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मंडला में आयुर्वेद कॉलेज और एक्सीलेंस कॉलेज शुरू होंगे - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंडला अंचल के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जनजातीय बहुल मंडला में आय़ुर्वेद महाविद्यालय प्रारंभ किया जाएगा। एलोपैथी चिकित्सा पद्धति वाले मेडिकल कॉलेज के साथ ही जिले को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का भी लाभ मिले। कोविड के समय आयुर्वेद का महत्व देखने को मिला था, तब आयुर्वेद के काढ़े ने नागरिकों को महामारी से बचाने का काम किया था। जल्द ही मंडला में एक्सीलेंस कॉलेज भी प्रारंभ किया जाएगा। इसकी शीघ्र शुरूआत होगी और आगामी सत्र से विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मंडला के रानी दुर्गावती महाविद्यालय परिसर में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश की 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों को कुल 1576 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि का अंतरण कर रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रहे 56 लाख 61 हजार हितग्राहियों के खातों में 340 करोड़ रुपये की राशि का भी सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 134 करोड़ रुपये विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी प्रतीक स्वरूप लाभान्वित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह भूमि वीरांगनाओं की भूमि है। रानी दुर्गावती ने अपने बलिदान से भारत का मान और सम्मान बढ़ाया। इसी तरह राष्ट्र के लिए जीवन का यहां रानी अवंती बाई ने भी बलिदान किया। नई शिक्षा नीति के माध्यम से ऐसी वीरांगनाओं के बलिदान से स्कूल, कॉलेजों के विद्यार्थियों को अवगत करवाने की पहल की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगनाओं के पराक्रम की जानकारी नई पीढ़ी के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। आज रानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण यहां हुआ है। इसके पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अक्टूबर 2023 को रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती पर उनके जीवन के विविध पहलुओं से परिचित करवाने वाले विशेष स्मारक के लिए जबलपुर में भूमिपूजन किया था। अब जन-जन को यह स्मारक रानी दुर्गावती के बलिदान के महत्व की जानकारी देने का महत्वपूर्ण केन्द्र बनेगा। इसकी लागत 100 करोड़ रुपये है।
सीमेंट उत्पादन डेटा के संग्रह के लिए सीआईएस पोर्टल पर भारतीय सीमेंट उद्योग का परामर्श
नईदिल्ली। भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने उद्योग की 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए सीमेंट उत्पादन डेटा संग्रह करने के तंत्र पर कल भारतीय सीमेंट उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श किया।
सीमेंट भारत के प्रमुख आठ उद्योगों में से एक है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में इन आठ कोर उद्योगों का 40.27 प्रतिशत वस्तुओं का भारांक शामिल है। सीमेंट उत्पादन डेटा का उपयोग डीपीआईआईटी के आर्थिक सलाहकार कार्यालय द्वारा आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की गणना के लिए किया जाता है जिसमें सीमेंट उत्पादन का भारांक 5.37 प्रतिशत है।
भारतीय सीमेंट उद्योग 600 मिलियन टन की स्थापित सीमेंट क्षमता और वर्ष 2022-23 में 391 मिलियन टन सीमेंट के उत्पादन के साथ दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा उद्योग है। वर्तमान में डीपीआईआईटी द्वारा, सीमेंट उत्पादन डेटा का संग्रह सीमेंट सूचना प्रणाली (सीआईएस) पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। यद्यपि, कुछ संयंत्र नियमित रूप से डेटा उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
सीमेंट उत्पादन डेटा का उपयोग सरकार द्वारा नीतिगत निर्णयों और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की गणना के लिए किया जाता है। उन्होंने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मजबूत और सटीक डेटा से सीमेंट उद्योग सहित सभी को सही निर्णय लेने में सुलभता होगी। इस डेटा पर विभिन्न एजेंसियां और निवेशक भी विश्वास जता कर रहे हैं। उन्होंने सीमेंट उद्योग से 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने और उत्पादन डेटा नियमित रूप से प्रस्तुत करने का विशेष अनुरोध किया।
डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव ने बताया कि डीपीआईआईटी व्यवसाय करने में आसानी के तहत सीमेंट संयंत्रों को 150 दिनों तक की अवधि के लिए या जब तक संयंत्र को बीआईएस प्रमाणन नहीं मिल जाता है, जो भी पहले हो, बिना आईएसआई मार्क के सीमेंट के निर्माण और बिक्री के लिए अनौपचारिक अनुमति प्रदान कर रहा है। भविष्य में अनौपचारिक अनुमति देने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए सीआईएस पोर्टल में पंजीकरण एक पूर्व अपेक्षित पात्रता होगी। उन्होंने यह भी बताया कि सीआईएस पोर्टल को संशोधित किया जा रहा है और यह संशोधित सीआईएस पोर्टल शीघ्र ही लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने सीआईएस पोर्टल के अद्यतन के लिए राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद (एनसीसीबीएम) को सीमेंट उद्योग के प्रतिनिधियों से चर्चा करने के चर्चा करने के लिए निर्देश दिये।
सीमेंट उद्योग के प्रतिनिधियों ने डीपीआईआईटी को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा सीमेंट उत्पादन डेटा नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाएगा और इस बात पर सहमति व्यक्त की कि सीमेंट उद्योग का सटीक और प्रामाणिक उत्पादन डेटा सभी के लिए लाभदायक होगा। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने यह भी आश्वासन दिया कि शेष संयंत्रों को 31 मार्च, 2024 तक सीआईएस पोर्टल पर लाया जाएगा।
भारत बुद्धि, कौशल और युवा शक्ति से विश्व में अपनी अलग पहचान रखता है: मुख्यमंत्री
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत बुद्धि, कौशल और युवा शक्ति से विश्व में अपनी अलग पहचान रखता है। हमारे युवा कम लागत एवं सीमित संसाधनों में भी अपनी बुद्धि और विवेक से कार्य कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। मध्यप्रदेश और देश के युवा सारे प्रश्नों और समस्याओं का हल ढूंढने में सक्षम हैं। युवा शक्ति के योगदान से प्रदेश और देश आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव मेनिट परिसर में आयोजित मध्य भारत के सबसे बड़े उद्यमशील उत्सव "ई-समिट 2024" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई समिट 2024 की सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 21 वीं सदी भारत की होगी। इस दिशा में हमारी युवा शक्ति का योगदान सराहनीय है। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं के सपनों की उडा़न में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
एमएसएमई के सचिव श्री पी नरहरि ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रतिष्ठित रूप से उभर कर सामने आया है। प्रदेश में इस तरह के कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करते हुए गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्टार्ट अप के क्षेत्र में प्रगति हुई है। मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। स्टार्ट अप के कार्यक्रमों को बढ़ावा देते रहेंगे। प्रदेश में उद्यमियों के लिए कई सुविधाएं देने का निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम में मेनिट के डायरेक्टर करूणेश कुमार शुक्ला और सीएआई एमपी स्टार्टअप सिद्धार्थ चतुर्वेदी, उद्यमी, विशेषज्ञ और विद्यार्थी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति ने किया 'विविधता का अमृत महोत्सव' का उद्घाटन... सांस्कृतिक वैभव ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
नईदिल्ली। उत्तर पूर्वी क्षेत्र की बहु-विध सांस्कृतिक विरासत का ऐतिहासिक उत्सव 'विविधता का अमृत महोत्सव' 8 से 11 फरवरी, 2024 तक राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया है। संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित महोत्सव ने जीवंत सांस्कृतिक उत्सव के रूप में दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया और समारोह की अध्यक्षता उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी ने की।
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास के लिए राष्ट्रपति के निरंतर समर्थन और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर पूर्वी क्षेत्र राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गया है और तभी से इसका अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि चाहे सड़क हो, रेल हो, वायुयान मार्ग हो या जल मार्ग उत्तर पूर्वी क्षेत्र के साथ दूरियां मिटी हैं और सांस्कृतिक, भावनात्मक और राजनीतिक कनेक्टिविटी हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्वी क्षेत्र की समृद्ध विरासत यहां के लोगों की असीमित समृद्धि की कुंजी है और सरकार इसे पूरी क्षमता से उजागर करने के लिए कई कदम उठा रही है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में उत्तर पूर्वी क्षेत्र पूरी तरह से परिवर्तित हो गया है तथा क्षेत्र के लोगों में और अधिक आशा एवं अपेक्षाएं हैं। उत्तर पूर्वी क्षेत्र के सभी आठ राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति ने इस अवसर की गरिमा बढ़ा दी।
विविधता का अमृत महोत्सव में 320 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। प्रत्येक स्टॉल सांस्कृतिक रूप से समृद्ध उत्तर पूर्वी क्षेत्र के अष्टलक्ष्मी राज्यों के अद्वितीय हस्तशिल्प, हथकरघा और कृषि उत्पादों को प्रदर्शित कर रहे हैं। इस महोत्सव में आगंतुकों को क्षेत्र के उत्कृष्ट हस्तशिल्प उत्पादों, चिरस्थायी हस्तशिल्प और जैविक कृषि उत्पादों सहित उत्तर पूर्वी क्षेत्र की सर्वश्रेष्ठ परम्परा को देखने और सराहने का अवसर मिल रहा है।
महोत्सव में उत्तर पूर्वी क्षेत्र के जीआई टैग उत्पादों के साथ शानदार जीआई उत्पादों का मंडप लगाया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध असम के मुगा सिल्क से लेकर, मणिपुर की खूबसूरती से बुनी गई वांगखेई फी, अरुणाचल प्रदेश के हस्तनिर्मित कालीन और त्रिपुरा का मनोरम क्वीन पाइनएप्पल तक यहां प्रदर्शित किया गया है। यह बहुत गर्व का विषय है कि उत्तर पूर्वी क्षेत्र के इस उत्सव में अष्टलक्ष्मी राज्यों के 25 से अधिक कलात्मक वस्त्र और कृषि जीआई टैग उत्पादों को दर्शाया गया है।
इमरान की पार्टी कर रही थी जीत का दावा, नवाज शरीफ अपनी ही सीट से हारे... मुख्य चुनाव आयुक्त हुए 'गायब'
डेस्क। पाकिस्तान में चुनावी मतगणना के बीच हालात तनावपूर्ण बन गए है। प्रारंभिक रुझानों में जिन सीटों पर इमरान खान की पार्टी को बढ़त दिख रही थी, अब इन सीटों पर नवाज शरीफ की पार्टी को आगे बताया जा रहा है। फिलहाल पांच सीटों पर इमरान और चार सीटों पर नवाज शरीफ की पार्टी ने जीत दर्ज कर ली है।
पाकिस्तान में आम चुनाव के बाद मतगणना जारी है। प्रधानमंत्री बनने की तैयारी कर रहे नवाज शरीफ अपनी दोनों सीटों पर हारते नजर आ रहे हैं। अब तक सामने आए परिणाम के मुताबिक पांच सीटों पर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) जीत दर्ज कर चुकी है। वहीं नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (PMLN) को 4 सीटों पर जीत मिली है। 3 सीटों पर अमीन फहीम की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पार्लियामेंटेरियन (PPPP) ने जीत हासिल की है। पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि 154 सीटों पर इमरान की पार्टी आगे चल रही है।
मतगणना के बीच पाकिस्तान में हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त के गायब होने की बात कही जा रही है। इस दावे ने पाकिस्तान में चुनावी साजिश की आशंका बढ़ा दी है। इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान राजा ने सभी रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को आखिरी परिणाम देने के लिए 30 मिनट की समय सीमा दी थी। उन्होंने कहा था कि ऐसा ना करने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
आठ प्रमुख उद्योगों में कोयला क्षेत्र ने दिसंबर में 10.6 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की
नईदिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आठ प्रमुख उद्योगों (आईसीआई) (आधार वर्ष 2011-12) के सूचकांक के अनुसार दिसंबर 2023 के महीने में कोयला क्षेत्र ने आठ प्रमुख उद्योगों में से 10.6 प्रतिशत (अनंतिम) की उच्चतम वृद्धि दर्ज की है। कोयला उद्योग का सूचकांक दिसंबर' 23 के दौरान 204.0 अंक तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान यह 184.4 अंक था और इसका संचयी सूचकांक अप्रैल से दिसंबर, 2023-24 के दौरान पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 12.5 प्रतिशत बढ़ गया है।
नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि आठ प्रमुख उद्योगों के संयुक्त सूचकांक में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में दिसंबर 2023 में 3.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। आईसीआई आठ प्रमुख उद्योगों सीमेंट, कोयला, कच्चा तेल, बिजली, उर्वरक, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और इस्पात के संयुक्त और व्यक्तिगत उत्पादन प्रदर्शन का मापन करता है।
कोयला क्षेत्र (आईसीआई में वजन 10.33 प्रतिशत ) ने आठ प्रमुख उद्योगों की समग्र वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो पिछले छह महीनों में दोहरे अंक की वृद्धि का प्रतिनिधित्व करता है और पिछले दो वित्तीय वर्षों में आठ मुख्य उद्योगों की समग्र वृद्धि की तुलना में काफी अधिक है।
कोयला उद्योग के सूचकांक में प्रभावशाली वृद्धि का श्रेय दिसंबर 2023 के महीने में कोयला उत्पादन में भारी वृद्धि को दिया जा सकता है, जो 92.92 मिलियन टन (एमटी) तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के इसी महीने के 83.91 मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर गया है। इसमें 10.74 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। कोयला क्षेत्र का असाधारण विस्तार, आठ प्रमुख उद्योगों के समग्र विकास को गति देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के साथ मिलकर, कोयला मंत्रालय के निरंतर प्रयासों और सक्रिय पहल का प्रमाण है। ये प्रयास "आत्मनिर्भर भारत" के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं और आत्मनिर्भरता और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में देश की प्रगति में योगदान करते हैं।
भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के बीच 17वीं वार्ता का आयोजन
नईदिल्ली। भारतीय नौसेना (आईएन) और फ्रांसीसी नौसेना (एफएन) के बीच 17वीं स्टाफ वार्ता 6-7 फरवरी 2024 को नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता रियल एडमिरल निर्भय बापना, एसीएनएस (एफसीआई) और रियल एडमिरल जीन मार्क दुरंडौ, निदेशक इंटरनेशनल एंगेजमेंट्स, फ्रांसीसी नौसेना ने की।
इस वार्ता में दोनों पक्षों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। प्रमुख वार्ताओं में परिचालन, प्रशिक्षण, एसएमई आदान-प्रदान आदि शामिल रहे। दोनों पक्षों ने दोनों नौसेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग को भी स्वीकार किया और समुद्री क्षेत्र में सहयोग और अंतरसंचालनीयता बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।
स्टाफ वार्ता से इतर, रियल एडमिरल जीन मार्क दुरंडौ, निदेशक इंटरनेशनल एंगेजमेंट्स, फ्रांसीसी नौसेना ने 7 फरवरी 2024 को नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती से मुलाकात की और भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के बीच उच्च स्तर के समन्वय और अंतरसंचालनीयता पर जोर किया। उन्होंने 6 फरवरी 2024 को आईएफसी-आईओआर का भी दौरा किया।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने किया आरडी गार्डी अस्पताल में उज्जैन कैंसर सेंटर का लोकार्पण
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने उज्जैन के आरडी गार्डी अस्पताल में स्थापित उज्जैन कैंसर सेंटर का लोकार्पण किया। उज्जैन कैंसर सेंटर में कैंसर का अत्याधुनिक तकनीक एवं मशीनों से इलाज किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने उज्जैन कैंसर सेंटर का भ्रमण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों से चर्चा की।
कैंसर सेंटर में डिजिटल रेडियो थैरेपी, मेडिकल अन्कोलॉजी, सर्जिकल अन्कोलॉजी एवं अत्याधुनिक पैथालॉजी की सुविधा मिलेगी। स्तन कैंसर, गर्भाशय का कैंसर का बेक्री थैरेपी से इलाज किया जायेगा। अस्पताल में मेडिकल अन्कोलॉजी रेडिएशन, गाइनी, न्यूरो, पेड्रियाटिक, अन्कोलॉजी की विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन संभाग का पहला प्रायवेट आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज उज्जैन में स्थित है। स्व.बाबूलाल जैन एवं डॉ.विजय कुमार महाडिग के अथक प्रयासों से यह अस्पताल बना है। यह पूरे क्षेत्र एवं प्रदेश का गौरव है। पूरे देश में आरडी गार्डी अस्पताल ने एक साख बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों को एक कर दिया गया है। शिक्षा एवं उच्च शिक्षा को भी एक किया गया है। यह तय किया गया है कि नर्सिंग एवं पैरामेडिकल का कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को नजदीक के कॉलेज में ही परीक्षा देनी पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता के फूड एवं सेफ्टी के नियमों का पूरा ध्यान रखते हुए गया है खुले में मांस एवं मछली की बिक्री को प्रतिबंधित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आज विश्व में प्रथम स्थान पर है। सब मिलकर प्रदेश को देश में नम्बर वन बनायेंगे।
इस अवसर पर डॉ.सत्यनारायण जटिया ने कहा कि उज्जैन में चिकित्सा सुविधा का विस्तार हो रहा है। उज्जैन कैंसर सेंटर से कैंसर के मरीजों को उपचार में राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना के क्रूर समय में भी आरडी गार्डी अस्पताल ने सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में अन्कोलॉजी रेडिएशन का काम शुरू होगा। अत्याधुनिक मशीनें अस्पताल में उपलब्ध है।
Pakistan Election 2024: आम चुनाव के लिए मतदान शुरू... 266 सीटों पर 5121 उम्मीदवार मैदान में
डेस्क। पाकिस्तान में आज आम चुनाव के लिए मतदान शुरू हो चुका है, जो शाम पांच बजे तक जारी रहेगा। यहां कुल 266 सीटों पर वोटिंग जारी है। जिमसें 5,121 उम्मीदवार मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे है। पाकिस्तान में भले ही चुनाव हो रहे हैं, लेकिन सभी को पता है कि जीतेगा वही, जिसे वहां की सेना जिताना चाहेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (PMLN) सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरकर सामने आ सकती है। इसके साथ ही बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) दूसरे स्थान पर रहने की संभावना है। बची हुई सीटों पर इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी और दूसरे दलों के रहने की संभावना जताई जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस चुनाव में नवाज शरीफ की पार्टी 115 से अधिक सीटें मिल सकती है। इसमें महिलाओं और अल्पसंख्यकों की आरक्षित सीटों को भी जोड़ा जाए तो PMLN अकेले ही सरकार बना लेगी। आम चुनावों में पीपीपी को 35 से 40 सीटें मिलने की उम्मीद है, जबकि पीटीआई के स्वतंत्र उम्मीदवारों को 23 से 29 सीटें मिल सकती हैं।
विधानसभा में मूणत ने उठाया स्काई वॉक का मुद्दा.... मंत्री बोले निर्माण पूरा करने का मिला सुझाव
रायपुर। राजधानी के चर्चित अधूरे “स्काई वॉक” को लेकर विधायक राजेश मूणत ने सदन में सवाल उठाया। मूणत ने लोक निर्माण मंत्री अरूण साव से पूछा कि रायपुर में स्काई वॉक कब स्वीकृत हुआ था, तथा इसका कार्य कब तक पूर्ण होना था? कार्य की अद्यतन स्थिति क्या है? जिसके जवाब में मंत्री साव ने बताया कि स्काई वॉक निर्माण की स्वीकृति 8.3.2017 को हुआ था। अनुबंधानुसार कार्य की पूर्णता तिथि 23 जनवरी 2018 थी। लगभग 50 प्रतिशत भौतिक एवं वित्तीय कार्य करने के बाद दिनांक 5 अप्रैल 2019 से कार्य बंद है।
मंत्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री छ.ग. शासन की अध्यक्षता में ली गई समीक्षा बैठक दिनांक 1.3.2019 में लिए निर्णय अनुसार इसका निर्माण कार्य रोका गया है। कार्यपालन अभियंता, लो.नि.वि. सेतु संभाग रायपुर के दिनांक 5 अप्रैल 2019 के माध्यम से कार्य को स्थगित रखने हेतु अनुबंधक को पत्र जारी किया गया। वहीं इसे लेकर सामान्य प्रशसन विभाग ने दो समितियों का गठन किया है। एक सामान्य सुझाव समिति और दूसरा तकनीकि सुझाव समिति। स्काईवॉक फुट ओव्हर ब्रिज के शेष कार्य को पूर्ण करने हेतु सदस्यों का सुझाव प्राप्त हुआ है।”
दिल्ली के सीएम को बड़ा झटका... ईडी की शिकायत पर कोर्ट ने भेजा समन
नईदिल्ली। ईडी द्वारा बार-बार समन दिए जाने के बाद भी पेश नहीं होने के मामले में कोर्ट ने पेशी के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन जारी किया है। कोर्ट ने केजरीवाल को 17 फरवरी को पेश होने के लिए कहा है। दरअसल, दिल्ली शराब घोटाला मामले में ईडी के 5 समन के बावजूद दिल्ली सीएम केजरीवाल के पेश न होने के खिलाफ ईडी द्वारा कोर्ट में याचिका लगाई थी। सुनवाई करते हुए राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया और केजरीवाल को 17 फरवरी को पेश होने का समन जारी किया।
बतादें कि शराब नीति घोटाला मामले में ईडी दिल्ली के सीएम केजरीवाल से पूछताछ करना चाहती है। इसको लेकर केजरीवाल को पांच बार समन जारी किया जा चुका है। हालांकि केजरीवाल ने इन समन को अवैध और राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया और ईडी के सामने पेश नहीं हुए। ईडी ने इसी महीने 2 फरवरी को ही 5वां समन जारी किया था। फिर भी केजरीवाल नहीं पेश हुए. इसके बाद ईडी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
कोर्ट में ईडी ने दलील दी कि अलग-अलग तारीखों पर उन्हें जारी किए गए समन का पालन नहीं किया और उपस्थित नहीं हुए। केजरीवाल को उनकी भूमिका और दूसरों की भूमिका का पता लगाने और अपराध से हुई आय का पता लगाने के लिए बुलाया गया था। केजरीवाल एक उच्च पदस्थ सार्वजनिक पदाधिकारी हैं जिनसे कानून का पालन करने की उम्मीद की जाती है। अगर इतने ऊंचे पद पर बैठे लोग कानून की अवहेलना करेंगे तो यह आम आदमी के लिए गलत उदाहरण होगा।
आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी..... ''जिन्हें मिल चुका लाभ, वे आरक्षण श्रेणी से निकलें बाहर..."
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पिछड़ी जातियों में जो लोग आरक्षण के हकदार थे और इससे लाभान्वित भी हो चुके हैं, उन्हें अब आरक्षित कैटेगरी से बाहर निकालना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि उन्हें अधिक पिछड़ों के लिए रास्ता बनाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों की संविधान पीठ ने ‘इस कानूनी सवाल की समीक्षा शुरू कर दी है कि क्या राज्य सरकार को शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के लिए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों में उप-वर्गीकरण करने का अधिकार है?’ संविधान पीठ ने सुनवाई के पहले दिन कहा कि वह 2004 के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की वैधता की समीक्षा करेगा, जिसमें कहा गया था कि राज्यों के पास आरक्षण देने के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को आगे उप-वर्गीकृत करने का अधिकार नहीं है।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह की दलीलों का सारांश देते हुए कहा, “इन जातियों को बाहर क्यों नहीं निकालना चाहिए? आपके अनुसार एक विशेष वर्ग में कुछ उपजातियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। वे उस श्रेणी में आगे हैं। उन्हें उससे बाहर आकर जनरल से मुकाबला करना चाहिए। वहां क्यों रहें? जो पिछड़े में अभी भी पिछड़े हैं, उन्हें आरक्षण मिलने दो। एक बार जब आप आरक्षण की अवधारणा को प्राप्त कर लेते हैं, तो आपको उस आरक्षण से बाहर निकल जाना चाहिए।” महाधिवक्ता ने कहा, “यही उद्देश्य है। यदि वह लक्ष्य प्राप्त हो जाता है तो जिस उद्देश्य के लिए यह अभ्यास किया गया था वह समाप्त हो जाना चाहिए।”
संविधान पीठ की अगुवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ सुनवाई के दौरान यह साफ कर दिया कि वह सिर्फ मात्रात्मक डेटा से संबंधित तर्कों में नहीं पड़ेगी जिसके चलते पंजाब सरकार को कोटा के अंदर 50 फीसदी कोटा प्रदान करना पड़ा। संविधान पीठ में मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ के अलावा न्यायमूर्ति बीआर गवई, विक्रम नाथ, बेला एम त्रिवेदी, पंकज मिथल, मनोज मिश्रा और सतीश चंद्र मिश्रा भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट उन 23 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के 2010 के फैसले को चुनौती दे दी गई है। इसमें पंजाब सरकार की मुख्य अपील भी शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों की संविधान पीठ अब इस सवाल की जांच कर रही है कि क्या अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की तरह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणियों के अंदर उप-वर्गीकरण की अनुमति दी जानी चाहिए और क्या राज्य विधानसभाएं इस अभ्यास को करने के लिए राज्यों को सशक्त बनाने वाले कानून पेश करने में सक्षम हैं। इससे पहले, पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने अपनी बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि कानूनी प्रावधानों और दो जातियों के लिए विशेष प्रावधान बनाने के कारणों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘जाति व्यवस्था और भेदभाव के चलते समाज में गहरे विभाजन हुए और कुछ जातियां हाशिए पर चली गई हैं और निराशा की स्थिति में आ गई हैं। जो लोग हाशिए पर चले गए हैं, उनके पास पिछड़ापन आ गया है।
‘पिछड़ों में से सबसे पिछड़ों को सबसे आगे लाना उद्देश्य’
आगे बढ़ना उन लोगों का अधिकार है, जिनके पास यह है और हमें पिछड़ेपन पर ध्यान देने की जरूरत है जो सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक आदि हो सकता है।’ पंजाब सरकार की ओर से उन्होंने कहा कि 2006 के कानून में आरक्षण 50 प्रतिशत तक सीमित था और इसे तरजीही आधार पर लागू किया गया था और यह किसी भी मानक द्वारा बहिष्करण का कार्य नहीं था और इसका उद्देश्य पिछड़ों में से सबसे पिछड़ों को सबसे आगे लाना था।
मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान दो कानूनी सवालों की पहचान करते हुए कहा कि ‘इस पर पंजाब सरकार को ध्यान देना चाहिए। पहला, यह कि क्या वास्तविक समानता की धारणा राज्य को आरक्षण का लाभ देने के लिए पिछड़े वर्गों के भीतर व्यक्तियों के अपेक्षाकृत पिछड़े वर्ग की पहचान करने की अनुमति देती है। दूसरा, यह कि क्या संघीय ढांचा, जहां संसद ने पूरे देश के लिए जातियों और जनजातियों को नामित किया है, यह राज्यों पर छोड़ देता है कि वे अपने क्षेत्र के भीतर अपेक्षाकृत हाशिए पर रहने वाले समुदायों को कल्याणकारी लाभ के लिए नामित करें।’
इस मामले में, 27 अगस्त, 2020 को सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ ने चिन्नैया मामले में 2004 में पारित 5 जजों के फैसले से असहमति जताई थी और इस मामले को सात सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष भेज दिया था।
बिम्सटेक एक्वेटिक्स चैंपियनशिपः 7 बिम्सटेक देश आए एक साथ... केंद्रीय खेल मंत्री ने किया शुभारंभ
नईदिल्ली। केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज नई दिल्ली में बिम्सटेक एक्वेटिक्स चैंपियनशिप 2024 की शुरुआत की। बिम्सटेक एक्वेटिक्स चैंपियनशिप पहली बार आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि दुनिया की 25 प्रतिशत आबादी दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र में रहती है। उन्होंने आगे कहा कि 7 बिम्सटेक देशों के एक साथ आने से, बंगाल की खाड़ी क्षेत्र न केवल यात्रा और परिवहन के लिए उपयोग किया जाने वाला क्षेत्र बनेगा, बल्कि प्रगति, विकास और सहयोग का क्षेत्र भी बन जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे न केवल घनिष्ठ दोस्ती में मदद मिलेगी, बल्कि एक मजबूत खेल संस्कृति का निर्माण भी होगा, जो एथलीटों के बीच दोस्ती को मजबूत करने में भी मदद करेगा। इसी विचार के साथ माननीय प्रधानमंत्री ने नेपाल में शिखर सम्मेलन में इस खेल आयोजन की परिकल्पना की थी।
यह संगठन इतिहास में पहली बार किसी ऐसी खेल प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है जिसकी मेजबानी भारत में की जा रही है। इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान की थी, जहां उन्होंने भारत में बिम्सटेक यूथ वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता के आयोजन की घोषणा की थी। यह आयोजन शुरू में वर्ष 2021 के लिए प्रस्तावित था, हालाँकि, बाद में दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण इसे 2024 तक स्थगित कर दिया गया।
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय खेल मंत्री के साथ, युवा मामले और खेल मंत्री नेपाल के दिग बहादुर लिंबू और इंद्र मणि पांडे, महासचिव, बिम्सटेक उच्चायुक्त और बिम्सटेक के भारत में राजदूत, भाग लेने वाले देशों और भारत सरकार के गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
पहली बिम्सटेक एक्वेटिक्स चैंपियनशिप 6 फरवरी से 9 फरवरी 2024 तक दिल्ली के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्विमिंग पूल कॉम्प्लेक्स में आयोजित की जा रही है, जिसमें तैराकी, वाटर पोलो और डाइविंग स्पर्धाओं में 20 से कम आयु वर्ग के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
तीन खेल स्पर्धाओं में कुल 39 पदक प्रदान किए जाएंगे और साथ ही कुल 9 ट्रॉफियां भी दी जाएंगी। आयोजनों में 500 से अधिक कर्मियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें विभिन्न बिम्सटेक सदस्य देशों के 268 एथलीट शामिल हैं। बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच एक अद्वितीय कड़ी का गठन करता है, जिसमें दक्षिण एशिया (बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका) के पांच सदस्य और दक्षिण-पूर्व एशिया (म्यांमार और थाईलैंड) के दो सदस्य हैं।
जबलपुर वासियों के अच्छी खबर... मुंबई और दिल्ली के लिए सीधी विमान सेवा 1 मार्च से
जबलपुर। मध्य प्रदेश में उड़ान सेवाओं का विस्तार लगातार जारी है। इस बार जबलपुर वासियों के लिए विमानन मंत्रालय ने अच्छी खबर दी है। अगले महीने से दिल्ली से जबलपुर और मुंबई से जबलपुर की सीधी उड़ान सेवा फिर से शुरू की जाएगी। जबलपुर को दिल्ली और मुंबई से जोड़ने वाली उड़ान सेवा स्पाइसजेट कंपनी द्वारा संचालित की जाएगी।
दिल्ली से जबलपुर के लिए सीधी उड़ान 1 मार्च 2024 से शुरू होगी। दिल्ली और जबलपुर के बीच उड़ान सेवा 1 मार्च 2024 से सप्ताह में दो दिन रहेगी। वहीं मुंबई से जबलपुर के बीच उड़ान सेवा 2 मार्च 2024 से संचालित होगी। केंद्रीय नागरिक विमानन और इस्पात मंत्री, ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने कहा, "मुझे खुशी है कि स्पाइसजेट के सहयोग से, जबलपुर को मुंबई और दिल्ली के लिए अतिरिक्त संपर्क प्राप्त होगा।"
उन्होंने कहा, “यह न केवल जबलपुर के लोगों के लिए एक आसान और समय बचाने वाला यात्रा अनुभव सुनिश्चित करेगा बल्कि व्यापार, वाणिज्य और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाएगा। जबलपुर हवाई अड्डे को एक नया टर्मिनल भवन भी मिलने वाला है, जो 412 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। यह टर्मिनल भवन यात्रा और आर्थिक विकास को नई ऊर्जा देगा।”
UCC बिलः विवाह पंजीयन नहीं कराने पर जुर्माना.... शादी के एक साल तक नहीं होगा तलाक
डेस्क। उत्तराखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता को लेकर बिल पेश कर दिया है। अब इसको लेकर विधानसभा में चर्चा होगी, जिसके बाद बिल पर वोटिंग होगी। इस बिल के ड्राफ्ट में विवाह का पंजीयन अनिवार्य, न्यायिक प्रक्रिया से तलाक समेत मुद्दों को शामिल किया है।
1. विवाह के समय पुरुष की आयु 21 वर्ष पूरी हो और स्त्री की आयु 18 साल हो। विवाह का पंजीकरण धारा 6 के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगेगा।
2. तलाक के लिए कोई भी पुरुष या महिला कोर्ट में तब तक नहीं जा सकेगा, जबतक विवाह की अवधि एक साल न हो गई हो।
3. विवाह चाहे किसी भी धार्मिक प्रथा के जरिए किया गया हो, लेकिन तलाक केवल न्यायिक प्रक्रिया के तहत हो सकेगा।
4. किसी भी व्यक्ति को पुनर्विवाह करने का अधिकार तभी मिलेगा, जब कोर्ट ने तलाक पर निर्णय दे दिया हो और उस आदेश के खिलाफ अपील का कोई अधिकार नहीं रह गया हो।
5- कानून के खिलाफ विवाह करने पर छह महीने की जेल और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा नियमों के खिलाफ तलाक लेने में तीन साल तक का कारावास का प्रावधान है।
6- पुरुष और महिला के बीच दूसरा विवाह तभी किया जा सकता है, जब दोनों के पार्टनर में से कोई भी जीवित न हो।
7- महिला या पुरुष में से अगर किसी ने शादी में रहते हुए किसी अन्य से शारीरिक संबंध बनाए हों तो इसको तलाक के लिए आधार बनाया जा सकता है।
8- अगर किसी ने नपुंसकता या जानबूझकर बदला लेने के लिए विवाह किया है तो ऐसे में तलाक के लिए कोई भी कोर्ट जा सकता है।
9- अगर पुरुष ने किसी महिला के साथ रेप किया हो, या विवाह में रहते हुए महिला किसी अन्य से गर्भवती हुई हो तो ऐसे में तलाक के लिए कोर्ट में याचिका लगाई जा सकती है. अगर महिला या पुरुष में से कोई भी धर्मपरिवर्तन करता है तो इसे तलाक की अर्जी का आधार बनाया जा सकता है।
10- संपत्ति को लेकर महिला और पुरुषों के बीच बराबर अधिकार होगा. इसमें किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा. इसके अलावा इच्छा पत्र और धर्मज को लेकर भी कई तरह के नियम भी शामिल हैं।
यहां की पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट... तीन लोगों की हुई मौत, 40 से अधिक घायल
भोपाल। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मगरधा रोड पर स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत की खबर आ रही है, जबकि 40 से अधिक लोग हादसे में घायल हो गए। फैक्ट्री में विस्फोट होने के बाद वहां की दीवारों में दरारें आ गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। वहीं फायर ब्रिग्रेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई है। अस्पताल में भी भगदड़ का माहौल है। इस घटना का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने तत्काल मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, उदय प्रताप सिंह, एसीएस अजीत केसरी, डीजी होम गार्ड अरविंद कुमार हेलीकॉप्टर से जाने के निर्देश दिए। वहीं भोपाल और इंदौर में मेडिकल कॉलेज और एम्स भोपाल में बर्न यूनिट को आवश्यक तैयारी करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ऋषि गर्ग ने कहा कि पटाखा फैक्ट्री में अचानक आज सुबह ब्लास्ट हुआ है. भीषण आग लगी हुई है। इस विस्फोट में कई लोग घायल हुए हैं। 20-25 लोगों को हमने अस्पताल में एडमिट कराया है। कई लोगों की हालत गंभीर है। हमने आसपास के जिलों से एंबुलेंस, डॉक्टरों की टीम, स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स टीम और एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया है।
Paytm: ED की जांच के बीच विजय शेखर शर्मा से मिले RBI के अधिकारी
डेस्क। डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन कंपनी Paytm का संकट जारी है। मंगलवार को सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि कंपनी के खिलाफ ED ने FEMA के नियमों के तहत जांच शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर Paytm से जुड़ी एक ओर खबर सामने आम रही है, कि केंद्रीय रिजर्व बैंक RBI के अधिकारियों ने कंपनी के फाउंडर विजय शेखर शर्मा से मुलाकात की है।
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक उनसे मिलकर कंपनी को लेकर चल रही रेगुलेटरी चिंताओं को दूर करने के लिए रोडमैप तैयार करने पर चर्चा हुई है। इसे लेकर बकायदा बैठक हुई है। जिसमें कंपनी के अधिकारी भी शामिल रहे। कंपनी पर फॉरेक्स वॉयलेशन को लेकर जांच चल रही है। हालांकि, पेटीएम ने फेमा उल्लंघन की खबरों को सिरे से खारिज किया है।
बतादें कि आरबीआई ने बीते 3 जनवरी को पेटीएम की बैंकिंग शाखा पेटीएम पेमेंट बैंक की सर्विसेज को रोकने का आदेश दिया था। जो कि आने वाली 29 फरवरी से लागू किया जाएगा। इस आदेश के बाद से ही पेटीएम के स्टॉक में लगातार तीन दिन तक लोअर सर्किट लगा रहा।