देश-विदेश
न्यूजीलैंड की नन्हीं मरीज को रायपुर में मिली नई मुस्कान, डॉ. स्तुति अग्रवाल ने संवारीं टेढ़े-मेढ़े दांतों की लकीरें
डॉ. स्तुति अग्रवाल
Ajit Pawar Death: हजारों आंखें नम, ‘दादा अमर रहें’ के बीच अजित पवार को अंतिम विदाई, देश-प्रदेश के बड़े नेता रहे मौजूद
माघ मेले से काशी तक: शंकराचार्य का असमय प्रस्थान, विवाद अब हाईकोर्ट की चौखट पर
राज्य के लिए एक नई आवास नीति तैयार किया जाना समय की आवश्यकता- आवास सचिव
बैठक में एनपीएमसी के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 से संबंधित सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा (सितम्बर 2026) के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए. सचिव आवास ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर आवंटन सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए औपचारिक पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए. बैठक में कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट स्टडी के लिए तैयार ड्राफ्ट RFP पर भी चर्चा की गई. सचिव आवास ने इसे राज्य के प्रमुख नगरों, तीर्थस्थलों, विशेषकर चारधाम क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में इस अध्ययन को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने के निर्देश दिए, जिससे विकास कार्यों को पर्यावरणीय संतुलन के साथ आगे बढ़ाया जा सके.
जहाँ विज्ञान की सीमाएं समाप्त होती हैं, वहाँ धर्म की होती है जय-जयकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार देर शाम माँ नर्मदा के तट सरस्वती घाट पर आयोजित दादा गुरु के प्रकटोत्सव पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में शामिल हुए। विदेश (दावोस) से लौटने के बाद दादा गुरु के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधायक श्री अशोक रोहाणी, श्री रत्नेश सोनकर एवं श्री राजकुमार पटेल एवं बड़ी संख्या में नर्मदा परिक्रमावासी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि हम सब सनातन संस्कृति के संवाहक हैं। कई बार जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जब हमें आश्चर्य होता है, जहाँ विज्ञान के नियम काम करना बंद कर देते हैं या फेल हो जाते हैं, वहीं से धर्म की जय-जयकार शुरू होती है। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल प्रकृति के नियमों को समझने का प्रयास करता है, लेकिन यह ईश्वरीय कृपा ही है जिससे हमें आनंद और साहस प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा परिक्रमावासियों के इतने बड़े दल और परिवार का सुचारू रूप से चलना, बिना माँ नर्मदा और दादा गुरु की कृपा के संभव नहीं है। यह विशाल जनसमूह इसका प्रमाण है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी व्यस्तता और दादा गुरु के प्रति समर्पण का जिक्र करते हुए बताया कि हेलीकॉप्टर के पायलट ने चेतावनी के बाद भी यदि समय पर वापस नहीं आए तो कल दोपहर 2 बजे तक रुकना पड़ेगा। उन्होंने मुझे दादा गुरु आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर से अपने लगाव का भी जिक्र करते हुए बताया कि जबलपुर पर माँ नर्मदा की विशेष कृपा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में बाबा महाकाल और माँ नर्मदा से प्रार्थना की कि प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख-शांति बनी रहे और किसी के जीवन में कोई कष्ट न आए। संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह के साथ "नर्मदा महारानी की जय", "बाबा महाकाल की जय" और "दादा गुरु भगवान की जय" के उद्घोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दादा गुरु के प्रकटोत्सव के कार्यक्रम में अलग अंदाज भी दिखाई दिया। उन्होंने पूरे श्रद्धाभाव से "गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, राधा रमण हरि गोपाल बोलो" भजन गाकर नर्मदा परिक्रमावासियों को ऊर्जा से भर दिया।
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव... मिलिट्री बैंड का प्रदर्शन रहा खास
नईदिल्ली। भारत अपने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव देश भर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मिलिट्री बैंड प्रदर्शन के माध्यम से मना रहा है। इस उत्सव का उद्देश्य राष्ट्रीय गौरव और एकता को बढ़ावा देना है।
इन समारोहों के एक अंग के रूप में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के 31 संगीतकारों से युक्त बैंड ने 21 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के राजीव चौक स्थित एम्फीथिएटर में प्रदर्शन किया। 45 मिनट की इस प्रस्तुति में ब्रास, बांसुरी, स्ट्रिंग और इलेक्ट्रॉनिक वाद्ययंत्रों से ग्यारह मनमोहक धुनें प्रस्तुत की गईं। इस प्रस्तुति में 'वंदे मातरम' और 'सिंदूर' गीत, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता को याद करने के लिए तैयार किया गया था, प्रस्तुति के मुख्य आकर्षण रहे।
संगीत सदियों से भारतीय संस्कृति का एक अनमोल रत्न रहा है। यह भारत की समृद्ध सैन्य विरासत का भी अभिन्न अंग है, जो एकता को सुदृढ़ करता है और वीरता की प्रेरणा देता है। 1944 में अपनी स्थापना के बाद से भारतीय वायु सेना बैंड, भारतीय और पश्चिमी संगीत की विविधतापूर्ण प्रस्तुतियों के साथ, देश की सैन्य परंपरा का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। भारतीय वायु सेना बैंड का उद्देश्य अपने मनमोहक प्रदर्शनों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को प्रेरित करना और एकता का प्रसार करना है।
डीजीसीए ने एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस के लिए इलेक्ट्रॉनिक कार्मिक लाइसेंस सेवा शुरू की
नईदिल्ली। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने डीजीसीए मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (एटीपीएल) के लिए इलेक्ट्रॉनिक कार्मिक लाइसेंस (ईपीएल) सेवाओं का शुभारंभ किया। डीजीसीए की ओर से ईपीएल एटीपीएल सेवा का उद्घाटन किया गया, जो इसके डिजिटल परिवर्तन की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इस अवसर पर बोलते हुए, महानिदेशक (सीए) महोदय ने इस विषय पर प्रकाश डाला कि ईपीएल पहल सुरक्षित, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से भारत के नागरिक उड्डयन नियामक तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महानिदेशक (सीए) महोदय ने इस पहल को लागू करने में किए गए प्रयासों के लिए डीजीसीए टीमों और प्रौद्योगिकी सहयोगियों को बधाई दी और नई प्रणाली को अपनाने में विमानन उद्योग और हितधारकों की ओर से दिए गए सहयोग की सराहना की।
इलेक्ट्रॉनिक कार्मिक लाइसेंस एक सुरक्षित डिजिटल लाइसेंस है जिसमें प्रामाणिकता सुनिश्चित करने, गड़बड़ी रोकने और त्वरित समय पर सत्यापन सक्षम करने के लिए आईसीएओ के अनुरूप सुरक्षा सुविधाएं शामिल हैं। ईपीएल को ईजीसीए मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए प्राप्त किया जा सकता है।
डीजीसीए ने फरवरी 2025 में वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस (सीपीएल) और फ्लाइट रेडियो टेलीफोन ऑपरेटर (प्रतिबंधित) लाइसेंस (एफआरटीओएल) को शुरू करने के साथ ईपीएल की शुरुआत की थी। एटीपीएल के लिए ईपीएल सेवाओं के शुभारंभ के साथ, डीजीसीए विमानन क्षेत्र के लिए दक्षता, पारदर्शिता और सुधरी हुई सेवाओं के वितरण को बेहतर करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम-2026: मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मालदीव के मंत्री मोहम्मद सईद के बीच हुई वार्ता
भोपाल। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 के अवसर पर दावोस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मालदीव के आर्थिक विकास एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद से वन-टू-वन चर्चा की। बैठक में पर्यटन को साझा आधार बनाते हुए चिकित्सा, शिक्षा, वन्य जीव संरक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार किया गया।
दावोस में आयोजित इस द्विपक्षीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और मालदीव के बीच कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ परस्पर पूरक क्षमताओं के आधार पर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित की जा सकती है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा पर्यटन, मत्स्य पालन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, वन्य जीव संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों को सहयोग के प्रमुख आयाम बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वन्य जीव अभयारण्य, तेजी से उभरता मेडिकल इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और सांस्कृतिक विरासत राज्य को वैश्विक सहयोग के लिए एक सक्षम भागीदार बनाते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पर्यटन आधारित सहयोग से निवेश, कौशल विकास और लोगों के बीच संपर्क को मजबूती मिलेगी।
मालदीव के आर्थिक विकास एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद ने पर्यटन को दोनों क्षेत्रों के बीच स्वाभाविक और सशक्त सेतु बताया। उन्होंने कहा कि मालदीव, मध्यप्रदेश के साथ मिलकर पर्यटन, मानव संसाधन विकास और अनुभव साझा करने के अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक है।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी संवाद को संस्थागत रूप देने, प्रतिनिधिमंडल स्तर के दौरों को प्रोत्साहित करने और सहयोग के ठोस रोडमैप पर आगे बढ़ने पर सहमति व्यक्त की। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर हुई यह बातचीत अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
मध्यप्रदेश को उभरते और संभावनाशील गंतव्य के रूप में देखा जा रहा है : एचसीएल टेक के वाइस प्रेसिडेंट चतुर्वेदी
भोपाल। दावोस दौरे के प्रथम दिन मध्यप्रदेश के प्रतिनिधि मंडल ने वैश्विक आईटी सेवा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी एचसीएल हाई टेक के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट श्री अभय चतुर्वेदी से चर्चा की। चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश शासन के टियर-2 टेक्नोलॉजी हब के रूप में विस्तार की संभावनाओं पर संवाद हुआ। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने टियर-2 टेक्नोलॉजी हब के रूप में मध्यप्रदेश में विस्तार की संभावनाओं की जानकारी दी। बैठक में कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट अभय चतुर्वेदी ने बताया कि कंपनी पारंपरिक आईटी केंद्रों से आगे बढ़ते हुए टियर-2 शहरों में अपने संचालन का विस्तार करने के अवसरों का आकलन कर रही है। इस संदर्भ में मध्यप्रदेश को एक उभरते और संभावनाशील गंतव्य के रूप में देखा जा रहा है।
चर्चा के दौरान एचसीएल टेक की प्रमुख आवश्यकताओं पर विस्तार से विचार किया गया, जिनमें कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता, विश्वसनीय विद्युत अधोसंरचना और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कनेक्टिविटी शामिल है। मध्यप्रदेश की ओर से इन सभी मानकों पर राज्य की सुदृढ़ स्थिति को रेखांकित किया गया, जिसे मजबूत नीतिगत ढांचे और निरंतर बेहतर होती अधोसंरचना का समर्थन प्राप्त है।
मध्यप्रदेश शासन की ओर से बैठक में अपनी विशेष ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पॉलिसी, प्रतिस्पर्धी लागत लाभ और रेडी-टू-मूव-इन ऑफिस स्पेस की उपलब्धता की जानकारी साझा की। साथ ही लीज रेंटल में प्रोत्साहन, कौशल विकास एवं रोजगार सृजन से जुड़े प्रावधानों, सिंगल विंडो क्लियरेंस और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रभावी क्रियान्वयन को भी प्रस्तुत किया गया। बैठक में यह बताया गया कि राज्य में आईआईटी, एनआईटी, और आईआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदगी के साथ बेहतर होती जीवन गुणवत्ता, मध्यप्रदेश को टेक्नोलॉजी आधारित निवेश के लिए एक आकर्षक स्थान बनाती है।
एचसीएल टेक ने मध्यप्रदेश में भविष्य के टेक्नोलॉजी सेंटर्स और ऑफशोर डेवलपमेंट सेंटर्स (ओडीसी) की संभावनाओं के आकलन में गहरी रुचि व्यक्त की। दोनों पक्षों के बीच संयुक्त आउटरीच गतिविधियों पर भी चर्चा हुई, जिसमें प्रवासी समुदाय से जुड़ाव के माध्यम से उन वैश्विक तकनीकी पेशेवरों तक पहुंच बनाने के अवसर शामिल हैं, जिनकी जड़ें मध्यप्रदेश से जुड़ी हैं।
आगामी चरण में संभावित विस्तार के लिए एक रणनीतिक रोडमैप तैयार करने और सहयोगात्मक आउटरीच पहलों पर आगे चर्चा किए जाने पर सहमति बनी। यह संवाद मध्यप्रदेश की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत राज्य स्वयं को अगली पीढ़ी के टेक्नोलॉजी निवेश और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित कर रहा है।
विकसित और आत्मनिर्भर भारत सिर्फ स्वप्न नहीं संकल्प है, पूरा देश एकजुट होकर कर रहा है कामः गडकरी
नईदिल्ली। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हमारे लिए सिर्फ स्वप्न नहीं, एक संकल्प है और इस संकल्प को पूरा करने के लिए पूरा देश एकजुट और एकमत होकर काम कर रहा है। हम सब मिलकर 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाएंगे। देश के समग्र विकास के इस महायज्ञ में सबसे बड़ी आहुति मध्यप्रदेश की ही होगी।
केन्द्रीय सड़क मंत्री गडकरी शनिवार को विदिशा में आयोजित विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सही नेतृत्व और समर्पित सरकार से कदमताल कर हम मध्यप्रदेश को एक प्रगतिशील, समृद्ध और सम्पन्न राज्य बनाएंगे। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के विकास को और गति देने के लिए विदिशा में 4400 करोड़ रुपए की लागत से 8 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया।
केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि हम मध्यप्रदेश के विकास को शक्ति देने के लिए पूरी ताकत से अपना सहयोग देंगे। इन परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने मध्यप्रदेश के विकास से जुड़ी विभिन्न सड़क परियोजनाओं पर सहमति व्यक्त कर करीब एक लाख करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अधीन 2 लाख करोड़ रुपए लागत की राष्ट्रीय राजमार्ग विकस परियोजनाओं पर पहले से ही काम चल रहा है।
केन्द्रीय सड़क मंत्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में सबसे अग्रणी राज्य है। यहां का बासमती चावल और शरबती गेहूं विश्व प्रसिद्ध है। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान अन्नदाता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। किसानों को अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता, हवाई ईंधनदाता और डामरदाता भी बनाना हमारा लक्ष्य है। नागपुर में किसान एथेनॉल का उत्पादन कर रहे हैं। भारत 22 लाख करोड़ रुपए का तेल आयात करता है। भोपाल एयरपोर्ट पर आज इलेक्ट्रिक कार देखकर मुझे प्रसन्नता हुई। देश में अब हाइड्रोजन कार पर कार्य किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि हमारे कृषि यंत्र किसानों के द्वारा तैयार ईंधन पर चलने चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय मंत्री चौहान के किसानों की आय बढ़ाने के हर संभव प्रयास जारी हैं। किसानों की आय बढ़ेगी, तो वे गांव से दूर नहीं जाएंगे।
भारत निर्वाचन आयोग 21 से 23 जनवरी तक आईआईसीडीईएम-2026 की करेगा मेजबानी
नईदिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) प्रथम भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन सम्मेलन (आईआईसीडीईएम) 2026 के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित यह तीन-दिवसीय सम्मेलन 21 जनवरी से नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होगा।
आईआईडीईएम-2026 लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अपनी तरह का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन बनने जा रहा है। विश्व भर के 70 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 100 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, भारत में विदेशी मिशनों के प्रतिनिधि और चुनावी क्षेत्र के अकादमिक और व्यावहारिक विशेषज्ञ भी इसमें भाग लेने के लिए तैयार हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी 21 जनवरी, 2026 को उद्घाटन सत्र में प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे और कार्यवाही को हरी झंडी दिखाएंगे।
तीन-दिवसीय कार्यक्रम में चुनाव प्रबंधन निकाय (ईएमबी) के सामान्य और पूर्ण सत्र शामिल हैं, जिनमें उद्घाटन सत्र, चुनाव प्रबंधन निकाय के नेताओं का पूर्ण सत्र, चुनाव प्रबंधन निकाय के कार्य समूह की बैठकें, साथ ही वैश्विक चुनावी मुद्दों, आदर्श अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानकों और चुनावी प्रक्रियाओं में नवाचारों और सर्वोत्तम प्रणालियों पर केंद्रित विषयगत सत्र शामिल हैं।
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ के नेतृत्व में और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक विशेषज्ञों के सहयोग से गठित कुल 36 विषयगत समूह सम्मेलन के दौरान गहन विचार-विमर्श में योगदान देंगे। इन चर्चाओं में 4 आईआईटी, 6 आईआईएम, 12 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) और आईआईएमसी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी भी होगी।
भारत निर्वाचन आयोग विश्वभर में चुनाव प्रबंधन निकाय के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग के साथ 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें आयोजित करेगा। आयोग, भारत निर्वाचन आयोग के सभी चुनाव संबंधी सूचनाओं और सेवाओं के लिए एक ही स्थान पर उपलब्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईएनईटी का औपचारिक रूप से शुभारंभ भी करेगा।
इन आयोजनों के साथ-साथ एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी जिसमें भारत में चुनाव कराने की व्यापकता और जटिलता के साथ-साथ चुनाव आयोग द्वारा चुनाव के दो स्तंभों - मतदाता सूची तैयार करना और चुनाव कराना - को मजबूत करने के लिए हाल ही में की गई पहलों को प्रदर्शित किया जाएगा।
विश्व के सबसे बड़े चुनाव, लोकसभा 2024 चुनावों के आयोजन पर प्रकाश डालने वाली वृत्तचित्र श्रृंखला "इंडिया डिसाइड्स" को भी आईआईसीडीईएम-2026 के पहले दिन प्रदर्शित किया जाएगा।
गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 2 और 3 दिसम्बर 1984 की दरमियानी रात भोपाल में मिथाइल आइसोसायनाइट (एमआईसी) गैस का रिसाव एक भीषण दुर्घटना थी। घटना में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। करीब 40 साल तक रासायनिक कचरा यहां पड़ा रहा। हमारी सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में बिना किसी पर्यावरण नुकसान और मानव हानि के यहां के रासायनिक कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हम समाज के सभी वर्गों एवं प्रभावित पक्षों को विश्वास में लेकर यूनियन कार्बाइड परिसर का विकास करेंगे और माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में अब स्वच्छ हो चुके इस परिसर में भोपाल गैस त्रासदी में दिवंगत व्यक्तियों की स्मृति में एक स्मारक' बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है। प्रभावितों के कल्याण में हम कोई कमी नहीं रखेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का गहनता से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों से इस परिसर में स्मारक निर्माण के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना, संचालक गैस राहत श्री स्वतंत्र कुमार सिंह, निगमायुक्त श्रीमती संस्कृति जैन और गैस त्रासदी राहत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड फैक्ट्री परिसर में पड़े रासायनिक कचरे का माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में समुचित निष्पादन किया जा चुका है। अब हम भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया के निर्माण के साथ इस परिसर के भी समुचित विकास के लिए सभी जरूरी प्रबंध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बिना किसी सेफ्टी मास्क के गए और फैक्ट्री के कोर एरिया का बारीकी से मुआयना किया।
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव मध्यप्रदेश की ही नहीं, देश की सबसे भीषण गैस त्रासदी थी। वर्ष 1984 में 2 और 3 दिसंबर की रात इस फैक्ट्री से गैस के दुष्प्रभाव के कारण भोपाल ने मौत का जो मंज़र देखा, वह हमारी स्मृतियों से कभी हटेगा नहीं। गैस त्रासदी के बाद तत्कालीन सरकार ने इस क्षेत्र को लावारिस छोड़कर बड़ी लापरवाही की। उन्होंने फैक्ट्री में फैले जहरीले कचरे को हटाने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया और इस भीषण त्रासदी के बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया। तत्कालीन सरकार के जिम्मेदारों ने फैक्ट्री के मालिक वॉरेन एंडरसन को यहां से भाग जाने में मदद की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र में यूपीए सरकार रहते हुए भी इस गैस प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारी सरकार ने कोर्ट के सभी निर्देशों पर अमल करते हुए पिछले साल यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निष्पादन कराया। यह दुनिया के लिए एक संदेश भी है कि किस प्रकार आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से जहरीले कचरे को बिना पर्यावरण/मानव हानि के खत्म किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने राजधानी के माथे से इस कलंक का मिटाने का कार्य किया है। इसके लिए गैस राहत विभाग सहित सभी संबंधित प्रभावित पक्ष भी बधाई के पात्र हैं।
महाभारत समागम का शुभारंभ… भारत भवन परिसर में बिखरे बहुरंगी संस्कृति के रंग
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विरासत से विकास की ओर देश को मंजिल दर मंजिल आगे ले जाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। वे भारतीय संस्कृति को विभिन्न देशों तक पहुंचाने का प्रयत्न करते हैं। अन्य देशों के राष्ट्रपति जब भारत आते हैं तो उनको पवित्र श्रीमद्भागवत गीता हमारे प्रधानमंत्री भेंट करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को भारत भवन भोपाल में वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित महाभारत समागम का शुभारंभ किया। यह आयोजन 9 दिन चलेगा। समागम के शुभारंभ अवसर पर परिसर के खुले विशाल मंच पर मेत्रैयी पहाड़ी और उनके कलाकार साथियों ने विश्व को शांति और न्याय का संदेश देने वाली सशक्त सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने भारत भवन परिसर की कला दीर्घाओं में आयोजित दो विशेष प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की महागाथा महाभारत पर केन्द्रित देश का प्रथम और अब तक के सबसे वृहद आयोजन के साक्षी होने का यह अवसर है। इस महाभारत समागम में आकर ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे महाभारत काल में पहुंचकर घटनाओं को देख रहे हों। कलाकारों ने अपने पात्रों को जीते हुए पूर्व जन्म से कथा का तानाबाना बुना है। मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस जैसे विशेष अवसर पर भी ऐसी प्रस्तुति की जाएगी। महाभारत समागन में इंडोनेशिया सहित अन्य राष्ट्रों के नाट्य समूह आमंत्रित किए गए हैं। वीर भारत न्यास का यह महत्वपूर्ण वैचारिक और सांस्कृतिक उपक्रम है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी नई ऊर्जा देगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण और महाभारत काल की घटनाओं को देखने पर भारत को अच्छी तरह समझा जा सकता है। भारत की सभ्यता को नष्ट करने के कई सदियों के कृत्य देखें तो कष्ट के वे क्षण पीड़ादायक लगते हैं। लेकिन इसके साथ ही भारत की उदारता की छवि सबसे अलग है। हमारी सभ्यता में जो लचीलापन और औदार्य रहा है, यह एक ऐसी विशिष्टता है जिसके बलबूते हमारी सभ्यता ने विशेष मुकाम बनाया है। काल प्रवाह में अनेक सभ्यताएं आईं और चली गईं। भारत कठिन परिस्थितियों से निकलकर पुन: उठकर खड़ा हो सकता है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए ‘सीड एक्ट’ की दी जानकारी
नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बात करते हुए नए सीड एक्ट (Seed Act 2026) की विशेषताओं और उसके किसानों पर होने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसानों की सुरक्षा, बीज की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम है।
मीडिया के सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि अब देश में बीज की ट्रेसिबिलिटी की व्यवस्था स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया, “हमने कोशिश की है कि ऐसा सिस्टम बने, जिसमें यह पूरा पता चल सके कि बीज कहां उत्पादित हुआ, किस डीलर ने दिया और किसने बेचा।” हर बीज पर QR कोड होगा, जिसे स्कैन करते ही किसान यह जान सकेगा कि वह बीज कहां से आया है। इससे घटिया या नकली बीज न केवल रोके जा सकेंगे बल्कि यदि वे बाजार में आएंगे भी तो जिम्मेदार व्यक्ति पर शीघ्र कार्रवाई संभव होगी।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि जैसे ही ट्रेसिबिलिटी लागू होगी, नकली या खराब बीज की पहचान तुरंत हो जाएगी। उन्होंने कहा, “खराब बीज आएंगे ही नहीं, और अगर आएंगे तो पकड़े जाएंगे। जिसने खराब बीज दिया, उसे दंड दिया जाएगा।” इससे किसानों को भ्रमित करने वाली कंपनियों और डीलरों की मनमानी पर लगाम लगेगी।
चौहान ने कहा कि अब हर सीड कंपनी का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, जिससे यह साफ रहेगा कि कौन सी कंपनी अधिकृत है। उन्होंने कहा, “पंजीकृत कंपनियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी और कोई भी अनधिकृत विक्रेता बीज नहीं बेच पाएगा।” इससे बाजार में फर्जी कंपनियाँ खत्म होंगी और किसानों को सही स्रोत का बीज मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने इस भ्रम को दूर किया कि नया कानून किसानों के परंपरागत बीजों पर रोक लगाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा, “किसान अपने बीज बो सकते हैं, दूसरे किसान को बीज दे सकते हैं। स्थानीय स्तर पर जो परंपरागत बीज विनिमय की परंपरा है, वो जारी रहेगी। इसमें कोई दिक्कत नहीं है।” उन्होंने उदाहरण दिया कि ग्रामीण इलाकों में बोनी के समय किसान आपस में बीज लेते–देते हैं और बाद में उसे सवा गुना वापिस कर देते हैं, यह पारंपरिक प्रणाली आगे भी जारी रहेगी।
शिवराज सिंह ने कहा कि बीजों की गुणवत्ता पर अब किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चौहान ने कहा, “अभी तक 500 रुपये तक का जुर्माना था, अब प्रस्ताव है कि 30 लाख रुपये तक जुर्माना हो और अगर कोई जानबूझकर अपराध करता है तो सजा का भी प्रावधान है।” उन्होंने कहा कि सब कंपनियां खराब नहीं हैं, लेकिन जो किसान को धोखा देंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की सौजन्य भेंट
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौजन्य भेंट कर नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा के सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन के विस्तार की परियोजना के भूमि-पूजन के लिये अनुरोध किया। प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट के आयोजन, प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाये जाने, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड-साँची सहकारिता अनुबंध की प्रगति रिपोर्ट के साथ प्रदेश में एनटी नक्सल अभियान की प्रगति से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी लिमिटेड का सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन स्थित है। ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1600 मेगावॉट क्षमता के विस्तार की अनुमति प्रदान की गई है। इसकी कुल लागत 20 हजार 446 करोड़ रूपये है। परियोजना को वर्ष 2029-30 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। यह परियोजना अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें एयर कूल्ड कंडेंसर टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया गया है, जो पारंपरिक वॉटर कूल्ड कंडेंसर (कूलिंग टॉवरों के साथ) की तुलना में पानी की खपत को 1/3 कम करता है।
प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष-2026 में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के लक्ष्य को साकार करने के लिए 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश में 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 के आयोजन के लिये जनवरी, 2026 से नवम्बर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है।
सभी गतिविधियां 3 साल का लक्ष्य निर्धारित कर संचालित की जाएंगी। इसमें 16 से अधिक विभागों की सहभागिता रहेगी। कृषक कल्याण वर्ष-2026 में सरकार के 10 संकल्प प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना, शीघ्रनाशी फसलों वाले स्थानों पर फूड पार्क और फूड प्रोसेसिंग यूनिट बनाये जाना, कृषि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिये सब्सिडी उपलब्ध कराना, कृषि उद्योगों में किसानों की भागीदारी को बढ़ाना के लिये कार्य करेगी। प्रदेश सरकार अगले 3 साल में 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप की स्थापना के लक्ष्य प्राप्ति के लिये कार्य करेगी।
भोपाल में भीषण सड़क हादसा, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, 12 घायल
डेस्क। राजधानी भोपाल के ग्रामीण क्षेत्र बैरसिया थाना अंतर्गत मकर संक्रांति के दिन बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में बच्चे भी शामिल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
पुलिस के अनुसार विदिशा जिले के सिरोंज थाना क्षेत्र निवासी एक ही परिवार के 15 लोग लोडिंग वाहन से नर्मदापुरम नर्मदा स्नान के लिए जा रहे थे। रात के समय जब लोडिंग वाहन बैरसिया क्षेत्र में ठाकुर लाल सिंह स्कूल के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से उसकी आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में लोडिंग वाहन की रफ्तार अधिक होने के कारण वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में लोडिंग वाहन में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए। मरने वालों में लक्ष्मीबाई अहिरवार, बबली बाई, हरि बाई, दीपक अहिरवार और मुकेश अहिरवार शामिल है। जबकि, सूरज, विनीता, पुनीत, मोनिका, महक, नूरी बाई, लल्लू, प्रदीप और ज्योति का बैरसिया अस्पताल में इलाज जारी है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार दो अन्य घायलों का भी उपचार किया जा रहा है।
वहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार दो लोग भी घायल हुए हैं। वाहन के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से कई लोग अंदर ही फंस गए थे, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चौरसिया सहित अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। बैरसिया थाना प्रभारी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण लोडिंग वाहन की तेज रफ्तार माना जा रहा है। घायलों की स्थिति सामान्य होने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
बदायूं की मेंथा फैक्ट्री के केबिन में मिले 3 सुरक्षाकर्मियों के शव, छानबीन में जुटी पुलिस
डेस्क। उत्तरप्रदेश के बदायूं जिले की मेंथा फैक्ट्री में मंगलवार को तीन सुरक्षा गार्डों की मौत से हड़कंप मच गया। मृतकों के शव फैक्ट्री के केबिन में मिले। घटना की सूचना मिलने के बाद फैक्ट्री और आसपास का माहौल तनावपूर्ण हो गया, परिजन मौके पर पहुंचकर हंगामा करने लगे।
जानकारी के अनुसार, मृतक सुरक्षा गार्ड भानु यादव (26) पुत्र श्रीपाल, विवेक यादव और जोगेंद्र यादव (30) पुत्र रामबहादुर को फैक्ट्री कर्मचारियों ने सुबह मृत अवस्था में केबिन में पड़ा देखा। तीनों का शव जमीन पर पड़ा था। कर्मचारियों ने तुरंत फैक्ट्री प्रबंधन और क्षेत्रीय पुलिस को घटना की सूचना दी।
पुलिस के मुताबिक शवों पर कोई चोट के निशान नहीं हैं। केबिन में हीटर लगाया हुआ था, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि तीनों की मौत दम घुटने के कारण हुई हो सकती है। हालांकि, जोगेंद्र यादव के परिजन घटना को हत्या मान रहे हैं और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।
मौके पर पुलिस पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्री के इस हादसे ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। कुछ महीने पहले भी इसी फैक्ट्री में आग लगने से एक मजदूर की मौत हो चुकी है। फिलहाल पुलिस घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।