देश-विदेश
Mobile Voting : देश में पहली बार मोबाइल से हुई वोटिंग, बिहार बना ई-वोटिंग शुरू करने वाला पहला राज्य
पटना। बिहार ने इतिहास रचते हुए देश में पहली बार मोबाइल एप के माध्यम से वोटिंग की शुरुआत कर दी है। शनिवार को राज्य के 26 जिलों की 42 नगर पालिकाओं में हुए उपचुनावों के दौरान यह तकनीक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर छह नगर निकायों में लागू की गई। इस प्रयोग के तहत कुल 70.20 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो परंपरागत बूथ वोटिंग (54%) से 16 प्रतिशत अधिक रहा। कुल मतदान प्रतिशत 62.41 रहा, जिसमें मोबाइल एप आधारित ई-वोटिंग का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।
इस तकनीकी पहल का उद्देश्य उन मतदाताओं को सुविधा देना है जो शारीरिक रूप से बूथ तक नहीं पहुंच सकते, जैसे कि दिव्यांग, बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार, गर्भवती महिलाएं और प्रवासी श्रमिक। ई-वोटिंग के लिए 50,000 से अधिक मतदाताओं ने पहले से पंजीकरण कराया था। सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक ई-वोटिंग की प्रक्रिया संपन्न हुई। खास बात यह रही कि दुबई और कतर जैसे देशों में रह रहे प्रवासी बिहारियों ने भी इस एप के माध्यम से मतदान किया।
मोबाइल ई-वोटिंग के लिए दो एंड्रॉयड एप्लिकेशन तैयार किए गए हैं। पहला एप ‘e-Voting SECBHR’ सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) द्वारा विकसित किया गया है, जबकि दूसरा एप राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा बनाया गया है। मतदाता को एप डाउनलोड कर, अपने नाम और मोबाइल नंबर के माध्यम से OTP वेरीफाई करना होता है। एप में फेस रिकग्निशन और लाइव फेस स्कैन जैसे आधुनिक सुरक्षा फीचर्स का इस्तेमाल किया गया है।
इस तकनीक की शुरुआत मोतिहारी की विभा ने की, जिन्होंने मोबाइल एप के जरिए पहला वोट डालकर देश की पहली ई-वोटर बनने का गौरव प्राप्त किया।
नगर निकाय उपचुनावों में कुल 136 पदों के लिए मतदान हुआ। इसमें 121 वार्ड पार्षद, 8 उप मुख्य पार्षद और 7 मुख्य पार्षद पद शामिल हैं। पटना जिले के नौबतपुर, बिक्रम और खुसरूपुर नगर पंचायतों में कार्यकाल समाप्त होने के कारण चुनाव कराए गए। नौबतपुर में 17, बिक्रम में 16 और खुसरूपुर में 11 पदों के लिए मतदान हुआ।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने पूर्वोत्तर में खनिज और कोयला क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग की पुष्टि की
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गुवाहाटी में आयोजित पूर्वोत्तर खनन मंत्रियों के दूसरे सम्मेलन में खनिज और कोयला समृद्ध पूर्वोत्तर राज्यों को भारत सरकार के पूर्ण सहयोग की पुष्टि की है। केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम के दूसरे दिन उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए खनन क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने, परियोजना अनुमोदन में तेजी लाने और क्षेत्र में टिकाऊ खनन कार्य प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर का विकास विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण का केन्द्र बिन्दु है, जहां पूर्वोत्तर के आठ राज्यों - असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा तथा सिक्किम - को अष्टलक्ष्मी के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने इस तथ्य का उल्लेख किया कि रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करने तथा खनिज और कोयला क्षेत्र के विकास के माध्यम से समावेशी आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए केंद्र व राज्य सरकार के बीच समन्वय बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन के दौरान, सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधियों ने खनन और कोयला क्षेत्रों को आगे बढ़ाने के लिए अपने रोडमैप प्रस्तुत किए। मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के मंत्रियों ने नागालैंड के मुख्यमंत्री के सलाहकार के साथ मिलकर राज्य-विशिष्ट रणनीतियों, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने ब्लॉक नीलामी, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, कोयला खदानों के पुनरुद्धार, लघु खनिजों के विकास और टिकाऊ खनन मॉडल को अपनाने में हुई प्रगति पर चर्चा की।
चर्चाओं में पर्यावरण सुरक्षा उपायों को आर्थिक विकास के साथ संतुलित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाया गया। राज्यों ने क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने और अपनी पूरी संसाधन क्षमता का उपयोग करने के लिए अधिक केंद्रीय सहायता की भी मांग की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आचार्य विद्यानंद महाराज के शताब्दी समारोह को संबोधित किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आचार्य विद्यानंद महाराज के शताब्दी समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र, भारत की आध्यात्मिक परंपरा में एक महत्वपूर्ण अवसर देख रहा है, उन्होंने आचार्य विद्यानंद मुनिराज के शताब्दी समारोह की पवित्रता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूज्य आचार्य की अमर प्रेरणा से ओतप्रोत यह आयोजन एक असाधारण और उत्साहवर्धक वातावरण का निर्माण कर रहा है। प्रधानमंत्री ने सभी उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम में उपस्थित होने का अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया।
इस बात का उल्लेख करते हुए कि आज का दिन एक अन्य कारण से भी विशेष महत्व रखता है, मोदी ने याद दिलाया कि 28 जून 1987 को आचार्य विद्यानंद मुनिराज को औपचारिक रूप से ‘आचार्य’ की उपाधि प्रदान की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक उपाधि नहीं है, बल्कि एक पवित्र धारा की शुरुआत है, जिसने जैन परंपरा को विचार, अनुशासन और करुणा की भावना से जोड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश आचार्य विद्यानंद मुनिराज की शताब्दी मना रहा है, तो यह तिथि उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाती है। आचार्य श्री विद्यानंद मुनिराज को श्रद्धांजलि देते हुए मोदी ने कामना की कि सभी को आचार्य का आशीर्वाद प्राप्त हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यानंद मुनिराज का शताब्दी समारोह कोई साधारण आयोजन नहीं है, यह एक युग की याद दिलाता है और एक महान तपस्वी के जीवन का स्मरण कराता है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के लिए विशेष स्मारक सिक्के और डाक टिकट जारी किए गए हैं। मोदी ने आचार्य प्रज्ञा सागर का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके मार्गदर्शन में लाखों अनुयायी पूज्य गुरु के बताए मार्ग पर चल रहे हैं। मोदी ने कहा कि इस अवसर पर उन्हें 'धर्म चक्रवर्ती' की उपाधि प्रदान की गई है और उन्होंने विनम्रतापूर्वक व्यक्त किया कि भारतीय परंपरा संतों से जो कुछ भी प्राप्त होता है, उसे आशीर्वाद के रूप में स्वीकार करना सिखाती है। इसलिए उन्होंने विनम्रतापूर्वक इस उपाधि को स्वीकार किया और इसे भारत माता के चरणों में समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने आईएसएस में मौजूद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ बातचीत की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में मौजूद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से बातचीत की।
पीएमओ इंडिया ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा:
“प्रधानमंत्री @narendramodi ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ बातचीत की।”
जल गंगा संवर्धन अभियान में उद्यानिकी कृषकों की सक्रिय भागीदारी
शासन और समाज के समन्वय से जल संरक्षण, जल स्त्रोतों के पुर्नजीवन और जन-जागरूकता को समर्पित "जल गंगा संवर्धन अभियान" में प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने भी महती भूमिका निभाई है । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल और प्रेरणा से 30 मार्च से प्रारंभ किए गए अभियान में उद्यानिकी अमले और उद्यानिकी कृषकों की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। इस अभियान में डेढ़ लाख से अधिक कृषकों द्वारा सक्रिय भागीदारी निभाई गई।
अभियान के अन्तर्गत जल के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूकता के लिए प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों में 812 "पानी चौपाल" का आयोजन किया गया है, इन में एक लाख 21 हजार से अधिक कृषक भाई सम्लिलित हुए। यह "पानी चौपाल" "वन-वे’’ नहीं “टू-वे" कम्यूनिकेशन पर केन्द्रित रही, जिनमें किसानों द्वारा अपने गांव, खेतों में बने प्राकृतिक स्त्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर विचार रखे गये। पानी चौपाल के माध्यम से कृषकों को पौध-रोपण के लिए समझाया गया कि कम से कम 2 से 3 आयु वर्ष के पौधों का ही रोपण किया जाए, इनके जीवित रहने की संभावना अधिक रहती है। वर्तमान में प्रदेश की विभिन्न नर्सरियों में 25 लाख से अधिक जीवित पौधे है, जो इच्छुक किसान भाई प्राप्त कर सकते हैं।
"एमपी राइज 2025 कॉन्क्लेव" में आये 30,402 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव
Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश के साथ-साथ अब मध्यप्रदेश भी बदल रहा है। यहां विकास के सभी क्षेत्रों में नवाचार हो रहे हैं। हर क्षेत्र में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास का यह कारवां रूकेगा नहीं, बल्कि अब और तेज गति से आगे बढ़ेगा। रतलाम पहले सेव, साड़ियों और सोने के लिए जाना जाता था लेकिन अब यही रतलाम स्किल, स्केल और स्टार्टअप्स के लिए जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रतलाम की राइज कॉन्क्लेव में 30402 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं, जिससे 35 हजार 520 रोजगार का सृजन होगा।
रतलाम का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। रतलाम की देश में केन्द्रीय स्थिति इसे और भी विशेष बनाती है। बहुत जल्द प्रदेश में एयर कार्गो के जरिए हवाई मार्ग से माल की आवाजाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य की बेहतरी और युवाओं को रोजगार देने के लिए हमारी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी प्रदेश बनाने तक हमारी कोशिशें जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिये जहां से भी हो सकेगा, वहां से निवेश लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए वे 29 जून को सूरत में रोड-शो करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रतलाम में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राईस) कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पूर्व स्थापित एमएसएमई इकाइयों द्वारा यदि केवल नवकरणीय संयंत्र की स्थापना के लिये पृथक से निवेश किया जाता है तो इन इकाइयों को भी नवकरणीय ऊर्जा संयंत्र में किये गये निवेश पर उद्योग विकास अनुदान की सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम में मेगा इन्वेस्टमेंट रीजन से लगे लगी 6 ग्राम बिबड़ौद, पलसोड़ी, रामपुरिया, सरवनीखुर्द, जामथुन एवं जुलवानिया क्षेत्र एवं आबादी में स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिये मार्ग निर्माण, सामुदायिक भवन एवं आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिये प्रति ग्राम पंचायत 50 लाख की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने निवेश क्षेत्र इण्डस्ट्रीयल पार्क एवं रतलाम क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों की सुविधा के लिये नवीन क्षेत्र में 220 केवी विद्युत लाईन की व्यवस्था करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि रतलाम के पोलो ग्राउंड में अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर हॉकी का एस्ट्रो टर्फ बनाया जायेगा। साथ ही रतलाम में बड़ी हवाई पट्टी का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि कालिका माता परिसर के विकास के लिये सैटेलाइट टाउन बनाया जायेगा।
UP में एक भी ऐसा भाजपाई नहीं है, जिस पर दिल्लीवाले भरोसा कर सकें? इसीलिए बाहर से… अखिलेश यादव का हमला
लखनऊ. अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर करारा हमला बोला है. अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा अपने सेट किए हुए ‘प्लांटेड लोगों’ के उपनाम का दुरुपयोग करके उप्र के पड़ोसी राज्यों से लोगों को लाकर, समाज को बांटनेवाली जो ‘घुसपैठिया राजनीति’ प्रदेश में कर रही है, उसका सच बच्चा-बच्चा जानता है. उप्र का समाज कुछ नकारात्मक लोगों की गलतियों से बंटेगा नहीं, बल्कि और भी मजबूत होगा. आज क्या उप्र में एक भी ऐसा भाजपाई नहीं है, जिस पर दिल्लीवाले भरोसा कर सकें? शायद ऐसा ही है तभी तो वो बाहर से लोगों को लाकर षडयंत्र की नई बिसात बिछा रहे हैं. सच तो ये है कि ये लखनऊवालों के लिए एक ‘ताल ठोंकती चुनौती’ है कि उप्र को अस्थिर करने के लिए उप्र की सीमा पार से लोग बार बार अंदर आ रहे हैं और प्रदेश का अमन-चैन बिगाड़ कर आराम से वापस चले जा रहे हैं.
आगे अखिलेश यादव ने कहा, उप्र की भाजपा सरकार क्या अब अपने प्रदेश की सीमाएं किसी भी अराजक तत्व के लिए खोल देगी. अगर ऐसा है तो उप्र की भाजपा सरकार खुलकर घोषणा कर दे या फिर उन अराजकतावादी तत्वों के ख़िलाफ़ FIR करके तुरंत अपनी पुलिस भेजकर गिरफ़्तार करवाए. अगर ये नहीं हुआ तो कल को उप्र की भाजपा सरकार को ठेंगा दिखाते हुए ऐसे और लोग भी आएंगे और उप्र की जनता मान लेगी कि भाजपा सरकार उप्र में कागजी सरकार बनकर रह गई है, न उसके पास कोई नेतृत्व है और न ही उप्र की कानून-व्यवस्था और यहां कि शांति के लिए कोई प्रतिबद्धता. कुछ गिनती के प्रभुत्ववादी और वर्चस्ववादी लोगों ने तो उस कलाकार को भी नहीं छोड़ा जो अपनी थाप से दुनिया देखता है. उसकी ढोलक छीनकर और उस पर आरोप लगाकर ऐसे नकारात्मक लोगों ने अपने ही समाज की सहानुभूति खो दी है.
आगे अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि हमारे देश की संस्कृति के सच्चे उपासक सदैव सहृदय और करुणा से भरे होते हैं, जो लोग ऐसा करते हैं, वो मानवीय मानकों पर खारिज कर दिए जाने वाले अभारतीय और अमानवीय लोग होते हैं. आज संपूर्ण पीडीए समाज ‘इटावा कथावाचन पीडीए अपमान कांड’ के हर पीड़ित के साथ अपनी आवाज़ बुलंद कर रहा है. ’पीडीए’ उत्पीड़न के ख़िलाफ़ नई ढोलक की नई गूंज है. पीडीए ’पीड़ा, दुख और अपमान’ का त्रिदंश झेलने वाले परंपरागत रूप से उपेक्षित और उत्पीड़ित लोगों के बीच आई नई चेतना और एकजुटता का सामूहिक, सामाजिक, सामुदायिक ऐलान है. पीडीए प्रतिशोध की नहीं सोच के परिवर्तन की पुकार है. पीडीए ग़ैर बराबरी को दूर करके समता, समानता, गरिमा, प्रतिष्ठा को सुनिश्चित करनेवाले सकारात्मक -प्रगतिशील ‘सामाजिक न्याय के राज’ का संकल्पित उद्घोष है.
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय करेगा असंगठित निर्माण गतिविधियों का राज्य स्तरीय सर्वेक्षण
नईदिल्ली। भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा अनिगमित क्षेत्र में संचालित निर्माण गतिविधियों पर 01 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक एक पायलट सर्वेक्षण आयोजित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के प्रतिष्ठानों और परिवारों में निर्माण गतिविधियों की प्रकृति, रोजगार, लागत और उत्पादन संबंधी आंकड़ों का संकलन करना है।
इस महत्त्वपूर्ण सर्वेक्षण की तैयारी के लिए न्यू सर्किट हाउस, रायपुर के सभागार में 26 व 27 जून को दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों से आए NSO के अधिकारी और कर्मचारी भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन का उद्घाटन राज्य नीति आयोग, रायपुर के सदस्य सचिव श्री आशीष भट्ट द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के उपमहानिदेशक श्री अल्ताफ हुसैन हाजी ने की। इस अवसर पर श्री ऋषभ सिंह श्याम (सहायक निदेशक, एनएसओ बिलासपुर) और श्री आर.के. श्रीवास्तव (वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी, एनएसओ रायपुर) भी मंचासीन थे।
अपने उद्घाटन संबोधन में श्री आशीष भट्ट ने 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और उनके संकेतकों के निर्धारण में विश्वसनीय आंकड़ों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह पायलट सर्वे राज्य व जिला स्तर पर विकास नीति निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने क्षेत्रीय सांख्यिकी कर्मियों से आंकड़ों की गुणवत्ता बनाए रखने की अपील की जिससे विकास की निगरानी सटीक तरीके से की जा सके।
उपमहानिदेशक अल्ताफ हुसैन हाजी ने अपने संबोधन में कहा कि यह पायलट सर्वे भविष्य के लिए व्यापक और पूर्ण अध्ययन की आधारशिला रखेगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित कर्मी चयनित शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों और परिवारों से सीधे संपर्क कर आंकड़े एकत्र करेंगे। उन्होंने आम जनता से सहयोग करने और सटीक जानकारी साझा करने की अपील भी की।
अब सुनाई नहीं देगी अमिताभ बच्चन की साइबर क्राइम कॉलर ट्यून बंद
नईदिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की आवाज में चल रही साइबर क्राइम जागरूकता कॉलर ट्यून को भारत सरकार ने 26 जून 2025 से बंद करने का फैसला लिया है। यह कॉलर ट्यून केंद्र सरकार के जागरूकता अभियान का हिस्सा थी, जो हर कॉल से पहले 40 सेकंड का प्री-रिकॉर्डेड संदेश चलाकर लोगों को साइबर ठगी, फिशिंग और ऑनलाइन स्कैम से सावधान रहने की सलाह देती थी।
हालांकि, इस पहल को शुरू में सराहना मिली, लेकिन समय के साथ कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इसकी शिकायत की, खासकर आपातकालीन कॉलों में देरी होने के कारण। कई यूजर्स ने इस कॉलर ट्यून को परेशानी का सबब बताते हुए इसकी आलोचना की और कुछ ने तो अमिताभ बच्चन को भी ट्रोल किया।
हाल ही में एक एक्स यूजर ने अमिताभ से कहा, तो फोन पर बोलना बंद करो भाई, जिसके जवाब में उन्होंने लिखा, सरकार को बोलो भाई, उन्होंने जो कहा, हमने कर दिया। सरकार ने जनता की शिकायतों और आपातकालीन स्थितियों में होने वाली असुविधा को देखते हुए इस अभियान को समाप्त कर कॉलर ट्यून हटाने का निर्णय लिया है।
क़तर के लिए पठानकोट से गुलाब की खुशबू वाली लीची की पहली खेप रवाना
नईदिल्ली। देश के बागवानी निर्यात को विशेष बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने पंजाब सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में बागवानी विभाग के सहयोग से 23 जून 2025 को पंजाब के पठानकोट से क़तर में दोहा के लिए 1 मीट्रिक टन गुलाब की खुशबू वाली लीची की पहली खेप को रवाना करने में मदद की।
इसके अलावा, पठानकोट से दुबई को भी 0.5 मीट्रिक टन लीची का निर्यात किया गया, जो दोहरी निर्यात उपलब्धि है और ताजे फलों के वैश्विक बाजारों में भारत की उपस्थिति को मजबूत करता है।
उपलब्धि से भरी यह पहल भारत के बागवानी उत्पादों की उत्कृष्टता को दर्शाती है और देश की बढ़ती कृषि-निर्यात क्षमताओं को उजागर करती है। यह किसानों को उनके ताजे और उच्च मूल्य वाले उत्पादों के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच प्रदान करके अपार अवसर प्रदान करता है।
इस पहल को एपीडा ने पंजाब सरकार के बागवानी विभाग, लुल्लू ग्रुप और सुजानपुर के प्रगतिशील किसान प्रभात सिंह के सहयोग से संचालित किया। सिंह ने उच्च गुणवत्ता वाली उपज की आपूर्ति की।
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पंजाब का लीची उत्पादन 71,490 मीट्रिक टन रहा, जो भारत के कुल लीची उत्पादन में 12.39 प्रतिशत का योगदान देता है। इसी अवधि के दौरान, भारत ने 639.53 मीट्रिक टन लीची का निर्यात किया। खेती का रकबा 4,327 हेक्टेयर था, जिसकी औसत उपज 16,523 किलोग्राम/हेक्टेयर रही।
लीची की रवाना की गई खेप में प्रीमियम पठानकोट लीची का एक रीफर पैलेट शामिल है, जो इस क्षेत्र के उत्पादकों के लिए एक बड़ा कदम है। प्रभात सिंह जैसे किसानों की सफलता पठानकोट की क्षमता को दर्शाती है - जो गुणवत्तापूर्ण लीची की खेती और निर्यात के लिए एक उभरते हुए केंद्र के रूप में अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियों से लाभान्वित है।
वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान भारत का फलों और सब्जियों का निर्यात 3.87 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.67 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। जबकि आम, केले, अंगूर और संतरे फलों के निर्यात में हावी हैं। वहीं चेरी, जामुन और लीची अब तेजी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी जगह बना रहे हैं।
ये प्रयास कृषि-निर्यात का दायरा बढ़ाने, किसानों को सशक्त बनाने और भारतीय उपज की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। केंद्रित कार्यक्रमों के साथ, एपीडा एफपीओ, एफपीसी और कृषि-निर्यातकों के लिए बाजार तक पहुंच को सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों में दुनिया भर में अग्रणी के रूप में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है।
माय भारत पोर्टल पर व्हाट्सएप चैटबॉट शुरू... बढ़ेगी युवाओं की भागीदारी और अनुभव
नईदिल्ली। भारत के युवाओं के लिए डिजिटल जुड़ाव बढ़ाने और सेवाओं तक पहुंच को सुव्यवस्थित करने के एक प्रगतिशील कदम के तहत, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने माय भारत पोर्टल ( https://mybharat.gov.in ) के साथ व्हाट्सएप एकीकरण शुरू किया है।
व्हाट्सएप चैटबॉट अब माय भारत पोर्टल पर लाइव है और इसे सीधे व्हाट्सएप (7289001515) के द्वारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं को प्लेटफ़ॉर्म के साथ बातचीत करने का अधिक आसान, वास्तविक समय और उपयोगकर्ता के अनुकूल तरीका प्रदान करता है। इस रिलीज़ में सभी पंजीकृत माय भारत उपयोगकर्ताओं के लिए मुख्य सुविधाएं शामिल हैं, जिससे उन्हें अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम, स्वयंसेवा के अवसर, सीवी निर्माण, मेंटरशिप, संगठन में शामिल होने/निर्माण, किसी भी मुद्दे की रिपोर्ट करने और माय भारत सहायता तक पहुंचने की सुविधा मिलती है।
व्हाट्सएप चैटबॉट में सत्र शुरू करने के लिए, व्यक्ति को 7289001515 नंबर पर 'Hi' संदेश भेजना होगा। व्यक्तिगत लॉगिन पहचान ओटीपी के माध्यम से पहचानी जाएगी और सत्र स्थापित किया जाएगा।
आगामी संस्करणों में कई नई सहूलियत पेश की जाएंगी जैसे इन-ऐप रजिस्ट्रेशन, डाउनलोड के साथ नोटिफ़िकेशन, इवेंट में भागीदारी के लिए मीडिया अपलोड, रिमाइंडर और फ़ॉलो-अप, प्रोफ़ाइल/कार्य पूरा करना आदि। लेन-देन संबंधी सेवाओं के अलावा, चैटबॉट का उपयोग स्वचालित रिमाइंडर भेजने, प्रमाणपत्र वितरित करने, अन्य संसाधन दस्तावेज़ और अनुपालन अलर्ट साझा करने के लिए किया जा सकता है। यह अभियान सामग्री, इवेंट हाइलाइट्स, सरकारी योजनाओं पर नवीनतम सूचना, सर्वोत्तम अभ्यास और टूल किट भी प्रसारित करेगा ताकि युवाओं को सूचित और सक्रिय रूप से शामिल रखा जा सके।
युवाओं को प्रमुख लाभ:
व्हाट्सएप के माध्यम से माई भारत सेवाओं तक सुविधाजनक पहुंच
तेज़ ऑनबोर्डिंग, इवेंट भागीदारी और एप्लिकेशन ट्रैकिंग
वास्तविक समय अपडेट और अनुस्मारक
आसान समस्या रिपोर्टिंग और समर्थन समाधान
अवसरों, योजनाओं और सर्वोत्तम प्रथाओं पर नियमित प्रसारण
राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जुड़े रहने के लिए एक परिचित, मोबाइल-प्रथम इंटरफ़ेस
यह एकीकरण युवाओं को सशक्त बनाने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत सार्वजनिक सेवाओं को उनके द्वारा सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले डिजिटल प्लेटफार्मों में शामिल किया जाएगा , जिससे उनके लिए जुड़े रहना, संलग्न रहना और सूचित रहना आसान हो जाएगा।
माय भारत एक प्रौद्योगिकी मंच है जिसे युवा मामलों के विभाग (डीओवायए) द्वारा डिज़ाइन किया गया है और डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (डीआईसी) इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार ने विकसित किया ताकि देश की युवा शक्ति को जोड़ने के लिए एक संस्थागत पद्धति स्थापित की जा सके। 'सेवा भाव' और 'कर्तव्य बोध' के भारतीय लोकाचार के साथ युवाओं को सशक्त बनाने के मुख्य प्रयोजन से यह मंच विभिन्न स्वयंसेवा और सीखने की गतिविधियों में सहभागिता, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने, युवा प्रोफ़ाइल और सीवी बनाने, अन्य युवाओं से जुड़ने और अन्य रोमांचक क्षमता निर्माण गतिविधियों के विकल्प प्रदान करता है।
*****
सीएम के काफिले की गाड़ियों में डीजल की जगह पानी ! मचा हड़कंप
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के काफिले में शामिल 19 इनोवा गाड़ियों में डीजल की जगह पानी भरने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना गुरुवार रात रतलाम के डोसीगांव स्थित भारत पेट्रोल पंप (शक्ति फ्यूल्स) पर हुई, जब सीएम के काफिले की गाड़ियां 27 जून को आयोजित ‘एमपी राइज 2025’ कॉन्क्लेव के लिए इंदौर से रतलाम पहुंची थीं। डीजल भरवाने के बाद सभी वाहन कुछ दूरी तय करने के बाद अचानक बंद हो गए, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जांच में पुष्टि हुई कि पेट्रोल पंप से भरे गए डीजल में पानी मिला हुआ था, जिसके कारण गाड़ियां खराब हो गईं। इस घटना को सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए खाद्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप को सील कर दिया। वाहन चालकों ने इसकी शिकायत पेट्रोल पंप पर की, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के मुद्दे को उजागर किया है।
‘एमपी राइज 2025’ कॉन्क्लेव, जो रतलाम के नेहरू स्टेडियम में आयोजित हो रहा है, मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास, कौशल उन्नयन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इस कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री मोहन यादव 3500 से अधिक उद्योगपतियों और निवेशकों से संवाद करेंगे और 500 से अधिक युवाओं को जॉब ऑफर लेटर सौंपेंगे। इस घटना के बावजूद आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है।
प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है, और पेट्रोल पंप के खिलाफ आगे की जांच जारी है। यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि ईंधन आपूर्ति की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
बक्सर NH-922 पर गैस टैंकर से रिसाव, टक्कर के बाद खाली कराया गया 1 KM का दायरा
बिहार : राष्ट्रीय राजमार्ग-922 पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब दलसागर टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर आगे, नया भोजपुर थाना क्षेत्र स्थित पेट्रोल पंप के पास रात तकरीबन 11:45 बजे गैस से भरे टैंकर में तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर के बाद टैंकर से गैस रिसाव शुरू हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. आग लगने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक किलोमीटर तक का पूरा इलाका खाली करा दिया है.
दोनों वाहन छोड़कर हुए फरार
थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि टैंकर और ट्रक चालक दोनों वाहन छोड़कर फरार हो गए हैं. यदि चालक मौजूद होते तो वाहनों को हटाया जा सकता था. अब जोखिम उठाकर प्रशासन इस स्थिति से निपटने का प्रयास कर रहा है. गैस रिसाव लगातार जारी है और जरा सी चिंगारी से बड़ा हादसा हो सकता है.
Rath Yatra: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आज… पूजा-विधि के साथ सवारी पर निकलेंगे भगवान
रायपुर। ओडिशा के पुरी में स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में आज शुक्रवार से रथयात्रा की शुरुआत होने जा रही है। आज देश के कई हिस्सों में भगवान जगन्नाथ की रथयात्राएं निकाली जाएगी।
राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित जगन्नाथ मंदिर और पुरानी बस्ती के टूरी हटरी से भगवान जगन्नाथ की रथयात्राएं निकाली जाएगी। मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ साल में एक बार अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। पुरी के अलावा देश के कई जगहों में रथयात्रा भव्य होने वाली है।
बता दें कि , ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के लिए पूजा अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। इसके बाद भगवान मंदिर से बाहर लाने की विधियां शुरू होंगी। इसके बाद रथों की पूजा कर बलभद्र, बहन सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को रथ में बैठाया जाएगा। यात्रा के कार्यक्रम के अनुसार, आगे दोपहर 3 बजे पुरी राजपरिवार के गजपति दिव्य सिंह देव रथ के आगे सोने के झाडू से बुहारा लगाकर रथ यात्रा की शुरुआत करेंगे।
वहीं पर बड़े हर्षोल्लास के साथ भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ करीब 3 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर जाएंगे। यह रथ यात्रा कुल 12 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 8 जुलाई 2025 को नीलाद्रि विजय के साथ होगा, इस रथ यात्रा के दौरान कई धार्मिक रस्में, अनुष्ठान और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
Vivo T4 Ultra 5G भारत में लॉन्च: 50MP का पेरिस्कोप कैमरा, 5,500 mAh बैटरी और कीमत....
नई दिल्ली | Vivo ने अपना नया T4 Ultra 5G स्मार्टफोन भारत में लॉन्च कर दिया है, जिसकी शुरुआत कीमत ₹37,999 (8GB/256GB) से होती है। यह फोन 50 MP OIS पेरिस्कोप कैमरा, 6.67″ Quad‑Curved AMOLED डिस्प्ले और दमदार 5,500 mAh बैटरी के साथ उपलब्ध होगा ।
डिस्प्ले
6.67″ Quad‑Curved AMOLED स्क्रीन, 1260×2800 रेज़ॉल्यूशन, 120Hz रिफ्रेश रेट और 5,000 निट्स पीक ब्राइटनेस
प्रोसेसर और स्टोरेज
नवीनतम MediaTek Dimensity 9300+ चिपसेट, LPDDR5 RAM 8/12GB, और UFS 3.1 स्टोरेज विकल्प — 256GB या 512GB
कैमरा सेटअप
ट्रिपल रियर कैमरा:
o 50 MP Sony IMX921 पहला कैमरा (OIS)
o 50 MP Sony IMX882 पेरिस्कोप टेलीफोटो (3× ऑप्टिकल ज़ूम, OIS)
o 8 MP अल्ट्रा-वाइड लेंस
साथ ही 32 MP फ्रंट कैमरा
बैटरी और चार्जिंग
5,500 mAh बैटरी + 90W फास्ट चार्जिंग (0‑100% ≈ 48 मिनट में)
सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी
Android 15 आधारित Funtouch OS 15 (3 साल OS + 4 साल सिक्योरिटी अपडेट्स), NFC, Wi‑Fi 7, Bluetooth 5.4 और IP64 रेटिंग
निर्वाचन आयोग की सूची से हटाए जा रहे 345 पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल
नईदिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर देश के 345 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) को सूची से हटाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। यह सभी दल 2019 से पिछले छह वर्षों में एक भी चुनाव लड़ने की आवश्यक शर्त को पूरा करने में विफल रहे। इन दलों के कार्यालय वास्तविक रूप से कही भी नहीं पाए गए। ये 345 आरयूपीपी देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित हैं।
आयोग के संज्ञान में आया है कि वर्तमान में ईसीआई के साथ पंजीकृत 2,800 से अधिक आरयूपीपी में से कई जारी रहने के लिए आरयूपीपी हेतु वांछित अनिवार्य शर्तों को पूरा करने में विफल रहे हैं। इस प्रकार, ईसीआई द्वारा ऐसे आरयूपीपी की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी कार्रवाई की गई और अब तक 345 ऐसे आरयूपीपी की पहले ही पहचान की जा चुकी है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पार्टी अनुचित रूप से सूची से बाहर न हो जाए, संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ को ऐसे आरयूपीपी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद इन पार्टियों को संबंधित सीईओ द्वारा सुनवाई के माध्यम से एक अवसर प्रदान किया जाएगा। किसी भी आरयूपीपी को सूची से बाहर करने के संबंध में अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाएगा।
देश में राजनीतिक दल (राष्ट्रीय/राज्य/आरयूपीपी) जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए के प्रावधानों के तहत ईसीआई के साथ पंजीकृत हैं। इस प्रावधान के तहत, किसी भी संगठन को राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत होने पर, उसे कर छूट जैसे कुछ विशेषाधिकार और लाभ प्राप्त होते हैं।
यह प्रक्रिया राजनीतिक व्यवस्था को स्वच्छ करने और ऐसी पार्टियों को सूची से हटाने के उद्देश्य से संचालित की गई है, जिन्होंने 2019 के बाद से कोई भी लोकसभा या राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभा या उपचुनाव नहीं लड़ा है और जिनका वास्तविक रूप से पता नहीं लगाया जा सका है। इस अभ्यास के पहले चरण में इन 345 आरयूपीपी की पहचान की गई है, जिसे राजनीतिक प्रणाली में शुद्धता लाने के उद्देश्य से जारी रखा जाएगा।
अहमदाबाद एयर इंडिया फ्लाइट हादसाः ब्लैक बॉक्स पुलिस सुरक्षा और सीसीटीवी की निगरानी में
नईदिल्ली। अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 से जुड़ी दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना के बाद, एएआईबी ने तुरंत जांच शुरू की और निर्धारित मानदंडों के अनुसार 13 जून 2025 को एक बहु-विषयक टीम का गठन किया। अंतर्राष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुसार गठित इस टीम का नेतृत्व एएआईबी के महानिदेशक करते हैं और इसमें एक विमानन देखभाल विशेषज्ञ, एक एटीसी अधिकारी और राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) के प्रतिनिधि शामिल हैं, जो विनिर्माण और डिजाइन राज्य (यूएसए) की सरकारी जांच एजेंसी है और ऐसी जांच के लिए आवश्यक है।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) दोनों बरामद किए गए। इनमें से पहला 13 जून, 2025 को दुर्घटना स्थल पर इमारत की छत से और दूसरा 16 जून, 2025 को मलबे से मिला। उनके सुरक्षित संचालन, भंडारण और परिवहन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई थी। उपकरणों को अहमदाबाद में चौबीसों घंटे पुलिस सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी में रखा गया था।
इसके बाद, 24 जून, 2025 को पूरी सुरक्षा के साथ भारतीय वायुसेना के विमान द्वारा ब्लैक बॉक्स को अहमदाबाद से दिल्ली लाया गया। फ्रंट ब्लैक बॉक्स 24 जून, 2025 को 1400 बजे एएआईबी के महानिदेशक के साथ एएआईबी लैब, दिल्ली लाया गया। बैक ब्लैक बॉक्स दूसरी एएआईबी टीम द्वारा लाया गया और 24 जून, 2025 को 1715 बजे एएआईबी लैब, दिल्ली लाया गया।
एएआईबी के डीजी के नेतृत्व में एएआईबी और एनटीएसबी के तकनीकी सदस्यों के साथ टीम ने 24 जून, 2025 की शाम को डेटा निष्कर्षण प्रक्रिया शुरू की। फ्रंट ब्लैक बॉक्स से क्रैश प्रोटेक्शन मॉड्यूल (सीपीएम) को सुरक्षित रूप से निकाला गया और 25 जून, 2025 को मेमोरी मॉड्यूल तक सफलतापूर्वक पहुंचा गया और इसका डेटा एएआईबी लैब में डाउनलोड किया गया।
सीवीआर और एफडीआर डेटा का विश्लेषण चल रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य दुर्घटना की ओर ले जाने वाली घटनाओं के अनुक्रम को फिर से बनाना और विमानन सुरक्षा को बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए योगदान देने वाले कारकों की पहचान करना है। सभी कार्यवाहियां घरेलू कानूनों और अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों के पूर्ण अनुपालन में समयबद्ध तरीके से की गई हैं।
बता दें कि 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 12 जून को अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गई. विमान में सवार एक यात्री को छोड़कर सभी की मौत हो गई. वहीं, विमान के मेडिकल कॉम्प्लेक्स से टकराने के बाद 29 अन्य लोग मारे गए.