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बिहार चुनाव में नीतीश और मोदी की लहर,तेजस्वी-कांग्रेस पस्त
डेस्क। बिहार चुनाव की मतगणना में एनडीए बंपर बढ़त बनाए हुए है। वहीं, आरजेडी को छोड़ दिया जाए तो महागठबंधन का कोई भी दल दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, एनडीए भारी बढ़त हासिल कर चुका है। वहीं, महागठबंधन 100 के आंकड़े पर भी नहीं पहुंचा है। राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ NDA यानी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन के बीच है। एनडीए के प्रमुख दलों में जनता दल यूनाइटेड (JDU), भारतीय जनता पार्टी (BJP), लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) शामिल हैं। वहीं, महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी (VIP), वाम दल और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) हैं।
दूसरे चरण के मतदान के बाद जारी अधिकांश एग्जिट पोल राज्य में एनडीए सरकार की वापसी के संकेत दे रहे हैं। वहीं, कम से कम दो एग्जिट पोल ऐसे हैं जो कांटे की टक्कर बता रहे हैं। खास बात है कि इन एग्जिट पोल के आंकड़ों को मानें तो राज्य में प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी का डेब्यू काफी कमजोर रहा है। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन सीमांचल क्षेत्र में भी कमजोर प्रदर्शन करती नजर आ रही है। हालांकि, अंतिम नतीजे आना बाकी हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल बताते हैं कि मंगलवार को 122 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 68.79 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले चरण का मतदान छह नवंबर को हुआ था और उसमें 65.08 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। दो चरणों में हुए चुनाव में 66.90 प्रतिशत का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया।। यह आंकड़ा पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले 9.6 फीसदी ज्यादा है।
ऊर्जा संरक्षण का जन जागरण हर व्यक्ति की महती जिम्मेदारी- राज्यपाल पटेल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण किसी एक संस्था, संगठन और सरकार की चिंता का विषय नहीं है बल्कि हम सभी के बेहतर जीवन का अनिवार्य पहलू है। ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा का उत्पादन है। ऊर्जा संरक्षण के महत्व को जन जागरण का मुद्दा बनाना केवल सरकार के साथ समाज के हर व्यक्ति की महती जिम्मेदारी है।
राज्यपाल पटेल विद्युत मंत्रालय भारत सरकार के ऊर्जा संरक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत ऊर्जा संरक्षण की राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दो श्रेणियों में प्रतिभागियों और विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए और बधाई दी। राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता के लिए चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के सदस्यों का भी सम्मान किया। राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन ऊर्जा दक्षता ब्यूरो, एन.एच.डी.सी. लिमिटेड और मध्यप्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में सुभाष भवन भोपाल में किया गया था।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि चित्रकला, अंतर्मन की मार्मिक अभिव्यक्ति है। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा ऊर्जा संरक्षण पर बनाए गए चित्र अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने उपस्थित जनों से अपील की कि वे चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन ज़रूर करें। प्रतिभावान बाल चित्रकारों की रचनात्मकता और ऊर्जा संरक्षण संदेशों को समझे, उनका अनुसरण करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ऊर्जा बचत की शुरूआत हमें अपने घर से करना चाहिए। सुबह से शाम तक हर क्षण, सजग रहकर ऊर्जा बचत करना होगा। घर के बड़े-बुजूर्गों द्वारा बच्चों को ऊर्जा के महत्व, जरूरत और बचत का संस्कार बचपन से ही दिया जाना चाहिए। ऊर्जा की हर यूनिट की बचत, प्रकृति संरक्षण के साथ राष्ट्र विकास में योगदान है।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि ऊर्जा की जरूरत और संरक्षण के महत्व को शैक्षणिक पाठ्यक्रम और गतिविधियों में शामिल किया जाना चाहिए। ताकि भावी पीढ़ी को ऊर्जा साक्षर नागरिक के रूप में तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचलों से लेकर शहरों तक ऊर्जा संरक्षण के ऐसे प्रयास हो कि आम नागरिक, ऊर्जा बचत की सावधानियों, उपायों और प्रयासों को सजगता, संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ दैनिक जीवन में लागू करें। राज्यपाल पटेल ने प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण अभियान को कुशलता और समर्पण से गति देने और राज्य की ऊर्जा क्षमताओं को नई ऊंचाई तक ले जाने के प्रयासों के लिए एन.एच.डी.सी. की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि जिस प्रकार ऊर्जा संरक्षण प्रकृति के लिए जरुरी है। सतत जागरूकता और सक्रिय प्रयासों से ऊर्जा की बचत की जा सकती है। उसी प्रकार तेजस्वी जीवन के लिए स्वस्थ शरीर भी जरूरी है। उन्होंने कहा की अच्छा खान-पान, नियमित व्यायाम, भरपूर पानी और नींद उत्तम स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए विद्यार्थी अपनी दिन चर्या में अनुशासन का पालन करें। संतुलित दिनचर्या अपनाकर नियमित अध्ययन करें। राज्यपाल ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को संयमित जीवन, अनुशासन और पौष्टिक आहार का महत्व जरूर बताएं।
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इस मुलाकात ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय रेल सिर्फ यात्री नहीं, देश के चैंपियन्स भी तैयार करता है।
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भारत में प्राचीन काल से है ऋषि परंपरा, दद्दा जी से मिलना मेरा सौभाग्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में प्राचीन ऋषि परंपरा रही है। दद्दा जी ने करोड़ों शिवलिंग निर्माण करवाए। उन्होंने कहा कि दद्दा जी से मिलना मेरे जीवन का सौभाग्य रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सत्संग और भक्ति के माध्यम से समाज को संस्कार दिए। संस्कारों से लोगों के विकार दूर होते हैं और जीवन धन्य हो जाता है। शिव निराकार ब्रह्म हैं। महाकाल की कृपा हम सभी पर है। राज्य सरकार ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी जिले के झिंझरी स्थित दद्दा जी धाम में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण महारुद्राभिषेक में ये बातें कहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृहस्थ संत पूज्य पंडित देवप्रभाकर शास्त्री दददा जी के समाधि स्थल पहुंच कर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर कटनी जिला एवं प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं जन-कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पवित्र गीता के विविध पक्षों से विश्व को परिचित कराने के लिए राज्य सरकार लाखों विद्यार्थियों के लिए गीता-ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करवा रही है। उज्जैन में सिंहस्थ : 2028 के भव्य आयोजन के लिए तैयारियां की जा रही हैं। दद्दाजी का आशीर्वाद हम सभी के साथ है। कटनी के दद्दाजी धाम की प्रतिष्ठा दुनिया में पहुंचेगी। दुनिया सनातन संस्कृति और हमारी तरफ देख रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिरडी सहित अन्य तीर्थ स्थलों की तरह ही कटनी का दददा जी धाम भी भविष्य में देव स्थान के रूप में विख्यात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान महाकाल और दद्दा जी के आर्शीवाद से हम उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को भव्यता प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति का पवित्र अनुष्ठान चल रहा है। राज्य सरकार भी इस दिशा मे अनेक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस पवित्र कार्य के लिए संत समाज से मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंचासीन धर्माचार्यो और साधु-संतों का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक नें संबोधित करते हुए दददा जी के व्यक्तिव, कृतित्व व जीवन वृतांत पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महोत्सव धर्म, अध्यात्म और भक्ति का अद्भुत संगम है। यहाँ विश्वकल्याण के लिये असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण, महारुद्राभिषेक एवं अमृतमयी कथा का आयोजन हो रहा है। प्रातःकाल शिव आराधना और संध्याकाल हरिकथा एवं भजन संध्या के माध्यम से दद्दा जी धाम में दिव्यता का आलोक व्याप्त है।
नई दिल्ली: आईजीआई एयरपोर्ट पर बम धमकी, जांच में निकली झूठी, अचानक मचा हड़कंप
नई दिल्ली| दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाईअड्डे पर बुधवार दोपहर अचानक सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई। टर्मिनल-3 पर बम लगाए जाने की सूचना मिली, जिसके बाद तुरंत ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) और पुलिस सक्रिय हो गई
सूचना और त्वरित कार्रवाई
करीब 3 बजकर 18 मिनट पर धमकी भरा कॉल आया। सूचना मिलते ही तीन दमकल वाहन मौके पर भेजे गए। एयरपोर्ट परिसर की गहन तलाशी ली गई और हर कोने की जांच की गई।
उत्तराखंड में नई होम स्टे पॉलिसी की तैयारी, केवल स्थानीय लोगों को मिलेगा पंजीकरण
पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
स्टेच्यू ऑफ युनिटी भारत की एकता का तीर्थ : राज्यपाल पटेल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा रोपित बीज को वट वृक्ष के रूप में देखकर हर्ष और गर्व हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेच्यू ऑफ युनिटी भारत की एकता का तीर्थ है। श्री पटेल एकता नगर गुजरात में आयोजित भारत पर्व के 11वें दिन 11 नवंबर के कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह उपरांत स्टेच्यू ऑफ युनिटी परिसर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उपस्थित दर्शकों को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने मध्यप्रदेश के प्रथम नागरिक के रूप में राष्ट्रीय एकता के तीर्थ पर हमारे राष्ट्रीय गौरव को नमन करने आए सभी भाई-बहनों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गौरव जिसका आधार लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने रखा उसके प्रतीक स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की पावन धरा पर आना हम सभी के लिए तीर्थ के समान है।
भारत पर्व, सिर्फ एक सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन मात्र नहीं है; भारत की एकता, अखंडता और आत्मगौरव की भावना को नमन करने का प्रसंग है। इसिलिए भारत पर्व के अभूतपूर्व आयोजन में देश के सभी राज्यों, केन्द्र शासित क्षेत्रों की लोक संस्कृति, खान-पान, वस्त्र-विन्यास आदि के सम्मिलित प्रदर्शन के मंच भारत पर्व में हमारी अनेकता में एकता के भव्य स्वरूप देखने का अभूतपूर्व अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब एक हैं इसी भाव की अभिव्यक्ति के लिए 1 नवंबर से 15 नवंबर तक आयोजित कार्यक्रमों में देश के सभी राज्यों के राज्यपाल भी सम्मिलित हो रहे है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन गुजरात के उर्जा, पेट्रोलियम कानून राज्यमंत्री कोशिक विकरिया ने दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि स्टेच्यू ऑफ युनिटी के निर्माण की संकल्पना से जुड़े जिले के पूर्व प्रभारी मंत्री मंगुभाई पटेल मध्यप्रदेश के राज्यपाल के रूप में हम सब के बीच में उपस्थित हैं।
सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रमों की पहली प्रस्तुति मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के लोक नृत्य बधाई हो के साथ हुई। इसके बाद मध्यप्रदेश, मणिपुर, नागालेंड और गुजरात राज्यों के लोक कलाकारों द्वारा कुल 9 प्रस्तुतियाँ दी गई। कार्यक्रम का विशिष्ट आकर्षण मध्यप्रदेश के विकास, इतिहास, कला, शिल्प और विरासत की धरोहरों को शोकेस करने वाली दृश्य-श्रव्य और नृत्य सहित कला के विभिन्न रूपों की मल्टीमीडिया प्रस्तुति रही।
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दिल्ली विस्फोट के बाद गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर हाई अलर्ट, जीआरपी ने चलाया सघन चेकिंग अभियान
इस घटना के बाद यात्रियों में थोड़ी चिंता जरूर देखी गई, लेकिन सुरक्षा बलों की सक्रियता से लोगों में भरोसा भी बना है। जीआरपी की यह तत्परता संभावित खतरों को रोकने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय के सिचुएशन रूम से कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी की पड़ताल
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दिल्ली में हुए विस्फोट के संदर्भ में मंगलवार को मंत्रालय के सिचुएशन रूम से जिला कलेक्टरों से कानून व्यवस्था की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि प्रदेश में सभी सार्वजनिक स्थलों, भीड़ भरे इलाकों, धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर चौकसी बढ़ाई जाए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष सावधानी बरती जाए। साथ ही यह ध्यान भी रखा जाए कि आमजन और सामान्य जीवन प्रभावित न हो।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने सोमवार को दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद प्रदेश में किए गए सतर्कता के उपायों और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। सिचुएशन रूम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने गुजरात के बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय राजपीपला का किया भ्रमण
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल मंगलवार को गुजरात के नर्मदा जिले के राजपीपला के भगवान बिरसा मुंड़ा विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने परिसर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. दर्शना बेन वसावा भी मौजूद थी।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की संकल्पना है। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रावास का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों की आवास व्यवस्थाओं की समीक्षा की। विश्वविद्यालय के स्वरूप और विकास के विषय में विश्वविद्यालय प्रबंधन से चर्चा की। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय परिसर में “एक पेड़- मां के नाम” अभियान के तहत पौध-रोपण किया। राज्यपाल के आगमन पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
राज्यपाल पटेल को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मधुकर पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय जनजातीय कला, विरासत, संस्कृति, औषधीय प्रणालियों, भाषा और साहित्य का संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए समर्पित है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा के माध्यम से जनजातीय समुदायों की परंपराएँ और ज्ञान प्रणाली, व्यापक सामाजिक पुनर्जागरण में योगदान दें सके। कुलपति डॉ. पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों जैसे मानविकी, वाणिज्य, विज्ञान, कानून, शिक्षा, आदिवासी पारंपरिक कला, शिल्प और कौशल आधारित शिक्षा में स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर, व्यावसायिक और पी.एच.डी. तक के शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है।
बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2017 मे हुई थी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से गुजरात और विकासशील क्षेत्रों की जनजातीय आबादी के संदर्भ में परिवर्तनकारी और नवीन शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रम विकसित करना है। विश्वविद्यालय की स्थापना जनजातीय क्षेत्रों के तीव्र विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी, कौशल-आधारित, व्यावसायिक, प्रबंधन, पर्यटन, जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक मूल्य प्रणालियों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में शैक्षिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। विश्वविद्यालय में जनजातीय कला, संस्कृति, परंपरा, भाषा, औषधीय प्रथाओं, रीति-रिवाजों, वन-आधारित आर्थिक गतिविधियों, वनस्पतियों, जीवों, और जनजातीय क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित ज्ञान और प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए शिक्षण और अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने फ़ाइल समीक्षा, लोक शिकायत निपटान और स्वच्छता अभियान में रिकॉर्ड सफलता अर्जित की
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीएंडटी) ने अपने संबद्ध एवं अधीनस्थ संगठनों के साथ मिलकर विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत सभी कार्यकलापों को सक्रिय रूप से संचालित किया और अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक अर्जित किया। यह अभियान 2 अक्टूबर 2025 को आरंभ हुआ और 31 अक्टूबर 2025 को समाप्त हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य अभिलेखों की समीक्षा और छंटाई, लंबित मामलों में कमी, स्क्रैप के प्रबंधन एवं निपटान तथा विभाग एवं उसके संगठनों के विभिन्न मुद्दों पर त्वरित निर्णय लेना था।
2.0 अभियान के दौरान, परिपूर्णता दृष्टिकोण अपनाकर अभिलेख प्रबंधन, स्थान अनुकूलन, लंबित मामलों में कमी और जन शिकायत निपटान में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गईं। व्यापक डिजिटलीकरण और सभी संबद्ध कार्यालयों एवं स्वायत्त निकायों में छंटनी अभियान चलाकर वास्तविक फाइलों की संख्या कम करने के लिए ठोस प्रयास किए गए, जिससे अभिलेख प्रबंधन में सुधार हुआ, लंबित मामलों का निपटान हुआ और परिचालन दक्षता में वृद्धि हुई।
इस दौरान, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, कर्तव्य भवन-III में साइबर सुरक्षा पर दो कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस पहल का उद्देश्य कुशल डिजिटल संसाधन प्रबंधन को प्रोत्साहित करना, डेटा अव्यवस्था को कम करना और समग्र साइबर सुरक्षा एवं प्रणाली प्रदर्शन को बेहतर बनाना था। कार्यशालाओं में विभाग के मध्यम स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अभियान अवधि के दौरान, मंत्रालय के पास लंबित सभी जन शिकायतों और अपीलों की व्यापक समीक्षा की गई और उनका समाधान किया गया, जिससे नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई। इसी प्रकार, सभी लंबित संसदीय आश्वासनों, अंतर-मंत्रालयी परामर्श (आईएमसी) संदर्भों और सांसदों/वीआईपी पत्र-व्यवहारों को प्राथमिकता के आधार पर लिया गया, उनकी जांच की गई और उनका समाधान किया गया, जो जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई की संस्कृति को दर्शाता है।
कार्यस्थल की स्वच्छता और सफाई में सुधार के लिए भी प्रयास किए गए - विभिन्न कार्यालयों में सार्वजनिक उपयोग के लिए शौचालयों की मरम्मत की गई और निकटवर्ती क्षेत्रों की गहन सफाई की गई। पर्यावरणगत सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक संसाधन विभाग के अधिकारियों ने “एक दिन, एक घंटा, एक साथ, श्रमदान” पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया ।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सभी संबद्ध कार्यालयों में अभिलेखों के डिजिटलीकरण और संरक्षण जैसे कार्यकलाप व्यापक स्तर पर आरंभ किए गए। डिजिटल शासन को बढ़ावा देने और वास्तविक स्थान खाली करने के लिए कई शाखाओं और प्रभागों ने अपने अभिलेखों का डिजिटलीकरण शुरू किया। विभाग और उसके सभी संगठनों में फाइलों की रिकॉर्डिंग और समीक्षा का कार्य मिशन मोड में किया गया।
2 अक्टूबर 2025 को स्वच्छता दिवस समारोह के एक भाग के रूप में, स्वच्छता और सामूहिक उत्तरदायित्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए नई दिल्ली में स्वच्छता विषय पर एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत दी जाने वाली मासिक आर्थिक सहायता राशि 1250 रूपये में वृद्धि कर 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति दी गयी है।
मार्च 2023 से 1000 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ योजना प्रारंभ की गई थी। सितंबर 2023 से 1,250 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 250 रुपये की वृद्धि कर नवंबर 2025 से 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की स्वीकृति दी गयी है। योजना में 250 रुपये की वृद्धि किए जाने पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,793 करोड़ 75 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 20,450 करोड़ 99 लाख रुपये संभावित व्यय होगा।
मंत्रि-परिषद द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों के लिए सूचकांक में छूट प्रदाय किये जाने एवं आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
संस्कृति विभाग द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना में आचार्य शंकर की 108 फीट की बहूधातु प्रतिमा स्थापित की जायेगी। इसके साथ ही आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर आधारित शंकर संग्रहालय, (अद्वैत लोक) निर्माण, आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय वेदान्त संस्थान, अद्वैत निलयम आदि निर्माण कार्य किये जायेंगे। ये सभी निर्माण कार्य एमपीटीसी द्वारा किए जायेंगे। इसके लिए जून 2025 में 2195 करोड़ 54 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। मंत्रि-परिषद ने पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।