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कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने ड्रोन दीदी योजना के तहत दो पायलट परियोजनाओं के संचालन के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
नई दिल्ली | कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने ड्रोन दीदी योजना के तहत दो पायलट परियोजनाओं के संचालन हेतु महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस कार्यक्रम में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सचिव अतुल कुमार तिवारी, महिंद्रा ग्रुप के ग्रुप सीईओ और एमडी डॉ. अनीश शाह और एमएसडीई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस साल के शुरुआत में शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य 15,000 महिलाओं को कृषि कार्यों जैसे कि फसल में खाद डालना, फसल की वृद्धि की निगरानी करना और बीज बोने आदि के लिए ड्रोन चलाने के लिए प्रशिक्षित करना है, ताकि नई प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में कौशल प्रदान करके महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा किए जा सकें।
तिवारी ने यह भी उल्लेख किया कि अग्रणी प्रौद्योगिकी उद्योग भागीदारों के साथ पिछले सफल सहयोग पर आधारित, यह पहल एम एंड एम के साथ कई सहयोगी परियोजनाओं की शुरुआत का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा, कठोर प्रशिक्षण पद्धतियों और व्यावहारिक सीखने के अनुभवों से, छात्र अपने चुने हुए क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने और देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में सार्थक योगदान देने के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल और दक्षताओं से लैस होंगे।
डॉ. अनीश शाह ने कहा कि कंपनी के दर्शन के अनुरूप, यह आवश्यक कौशल के साथ महिलाओं को कार्यबल में शामिल होने और वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने हेतु सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ड्रोन दीदी योजना के तहत पायलट परियोजनाएं महिलाओं, खेती और प्रौद्योगिकी के अपनी तरह के पहले संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं।
इस साझेदारी के तहत, एमएसडीई और एम एंड एम हैदराबाद और नोएडा में स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) में 20 महिला प्रति बैच के विशेष बैच के द्वारा 500 महिलाओं को कुशल बनाने के लिए दो पायलट प्रोजेक्ट संचालित करेंगे। इन केंद्रों पर रिमोट पायलट प्रशिक्षण संगठन (आरपीटीओ) प्रशिक्षकों के माध्यम से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा अनुमोदित 15-दिवसीय पाठ्यक्रम, चलाया जाएगा।
इस साझेदारी के तहत, एनएसटीआई प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के लिए बुनियादी ढांचा, प्रतिभागियों के लिए छात्रावास सुविधा और भागीदारी बढ़ाने के लिए स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों और गैर सरकारी संगठनों से मेल-जोल बनाएगा। महिंद्रा समूह केन्द्रों पर, सिमुलेशन मशीनरी/ड्रोन, सिम्युलेटर नियंत्रक, सिम्युलेटर सॉफ्टवेयर, आई 5 प्रोसेसर और प्रशिक्षकों के साथ डेस्कटॉप कंप्यूटर के माध्यम से प्रारंभिक सेट-अप सहायता प्रदान करेगा, और डीजीसीए लाइसेंस धारक प्रशिक्षकों की लागत सहित पायलट परियोजनाओं की अवधि के लिए परिचालन लागत को पूरा करेगा।
पायलट परियोजनाओं से मिली सीख और परिणाम देश भर में चिन्हित एनएसटीआई/आईटीआई में ड्रोन दीदी योजना को बढ़ाने में एमएसडीई की सहायता करेंगे। ड्रोन दीदी योजना को आगे बढ़ाने के लिए, एमएंडएम जल्द ही जहीराबाद, तेलंगाना और नागपुर, महाराष्ट्र में कंपनी के कौशल केंद्रों में महिलाओं के लिए ड्रोन प्रशिक्षण शुरू करेगा।
अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा के चोटिल होने के बाद पहली शिव महापुराण कथा, कुरुद में 16 और अम्लेश्वर में 27 मई से
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कुरुद (धमतरी) में प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा जी (सीहोर वाले) के मुखारविंद से श्री शिव महापुराण की कथा अविरल प्रवाहित होगी। श्री शिव महापुराण की कथा 16 मई से 22 मई 2024 तक वृद्धि विहार भरदा चौक राजिम रोड, कुरुद में होगी। बतादें कि सिर पर नारियल लगने से चोटिल होने के बाद पं प्रदीप मिश्रा की यह पहली कथा है। उसके उपरांत दुर्ग जिले के अम्लेश्वर में 27 मई से 2 जून तक कथा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शिव महापुराण कथा एवं भगवत भूषण पं. प्रदीप मिश्रा जी सीहोर वाले के आगमन को लेकर कुरुद नगर सहित पुरा छत्तीसगढ़ उत्साहित है। 16 मई से 22 मई तक पूरा क्षेत्र शिवमय रहेगा। श्री शिव महापुराण कथा को सफल बनाने के लिए कथा पंडाल सहित अन्य तैयारीयां अंतिम चरण में है। विधायक अजय चंद्राकर ने श्री शिव महापुराण कथा में शामिल होकर पुण्यलाभ प्राप्त करने के लिए प्रदेशवासियों को आमंत्रित किया।
राजधानी से लगे अम्लेश्वर में 27 मई से 2 जून तक कथा आयोजित की गई है। यहां कथा का आयोजन पवन खंडेलवाल, विशाल खंडेलवाल और मोनू साहू द्वारा किया जा रहा है। मोनू साहू ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारी अंतिम चरण में है।
एनएचएआई ने राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार के लिए टोल संचालन एजेंसी को प्रतिबंधित कर दिया
नई दिल्ली | आम जनता के साथ टोल (उपयोगकर्ता शुल्क) संचालक और उसके कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार पर कड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राजस्थान में अमृतसर-जामनगर खंड के सिरमंडी टोल प्लाजा पर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की एक घटना के लिए मेसर्स रिद्धि सिद्धि एसोसिएट्स को प्रतिबंधित कर दिया है।
सिरमंडी टोल प्लाजा पर टोल संचालन एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की यह घटना दिनांक 05 मई 2024 को सामने आई थी। इस मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एनएचएआई ने घटना की जांच की और टोल संचालन एजेंसी को 'कारण बताओ' नोटिस दिया गया। लेकिन, टोल संचालन एजेंसी द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। यह पाया गया कि संविदात्मक प्रावधानों और एनएचएआई की स्थायी संचालन प्रक्रिया का पूरी तरह से उल्लंघन करते हुए, एजेंसी राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के साथ हिंसा और दुर्व्यवहार गतिविधियों में लिप्त थी। प्राधिकरण ने मेसर्स रिद्धि सिद्धि एसोसिएट्स को पूर्व-अर्हता प्राप्त बोलीदाताओं की सूची से तीन महीने की अवधि के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
टोल संचालकों के साथ एनएचएआई अनुबंध समझौते में स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है कि टोल प्लाजा पर ठेकेदार द्वारा तैनात कर्मी जनता के साथ दुर्व्यवहार नहीं करेंगे और अपने व्यवहार में सख्त अनुशासन व शालीनता का पालन करेंगे। पिछले साल, एनएचएआई ने टोल प्लाजा पर झगड़े की घटनाओं को रोकने और यात्रियों तथा टोल संचालकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की थी।
एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और हाल ही में टोल प्लाजा पर राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के साथ हिंसा और दुर्व्यवहार में शामिल दोषी एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
भारत 77वें कान फिल्म महोत्सव (14-25 मई) में भाग लेगा
77वें कान फिल्म महोत्सव में 'भारत पर्व' मनाया जाएगा |
एनआईडी, अहमदाबाद द्वारा डिजाइन भारत मंडप को क्रिएट इन इंडिया की इस वर्ष की थीम को दर्शाने के लिए 'द सूत्रधार' नाम दिया गया है |
पायल कपाड़िया की 'ऑल वी इमेजिन एज़ लाइट' एक भारतीय फिल्म है जिसे प्रतियोगिता अनुभाग में 30 वर्षों बाद शामिल किया गया है |
इसमें नवंबर 2024 में होने वाले 55वें आईएफएफआई और प्रथम विश्व ऑडियो-विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) के ‘सेव द डेट’ के पोस्टर और ट्रेलर लॉन्च होंगे |
नई दिल्ली | कान फिल्म महोत्सव में यह भारत के लिए एक विशेष वर्ष है क्योंकि देश इस प्रतिष्ठित महोत्सव के 77वें संस्करण के लिए तैयार है। भारत सरकार, राज्य सरकारों, फिल्म उद्योग के प्रतिनिधियों वाला कॉर्पोरेट भारतीय प्रतिनिधिमंडल महत्वपूर्ण पहलों की एक श्रृंखला के माध्यम से दुनिया के अग्रणी फिल्म बाजार मार्चे डु फिल्म्स में भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन करेंगे।
ऐसा पहली बार होगा जब देश 77वें कान फिल्म महोत्सव में "भारत पर्व" की मेजबानी करेगा, जिसमें इस महोत्सव में भाग लेने वाले दुनिया भर के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति और प्रतिनिधि फिल्मी हस्तियों, फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों, खरीदारों और बिक्री एजेंटों के साथ जुड़ सकेंगे। इसमें विभिन्न स्तरों पर रचनात्मक अवसरों के साथ ही रचनात्मक प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इस भारत पर्व में 20 से 28 नवंबर, 2024 तक गोवा में आयोजित होने वाले 55वें भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के आधिकारिक पोस्टर और ट्रेलर का अनावरण किया जाएगा। भारत पर्व में 55वें आईएफएफआई के साथ आयोजित होने वाले प्रथम विश्व ऑडियो-विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) के लिए "सेव द डेट" का विमोचन भी होगा।

108 विलेज इंटरनेशनल रिवेरा में 77वें कान फिल्म महोत्सव में भारत मंडप का उद्घाटन 15 मई 2024 को प्रख्यात फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी में किया जाएगा। कान में भारत मंडप भारतीय फिल्म समुदाय के लिए विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है, जिसमें उत्पादन कार्य में सहयोग को बढ़ावा देना, क्यूरेटेड ज्ञान सत्र, वितरण सौदे कराना, स्क्रिप्ट की सुविधा, बी2बी बैठकें और दुनिया भर के प्रमुख मनोरंजन व मीडिया कर्मियों के साथ नेटवर्किंग शामिल है। इस मंडप का आयोजन राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) उद्योग भागीदार के रूप में भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के सहयोग से करेगा। भारतीय फिल्म उद्योग को अन्य फिल्मी हस्तियों से जुड़ने और सहयोग प्रदान करने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के माध्यम से मार्चे डु कान में एक 'भारत स्टॉल' लगाया जाएगा।
राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, अहमदाबाद द्वारा डिजाइन भारत मंडप को इस वर्ष की थीम "क्रिएट इन इंडिया" को दर्शाने के लिए इसे 'द सूत्रधार' नाम दिया गया है। इस वर्ष कान फिल्म महोत्सव में भारत की उपस्थिति खास है जो इसके समृद्ध इतिहास और रचनात्मकता के परिदृश्य को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक दिशा को दर्शाता है।
सुर्खियों में, पायल कपाड़िया की प्रसिद्ध कृति "ऑल वी इमेजिन एज़ लाइट" दर्शकों को लुभाने और प्रतिष्ठित पाल्मे डी ओर के लिए प्रतिस्पर्धा करने को तैयार है। यह विशेष रूप से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि तीन दशकों के बाद एक भारतीय फिल्म कान फिल्म महोत्सव के आधिकारिक चयन के प्रतियोगिता खंड में शामिल हुई है। यह सिनेमाई परिदृश्य ब्रिटिश-भारतीय फिल्म निर्माता संध्या सूरी की "संतोष" में मार्मिक कथा, डायरेक्टर्स फोर्टनाइट में अन सर्टेन रिगार्ड के साथ-साथ करण कंधारी की विचारोत्तेजक "सिस्टर मिडनाइट" और एल'एसिड में मैसम अली की सम्मोहक "इन रिट्रीट" से समृद्ध हुआ है।
भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के छात्र की फिल्म "सनफ्लॉवर्स वेयर फर्स्ट वन्स टू नो" को ला सिनेफ प्रतिस्पर्धा खंड में चुना गया है। कन्नड़ में बनी यह लघु फिल्म दुनिया भर से आई प्रविष्टियों के बीच चुनी गई और अब अंतिम चरण में पहुंची 17 अन्य अंतर्राष्ट्रीय लघु फिल्मों के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी।
इसके अलावा, इस महोत्सव में श्याम बेनेगल की 'मंथन', जो अमूल डेयरी सहकारी आंदोलन पर केंद्रित फिल्म है, को शास्त्रीय अनुभाग में प्रस्तुत किया जाएगा जो इस महोत्सव के भारतीय लाइनअप में ऐतिहासिक महत्व का स्पर्श जोड़ेगी। इस फिल्म के रीलों को मंत्रालय की एक इकाई एनएफडीसी-नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया (एनएफएआई) के फिल्म वॉल्ट में कई दशकों तक संरक्षित किया गया था और अब फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन (एफएचएम) द्वारा सुरक्षित किया गया है।
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सिनेमैटोग्राफर संतोष सिवन को कान फिल्म महोत्सव में प्रतिष्ठित पियरे एंजनीक्स ट्रिब्यूट से सम्मानित किया जाएगा। वह कान प्रतिनिधियों के लिए एक मास्टरक्लास भी देंगे। इस गौरव से सम्मानित होने वाले सिनेमैटोग्राफर संतोष सिवन ऐसे पहले भारतीय बन जाएंगे।
भारत के विविध स्थानों और फिल्म प्रतिभा को प्रदर्शित करने में मदद के लिए गोवा, महाराष्ट्र, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, झारखंड और दिल्ली सहित कई भारतीय राज्यों के भाग लेने की संभावना है।
भारत के सहयोग से फिल्म निर्माण के अवसरों की खोज पर "प्रचुर प्रोत्साहन और निर्बाध सुविधाएं- आओ, भारत में बनाएं" शीर्षक से 15 मई को दोपहर 12 बजे मुख्य मंच (रिवेरा) में एक सत्र आयोजित किया जा रहा है। पैनल चर्चा में फिल्म निर्माण, सह-निर्माण के अवसरों और शीर्ष स्तर की पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाओं के लिए भारत के विशाल प्रोत्साहनों पर प्रकाश डाला जाएगा। पैनल यह बताएगा कि फिल्म निर्माता इन पहलों का कैसे स्वागत कर रहे हैं, भारत में फिल्मांकन के लिए जमीनी स्तर पर वास्तविक अनुभव क्या हैं और कौन सी रोमांचक कहानियां साझा की जा रही हैं।
पूरे महोत्सव के दौरान आयोजित भारत मंडप में संवादात्मक सत्र में भारत में फिल्म निर्माण के लिए प्रोत्साहन, फिल्म समारोहों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, फिल्मांकन स्थल के रूप में भारत, भारत और स्पेन, ब्रिटेन, और फ्रांस जैसे अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय फिल्म सह-निर्माण जैसे विषयों शामिल होंगे। इन सत्रों का उद्देश्य सशक्त भारतीय फिल्म उद्योग और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के साथ जुड़ने के इच्छुक फिल्म निर्माताओं के लिए चर्चा, नेटवर्किंग और सहयोग के अवसरों को सुविधाजनक बनाना है।
अक्षय तृतीया के पावन दिन बाबा केदारनाथ धाम का दरबार भक्तों के लिए खुला
डेस्क | आज यानी कि शुक्रवार को अक्षय तृतीया के पावन दिन बाबा केदारनाथ धाम का दरबार भक्तों के लिए खुल गया है। केदारनाथ के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम की यात्रा का भी आरंभ हो जाता है। यात्रा आरंभ होने से पहले ही सभी धामों में सारी व्यवस्थाएं की गई है, जिससे आने वाले दर्शनार्थियों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
केदारनाथ धाम उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित हिन्दुओ का एक पवित्र तीर्थ है। यहां जाने के लिए पहले से पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। लोग दूर-दूर से बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए आते रहते हैं। यहां जाने के लिए आपको 20 किमी की पैदल यात्रा भी करनी पड़ती है। अगर आप पैदल यात्रा नहीं करना चाहते तो आपको यहां अन्य सुविधाएं भी मिल जाती है | जो आपकी इस यात्रा को पूरा करने में मदद करेंगे।
बहुत से लोग इस साल पहली बार केदारनाथ यात्रा जाने की योजना बना रहे हैं। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं तो अपना बैग पैक करते समय कपड़ों का ध्यान रखें।
आप पहली बार केदारनाथ यात्रा के लिए जा रहे हैं तो अपने साथ आरामदायक कपड़े भी लेकर जाएं। ऐसा नहीं करने पर आपको काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में ध्यान रखें कि ढीले-ढाले कपड़ों को ही महत्त्व दे |
केदारनाथ में मौसम का पता नहीं होता है कभी भी मौसम बदल सकता है | ऐसे में आप अपने साथ ऊनी जैकेट या इस प्रकार की व्यव्श्था जरूर लेकर जाएं। अच्छी क्वालिटी के स्वेटर और जैकेट ज्यादा ही ले ये, भारी नहीं होते, जबकि ये काफी गर्मी पहुंचाते हैं।
केदारनाथ में कभी भी बारिश हो जाती है। ऐसे में रेनकोट भी अपने साथ जरूर रखें। अगर आपके पास रेनकोट होगा तो आपको इधर-उधर भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बाबा केदारनाथ के धाम में सर्दी का मौसम हमेशा बना रहता है। ऐसे में अपने साथ गर्म टोपी और मफलर जरूर रखें।
केदारनाथ में आपको चलना काफी पड़ेगा। इसी के चलते ऐसे जूतों का चयन करें जो आरामदायक हों और आप आसानी से चल भी सको।
भारतीय तटरक्षक बल ने जहाजों के निर्माण के लिए स्वदेशी समुद्री-वर्गीकृत एल्यूमीनियम के उत्पादन एवं आपूर्ति के उद्देश्य से निजी क्षेत्र के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
नई दिल्ली | भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने 10 मई, 2024 को जहाजों के निर्माण के लिए भारत के सार्वजनिक एवं निजी शिपयार्डों हेतु स्वदेशी समुद्री-वर्गीकृत एल्यूमीनियम को तैयार करने एवं आपूर्ति के उद्देश्य से नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन तिमाही मूल्य निर्धारण, आपूर्ति में प्राथमिकता और विक्रय राशि पर छूट जैसे लाभ भी प्रदान करेगा।
भारतीय तटरक्षक बल का बेड़ा वर्तमान समय में उथले पानी में संचालन की क्षमता से लैस एल्यूमीनियम के ढांचे से बने 67 जहाजों का संचालन कर रहा है। भारतीय तटरक्षक बल ने तटीय सुरक्षा को और बढ़ावा देने के लिए इस तरह के कई जहाजों को शामिल करने की योजना बनाई है, जहां पर देश में ही तैयार किए गए स्वदेशी समुद्री-वर्गीकृत एल्यूमीनियम का इस्तेमाल किया जाएगा।
यह समझौता ज्ञापन पर भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उप महानिदेशक (सामग्री एवं रख-रखाव) आईजी भारतीय तटरक्षक बल एच. के. शर्मा और हिंडाल्को में डाउनस्ट्रीम एल्यूमीनियम बिजनेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीलेश कौल ने हस्ताक्षर किए।

वाइस एडमिरल संजय भल्ला, अति विशिष्ट सेवा मेडल, एनएम ने भारतीय नौसेना के चीफ़ ऑफ पर्सनल का कार्यभार ग्रहण किया
नई दिल्ली | वाइस एडमिरल संजय भल्ला, एवीएसएम, एनएम ने 10 मई, 2024 को भारतीय नौसेना के चीफ़ ऑफ पर्सनल का कार्यभार ग्रहण किया। उन्हें 01 जनवरी, 1989 को भारतीय नौसेना में नियुक्त किया गया था। 35 वर्षों के करियर में, उन्होंने जल और तट दोनों पर कई विशेषज्ञ, कर्मचारी और परिचालन नियुक्तियों में कार्य किया है।
रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, लंदन, नेवल वॉर कॉलेज और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन; के पूर्व छात्र रहे, उनकी शैक्षिक उपलब्धियों में एम फिल (रक्षा और रणनीतिक अध्ययन), किंग्स कॉलेज, लंदन से अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक अध्ययन में स्नातकोत्तर, मद्रास विश्वविद्यालय से एम.एससी (रक्षा और रणनीतिक अध्ययन) और सीयूएसएटी से एम.एससी (दूरसंचार) शामिल है।
उनकी विशिष्ट सेवा के लिए उन्हें नौसेना स्टाफ के प्रमुख और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ द्वारा अति विशिष्ट सेवा पदक, नाव सेना पदक और प्रशस्ति से सम्मानित किया गया है।
ब्राजील में बाढ़-बारिश से भारी तबाही.... 100 से अधिक मौत
डेस्क। ब्राजील के रियो ग्रेनेड डो सुल राज्य में पिछले एक हफ्ते से जबरदस्त बारिश हो रही है, जिसकी वजह से कई इलाकों में बाढ़ आ चुकी है। बाढ़ की वजह से अब तक 100 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 14 लाख लोग प्रभावित हैं। दो लाख लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। ब्राजील के सिविल डिफेंस एजेंसी ने जानकारी दी कि बाढ़ और बारिश की वजह से 99,800 घर आंशिक या पूर्ण रूप से तबाह हो चुके हैं।
रियो ग्रेनेड डो सुल में 29 अप्रैल से भारी बारिश हो रही है। राज्य के 414 शहर बाढ़ की संकट में फंसे हैं। तकरीबन 130 लोग लापता हैं। बाढ़ से प्रभावित शहरों में फंसे लोगों के पास पीने के लिए पानी तक नहीं है। वहीं,कई जगहों पर टेलीफोन और इंटरनेट सेवाएं भी बाधित है।
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने वादा किया है कि निवासियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। फंसे हुए लोगों को बचाने और सहायता पहुंचाने के लिए राज्य भर में लगभग 15,000 सैनिक, अग्निशामक, पुलिस और स्वयंसेवक काम पर जुटे हैं।
भारत के तकनीकी वस्त्र बाजार में 10 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर के कारण अपार संभावनाएं हैं: वस्त्र सचिव
उन्नत कंपोजिट का अनुप्रयोग प्रदर्शन संबंधी आवश्यकताओं और लागत दोनों का ध्यान रखते हुए एक रणनीतिक निर्णय है: सदस्य नीति आयोग
नई दिल्ली | वस्त्र मंत्रालय ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और अहमदाबाद टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज रिसर्च एसोसिएशन (एटीआईआरए) के साथ भागीदारी में (9 मई, 2024) नई दिल्ली में कंपोजिट, स्पेशलिटी फाइबर और रसायन के क्षेत्र में प्रगति पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया।
वस्त्र मंत्रालय की सचिव रचना शाह ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के तकनीकी वस्त्र बाजार में 10 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर और दुनिया के 5वें सबसे बड़े तकनीकी वस्त्र बाजार के रूप में इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कंपोजिट में विशिष्ट संरचनात्मक और भौतिक विशेषताएं हैं, जो उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपयोगों के लिए उपयुक्त बनाती हैं। उदाहरण के लिए, बुनियादी ढांचे के विकास, एयरोस्पेस, ऑटोमोटिव क्षेत्र, सैन्य और रक्षा क्षेत्र, चिकित्सा उपकरण, मिश्रित सामग्री, आदि में। उन्होंने तकनीकी वस्त्रों और स्पेशलिटी फाइबर और कंपोजिट से बने उत्पादों को अपनाने में संस्थागत खरीदारों, उपयोगकर्ता मंत्रालयों और उद्योगों के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने आगे कहा कि इस उद्योग के प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और निवेशकों सहित हितधारकों के बीच एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण कंपोजिट और स्पेशलिटी फाइबर के क्षेत्र में लागत से जुड़े निहितार्थ को संबोधित करने और बड़े समुदाय द्वारा व्यापक रूप से अपनाने के लिए जागरूकता व शिक्षा को बढ़ावा देने में मिलकर काम करना जरूरी है।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. विजय कुमार सारस्वत ने इस बात पर प्रकाश डाला कि स्पेशलिटी फाइबर उन्नत कंपोजिट के निर्माण खंड हैं और इसका चयन प्रदर्शन संबंधी आवश्यकताओं और लागत दोनों पर विचार करते हुए एक रणनीतिक निर्णय है।
उन्होंने उल्लेख किया कि एरामिड्स, कार्बन फाइबर, ज़ाइलॉन, अल्ट्रा-हाई आणविक भार पॉलीथीन (यूएचएमडब्ल्यूपीई), ग्लास फाइबर, सिरेमिक फाइबर जैसे विशेष फाइबर को विभिन्न उपयोगों और रणनीतिक जरूरतों के लिए तैयार किया जा सकता है, जैसे अग्निरोधी कपड़े, बुलेट प्रतिरोधी जैकेट, रस्सियां और केबल, पवनचक्की (नवीकरणीय ऊर्जा) और गैस और रासायनिक निस्पंदन में। उन्होंने मिश्रित सामग्रियों में शीर्ष रुझानों पर प्रकाश डाला, जिनमें उच्च प्रदर्शन वाले रेजिन और चिपकने वाले, कार्बन फाइबर आधारित सामग्री, हल्के वजन वाले उन्नत पॉलिमर कंपोजिट, बायोमटेरियल्स, नैनोकम्पोजिट्स, इंटेलिजेंस डिजाइन और विनिर्माण शामिल हैं, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भौतिक विज्ञान में प्रगति केवल मजबूत या हल्की सामग्री बनाने के बारे में नहीं है, बल्कि मैटेरियल सर्क्युलैरिटी के माध्यम से उनके टिकाऊ उपयोग को सुनिश्चित करने के बारे में भी है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि निर्माण, फर्नीचर उद्योग द्वारा इसे अपनाने में वृद्धि और चिकित्सा अनुप्रयोगों में बढ़ती अनुकूलता के कारण जैव-कंपोजिट की मांग बढ़ रही है।
डॉ. सारस्वत ने यह भी कहा कि उन्नत कंपोजिट और स्पेशलिटी फाइबर अनुसंधान के साथ लगातार विकसित हो रहे हैं, जो फाइबर प्रदर्शन की सीमाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। भविष्य के विकास में और भी अधिक ताकत व कठोरता, उन्नत तापीय गुण और यहां तक कि स्व-उपचार क्षमताओं वाले फाइबर शामिल होंगे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यद्यपि मिश्रित सामग्री कई वर्षों से मौजूद है, ये उद्योग अभी भी नवाचार और विकास के दौर में है। टिकाऊ कार्यप्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता है, जो आगे चलकर कंपोजिट उद्योग की एक प्रमुख विशेषता होगी।
आरडीएसओ के महानिदेशक अजय कुमार राणा ने अपने संबोधन के दौरान रेल सेक्टर में जियोटेक्सटाइल और जियो-कंपोजिट के उपयोग के बारे में बात की। उन्होंने भार वहन अनुप्रयोगों, ढलान कटाव संरक्षण नियंत्रण अनुप्रयोग, जल निकासी, पृथक्करण, निस्पंदन आदि के लिए जियोटेक्सटाइल्स, जियोग्रिड्स, प्री-फैब्रिकेटेड वर्टिकल ड्रेन्स (पीवीडी) के उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी कहा कि आरडीएसओ रेल सेक्टर में भू-कंपोजिट के उपयोग के लिए नए दिशानिर्देश और मानक विकसित करने में सक्रिय रूप से बीआईएस के सहयोग से काम कर रहा है।
वस्त्र मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजीव सक्सेना ने सुझाव दिया कि तकनीकी वस्त्र मजबूत वैश्विक मांग के साथ सबसे तेजी से बढ़ते खंड में से एक है। तकनीकी वस्त्र उद्योग में इंजीनियरिंग और सामान्य अनुप्रयोगों में उत्पादकता, दक्षता, लागत-प्रभावशीलता और नवीन समाधान लाने की अपार क्षमता है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि एनटीटीएम भारत को तकनीकी वस्त्रों में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से एक प्रमुख मिशन है। अपने भाषण के दौरान, सक्सेना ने अनुसंधान एवं नवाचार, स्टार्ट-अप, मशीनरी विकास, इंटर्नशिप, शिक्षा और कौशल से संबंधित एनटीटीएम मिशन के तहत विभिन्न दिशानिर्देशों पर प्रकाश डाला।
कंपोजिट के महत्व पर विचार-विमर्श करते हुए उन्होंने कहा कि वस्त्र मिश्रित सामग्री कई क्षेत्रों में पारंपरिक सामग्रियों की जगह ले रही है।
अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (एसएसी/इसरो) के निदेशक नीलेश एम. देसाई ने कहा कि एसएसी एटीआईआरए के साथ लंबे समय से जुड़ा हुआ है और यह इसरो का दूसरा सबसे बड़ा अनुसंधान केंद्र है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष और एयरोस्पेस अपने हल्के वजन व टिकाऊ गुणों के कारण कंपोजिट अनुप्रयोगों के लिए एक प्रमुख क्षेत्र बनने जा रहा है। सीएफआरपी एवं एस्टो ग्लास फाइबर का उपयोग आजकल अंतरिक्ष और एयरोस्पेस क्षेत्र में प्रमुखता से किया जाता है।
इस सम्मेलन में केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों, केंद्र और राज्य सरकारों के उपयोगकर्ता विभागों, उद्योगपतियों, वैज्ञानिक विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं व तकनीकी वस्त्रों से संबंधित पेशेवरों सहित लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
डॉ. विवेक जोशी ने डीएफएस के अंतर्गत 'बैंकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थिति' पर वर्कशॉप की अध्यक्षता की
इस वर्कशॉप का उद्देश्य एआई प्रौद्योगिकियों से जुड़ी समझ और वित्तीय सेवा उद्योग पर उनके असर को बढ़ाना था और यहां बैंकिंग क्षेत्र में एआई को लागू करने के लिए विभिन्न मामलों और रणनीतियों पर चर्चा हुई |
नई दिल्ली | वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव डॉ. विवेक जोशी ने नई दिल्ली में अपनी व्याख्यान शृंखला के हिस्से के तौर पर 'बैंकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थिति' पर एक वर्कशॉप की अध्यक्षता की। नासकॉम ने इस वर्कशॉप के दौरान बैंकों और वित्तीय संस्थानों को एआई अपनाने और जोखिम कम करने के लिए सर्वोत्तम पद्धतियों की जानकारी प्रदान करने के लिए एक प्रस्तुति दी।
इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री के कई विशेषज्ञ शामिल हुए जिन्होंने एआई पर अपने अनुभव और विचार साझा किए। डीएफएस सचिव के अलावा यहां उपस्थित लोगों में डीएफएस के वरिष्ठ अधिकारी, 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के सीईओ, एमडी, सीटीओ और सीडीओ, साथ ही डीएफएस के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले विभिन्न वित्तीय संस्थानों के एमडी और सीईओ और नासकॉम के प्रतिनिधि शामिल थे।

इस वर्कशॉप ने प्रतिभागियों के लिए बैंकिंग क्षेत्र में एआई को लागू करने के लिए विभिन्न केस स्टडीज और रणनीतियों की जानकारी वाले मंच का काम किया। उद्योग जगत के लोगों की विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए इस वर्कशॉप का उद्देश्य एआई प्रौद्योगिकियों की समझ और वित्तीय सेवा उद्योग पर उनके संभावित असर को बढ़ाना है। उद्योग विशेषज्ञों ने इन बातों पर चर्चा की कि एआई का उपयोग ग्राहक सेवा को बढ़ाने, क्रेडिट के संबंध में बेहतर निर्णय लेने, धोखाधड़ी और चूक का पता लगाने, जोखिमों को शीघ्रता से प्रबंधित करने, कर्मचारी उत्पादकता और दक्षता को बढ़ावा देने के लिए कैसे किया जा सकता है।
इस वर्कशॉप में डेटा प्रशासन, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता और अनुपालन के संदर्भ में एआई की उभरती चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।
राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में 2 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 56 पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए
नई दिल्ली | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-II में 2 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 56 पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहित भारत सरकार के अनेक मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अलंकरण समारोह के बाद केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और अन्य केन्द्रीय मंत्रियों ने पद्म पुरस्कार विजेताओं के साथ गृह मंत्री द्वारा उनके आवास पर दिए गए रात्रि भोज के दौरान संवाद किया।
पद्म पुरस्कार विजेता कल सुबह (10 मई, 2024) को राष्ट्रीय समर स्मारक (National War Memorial) पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वे राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री संग्रहालय का भी भ्रमण करेंगे।
राज्य खनन सूचकांक कार्यशाला में 26 राज्यों ने लिया भाग… इन मुद्दों पर हुई चर्चा
नईदिल्ली। खान मंत्रालय ने राज्य खनन सूचकांक पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह कार्यशाला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-भारतीय खान विद्यापीठ (आईआईटी-आईएसएम), धनबाद की सहभागिता से आयोजित की गई। यह सूचकांक खनन क्षेत्र के हितधारकों के लिए एक राज्य के भीतर खनन व्यवसाय करने में आसानी से संबंधित विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए एक उपकरण के रूप में कार्य करेगा।
कार्यशाला की अध्यक्षता खान मंत्रालय के सचिव वीएल कांथा राव ने की। अपने संबोधन में राव ने खनन क्षेत्र के विकास में राज्यों के प्रयासों को नीति रूपरेखा में उचित रूप से प्रतिबिंबित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने राज्य खनन सूचकांक के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह सहकारी संघवाद के साथ-साथ राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा। इस अभ्यास को सफल बनाने में राज्यों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि वे समय पर सांख्यिकीय रिटर्न ठीक से जमा करके डेटा संग्रह प्रयासों में मदद करें।
कार्यशाला में केंद्र और राज्य सरकारों के नीति निर्माताओं, प्रशासकों और अभ्यासकर्ताओं को एक मंच प्रदान किया गया। 26 राज्यों के प्रधान सचिवों, निदेशकों और अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शन के संकेतकों और उप-संकेतकों पर चर्चा करने और उन्हें अंतिम रूप देने के लिए कार्यशाला में सक्रिय रूप से भाग लिया, जो सूचकांक ढांचे और कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं। राज्यों से परामर्श और फीडबैक के बाद, राज्य खनन सूचकांक की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा और अप्रैल 2025 में होने वाली वास्तविक रैंकिंग के लिए जुलाई 2024 में जारी किया जाएगा।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की 70 से अधिक इंटरनेशनल और डोमेस्टिक उड़ानें अचानक रद्द
नई दिल्ली | एयर इंडिया एक्सप्रेस की 70 से अधिक उड़ानें अचानक रद्द कर दी गई हैं। एयरलाइन कंपनी के सीनियर क्रू मेंबर्स एक साथ अचानक सिक लीव पर चले गए हैं। इसके चलते मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक एयर इंडिया एक्सप्रेस की लगभग 70 से अधिक इंटरनेशनल और डोमेस्टिक उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। नागरिक उड्डयन अधिकारी इन मुद्दों पर अपनी नजर बनाए हुए है।
लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में भी 2019 की तुलना में कम मतदान, अब तक 283 संसदीय क्षेत्रों में मतदान हो चूका
नई दिल्ली | लोकसभा चुनाव के लिए 93 सीटों पर मंगलवार को तीसरे चरण का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो गया | इस दौरान करीब 64.5% वोटिंग दर्ज की गई | इससे पहले वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में 66% मतदान रिकॉर्ड किया गया था, लोकसभा चुनाव 2024 के पहले दो चरणों की तरह, तीसरे चरण में भी 2019 की तुलना में कम मतदान दर्ज किया गया |
तीसरे चरण के समापन के साथ अब 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 283 संसदीय क्षेत्रों में मतदान हो चूका है | चुनाव विश्लेषकों का कहना है कि तीनों चरणों में यूपी और बिहार में मतदान प्रतिशत सबसे कम रहा है, तीसरे चरण में भी छत्तीसगढ़, कर्नाटक और गोवा में मतदान प्रतिशत में वृद्धि देखने को मिली है | ऐसा चुनाव आयोग के लिए थोड़ी राहत की बात मानी जा रही है |
वर्ष 2019 के आंकड़ों की हम बात करे तो असम की चार सीटों का डेटा शामिल नहीं है, जहां अभी परिसीमन किया गया है | चुनाव आयोग के वोटर टर्नआउट ऐप पर रात 11.45 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में असम में 81.70% के साथ सबसे अधिक मतदान हुआ | वही सबसे कम मतदान उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर मतदान हुआ, जहां 2019 में 60% के मुकाबले 57.30% मतदान ही हो पाया | इसके बाद बिहार (58.20%) और गुजरात (59.20%) का स्थान रहा | गुजरात में सूरत को छोड़कर सभी सीटों पर मतदान हुआ | बतादे कि सूरत सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए | जबकि पश्चिम बंगाल की चार सीटों पर 75.80% मतदान हुआ, यह पांच साल पहले हुए 81.70% से बहुत कम है |

‘हालांकि मतदान शाम 6 बजे तक ही था, लेकिन कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी लंबी लाइन में देखा गया | कुछ क्षेत्रों में गर्म मौसम की स्थिति का सामना करते हुए, मतदाताओं ने अपने मतदान केंद्रों पर वोट डालने के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया | तीन चरणों में पूरे उत्तर-पूर्व, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों को कवर किया गया |
तीसरे चरण से शुरू करते हुए मतदान पैनल ने मतदाताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के समर्थन से, राष्ट्रीय और राज्य आइकनों से SMS अलर्ट, वॉट्सएप संदेश और वॉयस कॉल की एक प्रणाली शुरू की है |
पर्यटन मंत्रालय ने दुबई में आयोजित अरेबियन ट्रैवल मार्ट 2024 में भाग लिया
मंत्रालय ने पूरे वर्ष के दौरान भारत को एक समग्र गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने हेतु ‘कूल समर्स ऑफ इंडिया’ अभियान की शुरुआत की
अतुल्य भारत मंडप का उद्घाटन आज दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत सतीश कुमार सिवन ने किया। संयुक्त अरब अमीरात के संपूर्ण बाजार पर कब्जा करने के लक्ष्य के साथ, इस मंडप ने शानदार ढंग से अपना कदम रखा है। टूर ऑपरेटरों, लक्जरी होटल, वेलनेस रिसॉर्ट्स और भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए, भारत खुद को 365-दिवसीय गंतव्य के रूप में प्रदर्शित करने के लिए तैयार है।
कम-ज्ञात लेकिन आकर्षक स्थलों पर प्रकाश डालते हुए, पर्यटन मंत्रालय ने अरेबियन ट्रैवल मार्ट में ‘कूल समर्स ऑफ इंडिया’ अभियान की शुरुआत की है। यह डिजिटल अभियान गर्मी के मौसम में यात्रा की दृष्टि से भारत के बेहद गर्म होने की धारणा को चुनौती देता है और इसमें हिमालय सहित विभिन्न पहाड़ी रिसॉर्ट्स से संबंधित पेशकश पर जोर दिया गया है। इस अभियान का लक्ष्य पूरे वर्ष भारत को एक समग्र गंतव्य के रूप में बढ़ावा देना है।
अरेबियन ट्रैवल मार्ट 2024 में भारत की भागीदारी से पर्यटन उद्योग और बड़े पैमाने पर अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएं हैं। यह आयोजन पर्यटन से जुड़ी भारतीय कंपनियों को अपनी पेशकश प्रदर्शित करने, उद्योग के भीतर गठबंधन बनाने और मेना क्षेत्र के आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। बदले में, इससे पर्यटन क्षेत्र में राजस्व एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ईमेल मिला जिसमें एक के बाद एक 7 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम हरकत में
अहमदाबाद | बीते कई दिनों से दिल्ली एनसीआर के 100 से ज्यादा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। जिसके बाद प्रशासन में तहलका मच गया था। अब मिली जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद के सात स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। अहमदाबाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। मतदान से पहले आज सुबह के समय एक ईमेल मिला, जिसमें एक के बाद एक 7 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। जिसके बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर जांच की जा रही है।
इस घटना को लेकर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजित राजियान से बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि यह मेल एक बाहरी सर्वर से आया है और मेल में कहा गया है कि जो लोग नहीं मानेंगे उन पर हम सख्त कार्रवाई करेंगे और हम स्कूलों को उड़ा देंगे। इसके अलावा एक और संदेश भी दिया गया है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजित राजियान ने बताया कि आज सुबह 7-8 स्कूल में एक मेल आया है। हम इस मेल पर सख्त कदम उठाएंगे, जो लोग इस पर विश्वास नहीं करेंगे उन्हें बम से उड़ा दिया जाएगा। एक बाहरी सर्वर और यह एक नकली मेल प्रतीत होता है। इसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, भारत में इस प्रकार के मेल के साथ छेड़छाड़ की जा रही है पुलिस द्वारा लोगों पर भी नजर रखी जा रही है कि अगर उन्हें कुछ भी अज्ञात मिले तो पुलिस को सूचित करें।
जिन स्कूलों में धमकी मिली है, उन स्कूल में बम निरोधक टीम द्वारा जांच की जा रही है। इसके अलावा अहमदाबाद साइबर क्राइम यह भी जांच कर रहा है कि मेल कहां से और किसने भेजा है। अहमदाबाद पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध चीज की सूचना पुलिस को दें।
अक्षय तृतीया का पर्व 10 मई को, बाजारों में लौटी रौनक
डेस्क | अक्षय तृतीया का पर्व 10 मई को मनाया जाएगा। उसके ठीक पहले सोने की चमक फिर बढ़ गई है। सराफा बाजार में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव 71,500 रुपये पहुंच गया है। वहीं एक किलो चांदी का भाव 80,200 रुपये है। भाव बढ़ने के बाद भी लोगों में उत्साह कम नहीं हुआ है। मांगलिक कार्यों के लिए अभी से एडवांस आर्डर कर रहे हैं।
अक्षय तृतीया पर मान्यता है कि इस दिन पुण्य मुहूर्त का होता है। ऐसे में इस दिन खूब शादियां होती हैं। राजधनी के ज्यादातर होटल, मंगल भवन पहले से बुक हो चुके हैं। विवाह के लिए खरीदे जाने वाले परंपरागत सामग्री की दुकानें सज चुकी हैं।

अंचल में सैकड़ों की संख्या में शादियां होंगी और कोई पाबंदी भी नहीं होने के कारण मैरिज गार्डन, कैटरर्स, बैंड बाजे, हलवाई, सभी बुक हैं। दुकानदार और व्यापारियों के चेहरे पर मुस्कान आ चुकी है। दहेज में देने इलेक्ट्रानिक बाजार में कूलर, फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन, एलईडी टीवी तक आ चुके हैं। सबसे खास बात यह कि कैटरर्स, बैंड बाजे वालों के पास समय नहीं है।
अक्षय तृतीया के पूर्व बाजार बूम हो चुका है। मिट्टी से विभिन्न सामग्री बनाने वाले कुम्हार भी इन दिनों बेहद खुश हैं। समाज का हर परिवार अक्षय तृतीया के मौके पर मिट्टी के गुड्डा - गुड़िया बेचकर हजारों रुपये का कारोबार करने उत्साहित है। उनका कहना है कि त्योहारी सीजन और भीषण गर्मी ने कुम्हारों की पूछ परख बढ़ा दी है। कोरोना महामारी के बाद से ज्यादातर लोग मिट्टी के बने बर्तन व मटके का पानी पीना अधिक पसंद करते हैं। माना जाता है कि इससे स्वास्थ्य बेहतर रहता है।