देश-विदेश
खरीफ फसल की बोवनी के लिए "साथी पोर्टल" पर मानक बीज उपलब्ध : मंत्री कंषाना
भोपाल : किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा है कि प्रदेश में केंद्र सरकार के मापदंड अनुसार किसानों को खरीफ फसलों की बोवनी के लिए "साथी पोर्टल" पर मानक बीज उपलब्ध कराया गया है। फसलों के अच्छे उत्पादन के लिए बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा मानक बीज का प्रमाणीकरण कार्य निरंतर किया जा रहा है।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना संचालित है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कृषकों द्वारा ई-कृषि यंत्र पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किये जा सकते हैं। इसी तरह नलकूप खनन योजना का लाभ भी किसानों को मिल रहा है। योजना अंतर्गत पात्र कृषकों के आवेदन प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि मंडी प्रांगणों में सभी मूल भूत सुविधाएं निर्मित हैं। किसानों को फसलों की उपज बेचने के लिए प्लेटफार्म, लिंक सीसी रोड, पेयजल की व्यवस्था, तोलकांटा, कृषक विश्रामगृह जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
झारखंड के जमुनिया में ट्रक से टकराई कांवड़ियों से भरी बस, 18 की मौत
डेस्क। कावड़ यात्रा के दौरान एक भीषण सड़क हादसा हो गया। है। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे के आसपास कांवड़ियों से भरी बस और एलपीजी सिलेंडर लदे ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 18 कांवड़ियों की मौत की सूचना है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना झारखंड के मोहनपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव में हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह बस बाबा नगरी से बासुकीनाथ की ओर जा रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक से आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का एक हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
अब तक 18 कांवड़ियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि घायलों का इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे में बस चालक सुभाष तुरी की भी मौके पर ही मौत हो गई। वह मोहनपुर का ही निवासी था। दुर्घटना के बाद प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचा। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और घायलों को देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से एक्स पर जारी पोस्ट में कहा गया है...
झारखंड के देवघर में हुई सड़क दुर्घटना अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं को अपनी जान गंवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस पीड़ा को सहने की शक्ति दे। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं: PM…
— PMO India (@PMOIndia) July 29, 2025
दिव्यांगता परमात्मा का परम अंश और इनकी सेवा परमात्मा की सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामाजिक समानता और समरसता लोक कल्याणकारी राज्य का प्राथमिक दायित्व है। समाज के सभी वर्गों, विशेषकर दिव्यांगजनों और कमजोर वर्गों के हितों की पूर्ति एवं उनका संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार दिव्यांगजनों को संबल देकर उन्हें समर्थ और सशक्त बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगजन परमात्मा का परम अंश है और इनकी सेवा परमात्मा की सेवा है। दिव्यांगजनों को लाभ दिलाने के लिए शिविर लगाएं। इन शिविरों में नए दिव्यांगजनों को भी चिन्हित किया जाए और उन्हें उनकी जरूरत के मुताबिक सहयोग, मार्गदर्शन तथा सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए योजना कियान्वयन की सतत् निगरानी भी सुनिश्चित की जाये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांगजनों के विकास एवं कल्याण के लिए अब तक हुए प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में लाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। हम सबका यह कर्तव्य है कि इस पुनीत कार्य में सभी सक्रिय होकर भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों एवं कुष्ठ पीड़ितों के कल्याण के लिए अन्य प्रदेशों में प्रचलित मॉडल का भी अनुसरण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि कल्याणियों के विवाह के लिए संचालित मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह प्रोत्साहन योजना का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए जिससे जरूरतमंद कल्याणी इसका लाभ ले सकें। इस कार्य के लिए एक पोर्टल तैयार कर लिया गया है।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण सोनाली वायंगणकर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेड ओल्ड एज होम आज के दौर में वरिष्ठ नागरिकों की जरूरत बनते जा रहे हैं। नए परिवेश में बच्चे पढ़ने या नौकरी के लिए विदेश/बाहर चले जाते हैं। आगरा और जयपुर जैसे शहरों में पेड ओल्ड एज होम अच्छी तरह से संचालित हैं। इस तरह के वृद्धाश्रमों के लिए भारतीय परिवेश और संस्कृति से जुड़ा कोई हिन्दी नाम तय कर इन्हें प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की देख-रेख सेवा का काम है इस काम से अशासकीय संगठनों और धार्मिक व परमार्थ संस्थाओं को भी जोड़ें।
धर्मेंद्र प्रधान एनईपी 2020 के 5 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कल भारत मंडपम में अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2025 का शुभारंभ करेंगे
शिक्षा मंत्रालय 29 जुलाई, 2025 को भारत मंडपम परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की 5वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय शिक्षा समागम, 2025 का आयोजन कर रहा है । दिन भर चलने वाले इस विचार-विमर्श का उद्घाटन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की पांचवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला अखिल भारतीय शिक्षा समागम (एबीएसएस) 2025, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, शिक्षकों, उद्योग जगत के दिग्गजों और सरकारी प्रतिनिधियों के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा। इस अवसर पर वे एनईपी 2020 के तहत हुई उल्लेखनीय प्रगति की समीक्षा करके आगे का रास्ता निर्धारित करेंगे। एबीएसएस 2025 के दौरान होने वाले विचार-विमर्श में शिक्षा को अधिक सुलभ, व्यावहारिक, कौशल-उन्मुख और रोजगार के अवसरों के साथ समेकित रूप से एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र एक सशक्त वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हों। चर्चा में विशेष रूप से माध्यमिक शिक्षा को 2030 तक शत-प्रतिशत जीईआर प्राप्त करने हेतु पुनर्परिभाषित करने, भारतीय भाषाओं, कक्षाओं में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने, भारतीय ज्ञान प्रणालियों (आईकेएस) को मुख्यधारा में लाने और सभी के लिए शिक्षा को सुलभ बनाने हेतु समावेशिता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। IV. एबीएसएस 2025: एनईपी 2020 की 5वीं वर्षगांठ
अपनी शुरुआत के बाद से पिछले पांच वर्षों में, एनईपी 2020 ने उच्च शिक्षा में भारत के शिक्षा परिदृश्य में क्रांति ला दी है, और ऐसी परिवर्तनकारी नीतियां पेश की हैं जो अनुकूलन, समावेशिता और नवाचार को बढ़ावा देती हैं। 170 विश्वविद्यालयों द्वारा अपनाए गए राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के माध्यम से शैक्षणिक, कौशल-आधारित और अनुभवात्मक शिक्षा में निर्बाध ऋण वितरण को सक्षम बनाया गया है। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट ने 2,469 संस्थानों को शामिल किया है और 32 करोड़ से ज्यादा पहचान पत्र जारी किए हैं, जिनमें से 2.36 करोड़ विशिष्ट अपार (एपीएएआर) पहचान पत्र पहले ही क्रेडिट के साथ सीडेड हैं। 153 विश्वविद्यालयों में बहु-प्रवेश और निकास विकल्पों की शुरुआत, जबकि यूजीसी द्वारा अनुमोदित द्विवार्षिक प्रवेश, भारत को 2035 तक अपने 50 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात लक्ष्य के करीब ले जा रहे हैं।
ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने बीएसएनएल के प्रदर्शन की समीक्षा की, ग्राहकों की सुविधा और राजस्व सृजन पर जोर
देलही :केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने नई दिल्ली में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के मुख्य महाप्रबंधकों (सीजीएम) के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्च-स्तरीय बैठक में बीएसएनएल की परिचालन प्रगति की समीक्षा की गई, क्षेत्रीय चुनौतियों का समाधान किया गया और कंपनी के नेटवर्क एवं सेवा वितरण के लिए आगे की रणनीति की रूपरेखा तैयार की गई। इस बैठक में संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर और दूरसंचार विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सत्रों के बीच मीडिया ब्रीफिंग में, सिंधिया ने बताया कि इस बैठक में दूरसंचार क्षेत्र में बीएसएनएल की भूमिका को मज़बूत करने, बुनियादी ढांचे के निर्माण में तेजी लाने और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को बढ़ाने पर चर्चा हुई। समीक्षा के दौरान बीएसएनएल की विकास रणनीति, नेटवर्क प्रदर्शन में सुधार, ग्राहक सेवा वितरण और संगठनात्मक आधुनिकीकरण पर व्यापक चर्चा हुई। इस व्यापक चर्चा ने बीएसएनएल की एक उपभोक्ता-केंद्रित दूरसंचार सेवा प्रदाता के रूप में स्थिति को और मज़बूत किया, जिसका स्पष्ट लक्ष्य सभी व्यावसायिक इकाइयों में "राजस्व सर्वोपरि" है। इस मंच ने बीएसएनएल के शीर्ष प्रबंधन को हर स्तर पर इन प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में मदद की और परिणामों के लिए जवाबदेही पर जोर दिया।
अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 5 ने लगातार दूसरी बार बनाया 300 दिन विद्युत उत्पादन करने का नया रिकार्ड
भोपाल : मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व कार्मिकों के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता ने 210 मेगावाट स्थापित क्षमता की यूनिट को लगातार 300 दिन तक संचालित करने में सफलता हासिल की है। यूनिट ने अपनी स्थापना के बाद दूसरी बार 300 दिन विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया। इस यूनिट ने दूसरी बार 1 अक्टूबर 2024 से 28 जुलाई 2025 तक 300 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया। इससे पूर्व इस यूनिट ने 27 अगस्त 2023 से 22 जून 2024 तक 300 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का नया रिकार्ड बनाया था। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अमरकंटक ताप विद्युत गृह के यूनिट नंबर 5 के अभियंताओं व कार्मिकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि समर्पण, कड़ी मेहनत व प्रतिबद्धता से लक्ष्य अर्जित करने का यह सर्वश्रेष्ठ व अनुकरणीय उदाहरण है।
नदियों और जल स्त्रोतों के प्रति समाज को संवेदनशील बनाने का सांस्कृतिक प्रयास है "सदानीरा" प्रदर्शनी : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार ने 30 मार्च से 30 जून 2025 तक 90 दिवसीय जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया। सम्पूर्ण प्रदेश में चले इस अभियान में जनभागीदारी की अद्भुत मिसाल देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों ने जल संरक्षण के प्रति अपनी सहभागिता सुनिश्चित की नदियों, जलस्रोतों व जल संरचनाओं को संरक्षित करने 2 लाख 30 हजार 740 से अधिक जलदूतों ने पंजीयन कराया। अभियान के अंतर्गत अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल कर निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करते हुए मध्यप्रदेश में 84 हजार 726 खेत तालाब, 1 लाख 4 हजार 276 कूप रिचार्ज पिट और 1283 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया गया। इतना ही नहीं जल संचय करने वाले जिलों में खंडवा देशभर में नबर वन बना और राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश, देश में चौथे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जल गंगा संवर्धन अभियान की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी "सदानीरा" का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहे।
रोग की पहचान, फॉलोअप और समय पर सही उपचार महत्वपूर्ण : शुक्ल
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रोग की पहचान, उसका फॉलोअप और समय पर सही इलाज उपलब्ध होना, रोग के निदान के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं। सशक्तिकरण स्वास्थ्य तंत्र के लिए इन सभी घटकों पर आपसी समन्वय से कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कैंसर पीड़ित बच्चों को उन्नत इलाज और सामाजिक सहयोग की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सोमवार को मंत्रालय भोपाल में पीडियाट्रिक कैंसर के बेहतर प्रबंधन के लिए कैनकिड्स संस्था से सहयोग के विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार पीडियाट्रिक कैंसर की चुनौती से निपटने के लिए एकीकृत रणनीति पर कार्य करेगी, जिसमें शासन, विशेषज्ञ संस्थाएं और समाज की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। राज्य में उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञों के बेहतर उपयोग के लिए हब-स्पोक्स और रेफरल पाथवे मॉडल को अनुमोदित कर चरणबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाएगा। मानव संसाधन जैसे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सामाजिक सहयोग टीमों की क्षमता वृद्धि और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कैनकिड्स संस्था से इस सहयोग के लिए अपने सुझाव देने का आग्रह किया।
बैठक में पीडियाट्रिक कैंसर की देखरेख के लिए उपयुक्त अधोसंरचना के सृजन एवं सुदृढ़ीकरण के विभिन्न विषयों पर विमर्श किया गया। सेवा प्रदाय की गुणवत्ता में सुधार के लिए सामाजिक सहयोग सेवाओं को समाहित करने और सहयोग के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गयी। उपचार, देखरेख और सहयोग के लिए प्रोटोकॉल आधारित थैरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और नवीनतम उपचार पद्धतियों को अपनाने साथ ही बहु-केंद्रित अनुसंधान, डेटा संकलन, नवाचार और एकीकरण को प्रोत्साहन देने के सुझाव पर योजनाबद्ध कार्यवाही करने पर चर्चा हुई। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं कैनकिड्स संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
नई शिक्षा नीति से रोजगार और कौशल विकास में बढेंगी संभावना : सिंह
भोपाल : स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि देश में वर्ष 2014 के बाद शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति-2020 है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शिक्षा के क्षेत्र में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय है। नई शिक्षा नीति से स्कूल में बच्चों का कौशल विकास और भविष्य में रोजगार की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जहां नई शिक्षा नीति को निरंतर प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। मंत्री सिंह सोमवार को भोपाल के मॉडल स्कूल टीटी नगर छात्र संघ के शपथ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सिंह ने इस मौके पर प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया। इन बच्चों ने बोर्ड की कक्षा 12वीं और 10वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किये हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने प्रदेश के स्कूलों की गुणवत्ता की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में 75 हजार स्कूल मॉडल, एक्सीलेंस और पीएमश्री के रूप में सर्व-सुविधा के साथ विकसित किये जा चुके हैं। बच्चों को विश्व-स्तरीय अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के लिये करीब 300 स्कूल सांदीपनि विद्यालय के रूप में संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रतलाम के सांदीपनि स्कूल ने तो दुनिया के श्रेष्ठ स्कूलों में अपना स्थान बनाया है। यह मध्यप्रदेश के लिये गौरव की बात है। मॉडल स्कूल टीटी नगर की चर्चा करते हुए मंत्री सिंह ने कहा कि यह स्कूल अपनी उत्कृष्टता के कारण प्रदेश में अपना अलग स्थान रखता है। इस स्कूल के पढ़े बच्चों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है।
बिहार के जिले में दिखी आस्था की मिसाल
मंगल सिंह ने बताया कि वह पिछले 12 वर्षों से बाबा धाम की यात्रा करते आ रहे हैं, लेकिन इस बार की यात्रा खास है, क्योंकि इसमें पूरे परिवार की आस्था और संकल्प शामिल है. दंडवत यात्रा के दौरान लोग रास्ते में रुक-रुक कर इस परिवार को देख रहे हैं. कोई पानी पिला रहा है, तो कोई छांव में कुछ देर बैठने का आग्रह कर रहा है. श्रद्धालुओं का कहना है कि यह दृश्य भावुक कर देने वाला है.
सीआईएल का कोयला खदान अपशिष्ट में पाए जाने वाले दुर्लभ मृदा तत्वों से संबंधित अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं
देलही : सिंगरेनी थर्मल पावर प्लांट (एसटीपीपी) से एकत्रित कोयला-व्युत्पन्न फ्लाई ऐश और बॉटम ऐश के नमूनों तथा ओवरबर्डन क्ले के नमूनों का सूक्ष्म तत्वों और दुर्लभ मृदा तत्वों (आरईई) के लिए विश्लेषण किया गया है और परिणाम दर्शाते हैं कि फ्लाई ऐश और क्ले में कुल आरईई लगभग 400 पीपीएम है।
इसके अलावा नेवेली स्थित एनएलसी इंडिया लिमिटेड की खदानों और ताप विद्युत संयंत्रों से एकत्रित ओवरबर्डन, लिग्नाइट और फ्लाई ऐश के नमूनों का भी दुर्लभ मृदा तत्व (आरईई) और सूक्ष्म तत्वों के लिए विश्लेषण किया गया। इस विश्लेषण में पाया गया कि ताप विद्युत संयंत्रों से प्राप्त फ्लाई ऐश में आरईई (2100 मिलीग्राम/किग्रा) की सांद्रता होती है, जिसमें हल्की और भारी दोनों तरह की आरईई और 300 मिलीग्राम/किग्रा यिट्रियम की मात्रा शामिल होती है।
सरकार ने 29 जनवरी, 2025 को 2024-25 से 2030-31 की अवधि के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (एनसीएमएम) की स्थापना को मंज़ूरी दी। इस मिशन के अंतर्गत ओवरबर्डन, टेलिंग, फ्लाई ऐश और रेड मड जैसे स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिजों की प्राप्ति पर केंद्रित पायलट परियोजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, एनसीएमएम के अंतर्गत उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की स्थापना हेतु दिशानिर्देशों को 6 अप्रैल, 2025 को मंज़ूरी दे दी गई है।
कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने कोयला खदान अपशिष्ट में पाए जाने वाले दुर्लभ मृदा तत्वों से संबंधित निम्नलिखित अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) परियोजनाएं शुरू की हैं:
1. उत्तर पूर्वी क्षेत्र (एनईआर) कोयला क्षेत्र से आरईई और अन्य आर्थिक संसाधनों के मूल्यांकन परिणाम बताते हैं कि कुल आरईई कम है, लेकिन भारी आरईई सामग्री अपेक्षाकृत अधिक है।
2. सिंगरौली कोयला क्षेत्र में गोंडवाना तलछट (कोयला, मिट्टी, शेल, बलुआ पत्थर) में सूक्ष्म तत्वों और आरईई सांद्रता के मूल्यांकन दर्शाते हैं कि आरईई की प्रकृति आशाजनक है (कोयला नमूनों में संपूर्ण कोयला आधार पर लगभग 250 पीपीएम और गैर-कोयला नमूनों में लगभग 400 पीपीएम की समृद्धि के साथ)। हालांकि आरईई का किफायती निष्कर्षण तकनीकी प्रगति और पैमाने की अर्थव्यवस्था पर निर्भर है।
3. उत्तर पूर्वी कोयला क्षेत्रों के ऊपरी स्तरों से आरईई सहित महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकी का विकास किया गया है, जिसका उद्देश्य (i) भौतिक पृथक्करण द्वारा गैर-कोयला स्तरों से महत्वपूर्ण धातुओं की संवर्धन तकनीक और (ii) आयन-एक्सचेंज रेजिन द्वारा गैर-कोयला स्तरों और एसिड माइन ड्रेनेज से महत्वपूर्ण धातुओं के निष्कर्षण तकनीक को विकसित करना है।
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) ने इस क्षेत्र में अनुसंधान के लिए खनिज एवं सामग्री प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएमएमटी), भुवनेश्वर; अलौह सामग्री प्रौद्योगिकी विकास केंद्र (एनएफटीडीसी), हैदराबाद और आईआईटी, हैदराबाद के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राज्यसभा में यह जानकारी दी।
असम के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की
देलही : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।
पीएमओ ने एक्स पर पोस्ट लिखा :
"असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।"
मनसा देवी मंदिर हादसे के बाद सीएम धामी सख्त
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मनसा देवी मंदिर परिसर तथा अन्य प्रमुख मंदिर परिसरों के सुनियोजित विकास, धारण क्षमता में वृद्धि और व्यवस्थित दुकान प्रबंधन पर बल देते हुए निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था को सुदृढ़, सुव्यवस्थित और सुगम बनाया जाए। श्रद्धालुओं का पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए तथा दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित करते हुए चरणबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भीड़ ने ली 6 श्रद्धालुओं की जान, 25 से 30 घायल
उत्तर प्रदेश में बनेगा देश का पहला AI बेस्ड यूनिवर्सिटी कैम्पस, CM योगी करेंगे शुभारंभ
डेस्क। उत्तर प्रदेश अब उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के साथ देशभर में उदाहरण बनने जा रहा है। लखनऊ-उन्नाव मार्ग पर देश का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विश्वविद्यालय कैम्पस तैयार किया जा रहा है, जिसे चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा स्थापित किया जा रहा है।
इस अत्याधुनिक और तकनीक-संचालित कैम्पस का उद्घाटन 27 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। 100 एकड़ में फैला यह यूनिवर्सिटी कैम्पस पूरी तरह से AI तकनीक पर आधारित होगा, जहां पढ़ाई के सभी आयाम शिक्षण, पाठ्यक्रम निर्माण, मूल्यांकन और प्रशासन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित होंगे।
यह भारत में उच्च शिक्षा का भविष्य तय करने वाला पहला प्रयोग होगा। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शुरू होने वाले इस विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, बिजनेस, हेल्थ एंड लाइफ साइंसेज़, ह्यूमैनिटीज, लिबरल आर्ट्स और लीगल स्टडीज़ जैसे छह प्रमुख विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ होंगे। अभी तक 2000 से अधिक छात्र पंजीकरण कर चुके हैं, जो इस नवाचार के प्रति गहरी रुचि दर्शाता है।
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जानकारी दी कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भारत की टॉप-5 यूनिवर्सिटीज में शामिल है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी मान्यता है। उन्होंने बताया कि “मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में राज्य में निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है, जिससे देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाएं अब यूपी की ओर आकर्षित हो रही हैं।”
कैपजेमिनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष मुकेश जैन ने इस परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि “AI न केवल मौजूदा नौकरियों को बदल रहा है, बल्कि यह नई नौकरियों और करियर के विकल्पों के द्वार भी खोल रहा है। ऐसा कैम्पस युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने बताया कि यह यूनिवर्सिटी कैम्पस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के AI पर आधारित विकास दृष्टिकोण से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “यह संस्थान न केवल शिक्षा में नवाचार लाएगा, बल्कि उत्तर भारत के छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे लाने का काम करेगा।” पिछले तीन वर्षों में यूपी में 20 निजी और 8 सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और आधुनिक शिक्षा प्रदान करना है। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि “हमारा प्रयास है कि हर युवा को ऐसा मंच मिले जो उसे टेक्नोलॉजी के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता भी दे सके।”
स्वस्थ प्रदेश से ही बनाएंगे समृद्ध प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर की सेवा में ही नारायण की सेवा है। प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। स्वस्थ प्रदेश के जरिए ही हम मध्यप्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाएंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सहज, सुलभ, सस्ती, तत्परतापूर्ण और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही सरकार की प्राथमिकता है। गरीब कल्याण के संकल्प की सिद्धि के लिए हम वचनबद्ध होकर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन मशीनों का लोकार्पण हुआ है, यह हमारे लिए सिर्फ मशीनों का नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और अपने वचनों के प्रति समर्पण भाव का भी विस्तार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल से सम्बद्ध हमीदिया अस्पताल में नव स्थापित सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन मशीनों के लोकार्पण से प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सालय को चिकित्सा जांच की अत्याधुनिक सुविधा स्थायी रूप से उपलब्ध हो गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ती जा रही हैं। हमीदिया अस्पताल में नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण हुआ है। यह कष्ट के समय में जीवनदान के समान है। इससे जांच में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी शासकीय अस्पतालों में आधुनिक मशीनों द्वारा मरीजों की जांच के लिए कार्य कर रही है। सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। यह नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की सजगता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल भी शुरू किए जा रहे हैं। देश में अपनी तरह का यह पहला मॉडल है, जहां मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए इच्छुक निवेशकों/संस्थाओं को 25 एकड़ जमीन मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि आमजन को सस्ती, सुलभ और समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि शासकीय गांधी चिकित्सालय महाविद्याय और हमीदिया अस्पताल अपनी वर्षों पुरानी साख और सेवाभाव के साथ अब नई तकनीकों से भी सुसज्जित हो गया है। सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की स्थापना से मरीजों को जटिल स्वास्थ्य जांचों के लिए अब कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं होगी।
कारगिल विजय के 26 वर्ष पूरे... 26 जुलाई को युवा स्वयं सेवक निकालेंगे पदयात्रा
नईदिल्ली। युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में मेरा युवा भारत (मेरा भारत) के युवा स्वयंसेवक वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की जीत की 26 वीं वर्षगांठ के अवसर पर 26 जुलाई 2025 को द्रास, कारगिल में 'कारगिल विजय दिवस पदयात्रा' का आयोजन करेगा।
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में आयोजित इस पदयात्रा में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ के साथ-साथ 1,000 से अधिक युवा, पूर्व सैनिक, सशस्त्र बल कर्मी, शहीदों के परिवार और नागरिक भाग लेंगे। यह पदयात्रा सुबह 7 बजे हिमाबास पब्लिक हाई स्कूल, द्रास के मैदान से शुरू होगी और गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, भीमबेट के मैदान में समाप्त होगी। यह यात्रा 1.5 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया 100 युवा स्वयंसेवकों के साथ कारगिल युद्ध स्मारक जाएंगे और वर्ष 1999 के कारगिल संघर्ष के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
इस अवसर पर मंत्री महोदय शक्ति उद्घोष फाउंडेशन की 26 महिला बाइकर्स को भी सम्मानित करेंगे जो शहीदों को श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजित लंबी दूरी की मोटरबाइक रैली पूरी करने के बाद युद्ध स्मारक पर पहुंचेंगी। पदयात्रा में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण अभियान भी शामिल होगा, जो पर्यावरण चेतना के साथ देशभक्ति के कर्तव्य के संरेखण और विकसित भारत@2047 में सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगा।
पदयात्रा से पहले, 'माई भारत' निबंध लेखन, चित्रकला, भाषण प्रतियोगिताओं और युवा संवादों जैसी गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं और स्थानीय समुदायों को सक्रिय रूप से जोड़ रहा है। इन पूर्व-कार्यक्रम गतिविधियों का उद्देश्य नागरिक जागरूकता बढ़ाना, वीरता की कहानियों का जश्न मनाना और सशस्त्र बलों के साथ भावनात्मक जुड़ाव को मज़बूत करना है। इन मंचों के माध्यम से, अमृत पीढ़ी और भावी राष्ट्र-निर्माताओं को सेवा, त्याग और देशभक्ति के आदर्शों के प्रति संवेदनशील बनाया जा रहा है।
यह पदयात्रा व्यापक विकसित भारत पदयात्रा पहल का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में स्मृति एवं सहभागी कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देना, नागरिक जुड़ाव को गहरा करना और युवाओं में एकता की भावना को मज़बूत करना है। माननीय प्रधानमंत्री के राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के दृष्टिकोण के अनुरूप यह पहल युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक, सभी हितधारकों को राष्ट्रीय स्मृति के एक साझा कार्य में एक साथ लाती है, और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों, विशेषकर अमृत पीढ़ी की भूमिका को सुदृढ़ करती है।