देश-विदेश
विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा आरंभ किया गया है। साथ ही आमजन को जीएसटी रिफॉर्म्स के लाभ दिलाने तथा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत जन-जन को स्वदेशी अभियान में शामिल करने के उद्देश्य से भी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान में आमजन की सक्रिय भागीदारी से सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास तथा वोकल फॉर लोकल की भावना के अनुरूप गतिविधियां जारी हैं। प्रत्येक वार्ड और ग्राम स्तर तक गतिविधियों का प्रभावी व्यवस्थित और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'स्वच्छता ही सेवा अभियान', 'एक बगिया मां के नाम' और 'एक पेड़ मां के नाम' के अंतर्गत पौधरोपण, नमो पार्क तथा नमो उपवन विकसित करने, विद्यालय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, जनसामान्य को स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प सामग्री खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने जैसी गतिविधियां जनभागीदारी से संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में 'विकसित भारत' थीम पर निबंध, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा संगोष्ठियां भी हो रही हैं।
बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल सहित शिवप्रकाश और हितानंद शर्मा उपस्थित थे।
मुरैना ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना ने ग्रीन ऊर्जा और स्टोरेज को दी नई दिशा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि ”मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है।
मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मानवीय संवेदना
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का परिचय देते हुए इंदौर की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय संस्कृति वर्मा के उपचार की पूरी जिम्मेदारी ली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शनिवार को उच्च स्तरीय उपचार के लिये संस्कृति वर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका विशेष उपचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देश मिलते ही कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में संस्कृति वर्मा को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से मुम्बई भेजने की समुचित व्यवस्था की गयी। भण्डारी हॉस्पिटल से इस बालिका को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से एयरपोर्ट पहुंचाया गया और एयर एम्बुलेंस से मुम्बई के लिये रवाना किया गया। विगत दिनों इंदौर में हुये ट्रक हादसे में संस्कृति वर्मा गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उनका उपचार इंदौर के भंडारी अस्पताल में किया जा रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल पहुंचकर संस्कृति वर्मा के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और चिकित्सकों को हर संभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपचार का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। ईलाज में कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानवीय संवेदना को सर्वोपरि रखते हुए संस्कृति वर्मा के उच्च स्तरीय उपचार के लिये एयरलिफ्ट कर मुंबई भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति वर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
विकास से विंध्य क्षेत्र की बदलेंगे तकदीर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकास यज्ञ चल रहा है। विकास का यह कारवां अब रूकेगा नहीं, बल्कि और तेजी से यूं ही चलता रहेगा। विंध्य के विकास में सरकार कोई कसर नहीं रखेगी और हम सब मिलकर विकास परियोजनाओं के जरिए इस क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए त्योंथर में 400 एकड़ उपलब्ध भूमि पर नया औद्योगिक प्रक्षेत्र बनाने, त्योंथर के सिविल अस्पताल को 50 बेड से बढ़ाकर 100 बेडेड करने, त्योंथर में आईटीआई का निर्माण और तमस नदी के तट पर रिवर कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने निवेशक फर्म आईओसीजीपीएस रिन्युएबल प्रायवेट लिमिटेड द्वारा करीब 125 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित किए जाने वाले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भूमिपूजन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा सड़क दुर्घटना में मृत जीना वर्मा के परिजन को सरकार की ओर से 4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा के चाकघाट कृषि उपज मंडी में आयोजित 'विंध्य विकास संकल्प' सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्री श्रीनिवास तिवारी की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश को रोशन करने में अग्रणी है। इस क्षेत्र ने विद्युत उत्पादन, सोलर पॉवर प्रोडक्शन और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। ऊर्जा उत्पादन में धनी यह क्षेत्र सच्चे अर्थों में देश की ऊर्जा धानी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास की गतिविधियां तेजी से जारी हैं। बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए त्योंथर को भी उद्योगों की सौगात मिल रही है। आज त्योंथर में 162 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ है। उन्होंने तीन उद्योगपतियों को उद्योग लगाने के लिये भूमि आवंटन पत्र प्रदान किये। हमारी सरकार प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करते हुए विद्यार्थी बच्चों को यूनिफार्म, किताबें, साइकिल, लैपटॉप और स्कूटी सहित स्कॉलरशिप भी दे रही है। डबल इंजन की सरकार में प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण का बखूबी ध्यान रखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शेरों का बल, बीरबल की बुद्धि और विंध्य की वाणी हम सभी ने तुलसीदास जी के माध्यम से सुनी है। यहां इन्वेस्टर श्री विनोद अग्रवाल भी आए हैं। ये 125 करोड़ लागत से कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगा रहे हैं। ये किसानों से पराली भी खरीदेंगे। अब किसानों को उनकी खेत में फसल अपशिष्ट (कचरा) से भी आय बढ़ेगी। खेत भी साफ हो जाएगा और पैसे भी मिल जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर रायपुर में प्रदर्शनी, उपलब्धियों और जीवन यात्रा की झलक
चीता परियोजना के सफल तीन वर्ष
भोपाल : पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ते चीतों के परिवार के साथ मध्यप्रदेश एशिया का गौरव बन गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को अपने जन्म दिवस पर पहले पालपुर कूनो में चीते छोड़कर प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। आज चीतों के परिवारों में वृद्धि हो रही है। 'प्रोजेक्ट चीता को ‘इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार हाल ही में नई दिल्ली में आईएफएस एसोसिएशन और इंडियन मास्टरमाइंड्स द्वारा आयोजित तीसरे इको वॉरियर अवॉर्ड्स कार्यक्रम में प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अवॉर्ड मिलने पर चीता परियोजना से जुड़ी प्रबंधन टीम को बधाई दी है।.
प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाकर हुई। इसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तत्काल ध्यान आकर्षित किया। कई शंकाएँ भी उठीं कि भारतीय वातावरण चीता के लिए उपयुक्त नहीं है। इस अवधारणा को तोड़ते हुए कूनो पालपुर और गांधी सागर अभयारण में चीते फर्राटे भर रहे है और उनकी संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।
प्रोजेक्ट चीता की तीन वर्ष की यात्रा चुनौतीपूर्ण होने के साथ प्रेरणादायक भी रही है। यह परियोजना अब और अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। पिछले तीन वर्षों में चीता परियोजना प्रबंधन टीम ने कभी हार नहीं मानने का पाठ सीखा।
चीता प्रबंधन के हर पहलू से ऐसी मूल्यवान जानकारियाँ मिलीं हैं, जिससे अनुभव रखने वाले और नए दोनों पेशेवरों की समझ में वृद्धि हुई है। किसी जीवित प्राणी के साथ काम करते समय जोखिम अनिवार्य होते हैं। पिछले तीन वर्षों में केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, फील्ड मैनेजर्स, पशु चिकित्सकों और फ्रंटलाइन स्टाफ का आत्मविश्वास मज़बूत हुआ। इन वर्षों में यह भी साबित हो गया कि मध्यप्रदेश आपात स्थितियों और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम है। प्रोजेक्ट चीता की सफलता टीमवर्क का प्रतीक है जहाँ सभी पेशेवर एक ही उद्देश्य के लिए प्रतिबद्धता और कौशल के साथ कार्य कर रहे हैं।
मानवता की सेवा के लिये रक्तदान जरूरी : उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गंभीर मरीजों को समय पर रक्त मिल सके इसके लिये जरूरी है कि समाज में रक्तदान करने के लिये जगरूकता कार्यक्रम चलाए जायें। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को इस कार्य के लिये प्रोत्साहित किये जाने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल मंगलवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में दामोदर युवा संगठन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रक्तदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार अपने साधनों से बेहतर से बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र में सेवा के विस्तार के लिये स्वयं सेवी संगठनों की अधिक से अधिक मदद की जरूरत है। उन्होंने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलाये जाने वाले सेवा पखवाड़ा की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. नरहरि ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति समाज की भलाई के लिये मन में भाव रखता है, लेकिन इस भाव को स्वयं सेवी संगठनों से जुड़कर पूरा किया जा सकता है।
दामोदर युवा संगठन के संस्थापक अशोक नायक ने बताया कि इंदौर में देश का नि:शुल्क ब्लड कॉल सेंटर है। जहाँ देश के किसी भी स्थान से फोन आने पर संगठन द्वारा मरीज को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराये जाने का प्रयास किया जाता है। संगठन से देशभर के 4 लाख युवा जुड़े हुए है। संगठन ने अभी तक 2 लाख जरूरत मंदों को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि रियर ब्लड ग्रुप "ओ बॉम्बे पॉजिटिव" जिसके दानदाता देशभर में 180 है। इस ग्रुप का ब्लड भी 5 जरूरत मंदों को उपलब्ध कराया गया है। संगठन के 2 हेल्प लाइन नबंर 92002-50000 और 70245-12345 है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक के.पी. त्रिपाठी भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : स्वदेशी का संकल्प और राष्ट्र निर्माण के प्रेरक
"परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है,
जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है,
समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।"
यह उद्घोष करने वाले हमारे प्रेरक, मार्गदर्शक और भारत निर्माण के दृष्टा यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिवस पर अनंत शुभकामनाएं। हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री आज इस विशेष दिवस पर मध्यप्रदेश आ रहे हैं। उनकी इस यात्रा से प्रदेश को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वे धार जिले के भैंसोला ग्राम में देश के पहले "पीएम मित्र पार्क" की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही वे ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार और पोषण अभियान’ तथा ‘स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े का शुभारंभ करेंगे। मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के साथ प्रधानमंत्री जी का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता हूँ।
प्रधानमंत्री का संपूर्ण जीवन परिश्रम, पुरुषार्थ और सेवा के प्रेरणादायी संकल्प की यात्रा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से राष्ट्र और समाज सेवा का संकल्प लेकर उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा आरंभ की, जो प्रधानमंत्री के रूप में भी ध्येयनिष्ठ रही है। उनके लिए राष्ट्र प्रथम और सर्वोपरि है। यह उनके राष्ट्र निर्माण और देशहित में लिए गए निर्णयों और नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम है कि आज भारत की गणना विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में हो रही है।
उनके प्रत्येक निर्णय में राष्ट्र की नींव को सशक्त करने की झलक है। कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करना और उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद श्रीरामलला को अपने जन्म स्थान अयोध्या में प्रतिष्ठित करने में उनकी पहल अविश्वसनीय है। उन्होंने एक राष्ट्र, एक पहचान के लिए विभाजनकारी प्रवृत्तियों को समाप्त किया और समाज में एकत्व का भाव स्थापित किया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व आधुनिक भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रेरित कर रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि उनके मार्गदर्शन में जनकल्याण, आर्थिक सुदृढ़ीकरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत को अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं।
प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व संभालते ही सबसे पहले उन्होंने देशवासियों के स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता अभियान छेड़ा। वे स्वयं हाथ में झाड़ू लेकर दिल्ली के प्रगति मैदान पहुँचे। गांव-गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रधानमंत्री के आह्वान पर मध्यप्रदेश की जनता भी इस अभियान में जुट गई और गांव से लेकर नगर तक स्वच्छता अभियान में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य बना। इंदौर ने लगातार 8 बार देश में स्वच्छ शहर के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मोदी ने आम नागरिक को आधुनिक चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की, जिससे गरीब और असहाय परिवारों को उपचार में सहायता मिली। इस योजना से 40 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। समाज को अपने सांस्कृतिक गौरव के प्रति आत्मविश्वास उत्पन्न कराने के लिये प्रधानमंत्री ने हमें ‘विरासत के साथ विकास’ का नारा दिया। भारतीय संस्कृति के गौरव और आधुनिकता के संतुलन को साधते हुए उन्होंने लोगों में आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई।
मुझे यह बताते हुए गर्व का अनुभव हो रहा है कि मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तब भारत विश्व की ग्यारहवीं अर्थव्यवस्था था। केवल ग्यारह वर्षों में भारत चौथे स्थान पर पहुंचा और अब तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। तेल आयात, व्यापार, रक्षा उत्पादन और तकनीकी नवाचार में भारत ने नई मिसाल कायम की है। आयुध निर्यातक देश के रूप में भी भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। 'स्पेस टेक्नोलॉजी' में भारत ने चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर तिरंगा फहराकर विश्व को चकित कर दिया और विज्ञान तथा तकनीक में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे जो कहते हैं उसका क्रियान्वयन भी करते हैं। उन्होंने इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जीएसटी रिफॉर्म की घोषणा की थी और एक माह के भीतर इसे लागू करने का निर्णय ले लिया। इस फैसले से देश की कर-प्रणाली सरल होगी, महंगाई कम होगी और आर्थिक न्याय के साथ समावेशी विकास को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री की आर्थिक नीतियों ने निवेश, उत्पादन और रोज़गार के क्षेत्र में नई संभावनाएं निर्मित की हैं। ये नीतियाँ देशवासियों को राहत देने के साथ वैश्विक स्तर पर भारत के आत्म-सम्मान का प्रतीक बनी। अमेरिका जैसी आर्थिक महाशक्ति ने भारत पर भारी टैरिफ लागू कर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन मोदी की रणनीति ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। रूस और चीन के साथ सहयोग कर नए व्यापारिक मार्ग स्थापित करना और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधार लागू करना उनकी कुशल और निर्णायक नेतृत्व क्षमता का परिणाम है।
प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि देश का युवा आत्मनिर्भर बने और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाए। युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप रोज़गार देने के लिए उन्होंने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना’ लागू की। इसका उद्देश्य साढ़े तीन करोड़ से अधिक युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में युवाओं को कौशल विकास, स्वरोज़गार, स्टार्टअप, तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत लगभग 52.5 करोड़ छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके व्यवसाय को गति दी गई।
प्रधानमंत्री का मानना है कि किसी भी परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उज्ज्वला योजना से 10.33 करोड़ से अधिक महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ और उन्हें सम्मान जनक जीवन जीने का अवसर भी मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना से 4 करोड़ से अधिक लोगों को संपत्ति का अधिकार मिला। महिला आरक्षण लागू कर उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता को बढ़ावा दिया। 'लखपति दीदी अभियान' के माध्यम से 3 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। पिछले 10 वर्षों में उन्होंने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने जनकल्याण की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए। 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत 81 करोड़ से अधिक नागरिकों को निःशुल्क खाद्यान्न दिया गया। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य में सुधार हुआ। 'जल जीवन मिशन' के तहत 15 करोड़ से अधिक घरों तक नल से जल पहुंचाया गया। इन योजनाओं ने देश के हर वर्ग को सीधे लाभ पहुँचाया।
रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ से वे देश के हर जन-मन से जुड़े, हरेक की समस्या को जाना और समाधान पहुँचाने का प्रयास किया। उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद का सामना और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए उन्होंने अनेक निर्णय लिए। 'ऑपरेशन सिंदूर' से भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया और विश्व को भारत की शक्ति से परिचित कराया। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व सेवा, त्याग, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। उनके द्वारा चलाए गए कार्यक्रमों ने आम नागरिक को राहत दी, स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की, आर्थिक विकास की राह दिखाई, सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा दिया। उनके नेतृत्व में भारत ने संघर्ष से समाधान, संकट से अवसर और सीमित संसाधनों से वैश्विक प्रतिष्ठा की यात्रा तय की है।
आज प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर हम यह संकल्प लें कि उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए राष्ट्रहित में कार्य करेंगे और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। देश को विश्व शक्ति बनाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने सेवा और स्वदेशी का आह्वान किया है। मुझे विश्वास है कि प्रदेश के कपास उत्पादक क्षेत्र में टैक्सटाइल उद्योग के लिए स्थापित होने वाला 'पीएम मित्र पार्क' प्रधानमंत्री की स्वदेशी की संकल्पना को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश को मिलने वाले इस आशीर्वाद से हम सभी अभिभूत हैं। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका कल्याण' करने वाले युगदृष्टा माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पुनः जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ...।
प्रदेश में आदि सेवा पर्व 17 सितम्बर से दो अक्टूबर तक मनाया जायेगा
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को धार जिले के भैसोला में आयोजित कार्यक्रम में आदि कर्म योगी अभियान अंतर्गत “आदि सेवा पर्व” का शुभारंभ करेंगे। जनजातीय गौरव और राष्ट्र निर्माण के संगम का प्रतीक आदि “आदि सेवा पर्व” 2 अक्टूबर तक चलेगा। “आदि सेवा पर्व” के दौरान जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल-संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवात्मक गतिविधियाँ आयोजित होंगी। हर गतिविधि के केन्द्र में सेवा का भाव और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प होगा ।
आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत रीजनल प्रोसेस लैब में मध्यप्रदेश के 12 राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को पहले चरण में तैयार किया गया है। इसी क्रम में स्टेट प्रोसेस लैब में 41 जिलों के 272 डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर्स, डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब में 242 विकासखण्डों के 1210 ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स तैयार किये गये हैं, जिनके माध्यम से ब्लॉक स्तर पर 18150 क्लस्टर मास्टर ट्रेनर्स, 41 जिला स्तरीय एनजीओ पार्टनर्स, 20 विकासखण्ड स्तरीय एनजीओ कर्मी, 56470 आदि सहयोगी (शिक्षक / डॉक्टर / यूथ-लीडर्स / सामाजिक कार्यकर्ता), 203292 आदि साथी (स्वसहायता समूह सदस्य, जनजातीय जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवक, सांस्कृतिक हस्तियां), 22588 आदि विद्यार्थी, इस प्रकार 303233 चेन्ज लीडर्स तैयार करने का लक्ष्य है।
आदि सेवा पर्व के दौरान कर्मयोगियों के माध्यम से जनजातीय बहुल ग्रामों में जनजातीय कार्य विभाग के अतिरिक्त पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, वन, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं शिक्षा आदि विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा ग्राम स्तरीय गतिविधियाँ, जनजागरण यात्राएं, क्षेत्र-भ्रमण, ग्रामीणों का उन्मुखीकरण, ग्राम विकास आवश्यकताओं के लिये विषय वार समूह चर्चाएं, ग्राम अपेक्षाओं के प्रदर्शन के लिए दीवार-लेखन, ग्राम विकास योजना तैयार करना, ग्राम विकास योजना के क्रियान्वयन के लिए विभाग वार जिम्मेदारियों का निर्धारण, ग्राम विकास योजना क्रियान्वयन कैलेण्डर का निर्माण, आदि सेवा केन्द्र का निर्धारण, आदि सेवा केन्द्र में शिकायत निवारण पंजी एवं अन्य आवश्यक पंजियों का संधारण आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष ग्राम सभा में ग्राम विकास कार्ययोजना का अनुमोदन भी किया जायेगा।
छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं की बस वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर हुई हादसे का शिकार, 4 की मौत, 9 घायल
भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थलों पर हम बना रहे हैं श्रीकृष्ण पाथेय तीर्थ : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमारे पूर्वजों ने लोकतंत्र रूपी पौधे की जड़ों को इतनी खूबसूरती से सींचा है कि अब यह विशाल वटवृक्ष बन चुका है। भगवान श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक व्यवस्था के पक्षधर थे। उन्होंने अपने राजकाज में लोकतांत्रिक मूल्यों और सभी के विचारों को महत्व दिया। हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर ही चल रही है। उनके विचार हमारे लिए अमूल्य पूंजी और हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए मध्यप्रदेश एवं देश में उनकी लीला स्थलों को चिन्हित कर श्रीकृष्ण पाथेय विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को पटना (बिहार) में भगवान श्रीकृष्ण के विचारों का जन समरस 'सांस्कृतिक सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर की बिहार इकाई द्वारा आयोजित नियमित समाज सुधार श्रृंखला में भी सहभागिता की और समाज सुधार की दिशा में अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक सम्मेलन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण यदुकुल के महान गौरव हैं। वे योगीराज थे। सभी ललित कलाओं में निपूण थे। उन्होंने मात्र 11 साल की उम्र में कंस जैसे शक्तिशाली एवं आततायी राजा से युद्ध कर तत्समय लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में हमारी सरकार मध्यप्रदेश के हर नगरीय निकायों में गीता भवनों का निर्माण करने जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि के नाम पर हम मध्यप्रदेश में 300 से अधिक स्थानों पर सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना कर गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवजात बछिया का किया नामकरण
भोपाल : मुख्यमंत्री निवास स्थित गौशाला में हाल ही में गाय ने एक प्यारी सी बछिया को जन्म दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बछिया का जन्म होने पर अत्यंत हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गौसेवा और पशुधन संवर्धन के लिए हमारी सरकार ने अनेक प्रयास प्रारंभ किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को महालक्ष्मी व्रत पूजन के दिन साक्षात् लक्ष्मी के रूप में मुख्यमंत्री निवास में जन्मी नवजात बछिया का स्वागत सत्कार किया। मुख्यमंत्री ने नवजात बछिया का नामकरण भी कर दिया। अब यह बछिया मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए 'कमला' नाम से जानी जाएगी। 'कमला' पहली ऐसी बछिया है, जिसका जन्म मुख्यमंत्री निवास की गौशाला में ही हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिदिन की तरह रविवार की सुबह गौशाला पहुंचकर यहां मौजूद सभी गायों को रोटी खिलाई। सभी गायों के साथ 'कमला' को भी तिलक लगाकर निवास में उसका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने 'कमला' को गोद मे लेकर दुलार किया और मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मिष्ठान्न खिलाकर कमला के आगमन पर अपनी आत्मीय खुशी जाहिर की।
कृषि आधारित उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए लगाएं बहुउद्देशीय कृषि मेले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा आपसी तालमेल से बहुउद्देशीय कृषि मेले आयोजित किए जाएं। इन मेलों में किसानों को उनकी फसल सहित अन्य सहायक उत्पादों के लाभयुक्त विक्रय एवं मार्केटिंग की जानकारियां भी दी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले के भैंसोला गांव में निर्मित हो रहे पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने के साथ 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं 2 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रुचि व्यक्त की है। जिस तेजी से पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए कंपनियां आ रही हैं, यह हमें और बेहतर करने के लिए उत्साहित करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की देर रात मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने से मालवा क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित कपास की खपत लोकल लेवल पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और रॉ-मैटेरियल सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी। पीएम मित्रा पार्क प्रदेश के किसानों के लिए वरदान की तरह है। प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक सभी निवेशकों का सरकार पलक पावड़े बिछाकर स्वागत करेगी। हम निवेशकों को सभी जरूरी मदद और सहयोग भी उपलब्ध कराऐंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सार्वजनिक/लोक उपक्रमों में निजी भागीदारी से ही देश का विकास संभव है। पीएम मित्रा पार्क में निवेशकों द्वारा किए जाने वाले पूंजी निवेश से जितनी उच्च कोटि के परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, हर संभव प्रयास कर हम यह करके दिखाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का प्रचार-प्रसार इस तरह किया जाए कि प्रदेश में मौजूद सभी प्रकार के कृषि आधारित उद्योग को भी भरपूर प्रोत्साहन मिले।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में कुल 7 पीएम मित्रा पार्क मंजूर किए गए हैं। जहां दूसरे राज्य पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए प्राथमिक तैयारियां ही कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से हमारी सरकार 17 सितंबर को धार जिले के भैंसोला गांव में देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन कराने जा रही है। उन्होंने कहा कि हम इसे देश का मॉडल पीएम मित्रा पार्क बनायेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क प्रदेश की कॉटन इंडस्ट्री को पुनर्स्थापित करेगा। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स, होजियरी आइटम्स सहित ऑल वेदर वियरिंग्स तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के बारे में प्रदेश के किसानों को हर तरीके से जानकारी दी जाए।
मुंबई हवाई अड्डे पर फर्जी पासपोर्ट के साथ नेपाली और बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
सहार पुलिस अब इस रैकेट की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पूछताछ जारी है, ताकि फर्जी दस्तावेज सप्लाई करने वाले एजेंटों और कोलकाता के पासपोर्ट रैकेट के बारे में और जानकारी मिल सके।अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अपराधों से देश की सुरक्षा को खतरा होता है, इसलिए जांच तेजी से चल रही है। संभावना है कि इस मामले में और गिरफ्तारियां होंगी।
प्रदीप कुमार प्रजापति ने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली के निदेशक का पदभार ग्रहण किया
देलही :प्रोफेसर प्रदीप कुमार प्रजापति ने आज अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई
दिल्ली के निदेशक के रूप में अपना कार्यभार औपचारिक रूप से ग्रहण किया।
इससे पूर्व प्रो. प्रजापति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय,
जोधपुर के कुलपति पद पर कार्यरत थे। वे गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जामनगर में भी लंबे समय तक शोध और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), जयपुर में सहायक प्रोफेसर के रूप में की थी।
पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में संस्थान में एक स्वागत समारोह का आयोजन किया
गया, जिसकी शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं भगवान धन्वंतरि वंदना से हुई। इस अवसर पर संस्थान की पूर्व कार्यकारी निदेशक प्रो. (डा.) मञ्जूषा राजगोपाल, डीन (पीएचडी) प्रो. (डा.) महेश व्यास, तथा संस्थान के शैक्षणिक, चिकित्सकीय, प्रशासनिक एवं नर्सिंग
स्टाफ के सदस्यों ने भाग लिया। सभी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर नए निदेशक का अभिनंदन कियानिदेशक पदभार ग्रहण करने के पश्चात अपने प्रथम संबोधन में प्रो. प्रजापति ने कहा
“आयुर्वेद की सेवा करने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो मेरे लिए गर्व एवं सौभाग्य की बात है। सरकार ने आयुर्वेद को जनजन तक पहुंचाने का जो संकल्प लिया है, उसमें हम सभी के सामूहिक प्रयासों से अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान को वैश्विक स्तर पर
पहचान दिलाना हमारा लक्ष्य होगा।”
इस अवसर पर प्रो.(डा.) मञ्जूषा राजगोपाल ने अपने स्वागत भाषण में सभी का आभार व्यक्त करते हुए टीम भावना से कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। डीन प्रो.(डा.) महेश व्यास ने कहा कि निदेशक महोदय का देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य का अनुभव
संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद प्रो. प्रजापति ने संस्थान में शिक्षकों हेतु आयोजित सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम के समापन सत्र में दीप प्रज्वलन कर भाग लिया।
प्रो. प्रजापति ने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से बीएएमएस की डिग्री तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से एमडी एवं पीएचडी की उपाधियाँ प्राप्त की हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रो. प्रदीप कुमार प्रजापति की नियुक्ति केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति से की गई है। वे निदेशक पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पांच वर्ष अथवा
सेवानिवृत्ति की आयु तक, जो भी पहले हो, तक कार्यरत रहेंगे।
बॉम्बे हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, बम स्क्वॉड मौके पर पहुंच किया जांच
डेस्क। दिल्ली हाईकोर्ट के बाद अब बॉम्बे हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। शुक्रवार को मिली धमकी के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट परिसर को खाली कराया गया और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू कर चुका है। दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुबह 8:39 बजे एक ईमेल के जरिए धमकी मिली थी, जिसमें परिसर में तीन बम होने और दोपहर 2 बजे तक खाली करने की चेतावनी दी गई थी। इस ईमेल ने न्यायाधीशों, वकीलों और कर्मचारियों में दहशत फैला दी।
दिल्ली हाईकोर्ट में सुबह कार्यवाही के दौरान कर्मचारियों ने न्यायाधीशों को धमकी की सूचना दी, जिसके बाद वे तुरंत अदालत कक्षों से बाहर निकल गए। कुछ न्यायाधीश सुबह 11:35 बजे से दोपहर 12 बजे तक कार्यवाही करते रहे। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अग्निशमन अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिसर को सील कर तलाशी शुरू की। वकीलों, कर्मचारियों और क्लर्कों को बाहर निकाला गया। ईमेल में दावा किया गया कि बम दोपहर की नमाज के बाद फटेंगे। दोनों हाईकोर्ट में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जांच जारी है।
पीयूष गोयल ने पटना में एपीडा के पहले कार्यालय का उद्घाटन किया
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बिहार को कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात के केंद्र में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 11 सितंबर, 2025 को पटना, बिहार में आयोजित बिहार आइडिया फेस्टिवल में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा के साथ-साथ बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, एपीडा नेतृत्व, उद्यमी, एफपीओ और किसान समूह भी उपस्थित थे।
बिहार का समृद्ध कृषि-पारिस्थितिकी तंत्र शाही लीची, जर्दालू आम, मिथिला मखाना और मगही पान से लेकर मुख्य अनाज और फलों व सब्जियों के विविध मिश्रण तक, उच्च-संभावना वाले कृषि उत्पादों की एक विविध श्रृंखला के अनुकूल है। इनमें से कई उत्पादों को मिले भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग उनकी वैश्विक अपील को बढ़ाते हैं, जिससे बिहार को अंतर्राष्ट्रीय कृषि-व्यापार क्षेत्र में एक अद्वितीय बढ़त मिलती है।
एपीडा के पटना कार्यालय की स्थापना बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक नए युग का सूत्रपात करती है, जिससे किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को पंजीकरण, परामर्श सेवाएं, बाज़ार सूचना, प्रमाणन में सहायता, निर्यात प्रक्रियाओं में सुगमता, बाज़ार सुगमता, बुनियादी ढांचे के विकास और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के अवसरों तक सीधी पहुंच प्राप्त होगी। अब तक, बिहार के निर्यातक वाराणसी स्थित एपीडा के क्षेत्रीय कार्यालय पर निर्भर थे। नया कार्यालय एफपीओ, एफपीसी और निर्यातकों को सीधी सहायता प्रदान करेगा, जिससे निर्यातकों के प्रश्नों के समाधान में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और राज्य-स्तरीय संस्थानों के साथ समन्वय दृढ़ होगा।
इस अवसर पर अपने संबोधन में पीयूष गोयल ने कहा कि पटना में एपीडा क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं है अपितु यह बिहार के किसानों को वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ एकीकृत करने का एक मिशन है। हमारे किसान, उद्यमी और निर्यातक दुनिया को भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता रखते हैं। उचित सहयोग से, बिहार उच्च मूल्य वाले, टिकाऊ कृषि-निर्यात में अग्रणी बनकर उभरेगा।
इसी भावना को दोहराते हुए, उप-मुख्यमंत्री ने केंद्र की पहल की सराहना की और किसान-आधारित विकास और निर्यात की तैयारी के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने हेतु बिहार सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। क्षमता निर्माण, बाज़ार संपर्क और गुणवत्ता संवर्धन के माध्यम से एपीडा के निरंतर समर्थन ने इन निर्यातों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उद्घाटन समारोह को ऐतिहासिक बनाते हुए, जीआई-टैग युक्त मिथिला मखाना की 7 मीट्रिक टन की खेप को न्यूज़ीलैंड, कनाडा और अमेरिका के लिए रवाना किया गया। यह निर्यात बिहार के दरभंगा की नेहाशी की संस्थापक, एक महिला उद्यमी नेहा आर्या द्वारा किया गया और यह समावेशी और लैंगिक-संवेदनशील व्यापार संवर्धन के प्रति एपीडा की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
आर्या की कहानी बिहार में महिलाओं के नेतृत्व वाली उद्यमिता के लिए एक मजबूत प्रोत्साहन का शानदार उदाहरण है, साथ ही यह बिहार के उच्च मूल्य, जीआई-टैग वाले उत्पादों के लिए बढ़ती वैश्विक मांग को उजागर करती है और सहकारी संघवाद का एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत करती है, जो एपीडा और बिहार सरकार के माध्यम से वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई संस्थागत सहायता के माध्यम से बिहार के लोगों के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह पहल महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाकर और ग्रामीण उत्पादकों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत करके समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए एपीडा के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। यह शिपमेंट बिहार के कृषि क्षेत्र में महिला उद्यमियों की बढ़ती निर्यात तत्परता का प्रमाण है।
निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप, बिहार ने निर्यात में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। जीआई-टैग वाला मिथिला मखाना वर्ष 2024-25 में संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका को निर्यात किया जा चुका है। वर्ष 2023 में, जीआई-टैग वाला जर्दालु आम भी अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में पहुंच चुका है। तिलकुट और तिल के लड्डू जैसी पारंपरिक मिठाइयां और शाही लीची जैसे फल अब वैश्विक खरीदार पा रहे हैं और यह बिहार की स्वदेशी उपज के अनूठे मूल्य को प्रदर्शित करते हैं।
पिछले तीन वर्षों में, एपीडा ने बिहार में राज्य के कृषि-निर्यात इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक व्यापक जुड़ाव रणनीति लागू की है। इसमें किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), निर्यातकों और अन्य हितधारकों को वैश्विक गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और अंतर्राष्ट्रीय अनुपालन प्रोटोकॉल पर प्रशिक्षित करने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम- भौतिक और आभासी दोनों- शामिल हैं। व्यावहारिक प्रदर्शन प्रदान करने के लिए, एपीडा ने एफपीओ और हितधारकों के लिए यूएई जैसे गंतव्यों और महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में उत्कृष्टता के घरेलू केंद्रों जैसे कि आईआईवीआर, आईआरआरआई और सीआईएसएच लखनऊ जैसे अंतर्राष्ट्रीय दौरों की सुविधा प्रदान की, जिससे प्रतिभागियों को फसल कटाई के बाद की प्रबंधन, गुणवत्ता आश्वासन और निर्यात दस्तावेजीकरण में सर्वोत्तम प्रथाओं की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिली। मुजफ्फरपुर में जीआई-टैग वाली शाही लीची के लिए दीर्घकालीन पैकेजिंग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया इसके अलावा, बिहार के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, एपीडा और बिहार सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 19-20 मई, 2025 को पटना के ज्ञान भवन में एक अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता बैठक (आईबीएसएम) का आयोजन किया गया, जिसमें 22 देशों के 70 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के साथ-साथ 40 से अधिक प्रमुख घरेलू निर्यातकों, पांच कृषि व्यापार संघों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।