देश-विदेश
भाजपा का संकल्प पत्रः विकसित भारत में 75 साल से ज्यादा उम्र का हर व्यक्ति को आयुष्मान का लाभ, जानिए और क्या है खास
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर भाजपा मुख्यालय में 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी का संकल्प पत्र जारी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार कहा है कि उनकी राय में देश में केवल चार ‘जातियां’ हैं- युवा, महिलाएं, किसान और गरीब. इसे ध्यान में रखते हुए, भाजपा के चुनावी वादों के मुख्य आकर्षण में समाज के इन चार वर्गों के उत्थान के लिए कई उपाय शामिल हैं। बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में पीएम मोदी के भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के संकल्प को पूरा करने का रोडमैप पेश किया है।
#WATCH | Bharatiya Janata Party (BJP) releases its election manifesto - 'Sankalp Patra' for the ensuing Lok Sabha polls in the presence of Prime Minister Narendra Modi, Home Minister Amit Shah, Defence Minister Rajnath Singh and party President JP Nadda.#LokSabhaElection pic.twitter.com/WVB8Km1NWJ
— ANI (@ANI) April 14, 2024
बीजेपी के संकल्प पत्र के प्रमुख वादें
रोजगार की गारंटी
2036 में ओलंपिक की मेजबानी
3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
महिला आरक्षण लागू करने का वादा
कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना
मछुआरों के लिए योजना
ई-श्रम से कल्याणकारी योजना का फायदा पहुंचाना
योग का ऑफिशियल सर्टिफिकेशन देना
2025 जनजातीय गौरव वर्ष
ओबीसी-एससी-एसटी को हर क्षेत्र में सम्मान
ग्लोबल मैन्युफेक्चरिंग हब बनाने की तैयारी
विश्वभर में रामायण उत्सव मनाया जाएगा
अयोध्या का विकास
वन नेशन, वन इलेक्शन
रेलवे में वेटिंग लिस्ट की समस्या को दूर करना
पूर्वोत्तर भारत का विकास
एआई, सेमीकंडक्टर और स्पेस क्षेत्र में विकास करना
Bournvita को ‘हेल्थ ड्रिंक्स’ कैटेगरी से हटाया जाए....केंद्र का आदेश
डेस्क | बच्चों की ग्रोथ बढ़ाने का दावा करने वाले बॉर्नविटा जैसे तमाम हेल्थ ड्रिंक्स बाजार और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर अभी उपलब्ध हैं। मगर क्या आपको पता है कि ऐसे हेल्थ ड्रिंक्स आपके बच्चों की सेहत के लिए क्या वाकई फायदेमंद हैं भी या नहीं। भारत सरकार ने हेल्थ ड्रिंक्स के नाम पर बेवरेज बेचने को लेकर ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कड़ा एक्शन ले लिया है।
बाजार में अब बॉर्नविटा जैसे सभी ड्रिंक्स ई-कॉमर्स साइट पर हेल्थ ड्रिंक्स के नाम से नहीं बेचे जा सकेंगे। हेल्थ ड्रिंक्स पर उद्योग मंत्रालय ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि बॉर्नविटा और तमाम दूसरे बेवरेज के हेल्थ ड्रिंक्स को इस कैटेगरी में नहीं रखा जाए।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को वेबसाइट से बॉर्नविटा सहित सभी बेवरेज को हेल्थ ड्रिंक्स कैटेगरी से हटाने को कहा है।
एडवाइजरी में बताया गया है कि बॉर्नविटा सहित कुछ पेय पदार्थों को ई-कॉमर्स साइटों और प्लेटफार्म्स पर ‘हेल्थ ड्रिंक’ के रूप में समाहित किया गया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने अपनी जांच के बाद पाया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स कानून के तहत ‘हेल्थ ड्रिंक्स’ की कोई भी परिभाषा उल्लेखित नहीं होती है।
इस बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों और वेबसाइट्स को सलाह दी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म्स से बॉर्नविटा सहित सभी बेवरेज को ‘हेल्थ ड्रिंक्स’ की कैटेगरी से हटा दें।
बता दें कि एनसीपीसीआर ने चिट्ठी लिखकर बॉर्नविटा जैसे तमाम हेल्थ ड्रिंक्स और बेवरेज को बच्चों की हेल्थ के लिए नुकसानदेह बताया गया था। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जांच रिपोर्ट आने के बाद डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) ने चिट्ठी लिखकर एडवाइजरी जारी की है।
सरकार ने गैस आधारित बिजली संयंत्रों को परिचालित करने के उपाय किए....ग्रीष्मकालीन बिजली की मांग को पूरा करने में सहायता के लिए
नई दिल्ली | भारत सरकार ने गर्मी के मौसम में देश में बिजली की उच्च मांग को पूरा करने में सहायता के लिए गैस आधारित बिजली संयंत्रों को परिचालित करने का निर्णय लिया है। गैस-आधारित उत्पादन स्टेशनों से अधिकतम बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 11 के अंतर्गत सभी गैस-आधारित उत्पादन स्टेशनों को निर्देश जारी किए हैं (जिसके अंतर्गत उपयुक्त सरकार यह निर्दिष्ट कर सकती है कि एक उत्पादन कंपनी, असाधारण परिस्थितियों में किसी भी उत्पादन स्टेशन का संचालन और रखरखाव सरकार के निर्देशों के अनुसार करेगी)
व्यवस्था के अनुसार, ग्रिड-इंडिया गैस-आधारित उत्पादन स्टेशनों को पहले से सूचित करेगा कि गैस-आधारित बिजली की आवश्यकता कितने दिनों के लिए है। वितरण लाइसेंसधारकों के साथ बिजली खरीद समझौते (पीपीए) रखने वाले गैस-आधारित उत्पादन स्टेशन पहले पीपीए धारकों को अपनी बिजली की पेशकश करेंगे। यदि उपलब्ध कराई गई बिजली का उपयोग किसी पीपीए धारक द्वारा नहीं किया जाता है, तो इसे बिजली बाजार में पेश किया जाएगा। पीपीए से मुक्त गैस-आधारित उत्पादन स्टेशनों को भी बिजली बाजार में अपने उत्पादन की पेशकश करनी होगी। इस निर्देश के कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाने के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
गैस आधारित उत्पादन स्टेशनों को परिचालित करने का निर्णय भारत सरकार द्वारा किए गए उपायों की एक श्रृंखला का हिस्सा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग पूरी की जा सके। केंद्रीय विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के सिंह ने इस संदर्भ में कई बैठकों की अध्यक्षता करते हुए गर्मी के मौसम के दौरान बिजली की अधिक मांग को पूरा करने के लिए बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
सोने व हीरे के जेवर उड़ा ले गया चाबी बनाने वाला.... 40 लाख के गहने पार
डेस्क | उत्तर प्रदेश के आगरा में एक ऐसी घटना सामने आई है जहां अलमारी के लॉकर की मरम्मत करने आए कारीगरों ने करीब 40 लाख के आभूषण पर हाथ साफ कर दिए | दोनों शातिर चोर घर में आते-जाते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं । पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने बताया कि दोनों अज्ञात व्यक्तियों की तलाश जारी है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा ऐसी उम्मीद है।
अलमारी के लॉकर की चाबी (theft from the locker) कहीं खो गई थी। इसलिए बहन चाबी बनाने वालों को घर लेकर आई थी। शकुंतला की मां बिस्तर पर बैठी थीं और कारीगर लॉकर की चाबी बना रहा था। दोनों युवकों में से एक ने मां से बात करना शुरू कर दिया और ऐसा लगता है कि जानबूझ कर उनका ध्यान भटका दिया। इसके बाद दूसरे युवक ने लॉकर में रखे आभूषणों से भरे दो स्टील के बक्से चुरा लिए।
कारीगरों ने अपनी होशियारी दिखते हुई, चाबी (theft from the locker) बनाने के दो घंटे बाद लॉकर खोलने को कहा। रात करीब नौ बजे कुछ पैसे निकालने के लिए लॉकर खोला तो मां एक्दम से बड़ा झटका लगा। लॉकर से दोनों आभूषण के डिब्बे गायब मिले । लॉकर से सोने की अंगूठियां, एक हीरे की अंगूठी, 6 सोने की चूडिय़ां, एक हार, एक सोने का पेंडेंट, झुमके सहित लगभग 35 से 40 लाख रुपये के आभूषण गायब थे। तुरंत पुलिस को खबर की गई | पुलिस इन आरोपियों की तलाश कर रही है।
60 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 6 साल का मयंक…. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
डेस्क। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। जहां 6 साल का मासूम बच्चा बोरवेल के गड्ढे में फंस गया है। हादसे की खबर मिलते ही रीवा जिला प्रशासन सहित सभी प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचे। उसके बाद बच्चों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
बच्चें की पहचान 6 साल के बच्चे मयंक के नाम से हुई है। मयंक को रेस्क्यू करने के लिए अलग-अलग 8 से अधिक JCB मशीन लगाई गई हैं। जिसकी मदद से बोरवेल के बगल से ही सुरंग बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ CCTV की मदद से बच्चे पर निगरानी रखी जा रही है तो वहीं बोरवेल के अंदर बच्चें को ऑक्सीजन मिल सके इसके लिए पाइप लाइन के जरिए ऑक्सीजन गैस भी बोरवेल के अंदर तक पहुंचाई जा रही है।
रीवा कलेक्टर से लेकर पुलिस अधिकारी SDRF और NDRF की टीम भी मौके पर मौजूद हैं। लगभग 18 घंटे से बच्चा बोरवेल में फंसा हुआ है। खबर के अनुसार, बच्चे का मूवमेंट पता नहीं चल पा रहा है जिसकी वजह से प्रशासन की बढ़ गई है।
यह पूरा मामला रीवा जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमीदूर थाना क्षेत्र के मनिका गांव का है। यहां शुक्रवार की शाम मयंक आदिवासी बच्चों के साथ खेत में खेल रहा था। इसी दौरान मयंक खुले पड़े बोरवेल के गड्ढे में गिर गया। जिसके बाद से 60 फीट से ज्यादा की गहराई में फंसा हुआ है।
लोकसभा चुनाव 2024 रचेगा इतिहास: 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं के लिए घर से मतदान
नईदिल्ली। एक पथप्रदर्शक पहल करते हुए, भारत के निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 में पहली बार बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए घर पर मतदान की सुविधा प्रदान की है। 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता वाले दिव्यांगजन(पीडब्ल्यूडी) वैकल्पिक घर से मतदान करने सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इस श्रेणी के मतदाताओं ने पहले और दूसरे चरण के मतदान के लिए अपना वोट डालना शुरू कर दिया है। यह पहल चुनावी प्रक्रिया की समावेशिता व पहुंच सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। देश भर में 81 लाख से अधिक 85+ वृद्ध मतदाता और 90 लाख से अधिक दिव्यांग मतदाता पंजीकृत हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव आयुक्तों ज्ञानेश कुमार और डॉ. सुखबीर सिंह संधू के साथ घोषणा की थी कि बुजुर्गों और दिव्यांगों को घर पर मतदान की सुविधा देकर यह आयोग की उनके प्रति चिंता और सम्मान की अभिव्यक्ति है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह लोगों को दैनिक जीवन में इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। पहले चरण के मतदान में घर पर मतदान की सुविधा का लाभ उठाने वाले मतदाताओं ने ईसीआई की पहल के लिए आभार और संतोष व्यक्त किया है। मतदान कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के पूरे दल की भागीदारी से घर से मतदान होता है और पूरी मेहनत के साथ मतदान की गोपनीयता बनाकर रखी जाती है। इसके साथ, ईसीआई ने अधिक न्यायसंगत और अपना प्रतिनिधि चुनने की लोकतांत्रिक सुविधा की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाया है, जहां शारीरिक सीमाओं या उम्र की परवाह किए बिना प्रत्येक नागरिक की आवाज मायने रखती है।
राजस्थान के चुरू में एक ही परिवार के आठ दिव्यांग मतदाताओं ने भारत के चुनावी लोकतंत्र की ताकत पर जोर देते हुए घर से मतदान करने की सुविधा का प्रयोग किया। छत्तीसगढ़ में बस्तर और सुकमा आदिवासी जिलों की 87 वर्षीय इंदुमती पांडे और 86 वर्षीय सोनमती बघेल ने घर पर डाक मतपत्र का उपयोग करके अपने मताधिकार का प्रयोग किया और इस सुविधा के लिए चुनाव आयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। महाराष्ट्र में, ईसीआई मतदान टीमों ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र गढ़चिरौली जिले के सिरोंचा शहर में दो बुजुर्ग मतदाताओं को घर पर मतदान की सुविधा प्रदान करने के लिए 107 किलोमीटर की यात्रा की।
जयसिंह नगर, मध्य प्रदेश के बीआर मिश्रा ने घर पर मतदान का लाभ उठाने के बाद खुशी और सराहना करते हुए कहा, “आप लोगों ने अपना जो कर्तव्य किया है वो प्रशंसनीय है, बहुत अच्छा काम किया है कह सकता हूं आपने जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है वो असाधारण है, ऐसे ही सब करें तो हमारा देश गौरवयुक्त हो जायेगा”।
ऐसी ही खबरें देश के अन्य हिस्सों से भी आ रही हैं जहां घर से मतदान करने की सुविधा प्रदान की गई है। इस तरह की अनुशंसा, न केवल एक तार्किक सुविधा के रूप में बल्कि हमारे समाज के लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर समावेशिता, सहानुभूति और सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में घरेलू मतदान के परिवर्तनकारी प्रभाव पर जोर देती है। देश की विशाल मतदाता सूची में 85 वर्ष के बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों की पहचान करना अपने आप में एक कठिन कार्य रहा है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट....हार्बर लाइन का पनवेल स्टेशन बन रहा हॉट स्पॉट
मुंबई | मध्य रेलवे की हार्बर लाइन पर करोना के बाद से लगातार यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है। मध्य रेलवे के चौथे कॉरिडोर पर उरण तक ट्रेनें भी शुरू हो चुकी हैं। भविष्य में नवी मुंबई एयरपोर्ट भी शुरू होना है और हाल ही में अटल सागरी सेतु की भी शुरुआत हुई है | ऐसे में हार्बर लाइन पर यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। हार्बर लाइन पर पनवेल स्टेशन से ही रोज़ाना करीब दो से ढाई लाख यात्रियों की आवाजाही होती है। कई स्टेशनों पर रोजाना 1 लाख से ज्यादा यात्रियों का आना-जाना होता रहता है।
नेरुल से सीवूड तक चौथे कॉरिडोर की शुरुआत भी हो चुकी है। अभी यहां सेवाओं के संख्या जरूरत के हिसाब से कम ही है लेकिन इस कॉरिडोर की शुरुआत का असर हार्बर लाइन पर भी दिखाई दिया है। अब उरण में रहने वालों को सीएसएमटी तक सेवाएं मिलने लगी हैं। इसके अलावा उलवे के आसपास क्षेत्र का में भी विकास हुआ है। इसकी एक वजह अटल सागरी सेतु है।
मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला भारत में 2 से 3 अरब डॉलर का निवेश कर सकती है.....
डेस्क | टेस्ला कंपनी के मालिक और अरबपति एलन मस्क भारत के दौरे बहुत जल्द आने वाले हैं। माना जा रहा है कि एलन मस्क 3 अरब डॉलर का भारत में निवेश कर सकते हैं।
पूरी दुनिया की फैक्ट्री कहा जाने वाला चीन अब विश्वभर में दादागिरी दिखाने लगा है। चीन अब जापान, ताइवान और फिलीपीन्स को लेकर अमेरिका को भी आंखें दिखाने लगा है। पूर्वी चीन सागर से लेकर दक्षिण चीन सागर तक में चीनी युद्धपोत लगातार आक्रामक लाइव फायर ड्रिल करके अपने आस पास के देशों को डरा रहे हैं। चीन की इन हरकतों का जवाब देने के लिए दुनिया भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। ताइवान की चिप और आईफोन बनाने वाली कंपनियों के भारत आने के बाद अब अमेरिकी अरबपति एलन मस्क भी भारत आने का संकेत दे रहे है | एलन मस्क ने ऐलान किया है कि वह भारत आ रहे हैं और उनका पीएम मोदी के साथ मुलाकात करना लगभग तय है | ऐसा भी माना जा रहा है कि इस दौरान मस्क अपनी कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला के अरबों डॉलर का भारत में निवेश का ऐलान कर सकते हैं। मस्क के भारत आने के ऐलान मात्र से चीन का सरकारी मिडिया ग्लोबल टाइम्स असंजस में आ गया गया है |
मस्क इससे पहले न्यूयार्क में पीएम मोदी से मिल चुके हैं। इस दौरान मस्क ने कहा था कि मुझे पूरा भरोसा है कि टेस्ला भारत में आएगी। जितना जल्द संभव होगा। ऐसे सारे संकेत मिल रहे हैं कि मस्क भारत में अपने प्रॉजेक्ट की घोषणा भी कर सकते हैं जिस पर वर्षों से काम चल रहा है। माना जा रहा है कि मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला भारत में 2 से 3 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान कर सकती है। मस्क भारत में फैक्ट्री बनाकर एंट्री लेवल की इलेक्ट्रिक कार का उत्पादन कर सकती है | इस कार की शुरुवाती कीमत लगभग 25 लाख रुपये है।
मोदी मिले भारत के टॉप-7 गेमर्स से.....महिला गेमर ने साझा किया अनुभव
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के प्रमुख सात गेमर से मुलाकात की और उनके साथ कंप्यूटर और मोबाइल पर गेम खेला। इन गेमर के साथ मुलाकात का संक्षिप्त वीडियो भी साझा किया गया है | युवाओं और बच्चों में अति लोकप्रिय गेम बनाने वाले युवा गेमर प्रधानमंत्री मोदी को मोबाइल व कंप्यूटर पर उल्लास और ऊर्जा के साथ गेम खेलते देखकर आश्चर्यचकित भी हुए ।
प्रधानमंत्री ने सभी गेमर से पूछा कि जब गेमिंग पर गैमबलिंग का आरोप लगाया जाता है तो उससे वे कैसे निपटने है और उनका समाधान कैसे निकलते है | सभी गेमर यह जोश से यह बताते दिखे कि पिछले कुछ सालों में भारत में गेमिंग के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं और इस क्षेत्र में युवाओं का रूझान लगातार बढ़ता ही जा रहा है। एक गेमर ने बताया कि भारत में बहुत सारे गेम भारतीय धार्मिक कथाओं को आधारित करते हुए बनाए जा रहे हैं और वे काफी लोकप्रिय भी हो रहे हैं। भारत में इन युवाओं द्वारा तैयार किये गए कई गेम पूरी दुनिया में तेजी से लोकप्रिय भी हो रहे हैं।
इरेडा ने विरासत का उत्सव मनाया: वरिष्ठ दिग्गजों ने उज्जवल भविष्य के लिए अपने विचार साझा किये
डेस्क | भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास संस्था लिमिटेड (आईआरईडीए) ने 10 अप्रैल, 2024 को "सार्वजनिक क्षेत्र दिवस" के अवसर पर एक सभा की मेजबानी की। इस अवसर पर संगठन की विरासत का उत्सव मनाने और निरंतर सफलता की ओर आगे बढ़ने के भविष्यगत संकल्प से जुड़े एक प्रारूप को पेश करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम में संगठन के पूर्ववर्तियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्य प्रबंध निदेशक और निदेशकों सहित अधिकांश सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने संगठन की भविष्य में प्रगति के संदर्भ में अपने समृद्ध और मूल्यवान अनुभवों को साझा करने के लिए उत्साहपूर्ण रूप से भागीदारी की।
आयोजन के महत्व पर अपने विचार रखते हुए, इरेडा के मुख्य प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार दास ने कहा कि यह बैठक अत्यधिक महत्व रखती है क्योंकि यह न केवल हमारे वरिष्ठ पूर्ववर्तियों और सेवानिवृत्त सहयोगियों के योगदान का सम्मान करती है बल्कि समावेशिता और सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का अनुभव और उनकी अंतर्दृष्टि अमूल्य संपत्ति है जो अक्षय ऊर्जा विकास के गतिशील परिदृश्य में हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी। प्रदीप कुमार दास ने कहा कि हमारी विकास गाथा केवल संख्या और उपलब्धियों के बारे में ही नहीं है, यह उन लोगों के बारे में भी है जो हमारी सफलता का आधार रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने पूर्ववर्तियों की बुद्धिमत्ता और मार्गदर्शन के लिए आभारी हैं साथ ही उत्कृष्टता और सहयोग की समान भावना के साथ हम इरेडा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तत्पर हैं।

इस विशेष अवसर पर मुख्य आकर्षण के तौर पर एक हास्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। हास्य कवि सम्मेलन का उपस्थित जनसमूह ने पूर्ण आनंद उठाया और इससे उत्सव के क्षणों को और भी उत्कृष्ट और विनोदपूर्ण बनाया गया। कवि सम्मेलन में मनीषा शुक्ला, चिराग जैन और सुंदर कटारिया की कविताओं के माध्यम से दिए गए गहन संदेशों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित यह शानदार कार्यक्रम अपने कार्यबल के बीच समुदाय और निरंतरता की भावना को बढ़ावा देने की इरेडा की प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।
इस कार्यक्रम में वित्त निदेशक डॉ. बिजय कुमार मोहंती, स्वतंत्र निदेशक राम निशाल निषाद, मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय कुमार साहनी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शाखा कार्यालयों में कार्यरत इरेडा के अन्य अधिकारियों ने भी वर्चुअल मोड में इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी की।
दुनिया भर में होम्योपैथी की प्रभावकारिता और स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए हुई होम्योपैथी संगोष्ठी
नईदिल्ली। दुनिया भर में होम्योपैथी की प्रभावकारिता और स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए वैश्विक सहयोग के आह्वान के साथ होम्योपैथी संगोष्ठी नई दिल्ली में संपन्न हुई। दो दिवसीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में होम्योपैथी और आयुष के क्षेत्र में सात पद्म पुरस्कार विजेताओं ने हिस्सा लिया।
संगोष्ठी में 6,000 से अधिक प्रतिभागियों, डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, अनुसंधानकर्ताओं, शिक्षाविदों, छात्रों और शिक्षकों ने एक ही मंच पर उपस्थित होकर होम्योपैथी के लिए सार्थक बातचीत की। इस कार्यक्रम की थीम, "अनुसंधान को सशक्त बनाना, दक्षता बढ़ाना" के अनुरूप कार्यक्रम में होम्योपैथिक अनुसंधान, नैदानिक तौर-तरीके और बाजार संबंधी अंतर्दृष्टि पर विचार-विमर्श किया गया।
दूसरे दिन राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनिल खुराना ने कहा, “भारत में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाना नैदानिक अनुभवों को साझा करने और होम्योपैथी के विकास के लिए नीतिगत मुद्दों पर चर्चा करने का एक अवसर रहा है। समय के साथ, सरकारी संरक्षण के कारण, होम्योपैथी ने एक व्यापक आधारभूत संरचना विकसित की है, और भारत इस चिकित्सा प्रणाली में एक वैश्विक अग्रणी बन गया है। हमारा मानना है कि सार्वजनिक लाभ में इसे परिवर्तित करने के लिए साक्ष्य-आधारित अनुसंधान होम्योपैथी की उपस्थिति को और बढ़ाएगा।
विभिन्न सत्रों के दौरान, प्रसिद्ध होम्योपैथी के चिकित्सकों ने होम्योपैथी के साथ असाध्य रोगों के प्रबंधन को लेकर अपने अनुभव साझा किए। पशुओं के मामलों में होम्योपैथी के सकारात्मक परिणाम भी पशु चिकित्सकों द्वारा प्रदर्शित किए गए। अनुसंधानकर्ताओं और वैज्ञानिकों ने उनके द्वारा की गई अनुसंधान संबंधी प्रमुख गतिविधियों के निष्कर्षों को साझा किया। लाभ प्राप्ति हेतु अनुसंधान, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, होम्योपैथी में वैश्विक परिप्रेक्ष्य, होम्योपैथिक दवाओं में गुणवत्ता आश्वासन और अंतःविषय अनुसंधान पर पैनल चर्चाएं हुईं। इन चर्चाओं ने विशेषज्ञों, अनुसंधानकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, पेशेवर संघों और अन्य हितधारकों के बीच एक उपयोगी संवाद को बढ़ावा दिया, अपने अनुभवों और चुनौतियों को साझा किया और उन चुनौतियों पर काबू पाने के लिए आवश्यक प्रयासों पर चर्चा की। इस विचार-विमर्श से इन क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण पर रचनात्मक सिफारिशें की गईं।
इस पूर्व डिप्टी कलेक्टर को रास नहीं आई राजनीति... मुख्य सचिव को पत्र लिख बोली वापस कर दो मेरी नौकरी
डेस्क। सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आने वालीं मध्य प्रदेश की पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे का कुछ ही महीनों में राजनीति से मोह भंग हो गया है। अब वे फिर से सरकारी नौकरी करना चाहती हैं। कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दिया था, लेकिन अब वह फिर नौकरी करना चाहती हैं। विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने से उनका राजनीति से मोह भंग हो गया है।
इस संदर्भ में निशा ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। त्याग-पत्र देने के बाद राष्ट्र एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए आवेदिका ने विधानसभा चुनाव-2023 में प्रत्याशी के रूप में भाग लेने के लिए 2 सितंबर 23 को त्याग-पत्र स्वीकार किए जाने के लिए आवेदन दिया, लेकिन त्याग-पत्र 23 अक्टूबर 23 को स्वीकार किया गया।
आवेदिका के वकील को आदेश 24 अक्टूबर 2023 को अवकाश के दिन बुलाकर दिया गया और 26 अक्टूबर 2023 को ई-मेल के माध्यम से त्याग-पत्र स्वीकार होने का आदेश आवेदिका को प्राप्त हुआ। यही वजह रही कि आवेदिका को शासकीय अवकाश होने से मात्र दो दिवस मिले थे, जिसके कारण आवेदिका विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र के साथ जमा किए जाने वाले दस्तावेज नहीं जुटा पाई और नामांकन-पत्र नहीं भर पाई, जिस आधार पर त्याग पत्र स्वीकार किया गया था, वह परिस्थिति बन नहीं पाई।
बतादें कि इस्तीफा स्वीकार कराने निशा बांगरे ने शिवराज सरकार के सामने बड़ा आंदोलन खड़ा किया था। बैतूल से भोपाल तक पदयात्रा निकाली थी। इस दौरान भोपाल के एमपी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास पुलिस से नोकझोंक भी हुई थी, जिसमें निशा के कपड़े भी फट गए थे और जेल भी जाना पड़ा था। सही समय पर उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ और कांग्रेस को बैतूल की अमला सीट से दूसरा प्रत्याशी घोषित करना पड़ा। निशा को कांग्रेस ने प्रदेश प्रवक्ता बनाया था, लेकिन अब निशा बांगरे फिर सरकारी नौकरी में जाना चाहती हैं।
इसरो की चंद्रयान-3 टीम को मिला US के अंतरिक्ष क्षेत्र का शीर्ष पुरस्कार
डेस्क | इसरो की चंद्रयान-3 टीम को अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए 2024 जॉन एल ‘जैक’ स्विगर्ट, जूनियर पुरस्कार मिला है। यह अमेरिका-आधारित स्पेस फाउंडेशन का एक शीर्ष पुरस्कार है। कोलोराडो स्थित स्पेस फाउंडेशन के वार्षिक अंतरिक्ष संगोष्ठी उद्घाटन समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत डीसी मंजूनाथ ने इसरो की टीम की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया।
कार दुर्घटना में घायल हुए....मलयालम एक्टर सुजीत राजेंद्रन कोचुकुंजू का निधन
डेस्क | साउथ इंडस्ट्री से बेहद ही दर्दनाक खबर आ रही है | मलयालम एक्टर-सिंगर सुजीत राजेंद्रन कोचुकुंजू का निधन हो गया है | एक्टर एक कार एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल हो गए थे | केरल के एर्नाकुलम के एक स्थानीय अस्पताल में एक हफ्ते तक जिंदगी और मौत के बीच रहते हुए, अभिनेता ने बीते दिन हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया |
सुजीत दुबई में रहते थे और एक्टिंग में करियर बनाने से पहले, वे कॉर्पोरेट फील्ड में काम कर रहे थे | एक अमेरिकी एमएनसी में कार्यरत थे | सुजीत ने 2018 में फिल्म निर्माता सुगीत की द्विभाषी फिल्म 'किनावल्ली' से अपने अभिनय की शुरुआत की थी। अभिनेता का पालन-पोषण दुबई में हुआ था, लेकिन अभिनय में अपना करियर बनाने के लिए वे केरल वापस लौट आए | अपनी पहली फिल्म 'किनावल्ली' के एक गाने में भी अपनी आवाज दी थी | सुजीत की इस फिल्म को दर्शकों से अच्छा रिव्यू मिला था, बाद में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास परफॉर्म नहीं किया था |
मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने की जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के चुनावी तैयारियों की समीक्षा
भोपाल। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन के लिये शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा निर्वाचन सबंधी अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन सबन्धी शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण निराकरण हो इसके लिये जिला निर्वाचन अधिकारियों को समय-समय पर इनकी मॉनिटरिंग करनी होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने गर्मियों को देखते हुये मतदान केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थायें करने तथा सेक्टर अधिकारियों के पास मेडिकल किट एवं दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये हैं।
राजन मंगलवार को होटल कलचुरी में आयोजित जबलपुर संभाग के जिलों में चल रही लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में निर्वाचन आयोग के नोडल अधिकारी पुलिस अंशुमान सिंह, सयुंक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश विवेक श्रोत्रिय, आयुक्त जबलपुर संभाग अभय वर्मा, पुलिस महानिरीक्षक अनिल कुशवाहा तथा संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद थे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने जबलपुर संभाग के जिलों की समीक्षा के बाद दोपहर को दूसरे सत्र में रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में लोकसभा चुनाव की चल रही तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बैठक में आदर्श आचरण संहिता सहित निर्वाचन नियमों के उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने ऐसे प्रत्येक तत्व पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने की हिदायत दी जो चुनावी प्रक्रिया के दौरान अशांति पैदा करने का प्रयास कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आपराधिक तत्वों के विरुद्ध अभी तक की गई कार्यवाही का जिले वार ब्यौरा भी बैठक में लिया। उन्होंने संवेदनशील और वल्नरेबल क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करने तथा मतदाताओं को डराने, धमकाने या प्रलोभन देने की शिकायतों अथवा सूचनाओं पर तत्काल और सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जबलपुर सहित ऐसे जिलों में जहां कुछ दिनों बाद चुनाव होना है चेक पोस्ट पर और सख्ती बरतने तथा वाहनों की सघन तलाशी करने के निर्देश दिये हैं । उन्होंने मतदान के 48 घण्टे पूर्व की एसओपी का भी कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सुचारू मतदान के लिये कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ऐसी लोकेशन का स्वयं जाकर निरीक्षण करें, जहां पाँच से अधिक मतदान केंद्र हैं। उन्होंने वल्नरेबल और क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े उपाय करने की आवश्यकता पर जोर देते हुये कहा कि निर्वाचन आयोग ने अब आवश्यकता अनुसार बेवकास्टिंग के लिये कुल मतदान केन्द्रों की संख्या के 75 प्रतिशत के बराबर कैमरे लगाने की अनुमति प्रदान कर दी है। बेवकास्टिंग के लिये कैमरे मतदान केंद्र के भीतर और बाहर भी लगाये जा सकेंगे।
राजन ने संभाग के प्रत्येक जिले में निर्वाचन नियमों के उल्लंघन के अभी तक दर्ज हुये प्रकरणों, आपराधिक तत्वों के विरुद्ध की गई प्रतिबन्धात्मक कार्यवाही की जानकारी भी ली। उन्होंने निर्वाचन की प्रक्रिया के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, बहुमूल्य धातुओं और निषिद्ध वस्तुओं के परिवहन को रोकने, चेक पोस्ट पर वाहनों की सघन तलाशी लेने पर बल दिया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने "सी-विजिल एप" का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिये, ताकि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला सामने आने पर नागरिक तत्काल मौके से ही उसकी शिकायत मोबाइल एप से कर सकें। राजन ने बैठक में मतदान दिवस की तैयारियों की जिले वार समीक्षा भी की। उन्होंने 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं एवं दिव्यांग मतदाताओं को मतदान की सुविधा संबंधी व्यवस्थाओं के भी व्यापक प्रचार के निर्देश दिये। मतदान के दिन की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने जिलों में बनाये गये कम्युनिकेशन प्लान पर भी उन्होंने चर्चा की।
शक्तिपीठों में ‘शक्ति-संगीत और नृत्य का एक उत्सव’ महोत्सव 17 अप्रैल तक
नईदिल्ली। संगीत नाटक अकादमी, कला प्रवाह श्रृंखला के तहत, मंदिर परंपराओं को देश में पुनर्जीवित करने के लिए पवित्र नवरात्रि के दौरान 'शक्ति संगीत और नृत्य का एक उत्सव' नाम से एक आयोजन कर रही है, जो 9 अप्रैल, 2024 से शुरू हो गया। चूंकि नवरात्रि नौ देवियों की शक्ति का प्रतीक है, इसलिए अकादमी 9 से 17 अप्रैल 2024 तक देश के विभिन्न हिस्सों के सात अलग-अलग शक्तिपीठों में मंदिर परंपराओं का उत्सव मनाने के लिए शक्ति शीर्षक से संगीत और नृत्य महोत्सव का आयोजन करेगी।
शक्ति उत्सव का उद्घाटन गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर से हुआ। इसके बाद महाराष्ट्र, कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के ज्वालामुखी मंदिर, उदयपुर, त्रिपुरा के त्रिपुर सुंदरी मंदिर बनासकांठा, गुजरात के अंबाजी मंदिर, देवघर, झारखंड के जय दुर्गा शक्तिपीठ, में जारी रहेगा। इस उत्सव का समापन उज्जैन, मध्य प्रदेश के शक्तिपीठ मां हरसिद्धि मंदिर में 17 अप्रैल, 2024 को होगा।
प्रदर्शन कला की राष्ट्रीय अकादमी और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की एक स्वायत्त संस्था, संगीत नाटक अकादमी, संगीत, नृत्य, नाटक, लोक और जनजातीय कला रूप और देश के अन्य संबद्ध कला रूपों के रूप में व्यक्त देश के प्रदर्शन कला रूपों के संरक्षण, अनुसंधान, प्रचार और कायाकल्प की दिशा में काम कर रही है।
एनटीपीसी ने बालिका सशक्तिकरण मिशन के नए संस्करण का किया शुभारंभ
नईदिल्ली। भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड अपनी प्रमुख कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी पहल, बालिका सशक्तिकरण मिशन (जीईएम) का नया संस्करण लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह कार्यक्रम भारत सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पहल के अनुरूप है और इसका उद्देश्य लड़कियों की कल्पनाओं को पोषित करके और अवसरों का पता लगाने की उनकी क्षमता को बढ़ावा देकर लैंगिक असमानता को मिटाना है। बालिका सशक्तिकरण मिशन गर्मी की छुट्टियों के दौरान युवा लड़कियों के लिए एक महीने की कार्यशाला के माध्यम से उन्हें उनके सर्वांगीण उत्थान और विकास के लिए एक मंच प्रदान करता है।
अप्रैल 2024 से शुरू जीईएम का यह नया संस्करण बिजली क्षेत्र के पीएसयू के 42 चिन्हित स्थानों पर समाज के वंचित वर्गों के लगभग 3,000 मेधावी बच्चों को जोड़ेगा। इसके साथ ही मिशन से लाभान्वित होने वाले बच्चों की कुल संख्या 10,000 से अधिक हो जाएगी। 2018 में केवल तीन स्थानों और 392 प्रतिभागियों के साथ एक प्रायोगिक परियोजना के रूप में शुरू किया गया यह जीईएम मिशन एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है। 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद, इस कार्यक्रम ने अपनी पहुंच और प्रभाव का विस्तार जारी रखा है। अब तक, इससे कुल 7,424 लड़कियों को लाभ हुआ है। इसमें हर साल प्रतिभागियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अकेले 2023 में, भारत के 16 राज्यों में फैले एनटीपीसी के 40 स्थानों पर 2,707 लड़कियों ने कार्यशाला में भाग लिया।
यह मिशन विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लड़कियों के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करता है और इसका उद्देश्य उनके नेतृत्व गुणों की पहचान करना और उनका पोषण करना है, ताकि वे भविष्य के लिए तैयार हो सकें। इस साल की कार्यशाला स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, फिटनेस, खेल और योग पर केंद्रित है। बालिका सशक्तिकरण मिशन कार्यशाला में कौशल विकास, आत्मविश्वास-निर्माण और समग्र दृष्टिकोण के साथ परामर्श दिया जाता है जिसके लिए इसकी व्यापक प्रशंसा होती है। लड़कियों को आवश्यक उपकरणों से लैस करके और उन्हें हर वक्त मदद मुहैया कराते हुए एनटीपीसी का लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों के लिए उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना है। इसका उद्देश्य लड़कियों को बदलाव का वाहक बनने के लिए सशक्त बनाना है, जिससे वे न केवल खुद को बल्कि अपने परिवार, समुदाय और पूरे देश को भी प्रेरित कर सकें।