देश-विदेश
भोपाल-बीना-खुरई-सागर मार्ग इंडस्ट्रिल हब के रूप में होगा विकसित... बरोदियां कला और भानगढ़ में खुलेगा कॉलेज
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुरई के 100 बिस्तर के सिविल अस्पताल का 150 बिस्तर के अस्पताल में उन्नयन, बरोदियां कला में एक शासकीय कॉलेज, बांदरी में शासकीय आईटीआई, बीना के भानगढ़ में शासकीय कॉलेज, खुरई के रजवांस में 132 केवी विद्युत सब स्टेशन स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल-बीना-खुरई-सागर मार्ग को इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित किया जायेगा। मुख्यमंत्री चौहान आज सागर जिले के खुरई में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। जनसभा में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, बीना के विधायक महेश राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुरई विधानसभा क्षेत्र के लिए 216 करोड़ 46 लाख के विकास कार्यों का रिमोट से शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही लाड़ली बहना योजना, केवल योजना नहीं बल्कि सामाजिक क्रांति है। यह महिलाओं को उनके अधिकार देने की योजना है। मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि मैं 1.32 करोड़ लाड़ली बहनों का भाई हूं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में बहनों को मिल रही राशि को धीरे-धीरे बढाकर 3 हजार रू. किया जाएगा। सरकार के पास धनराशि की कोई कमी नहीं है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बीना रिफाइनरी परिसर में 50 हजार करोड़ से पेट्रोकेमिकल काम्पलेक्स की आधार शिला रखी गई। इसके पूरा होने से बीना, खुरई, विदिशा, सागर की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने युवाओें से कहा कि वे मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का लाभ उठाकर अपना उद्योग स्थापित करें, मध्यप्रदेश सरकार उनकी मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कम समय में अपने प्रदेश को उंचाइयों तक पहुंचाया है। खुरई विधानसभा क्षेत्र में विकास के नए सोपान स्थापित हुए हैं। नगरीय विकास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने प्रदेश के नगरों के विकास की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। खुरई की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जितना प्यार और दुलार इस क्षेत्र की जनता ने दिया, हमने भी विकास कार्यो की सौगात खुरई को दी है। मैं सरकार नहीं परिवार चलाता हूं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने लैपटाप, साईकिल, वितरण, संबल और मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना सहित कई योजनाएं बंद कर दी थी, जिन्हें इस सरकार ने पुनः शुरू किया। मध्यप्रदेश की धरती पर मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब हिन्दी भाषा में हो रही है। सरकारी स्कूल के जो विद्यार्थी नीट की परीक्षा पास करेंगे, उनके लिए मेडिकल में प्रवेश हेतु 5 प्रतिशत आरक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाने का निर्णय लिया गया है। गरीबों को 3.61 करोड़ का आयुष्मान कार्ड बनाकर दिए गए हैं।
पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उत्तराखंड यदि देवभूमि है तो बुंदेलखंड वीरों की भूमि है। मुख्यमंत्री चौहान का दिल हमेशा जनता के लिए धडकता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक ताकत बढ़ी है। प्रधानमंत्री भारत को विश्व का सिरमौर और शक्तिशाली बनाने का कार्य कर रहे है। वर्ष 2003 की तुलना में आज का मध्यप्रदेश विकसित और समृध्द है। बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। धामी में सागर में बिताए बचपन के दिनों का भी जिक्र किया।
पीएम मोदी ने बुलाई कैबिनेट मीटिंग…. 27 साल से अटके महिला आरक्षण बिल पर बड़ी तैयारी….
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव ने पांव देखभाल इकाई का उद्घाटन किया
भारत में पहली बार इस अस्पताल में ट्रांसजेंडर समर्पित ओपीडी.... ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए मुफ्त इलाज
नईदिल्ली। सेवा पखवाड़ा की शुरुआत पर, डॉ. आरएमएल अस्पताल में आज ट्रांसजेंडरों के लिए भारत की पहली समर्पित ओपीडी का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह की अगुवाई आरएमएल अस्पताल के निदेशक डॉ. (प्रो.) अजय शुक्ला ने की। इस पहल की ट्रांसजेंडर समुदाय ने सराहना की है।
यह पहल ट्रांसजेंडर समुदाय को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों को समझने के साथ शुरू की गई है, जो मुख्य रूप से कष्टं और भेदभाव के डर और सामाजिक उदासीनता के कारण होती है। ट्रांसजेंडरों के लिए भारत की पहली समर्पित ओपीडी में, उन्हें विशेष ओपीडी क्लिनिक में निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
• मुफ्त इलाज, जांच और लिंग परिवर्तन सर्जरी।
• ट्रांसजेंडरों के लिए स्पेाशियलिटी ओपीडी क्लिनिक प्रत्येक शुक्रवार को दोपहर 2 से 4 बजे तक होगा।
• सुचारू प्रक्रिया की सुविधा प्रदान करने के लिए इन क्लीनिकों के लिए अलग ओपीडी पंजीकरण काउंटर।
• क्लिनिको-मनोवैज्ञानिक आकलन के साथ एंडोक्रिनोलॉजी सुविधा।
• विभिन्न संबंधित सर्जरियों के लिए प्लास्टिक सर्जरी की सुविधा।
• संबंधित मुद्दों के लिए त्वचा विज्ञान सुविधा।
• विभिन्न रोगों के लिए मेडिसिन (चिकित्सक) की सुविधा।
• विभिन्न संबंधित समस्याओं के लिए मूत्रविज्ञान सुविधा।
• संबंधित मुद्दों के लिए बाल चिकित्सा सुविधा।
• अन्य सभी संबंधित रक्त जांच।
• अलग शौचालय की सुविधा (लिंग तटस्थ/ट्रांसजेंडर के लिए शौचालय)।
एसएमवीडी नारायण हेल्थकेयर टीबी मुक्त एक्सप्रेस चलो चले टीबी को हराने को केंद्रीय मंत्री ने दिखाई हरी झंडी
नईदिल्ली। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा, 'टीबी मुक्त भारत' हासिल करने के लिए एकीकृत रणनीति के साथ सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) आवश्यक है जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वर्ष 2025 तक 'टीबी मुक्त भारत' की प्रतिबद्धता से प्रेरित है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने उधमपुर में 'चलो चले टीबी को हराने' के नारे के साथ माता वैष्णो देवी नारायण हेल्थकेयर (एसएमवीडी) टीबी मुक्त एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन करने के भारत के प्रयास दुनिया के लिए आदर्श हैं। उन्होंने नागरिकों से जनभागीदारी की सच्ची भावना से टीबी उन्मूलन की दिशा में सामूहिक रूप से कार्य करने का आग्रह भी किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, टीबी के कारण होने वाले गहरे सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को देखते हुए, भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक 'टीबी मुक्त भारत' को उच्च प्राथमिकता दी है और जैव प्रौद्योगिकी टीबी के उन्मूलन के खिलाफ एकीकृत समग्र स्वास्थ्य देखभाल दृष्टिकोण में एक बड़ी भूमिका निभाने जा रही है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, निजी क्षेत्र की भागीदारी, सक्रिय मामले की खोज, स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के माध्यम से सेवाओं का विकेंद्रीकरण, सामुदायिक भागीदारी और नि-क्षय पोषण योजना जैसी रणनीतियों ने भारत के टीबी प्रबंधन प्रयासों को बदल दिया है और इसे रोगी के प्रति केंद्रित कर दिया है।
कार्यक्रम के दौरान, डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2025 तक प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के दृष्टिकोण को पूर्ण करने के लिए अपने संसदीय क्षेत्र में उनके द्वारा गोद लिए गए टीबी रोगियों को दैनिक जरूरतों की पूर्ति के लिए किट भी वितरित किए। कार्यक्रम में उपायुक्त, उधमपुर, सलोनी राय और जिला विकास परिषद (डीडीसी) के अध्यक्ष, उधमपुर, लाल चंद भी उपस्थित थे।
Parliament Special Session : 75 साल की संसदीय यात्रा पर चर्चा से विशेष सत्र की शुरुआत
नई दिल्ली। संसद के पांच दिवसीय सत्र की शुरुआत सोमवार से होगी। नए सत्र के शुरू होने से पहले इस बात को लेकर चर्चा जोरों पर है कि क्या सरकार इस दौरान कुछ चौंकाने वाले विधेयक पेश करेगी। सत्र में संसद के 75 साल के सफर पर चर्चा होगी और संसद को नए भवन में स्थानांतरित किया जाएगा।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सत्र के दौरान कुल आठ विधेयकों को चर्चा और पारित कराने के लिए सत्र में सूचीबद्ध किया गया है। इससे पहले रविवार को एक सर्वदलीय बैठक में सदन के नेताओं को सूचित किया गया कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े एक विधेयक तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आदेश से संबंधित तीन विधेयकों को एजेंडे में जोड़ा गया है।
पहले सूचीबद्ध किए गए विधेयकों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी विधेयक भी शामिल था। किसी भी संभावित नए विधेयक पर कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है, लेकिन भाजपा समेत अन्य दलों के बीच यह चर्चा है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने वाला विधेयक भी पेश किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने पीएम विश्वकर्मा योजना का किया शुभारंभ... सीएम चौहान बोले परम्परागत कारीगरों के कौशल को प्रोत्साहन देगी योजना
जानें कब होने जा रही है एक राष्ट्र, एक चुनाव पर कमेटी की पहली बैठक
डेस्क। One Nation One Election लोकसभा चुनाव 2024 से पहले केंद्र सरकार ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का मुद्दा उठाते हुए इस पर अमल के लिए कदम भी बढ़ा दिए हैं। बीते दिनों सरकार ने इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में समिति का गठन कर दिया है। इस समिति की पहली बैठक को लेकर अब एक बड़ा अपडेट आया है।
#WATCH | On the 'One Nation, One Election' committee, former President and chairman of the committee, Ram Nath Kovind says "The First meeting will take place on 23rd September" pic.twitter.com/FU1gvzMi7j
— ANI (@ANI) September 16, 2023
पूर्व राष्ट्रपति और समिति के अध्यक्ष रामनाथ कोविंद ने बताया कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ समिति की पहली बैठक 23 सितंबर को होने जा रही है।
माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में हुआ चतुर्थ दीक्षांत समारोह.... उपराष्ट्रपति उपाधियां देकर छात्रों को दी शुभकामनाएं...
भोपाल। लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ के रूप में मीडिया का कार्य शासन के सभी अंगों को सचेत करना, सच्चाई, सटीकता एवं निष्पक्षता के साथ जनमानस तक जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र प्रेस लोकतांत्रिक राष्ट्र की रीढ़ है। प्रेस की स्वतंत्रता के साथ प्रेस का ज़िम्मेदार होना भी महत्वपूर्ण है। सकारात्मक समाचार को तरजीह देना आवश्यक है। इससे समाज में हो रहे सकारात्मक बदलाव को गति प्राप्त होती है। उक्त बातें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहीं।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने विश्वविद्यालय को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी एवं विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थान पत्रकारिता जगत में अपना उत्कृष्ट योगदान निरंतर जारी रखेगा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि पत्रकारिता व्यवसाय नहीं समाजसेवा है। पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी हैं। व्यावसायिक लाभ व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर सेवा-भाव से काम करें।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने उपाधि प्राप्तकर्ता समस्त विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्राप्त ज्ञान का उपयोग सभी विद्यार्थी लोक कल्याण के लिए करेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि राष्ट्रकवि, लेखक एवं पत्रकार पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की सोच अनुरूप देशहित को सर्वोपरि रखकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ भारत की विकास यात्रा में अपना सशक्त योगदान दें।
दीक्षांत समारोह में पारंपरिक परिधान और अंगवस्त्र के प्रति उपराष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत के उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम - चारों दिशाओं की झलक देखने को मिलती है। यह देश के लिए बहुत बड़ा सार्थक संदेश है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि आज भारत आर्थिक, शैक्षणिक, शोध हर क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
यह गौरव का विषय है। आज ऐसा वातावरण है कि हर व्यक्ति जो चाहे वह निखार स्वयं में ला सकता है और भारत को विश्वगुरु बनाने में योगदान दे सकता है। दीक्षांत समारोह में कुलसचिव डॉ. अविनाश वाजपेयी की अगुवाई में विद्वत् यात्रा ने वैदिक मंत्रोचार की पवित्र ध्वनि के बीच सभागार में प्रवेश किया। स्वस्ति वाचन एवं मंगलाचरण के उच्चारण के साथ उपराष्ट्रपति ने दीप प्रज्वलन कर दीक्षांत कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
भारत को विश्व की टॉप-3 अर्थ-व्यवस्थाओं में लाने में मध्यप्रदेश की बड़ी भूमिका होगी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत को विश्व की टॉप 3 अर्थ-व्यवस्था में लाना हमारा लक्ष्य है जिसकी ओर हम तेजी से बढ़ रहे हैं। इस लक्ष्य को पूरा करने में मध्यप्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। मध्यप्रदेश के लिये हमारे संकल्प बड़े हैं। आने वाले 5 वर्षों में मध्यप्रदेश विकास की बुलंदियों को छुएगा। आज यहां लगभग 51 हजार करोड़ लागत की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, इनसे बुन्देलखण्ड और मध्यप्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा मिलेगी। केन्द्र सरकार मध्यप्रदेश में नई परियोजनाओं पर 50 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च करेगी। ये परियोजनाएँ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सपनों को सच करेंगी। विकास के इस उत्सव में भागीदार होने के लिये आप सभी को धन्यवाद और शुभकामनाएँ।
प्रधानमंत्री मोदी आज बीना रिफाइनरी परिसर में नवीन औद्योगिक परियोजनाओं के शिलान्यास अवसर पर विशाल जन-समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 51 हजार करोड़ रूपये की औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें बीना रिफाइनरी परिसर में 49 हजार करोड़ रूपये की लागत से पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स और मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 1800 करोड़ रूपये की लागत की 10 नई औद्योगिक परियोजनाएँ शामिल हैं।
नर्मदापुरम्में नवकरणीय ऊर्जा जोन, इंदौर में 2 आईटी पार्क, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और 6 शहरों शाजापुर, गुना, मंदसौर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम् और मक्सी में नये औद्योगिक केन्द्र विकसित किये जाएंगे। इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद व्ही.डी. शर्मा के साथ खुली जीप में जनता का अभिवादन स्वीकार करते हुए मंच तक पहुँचे। कार्यक्रम स्थल पर उन्होंने पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स के निर्माण संबंधी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री चौहान ने पुष्प-गुच्छ और साँची स्तूप की प्रतिकृति भेंट कर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश जो कभी देश के खस्ताहाल राज्यों में शामिल था, आज विकास की नई ऊँचाई छू रहा है। आजादी के बाद लम्बे समय तक यहां भ्रष्टाचार, अन्याय और अत्याचार का बोलबाला रहा है। कोई कानून व्यवस्था थी ही नहीं। उद्योग और व्यापार चौपट थे। केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने पूरी ईमानदारी से मध्यप्रदेश का भाग्य बदलने का कार्य किया है। पहले सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं थीं। आज हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। हर गाँव तक सड़क, हर घर में बिजली, हर क्षेत्र में पानी पहुँच रहा है। निवेशक यहाँ आना और निवेश करना चाहते हैं। मध्यप्रदेश तेज गति से औद्योगिक विकास कर रहा है। इसके लिये यहाँ की जनता, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।
मौसम विभाग की चेतावनी.... छत्तीसगढ़, गुजरात, एमपी, ओडिशा सहित इन राज्यों में होगी भारी बारिश
नईदिल्ली। देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विभाग ने कहा कि पश्चिम-मध्य भारत में अच्छी-खासी बारिश होगी। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड समेत कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
भारतीय केंद्र ने कहा कि ओडिशा के अंबाडोला में आज सबसे अधिक बारिश हुई है और छत्तीसगढ़ के मस्तूरी में नौ सेमी बारिश दर्ज की गई है। दिल्ली में अगले पांच दिनों तक हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि दिल्ली में 13 से 17 सितंबर के बीच हल्की बारिश होने का अनुमान है। यूपी-बिहार में भी अभी बारिश से छुटकारा नहीं मिलने वाली है। आईएमडी ने बताया कि यूपी के कई जिलों में अभी बारिश का दौर जारी रहेगा।
मौसम एजेंसी स्काई मेट वेदर के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों और उससे सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी पर एक चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव के तहत उत्तरी बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों पर एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। समतल और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ।
मानसून ट्रफ अब जैसलमेर, कोटा, गुना, सतना, अंबिकापुर, चाईबासा, बालासोर से होकर गुजर रही है और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की उत्तरी खाड़ी के मध्य भागों पर कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र तक पहुंच रही है। दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ अब उत्तरी बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों पर कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश तक समुद्र तल से 4.5 और 7.6 किमी ऊपर के बीच चलती है।
रायगढ़ में प्रधानमंत्री की आमसभा आज... दोपहर बाद कई परियोजनाओं को राष्ट्र को करेंगे समर्पित
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 14 सितंबर को रायगढ़ में आमसभा को संबोधित करेंगे। पीएम दोपहर 3 बजे कोड़ातराई पहुंचेंगे। इस दौरान वे केंद्र की कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे जिसके बाद वे आमसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री की सभा से पहले प्रदेश चुनाव प्रभारी ओम माथुर, और अन्य नेता दिल्ली में बैठक निपटा कर रायगढ़ पहुँच चुके हैं। सभी नेता पीएम के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
बता दें कि कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ राज्य में पिछले ढाई महीने के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की यह दूसरी यात्रा होगी। प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के दौरान लगभग 6,350 करोड़ रुपए की रेल क्षेत्र की परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के नौ जिलों में 50 बिस्तरों वाले ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ का भी शिलान्यास करेंगे। ‘प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन’ के तहत कुल 210 करोड़ रुपये की लागत से दुर्ग, कोंडागांव, राजनांदगांव, गरियाबंद, जशपुर, सूरजपुर, सरगुजा, बस्तर और रायगढ़ जिलों में नौ क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा।
इस दौरान सिकलसेल रोग की जांच की गई आबादी को प्रधानमंत्री एक लाख सिकल सेल परामर्श कार्डों का भी वितरण करेंगे। सिकल सेल परामर्श कार्ड का वितरण राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन (एनएसएईएम) के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई 2023 में मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में किया था।
बीना रिफाइनरी पेट्रो केमिकल प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश में एक स्थान पर आया हुआ सबसे बड़ा निवेश
भोपाल। बीना की पावन धरा पर 14 सितंबर एक नया इतिहास रचेगा। मुख्यमंत्री चौहान आज सागर जिले के बीना रिफाइनरी परिसर में 14 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने वाले पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट के शिलान्यास की तैयारियों का अवलोकन कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रो केमिकल प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश में अब तक का एक स्थान पर आया हुआ सबसे बड़ा निवेश है। रूपये 50 हजार करोड़ के इस निवेश के साथ ही एक लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रदेश के अलग-अलग स्थान पर होंगे, जिससे 2 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इस प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से 2.15 लाख और शेष 2 लाख को मिलाकर 4 लाख 15 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
चौहान ने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी जिंदगी आशाओं और उमंग से भर जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि 50 हजार करोड़ के पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट के निवेश को उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। सीएम शिवराज ने यह भी कहा इस प्रोजेक्ट के निर्मित होने से बीना रिफाइनरी सहित अन्य क्षेत्रों में उद्योग धंधे स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सीएम शिवराज ने बताया कि प्रोजेक्ट के लिए पूर्व में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, जिसे राज्य सरकार ने आगे बढ़ाकर निवेश का रास्ता खोला है। इतने वृहद स्तर पर रोजगार के ऐसे अवसर कम ही आते हैं। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद बीना सहित सागर, सिरोंज, कुरवाई, बासौदा सहित समीप के इलाकों में औद्योगिक हब बनेंगे। मुख्यमंत्री सीएम शिवराज ने कहा कि बीना में औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार होने से होटल व्यवसाय बढ़ेगा। साथ ही अन्य व्यवसायिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री सीएम शिवराज ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट के लिए अनेक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई हैं। मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे राज्य में सभी क्षेत्रों में प्रगति होगी। नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह, सहकारिता, लोक प्रबंधन मंत्री और सागर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया, सांसद राजबहादुर सिंह, विधायक महेश राय, गौरव सिरोठिया सहित अनेक जन-प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
सीएसआईआर - एनआईएससीपीआर और केएएमपी ने विज्ञान संचार पर कार्यशाला का आयोजन किया
नईदिल्ली। सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के “एक सप्ताह एक प्रयोगशाला” कार्यक्रम के तीसरे दिन विज्ञान संचार पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जहां 50 से अधिक शिक्षक इस कार्यक्रम में शामिल हुए और विशेषज्ञों द्वारा विज्ञान संचार के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला में, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर में जिज्ञासा प्रशिक्षण और मानव संसाधन प्रभाग के प्रमुख, सीबी सिंह ने स्वागत भाषण दिया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि हैदराबाद विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शर्मिष्ठा बनर्जी ने अपने संबोधन में विज्ञान शिक्षकों को संबोधित करते हुए छात्रों को अंतर्विषयक विज्ञान पढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी और गणित सहित सभी विषय एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और हमें इसे प्रभावी तरीके से अपने छात्रों को बताना होगा।
केएएमपी में संचालन और मूल्यांकन की प्रमुख अरिका माथुर, ने सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर और एनसीपीएल की एक पहल - नॉलेज एंड अवेयरनेस मैपिंग प्लेटफॉर्म (केएएमपी) पर बेहद रोचक प्रस्तुति प्रस्तुत की। केएएमपी का लक्ष्य छात्रों में जन्मजात प्रतिभा और कौशल को उजागर करना है और शिक्षक इस प्रयास को लेकर काफी उत्साहित दिखें।
कार्यशाला में विज्ञान संचार और नागरिकों की जिम्मेदारियों के बारे में बताते हुए सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के मुख्य वैज्ञानिक और 'साइंस रिपोर्टर' पत्रिका के संपादक हसन जावेद खान ने कहा, '' हमारे देश के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वो विज्ञान को लेकर फैली गलत और फर्जी सूचनाओं के बारे में और अधिक जागरूकता फैलाये।''
'साइंस रिपोर्टर' पत्रिका की एसोसिएट एडिटर सोनाली नागर ने शिक्षकों को लोकप्रिय विज्ञान लेखन की बारीकियों का प्रशिक्षण देते हुए एक प्रस्तुति दिखाई। कार्यशाला, हसन जावेद खान द्वारा दिए गए लोकप्रिय विज्ञान लेखन कार्य के साथ समाप्त हुई।
सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर) भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की संघटक प्रयोगशालाओं में से एक है। यह साक्ष्य-आधारित नीति अनुसंधान और अध्ययन पर केंद्रित विज्ञान संचार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसटीआई) के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखता है।
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ट्रेलर ने बस को पीछे से मारी टक्कर, 11 यात्रियों की मौत, 15 से ज्यादा घायल
डेस्क राजस्थान के भरतपुर जिले में बुधवार तड़के एक ट्रेलर ने एक बस को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार 11 यात्रियों की मौत हो गई और 15 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। स्थानीय अस्पताल में घायलों का उपचार चल रहा है।
जानकारी के अनुसार बस गुजरात के यात्रियों को उत्तर प्रदेश के मथुरा ले जा रही थी, तभी वह तड़के करीब साढ़े चार बजे राजस्थान के भरतपुर में हादसे का शिकार हो गई। सभी मृतक गुजरात के भावनगर जिले के दिहोर के रहने वाले थे।
पुलिस के मुताबिक, बस लखनपुर इलाके में अंतरा फ्लाईओवर पर रुकी थी, तभी ट्रेलर ट्रक ने उसे पीछे से टक्कर मार दी। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में बस में सवार पांच पुरुष और छह महिला यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान अंतू, नंदराम, लल्लू, भरत, लालजी, उसकी पत्नी मधुबेन, अंबाबेन, कंबुबेन, रामूबेन, अंजूबेन और अरविंद नामक यात्री की पत्नी मधुबेन के रूप में हुई है।
अतिथि विद्वान का मासिक वेतन होगा 50 हजार तक... किसी को नहीं किया जाएगा बाहर
भोपाल। सभी शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि विद्वान को कार्य दिवस की बजाय मासिक वेतन दिया जाएगा और वह 50 हजार रुपए तक होगा। तकनीकी शिक्षा के अतिथि विद्वान इसमें शामिल होंगे। अतिथि विद्वानों को शासकीय सेवकों के समान अवकाश की सुविधा मिलेगी। अतिथि प्रवक्ताओं का मानदेय भी 20 हजार रुपये किया जाएगा।
एक अकादमिक सत्र में अपने महाविद्यालय के स्थान पर अतिथि विद्वानों को उनके आसपास के महाविद्यालय, जहां वे चाहेंगे, में स्थानांतरण की सुविधा भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां अतिथि विद्वानों और अतिथि व्याख्याताओं की पंचायत को संबोधित करते हुए ये घोषणाएं की। उन्होने कहा कि अतिथि विद्वानों और अतिथि व्याख्याताओं के जीवन की अनिश्चितता को समाप्त करने के लिए राज्य शासन ने ये महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
चौहान ने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि फॉलेन आउट की नौबत न आए। अतिथि विद्वान व्याख्याताओं के लिए पीएससी की परीक्षा में संशोधित कर 25 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाने के लिए प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए जाएंगे। अभी अतिथि विद्वानों को प्रतिवर्ष 4 और अधिकतम 20 अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं। इसको बढ़ाकर अधिकतम 10 प्रतिशत तक अंक दिए जाएं। इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।
निरंतर पढ़ाने का कार्य कर रहे किसी अतिथि विद्वान और व्याख्याता को बाहर नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश काफी बड़ा प्रदेश है, यह देश का दिल है। प्रदेश के इन चार-साढ़े चार हजार लोगों के लिए भी हृदय में स्थान है। विभिन्न वर्गों और अलग-अलग श्रेणियों के अधिकारियों- कर्मचारियों के कल्याण के लिए समय समय पर विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। अतिथि विद्वान और अतिथि व्याख्याता भी इसके पात्र हैं। उन्हें विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि विद्वान और अतिथि व्याख्याता हमारे परिवार के अभिन्न अंग हैं। राज्य शासन अतिथि विद्वानों और अतिथि व्याख्याताओं को विभिन्न सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। अतिथि विद्वान और अतिथि व्याख्याता बेहतर शिक्षा देने में जुट जाएं।