भावना , नागरिकों का कर्तव्य , सामाजिक समरसता ,पर्यावरण सुरक्षा और कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से जहां भारतीय समाज सुदृढ़ बनेगा वहीं हमारी भावी पीढ़ी में देश और समाज के प्रति कर्तव्य की भावना का जागरण होगा । इन सभी बिंदुओं को व्यवहार में लाने की आवश्यकता है । स्वयं से शुरू करके समाज तक यह संदेश भिन्न कलाओं के माध्यम से पहुंचे ऐसा अपने आवाहन किया । समापन सत्र का संचालन श्री रिजेंद्र गंजीर कांकेर ने किया । संपूर्ण वंदे मातरम् गान के साथ साधारण सभा समाप्त हुई ।
साधारण सभा में कोंडागांव , रायपुर , कांकेर, कोरबा, बिलासपुर,रायगढ़ ,खैरागढ़ , सक्ति ,दुर्ग , सरगुजा, बलरामपुर - रामानुजगंज जिले से 63 प्रतिनिधियों ने भाग लिया । इस अवसर पर सदस्यों ने संस्था को 1,57,404 रुपए की राशि दान स्वरूप प्रदान की । सभी सदस्यों एवं अतिथियों को संस्कार भारती छत्तीसगढ़ द्वारा प्रकाशित सामरिक अहिल्या गाथा राजश्री से राजर्षि तक प्रदान की गई ।
पूर्व राष्ट्रपति कोविंद से राज्यपाल डेका ने की सौजन्य भेंट
राज्यपाल रमेन डेका ने आज नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से सौजन्य भेंट की। डेका ने कोविंद को राजकीय गमछा पहनाया और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया।