रायपुर
भू-जल में समस्या वाले गांवों में पेयजल के लिए मल्टी-विलेज योजना : मिशन के तहत प्रदेश भर में अभी कुल 71 मल्टी-विलेज योजनाएं मंजूर
भू-जल में समस्या वाले गांवों में
जल जीवन मिशन के तहत 3234 गांवों में पहुंचाया जाएगा नदी का पानी, 10 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा मीठा जल
प्रदेश में कुल 4527 करोड़ रुपए लागत की 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम शुरू
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
जल जीवन मिशन के तहत 3234 गांवों में पहुंचाया जाएगा नदी का पानी, 10 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा मीठा जल
रायपुर | प्रदेश में भू-जल में समस्या वाले गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत मल्टी-विलेज योजना (Multi-Village Scheme) शुरू की जा रही है। खारे पानी, भू-जल में भारी तत्वों की मौजूदगी या जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने की समस्या से जूझ रहे गांवों में इन योजनाओं के माध्यम से नदी का मीठा पानी पहुंचाया जाएगा। कुल 4527 करोड़ रुपए की लागत से राज्य के 18 जिलों में 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम प्रारंभ हो चुका है। इन योजनाओं के माध्यम से 3234 गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इन गांवों के दस लाख से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने सभी मल्टी-विलेज योजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, जिससे लोगों तक यथाशीघ्र साफ पेयजल पहुंच सके।

राज्य के अनेक जिलों में नलकूपों के गिरते हुए जल स्तर के कारण गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या आती है। ऐसे गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत सिंगल-विलेज योजनाओं के लिए सफल पेयजल स्त्रोतों की कमी को देखते हुए सतही स्त्रोत पर आधारित मल्टी-विलेज योजनाएं बनाई गई हैं। राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से प्रदेश में 71 मल्टी-विलेज योजनाओं की स्वीकृति दी गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर सभी योजनाओं के अवयवों की ड्राइंग एवं डिजाइन की चेकिंग राष्ट्रीय स्तर पर सुविख्यात आई.आई.टी. एवं एन.आई.टी. के माध्यम से कराए जा रहे हैं।
जल जीवन मिशन के तहत इन मल्टी-विलेज योजनाओं में स्थानीय नदी पर निर्मित एनीकट, बांध एवं नहर के पानी का उपयोग किया जाएगा। जल संग्रहण के लिए इन्टेकवेल तथा जल शुद्धिकरण के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत उच्च स्तरीय एम.बी.आर. (Master Balance Reservoir) भी बनाए जा रहे हैं। इन्टेकवेल से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक डी.आई. पाइप रॉ वाटर पम्पिग मेन तथा ट्रीटमेंट प्लांट से एम.बी.आर. तक क्लियर वाटर पम्पिग मेन बिछाए जा रहे हैं। एम.बी.आर. के माध्यम से योजना से लाभान्वित होने वाले गांवों में निर्मित उच्च स्तरीय टंकियों तक पेयजल पहुंचाने के लिए डीआई/ओ-पी.वी.सी. पाइपलाइन भी बिछाए जा रहे हैं। इन योजनाओं का काम पूर्ण करने के लिए ठेकेदारों को 12 महीने का समय दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री साव के निर्देश पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता तथा जल जीवन मिशन के वरिष्ठ अभियंताओं द्वारा कार्यस्थलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान योजनाओं में प्रयोग की जा रही सामग्रियों, उपकरणों एवं आर.सी.सी. के कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मल्टी-विलेज योजनाओं में प्रयुक्त होने वाली सभी सामग्रियों एवं उपकरणों की गुणवत्ता की जांच (टेस्टिंग) के लिए थर्ड पार्टी इन्सपेक्सन (Third Party Inspection) भी कराए जा रहे हैं।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत मल्टी-विलेज योजनाओं के माध्यम से 18 जिलों के 3234 गांवों में जलापूर्ति की जाएगी। इनमें रायगढ़ जिले के 396, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के 16, कोरबा के 245, जांजगीर-चांपा के 32, राजनांदगांव के 393, महासमुंद के 48, कबीरधाम के 31, गरियाबंद के नौ, बिलासपुर के 93, सूरजपुर के 413, मुंगेली के 240, दुर्ग के 201, बलौदाबाजार-भाटापारा के 192, बेमेतरा के 219, कोरिया के 292, बालोद के 148, सरगुजा के 190 और धमतरी जिले के 76 गांव शामिल हैं।
जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश भर में अभी कुल 71 मल्टी-विलेज योजनाएं मंजूर की गई हैं। इनमें सूरजपुर जिले की 11, कोरिया की दस, दुर्ग की सात, बलौदाबाजार-भाटापारा और रायगढ़ की छह-छह, बालोद, सरगुजा, राजनांदगांव और बिलासपुर की चार-चार, बेमेतरा की तीन, धमतरी, मुंगेली, कबीरधाम और जांजगीर-चांपा की दो-दो तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, महासमुंद और गरियाबंद जिले की एक-एक योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से कुल दस लाख 445 परिवार लाभान्वित होंगे।
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रक्तदान दिवस पर डाकघर में लगा स्वास्थ्य शिविर... स्टाफ ने कराई जांच
रायपुर। विश्व रक्दान दिवस के अवसर पर 14 जून को राजधानी रायपुर के प्रधान डाकधर में रक्तदान और निःशुल्का स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डाक विभाग द्वारा विशेष कैनसलेशंन कैचेट जारी किया गया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडळ के आजीवन सभासद विजय कुमार लाड और कुमुद लाड भी बतौर अतिथि शामिल हुए।
इस अवसर पर प्रवर अधीक्षक डाकघर रायपुर संभाग रायपुर बीएल जांगड़े, छत्तीसगढ़ परिमंडल कार्यालय से सहायक निदेशक गण सौरभ असाटी, जेएस पारधी, आलोक गोमस्ता, सीनियर फिलातेलिस्ट लाड अग्रवाल आदि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम मे रायपुर जीपीओ, संभाग व परिमंडल कार्यालय के अधिकारियों के द्वारा बढ़ चढ़कर भाग लिया।
सीनियर फिलेटलिस्ट विजय कुमार लाड एवं सुश्री कुमुद लाड को आमंत्रित किया गया। विजय कुमार लाड ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर अब समाज काफी जागरूक हो चुका है। रक्तदान में युवाओं की सहभागिता समय के साथ बढ़ती जा रही है। इसे के चलते आज हमारी राजधानी में कई ब्लड बैंक संचालित है, जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है।
सिलेबस से बाहर सवाल पूछे जाने पर छात्रों ने किया हंगामा,एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर का था पेपर
रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही है। इस बीच शुक्रवार को छात्रों ने विश्वविद्यालय में जमकर हंगामा कर दिया। एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर का पालिटिकल साइंस का पेपर था। छात्रों को प्रश्नपत्र बांटा गया। छात्रों ने प्रश्नों को देखकर हंगामा शुरू कर दिए।
छात्रों का आरोप था कि प्रश्नपत्र में जितने भी प्रश्न आए है, सभी हमारे पाठ्यक्रम के बाहर से आए है। छात्र-छात्राएं परीक्षा नहीं देने पर अड़ गए। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने आगे छात्रों को समझाने की कोशिश की। छात्रों के नहीं मानने पर परीक्षा को रद कर दिया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. शैलेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि आमतौर पर एक या दो प्रश्न पाठ्यक्रम के बाहर से आते हैं, लेकिन छात्रों का आरोप है कि सभी प्रश्न पाठ्यक्रम के बाहर से हैं। हम इसकी जांच करा रहे हैं।
पेपर को रद कर दिया गया है। जारी समय सारणी के अनुसार पांच जुलाई को अंतिम पेपर है। इसके बाद पालिटिकल साइंस की परीक्षा की तिथि तय करेंगे। छात्र 10 जुलाई की मांग कर रहे हैं। इस दिन एटीकेटी परीक्षा नहीं होगी तो, इसी तिथि में परीक्षा ले लेंगे। पेपर कब होगा इसकी तिथि बाद में तय कर करेंगे।
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गुरुकुल परंपरा भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है- शिक्षा मंत्री अग्रवाल
रायपुर। गुरुकुल परंपरा, शिक्षा का एक प्राचीन भारतीय दर्शन रहा है। गुरुकुल शिक्षा प्रणाली ने सदियों से ज्ञान का संरक्षण और प्रसार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह बात शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज महादेव घाट रोड स्थित मोतीपुर अमलीडीह में सहजानंद अंतरराष्ट्रीय गुरुकुल रायपुर छत्तीसगढ़ के नूतन गुरुकुल के भूमिपूजन के अवसर पर कही। अग्रवाल ने नूतन गुरूकुल का भूमिपूजन कर परिसर में वृक्षारोपण किया।
शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए हमे शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करने की आवश्यकता है। जिसमें गुरुकुल परंपरा अहम भूमिका निभायेगी। भारत की गुरुकुल प्रणाली शिक्षा और संस्कृति का एक अनूठा संगम रहा हैं। जिसके कारण विश्व में भारत की एक अलग पहचान है। गुरुकुल परंपरा से ही संस्कार, संस्कृति, शिष्टाचार, समाजिक जागरुकता, मौलिक व्यक्तित्व, बौद्धिक विकास जैसे अमूल्य गुणों को अपनी आने वाली पीढ़ियों को विरासत में दे सकते हैं।
शिक्षा मंत्री अग्रवाल ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ वासियों के लिए सौभाग्य की बात है कि भारत की इस दिव्य विरासत जीवित रखने के लिए यहां गुरुकुल की स्थापना की जा रही है। उन्होंने इस कार्य में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए शास्त्री घनश्याम प्रकाश दासजी एवं कृष्णवल्लभ दासजी के प्रति आभार प्रकट किया।
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नारायणपुर में प्रेशर आईइडी विस्फोट में आइटीबीपी 53वीं वाहिनी के दो जवान घायल
रायपुर | छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नाराणपुर जिले के कोहकामेटा थाना क्षेत्र के कुतूल में नक्सलियों ने आईइडी ब्लास्ट किया है जिसमें आइटीबीपी के असिस्टेंट कमांडर और कांस्टेबल घायल हो गए |
कोहकामेटा थाना क्षेत्र के कुतूल और मोहंदी के मध्य जंगलों में नक्सलियों के लगाए हुए, प्रेशर आईइडी विस्फोट में आइटीबीपी 53वीं वाहिनी के दो जवान घायल हो गए हैं।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार की सुबह लगभग 6:30 बजे कुतुल के पास नक्सलियों ने पूर्व से लगाये आईइडी विस्फोट होने से स्फ्लिंटर लगने से आइटीबीपी के दो जवानों को आंशिक चोट आई है। घायल जवानों की स्थिति सामान्य एवं खतरे से बाहर है। क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चल रहा है।
बलौदाबाजार कांडः हाईकोर्ट के रिटायर जज करेंगे न्यायिक जांच... तीन माह के भीतर शासन को देंगे रिपोर्ट
रायपुर। राज्य शासन ने गिरौधपुरी धाम के ग्राम महकोनी स्थित अमर गुफा में जैतखांभ की क्षति ग्रस्त होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश को जांच अधिकारी नियुक्त किया है l राज्य शासन ने 6 बिन्दुओं पर जाँच के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच का आदेश जारी किया है l छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश श्री सी बी बाजपेयी की एकल सदस्यीय टीम इस घटना की जाँच कर 3 माह के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को देंगे l
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल आज निकालेंगे जन आभार रैली : शाम 4 बजे
बलौदाबाजार कलेक्टोरेट में काम-काज सामान्य दिनों की तरह फिर से शुरू
बलौदाबाजार कांडः घटना में समाज का हाथ नहीं... समाजजनों ने कहा यह घटना राजनीतिक से प्रेरित
रायपुर। बलौदाबाजार में संयुक्त जिला कार्यालय में हुई तोड़फोड़ को लेकर एक ओर जहां पुलिस द्वारा अपराधियों की धरपकड़ जाती है, वहीं सतनामी समाज के प्रमुखों ने कहा कि घटना में समाजजनों का कोई हाथ नहीं है। यह घटना कहीं न कहीं राजनीति से प्रेरित है। समाज प्रमुखों ने कहा कि हम मनखे-मनखे एक समान का अलख जगाने वाले बाबा घासीदास के वंशज है।
महाराष्ट्र मंडळ चौबे कालोनी में सामाजिक सद्भावना मंच के बैनर तले एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए समाज प्रमुख बसंत अंचल, रिटायर जज अग्रलाल जोशी, रिटायर डीएसपी बंशीलाल कुर्रे और बिलासपुर शासकीय कालेज के प्राचार्य डा. श्यामलाल निराला ने कहा कि निःसंदेह बलौदाबाजार में हुई घटना निंदनीय है। बसंत अंचल ने कहा कि गिरौदपुरी में हुई तोड़फोड़ के बाद मौके पर समाज प्रमुख गए थे। दोषियों पर हुई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होने पर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन की योजना बनीं।
सतनामी समाज की ओर से शांति पूर्ण प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बीच कुछ उपद्रवी तत्वों ने इस घटना को अंजाम दिया। संदेह के आधार पर किसी को गिरफ्तार किया जा रहा है तो उससे पूछताछ करें। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। प्रदर्शन के पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए उग्र मैसेज को लेकर समाज प्रमुखों ने कहा कि हमें जैसे ही ऐसे मैसेज की जानकारी मिली हमने सार्वजनिक मंचों पर समाज के लोगों से ऐसे मैसेज प्रसारित नहीं करने और किसी भी स्थिति में उग्र नहीं होने की बात कहीं।
शिक्षा मंत्री की अनुशंसा पर माध्यमिक शिक्षा मंडल में सदस्यों की नियुक्ति.. जानिए रायपुर से कौन-कौन बने सदस्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, अटल नगर नवा रायपुर से आदेश जारी कर दिया गया है। मंडल में मान्यता प्राप्त संस्थाओं के प्राचार्यों, प्राध्यापकों और निजी संस्थाओं के सदस्यों के साथ ही पांच विधायकों को शामिल किया गया है। सदस्यों की नियुक्ति अवधि 3 वर्ष की है। बतादें कि यह नियुक्ति शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर की गई है।
नई सरकार के गठन के साथ ही पूर्व मंडल सदस्यों की नियुक्ति स्वमेव समाप्त हो गई थी। बिना सदस्यों के माशिमं के निर्णय लेने में परेशानी हो रही है। मंडल सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया तो फरवरी से ही शुरू हो गई थी, किन्तु आचार संहिता की वजह से नियुक्ति आदेश जारी नहीं हो पाया था। स्कूल शिक्षा विभाग ने 20 मंडल सदस्यों की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है।
सदस्यों में विधानसभा के प्रतिनिधित्व के रूप में पांच विधायक शामिल किए गए हैं, इनमें अहिवारा विधायक डोमन सिंह कोर्सेवाड़ा, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और कांकेर विधायक आशाराम नेताम शामिल हैं। इसके अलावा मान्यता प्राप्त संस्थाओं से प्राचार्य वर्ग में प्रकाश यादव राजनांदगांव, प्रफुल्ल शर्मा जांजगीर-चांपा और इंदु अग्रवाल कोरबा को माध्यमिक शिक्षा मण्डल में सदस्य बनाया गया है। प्रशिक्षण महाविद्यालयों से श्रद्धा मिश्रा अंबिकापुर को शामिल किया गया है।
मान्यता प्राप्त संस्थाओं से 6 प्राध्यापक माशिमं के सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है। जिसमें मान्यता प्राप्त संस्थाओं से 6 प्राध्यापकों की भी नियुक्ति की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्राध्यापकों में संजय ठाकुर दंतेवाड़ा, ऋषि कश्यप बिलासपुर, जितेन्द्र कुमार सिंह कबीरधाम, ओंकार सिंह ठाकुर बलरामपुर, डॉ. हितेश कुमार दीवान रायपुर, दीक्षा गंगराड़े रायपुर शामिल हैं। इसी तरह तीन स्थानीय निकायों द्वारा संचालित संस्थाओं के प्रतिनिधि के रूप में अनिल दास गुप्ता कबीरधाम, चंद्रकांत तिवारी पामगढ़, कीर्ति व्यास रायपुर के अलावा एलडी दुबे और सुनील पंडया को माध्यमिक शिक्षा मण्डल का सदस्य बनाया गया है।
विष्णु देव साय सरकार के छह माह.... किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए हुए हैं ऐतिहासिक फैसले
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन के ट्रैक पर छत्तीसगढ़ ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली है। बीते छह माह पर नजर डाले तो साय सरकार ने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बहुत कम समय में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए वर्ष 2047 तक विकसित-छत्तीसगढ़ का निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ के लोगों को गारंटी दी थी कि छत्तीसगढ़ में लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए सुशासन की स्थापना की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अलग सुशासन और अभिसरण विभाग का गठन किया है। यह विभाग कल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए काम कर रहा है। सभी विभागों को सुशासन के लिए अधिक से अधिक आईटी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस पर अटल मॉनिटरिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया है।
साय सरकार ने आवासहीन और जरूरतमंद 18 लाख परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, 13 लाख से अधिक किसानों को धान की बोनस राशि, 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए देने जैसे अनेक निर्णयों पर क्रियान्वयन किया है। राज्य के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में माओवाद उन्मूलन के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नियद नेल्लानार योजना शुरू की गई है। महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, रामलला दर्शन योजना, उद्यम क्रांति योजना जैसी कई अभिनव योजनाओं की शुरूआत हुई है। लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) की सम्मान निधि फिर से शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 जून से सभी विभागों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए समीक्षा बैठक लेने का सिलसिला शुरू कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जन कल्याणकारी कार्यक्रम का क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता रखें। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि आम नागरिकों की दिक्कतें दूर करने के लिए संवेदनशील होकर कार्य करें। लोकसभा निर्वाचन के बाद अब शासन की योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार तेजी से काम कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना जैसी अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन पर तैयारी शुरू कर दी गई है। राजस्व प्रशासन को भी मजबूत किया जा रहा है। भूमि संबंधी विवादों और दिक्कतों को दूर करने के लिए भू-नक्शों की जियो रिफरेसिंग पर भी रणनीति तैयार कर ली गई है।
18 लाख आवास स्वीकृतः मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने स्वीकृति दे दी। इसके लिए 12 हजार 168 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
13 लाख किसानों को धान का बोनसः मोदी जी ने प्रदेश के किसानों को गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर राज्य के किसानों को 2 साल का बकाया धान बोनस देंगे। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 13 लाख किसानों के बैंक खातों में 3716 करोड़ रुपए का बकाया धान बोनस अंतरित कर इस गारंटी को भी पूरा किया है।
3100 रुपये में धान की खरीदीः साय सरकार ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का तत्काल भुगतान किसानों को किया और फिर 12 जनवरी को 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की है। इस साल खरीफ सीजन में राज्य में 145 लाख मीटिरक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है।
70 लाख महिलाओं का वंदनः महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के बैंक खातों में राशि अंतरण का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की वर्चुअल उपस्थिति में 10 मार्च 2024 को हुआ। इस योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। योजना का लाभ 70 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा है। अब तक इस योजना की चार माह की राशि जारी की जा चुकी है। पिछली सरकार ने महिला स्व सहायता समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब फिर से उन्हें यह काम सौंप दिया है।
श्री रामलला दर्शन योजनाः छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या में विराजमान श्री रामलला के दर्शन हेतु निःशुल्क आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित की जा रही है। शासकीय व्यय में अब तक हजारों दर्शनार्थी श्री रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या भेजे जा चुके हैं।
तेन्दूपत्ता संग्रहण दर अब 5500 रूपएः राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है। चालू तेंदूपत्ता सीजन से ही 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को योजना का लाभ मिल रहा है। संग्राहकों के लिए राज्य सरकार द्वारा चरण पादुका योजना भी शुरू की जाएगी, साथ ही उन्हें बोनस का लाभ भी दिया जाएगा।
भर्ती में युवाओं को पांच वर्ष की छूटः युवाओं की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए पुलिस विभाग सहित विभिन्न शासकीय भर्तियों में युवाओं को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट का निर्णय लिया है। अभ्यर्थियों को 31 दिसंबर 2028 तक आयु सीमा में 05 वर्ष छूट का लाभ मिलेगा।
यूपीएससी की तर्ज पर होगी पीएससीः यूपीएससी की तर्ज पर छत्तीसगढ़ पीएससी परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए यूपीएससी के पूर्व चेयरमेन प्रदीप कुमार जोशी की अध्यक्षता में आयोग का गठन कर दिया गया है। पीएससी की घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है।
पांच शक्तिपीठों का होगा विकासः राज्य की 5 शक्तिपीठों के विकास के लिए बजट में 5 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया गया है। शक्तिपीठों के विकास के लिए चारधाम की तर्ज पर 1000 किलोमीटर की परियोजना शुरू की जाएगी। ग्रामीण घरों को नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत 4500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
युवाओं के लिए उद्यम क्रांति योजनाः राज्य में युवा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उद्यम क्रांति योजना शुरू करते हुए बजट प्रावधान भी कर दिया है। इस योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है।
अधोसंरचना और कनेक्टीविटी पर जोरः राज्य में सड़क, रेल और हवाई यातायात की सुविधाओं के विस्तार का काम भी शुरू हो चुका है। बिलासपुर और जगदलपुर से नयी उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। जशपुर और बलरामपुर हवाई पट्टी के विस्तार के लिए बजट में प्रावधान कर दिया गया है। अंबिकापुर और जगदलपुर हवाई अड्डों में भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
गरीबों के लिए मुफ्त राशनः छत्तीसगढ़ सरकार ने 68 लाख गरीब परिवारों को 05 साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय लिया है। इसके लिए बजट में 34 सौ करोड़ रुपए का प्रावधान है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए भी बजट में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया गया है।
राजिम कुम्भ कल्प की पुनः शुरूआतः राज्य की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए राजिम मेले का आयोजन पुनः उसके व्यापक स्वरूप में राजिम कुंभ कल्प के रूप में शुरू कर दिया गया है। बस्तर में प्राचीन काल से चले आ रहे अनेक ऐतिहासिक मेलों को भी शासकीय संरक्षण और सहायता दी जा रही है।
रायपुर में आईटी हब बनाने का काम शुरूः रायपुर को आईटी हब बनाने का काम शुरू हो गया है। हाल ही में 2 आईटी कंपनियों के साथ एमओयू हुआ है, उन्हें फर्नीस्ड बिल्डअप एरिया भी उपलब्ध करा दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार नवा रायपुर को बेंगलुरू की तर्ज पर आईटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य योजनाः राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ ही शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है। राज्य के दो बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर और छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस बिलासपुर (सिम्स) में भवन के विस्तार और सुविधाओं के विकास का काम शुरू कर दिया गया है।
आईआईटी की तर्ज पर प्रौद्योगिकी संस्थानः राज्य में उच्च शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है। आईआईटी की तर्ज पर राज्य के जशपुर, बस्तर, कबीरधाम, रायपुर और रायगढ़ में प्रौद्योगिकी संस्थानों का निर्माण किया जाएगा। राज्य में छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन की स्थापना की जाएगी।
राज्य-राजधानी क्षेत्र का विकास (एससीआर- ऱाष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र विकास योजना की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाने का प्रावधान किया गया है। इससे राज्य में शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोरःराष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया है। इन्वेस्ट इंडिया की तर्ज पर इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ आयोजित करने के लिए बजट में पांच करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। खनिजों के परिवहन में पारदर्शिता के लिए खनिज परिवहन हेतु ऑनलाइन ई-ट्रांजिट पास जारी करने की व्यवस्था पुनः प्रारंभ की गई है। इससे राज्य को मिलने वाले राजस्व में वृद्धि होगी।
आर्थिक सलाहकार परिषदः छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं से परामर्श करने तथा देश और दुनिया में चल रहे बेस्ट प्रैक्टिस को राज्य की परिस्थिति के अनुरूप लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन करने का निर्णय लिया गया है।
जॉब फेयरः आप भी कर रहे है नौकरी की तलाश तो यह मौका आपके लिए
रायपुर। अगर आप भी अपने लिए अच्छी नौकरी की तलाश कर रहे है तो यह मौका आपके लिए ही है। रायपुर जिले के बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 18 जून को रोजगार कार्यालय, पुराना पुलिस मुख्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक जाब फेयर का आयोजन किया गया है।
रायपुर जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा आयोजित जॉब फेयर में स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जाएगा. नौकरी मेला के माध्यम से निजी क्षेत्र के फ्यूजन माईक्रोफाइनेन्स लिमिटेड एवं शेफाली बिजनेस इंटरनेशनल, विक्टर फाइनेंस प्रा.लि.मि. और रुद्रा इंटरप्राईजेस, रायपुर द्वारा न्यूनतम 10वीं-12वीं से स्नातक और आईटीआई (इलेक्ट्रिशियन/फिटर) उत्तीर्ण आवेदकों की भर्ती रिलेशनशीप मैनेजर, असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर, ब्रांच मैनेजर, सेल्स एक्सीक्यूटीर, सीओ एवं इलेक्ट्रिकल / फिटर टेक्निशियन आदि के 17 से अधिक पदों पर की जावेगी।
इस सभी पदों के लिए न्यूनतम 8,000 से 15,000 तक प्रतिमाह वेतन निर्धारित है. जॉब फेयर में सम्मिलित होने योग्य और इच्छुक आवेदक निर्धारित तिथि और स्थल पर अपने बॉयोडाटा, आधार कार्ड और शैक्षणिक, तकनीकी योग्यता के प्रमाण पत्रों की छायाप्रति के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे. अधिक जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार कार्यालय रायपुर में भी संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री कृषि विभाग की आग करेंगे समीक्षा, 14 जून को स्वास्थ्य और 15 जून को पीएचई व जेल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रशासनिक काम-काज में कसावट लाने के लिए विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकों का सिलसिला 13 जून से शुरू कर दिया हैं। इन बैठकों में आम जनता से जुड़ी योजनाओं की गहन समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री साय आज यानी 13 जून को अपने निवास कार्यालय में दोपहर 1 बजे से कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तथा अपरान्ह 3 बजे से पशुधन विकास, मत्स्य पालन और दुग्ध महासंघ के काम-काज की समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री 14 जून को मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर में सुबह 11.30 बजे स्वास्थ्य सेवाएं तथा दोपहर 3 बजे चिकित्सा शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा करेंगे। स्वास्थ्य विभाग की बैठक में आयुष्मान भारत सहित आम जनता को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा होगी।
समीक्षा बैठक में इसी क्रम में मुख्यमंत्री 15 जून को अपने निवास कार्यालय में सुबह 11.30 बजे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा दोपहर 2 बजे गृह एवं जेल विभाग की समीक्षा करेंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी।
जंगलों को आग से बचाने के लिए हुए व्यापक इंतजाम
अरण्य भवन रायपुर में कंट्रोल रूम : टॉल फ्री नम्बर 18002337000 स्थापित
रायपुर | वनों का आग से बचाव अत्यंत आवश्यक है। इसके मद्देनजर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रदेश के वन क्षेत्रों में आग से बचाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत 15 जून 2024 तक वनों को अग्नि से बचाव वन विभाग की प्राथमिकता में है।
वन विभाग द्वारा इसके अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय अरण्य भवन रायपुर में कन्ट्रोल रूम में टॉल फ्री नम्बर 18002337000 स्थापित किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति अग्नि घटनाओं की सूचना दे सकते हैं। इसी तरह समस्त वनमंडलों में भी वनमंडल कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा हेतु कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से अग्नि घटनाओं की सतत् निगरानी की जा रही है।
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अग्नि सीजन 15 फरवरी से प्रारंभ हो गया है तथा 15 जून 2024 तक वनों को अग्नि से बचाना विभाग की प्राथमिकता में है। अग्नि से जहां एक ओर प्राकृतिक पुनरूत्पादन के पौधे नष्ट हो जाते हैं वहीं दूसरी ओर वृक्षों की काष्ठ की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। अतएव वनों को अग्नि से बचाव अत्यंत आवश्यक है। अग्नि सुरक्षा हेतु समस्त वनमंडलों में अग्नि रेखाओं की कटाई, सफाई, जलाई की जा चुकी है। वन क्षेत्रों में अग्नि से सुरक्षा हेतु कैम्पा मद से समस्त बीटो में एक-एक अग्नि रक्षक की नियुक्ति की गई है। वनों में लगने वाली आग को बुझाने हेतु कर्मचारियों को आधुनिक उपकरण फायर ब्लोअर उपलब्ध कराया गया है।
इसी तरह फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफसीआई) से फायर एलर्ट रजिस्टर कराए गए हैं। कर्मचारियों के मोबाइल नम्बरों पर एसएमएस के माध्यम से अग्नि घटना स्थल का जीपीएस निर्देशांक सीधे प्राप्त होता है। इस सूचना का उपयोग अग्नि नियंत्रण में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। एफएमआईएस अरण्य भवन रायपुर द्वारा भी प्रतिदिन समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों को एसएमस के माध्यम से अग्नि घटना स्थल का जीपीएस निर्देशांक सूचित किया जा रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव द्वारा विभाग के समस्त अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
इसके तहत उन्होंने निर्देशित किया है कि समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं वन सुरक्षा समितियां, वन सुरक्षा श्रमिक, लगाये गये अग्नि प्रहरी वनों की अग्नि से सुरक्षा हेतु सतत् रूप से निरंतर सक्रिय रहेंगे। सुरक्षा में लगे अग्नि प्रहरियों तथा सुरक्षा श्रमिको को वनक्षेत्रों में जहां कहीं भी अग्नि या धुंआ दृष्टिगोचर हो तत्परता से वहां पहुंच कर सुलग रही अग्नि को तत्काल बुझाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। वन प्रबंधन समितियों को वनों की अग्नि सुरक्षा में सक्रिय जवाबदारी दी जाये। फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफसीआई) देहरादून एवं एफएमआईएस अरण्य भवन रायपुर से प्राप्त अग्नि स्थलो की सूचना के आधार पर तत्काल अग्नि स्थल का निरीक्षण कर आग को बुझाया जाये। आमजनों के बीच वनों की अग्नि से सुरक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। यह ध्यान में रखें कि लोगों की जागरूकता अग्नि सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने निर्देशित किया है यदि कतिपय प्रकरणों में ऐसा पाया जाता है कि वन क्षेत्रों में आग जानबूझकर अथवा शिकार करने के उद्देश्य से लगाई गई है तो अपराधी का पता लगाकर सम्यक विधिक कार्यवाही कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाये। तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2024 में शाखाकर्तन तथा तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान फड़ो के वनक्षेत्रो में अग्नि घटनाऐं होने पर क्रेता करारनामा की शर्तों के तहत कार्यवाही की जाये। इस वर्ष अग्नि प्रकरणों की संख्या एवं अग्नि से प्रभावित रकबे को न्यूनतम रखने का पूर्ण प्रयास किया जाये।