देश-विदेश
भारतीय ऐतिहासिक अभिलेख आयोग (आईएचआरसी) ने एक नया लोगो और आदर्श वाक्य अपनाया
नई दिल्ली | भारतीय ऐतिहासिक अभिलेख आयोग (आईएचआरसी), अभिलेखीय मामलों पर एक शीर्ष सलाहकार निकाय है। यह अभिलेखों के प्रबंधन और ऐतिहासिक अनुसंधान के लिए उनके उपयोग पर भारत सरकार को परामर्श देने के लिए रचनाकारों, संरक्षकों और अभिलेखों के उपयोगकर्ताओं के एक अखिल भारतीय मंच के रूप में कार्य करता है। इसकी स्थापना वर्ष 1919 में हुई थी। इसका नेतृत्व केंद्रीय संस्कृति मंत्री करते हैं।
इस प्रतियोगिता में शौर्य प्रताप सिंह (दिल्ली) द्वारा प्रस्तुत निम्न लोगो और आदर्श वाक्य प्रविष्टि को विजेता के रूप में चुना गया है |
यह लोगो पूरी तरह से भारतीय ऐतिहासिक अभिलेख आयोग की थीम और विशिष्टता को अभिव्यक्त करता है। कमल की पंखुड़ियों के आकार के पृष्ठ भारतीय ऐतिहासिक अभिलेख आयोग को ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए लचीले नोडल संस्थान के रूप में दर्शाते हैं। मध्य में सारनाथ स्तंभ भारत के गौरवशाली अतीत का प्रतिनिधित्व करता है। रंग थीम के रूप में भूरा रंग भारत के ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण, अध्ययन और सम्मान के संगठन के मिशन को सुदृढ़ करता है।
आदर्श वाक्य का अनुवाद इस प्रकार है "जहां इतिहास भविष्य के लिए संरक्षित है।" यह आदर्श वाक्य भारतीय ऐतिहासिक अभिलेख आयोग और उसके कार्य के लिए बहुत महत्व रखता है। भारतीय ऐतिहासिक अभिलेख आयोग ऐतिहासिक दस्तावेजों, पांडुलिपियों, ऐतिहासिक जानकारी के अन्य स्रोतों की पहचान करने, एकत्र करने, सूचीबद्ध करने और बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसा करके आयोग यह सुनिश्चित करता है कि मूल्यवान ऐतिहासिक ज्ञान भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित रहे। इसलिए, आदर्श वाक्य ऐतिहासिक दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लाभ के लिए इन्हें सुलभ बनाने की आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
लोगो और आदर्श वाक्य के लिए निम्न प्रविष्टियों को चार-चार सांत्वना पुरस्कार दिये गये हैं |
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने फॉर्म 10ए/10एबी दाखिल करने की तिथि 30 जून, 2024 तक बढ़ा दी है
नई दिल्ली | केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने परिपत्र संख्या 07/2024 दिनांक 25.04.2024 जारी करके आयकर अधिनियम, 1961 ('अधिनियम') के अंतर्गत फॉर्म 10ए/फॉर्म 10एबी दाखिल करने की निर्धारित तिथि को फिर से बढ़ाकर 30 जून, 2024 कर दिया है।
करदाताओं को वास्तविक कठिनाइयों से बचाने के लिए अभ्यावेदनों पर विचार करने और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से ऐसे फॉर्म दाखिल करने की अंतिम तिथि 30.09.2023 से आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया। सीबीडीटी ने फॉर्म 10ए/फॉर्म 10एबी दाखिल करने की निर्धारित तिथि को 30 जून, 2024 तक बढ़ा दिया है। यह अधिनियम की धारा 10(23सी)/धारा 12ए/धारा 80जी/ और धारा 35 के कुछ प्रावधानों के तहत किया गया है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि ऐसा कोई मौजूदा ट्रस्ट, संस्थान या फंड विस्तारित नियत तारीख के भीतर निर्धारण वर्ष 2022-23 के लिए फॉर्म 10ए दाखिल करने में विफल रहा है और बाद में, एक नई इकाई के रूप में अनंतिम पंजीकरण के लिए आवेदन किया और फॉर्म 10एसी प्राप्त किया, तो वह अब भी दाखिल कर सकता है। उक्त फॉर्म 10एसी को सरेंडर करने के इस अवसर का लाभ उठाएं और मौजूदा ट्रस्ट, संस्था या फंड के रूप में निर्धारण वर्ष 2022-23 के पंजीकरण के लिए फॉर्म 10ए में 30 जून 2024 तक आवेदन करें।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि वे ट्रस्ट, संस्थान या फंड जिनके पुन: पंजीकरण के आवेदन केवल देर से दाखिल करने या गलत सेक्शन कोड के तहत दाखिल करने के आधार पर खारिज कर दिए गए थे, वे 30 जून, 2024 की उपरोक्त विस्तारित समय सीमा के भीतर फॉर्म 10एबी में नया आवेदन भी जमा कर सकते हैं।
फॉर्म 10ए/फॉर्म 10एबी के अनुसार आवेदन आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से दाखिल किए जाएंगे। परिपत्र संख्या 07/2024 www.incometaxindia.gov.in पर उपलब्ध है |
ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड को एसएसीई के अंतर्गत लगभग 60.5 अरब जापानी येन का हरित ऋण प्राप्त हुआ
नई दिल्ली | भारत में सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड, एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम और विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत अग्रणी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी), ने भारत में पात्र हरित परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए जापानी येन (जेपीवाई) 60.536 अरब का हरित ऋण सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। हरित ऋण सुविधा को इतालवी निर्यात ऋण एजेंसी, एसएसीई (इटली) द्वारा उनके इनोवेटिव पुश स्ट्रैटजी कार्यक्रम के अंतर्गत 80 प्रतिशत गारंटी के साथ लाभ मिलता है। एसएसीई और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) के बीच की व्यवस्था एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और किसी भारतीय सरकारी इकाई और एसएसीई के बीच यह अपनी तरह का पहला समझौता है।
हरित ऋण सुविधा भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के परिदृश्य में समान हरित वित्तपोषण लेनदेन के लिए एक मानक स्थापित करती है, जो टिकाऊ वित्तपोषण के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। यह सुविधा एसएसीई के पहले जापानी येन (जेपीवाई)-मूल्यवर्ग वाले ऋण लेनदेन और भारत में पहले हरित ऋण लेनदेन को भी प्रदर्शित करती है।
हरित ऋण में एशिया, अमेरिका और यूरोप भर के बैंकों, अर्थात् क्रेडिट एग्रीकोल कॉरपोरेट एंड इन्वेस्टमेंट बैंक, बैंक ऑफ अमेरिका, सिटीबैंक, केएफडब्ल्यू आईपीईएक्स-बैंक और सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन की अनिवार्य लीड अरेंजर्स के रूप में ऋण भागीदारी है। क्रेडिट एग्रीकोल कॉरपोरेट एंड इन्वेस्टमेंट बैंक एक्सपोर्ट क्रेडिट एजेंसी समन्वयक, हरित ऋण समन्वयक, डॉक्यूमेंटेशन बैंक और फैसिलिटी एजेंट के रूप में कार्य करेगा।
ऋण सुविधा ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड के लिए एक रणनीतिक निवेश है, जो कंपनी के हरित वित्तीय रूपरेखा के अनुरूप, सतत विकास को प्रोत्साहन प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। हरित ऋण उन परियोजनाओं का समर्थन करने में ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड और उसके भागीदारों के समर्पण को प्रदर्शित करता है जो कठोर पर्यावरण मानकों को पूरा करते हैं, नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन प्रदान करते हैं और पूरे भारत में कार्बन उत्सर्जन को कम करने में योगदान करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह हरित वित्तपोषण की दिशा में बढ़ती गति और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए हितधारकों के सामूहिक प्रयासों को भी प्रदर्शित करता है।
ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, विवेक कुमार देवांगन ने ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड के इस समझौते पर टिप्पणी करते हुए कहा, “इस वास्तविक वैश्विक समझौते में सफल लेनदेन से इस तरह के और अधिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त होने की संभावना है, जिससे हरित ऊर्जा वित्तपोषण और टिकाऊ परियोजनाओं में भारत-इतालवी व्यापार संबंधों को और प्रोत्साहन मिलेगा। यह भारत में सतत विकास परियोजनाओं के लिए वैश्विक समुदाय के सहयोग को प्रोत्साहन देने में भी सहायता करेगा।
एसएसीई के भारत और दक्षिण एशिया प्रमुख गौतम भंसाली ने टिप्पणी करते हुए कहा, "एसएसीई को इस 'ग्रीन पुश स्ट्रैटजी' लेनदेन के लिए ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड के साथ साझेदारी करने पर गर्व है, जो भारत में कार्यान्वित की जा रही एक नवीन और अपनी तरह की पहली संरचना है। इस सुविधा के माध्यम से, एसएसीई भारत में टिकाऊ दीर्घकालिक विकास को सक्षम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, हरित आवागमन और ऊर्जा दक्षता में परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।''
क्रेडिट एग्रीकोल कॉरपोरेट एंड इन्वेस्टमेंट बैंक के भारत के वरिष्ठ कंट्री ऑफिसर, फ्रैंक पासिलियर ने कहा, “यह लेन-देन क्रेडिट एग्रीकोल कॉरपोरेट एंड इन्वेस्टमेंट बैंक के सतत विकास को प्रोत्साहन देने के लिए अटूट समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो एक दशक से वैश्विक टिकाऊ वित्तपोषण में हमारे बैंक की अग्रणी स्थिति के अनुरूप है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड के साथ हमारा रणनीतिक सहयोग पर्यावरण की दृष्टि से दायित्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाने और भारत के आशाजनक बाजार के भीतर स्थायी वित्तपोषण के विकास को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत एक 'महारत्न' केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, और भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के साथ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी), और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग कंपनी (आईएफसी) के रूप में पंजीकृत है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) पूरे विद्युत-अवसंरचना क्षेत्र को वित्तपोषित करता है जिसमें उत्पादन, पारेषण, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी भंडारण, पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट, हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया परियोजनाओं जैसी नई प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। हाल ही में, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) ने गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी विविधता प्रदान की है, जिसमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डे, सूचना प्रौद्योगिकी संचार, सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना (शैक्षिक संस्थान, अस्पताल), बंदरगाह और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (ई एंड एम) कार्य, इस्पात और रिफाइनरी जैसे अन्य क्षेत्र शामिल हैं।
ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड देश में बुनियादी ढांचा परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वता अवधि के ऋण प्रदान करता है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड विद्युत क्षेत्र के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रहा है और प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), राष्ट्रीय विद्युत निधि (एनईएफ) योजना के लिए एक नोडल एजेंसी रही है। इसके परिणामस्वरूप देश में प्रत्येक स्थान तक वितरण प्रणाली को मजबूत किया गया, शत-प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण और घरेलू विद्युतीकरण किया गया। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड को संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के लिए कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी नोडल एजेंसी बनाया गया है। 31 दिसंबर, 2023 तक ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) के बही खाते में 4.97 लाख करोड़ रुपये और कुल परिसंपत्ति 64,787 करोड़ रुपये है।
मच्छरों से सावधान....विश्व मलेरिया दिवस
डेस्क | अव्यवस्थित शहरीकरण और नगरीय निकायों के गैर जिम्मेदाराना आचरण के चलते मच्छरों के लिए व्यवस्था हो रही है।
मच्छरों पर नही होता है। कुछ समय पहले शहर भर के मच्छरों को भगाने के लिए फॉगिंग मशीन का आगमन हुआ। कुछ जन प्रतिनिधि पीठ पर छिड़काव मशीन के कर भी घूमे। जनप्रतिनिधि चले गए,हार गए लेकिन मच्छरों से निजात नहीं दिला पाए।
सार्वजनिक उपचार से परे लोगो ने पहले नीम की पत्ती जलाई, क्वाइल जला कर धुवां किया(मच्छरों को भगाने के कछुआ छाप?) इलेक्ट्रिक मशीन में लिक्विड लाए गए। इलेक्ट्रिक से चार्ज होने वाले रैकेट आए। ओडोमास आया।इनसे सम्पूर्ण निजात नहीं मिल सकी तो मच्छरदानी सबसे बढ़िया विकल्प बचा हुआ है लेकिन मलेरिया होने की गुंजाइश कभी भी खत्म नहीं हो पा रही है। आप अंदाजा लगा सकते है कि जब शहर में ये हाल है तो ढाई लाख ग्राम पंचायतों में क्या हाल होगा। आज विश्व मलेरिया दिवस है। दिवस विशेष सजगता के लिए निर्धारित है। आप स्वयं आंकलन करिएगा कि मादा एनोफ्लीज मच्छर से बचने के लिए हर महीने कितनी राशि खर्च करते है । अगर हम विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो मादा मच्छरों के खिलाफ सालो से चल रही जंग के बावजूद वर्ष 2022 में छः लाख लोगो की जान मादा एनोफ्लीज मच्छरों के काटने से दुनियां भर में हुई है। अफ्रीका महाद्वीप इस मामले में अभी भी सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। 106 देशों में मादा मच्छर अपना प्रकोप फैलाई हुई है। मलेरिया जैसी बीमारी पर विकासशील देशों का कम नियंत्रण होना ये तय करता है कि स्वास्थ्य के प्रति सजगता की जरूरत है।
मच्छरों की उत्पादन संख्या को कम करने की पहली शर्त यही है कि पानी किसी भी स्थिति में स्थिर न रहे। देश में शहरीकरण का जोर है। ग्राम पंचायतों को जोड़ कर नगर पंचायत, नगर पंचायत में गावों को जोड़कर नगर पालिका, और नगर पालिका में गांव जोड़कर नगर निगम बनाने की होड़ में शहरीकरण हो रहा है। इस प्रक्रिया में नाली बने बगैर मकान बन रहे है गंदे पानी के निकासी का व्वस्थापन नही है। अवैध कब्जो के चलते झुग्गी बस्तियों का फैलाव हो रहा है । परिणाम ये है कि मच्छरों को पनपने का आदर्श वातावरण बनते जा रहा है।
56 छात्रों ने हासिल किए 100% स्कोर, जेईई मेंस सत्र 2 परीक्षा के परिणाम जारी
नई दिल्ली | राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने बुधवार को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन सत्र 2 के लिए परिणाम जारी कर दिए है। जेईई मेंस सत्र 2 रिजल्ट 2024 में 56 उम्मीदवारों ने 100% स्कोर प्राप्त किये। जबकि जेईई परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने के लिए 39 उम्मीदवारों को तीन साल के लिए जेईई-मेन देने से रोक दिया गया है।
सबसे पहले स्टूडेंट जेईई की आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.ac.in पर जाएं।
होमपेज पर जेईई मेंस रिजल्ट 2024 सत्र 2 लिंक पर क्लिक करें।
इसके बाद उम्मीदवार अपना आवेदन संख्या और जन्म तिथि दर्ज करें।
जेईई मेंस रिजल्ट 2024 स्क्रीन पर दिखेगा।
रिजल्ट चेक करें और भविष्य के संदर्भ के लिए इसका प्रिंट निकाल लें।
जेईई मेन सत्र 2, 2024 के लिए परीक्षा 4 से 12 अप्रैल तक भारत के 319 शहरों और विदेश के 22 शहरों में हुई। जेईई मेंस परीक्षा में लगभग 12.57 लाख छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा के लिए 24 लाख से अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन भी किया था।
100 प्रतिशत स्कोर हासिल करने वाले उम्मीदवारों में से 15 तेलंगाना से, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से सात-सात और दिल्ली से छह छात्र हैं। परीक्षा असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू में आयोजित की गई थी।
जेईई मेन 2024 सत्र 1 के लिए परीक्षा 24 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित की गई थी, जिसकी अंतिम उत्तर कुंजी अब आधिकारिक वेबसाइट - jeemain.nta.ac पर उपलब्ध है।
महादेव एप से सट्टा : गोवा व कोलकाता से 10 सटोरिए अरेस्ट, करोड़ों की सट्टा-पट्टी भी मिली
रायपुर | ईओडब्ल्यू/एसीबी व रायपुर की साइबर सेल ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए गोवा व कोलकाता से कुल 10 सटोरियों को अरेस्ट किया है | ये महादेव के रेडी अन्ना एप के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे | सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा |
इसी कड़ी में रायपुर की साइबर सेल को पता चला कि कोलकाता के 24 परगना जिले में न्यूटाउन गोलाबारी इलाके के एक फ्लैट में ऑनलाइन सट्टा संचालित हो रहा है | इसके बाद रायपुर की टीम को वहां रवाना किया गया | संबंधित फ्लैट में दबिश देकर मास्टरमाइंड के प्रमुख सहयोगियों में से एक प्रकाश वाधवानी उर्फ प्रकाश सिंधी समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर रायपुर लाया जा रहा है |
इनमें से 3 छत्तीसगढ़ के निवासी हैं तो बाकियाें में से 3 जबलपुर एमपी के, 1-1 राजस्थान व बिहार के रहने वाले हैं | इन सभी को रायपुर लाया गया है | इसी तरह एसीबी ने गोवा से भिलाई निवासी रितेश यादव के साथ ही एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है | इन सभी के पास से कई सेट मोबाइल, सिम कार्ड व नगदी सहित, दूसरे सामान बरामद किए गए हैं |
कैसे काम करते हैं EVM और VVPAT….सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को समझाने के लिए बुलाया, आज अहम फैसला
डेस्क। चुनाव में मतदान के लिए इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वोटिंग की पुष्टि के लिए मिलने वाली वीवीपैट स्लिप को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज अहम फैसला सुना सकता है। इस बीच अदालत ने आज दोपहर 2 बजे चुनाव आयोग एक वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ईवीएम और वीवीपैट से जुड़े कुछ सवाल पूछेगी। खासतौर पर ईवीएम में लगने वाले माइक्रो कंट्रोलर के काम करने की प्रक्रिया के बारे में जज समझेंगे। इसके अलावा ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा से जुड़े कुछ सवाल भी जज पूछ सकते हैं।
एक अहम सवाल जज यह भी पूछने वाले हैं कि आखिर ईवीएम मशीनों को कितने समय तक रखा जा सकता है। बेंच में शामिल जस्टिस संजीव खन्ना ने सवाल पूछा है, ‘क्या माइक्रो कंट्रोलर को कंट्रोल यूनिट में इंस्टॉल किया गया है या फिर वीवीपैट में लगाया है। हमें यही मालूम है कि इसे कंट्रोल यूनिट में ही लगाया गया है, लेकिन चुनाव आयोग ने जो FAQs जारी किए हैं, उसने अनुसार इसे वीवीपैट में लगाया गया है।’ इसके अलावा बेंच का एक सवाल यह है कि क्या ये माइक्रो कंट्रोलर एक ही बार प्रोग्राम किए जाते हैं या फिर इनमें बदलाव भी किए जा सकते हैं।
बता दें कि ईवीएम और वीवीपैट को लेकर दायर अर्जियों पर कई दिनों तक लंबी सुनवाई चली थी। इसके बाद अदालत ने बुधवार तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान दिलचस्प बहस हुई थी, जिसमें वकील प्रशांत भूषण ने तो बैलेट पेपर से ही चुनाव कराने की मांग की थी। इस पर बेंच ने कहा था कि हमें बैलेट पेपर के बारे में भी मालूम है, जिस दौर में इसके माध्यम से चुनाव होता था, तब की स्थिति हमें पता है। बेेंच ने कहा था कि कम आबादी वाले देशों में ऐसा हो सकता है, लेकिन भारत जैसे देश में ऐसा संभव नहीं है।
29 देशों में अब जाना होगा आसान....यूरोपीय आयोग ने शेंगेन वीजा की व्यवस्था शुरू
डेस्क | यूरोप जाने वाले भारतीयों के लिए एक बड़ी खबर आ रही है। यूरोपीय आयोग ने शेंगेन वीजा चाहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक नई वीजा कैस्केड की व्यवस्था शुरू की है। यह लंबी अवधि के साथ एक से ज्यादा बार प्रवेश की इजाजत भी देता है। 18 अप्रैल से प्रभावी होने वाली यह नई व्यवस्था वीजा कोड के स्टैंडर्ड नियमों की जगह लेगा है, जिससे भारतीय यात्रियों को बहुत लाभ मिलेगा। नए नियम के तहत अगर भारत में रहने वाले भारतीय नागरिकों ने पिछले तीन वर्षों के अंदर कानूनी रूप से दो वीजा प्राप्त करके उनका उपयोग किया है तो उन्हें दो वर्षों के लिए गुणनफल प्रवेश वाले शेंगेन वीजा दिया जा सकता है।
शेंगेंन क्षेत्र में यूरोपीय संघ के 25 देशों के साथ 29 यूरोपीय देश शामिल होते हैं। यानी एक ही वीजा के जरिए इन देशों में कहि भी जाया जा सकता है। शेंगेन क्षेत्र में बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, जर्मनी, एस्टोनिया, ग्रीस, स्पेन, फ्रांस, इटली, लातविया, लिथुआनिया, लक्ज़मबर्ग, हंगरी, माल्टा, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, पोलैंड, पुर्तगाल , रोमानिया, स्लोवेनिया, स्लोवाकिया, फिनलैंड, स्वीडन, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड आते हैं। यह कदम प्रवासन और गतिशीलता पर यूरोपीय यूनियन भारत के आम एजेंडे का हिस्सा है। इसका उद्देश्य लोगों के बीच संपर्क को सुविधाजनक बनाने के साथ प्रवासन नीति पर यूरोप और भारत के बीच सहयोग को मजबूत करना है।
वीजा से जुड़े नियमों में बदलाव यूरोपीय संघ के लिए एक मुख्य भागीदार के रूप में भारत के महत्व को प्रदर्शित करता है। इसके अलावा इससे दोनों के बीच गहरे होते संबंध भी दिखते देते हैं। ये शेंगेन वीजा इस क्षेत्र में यात्रा की इजाजत देते हैं, लेकिन इससे उन जगहों पर काम नहीं मिल सकता। इस कारण से शेंगेन क्षेत्र में अपने प्रवास को नियंत्रित करने वाले नियमों का पालन करना ही चाहिए। जैसे ही यूरोपीय आयोग इस नई व्यवस्था को लागू करता है, भारतीयों को यूरोप की यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा।
वोटिंग से पहले ही बीजेपी ने जीत ली सूरत लोकसभा सीट....हाईवोल्टेज ड्रामा चला
डेस्क | Lok Sabha Election 2024 लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों से पहले ही भाजपा ने एक सीट सूरत की जीत ली है। वोटिंग से पहले ही इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। आज फॉर्म वापस लेने का अंतिम दिन था | दौरान बसपा प्रत्याशी प्यारेलाल ने अपना फॉर्म वापस ले लिया है फिर इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी अकेले ही बच गए | उन्हें निर्विरोध घोषित कर दिया गया है।
पिछले दो-तीन दिनों से सूरत लोकसभा सीट पर हाई वोल्टेज ड्रामा बहुत चला। कांग्रेस प्रत्याशी नीलेश कुंभानी के फॉर्म को लेकर बीजेपी की ओर से आपत्ति दर्ज करायी गयी थी। कल रविवार को सुनवाई हुई और कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा अमान्य कर रद्द कर दिया गया।
आज फॉर्म वापस लेने की प्रक्रिया के दौरान बसपा प्रत्याशी प्यारेलाल ने अपना फॉर्म वापस ले लिया है, इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी को निर्विरोध घोषित कर दिया गया है।आधिकारिक घोषणा दोपहर 3 बजे के आसपास की जाएगी।
सूरत लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार का फॉर्म रद्द होने के बाद कुल 9 उम्मीदवार मैदान में थे। जिनमें से निर्दलीय समेत 7 उम्मीदवारों ने अपना फॉर्म वापस ले लिया है। अब केवल एक ही उम्मीदवार बचा था। इस बीएसपी उम्मीदवार प्यारेलाल ने सूरत कलेक्टोरेट पहुंचकर अपना भी नामांकन वापस ले लिया है। बीजेपी उम्मीदवार के खिलाफ कोई प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार ना होने के कारन, बीजेपी उम्मीदवार को निर्विरोध घोषित कर दिया गया है।
हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद बसपा प्रत्याशी प्यारेलाल ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
भाजपा प्रत्याशी मुकेश दलाल के चुनाव एजेंट दिनेश जोधानी ने फॉर्म के सत्यापन के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी नीलेश कुम्भानी के फॉर्म को लेकर आपत्ति जताई थी और कहा था कि मुझे जानकारी है कि कांग्रेस प्रत्याशी के प्रस्तावक कोई नहीं हैं। इसकी जानकारी कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव एजेंट फिजिक कोल्डी को दी गयी।
सुनवाई कल हुई और कांग्रेस उम्मीदवार के फॉर्म पर प्रस्ताव के तौर पर हस्ताक्षर करने वाले जगदीश सावलिया, रमेश पोलारा और ध्रुविन धमेलिया चुनाव अधिकारी के सामने नहीं आये और कहा कि उन्होंने फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और एक हलफनामा भी दाखिल किया है। इसके बाद इसपर सुनवाई हुई और बाद में चुनाव अधिकारी ने उनका पर्चा रद्द कर दिया।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा स्थिति का जमीनी स्तर पर आकलन करने के लिए विश्व के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन का दौरा किया
डेस्क | केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज (22 अप्रैल, 2024) सुरक्षा स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करने के लिए विश्व के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन का दौरा किया। सिंह ने विपरीत मौसम और दुर्गम क्षेत्र की परिस्थितियों में तैनात सैनिकों से भी बातचीत की। रक्षा मंत्री के साथ थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, उत्तरी कमान लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिन्द्र कुमार और जनरल ऑफिसर कमांडिंग, 14 कोर लेफ्टिनेंट जनरल रशिम बाली भी थीं।
सैनिकों को संबोधित करते हुए, राजनाथ सिंह ने विषम परिस्थितियों में वीरता और दृढ़ संकल्प के साथ मातृभूमि की रक्षा के पुण्य पथ पर चलने के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि राष्ट्र सशस्त्र बल कर्मियों का सदैव ऋणी रहेगा, क्योंकि उनके बलिदान के वजह से हर नागरिक सुरक्षित महसूस करता है। “हम शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं, क्योंकि हम आश्वस्त हैं कि हमारे बहादुर सैनिक सीमाओं पर दृढ़ता से खड़े हैं। आने वाले समय में जब राष्ट्रीय सुरक्षा का इतिहास लिखा जाएगा, तो बर्फीले ठंडे ग्लेशियर में हमारे सैनिकों की वीरता और दृढ़ इच्छाशक्ति के कामों को गर्व के साथ याद किया जाएगा। यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगी।"

सिंह ने कहा कि सियाचिन कोई आम जगह नहीं है, बल्कि उन्होंने इसे भारत की संप्रभुता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जैसे दिल्ली भारत की राष्ट्रीय राजधानी है, मुंबई वित्तीय राजधानी है, बेंगलुरु प्रौद्योगिकी राजधानी है, उसी तरह, सियाचिन साहस, दृढ़ निश्चय और संकल्प की राजधानी है।
हाल ही में, देश ने ऑपरेशन मेघदूत की सफलता की 40वीं वर्षगांठ मनाई। सिंह ने 13 अप्रैल, 1984 को भारतीय सेना द्वारा सियाचिन में शुरू किये गये इस ऑपरेशन को देश के सैन्य इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताया। उन्होंने कहा, ''ऑपरेशन मेघदूत की कामयाबी हम सभी के लिए गर्व की बात है।''
इस अवसर पर, रक्षा मंत्री ने मातृभूमि की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में सियाचिन युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

गौरतलब है कि सिंह ने 24 मार्च, 2024 को लेह का दौरा किया था और सैनिकों के साथ होली मनाई थी। उनका सियाचिन जाने का कार्यक्रम था, लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। लेह से रक्षा मंत्री ने सियाचिन में तैनात सैनिकों से फोन पर बात की थी और उन्हें बताया कि वह जल्द ही विश्व के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र का दौरा करेंगे और उनके साथ बातचीत करेंगे। इस तरह आज की यात्रा के साथ, सिंह ने, अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, अपना वादा पूरा किया।
बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला....CBI करेगी घोटाले की जांच, हाईकोर्ट ने रद्द की 24 हजार स्कूल टीचर्स की भर्ती
डेस्क | बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में ममता सरकार को बड़ा झटका लगा है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने 24 हजार स्कूल टीचर्स की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। वहीं घोटाले की जांच करने के आदेश CBI को दिए है। वहीं भर्ती रद्द होने के बाद सभी को 6 हफ्ते में पूरी सैलरी लौटानी होगी।
भर्ती घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और कई तृणमूल पदाधिकारियों के साथ ही राज्य शिक्षा विभाग के कई अधिकारी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश के बाद ईडी और सीबीआई दोनों कथित अनियमितताओं की जांच कर रही हैं।
यह घोटाला 2014 का है। तब पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमिशन (SSC) ने पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती निकाली थी। यह भर्ती प्रक्रिया 2016 में शुरू हुई थी। उस वक्त पार्थ चटर्जी शिक्षा मंत्री थे. इस मामले में गड़बड़ी की कई शिकायतें कोलकाता हाईकोर्ट में दाखिल हुई थीं। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि जिन उम्मीदवारों के नंबर कम थे उन्हें मेरिट लिस्ट में ऊपर स्थान मिला है | इतना ही नहीं कुछ शिकायतें ऐसी भी थीं, जिनमें कहा गया था कि कुछ उम्मीदवारों का मेरिट लिस्ट में नाम न होने पर भी उन्हें नौकरी दे दी गई। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि कुछ ऐसे भी उम्मीदवारों को नौकरी दी गई, जिन्होंने टीईटी परीक्षा भी पास नहीं की थी | जबकि राज्य में शिक्षक भर्ती के लिए टीईटी की परीक्षा पास होना अनिवार्य है। इसी तरह से राज्य में 2016 में एसएससी द्वारा ग्रुप डी की 13000 भर्ती के मामले में शिकायतें मिली थीं।
ईडी ने इस मामले में इस साल मई में जांच शुरू की थी | ईडी ने 22 जुलाई को पार्थ चटर्जी के ठिकानों समेत 14 जगहों पर छापेमारी की थी। पार्थ चटर्जी के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ईडी को अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे। जब पार्थ चटर्जी से अर्पिता की पहचान पूछी गई, तो उन्होंने इस बारे में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इसके बाद ईडी के रडार पर अर्पिता मुखर्जी आ गईं। जब ईडी ने अर्पिता के फ्लैट पर छापा मारा तो करीब 21 करोड़ रुपए कैश, 60 लाख की विदेशी करेंसी, 20 फोन और अन्य दस्तावेज मिले थे।
कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से पारित आदेश के बाद ईडी और सीबीआई दोनों एजेंसियां कथित शिक्षक भर्ती में हुई, अनियमितताओं की जांच कर रही हैं। जांच के दौरान प्रसन्ना रॉय का नाम सामने आया था, जिसके बाद पिछले साल दिसंबर में प्रवर्तन निदेशालय ने शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में कोलकाता में चार्टर्ड अकाउंटेंट, व्यापारियों सहित अन्य लोगों के घर और ऑफिस पर छापेमारी की थी।
संतकबीरनगर में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद पर हमला, देर रात पहुंचे अस्पताल
डेस्क | उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और उनके समर्थकों पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया | इस हमले में उन्हें काफी को चोटें आईं हैं, उनकी नाक पर भी चोट लगी है | हमले के बाद उन्हें देर रात अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी नाक पर मलहम पट्टी की गई | संजय निषाद योगी सरकार में मंत्री हैं.
बता दें कि संतकबीरनगर से संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद मौजूदा सांसद हैं | बीजेपी ने इस बार भी प्रवीण निषाद को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया हुआ है | कैबिनेट मंत्री संजय निषाद उन्हीं के संसदीय क्षेत्र में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे | इसी समय उन पर कुछ लोगों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया | .
इसके बाद आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया | यहां से इलाज करवाने के बाद संजय निषाद अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए और सपा प्रमुख के खिलाफ जमकर नारेबाजी की | निषाद और उनके समर्थकों ने आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है | हमले की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे एसपी ने उन्हें आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है |
इसरो का लक्ष्य 2030 तक भारत को मलबा मुक्त अंतरिक्ष मिशन हासिल करना
डेस्क | भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने 16 अप्रैल 2024 को घोषणा की कि भारत का लक्ष्य 2030 तक मलबा मुक्त अंतरिक्ष का निर्माण करना है। बेंगलुरु में 42वीं अंतर-एजेंसी अंतरिक्ष मलबा समन्वय समिति (आईएडीसी) की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए इसरो अध्यक्ष ने यह घोषणा की है। इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि जहाँ तक भविष्य के अंतरिक्ष अन्वेषण और अंतरिक्ष के उपयोग का सवाल है तो इसरो के पास एक बहुत ही स्पष्ट और पारदर्शी योजना है।
सोमनाथ ने कहा कि इस पहल का लक्ष्य 2030 तक सरकारी और गैर-सरकारी सहित सभी भारतीय अंतरिक्ष मिशनों के जरिए मलबा मुक्त अंतरिक्ष का निर्माण करना है। इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ के अनुसार, वर्तमान में, हमारी कक्षा में 54 अंतरिक्ष यान क्रियाशील हैं, साथ ही काम न कर रहीं कुछ अन्य वस्तुएं भी माजूद हैं।
इसरो प्रमुख ने कहा कि हम वहां बहुत सावधानी से कार्रवाई कर रहे हैं। जहां भी कक्षा से अलग होने पर अंतरिक्ष वस्तुओं का निपटान करना या उनकी सक्रिय भूमिका को खत्म करना संभव होगा। उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर लाना उन महत्वपूर्ण विषयों में से है, जिस पर हम कार्रवाई करते हैं।
इसरो ने रॉकेट इंजनों के लिए हल्का नोजल भी तैयार किया है। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि रॉकेट इंजनों के लिए हल्के कार्बन-कार्बन (सी-सी) नोजल के विकास के साथ रॉकेट इंजन प्रौद्योगिकी में बड़ी सफलता हासिलहुई है, जिससे उसकी पेलोड क्षमता भी बढ़ी है।
ग्रीन कंपोजिट के कार्बोनाइजेशन और उच्च तापमान उपचार जैसी प्रक्रियाओं का उपयोग करके, इसने कम घनत्व, उच्च विशिष्ट शक्ति और उत्कृष्ट कठोरता के साथ एक नोजल तैयार किया जाना है। यह ऊंचे तापमान पर भी यांत्रिक गुणों को बनाए रखने में सहायक है।
भीषण गर्मी के बावजूद लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण में भारी मतदान
नई दिल्ली | आम चुनाव 2024 के पहले चरण के मतदान में भीषण गर्मी के बावजूद भारी मतदान दर्ज किया गया। मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा और विभिन्न क्षेत्रों के मतदाताओं ने नागरिक जिम्मेदारी व गौरव का शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्साहपूर्वक भाग लिया। आम चुनाव 2024 के पहले चरण में, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश की राज्य विधानसभाओं के लिए मतदान के साथ-साथ 18वीं लोकसभा के चुनाव के लिए 10 राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों में मतदान पूरा हो गया है। आयोग ने पहले चरण के मतदाताओं और पूरी चुनाव मशीनरी को धन्यवाद दिया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त (ईसी) ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के नेतृत्व में आयोग ने निर्वाचन सदन में ईसीआई मुख्यालय से सभी निर्वाचन क्षेत्रों में चरण 1 में मतदान की प्रगति की लगातार निगरानी की। इस उद्देश्य के लिए मुख्यालय में एक अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया था। राज्य/जिला स्तर पर भी ऐसे ही नियंत्रण कक्ष बनाये गये।

व्यापक तौर पर शांतिपूर्ण और अनुकूल माहौल की पृष्ठभूमि में, देश के विविधतापूर्ण मतदाताओं ने लोकतंत्र की जीवंत तस्वीरें पेश कीं। भीड़-भाड़ वाले शहरी केंद्रों से लेकर दूरदराज के गांवों तक, मतदान केंद्रों पर पीढ़ियों और विभिन्न पृष्ठभूमि वाले मतदाताओं का रंगारंग जमावड़ा देखा गया। आयोग और उसके अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में सावधानीपूर्वक योजना व कार्यान्वयन के आधार पर निर्बाध मतदान की व्यवस्था की गई थी।
जनजातीय भीतरी इलाकों में मतदान की सुविधा पर आयोग के ध्यान के साथ, छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में समुदायों ने शांति और लोकतंत्र का रास्ता चुनते हुए, बुलेट के बजाय बैलट (मतपत्र) की शक्ति को अपनाया। लोकसभा चुनाव में बस्तर के 56 गांवों के मतदाताओं ने पहली बार अपने ही गांव में बने मतदान केंद्र पर वोट डाले। बीजापुर के मॉडल मतदान केंद्र पीसी-163 में मतदाताओं को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलता देखा गया। गढ़चिरौली- चिमुर, महाराष्ट्र से एक अन्य उदाहरण में हेमलकासा बूथ पर स्थानीय जनजातीय बोली का उपयोग किया गया था, जिसमें सभी संबंधित विवरण शामिल था। बिहार के बोधगया में, बौद्ध भिक्षुओं को मुस्कुराते हुए और अपनी उंगलियों पर गौरव का प्रदर्शन करते हुए देखा गया।
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में आदिवासी समुदाय के मतदाता बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए बाहर निकले। ग्रे
ट निकोबार की शोम्पेन जनजाति ने आमचुनाव-2024 में पहली बार वोट डालकर इतिहास रच दिया। मिजोरम में, एक बुजुर्ग जोड़े ने एक साथ मतदान करने का अपना संकल्प दोहराया। अरुणाचल प्रदेश में, एक बुजुर्ग महिला घर पर मतदान की सुविधा होने के बावजूद अपनी इच्छा से पैदल चलकर मतदान केंद्र तक पहुंची।
देश के अधिकांश हिस्सों में मतदाताओं ने गर्मी का सामना किया, जबकि अन्य हिस्सों में मतदाता भारी बारिश के बीच धैर्यपूर्वक अपनी बारी की प्रतीक्षा करते रहे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर ईसीआई द्वारा दी गई सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं उनके लिए बहुत मददगार थीं।
मतदाता भारतीय संस्कृति की समृद्ध झलक दिखाने वाली रंग-बिरंगी पोशाकें पहनकर आए और गर्व से स्याही लगी अंगुलियों के साथ अपनी सेल्फी ली, जो नागरिकों के कर्तव्य के निष्पादन का प्रतीक है।
आम चुनाव 2024 के सात चरण में, 21 राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों के 102 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में आज मतदान संपन्न हुआ। उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, तमिलनाडु और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह और लक्षद्वीप सहित राज्यों ने अपनी मतदान प्रक्रिया पूरी कर ली। निर्वाचन आयोग, आम चुनाव 2024 के बाद के चरणों में एक सुचारू, पारदर्शी और समावेशी चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है।
दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी में चुनाव करने के लिए पहाड़, नदियां और समंदर तक पार कर जातें हैं चुनाव अधिकारी
डेस्क | भारत दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी है, तो जाहिर सी बात है कि यहां का चुनाव भी सबसे बड़ा व अहम् होगा | भारत में वोटिंग कराना आसान नहीं होता, क्योंकि इस बात को सुनिश्चित करना होता कि एक भी वोटर छूटने न पाए | चुनाव अधिकारियों को मतदातों तक पहुंचने के लिए पहाड़, पर्वत, नदियों और समंदर से लेकर नक्सली इलाकों अपनी जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है |

मेघालय के नोंग्रियाट गांव में स्थित फेमस रूट ब्रिज के नीचे एक सुरक्षाकर्मी इलेक्शन ड्यूटी कर रहा है जहां से वीवीपैट मशीन, वोर्टर्स और चुनाव अधिकारी गुजरते हैं | कोशिश है कि इस पुल पर कोई खतरा न हो, जिससे मतदात कराने में कोई दिक्कत न आए |

राजस्थान में पोलिंग कराना काफी मुश्किल काम है क्योंकि यहां गर्मी बहुत ज्यादा पड़ती है | जहां चुनाव आयोग के कर्मचारी धूप की तपिश से राहत पाने के लिए पानी के जार बांट रहे हैं |
असम के माजुली रिवर आइलैंड पोलिंग और पुलिस ऑफिसर बोट के जरिए ईवीएम और वीवीपैट मशीन को मतदाता केंद्रों में पहुंचा रहे हैं, ताकि वोटर्स को अपने अधिकारों का प्रयोग करने के लिए कहीं दूर न जाना पड़े |

इलेक्शन कमीशन की टीम के लिए सबसे मुश्किल काम अंडमान निकोबार में होता है जहां अफ़्रा बे (Afra Bay), पिलोउलो (Piloulow), पिलोभा (Pilobha), पिलोपेटिया (Pilopatia), पिलोपांजा (Pilopanja) और मकाचुआ (Makachua) जैसे सुदूर इलाकों में शिप या बोट के जरिए पोलिंग मैटेरियल्स पहुंचाया जाता है |
ग्रीष्म ऋतु 2024 में रिकॉर्ड संख्या में अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन कर रही है भारतीय रेल
डेस्क | यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने और गर्मियों के दौरान यात्रा की मांग में अपेक्षित वृद्धि को प्रबंधित करने के लिए भारतीय रेल गर्मियों के मौसम के दौरान रिकॉर्ड 9111 फेरों का संचालन कर रही है।
प्रमुख रेल मार्गों पर निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए देश भर के प्रमुख गंतव्यों को जोड़ने के लिए अतिरिक्त ट्रेनों की सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई है। समस्त जोनल रेल द्वारा देश भर में गर्मियों के मौसम में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों से यात्रियों की भीड़भाड़ को कम करने के लिए इन अतिरिक्त फेरों को संचालित करने की तैयारी कर ली गई है।
अतिरिक्त ट्रेनों की योजना बनाना और संचालित करना एक सतत प्रक्रिया है जिसके लिए किसी मार्ग विशेष पर चलने वाली रेलगाड़ियों की मांग का आकलन करने के लिए पीआरएस प्रणाली में प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों के विवरण के अलावा मीडिया रिपोर्ट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, रेलवे इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन नंबर 139 जैसे सभी संचार चैनलों से 24x7 इनपुट लिए जाते हैं। इस आवश्यकता के आधार पर, ट्रेनों की संख्या और फेरों की संख्या बढ़ाई जाती है। पूरे सीज़न के लिए न तो ट्रेनों की संख्या और न ही अतिरिक्त ट्रेनों द्वारा संचालित फेरों की संख्या स्थिर रहती है।
गर्मियों के मौसम में जोनल रेल को रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सभी प्रमुख और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर भीड़भाड़ के नियंत्रण की व्यापक व्यवस्था की गई है। भीड़भाड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने के लिए सभी गतिविधियों की निगरानी के लिए इन स्टेशनों पर वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं।
सामान्य श्रेणी के डिब्बों में प्रवेश के लिए कतार प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभिक स्टेशनों पर आरपीएफ कर्मियों की तैनाती की गई है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर कड़ी नजर रखने और यात्रियों को वास्तविक समय पर सहायता प्रदान करने के लिए सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष में कुशल आरपीएफ कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
भारी भीड़ के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित करने के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मचारी फुट-ओवर ब्रिज पर तैनात किए जाते हैं।
भारतीय रेल सभी यात्रियों को सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यात्री इन अतिरिक्त ट्रेनों में अपना टिकट रेलवे टिकट काउंटर या आईआरसीटीसी वेबसाइट/ऐप के माध्यम से बुक कर सकते हैं।
बंगाल में हिंसा से मतदान प्रभावित...कार्यकर्ता आमने सामने
डेस्क | दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक महोत्सव की शुरुआत आज से हो गई है। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 102 सीटों पर आज मतदान चल रहा है। कुल संसदीय क्षेत्रों के 19 फीसदी सीटों पर मतदान जारी है। 44 दिनों की लोकतांत्रिक यात्रा एक जून तक चलेगी। चार जून को परिणाम घोषित होंगे। अरुणाचल प्रदेश व सिक्किम में विधानसभा की 92 सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं।
मणिपुर के एक मतदान केंद्र में हथियारबंद लोगों के घुसने की खबर आ रही है। मणिपुर के इंफाल ईस्ट में स्थित खोंगमान मतदान केंद्र यह घटना बताई जा रहे है |
मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित मतदान केंद्र प्राथमिक विद्यालय धीमर टोला में नवविवाहित दुल्हन ने शादी के जोड़े में वोट डाला।

पश्चिम बंगाल में हिंसा के लिहाज से संवेदनशील कूचबिहार निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के बीच मामूली झड़प के साथ ही, लोकसभा चुनाव के पहले चरण में तीन संसदीय सीटों पर हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुई है | टीएमसी और भाजपा के सूत्रों ने बताया कि दोनों दलों ने मतदान के पहले कुछ घंटों में चुनावी हिंसा, मतदाताओं को धमकाने और चुनाव एजेंटों पर हमलों संबंधी क्रमश: 80 तथा 39 शिकायतें दर्ज करायी हैं। ज्यादातर शिकायतें कूचबिहार और अलीपुरद्वार निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज करायी गयी हैं। अधिकारियों के अनुसार, सुबह 11 बजे तक कूचबिहार में 33.68 प्रतिशत मतदान हो चूका था | जबकि अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में क्रमश: 35.20 और 31.94 प्रतिशत मतदान हुआ है |
