रायपुर
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट में आत्मीय स्वागत
रायपुर : केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। वे यहां के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय संभाग स्तरीय 'बस्तर पण्डुम' समापन समारोह में पहुंचे हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव सहित महापौर संजय पांडे और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी केन्द्रीय गृह मंत्री का अभिवादन करते हुए उनका स्वागत किया। इस दौरान कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा मौजूद रहे।
31 मार्च—नक्सलवाद के अंत और नए छत्तीसगढ़ की शुरुआत की तारीख: रायपुर में बोले अमित शाह
रायपुर में हुई अहम सुरक्षा बैठक
शाह का ऐलान – ‘31 मार्च से पहले नक्सलवाद समाप्त’
बस्तर – कभी सबसे मजबूत गढ़
नक्सलियों पर बड़ी कार्रवाई
चलती बोलेरो कार में लगी भीषण आग
उस घटना में भी कार सवार दो लोगों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचाई थी। लगातार दो दिनों में चलती कारों में आग लगने की घटनाओं ने वाहन सुरक्षा और मेंटेनेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में इस तरह की घटनाएं और भी खतरनाक हो सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वाहनों की तकनीकी जांच और सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए जाएं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। तेलीबांधा थाना पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई है। राजधानी में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि वाहन चालकों को भी अपने वाहनों की नियमित जांच और सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहेः शाह
रायपुर। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही, गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास कार्यों पर भी एक समीक्षा बैठक की। इन बैठकों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक उपस्थित थे।
बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा केन्द्रित रणनीति (Security Centric Strategy), इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार व आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है।
शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार में यह अब विकास का पर्याय बन चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे है।
अमित शाह ने कहा कि डबल इंजन सरकार देश से माओवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में नक्सलवाद अंत के कगार पर पहुँच चुका है और 31 मार्च 2026 से पहले देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेलने वाले नक्सलवाद से देश जल्द ही निजात पाने वाला है। श्री शाह ने कहा कि माओवादियों के खिलाफ चल रही लड़ाई बिखरी हुई (scattered) नहीं होनी चाहिए। विभिन्न राज्यों और केन्द्रीय एजेंसियों के बीच सुचारू समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शेष बचे माओवादियों को अन्य राज्यों में भागने नहीं दिया जाना चाहिए।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास के समान अवसर प्राप्त हों।
जनजागरुकता अभियान... प्रदेशभर में होंगे स्मार्ट मीटर पखवाड़ा का आयोजन
रायपुर। स्मार्ट मीटर की सुविधा का लाभ उठाने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी उपभोक्ताओं को जागरुक करेगी। इसमें उन्हें अपने मोबाइल के माध्यम से स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत को देखने और उनके अनुसार ऊर्जा की बचत करने के तरीके सिखाया जाएगा। इसके लिए 9 से 23 फरवरी तक स्मार्ट मीटर पखवाड़ा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के निर्देशानुसार 9 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक देशभर में स्मार्ट मीटर पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को बेहतर और पारदर्शी विद्युत सेवाएँ प्रदान करना है।
देशभर में अब तक 5 करोड़ से अधिक प्रीपेड स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। छत्तीसगढ़ में भी स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। स्मार्ट मीटर पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं में स्मार्ट मीटर के प्रति जागरूकता, विश्वास और स्वीकृति को बढ़ावा देना है। पखवाड़े के दौरान छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज द्वारा उपभोक्ताओं को प्रीपेड स्मार्ट मीटर के लाभों की जानकारी दी जाएगी। इसमें अग्रिम भुगतान की सुविधा, रीयल-टाइम बैलेंस की जानकारी, बिजली खपत पर बेहतर नियंत्रण, सही एवं पारदर्शी बिलिंग, विवादों में कमी, लो-बैलेंस एवं असामान्य खपत की सूचना, आसान रिचार्ज सुविधा तथा सेवा गुणवत्ता में सुधार शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि इस अवधि में उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से संबंधित मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि स्मार्ट मीटर से मिलने वाले लाभ उपभोक्ताओं को सीधे दिखाई दें। जिन घरों में इस दौरान स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, वहाँ डेमोस्ट्रेशन सत्र आयोजित किए जाएंगे।
स्मार्ट मीटर पखवाड़े के अंतर्गत उपभोक्ता सहभागिता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक, पोस्टर एवं लघु वीडियो जैसे आईईसी सामग्री का प्रसार, मोबाइल एप इंस्टॉलेशन में सहायता, लाइव डेमो, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अस्थायी सहायता केंद्र/हेल्प डेस्क की स्थापना, नगर पालिका एवं पंचायत स्तर पर कार्यशालाएँ तथा उपभोक्ता फीडबैक सर्वे आयोजित किए जाएंगे।
रायपुर का तापमान फिर गिरा, मौसम विभाग की रिपोर्ट
रायपुर यातायात कमिश्नरेट का सख्त अभियान, 160 से अधिक बुलेट से मॉडीफाई सायलेंसर जब्त
55 की उम्र और बचपन की मस्ती: रायपुर के खालसा स्कूल में बुजुर्गों ने जी ली अपनी पुरानी यादें, लेडीज़ विंग की अनोखी पहल
25वें भारत रंग महोत्सव की धूम- रायपुर समेत देश के 19 शहरों में बिखरी थिएटर की चमक
रायपुर। नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा (एनएसडी) द्वारा आयोजित दुनिया का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय थिएटर फेस्टिवल, 25वां भारत रंग महोत्सव (BRM), अपने 10वें दिन भी कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। सिल्वर जुबली मना रहे इस महोत्सव ने अपनी विविधता और भव्यता से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित देशभर के 19 केंद्रों पर थिएटर की एक नई ऊर्जा का संचार किया है। अब तक इस फेस्टिवल में 130 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन हो चुके हैं, जिनमें माइक्रो ड्रामा, वन-एक्ट प्ले और नुक्कड़ नाटक शामिल हैं।
महोत्सव के 10वें दिन कहानी कहने के कई अनूठे रंग देखने को मिले। दिल्ली के मंच पर "बदज़ात" और "डैडी" जैसे प्रभावशाली नाटकों का मंचन हुआ, वहीं कश्मीरी लोक परंपरा 'भांड पाथर' पर आधारित नाटक “अका नंदन (आँखों का तारा)” ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पोलैंड के प्रोडक्शन “उमादेवी ऑब्जर्व्स वांडा डायनोव्स्का” और रूस के नाटक “ए वेरी सिंपल स्टोरी” ने वैश्विक कलात्मक संवाद को मजबूती प्रदान की।एनएसडी स्टूडेंट्स यूनियन की पहल 'आद्वित्य' के तहत नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से गंभीर सामाजिक मुद्दों को उठाया गया। इसमें बाल शोषण जैसे संवेदनशील विषय पर "कुछ अनसुने", पेरेंटिंग स्टाइल पर आधारित "बेबी शार्क डू डू डू डू" और कैदियों के जीवन के संघर्ष को दर्शाते नाटकों ने युवाओं की रचनात्मक सोच और सामाजिक ज़िम्मेदारी को प्रदर्शित किया। इसके साथ ही एफटीआईआई की चुनिंदा डिप्लोमा फिल्मों की स्क्रीनिंग ने सिनेमाई बारीकियों से दर्शकों को परिचित कराया।
भारत रंग महोत्सव 2026 की खास बात इसकी व्यापक पहुंच है। दिल्ली के मुख्य केंद्र के साथ-साथ यह महोत्सव छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। रायपुर के रंगमंच प्रेमी इन उच्च स्तरीय प्रस्तुतियों का गवाह बन रहे हैं, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को एक अंतरराष्ट्रीय मंच और नई दृष्टि मिल रही है। रायपुर के अलावा बेंगलुरु, पटना, कोलकाता और पुणे जैसे शहरों में भी नाटकों का मंचन जारी है।
यह 25वां संस्करण 27 जनवरी से 20 फरवरी 2026 तक चलेगा। पूरे 25 दिनों के इस सफर में 9 देशों और भारत के हर राज्य व केंद्र शासित प्रदेश के थिएटर ग्रुप हिस्सा ले रहे हैं। कुल मिलाकर 228 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में 277 से अधिक प्रोडक्शन दिखाए जाएंगे, जिनमें कई दुर्लभ और कम बोली जाने वाली भाषाएं भी शामिल हैं।
तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे शाह.... सीएम साय ने किया आत्मीय स्वागत
रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद संतोष पांडेय, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर महापौर मीनल चौबे, विधायक मोतीलाल साहू, राजेश मूणत, मुख्य सचिव विकास शील, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव (गृह) मनोज पिंगुआ तथा रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला उपस्थित थे।
भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा : मुख्यमंत्री साय
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता (India–US Interim Trade Agreement) भारत की वैश्विक आर्थिक साख और सामर्थ्य को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस समझौते से छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अमेरिकी बाजार तक नई पहुँच मिलेगी। विशेष रूप से राज्य के वन-आधारित उत्पाद, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, वस्त्र तथा कृषि आधारित उत्पादों के लिए निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यापारिक ढांचे में किसानों के हितों और ग्रामीण आजीविका की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही यह पहल महिला सशक्तिकरण को गति देने, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती प्रदान करने और मेक इन इंडिया की भावना को और सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ एक सशक्त और सक्रिय भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह समझौता राज्य के समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को नई गति देगा।
रेरा प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में छत्तीसगढ़ रेरा का महत्वपूर्ण कदम, 14 बैंकों को फाइनल एम्पैनलमेंट किया गया
रायपुर : छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन तथा रियल एस्टेट अधिनियम, 2016 के प्रभावी अनुपालन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 14 बैंकों को अंतिम पैनल (फाइनल एम्पैनलमेंट) में शामिल किया है।
रेरा अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ रेरा द्वारा 03 अप्रैल 2025 को 17 बैंकों को अस्थायी पैनल (प्रोविजनल एम्पैनलमेंट) में शामिल किया गया था। निर्धारित प्रक्रियाओं, आवश्यक शर्तों एवं मापदंडों की पूर्ति के उपरांत अब इनमें से 14 बैंकों को अंतिम पैनल में सम्मिलित किया गया है।
अंतिम पैनल में शामिल बैंकों में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा यूको बैंक शामिल हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेरा अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत रियल एस्टेट परियोजनाओं से संबंधित पृथक रेरा खाते केवल उन्हीं बैंकों में संचालित किए जाएं, जो रेरा नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करते हों। इससे परियोजनाओं के वित्तीय प्रबंधन में अनुशासन स्थापित होगा, निधियों के उपयोग में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा घर खरीदारों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ रेरा के अध्यक्ष संजय शुक्ला ने कहा कि रेरा के अंतर्गत पंजीकृत परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बैंकों के अंतिम पैनल में शामिल होने से परियोजना खातों की निगरानी एवं नियंत्रण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे घर खरीदारों का विश्वास बढ़ेगा और राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र अधिक व्यवस्थित एवं विश्वसनीय बनेगा।
छत्तीसगढ़ रेरा ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को पारदर्शी, व्यवस्थित एवं भरोसेमंद बनाने के लिए इस प्रकार की पहलें भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगी।
लोक निर्माण विभाग द्वारा 13 कार्यों के लिए 299 करोड़ की निविदा को मंजूरी, 10 सड़कों के लिए 116 करोड़ स्वीकृत
रायपुर : राज्य में सड़कों और पुलों के निर्माण में तेजी लाने लोक निर्माण विभाग द्वारा 13 कार्यों के लिए 299 करोड़ रुपए के निविदा को मंजूरी दी गई है। वहीं 10 सड़कों के निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने निविदा मंजूरी तथा प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश भी जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री साव ने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
सड़कों के नेटवर्क को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने लोक निर्माण विभाग द्वारा लगातार निर्माण कार्यों एवं निविदाओं को स्वीकृति दी जा रही हैं। कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और जगदलपुर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालयों के साथ ही प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सीधे मॉनिटरिंग की जाएगी। कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के लिए आम नागरिक भी निर्माण के दौरान कार्य के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
लोक निर्माण विभाग द्वारा रायपुर जिले में साढ़े 5 किमी लंबाई के फरफौदा-गुखेरा मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूीकरण के लिए पुल-पुलिया निर्माण सहित 11 करोड़ चार लाख रुपए तथा साढ़े 5 किमी लंबाई के चंदखुरी-जावा-मोंहदी मार्ग में पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण के लिए 13 करोड़ 34 लाख रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में हथबंद से सिमगा मार्ग में मुंबई-हावड़ा रेलवे लाइन पर रिंगनी लेवल क्रासिंग पर रेलवे ओव्हर ब्रिज के निर्माण के लिए 40 करोड़ 72 लाख रुपए तथा 2.84 किमी लंबाई के ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक तक टू-लेन सी.सी. मार्ग के निर्माण के लिए 25 करोड़ 98 लाख रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
विभाग द्वारा नारायणपुर जिले के पल्ली-छोटेडोंगर-ओरछा मार्ग में किमी 13 से किमी 22 तक 10 किमी लंबाई में तथा किमी 23 से किमी 31 तक 9 किमी लंबाई में सीमेंट-कांक्रीट सड़क व पुलिया मजबूतीकरण के लिए क्रमशः 28 करोड़ 2 लाख रुपए तथा 26 करोड़ रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। नवा रायपुर के सेक्टर-18 में निर्माणाधीन लोकभवन (राजभवन), लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों के निवास, मुख्यमंत्री निवास, मंत्रीगणों के निवास एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निवास के शेष कार्यों, वाटर सप्लाई, सेनेटरी फिटिंग, एकॉस्टिक, पेनेलिंग वर्क एवं विद्युतीकरण कार्यों के लिए 71 करोड़ 23 लाख रुपए तथा सेक्टर-19 में माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय भवन के निर्माण कार्य, वाटर सप्लाई, सेनेटरी फिटिंग एवं विद्युतीकरण के लिए 36 करोड़ 30 लाख रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
विभाग ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में बेला उदगी से बनसुकली मार्ग पर बनास नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 10 करोड़ 18 लाख रुपए, जशपुर में जशपुर-सन्ना मार्ग पर घेरड़ेवा नाला पर उच्च स्तरीय पुल व पहुंच मार्ग के लिए 7 करोड़ 27 लाख रुपए, बलरामपुर-रामानुजगंज के नरसिंहपुर से मरकाडांड मार्ग पर महान नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 9 करोड़ 88 लाख रुपए, धमतरी जिले में राजनांदगांव-गुण्डरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई (रा.मा.क्र.-23) के किमी 88/2 से किमी 107/2 तक 20 किमी लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामर नवीनीकरण के लिए 11 करोड़ 82 लाख रुपए तथा महासमुंद में ग्राम सिरबोड़ा से पलसापाली के मध्य पलसापी नाला (सुरंगी नाला) पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 96 लाख रुपए के निविदा को मंजूरी प्रदान की है।
लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल धमतरी जिले के दुधावा-मुरूमसिल्ली-बनरौद मार्ग के किमी 30/6 से किमी 44/2 तक 13.80 किमी लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामर नवीनीकरण के लिए 21 करोड़ 79 लाख रुपए, नगरी-दुधावा-नगरी-बासीन (राज्य मार्ग क्रं.-6) के किमी 47 से किमी 55 तक 8 किमी लंबाई के उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 19 करोड़ 40 लाख रुपए तथा लोक निर्माण विभाग के कुरूद उपसंभाग में 5 किमी लंबाई के पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकुदा-टिपानी-सेमरा (बी) टू-लेन मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूीकरण के लिए 15 करोड़ 34 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।
विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले के गैंदाटोला-छुरिया-खोभा मार्ग के किमी 17 से किमी 21 तक 5.025 किमी लंबाई के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 6 करोड़ 96 लाख रुपए, कोण्डागांव जिले में कोण्डागांव-अमरावती-एरला राज्य मार्ग के किमी 32 से किमी 41/2-4 तक 8.7 किमी में मजबूतीकरण व पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण के लिए 7 करोड़ 15 लाख रुपए तथा कांकेर के राजनांदगांव-बैलाडीला मार्ग के किमी 145/10 (मेढ़की) निब्रा नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 12 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर जिले में 8.675 किमी लंबाई के केनसरी से मुकुंदपुर पहुंच मार्ग के लिए 19 करोड़ 5 लाख रुपए, जशपुर में भेलवा से खाडुंग नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 80 लाख रुपए, कांकेर के इच्छापुर-घोटिया मार्ग पर दूध नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 53 लाख रुपए तथा बलरामपुर-रामानुजगंज में साढ़े 3 किमी लंबाई के राजपुर-कुसमी मुख्य मार्ग से खरकोना होते हुए अमेरा मार्ग के लिए 9 करोड़ 30 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
राष्ट्रपति के समक्ष बास्तानार के युवाओं ने ‘गौर नृत्य’ से बिखेरे अद्भुत लोक-रंग
रायपुर : शनिवार का दिन बस्तर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम’ के शुभारंभ अवसर पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर की आदिम संस्कृति का सजीव और जीवंत स्वरूप प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस गरिमामयी अवसर पर बास्तानार क्षेत्र के आदिवासी युवाओं द्वारा प्रस्तुत विश्व-प्रसिद्ध ‘गौर नृत्य’ ने पूरे परिसर को ढोल की थाप और घुंघरुओं की झनकार से गुंजायमान कर दिया। राष्ट्रपति ने इस मनोहारी प्रस्तुति का तन्मयता से अवलोकन करते हुए बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को निकट से महसूस किया।
बास्तानार के युवाओं द्वारा प्रस्तुत यह नृत्य केवल एक सांस्कृतिक प्रदर्शन भर नहीं था, बल्कि ‘दंडामी माड़िया’ (बाइसन हॉर्न माड़िया) जनजाति की परंपराओं, जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक चेतना का एक जीवंत दस्तावेज था। जैसे ही नर्तक दल मंच पर उतरा, उनकी विशिष्ट वेशभूषा ने उपस्थित जनसमूह का ध्यान सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लिया। पुरुष नर्तकों के सिर पर सजे गौर के सींगों वाले मुकुट, जिन्हें कौड़ियों और मोरपंखों से अलंकृत किया गया था, बस्तर की वन्य संस्कृति तथा गौर पशु के प्रति आदिवासी समाज के गहरे सम्मान और श्रद्धा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त कर रहे थे। वहीं पारंपरिक साड़ियों और आभूषणों से सुसज्जित महिला नर्तकियों ने जब अपने हाथों में थमी ‘तिरूडुडी’ (लोहे की छड़ी) को भूमि पर पटकते हुए ताल दी, तो एक अद्भुत, गूंजती और लयबद्ध ध्वनि ने वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नृत्य के दौरान पुरुष नर्तकों ने गले में टंगे भारी ‘मांदरी’ (ढोल) को बजाते हुए जंगली भैंसे की आक्रामक, चंचल और ऊर्जावान मुद्राओं की प्रभावशाली नकल प्रस्तुत की। यह दृश्य दर्शकों को ऐसा अनुभव करा रहा था, मानो वे जंगल के सजीव और प्राकृतिक परिवेश के प्रत्यक्ष साक्षी बन गए हों। उल्लास और आनंद से परिपूर्ण इस नृत्य में माड़िया जनजाति की शिकार-परंपरा, साहस और अदम्य ऊर्जा स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती रही। गोलाकार घेरे में थिरकते युवक और उनके कदम से कदम मिलाती युवतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी बस्तर ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पूरी निष्ठा और गर्व के साथ संजोकर रखा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में बास्तानार के कलाकारों द्वारा दी गई यह सशक्त और भावपूर्ण प्रस्तुति न केवल बस्तर पण्डुम की भव्य सफलता का प्रतीक बनी, बल्कि इसने बस्तर की लोक-कला, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक वैभव को राष्ट्रीय पटल पर पुनः प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया।
भनपुरी के डामर फैक्ट्री में लगी आग
जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया अवलोकन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट में आत्मीय स्वागत
रायपुर। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। वे यहां के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम का शुभारंभ करने पहुंची हैं। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू का राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मीय स्वागत किया।
एयरपोर्ट पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और वन मंत्री केदार कश्यप ने राष्ट्रपति का अभिनंदन किया। सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव और महापौर संजय पांडे ने भी राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए स्वागत किया। इस दौरान कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी राष्ट्रपति का आत्मीय स्वागत किया।