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श्रम विभाग ने एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी के बारह पावर हाउस को दी 5 स्टार श्रम रेटिंग: ऊर्जा मंत्री तोमर
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड (MPPGCL) ने श्रम कानूनों के उत्कृष्ट अनुपालन और श्रमिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। श्रम विभाग द्वारा कम्पनी के चार ताप विद्युत उत्पादन गृहों व आठ जल विद्युत गृह को ‘फाइव स्टार श्रम स्टार रेटिंग’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान कम्पनी की उच्च कार्यसंस्कृति, पारदर्शिता, शत-प्रतिशत नियामकीय अनुपालन व श्रमिक हितों को सर्वोपरि रखने के दृष्टिकोण का सशक्त प्रमाण है।
यह उपलब्धि पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी, सिंगाजी ताप विद्युत गृह खंडवा, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर, गांधी सागर जल विद्युत गृह, टोंस जल विद्युत गृह सिरमौर,राजघाट जल विद्युत गृह, बाणसागर जल विद्युत गृह-दो सिलपरा, बाणसागर जल विद्युत गृह-तीन देवलोंद, बाणसागर जल विद्युत गृह-चार झिन्ना, मरहीखेड़ा जल विद्युत गृह और बिरसिंगपुर जल विद्युत गृह को हासिल हुई है।
श्रम विभाग द्वारा श्रम कानूनों के अनुपालन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रावधानों तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करने के लिये ”श्रम स्टार रेटिंग” प्रारंभ की गई है। यह सम्मान संस्थान द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं के अपनाने तथा श्रम कानूनों के प्रति स्वैच्छिक अनुपालन की प्रतिबद्धता का द्योतक है। गत वर्षों में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में कम्पनी ने विभिन्न महत्वपूर्ण कीर्तिमान बनाएं है जो की न सिर्फ कम्पनी की नियामकीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की उसकी नीति को भी सशक्त रूप से उजागर करती है।
कम्पनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस उपलब्धि पर सभी विद्युत उत्पादन गृहों के मुख्य अभियंताओं, अभियंताओं व कार्मिकों को इस उपलब्धि का श्रेय व बधाई देते हुए कहा-“यह सम्मान हमारी कार्यसंस्कृति, अनुशासन और श्रमिक कल्याण के प्रति हमारी निष्ठा का परिणाम है। हमें गर्व है कि न केवल कम्पनी सभी स्तरों पर श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित विभिन्न नीतियां बना रही है, बल्कि हर मानक पर उत्कृष्टता की नई मिसालें भी स्थापित कर रहे हैं, जिसमें सभी कर्मचारियों का योगदान है।”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का किया औचक निरीक्षण
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में नवनिर्मित सभागृह को “गीता भवन” के रूप में विकसित किया गया है। गीता जयंती के अवसर पर इसे एक दिसंबर को जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सभागृह 500 सीट का रहेगा। इसमें सभी अत्याधुनिक सुविधाएं रहेंगी। यह सभागृह धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केन्द्र बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोपाल मंदिर में बच्चों को स्नेहपूर्वक दुलार किया और आसपास के दुकानदारों से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूरे मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों और जीर्णोद्धार के कार्यों को देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर को अपने प्राचीन तथा गौरवशाली स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि गीता जयंती पर पूरे मध्यप्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर जिले में गीता भवन विकसित किए जाएंगे ताकि धार्मिक, सांस्कृतिक और अध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्थ जैन एवं सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शुक्रवार को इंदौर में लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने पुष्प-गुच्छ और पुष्प-मालाओं से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों ने उन्हें हर माह 1500 रुपये दिए जाने और स्वच्छता दीदियों के लिए नगर निगम के माध्यम से अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित सिंह, सुमित मिश्रा, अपर आयुक्त नगर निगम रोहित सिसोनिया एवं सुमित मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
जनजातीय गौरव दिवस वह शंखनाद है, जिसने जननायकों के बलिदान और शौर्य का परिचय नई पीढ़ी से कराया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश जनजातियों का अपना घर है, जिस ट्राइबल स्टेट भी कहा जाता है। यह उपमा ही हमारे अस्तित्व का सबसे बड़ा अभिनंदन है। जनजातियां, हमारी मुकुट मणियां हैं, यह प्रत्येक मध्यप्रदेशवासी के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान की बात है। अबुआ दिशुम-अबुआ राज यानी हमारी धरती, हमारा राज। हमारी धरती और संस्कृति ही हमारी पहचान है और इसी पहचान का उत्सव हम सब आज बड़वानी में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस वह शंखनाद है, जिसने नई पीढ़ी को वीर जननायकों के बलिदान, शौर्य और साहस से परिचित कराया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को बड़वानी जिले की पानसेमल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोरतलाई में जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम मोरतलाई में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की भव्य आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही बड़वानी जिले के लिए 133 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 6 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमें 46 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार राजपुर से दवाना मार्ग का लोकार्पण और 14 करोड़ 86 लाख रूपए की लागत से सेंधवा में नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन, बलवाड़ी का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर पानसेमल और बारला में उद्वहन सिंचाई परियोजना के विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि अब क्षेत्र के सभी 51 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए जल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पानसेमल में रेस्टहाउस बनाने और यहीं पर अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) का कार्यालय (एसडीओपी आफिस) खोलने, टेमला में हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने, मोरतलाई के मिडिल स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने एवं रायचूर में उपलब्ध हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ से सापखड़की तक पक्की रोड बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विकास की बात पर हमें सबका साथ चाहिए। सबके साथ और सहयोग से ही प्रदेश को विकास की ऊंचाइयों तक लेकर जाएंगे।
कर्म और परिश्रम से जो मिलता उसी में सच्चा आनंद : राज्यपाल पटेल
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान राम माँ सीता को भी उनके भाग्य का लिखा मिला था। नसीब में जो है, वह होता है, लेकिन अपने कर्म और परिश्रम से जो मिलता है। उसी में सच्चा आनंद और आत्मिक संतुष्टि है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत शपथ व्यवहार की मार्गदर्शिका है। उसके अनुसार 365 दिन आचरण करने पर जीवन में सफलता मिलना निश्चित है। राज्यपाल पटेल मुख्य अतिथि की आसंदी से मानसरोवर विश्वविद्यालय के तीसरें दीक्षांत समारोह को शुक्रवार को संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन स्थानीय कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में किया गया। राज्यपाल पटेल ने समारोह में व्हील चेयर पर आए विद्यार्थी वेंकट बालाजी को मंच से उतर कर उनके पास जाकर उपाधि दी।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि चिकित्सक का कार्य ईश्वरीय यश प्राप्त करने का अवसर होता है। उन्होंने कहा कि कई बार मँहगी दवा खरीदने में असमर्थ होने पर गरीब व्यक्ति दवा ही नहीं लेता है। प्रधानमंत्री मोदी ने जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं कम कीमतों पर उपलब्ध करा दी है। चिकित्सकों से कहा है कि रोगियों को जन औषधियों के सेवन का परामर्श दे। प्रदेश में सभी जिलों, रेडक्रास शाखाओं में जन औषधि केन्द्र संचालित है। जनजाति बहुल विकास खण्डो में जनजातीय युवाओं के द्वारा जन औषधि स्टोर खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आयुर्वेद चिकित्सा का नया युग आया है। आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए अपार संभावनाएं निर्मित हुई है।
राज्यपाल पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि अपने कार्यों से उपलब्धियों के बड़े मापदंड रचें। सफलता के नए कीर्तिमान बनाएं। लेकिन यह याद रखें कि सफलता का पैमाना अपने ज्ञान, प्रतिभा और मेधा से समाज के विकास में सहभागिता और अपने सामर्थ्य और समृद्धता से गरीब, वंचित, पिछड़ों और जरूरतमंदों के जीवन में खुशहाली लाने में योगदान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत, विद्यार्थी जीवन की समाप्ति का नहीं बल्कि कर्मशील नागरिक और उत्तरदायी व्यक्ति के रूप में नई शुरुआत का पावन प्रसंग है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कारों से चरित्र निर्माण, समाज कल्याण और राष्ट्र के विकास का बोध विकसित करना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं को ज्ञान और उन्नति के विभिन्न अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं की शिक्षा केवल कौशल और विशेषज्ञता देने तक सीमित नहीं हो, बल्कि उद्यमिता के द्वारा सामाजिक सरोकारों में सहभागिता के लिए अनुभव और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने वाली भी होना चाहिए। उन्होंने संस्थान के संस्थापक बह्मलीन कमलाकांत तिवारी का भी पुण्य स्मरण किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आरोग्य भारती के राष्ट्रीय महासचिव अशोक वार्ष्णेय ने कहा कि अलग तरह से सोचने और बड़े लक्ष्य तैयार करने में ही जीवन की सफलता है। इसके लिए सकारात्मक दृष्टि के साथ कार्य करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा पुस्तकों में प्राप्त जानकारी होती है। इस जानकारी को समझ कर कार्य करना ही ज्ञान है। उन्होंने कहा कि जो केवल सपने देखते है उनके लिए रात छोटी होती है लेकिन जो साकार करने के लिए सपने देखते हैं। उनके लिए दिन छोटा होता है।
मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष खेम सिंह डेहरिया ने दीक्षित विद्यार्थियों से कहा कि समारोह में प्राप्त उपाधि के साथ आपका, आपके परिवार, विश्वविद्यालय, प्रदेश और देश का नाम जुड़ गया है। उसका मान-सम्मान बनाएं रखना धारक की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कहा कि विकसित भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की ज्ञान परंपरा में उनके योगदान की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी।
कार्यक्रम में राज्यपाल पटेल का स्वागत विश्वविद्यालय की कुलाधिपति मंजुला तिवारी ने किया। दीक्षांत स्मृति प्रतीक भेंट किया। स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के प्रो- चान्सलर, इंजीनियर गौरव तिवारी ने दिया। वाईस चान्सलर डॉ. ए.एस. यादव ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। संचालन अनुज ने किया।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत बोले समय सीमा पर का नहीं करने वालों पर लगेगी पेनाल्टी
रायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं तथा सभी कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर सड़क और भवन निर्माण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर पेनाल्टी लगाने व नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वीके. भतपहरी भी बैठक में शामिल हुए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभागीय बजट के सदुपयोग के साथ लोगों की सुविधा के लिए फील्ड पर तेजी से काम हों। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता अच्छी और टिकाऊ हो, इसका खास ध्यान रखें। उन्होंने प्रगतिरत सभी कार्यों की गति तेज करते हुए निर्माण कार्यों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने विभागीय काम-काज में कसावट और तेजी लाने सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करने को कहा। उन्होंने विभागीय कार्यवाहियों में तेजी लाने ई-आफिस से ही फाइलें तैयार कर प्रमुख अभियंता कार्यालय भेजने को कहा। उन्होंने कार्यों की तकनीकी स्वीकृति के बाद बिना किसी देरी के निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
विभागीय सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सड़क मरम्मत के सभी कार्यों को आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए पेच रिपेयरिंग के बाद सड़कें स्मूथ और समतल रहें, इसका भी ध्यान रखने को कहा। उन्होंने परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों का थर्ड पार्टी परीक्षण कराने और परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकतानुसार संबंधित ठेकेदारों से मरम्मत के काम कराने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने बैठक में रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त ऐसे कार्यों जिनकी निविदा आमंत्रित की जानी है, की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों में प्रस्तावित दस बड़े कार्यों व परियोजनाओं को अमलीजाना पहनाने मैदानी कार्यालयों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की भी समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. सिंह ने रायपुर में गुढ़ियारी के शुकवारी बाजार से रेल्वे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर-5 तक बनने वाले पहुंच मार्ग के लिए आगामी मार्च माह तक भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बनने वाले भवनों के लिए जल्द निविदा करने को कहा। बैठक में रायपुर परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर में शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग के फोरलेन एवं चौड़ीकरण कार्य को दिसम्बर माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सिविल लाइन में पुराने सर्किट हाउस की जगह बनने वाले चार मंजिला सर्किट हाउस एनेक्स की ड्राइंग-डिजाइन एनआईटी से अनुमोदित होकर आ गई है। अनुमोदन के बाद जरूरी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर कार्यारंभ किया जाएगा।
बिहार चुनावः BJP मुख्यालय में जश्न की तैयारी.... जलेबी, सत्तू और लिट्टी-चोखा का दिया ऑर्डर
डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है। राजधानी दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में इस मौके पर विशेष जश्न की तैयारियां की जा रही हैं। भाजपा ने बिहार के पारंपरिक व्यंजनों से मेन्यू तैयार करवाया है।
BJP मुख्यालय में बिहार के मशहूर व्यंजन परोसे जाएंगे। एक स्थानीय मिठाई वाले ने बताया कि मिठाई में जेलबी होगी, जबकि मेन कोर्स में सत्तू पराठा और बैंगन का चोखा शामिल है। लिट्टी चोखा भी बनाया जा सकता है। इन तैयारियों से साफ है कि भाजपा को NDA की जीत की पूरी उम्मीद है। इन तैयारियों से पार्टी का आत्मविश्वास साफ झलक रहा है कि NDA को इस बार बड़ी जीत मिलने की संभावना है।
भाजपा नेता और बिहार के मंत्री नितिन नबीन ने मतगणना से पहले NDA की स्पष्ट बढ़त का दावा किया है। उन्होंने कहा, इस बार 2010 जैसा नतीजा आएगा। NDA 200 से ज्यादा सीटें जीतेगा। RJD पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि, RJD अभी भी जंगल राज की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है।
नितिन नवीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार मैदान में हैं। यहां उनका मुकाबला, RJD उम्मीदवार रेखा कुमार और जन सुराज की वंदना कुमारी से है। जन सुराज पहली बार चुनाव मैदान में उतरी है, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है।
बिहार चुनाव में नीतीश और मोदी की लहर,तेजस्वी-कांग्रेस पस्त
डेस्क। बिहार चुनाव की मतगणना में एनडीए बंपर बढ़त बनाए हुए है। वहीं, आरजेडी को छोड़ दिया जाए तो महागठबंधन का कोई भी दल दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, एनडीए भारी बढ़त हासिल कर चुका है। वहीं, महागठबंधन 100 के आंकड़े पर भी नहीं पहुंचा है। राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ NDA यानी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन के बीच है। एनडीए के प्रमुख दलों में जनता दल यूनाइटेड (JDU), भारतीय जनता पार्टी (BJP), लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) शामिल हैं। वहीं, महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी (VIP), वाम दल और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) हैं।
दूसरे चरण के मतदान के बाद जारी अधिकांश एग्जिट पोल राज्य में एनडीए सरकार की वापसी के संकेत दे रहे हैं। वहीं, कम से कम दो एग्जिट पोल ऐसे हैं जो कांटे की टक्कर बता रहे हैं। खास बात है कि इन एग्जिट पोल के आंकड़ों को मानें तो राज्य में प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी का डेब्यू काफी कमजोर रहा है। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन सीमांचल क्षेत्र में भी कमजोर प्रदर्शन करती नजर आ रही है। हालांकि, अंतिम नतीजे आना बाकी हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल बताते हैं कि मंगलवार को 122 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 68.79 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले चरण का मतदान छह नवंबर को हुआ था और उसमें 65.08 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। दो चरणों में हुए चुनाव में 66.90 प्रतिशत का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया।। यह आंकड़ा पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले 9.6 फीसदी ज्यादा है।
ऊर्जा संरक्षण का जन जागरण हर व्यक्ति की महती जिम्मेदारी- राज्यपाल पटेल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण किसी एक संस्था, संगठन और सरकार की चिंता का विषय नहीं है बल्कि हम सभी के बेहतर जीवन का अनिवार्य पहलू है। ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा का उत्पादन है। ऊर्जा संरक्षण के महत्व को जन जागरण का मुद्दा बनाना केवल सरकार के साथ समाज के हर व्यक्ति की महती जिम्मेदारी है।
राज्यपाल पटेल विद्युत मंत्रालय भारत सरकार के ऊर्जा संरक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत ऊर्जा संरक्षण की राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दो श्रेणियों में प्रतिभागियों और विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए और बधाई दी। राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता के लिए चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के सदस्यों का भी सम्मान किया। राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन ऊर्जा दक्षता ब्यूरो, एन.एच.डी.सी. लिमिटेड और मध्यप्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में सुभाष भवन भोपाल में किया गया था।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि चित्रकला, अंतर्मन की मार्मिक अभिव्यक्ति है। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा ऊर्जा संरक्षण पर बनाए गए चित्र अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने उपस्थित जनों से अपील की कि वे चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन ज़रूर करें। प्रतिभावान बाल चित्रकारों की रचनात्मकता और ऊर्जा संरक्षण संदेशों को समझे, उनका अनुसरण करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ऊर्जा बचत की शुरूआत हमें अपने घर से करना चाहिए। सुबह से शाम तक हर क्षण, सजग रहकर ऊर्जा बचत करना होगा। घर के बड़े-बुजूर्गों द्वारा बच्चों को ऊर्जा के महत्व, जरूरत और बचत का संस्कार बचपन से ही दिया जाना चाहिए। ऊर्जा की हर यूनिट की बचत, प्रकृति संरक्षण के साथ राष्ट्र विकास में योगदान है।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि ऊर्जा की जरूरत और संरक्षण के महत्व को शैक्षणिक पाठ्यक्रम और गतिविधियों में शामिल किया जाना चाहिए। ताकि भावी पीढ़ी को ऊर्जा साक्षर नागरिक के रूप में तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचलों से लेकर शहरों तक ऊर्जा संरक्षण के ऐसे प्रयास हो कि आम नागरिक, ऊर्जा बचत की सावधानियों, उपायों और प्रयासों को सजगता, संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ दैनिक जीवन में लागू करें। राज्यपाल पटेल ने प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण अभियान को कुशलता और समर्पण से गति देने और राज्य की ऊर्जा क्षमताओं को नई ऊंचाई तक ले जाने के प्रयासों के लिए एन.एच.डी.सी. की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि जिस प्रकार ऊर्जा संरक्षण प्रकृति के लिए जरुरी है। सतत जागरूकता और सक्रिय प्रयासों से ऊर्जा की बचत की जा सकती है। उसी प्रकार तेजस्वी जीवन के लिए स्वस्थ शरीर भी जरूरी है। उन्होंने कहा की अच्छा खान-पान, नियमित व्यायाम, भरपूर पानी और नींद उत्तम स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए विद्यार्थी अपनी दिन चर्या में अनुशासन का पालन करें। संतुलित दिनचर्या अपनाकर नियमित अध्ययन करें। राज्यपाल ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को संयमित जीवन, अनुशासन और पौष्टिक आहार का महत्व जरूर बताएं।
उत्तराखंड की बेटी स्नेह राणा सहित तीन रेलवे खिलाड़ियों से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की मुलाकात, विश्व कप जीत के लिए दी बधाई
इस मुलाकात ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय रेल सिर्फ यात्री नहीं, देश के चैंपियन्स भी तैयार करता है।
काशी की गलियों में इटली का प्रेम: हिंदू रीतियों से बंधी अनोखी शादी
दिल्ली ब्लास्ट के बाद रांची में हाई अलर्ट, पुलिस ने उठाया ये कदम
उत्तराखंड में लागू होगी देवभूमि परिवार योजना, आपदा सहायता राशि और संविदा कर्मियों समेत कैबिनेट के 12 बड़े फैसले, पढ़ें विस्तार से….
भारत में प्राचीन काल से है ऋषि परंपरा, दद्दा जी से मिलना मेरा सौभाग्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में प्राचीन ऋषि परंपरा रही है। दद्दा जी ने करोड़ों शिवलिंग निर्माण करवाए। उन्होंने कहा कि दद्दा जी से मिलना मेरे जीवन का सौभाग्य रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सत्संग और भक्ति के माध्यम से समाज को संस्कार दिए। संस्कारों से लोगों के विकार दूर होते हैं और जीवन धन्य हो जाता है। शिव निराकार ब्रह्म हैं। महाकाल की कृपा हम सभी पर है। राज्य सरकार ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी जिले के झिंझरी स्थित दद्दा जी धाम में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण महारुद्राभिषेक में ये बातें कहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृहस्थ संत पूज्य पंडित देवप्रभाकर शास्त्री दददा जी के समाधि स्थल पहुंच कर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर कटनी जिला एवं प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं जन-कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पवित्र गीता के विविध पक्षों से विश्व को परिचित कराने के लिए राज्य सरकार लाखों विद्यार्थियों के लिए गीता-ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करवा रही है। उज्जैन में सिंहस्थ : 2028 के भव्य आयोजन के लिए तैयारियां की जा रही हैं। दद्दाजी का आशीर्वाद हम सभी के साथ है। कटनी के दद्दाजी धाम की प्रतिष्ठा दुनिया में पहुंचेगी। दुनिया सनातन संस्कृति और हमारी तरफ देख रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिरडी सहित अन्य तीर्थ स्थलों की तरह ही कटनी का दददा जी धाम भी भविष्य में देव स्थान के रूप में विख्यात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान महाकाल और दद्दा जी के आर्शीवाद से हम उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को भव्यता प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति का पवित्र अनुष्ठान चल रहा है। राज्य सरकार भी इस दिशा मे अनेक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस पवित्र कार्य के लिए संत समाज से मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंचासीन धर्माचार्यो और साधु-संतों का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक नें संबोधित करते हुए दददा जी के व्यक्तिव, कृतित्व व जीवन वृतांत पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महोत्सव धर्म, अध्यात्म और भक्ति का अद्भुत संगम है। यहाँ विश्वकल्याण के लिये असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण, महारुद्राभिषेक एवं अमृतमयी कथा का आयोजन हो रहा है। प्रातःकाल शिव आराधना और संध्याकाल हरिकथा एवं भजन संध्या के माध्यम से दद्दा जी धाम में दिव्यता का आलोक व्याप्त है।
नई दिल्ली: आईजीआई एयरपोर्ट पर बम धमकी, जांच में निकली झूठी, अचानक मचा हड़कंप
नई दिल्ली| दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाईअड्डे पर बुधवार दोपहर अचानक सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई। टर्मिनल-3 पर बम लगाए जाने की सूचना मिली, जिसके बाद तुरंत ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) और पुलिस सक्रिय हो गई
सूचना और त्वरित कार्रवाई
करीब 3 बजकर 18 मिनट पर धमकी भरा कॉल आया। सूचना मिलते ही तीन दमकल वाहन मौके पर भेजे गए। एयरपोर्ट परिसर की गहन तलाशी ली गई और हर कोने की जांच की गई।
उत्तराखंड में नई होम स्टे पॉलिसी की तैयारी, केवल स्थानीय लोगों को मिलेगा पंजीकरण
पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
स्टेच्यू ऑफ युनिटी भारत की एकता का तीर्थ : राज्यपाल पटेल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा रोपित बीज को वट वृक्ष के रूप में देखकर हर्ष और गर्व हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेच्यू ऑफ युनिटी भारत की एकता का तीर्थ है। श्री पटेल एकता नगर गुजरात में आयोजित भारत पर्व के 11वें दिन 11 नवंबर के कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह उपरांत स्टेच्यू ऑफ युनिटी परिसर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उपस्थित दर्शकों को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने मध्यप्रदेश के प्रथम नागरिक के रूप में राष्ट्रीय एकता के तीर्थ पर हमारे राष्ट्रीय गौरव को नमन करने आए सभी भाई-बहनों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गौरव जिसका आधार लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने रखा उसके प्रतीक स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की पावन धरा पर आना हम सभी के लिए तीर्थ के समान है।
भारत पर्व, सिर्फ एक सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन मात्र नहीं है; भारत की एकता, अखंडता और आत्मगौरव की भावना को नमन करने का प्रसंग है। इसिलिए भारत पर्व के अभूतपूर्व आयोजन में देश के सभी राज्यों, केन्द्र शासित क्षेत्रों की लोक संस्कृति, खान-पान, वस्त्र-विन्यास आदि के सम्मिलित प्रदर्शन के मंच भारत पर्व में हमारी अनेकता में एकता के भव्य स्वरूप देखने का अभूतपूर्व अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब एक हैं इसी भाव की अभिव्यक्ति के लिए 1 नवंबर से 15 नवंबर तक आयोजित कार्यक्रमों में देश के सभी राज्यों के राज्यपाल भी सम्मिलित हो रहे है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन गुजरात के उर्जा, पेट्रोलियम कानून राज्यमंत्री कोशिक विकरिया ने दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि स्टेच्यू ऑफ युनिटी के निर्माण की संकल्पना से जुड़े जिले के पूर्व प्रभारी मंत्री मंगुभाई पटेल मध्यप्रदेश के राज्यपाल के रूप में हम सब के बीच में उपस्थित हैं।
सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रमों की पहली प्रस्तुति मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के लोक नृत्य बधाई हो के साथ हुई। इसके बाद मध्यप्रदेश, मणिपुर, नागालेंड और गुजरात राज्यों के लोक कलाकारों द्वारा कुल 9 प्रस्तुतियाँ दी गई। कार्यक्रम का विशिष्ट आकर्षण मध्यप्रदेश के विकास, इतिहास, कला, शिल्प और विरासत की धरोहरों को शोकेस करने वाली दृश्य-श्रव्य और नृत्य सहित कला के विभिन्न रूपों की मल्टीमीडिया प्रस्तुति रही।