देश-विदेश
राष्ट्रपति ने पतंजलि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया
देलही: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (2 नवंबर, 2025) उत्तराखंड के हरिद्वार में पतंजलि विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की महान विभूतियों ने मानव संस्कृति के विकास में अमूल्य योगदान दिया है। ऋषियों में महानतम महर्षि पतंजलि ने योग के माध्यम से मन की, व्याकरण के माध्यम से वाणी की और आयुर्वेद के माध्यम से शरीर की अशुद्धियों को दूर किया। उन्होंने इस बात पर खुशीजताई कि पतंजलि विश्वविद्यालय महर्षि पतंजलि की महान परंपरा को समाज के लिए आसान बना रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान का विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक प्रशंसनीय प्रयास है जो स्वस्थ भारत के निर्माण में सहायक है।
राष्ट्रपति ने पतंजलि विश्वविद्यालय की भारत-केंद्रित शैक्षिक दृष्टि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विश्व बंधुत्व की भावना, प्राचीन वैदिक ज्ञान और अत्याधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के एकीकरण तथा वैश्विक चुनौतियों के समाधान की दृष्टि से शिक्षा, आधुनिक संदर्भों में भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ा रही है।
राष्ट्रपति ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के आदर्शों के अनुरूप शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को यह महसूस किया होगा कि पर्यावरण की रक्षा और अपनी जीवनशैली को प्रकृति के अनुकूल बनाना मानवता के भविष्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे जलवायु परिवर्तन सहित वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि सार्वभौमिक कल्याण की कामना हमारी संस्कृति की पहचान है। यह कल्याण सद्भाव और समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्हें विश्वास है कि इस विश्वविद्यालय के छात्र सद्भाव के जीवन मूल्य को व्यवहार में लाएंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि व्यक्ति के पोषण से परिवार का पोषण होता है, जिससे समाज और राष्ट्र निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय ने व्यक्तिगत विकास के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का मार्ग अपनाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विश्वविद्यालय के छात्र अपने सद्गुण आचरण से एक स्वस्थ समाज और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण सहयोग देंगे।
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इंदौर से थिनर गोदाम में भीषण आग.... दीए से उठी चिंगारी ने लिया भयावह रूप, हादसे में दो की मौत
डेस्क। इंदौर के आरआर कैट रोड स्थित एक थिनर (केमिकल) गोदाम में भीषण आग लग गई। हादसे में 2 महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई।
पुलिस के मुताबिक, गोदाम भैयालाल मुकाती का है, जिसे व्यापारी सूरज वाधवानी ने किराए पर ले रखा था। वाधवानी विभिन्न पेंट कंपनियों को थिनर सप्लाई करता है। गोदाम में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील रसायन रखे थे, जिससे आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया। DCP जोन-1 कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह दीए से उठी चिंगारी बताई जा रही है। देवउठनी एकादशी के मौके पर महिलाओं ने गोदाम में दीए जलाए थे। तभी एक महिला की साड़ी में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा गोदाम आग की लपटों में समा गया।
हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान रामकली अहिरवार (सागर) और ज्योति मनोज (द्वारकापुरी) के रूप में हुई है। दोनों महिलाएं अपने जीवनयापन के लिए गोदाम में कार्यरत थीं। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और SDRF की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में धुएं का गुबार छाया हुआ था।
आसपास के लोगों ने बताया कि जब दुर्घटना हुई तो कई परिवार अपने परिजनों को खोजते हुए बाहर भटकते रहे। जब मलबे से दोनों महिलाओं के शव निकाले गए, तो मौके पर चीख-पुकार मच गई।
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह गोदाम बना है, वह व्यावसायिक क्षेत्र में आता है और करीब 5 हजार वर्गफुट में फैला हुआ है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से हादसे की जांच कर रही है। यह दर्दनाक घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और धार्मिक अवसरों पर लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है, खासकर उन जगहों पर जहां ज्वलनशील पदार्थ रखे हों।
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दो वर्ष में पूर्ण हुए हैं विकास के अनेक असंभव कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गत दो वर्ष में प्रदेश में विकास के कई ऐसे कार्य पूर्ण हुए हैं जो असंभव माने जाते थे। मध्यप्रदेश विकास के नए पैमाने गढ़ रहा है। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना का कार्य तेजी से हो रहा है। औद्योगिक विकास दर उल्लेखनीय 24% प्राप्त की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को लाल परेड ग्राउंड में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के सांस्कृतिक कार्यक्रमों अवतार को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दो टाइगर रिजर्व भोपाल वन विहार और माधव नेशनल पार्क शिवपुरी हैं। यही नहीं नौ टाइगर रिजर्व अभयारण्य प्रदेश में हैं। प्रदेश में ओंकारेश्वर में 27वां अभयारण्य प्रारंभ हो रहा है, जिसका क्षेत्र खंडवा और देवास जिलों में रहेगा। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि संस्कृति के क्षेत्र में प्रदेश को अनेक सौगातें मिली हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नेतृत्व में विरासत के संरक्षण के साथ विकास का कार्य हो रहा। सांस्कृतिक अनुष्ठान जारी है। उज्जैन में 7 करोड़ से अधिक पर्यटक और श्रद्धालु आए हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं। ओरछा और चित्रकूट प्रदेश के विशेष धार्मिक, आध्यात्मिक आस्था के केंद्र हैं। चित्रकूट में 28 करोड़ से अधिक राशि से अनेक विकास कार्य किए जाएंगे। गत 2 वर्ष में प्रदेश में तीन एयरपोर्ट दतिया, सतना और रीवा में प्रारंभ हुए हैं। आज उज्जैन की हवाई पट्टी के एयरपोर्ट के रूप में विकास के लिए एमओयू हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा प्रारंभ करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला प्रांत है। आने वाले 5 वर्ष में प्रदेश का बजट दोगुना हो जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीन अंतर्राज्यीय सिंचाई परियोजनाएं प्रारंभ हुई है। केन-बेतवा, पार्वती-काली-सिंध-चंबल अंतर्राज्यीय परियोजना और ताप्ती मेगा परियोजना के माध्यम से प्रदेश का विशाल क्षेत्र सिंचित होगा। पेयजल व्यवस्थाओं के साथ उद्योगों को भी पानी मिलेगा।
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नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने उड़ान भवन में क्रेच सुविधा का उद्घाटन किया
देलही : केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने उड़ान भवन नई दिल्ली में एक नव-स्थापित क्रेच सुविधा का उद्घाटन किया। यह पहल मंत्रालय के अंदर एक अधिक समावेशी, सहयोगी और कर्मचारी-अनुकूल कार्यस्थल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बच्चों ने उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री महोदय का फूलों से स्वागत किया। राममोहन नायडू ने उद्घाटन के बाद क्रेच उसके उपकरणों और सुरक्षा सुविधाओं का अवलोकन किया और अभिभावकों तथा बच्चों से बातचीत की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री महोदय ने बच्चों को खिलौने और चॉकलेट वितरित किए।
यह क्रेच छह महीने से छह साल तक के बच्चों की नियमित देखभाल के लिए सुसज्जित है। इसमें विकास निगरानी, पोषण, खेल, स्कूल-पूर्व शिक्षा और चिकित्सा देखभाल शामिल है। यह वातावरण प्री-स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए आकर्षक और प्रेरक बनाया गया है। इसे भूतल पर सीसीटीवी कवरेज और आवश्यक सुरक्षा सुविधाओं के साथ एक सुरक्षित स्थान पर स्थापित किया गया है।
यह सुविधा नागर विमानन मंत्रालय और उसके संबद्ध तथा अधीनस्थ कार्यालयों-एएआई, डीजीसीए, बीसीएएस, एएआईबी और एईआरए के कर्मचारियों की ज़रूरतों को पूरा करेगी। इससे वे काम और बच्चों की देखभाल की ज़िम्मेदारियों को अधिक आसानी से संतुलित कर सकेंगे।
इस क्रेच की स्थापना मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान पांचवे चरण के अंतर्गत किए जा रहे प्रयासों का एक हिस्सा है। इसका उद्देश्य सरकारी परिसरों में अप्रयुक्त स्थानों के उत्पादक उपयोग और कर्मचारी कल्याण और कार्यस्थल दक्षता को बढ़ावा देना है।
बिना मान्यता वाले प्राइवेट स्कूलों पर दिल्ली सरकार सख्त, अब सभी को देना होगा मान्यता आवेदन ; दस्तावेज जमा करने का आदेश
सरकार ने साफ कहा है कि मान्यता सिर्फ उन्हीं स्कूलों को मिलेगी जो नियमों और मानकों का पूरा पालन करते हैं. जो स्कूल तय मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. शिक्षा निदेशालय ने यह कदम बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार कानून (RTE Act, 2009) के तहत उठाया है. आदेश में कहा गया है कि कोई भी निजी स्कूल बिना मान्यता के चलाया गया तो वह कानूनी रूप से अवैध माना जाएगा.
छत्तीसगढ़ के 222 कर्मियों को वर्ष 2025 के लिए 'केन्द्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक'
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में शुरू किया गया यह दक्षता पदक सभी पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा रहा है। विभिन्न राज्यों/संघशासित प्रदेशों/केन्द्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों (CAPFs)/ केन्द्रीय पुलिस संगठनों (CPOs) के कुल 1,466 कर्मियों में से छत्तीसगढ़ के 222 पुलिस कर्मियों को वर्ष 2025 के लिए प्रतिष्ठित 'केन्द्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ पुलिस बल के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
‘केन्द्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक’ पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को निम्नलिखित चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट कार्य, असाधारण प्रदर्शन और उच्च पेशेवर मानकों को स्थापित करने के लिए दिया जाता है:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में शुरू किया गया यह दक्षता पदक, छत्तीसगढ़ सहित देशभर के सभी पुलिस कर्मियों व अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें राष्ट्र सेवा में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है।
केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 1 फरवरी, 2024 को 'केन्द्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक' की अधिसूचना जारी की गई थी। यह पदक पुलिस बलों, सुरक्षा संगठनों और खुफिया शाखाओं में सेवारत उन कर्मियों को सराहनीय कार्य के लिए दिया जाता है जिन्होंने परिचालन उत्कृष्टता, असाधारण जांच सेवा, अदम्य खुफिया सेवा और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इस प्रतिष्ठित पदक की घोषणा हर वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्र निर्माता और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर की जाती है। यह दिन पुलिस बलों के समर्पण और राष्ट्र की एकता व सुरक्षा में उनके योगदान को याद करने का भी अवसर होता है। छत्तीसगढ़ के 222 सम्मानित कर्मियों की विस्तृत सूची गृह मंत्रालय की वेबसाइट - https://www.mha.gov.in पर उपलब्ध है।
फिट इंडिया मूवमेंट अभियान के तहत... विदिशा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल्पनाशील हैं। उनके कुशल नेतृत्व में देश खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन करना उन्हीं की ही सोच है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव का अद्भुत आयोजन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात विदिशा के स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की।
केंद्रीय कृषि किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिट इंडिया मूवमेंट का अभियान चलाया है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल प्रभावी माध्यम होते हैं। व्यक्तित्व विकास और फिट रहने के लिए खेल जरूरी हैं। चौहान ने कहा कि हम सोच नहीं सकते थे कि भारत सन 1983 में क्रिकेट का विश्व कप जीत सकता है। यह कार्य महान खिलाड़ी कपिल देव ने करके दिखाया। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत दो महीने तक गांव-गांव में खेल होंगे, इसके लिए 37 हजार खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है। खिलाड़ी खेलों का भरपूर आनंद लें और खेल भावना जागृत करने में कोई कमी नहीं रहने दें। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष विदिशा के विकास के लिए विभिन्न सुझाव रखें।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा कि विदिशा जैसे छोटे शहर में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है। यह भारत का भविष्य है। बड़े शहरों के बड़े मॉल और बड़ी इमारतें भारत का भविष्य उतना नहीं जितना विदिशा जैसे छोटे शहरों में खिलाड़ियों का उत्साह देखकर हम आश्वस्त होते हैं। कपिल देव ने सम्मानित खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा खेल के साथ पढ़ाई भी बहुत जरूरी है और विदिशा के खिलाड़ी और उनके अभिभावक बधाई के पात्र हैं, जो खेल और पढ़ाई दोनों को महत्व देते हैं। अभिभावक भी खेलों प्रोत्साहित करते हैं ।
कपिल देव ने कहा कि वे जरूर विदिशा दोबारा आना चाहेंगे। आज मौसम की वजह से केंद्रीय खेल मंत्री यहां नहीं आ पाए लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री चौहान के आग्रह पर भी यहां आकर उन्हें बहुत आनंद का अनुभव कर रहे हैं। कपिल देव ने कहा कि हमारे देश में खेलों के प्रति इतना सम्मान है। यह इस कार्यक्रम में पहुंचकर अनुभव हुआ। खेलों के प्रति विदिशा के खिलाड़ियों का समर्पण सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह सभी खिलाड़ी देश के लिए जरूर खेलेंगे।
केंद्रीय खेल मंत्री मांडविया ने खेल महोत्सव में वर्चुअली शामिल होकर कहा कि खेलों में कोई कभी हारता नहीं है, कोई जीतता है तो कोई सीखता है। खेलों से फिर से जीतने का जज्बा आता है। मुझे खुशी है कि देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए इतना बड़ा सांसद खेल महोत्सव का आयोजन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हो रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री मांडविया ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए कमी नहीं छोड़ी जाएगी। विदिशा में एथलेटिक्स सेंटर चालू किया जाएगा।
जस्टिस सूर्यकांत होंगे देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश, 24 नवंबर को लेंगे शपथ
जस्टिस सूर्यकांत की नियुक्ति न केवल न्यायिक निरंतरता का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की न्यायपालिका में अनुभव और संवेदनशीलता के संतुलन को भी दर्शाती है।
सीएमपीडीआई ने विशेष अभियान 5.0 के तहत छह आधुनिक जैव-शौचालय स्थापित किया
देलही: कोयला मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कोल इंडिया लिमिटेड की एक सहायक कंपनी, केंद्रीय खान योजना एवं डिजाइन संस्थान (सीएमपीडीआई) ने विभिन्न स्थानों पर चल रहे विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत साफ-सफाई और सतत स्वच्छता के प्रति अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सीएमपीडीआई, रांची के बायो-डाइजेस्टर और पानी की टंकियों से सुसज्जित छह आधुनिक बायो-टॉयलेट स्थापित किए हैं।
यह पहल भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन और विशेष अभियान 5.0 के लक्ष्यों के अनुरूप, सार्वजनिक कार्यालयों में स्वच्छता मानकों को बढ़ाने और दक्षता को संस्थागत बनाने के राष्ट्रव्यापी प्रयास का एक हिस्सा है, जो परिसर में स्वच्छता, जवाबदेही और दक्षता की संस्कृति को सुदृढ़ करता है।
बायो-टॉयलेट की स्थापना संविदा कर्मचारियों और लोगों के लिए सुलभ, स्वच्छ और सुरक्षित स्वच्छता सुविधाएं सुनिश्चित करती है, क्योंकि ये बायो-टॉयलेट कार्यस्थल की स्वच्छता में सुधार लाते हैं, स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करते हैं, जिससे उनकी गरिमा और उत्पादकता बढ़ती है। इसके अलावा, ये आधुनिक बायो-टॉयलेट जल संरक्षण करते हैं, कम रखरखाव की आवश्यकता रखते हैं और परिसर में सभी के लिए एक स्वच्छ, स्वस्थ वातावरण बनाने में मदद करते हैं।
बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए पहले मां सरस्वती को प्रसन्न करना पड़ता है, अर्थात् विद्यार्थियों के लिए मन लगाकर पढ़ाई में मेहनत करना जरूरी है। बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों को त्वरित रूप से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सुखद परिणाम है कि प्रदेश में सामान्यत: छात्रवृत्ति अप्रैल के महीने में सत्र खत्म होने पर मिलती थी, वह अब अक्टूबर माह में ही विद्यार्थियों के खातों में जारी की जा रही है। पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, ड्रेस और साइकिल आदि भी समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश के 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से जारी की जा रही है। आज देव दीपावली से पहले विद्यार्थियों की दीपावली मन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राशि अंतरण के लिए मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से विद्यार्थियों के खातों में राशि जारी की। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा मंत्रीगण का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले वर्चुअली जुड़े।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट कर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने व्यक्त किया आभार
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सौजन्य भेंट कर रीवा एयरपोर्ट से प्रारंभ होने वाली रीवा-दिल्ली एवं रीवा-इंदौर हवाई सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश के सर्वांगीण विकास के इस ऐतिहासिक कदम के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अधोसंरचना विकास सहित प्रदेश में हर क्षेत्र में तेज गति से विकास कार्य हो रहे हैं। सड़क, एयर कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में क्षेत्रीय संपर्क सेवाओं का तेज गति से विस्तार हो रहा है, जिससे प्रदेश के विभिन्न अंचलों को नई गतिशीलता मिल रही है। उन्होंने कहा कि रीवा-दिल्ली एवं रीवा-इंदौर हवाई सेवाओं के प्रारंभ होने से विंध्य क्षेत्र के नागरिकों को राजधानी दिल्ली एवं वाणिज्यिक नगरी इंदौर से सीधा हवाई संपर्क प्राप्त होगा जिससे क्षेत्र के औद्योगिक, आर्थिक एवं पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी।
ड्रोन तकनीक का सभी क्षेत्रों में उपयोग के लिए राज्य सरकार ने बनाई नई ड्रोन पॉलिसी : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र की सहायता से प्रदेश में विकास के हर संभव प्रयास जारी हैं। प्रदेश सरकार ने अपनी नई ड्रोन पॉलिसी भी तैयार की है। हमें दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। भारतीय समाज नई तकनीक और नवाचारों को शीघ्रता से आत्मसात करने में कभी पीछे नहीं रहा है। ड्रोन, विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है। ड्रोन कृषि कार्यों में आज अन्नदाता की मदद कर रहा है। इससे खेतों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आसान हुआ है। ड्रोन तकनीक से देश के दुश्मनों का खात्मा भी हो रहा है। अब तो शादियां भी ड्रोन के बिना पूरी नहीं होती हैं। हमारे वैज्ञानिक वाइस कमांड कंट्रोल की सहायता से ड्रोन को ज्यादा आधुनिक बने रहे हैं। दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारतीय ड्रोन तकनीक की ताकत देखी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ड्रोन टेक्नोलॉजी के माध्यम से भारत ने दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो 2025 का विज्ञान भवन- नेहरू नगर में दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी और वर्कशॉप का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं, स्टार्टअप और औद्योगिक संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स पर पहुंचकर ड्रोन तकनीक के शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ड्रोन टेक एक्सपो वर्कशॉप का आयोजन भारत की तकनीकी क्रांति का प्रतीक है। किसान भाइयों के लिए ड्रोन वरदान बन गया है। आपदा कीस्थिति हो या पुलिस प्रशासन के लिए मॉनीटरिंग की आवश्यकता ड्रोन तकनीक ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जिस प्रकार से बदलाव किया है वह अभूतपूर्व है। राज्य सरकार विकास-नवाचार और आत्मनिर्भरता के सशक्त वाहक के रूप में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने के पथ पर अग्रसर है।
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ड्रोन टेक वर्कशॉप एक्सपो-2025 आयोजित की गई है। इसमें ड्रोन तकनीक के प्रशिक्षण के लिए प्रदेशभर के 4 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा उन्हें स्वरोजगार एवं तकनीक आधारित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी। विज्ञान एवं तकनीकी नवाचारों के माध्यम से मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद मध्यप्रदेश के विकास के लिए हर स्तर पर सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है।
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के निदेशक कैलाशा राव ने कहा कि आज ड्रोन तकनीक अधोसंरचना विकास कार्यों को मूर्तरूप देने में अहम भूमिका निभा रही है। उज्जैन सहित प्रदेश के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों के मानचित्र तैयार करने में यह तकनीक उपयोगी सिद्ध हुई है। ड्रोन तकनीक पर आधारित यह कार्यशाला युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और जनसामान्य को ड्रोन तकनीक के विविध उपयोगों की जानकारी देने में सहायक सिद्ध होगी।
अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा श्री संजय दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विविध गतिविधियां जारी हैं। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने के अनेक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ड्रोन टेक्नोलॉजी के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। ड्रोन अब केवल रक्षा या निगरानी का साधन नहीं रहे बल्कि कृषि, भू-सर्वेक्षण, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएँ, परिवहन, उद्योग एवं मीडिया जैसे अनेक क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो रहे हैं। भारत सरकार की “ड्रोन नीति 2021” तथा “मेक इन इंडिया” अभियान के अनुरूप राज्य स्तर पर भी ड्रोन तकनीक को नवाचार, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसरों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
विकास की नई ऊंचाइयां छूने को तैयार मध्यप्रदेश
भोपाल : मध्यप्रदेश अपनी स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है। सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं। प्रदेश के नागरिकों के लिए यह शुभ अवसर है। उत्साह और उल्लास के साथ यह अवसर प्रदेश की उपलब्धियों पर गर्व करने का है। आज उन सभी महान विभूतियों को याद करने का भी अवसर है, जिन्होंने मध्यप्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दिया।
आज हम इस बात को दृढ़ आत्मविश्वास के साथ कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश अब पूरी तरह से बदल चुका है। अब और अधिक ऊंचाइयां तय करने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश के सामने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य है। भारत के अमृतकाल में मध्यप्रदेश ने भी अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का निर्माण करना सर्वोच्च लक्ष्य है। इसे हासिल करते हुए मध्यप्रदेश स्वयं भी पूर्ण रूप से विकसित राज्य बन जाएगा। अर्थव्यवस्था की दृष्टि से मध्यप्रदेश आज महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिये तैयार है। मध्यप्रदेश अपनी युवा शक्ति के साथ आर्थिक विकास को तेज गति से आगे ले जाने की क्षमता रखता है। मध्यप्रदेश की धरा पर हर जरूरी संसाधन है जो विकास के लिए आधार स्तंभ हैं। कृषि क्षेत्र में खाद्यान्न, दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य में है। आधुनिक सिंचाई की आदर्श संरचनाएं स्थापित है। बिजली की भरपूर उपलब्धता है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार और पर्याप्त औद्योगिक निवेश है। उद्योगों के लिए 1.2 लाख एकड़ से ज्यादा लैंड-बैंक है। वर्तमान में 112 से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं । साथ ही 14 ग्रीन फील्ड औद्योगिक स्थलों की भी पहचान की गई है। उद्योगों के लिए सबसे जरूरी आकर्षक नीतियां मध्यप्रदेश ने बनाई है, जिससे प्रदेश में व्यवसाय करना बहुत आसान हो गया है।
प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि के लिए मध्यप्रदेश विख्यात है। यहां की जमीन उपजाऊ है, जल संसाधनों की कमी नहीं है। भारत की सबसे बड़ी वन संपदा प्रदेश में उपलब्ध है। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी है। वर्ष 2029 तक राज्य की जीएसडीपी दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने एक ऐसे समाज की कल्पना की है जहां गरीब से गरीब व्यक्ति भी समृद्ध हो।