देश-विदेश
Rajya Sabha elections 2024; 15 राज्यों की 56 सीटों पर इस दिन होगा चुनाव... नामांकन की आखिरी तारीख 15 फरवरी
डेस्क। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। 15 राज्यों में 56 राज्यसभा सीटों पर 27 फरवरी को चुनाव होगा। नामांकन की अंतिम तिथि 15 फरवरी है। नामांकण वापस करने की तिथि 20 फरवरी तक है। 27 फरवरी को सुबह 9 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक वोटिंग की प्रक्रिया होगी, वहीं वोट काउंटिंग 27 फरवरी शाम 5 बजे तक होगा।
चुनाव आयोग के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में 3 सीटों पर, बिहार में 6 सीटों पर, छत्तीसगढ़ में 1 सीट पर, गुजरात में 4 सीटों पर, हरियाणा में 1 सीट पर, हिमाच प्रदेश में 1 सीट पर, कर्नाटक में 4 सीटों पर मध्य प्रदेश में 5 सीटों पर, महाराष्ट्र में 6 सीटों पर, तलंगाना में 3 सीटों पर, उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर, उत्तराखंड में 1 सीट पर, पश्चिम बंगाल में 5 सीटों पर, ओडिशा में 3 सीटों पर और राजस्थान में 3 सीटों पर चुनाव होने हैं। बिहार में राज्यसभा की 6 सीटों पर चुनाव होने है। वहीं यूपी में 10 सीटों पर. ऐसे में भाजपा के लिए ये बेहद अहम राज्य हैं. इन दो राज्यों के अलावा भाजपा शासित कई राज्यों में भी चुनाव होने वाले हैं।
Pariksha Pe Charcha 2024: पीएम मोदी बोले.... नींद का कम ने आंके... रील्स देखने में समय बर्बाद न करें
डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी सोमवार को बोर्ड परीक्षा (Board Exam) 2024 से पहले देशभर के 10वीं और 12वीं क्लास के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में बड़ी काम की सलाहें दीं। उन्होंने मोबाइल में वक्त गंवाने वाले छात्रों को टिप्स देते हुए बताया कि कैसे वो सिर्फ 30 सेकेंड में सो जाते हैं. यहां उन्होंने छात्रो को मोबाइल से दूरी बनाने के फायदे कुछ यूं बताए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब आप क्रमशः रील्स देखते रहेंगे तो समय बर्बाद होता है, नींद खराब होगी. फिर जो पढ़ा है वो याद नहीं रहेगा। इसलिए नींद को कम न आंके. आधुनिक हेल्थ साइंस नींद को बहुत तवज्जो देता है। आप आवश्यक नींद लेते हैं या नहीं, यह आपके स्वास्थ्य पर असर डालता है।
मोदी ने बताया कि आप जिस उमर में हैं, उसमें जिन चीजों की जरूरत है वो आहार में है या नहीं यह जानना जरूरी है. हमारे आहार में सुतंलन स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, फिटनेस के लिए एक्सरसाइज करना चाहिए, जैसे रोज टूथब्रश करते हैं वसे ही नो कॉम्प्रोमाइज एक्सरसाइज करनी चाहिए. उन्होंने छात्रों को बताया कि बच्चों को गहरी नींद बहुत जरूरी है. उन्होंने बताया कि वो किस तरह बिस्तर पर लेटते ही सो जाते हैं.
मोदी ने कहा कि बहुत सारे स्टूडेंट्स मोबाइल का उपयोग करते होंगे और कुछ लोगों को घंटों तक इसकी आदत होगी लेकिन क्या कभी ऐसा विचार आया कि नहीं मैं फोन चार्ज नहीं करूंगा तो इसका उपयोग कम हो जाएगा। मोबाइल को चलाने के लिए चार्ज करना पड़ता है तो बॉडी को भी करना चाहिए। इसलिए जीवन को थोड़ा संतुलित बनाना पड़ता है।
संशोधित पार्बती-कालीसिंध-चंबल-ईआरसीपी लिंक परियोजना के त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच हस्ताक्षर
भोपाल। मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच आज श्रमशक्ति भवन स्थित जल शक्ति मंत्रालय के कार्यालय में संशोधित पार्बती-कालीसिंध-चंबल-ईआरसीपी लिंक परियोजना के त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की उपस्थिति में सचिव, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय देबाश्री मुखर्जी, मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा और राजस्थान शासन के अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन अभय कुमार ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होने के उपरांत मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग दो दशकों से लंबित पार्बती-कालीसिंध-चंबल परियोजना अब मूर्त रूप ले सकेगी। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के चंबल और मालवा अंचल के 13 जिलों को लाभ पहुंचेगा। प्रदेश के ड्राई बेल्ट वाले जिलों जैसे मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, भिंड और श्योपुर में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और औद्योगिक बेल्ट वाले जिलों जैसे इंदौर, उज्जैन, धार, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास और राजगढ़ के औद्योगीकरण को और बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश के मालवा और चंबल अंचल में लगभग तीन लाख हेक्टेयर का सिंचाई रकबा बढ़ेगा। परिणामस्वरूप इन अंचलों के धार्मिक और पर्यटन केंद्र भी विकसित होंगे। यह परियोजना निश्चित रूप से पश्चिमी मध्यप्रदेश के लिए एक वरदान है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि यह परियोजना 5 वर्ष से कम समय में फलीभूत होगी, जिसकी वर्तमान लागत लगभग 75000 करोड़ रुपए है। प्रदेश के लगभग 1.5 करोड़ आबादी इस परियोजना से लाभान्वित होगी। यह परियोजना प्रदेश की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, जैसी समस्याओं का समाधान कर प्रदेशवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाएगी।
इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आज का दिन मध्यप्रदेश और राजस्थान के पानी की कमी वाले 26 जिलों के लिए स्वर्णिम सूर्योदय का दिन है। परियोजना से लगभग 5.60 लाख हैकटेयर क्षेत्र में सिंचाई के साथ ही बांधों और बड़े तालाबों में पानी का संचय कर जल-स्तर उठाने में सफलता प्राप्त होगी। पार्बती-कालीसिंध-चंबल परियोजना को पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना से एकीकृत कर इसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजना का दर्जा देते हुए अत्यंत कम समय में मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्यों के बीच सहमति बनी जिसके लिए दोनों सरकारें बधाई की पात्र हैं। यह परियोजना संघीय संघवाद का स्वर्णिम उदाहरण है।
कृषि क्षेत्र में स्वैच्छिक कार्बन बाजार के लिए फ्रेमवर्क व कृषि वानिकी नर्सरी के एक्रेडिटेशन प्रोटोकॉल का विमोचन
नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने दिल्ली में कृषि क्षेत्र में स्वैच्छिक कार्बन बाजार के लिए फ्रेमवर्क एवं कृषि वानिकी नर्सरी के एक्रेडिटेशन प्रोटोकॉल का विमोचन किया। इस अवसर पर कृषि सचिव मनोज अहूजा, डेयर के सचिव व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डा. हिमांशु पाठक सहित केंद्र एवं राज्यों के मंत्रालयों व कृषि से सम्बद्ध विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे, वहीं अनेक हितधारक वर्चुअल भी जुड़े थे।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मुंडा ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने छोटे-मझौले किसानों को कार्बन क्रेडिट का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करने की दृष्टि से देश के कृषि क्षेत्र में स्वैच्छिक कार्बन बाजार (वीसीएम) को बढ़ावा देने का फ्रेमवर्क तैयार किया है। किसानों को कार्बन बाज़ार से परिचित कराने से उन्हें फायदा होने के साथ ही पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने में भी तेजी आएगी। उन्होंने किसानों के हित में कार्बन बाजार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र व राज्यों के संबंधित मंत्रालयों सहित अन्य सम्बद्ध संगठनों से पूर्ण सहयोग का अनुरोध किया।
मुंडा ने कहा कि सूदरवर्ती क्षेत्रों के किसानों के साथ मिलकर, उनके लिए सुविधाजनक ढंग से इस दिशा में कार्य किया जाना चाहिए व समाधान के साथ ही हमारे किसानों पर इसका लाभ केंद्रीत करने की जरूरत है। यह प्रथम सोपान है, जिसमें कदम बढ़ाते हुए हम सबकी सहभागिता सुनिश्चित करना चाहते हैं। ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक चुनौतियां हम सबके सामने है, ऐसे में सावधानी से काम करते हुए आगे बढ़ना है। उन्होंने, आईसीएआर से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निर्वहन करने व अच्छा कार्य, अच्छे ढंग से करने को कहा।
नीतीश कुमार का सियासी सफर... पहली बार 7 दिनों के लिए बने थे बिहार के सीएम
डेस्क। नीतीश कुमार 9वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। साढ़े 17 महीने तक ही नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बिहार में चल सकी। अब फिर से एनडीए के साथ जदयू आई है और भाजपा के साथ सरकार में नीतीश कुमार ही फिर से मुख्यमंत्री बन रहे हैं।
नीतीश कुमार का जन्म बख्तियारपुर में हुआ था। नालंदा के हरनौत स्थित कल्याण बिगहा उनका पैतृक गांव है। नीतीश कुमार इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल किए हुए हैं। जय प्रकाश नारायण के सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन में भी वो शामिल रहे।
24 साल पहले तीन मार्च, 2000 को नीतीश कुमार ने पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि, उनकी यह सरकार सात दिनों तक ही चल पाई। बहुमत का जुगाड़ नहीं हो पाने के कारण उन्होंने 10 मार्च, 2000 को इस्तीफा दे दिया। दूसरी बार वे पूरे बहुमत के साथ नवंबर 2005 में एनडीए सरकार के मुखिया बने। तीसरी बार पांच साल बाद हुए 2010 में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए एक बार फिर भारी बहुमत से सत्ता में आया और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने।
जदयू ने वर्ष 2013 में भाजपा से नाता तोड़ लिया था। 2013 में बिहार की सियासत में बड़ी दरार आयी जब नीतीश कुमार भाजपा से अलग हो गए और जदयू एनडीए से अलग हो गयी। लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया। नीतीश कुमार भाजपा के खिलाफ लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए, लेकिन लोकसभा चुनाव 2014 में पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेवारी लेकर उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। नीतीश कुमार ने वर्ष 2014 में बड़ा फैसला लिया था और जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया था।
बीटिंग रिट्रीट 2024: 29 जनवरी को सभी भारतीय धुनों से गूंज उठेगा विजय चौक
नईदिल्ली। 75वें गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के प्रतीक 'बीटिंग रिट्रीटिंग' समारोह का आयोजन 29 जनवरी, 2024 को किया जाएगा। इस अवसर पर शाही रायसीना पहाड़ियों में स्थित ऐतिहासिक विजय चौक सूरज डूबने के समय पर बजाए जानी वाले सभी भारतीय धुनों का साक्षी बनेगा। भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के संगीत बैंड देश के प्रतिष्ठित दर्शकों के समक्ष 31 मनमोहक और थिरकने वाली भारतीय धुनें बजाएंगे। इस अवसर पर राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी तथा आम जनता उपस्थिति होगी।
समारोह की शुरुआत सामूहिक बैंड द्वारा 'शंखनाद' धुन के साथ होगी, जिसके बाद पाइप्स और ड्रम बैंड के माध्यम से 'वीर भारत', 'संगम दूर', 'देशों का सरताज भारत', 'भागीरथी' और 'अर्जुन' जैसी मनमोहक धुनें पेश की जाएंगी। सीएपीएफ बैंड 'भारत के जवान' और 'विजय भारत' का संगीत बजाएंगे। 'टाइगर हिल', 'रेजॉइस इन रायसीना' और 'स्वदेशी' भारतीय वायु सेना के बैंड द्वारा बजाई जाने वाली धुनों में शामिल हैं। इसके बाद दर्शक भारतीय नौसेना बैंड को 'आईएनएस विक्रांत', 'मिशन चंद्रयान', 'जय भारती' और 'हम तैयार हैं' सहित कई अन्य धुनें बजाते हुए देख कर आनंदित होंगे। इसके बाद भारतीय सेना का बैंड आएगा, जो 'फौलाद का जिगर', 'अग्निवीर', 'करगिल 1999' और 'ताकत वतन' समेत अन्य संगीतमय प्रस्तुति पेश करेगा।
इसके बाद सामूहिक बैंड 'कदम-कदम बढ़ाए जा', 'ऐ मेरे वतन के लोगों' और 'ड्रमर्स कॉल' की धुनें बजाएंगे। बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम का समापन लोकप्रिय धुन 'सारे जहां से अच्छा' के साथ होगा। मुख्य संचालक लेफ्टिनेंट कर्नल विमल जोशी इस समारोह का संचालन करेंगे। इसके अलावा, आर्मी बैंड के कंडक्टर सूबेदार मेजर मोती लाल होंगे, एमसीपीओ एमयूएस II एम एंटनी और वारंट ऑफिसर अशोक कुमार क्रमशः भारतीय नौसेना तथा भारतीय वायु सेना के संचालक होंगे। कांस्टेबल जीडी रानीदेवी सीएपीएफ बैंड की संचालिका होंगी। बिगुल बजाने वाले सैन्य कलाकार नायब सूबेदार उमेश कुमार के नेतृत्व में प्रदर्शन करेंगे और सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह के निर्देश के अनुसार पाइप्स तथा ड्रम बैंड पर प्रस्तुति दी जाएगी।
'बीटिंग रिट्रीट' की शुरुआत 1950 के दशक प्रारंभ में हुई थी, जब भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट्स ने सामूहिक बैंड द्वारा प्रदर्शन के अनूठे समारोह को स्वदेशी रूप से तैयार कर प्रस्तुत किया किया था। यह सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का प्रतीक है, जब सैनिक लड़ना बंद कर देते थे, अपने हथियार बंद कर रख देते थे, युद्ध के मैदान से हट जाते थे और रिट्रीट की ध्वनि के साथ सूर्यास्त के समय अपने शिविरों में लौट आते थे। कॉलर्स तथा स्टैण्डर्ड्स खोल दिए जाते हैं और झंडे उतार दिए जाते हैं। यह समारोह बीते समय के प्रति पुरानी स्मृतियों को करता है।
उद्योगविहीन इलाकों में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना पर करें फोकस: मुख्यमंत्री
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के ऐसे इलाके जहां अपेक्षाकृत उद्योग कम हैं, वहां स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप औद्योगिक इकाइयों की स्थापना पर फोकस किया जाए। इसके लिए जिला स्तर पर उद्योग संवर्धन संगोष्ठियां करके उद्योगपतियों एवं निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में नर्मदा घाटी विकास विभाग, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, खनिज साधन, जनसंपर्क, वाणिज्यिक और आबकारी विभाग की गतिविधियों पर चर्चा हुई। विभागों द्वारा प्रजेंटेशन दिए गए। बैठकों में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा घाटी विकास की विभागीय समीक्षा करते हुए जल उपयोग के मामले में श्रेष्ठ परिणाम लाने वाले राज्यों विशेषकर गुजरात में हुए कार्यों का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान सिंचाई प्रतिशत, सिंचाई के विभिन्न पद्धतियों, आगामी वर्षों में सिंचाई प्रतिशत में वृद्धि के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्यों, किसानों के लिए सिंचाई सुविधा के उद्देश्य से जल उपलब्ध करवाने, विभिन्न बांधों के माध्यम से जल विद्युत उत्पादन, जलाशयों और बांधों की उपलब्ध जल क्षमता और उसके उपयोग की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध कराने की समय-सारणी निर्धारित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नर्मदा नदी के बड़े घाटों और नर्मदा नदी के तट पर स्थित प्रमुख धार्मिक महत्व के स्थानों पर नदी में आवश्यक जल प्रवाह की व्यवस्था होना चाहिए। विद्युत उत्पादन और सिंचाई दोनों कार्यों के लिए जल की उपलब्धता और उसके उपयोग के संबंध में सामने आने वाली कठिनाइयों का व्यवहारिक समाधान भी निकाला जाए। बैठक में बताया गया कि आगामी दो वर्ष में सात लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का विस्तार करने का लक्ष्य है। नर्मदा घाटी विकास विभाग पाँच वर्ष में 19 लाख 55 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का विस्तार करेगा।
बिहार की सियासत में फिर बदलाव.... नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा.... शाम को फिर लेंगे शपथ
डेस्क। 28 जनवरी की सुबह बिहार की सियासत में फिर बड़ा बदलाव लेकर आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा है। आज शाम 5 बजे NDA के सीएम के तौर पर नीतीश कुमार फिर से सीएम पद की शपथ ले सकते हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा शपथ ग्रहण में शामिल होने की संभावना है।
नीतीश कुमार नई सरकार में आज ही शाम चार बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। 9वीं बार होगा जब नीतीश कुमार सीएम पद की शपथ लेंगे। सूत्रों ने बताया कि 6 से 8 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। नई सरकार में जीतन राम मांझी की पार्टी हम भी शामिल होगी। मांझी अपना समर्थन पत्र नीतीश कुमार को सौंपेंगे।
लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार का यह कदम विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, नीतीश कुमार ही इंडिया गठबंधन के सूत्रधार माने जाते हैं। शुक्रवार को ही जेडीयू से जुड़े सूत्रों ने बताया था कि नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन का संयोजक नहीं बनाए जाने और सीट शेयरिंग में हो रही देरी से नाराज थे।
नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ जाने के बीच लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कई विधायकों ने कहा कि सरकार बनाने के लिए कवायद करनी चाहिए. राज्य में सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों की जरूरत है. आरजेडी के पास 115 विधायक हैं।
लोकरंग हमारी सांस्कृतिक धरोहर को परिचित कराने का सराहनीय प्रयासः राज्यपाल
भोपाल। लोकरंग हमारे लोक मूल्यों, कलात्मक समृद्धता को उजागर कर युवाओं और बच्चों को हमारी सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराने का सराहनीय प्रयास है। लोकरंग सबके साथ, विश्वास और प्रयासों से भारत के गौरवपूर्ण अतीत और समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराओं, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करेगा। उक्त बातें मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित पाँच दिवसीय 39वें लोकरंग पर्व के शुभारम्भ अवसर पर कहीं।
राज्यपाल ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम कला के विभिन्न स्वरूपों द्वारा नैतिक मूल्यों, मान्यताओं को संरक्षित कर हमारी सांस्कृतिक विविधताओं के भावनात्मक एकत्व को मज़बूत बनाते हैं। विविधता में एकता हमारे देश की संस्कृति है, जिसमें हजारों वर्षों की हमारी लोक संस्कृति की मान्यताएं, नैतिक मूल्यों और जीवन दर्शन की निरंतरता का विशाल खजाना छुपा है। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विविधता सही अर्थों में हमारे देश की धरोहर है, इसका निरंतर संरक्षण और विकास सुनिश्चित करना हम सभी का कर्तव्य है।
राज्यपाल पटेल ने इस वर्ष समारोह में महान संत शिरोमणि रविदास जी का जीवन, उनकी वाणी को नृत्य-नाट्य में प्रस्तुत किये जाने, पारम्परिक बैगा समुदाय की ख्यात चित्रकार पद्मश्री सुश्री जोधइया बाई के सृजित चित्रों की प्रदर्शनी 'चित्रकथा' के संयोजन, प्रदेश गोण्ड और भील जनजाति के पारम्परिक चित्रकारों उनकी कलात्मकता के प्रदर्शन का मंच भी प्रदान किये जाने और प्रदेश एवं अन्य राज्यों के लगभग 300 पारम्परिक शिल्पियों के लिए कार्यशाला, उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय का मंच उपलब्ध कराने के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने नृत्य, गायन और वादन कला रूपों की प्रस्तुतियों के साथ ही जनजातीय लोक अंचलों के व्यंजन से परिचित कराने के लिए आयोजित स्वाद मेले के आयोजन को सराहनीय बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति की विशेषता वसुधैव कुटुंबकम की है। हमारी संस्कृति पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखती है। अनेकता में एकता भारत की विशेषता है। हमारे देश में हर त्यौहार और पर्व आनंद और उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। लोकरंग कार्यक्रम हमारे आनंद और उल्लास का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत लगातार प्रगति के नए सोपानों को छू रहा है। देश में विभिन्न कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के निरंतर प्रयास हो रहे हैं। हमारे देश में विभिन्न कला और संस्कृतियों के लोग रहते हैं, जो अपनी विशिष्ट शैलियों के माध्यम से एक-दूसरे को जोड़े हुए हैं।
पाकिस्तान में रोटी की जंग सड़कों पर आई.... हजारों प्रदर्शनकारियों ने किया चक्काजाम
डेस्क। पाकिस्तान में पहले से ही दो जून की रोटी के लिए तरस रहे लोगों पर कुठाराघात हुआ है। सरकार ने सब्सिडाइज्ड गेहूं की कीमतों में इजाफा कर दिया है। इससे गिलगिट बाल्टिस्तान में नाराज हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। गुस्साए लोगों ने गिलगिट-बाल्टिस्तान के सभी जिलों और शहरों में सड़कों पर उतर कर ना सिर्फ चक्काजाम कर दिया बल्कि शहरों की सभी दुकानों को बंद करा दिया। इससे पूरे गिलगिट-बाल्टिस्तान में जनजीवन ठप हो गया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने गेहूं की कीमतों में इजाफा करने के खिलाफ बड़े पैमाने पर रैलियां आयोजित की हैं। प्रदर्शन की वजह से गिलगिट, स्कर्दू, डायमर, घाइजर, एस्टोर, शिघर, घांचे, खरमंग, हुंजा और नगर के विभिन्न इलाकों में दुकानें, बाजार, रेस्तरां और व्यापार केंद्र बंद रहे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों के चक्का जाम की वजह से निजी और सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में भी उपस्थिति कम दिखी और लोगों को आवश्यक वस्तुएं खरीदने और यात्रा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और होटल मालिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले संघों के परामर्श से अवामी एक्शन कमेटी ने हड़ताल का आह्वान किया है। सब्सिडी वाले गेहूं की कीमतें बढ़ाने के जीबी सरकार के फैसले के खिलाफ पिछले एक महीने से चल रहे विरोध का यह दूसरा चरण है। एएसी ने घोषणा की है कि शनिवार को राज्य के विभिन्न जिलों और इलाकों से लोग गिलगित और स्कर्दू की ओर मार्च करेंगे।
नाइट्रोजन सुंघाकर मृत्युदंड.... अमेरिकी इतिहास में पहली बार ऐसा फैसला
डेस्क। अमेरिका के अलबामा में 25 जनवरी 2024 को नाइट्रोजन हाइपोक्सिया का उपयोग करके 58 वर्षीय केनेथ स्मिथ को मौत की सजा दी गई। यह अमेरिकी इतिहास में पहली बार था कि नाइट्रोजन हाइपोक्सिया से सजा दी गई है। बताया जा रहा है कि नाइट्रोजन गैस शुरू होने के बाद स्मिथ कई मिनट तक होश में थे। इसके बाद वह अगले कुछ मिनटों तक जोर-जोर से सांस लेने से पहले कम से कम दो मिनट तक 'हिलता और छटपटाता रहा। इसके बाद उसकी मौत हो गई।
दुनिया के करीब 97 देशों ने मौत की सजा को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। ऐसे में सवाल है कि दुनिया के बाकी देश इससे सबक क्यों नहीं लेते। कभी गैस सुंघाकर, कभी गोली मारकर तो कभी सिर कलम कर सजा दी जाती है। हैरान करने वाली बात है कि मौत की सजा देने के नए-नए तरीके इजाद करते समय यह तर्क दिया जाता है कि इससे मौत के दौरान होने वाले दर्द को कम किया जाएगा। हालांकि, इस मामले में ऐसा तो बिल्कुल ही नहीं दिखा। क्या ऐसा नहीं हो सकता कि दुनिया के देश मौत की सजा देने के तरीके पर एकजुट हो सकें।
अमेरिका में के अलग-अलग राज्यों में मौत की सजा के 5 तरीके के हैं। अमेरिका में जहरीले इंजेक्शन, जहरीली गैस के साथ ही करंट लगाकर भी मौत की सजा दी जाती है। अलबामा, अरिजोना, अरकनसास, फ्लोरिडा, केंटकी, ओकलाहोमा, साउथ कौरोलीना, टेनेसी में जहरीले इंजेक्शन के प्राइमरी विकल्प होने के साथ ही करंट लगाकर सजा दूसरा विकल्प है। वहीं, अलबामा, कैलिफोर्निया, मिसिसिपी, मिसौरी, ओकलाहोमा, व्योमिंग जैसे स्टेट में मौत की सजा का मुख्य तरीका जहरीला इंजेक्शन है। हालांकि, इन राज्यों में बैकअप के रूप में तीसरा विकल्प जहरीली गैस से भी सजा का भी है। इसके अलावा अमेरिका में फांसी और गोलीमारने का भी विकल्प है। अमेरिका में करीब 90 फीसदी मौत की सजा जहरीले इंजेक्शन के जरिये दी जाती है। इसके बाद करंट दूसरा विकल्प है जिसका प्रयोग अधिक होता है।
राममंदिर प्राण प्रतिष्ठाः हनुमान गढ़ी के सामने महाराष्ट्र से आए भक्तों ने कुछ ऐसा किया प्रदर्शन
डेस्क। 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम लला की प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा समोराह संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देश भर से लोग अयोध्या पहुंच थे। पुणे, महाराष्ट्र के भक्त अयोध्या में हनुमान गढ़ी के सामने ढोल, नगाड़े, शंख और अन्य संगीत वाद्ययंत्रों के साथ प्रदर्शन करते हुए नजर आए. जिसका वीडियो सामने है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है की भक्त अयोध्या में हनुमान गढ़ी के सामने ढोल, नगाड़े, शंख और अन्य संगीत वाद्ययंत्रों बजा रहे हैं। इसके अलावा हाथ में भगवान राम का भगवा झंडे लिए नाचा जा रहे है। बता दें अयोध्या के राम मंदिर में रामलला विराजमान हो गए हैं।
#WATCH | Uttar Pradesh | Devotees from Pune, Maharashtra perform with dhols, drums, conch shells and other musical instruments before Hanuman Garhi in Ayodhya. pic.twitter.com/JiEtEVFaFR
— ANI (@ANI) January 25, 2024
बीते कुछ घंटों में बिहार की राजनीति में आया भुचाल.. नीतीश की वापसी की चर्चा तेज
डेस्क। लोकसभा चुनाव के शंखनाद के पहले बिहार की राजनीति में बड़ा भुचाल आ गया है। विपक्षी दलों से नाराज चल रहे बिहार के सीएम नीतीश कुमार के भाजपा से संपर्क करने की खबरें तेजी से वायरल हो रही है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य भी नीतीश पर हमला कर रही हैं।
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि नीतीश कुमार भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के संपर्क में बने हुए हैं। दावा किया जा रहा है कि नीतीश कुमार के मुद्दे को लेकर पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से करीब 3 घंटे तक चर्चा की है। अगर ये दावा सही होता है तो बिहार की सियासत में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
नीतीश कुमार 30 जनवरी को 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के तहत कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पूर्णिया में होने वाली रैली में नहीं शामिल होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 जनवरी को नीतीश का पटना में ही कार्यक्रम है और उनका पूर्णिया की रैली में जाना संभव नहीं है। नीतीश कुमार को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं और महागठबंधन का भविष्य खतरे में नजर आ रहा है।
नीतीश का परिवारवाद पर वार, लालू की बेटी का 'नीयत में खोट' वाला पोस्ट
डेस्क। बिहार में चल रही सियासी अटकलों के बीच आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर एक के बाद एक तीन पोस्ट किया। हालांकि उन्होंने अपनी पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया लेकिन इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। यह पोस्ट ऐसे समय में की गई है जब राज्य में JDU-RJD के बीच इन दिनों शीत युद्ध चल रहा है।
रोहिणी ने अपने पोस्ट में कहा, 'समाजवादी पुरोधा होने का करता वही दावा है,हवाओं की तरह बदलती जिनकी विचारधारा है।' अपनी अगली पोस्ट में रोहिणी लिखती हैं, 'खीज जताए क्या होगा, जब हुआ न कोई अपना योग्य विधि का विधान कौन टाले,जब खुद की नीयत में ही हो खोट।' इसके अलावा अपनी पहली पोस्ट में रोहिणी ने लिखा, 'अक्सर कुछ लोग नहीं देख पाते हैं अपनी कमियां, लेकिन किसी दूसरे पे कीचड़ उछालने को करते रहते हैं बदतमीजियां..' रोहिणी की इस पोस्ट को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है और इसे अप्रत्यक्ष रूप से जेडीयू पर निशाने के रूप में भी देखा जा रहा है।
इससे पहले केंद्र सरकार ने जब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का ऐलान किया था तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएम मोदी का आभार जताते हुए परिवारवाद का सवाल उठाया था, जिसे लेकर अंदाजा लगाया जा रहा था कि उन्होंने आरजेडी पर निशाना साधा है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजनीति में परिवारवाद पर हमला बोलते हुए कहा था कि जननायक कर्पूरी ठाकुर ने अपने परिवार को राजनीति में आगे नहीं बढ़ाया. जब तक कर्पूरी ठाकुर रहे बेटे को आगे नहीं किया. उनके निधन के बाद जेडीयू ने उनके बेटे रामनाथ ठाकुर को राज्यसभा भेजा. नीतीश ने कर्पूरी ठाकुर का अनुयायी बताते हुए कहा कि हमने भी अपने परिवार को आगे नहीं बढ़ाया. दूसरों को मौका देते रहे।
गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने देश भर के सैकड़ों को किसानों को न्योता... कृषि मंत्री हुए रूबरू
नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने आजपूसा, दिल्ली में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित किसान सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस सम्मेलन में, केंद्र सरकार द्वारा देशभर से गणतंत्र दिवस के लिए विशेष रूप से आमंत्रितसैकड़ों किसान व कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के सदस्य शामिल हुए। इन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) व भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के वैज्ञानिकों ने खेती-किसान की आधुनिक पद्धतियों- नवाचारों के बारे में बताया, वहींकेंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने योजनाओं से अवगत कराया।
सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री मुंडा ने गणतंत्र दिवस की अग्रिम बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत के किसान, गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्र ध्वज फहराए जाने के अवसर पर देश की राजधानी में आए हैं, यह हमारे लोकतंत्र की ताकत है, जो देश को मजबूती देती है। मुंडा ने कहा कि इतिहास के आइने में, जब हमारे नागरिक बाद में 100वां गणतंत्र दिवस मनाएंगे, तब यह स्मरणीय होगा कि 75वां गणतंत्र दिवस हमारे देशवासियों ने किस तरह से मनाया, क्योंकि यह गणतंत्र दिवस सिर्फ आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि अमृत महोत्सव से अमृत काल में प्रवेश करने का द्वार खोलने वाला है। यह देश के आध्यात्मिक चिंतन, आध्यात्मिक शक्ति के प्रवाह में नवभारत निर्माण करने का संकल्प होगा। यह गणतंत्र दिवस भारतवासियों के लिए न केवल आत्मगौरव, आत्मसम्मान बल्कि नए भारत को गढ़ने में ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बनाने का विशेष अवसर होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन अब कर्त्तव्य पथ पर हो रहा है, जिसका कि पहले राजपथ नाम था। हमने बहुत सारे शासकों को आजादी से पहले देखा है, चाहे वे मुगलकालीन हो या ब्रिटिशकालीन, इनके दौर से गुजरते हुए दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र हमने भारत को बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने चाहा कि हम गणतंत्र दिवस उन लोगों के साथ मनाएं जो वास्तविक रूप से गांवों में, खेतों में पसीना बहाकर देश को सींचते हैं, इसीलिए सम्माननीय किसान यहां आमंत्रित किए गए हैं। मुंडा ने कहा कि हमारा किसान परिवार सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये अन्नदाता है। किसानों की प्रगति में ही देश की प्रगति है। बदलते समय में खेती-किसानी की नई पद्धतियां सीखना किसानों के लिए लाभदायी सिद्ध होगा। उद्देश्य यही है कि नए अनुभवों के साथ हमारे किसान, हमारे गांवऔर हमारा देश समर्थ हो।सभी किसानों का सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से मंत्री मुंडा ने स्वागत-अभिनंदन किया।
टूटा 'INDIA' गठबंधन?... ममता बनर्जी और आप अकेले चुनाव लड़ने का किया ऐलान
नई दिल्ली लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी 'INDIA' गठबंधन को पश्चिम बंगाल में जोर का झटका लगा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी ने एकला चलो का नारा दे दिया है। ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि टीएमसी लोकसभा चुनाव में अकेले ही मैदान में उतरेगी। ममता के इस ऐलान के साथ ही विपक्षी इंडिया गठबंधन की तस्वीर और भविष्य पर संकट के बादल गहरे हो गए हैं। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री और AAP नेता भगवंत मान ने कहा कि हम राज्य में लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगे। उन्होंने यह दावा भी दोहराया कि AAP सभी 13 सीट पर जीत दर्ज करेगी।
ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने जो भी सुझाव दिए, वह सभी नकार दिए गए। इन सबके बाद हमने बंगाल में अकेले जाने का फैसला किया। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना यह भी कहा कि वह पश्चिम बंगाल में यात्रा करने जा रहे हैं, इसकी जानकारी शिष्टाचार के नाते भी उनको नहीं दी गई।
राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ के अरमान उबरानी सहित 19 बच्चों को किया प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2024 से सम्मानित
नईदिल्ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ के अरमान उबरानी सहित देश के 19 बच्चों को "प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार" से सम्मानित किया। इस अवसर पर विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई, कई अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरिष्ठ अधिकारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और विभिन्न संस्थानों से आए छोटे बच्चे भी उपस्थित थे।
इस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं में बहादुरी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और नवाचार की श्रेणी में एक-एक बच्चा, सामाजिक सेवा की श्रेणी में चार, खेल की श्रेणी में पांच और कला तथा संस्कृति की श्रेणी में सात बच्चे शामिल हैं। पुरस्कार समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई और यह राष्ट्रीय अखंडता का दिल छू लेने वाला दृश्य था क्योंकि प्रत्येक बच्चे ने पारंपरिक पोशाक पहनकर पुरस्कार प्राप्त किया, जो देश की समृद्ध सांस्कृतिक छवि का प्रतीक था।
पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ये बच्चे बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं और अपनी कड़ी मेहनत से अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को सही दिशा दिखायी जानी चाहिए ताकि वे अपने कौशल और उत्साह के दम पर जीवन में सर्वोत्तम स्थान हासिल कर सकें।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ये युवा भारत के लिए एक बहुमूल्य संसाधन हैं, जो न केवल देश की उन्नति में बल्कि वैश्विक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक कौशल, भविष्य की तकनीक और एआई को प्राथमिकता दे रही है ताकि हमारे युवा भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें।
अयोध्या में राम मंदिर के प्रतिष्ठापन के शुभ दिन पर राष्ट्रपति ने उपस्थित लोगों को भगवान राम के धैर्य; बड़ों का सम्मान, साहस, और संकट के समय में संयम के गुणों की याद दिलाई। उन्होंने बच्चों को भगवान राम के आदर्शों और रामायण के मूल्यों को अपने जीवन में उतारने के लिए प्रोत्साहित किया।