देश-विदेश
श्रीलंका-भारत नौसैनिक अभ्यास 2024 : विशाखापत्तनम में आयोजित किया जाएगा
नई दिल्ली | पूर्वी नौसेना कमान के तत्वावधान में द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास एसएलआईएनईएक्स-24 (श्रीलंका-भारत नौसैनिक अभ्यास) 17 से 20 दिसंबर, 2024 तक विशाखापत्तनम में आयोजित किया जाएगा। यह अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया जाएगा-17 से 18 दिसंबर तक बंदरगाह चरण और 19 से 20 दिसंबर तक समुद्री चरण। 2005 में शुरू किया गया एसएलआईएनईएक्स-24 द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों की एक महत्वपूर्ण संस्करण है जिसने पिछले कुछ वर्षों में भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत किया है।
भारत से : भारतीय नौसेना जहाज आईएनएस सुमित्रा, पूर्वी बेड़े का एक नौसेना अपतटीय गश्ती पोत, एक विशेष बल के साथ होगा।
श्रीलंका से : एसएलएनएस सयूरा, एक अपतटीय गश्ती पोत, जिसमें विशेष बल होगा।
अभ्यास का उद्घाटन समारोह 17 दिसंबर 24 को निर्धारित है, जो बंदरगाह चरण की शुरुआत को चिह्नित करता है। इस चरण के दौरान, प्रतिभागी आपसी समझ को मजबूत करने के लिए पेशेवर और सामाजिक आदान-प्रदान में संलग्न होंगे। 19 दिसंबर को शुरू होने वाले समुद्री चरण में विशेष बलों के संचालन, बंदूक फायरिंग, संचार अभ्यास, नाविक अभ्यास, नेविगेशन विकास और हेलीकॉप्टर संचालन सहित संयुक्त अभ्यास शामिल होंगे।
पिछले कुछ वर्षों में एसएलआईएनईएक्स-24 का दायरा बढ़ा है, जिससे दोनों नौसेनाओं को अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में मदद मिली है। वर्ष 2024 के इस संस्करण का उद्देश्य भारत और श्रीलंका के बीच मज़बूत समुद्री संबंधों को और मज़बूत करना है, साथ ही सुरक्षित, संरक्षित और नियम-आधारित समुद्री वातावरण को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट पूर्व हितधारकों से किया परामर्श
प्राप्त सुझावों का गंभीरता से अध्ययन कर वित्त मंत्री को कराएंगे अवगत- शिवराज सिंह
किसानों के साथ ही कृषि उद्यमियों, कृषि से जुड़े विभिन्न संगठनों, कृषक उत्पादक संघ व अन्य हितधारकों ने दिए विभिन्न सुझाव
कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों से सतत संवाद करते रहेंगे- केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान
नई दिल्ली | केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि भवन, नई दिल्ली में बजट पूर्व हितधारकों से विस्तृत परामर्श किया। इस दौरान किसानों के साथ ही कृषि उद्यमियों, कृषि से जुड़े विभिन्न संगठनों, कृषक उत्पादक संघ तथा अन्य हितधारकों ने विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी प्राप्त सुझावों का हम गंभीरता से अध्ययन कर वित्त मंत्री को अवगत कराएंगे। साथ ही, श्री शिवराज सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों से हम लगातार संवाद करते रहेंगे।
बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय आंतरिक रूप से भी गहन अध्ययन कर रहा है ताकि बजट के संबंध में अपने प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को शीघ्र दिए जा सकें। चौहान ने कहा कि विभिन्न पुरानी योजनाओं की समीक्षा भी की जा रही है। आज जिन किसानों तथा अन्य संस्थाओं के साथ ही विभिन्न हितधारकों ने जो सुझाव दिए हैं, वे महत्वपूर्ण है क्योंकि ये लोग फील्ड में काम करते हुए अपने अनुभव प्राप्त करते हैं, जो खेती-किसानी के फायदे के लिए उपयोगी होते हैं। इन लोगों से कृषि क्षेत्र में वैल्यू एडिशन, कृषि उपज के निर्यातकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने, कृषि अनुसंधान का विस्तार करने, कृषि आदानों की कीमत पर नियंत्रण एवं गुणवत्ता, किसानों को नुकसान नहीं होने आदि के संबध में अनेक सुझाव प्राप्त हुए हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा विकसित विभिन्न फसलों की 109 नई किस्में देश को समर्पित की थी, इसी तरह से किसानों के हित में और क्या-क्या कार्य किए जा सकते है, इस पर अध्ययन-मनन किया जा रहा है। चौहान ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री रहते हुए मध्य प्रदेश में भी किसान पंचायत जैसे आयोजन करके सुझाव लिए जाते थे, इससे कृषि व किसानों को लाभ होता है।
बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी के साथ ही मंत्रालय एवं आईसीएआर के वरिष्ठ अधिकारी तथा नाबार्ड, सीआईआई, पीएचडी चेम्बर आफ कामर्स, एसोचैम, भारतीय स्टेट बैंक, सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे।
वन नेशन, वन इलेक्शन बिल लोकसभा में पेश : संसद में इस बिल को लेकर जोरदार चर्चा
नई दिल्ली | कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पेश किया। इस बिल का उद्देश्य देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की व्यवस्था लागू करना है।
बिल को पेश करते हुए अर्जुन मेघवाल ने कहा, हम एक देश, एक चुनाव का कांसेप्ट लाने जा रहे हैं। इससे प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी और चुनावी खर्च में कमी आएगी।
संसद में इस बिल को लेकर जोरदार चर्चा हो रही है। जहां सत्तापक्ष ने इसे देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने वाला कदम बताया, वहीं विपक्ष ने इसपर सवाल उठाते हुए गहन विचार-विमर्श की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि 12 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस बिल को मंजूरी दे दी गई थी। कैबिनेट ने दो ड्रॉफ्ट कानूनों को मंजूरी दी थी, इसमें से एक संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने से संबंधित है, जबकि दूसरा विधेयक विधानसभाओं वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों के एक साथ चुनाव कराने के संबंध में हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस बिल पर आम लोगों की राय भी लेने की योजना है। विचार-विमर्श के दौरान बिल के प्रमुख पहलुओं, इसके फायदे और पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए जरूरी कार्यप्रणाली और चुनावी प्रबंधन पर बातचीत की जाएगी। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों से बातचीत की जिम्मेदारी के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अर्जुन राम मेघवाल और किरेन रिजिजू को नियुक्त किया गया है।
युवाओं की आंखों में सपने, भुजाओं में ताकत, पैरों में होती है गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज और देश की दशा और दिशा बदलने में ऊर्जावान युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। युवाओं के मजबूत हौंसले, इच्छाशक्ति, लगन और परिश्रम के बल पर ही देश सफलता की ऊंचाइयों को छूता है। युवा शक्ति भारत की सच्ची ताकत है और भारत ही विश्व में सबसे युवा देश है। दुनिया के विभिन्न देशों में भारतीय युवा सफलता प्राप्त कर देश का नाम रोशन कर रहें हैं। मध्यप्रदेश में युवाओं को शिक्षा के साथ सभी सेक्टरों में रोजगार के अवसर दिये जाने का काम वृहद स्तर पर हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बरतकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल में जन-कल्याण पर्व अंतर्गत आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में 45 संस्थानों के विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-रोजगार केन्द्रित युवा संवाद कार्यक्रम में कहा कि किसी भी देश और प्रदेश के भविष्य युवा ही होते है। मुख्यमंत्री ने युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहाकि युवाओं की आंखों में सपने, भुजाओं में ताकत और पैरों में गति होती है। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और उनके कौशल को प्रदेश के विकास में पूरी तरह से उपयोग करने के साथ युवाओं के सपनों को साकार करने के लिये अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं से युवा शक्ति को आत्म-निर्भर बनाने के साथ राज्य को समृद्ध करने का अभियान भी चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार शक्तिशाली बन रहा है। भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा की चिंता करने की दृष्टि से आज अमेरिका और इजराइल के बाद विश्व की तीसरी शक्ति बन गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिये विभिन्न पहल की हैं। लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी देश मातृ शक्ति के सशक्तिकरण से ही आगे बढ़ता है। यह हमारा सौभाग्य है कि पूरे विश्व में एकमात्र भारत ही ऐसा देश है जहां देश को माता की संज्ञा दी जाती है, इसीलिये हम बड़े गर्व से भारत माता का जयकारा लगाते है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से रू-ब-रू होते हुए उनके प्रत्येक प्रश्न का न केवल उत्तर दिया बल्कि मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आहवान किया कि वे लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने अपने मताधिकार का उपयोग अवश्य करें। सदैव याद रखें, वे ही भारत के असली भाग्यविधाता है।
छात्रा श्रद्धा के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सिर्फ भारत में ही संभव है जहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे दो सर्वोच्च पदों पर महिलाएं आसीन हो सकीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां एक ओर महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाने अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर सरकारी नौकरियों में महिला आरक्षण बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया गया हैं।
ग्रीन मोबिलिटी की ओर अग्रसर : 21वें ईवी एक्सपो और कॉन्फ्रेंस 2024 का आयोजन दिल्ली में
नई दिल्ली | भारत में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, 21वां ईवी एक्सपो 2024 नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 20 से 22 दिसंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन 10 वर्षों की सफलता का जश्न है और भारत के हरित परिवहन के सफर में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। इस आयोजन की शुरुआत 19 दिसंबर को 8वें कैटलिस्ट कॉन्फ्रेंस के साथ होगी, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की स्थिरता पर जोर दिया जाएगा। इस कांफ्रेंस का उद्घाटन नितिन गडकरी, माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, करेंगे। यह कार्यक्रम नीतिगत मुद्दों, उद्योग में नवनीकरण, तकनीकी विकास और बाजार में उपलब्ध उत्पादों और सेवाओं पर ज्ञान साझा करने का एक मंच होगा।
20 दिसंबर को हर्ष मल्होत्रा, राज्य मंत्री, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और कॉर्पोरेट मामलों मंत्रालय एक्सपो का उद्घाटन करेंगे, इस दौरान अजय ताम्टा, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री और दया शंकर सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), परिवहन, उत्तर प्रदेश सहित अन्य गण्यमान्य लोग भी उपस्थित होंगे।
10 वर्षों की सफलता का जश्न मनाते हुए, 21वां ईवी एक्सपो 2024 इनोवेशन, इंडस्ट्री सहयोग, और नई तकनीकों के शानदार प्रदर्शन का अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन भारत और विदेश से आए लगभग 200 प्रदर्शकों को अपने उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित करने का मंच देगा। यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उद्यमियों, उद्योग जगत के नेताओं और ईवी उत्साहियों के लिए संपर्क,विचार-विमर्श और व्यापारिक अवसरों का मंच भी होगा, जो मोबिलिटी के भविष्य को आकार देगा।
आयोजक राजीव अरोड़ा ने कहा, ” ईवी एक्सपो केवल एक प्रदर्शनी नहीं है; यह नवाचार, सहयोग और ईको-फ्रेंडली परिवहन को दिखाने और अपनाने का मंच है। हमारे शहरों में प्रदूषण के खतरनाक स्तर के चलते, इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की सख्त जरूरत है। कई नई लांच और उन्नत तकनीकों के साथ, यह कार्यक्रम ईवी क्षेत्र के सभी हितधारकों के लिए अनमोल अवसर प्रदान करता है।”
अनुज शर्मा, इलेक्ट्रिक व्हीकल फेडरेशन के अध्यक्ष और भारत सरकार की ई-रिक्शा कमेटी के पूर्व चेयरमैन ने कहा, “हमें उम्मीद है कि एक्सपो में बड़ी संख्या में वेंचर कैपिटलिस्ट और निवेशक भाग लेंगे। हम ईवी व्यवसाय को फंडिंग से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, जो इस क्षेत्र में नई संभावनाओं और नवाचार के द्वार खोलेगा। इसके अलावा, एक्सपो में नवीनतम इलेक्ट्रिक वाहन जैसे इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और ग्रामीण परिवहन वाहन (RTVs) का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन माननीय मंत्रियों द्वारा किया जाएगा।”
21वें ईवी एक्सपो 2024 को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार; प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY); सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME); और अंतर्राष्ट्रीय ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी सेंटर (ICAT) का समर्थन प्राप्त है। इस बदलाव की यात्रा का हिस्सा बनें और 21वें ईवी एक्सपो 2024 में मोबिलिटी के भविष्य का अनुभव करें!
सुपर संडे इंडिया गेट पर आयोजित दिव्य कला मेला के फूड कोर्ट में अलग-अलग पकवानों की बहार लेकर आया है
नई दिल्ली | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित 22वां दिव्य कला मेला इस रविवार को दिल्लीवासियों के लिए पाक कला का स्वर्ग बन गया। नई दिल्ली में इंडिया गेट पर आयोजित इस मेले के जीवंत फूड कोर्ट में विभिन्न प्रकार के पकवानों और व्यंजनों के स्वाद का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसका आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े।
इस फूड कोर्ट में 20 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से पांच दिव्यांगजनों द्वारा संचालित हैं, जो इन व्यक्तियों की उद्यमशीलता की भावना को प्रदर्शित करते हैं। इन स्टॉलों पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान आदि विभिन्न राज्यों के पारंपरिक एवं लोकप्रिय व्यंजनों की एक स्वादिष्ट श्रृंखला उपलब्ध करायी गई है।
भोज्य व्यंजनों में मेले के मुख्य आकर्षणों में मुरैना की शाही गजक, नमकीन, पापड़ चाट, गोलगप्पे, आलू टिक्की, स्वादिष्ट राम लड्डू, लिट्टी-चोखा, स्पाइरल आलू, काला खट्टा, चुस्की, मिट्टी कैफे से हर्बल-युक्त व्यंजन और एनकेबी शरणम दिल्ली की प्रसिद्ध खाने की वस्तुएं शामिल हैं।
फूड कोर्ट एक प्रमुख आकर्षण बन गया है, जो खानपान का एक अनूठा मिश्रण तैयार करता है और भारत की समृद्ध पाक विरासत का उत्सव मनाता है। यह समावेशिता एवं सशक्तिकरण के लिए एक मंच प्रदान करता है।
‘सशक्त दिव्यांगजन’ थीम के अंतर्गत यह मेला 12 से 22 दिसंबर, 2024 तक सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक इंडिया गेट पर आयोजित किया जा रहा है। उत्सव के उत्साह को बढ़ाने के लिए दैनिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं और इस भव्य आयोजन के आकर्षण को बढ़ा रहे हैं। दिव्य कला मेले में स्वाद और संस्कृति का आनंद, प्रतिभा, विविधता एवं सशक्तिकरण के उत्सव के माध्यम से अनुभव किया जा सकता है।
जीवाजी राव ने जो शिक्षा का सपना देखा था वह आज हो रहा है साकार : उप राष्ट्रपति धनखड़
रायपुर। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि सिंधिया परिवार का शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है। मैंने आज उन महापुरूष की मूर्ति का अनावरण किया है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत में शिक्षा सहित अनेक क्षेत्र में अपने कीर्तिमान स्थापित किए हैं। साथ ही शिक्षा को गति देने का कार्य भी किया है। शिक्षा से ही व्यक्ति के अंदर भाव आता है और मानव का निर्माण होता है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि परिवर्तनशील दुनिया है, बदलाव होते रहेंगे लेकिन शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की। तकनीक में हमारा देश काफी आगे निकल चुका है।
जीवाजी विश्वविद्यालय संस्थान भी नई-नई तकनीकों को लायेगा, ऐसी उम्मीद है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही। अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। विशेष अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसराम सिलावट, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और उप राष्ट्रपति पत्नी सुदेश धनखड़ उपस्थित थीं।
उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि सिंधिया परिवार का संसद में हमेशा योगदान रहा है। स्व. माधवराव सिंधिया ने अनेक क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किया है। उन्हें जो भी मंत्रालय मिला है, उसमें उन्होंने अपना श्रेष्ठ कार्य किया है। उप राष्ट्रपति ने कहा जीवाजी राव ने जो शिक्षा का सपना देखा था वह आज साकार हो रहा है।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर शहर संगीत, शिक्षा और अपनी ऐतिहासिकता के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान से ही विनम्रता प्राप्त होती है और विनम्रता से ही पात्रता प्राप्त होती है। जीवाजी विश्वविद्यालय 250 एकड़ में स्थापित है, जिसे मेरी दादी माँ और तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा प्रारंभ किया गया था। जीवाजी विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार ने जो बीज बोया था वह आज वट वृक्ष की तरह खड़ा हो गया है। जीवाजी विश्वविद्यालय संस्थान आधुनिकता की ओर अग्रसर है।
प्रकृति और संस्कृति के प्रति जागरूक करेगा वन मंदिर वाटिका : वन मंत्री केदार कश्यप
वन मंत्री ने नवनिर्मित वन मंदिर वाटिका का किया लोकार्पण
नई दिल्ली | वन मंत्री केदार कश्यप ने दंतेवाड़ा में वन मंदिर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रकृति और संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति में वनों के आध्यात्मिक एवं पर्यार्वणीय को महत्व को प्रमुखता दी गई है। वर्तमान में जबकि आज ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन पर पूरी दुनिया में विचार मंथन चल रहा है। उसे देखते हुए वन मंदिर की अवधारणा सराहनीय है। वनांचल में निवासरत वनवासी बंधु पीढ़ियों से वनों की रक्षा एवं उसकी संरक्षण के लिए समर्पित रहे हैं। यहां के जनजीवन का मुख्य आधार वन सम्पदा ही रही है। इसे देखते हुए वन विभाग की यह पहल जनमानस में पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का प्रंशसनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस वन मंदिर वाटिका में अन्य प्रजाति के पेड़ पौधे लगाकर इसे समृद्ध बनाए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वृक्षारोपण के तहत ’’एक पेड़ मां के नाम’’ का संदेश देकर पूरे देश में वृक्षारोपण के महत्व का अलख जगा चुके है।
उल्लेखनीय है कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के तत्वाधान में बनाये गए वन मंदिर वाटिका में प्रकृति एवं संस्कृति के अनुठे संगम को चरितार्थ किया है। वाटिका में प्रवेश करते ही पर्यावरणीय और प्राकृतिक संरक्षण को दर्शाते हुए यहां भारतीय सांस्कृतिक के अनुरूप राशि-ग्रह-नक्षत्र के पौधे, बीमारियों के प्राकृतिक उपचार के लिए योग और औषधि युक्त पौधे की जानकारी देते हुए साइन बोर्ड लगाये गए है। साथ ही क्षेत्र में पाये जाने वाले वन्य पशु पक्षियों एवं तितलियों जैसे जीव-जंतुओं की भी जानकारी दी गई है। इसके अलावा भगवान श्रीराम के जीवनवृत्त और वनवास काल का भी चित्राकंन वन मंदिर में किया गया है। साथ ही ‘‘रॉक गार्डन‘‘ के तहत इंद्रावती नदी के पत्थर और एनएमडीसी के लौह पत्थरों से भी वाटिका की साज-सज्जा की गयी है। करीब 18 एकड़ में तैयार हुए इस वन मंदिर में 7 थीम के तहत काम हुए हैं। यहां राशि, ग्रह नक्षत्र के पौधे,बीमारियों के इलाज के लिए योग और औषधि (हर्बल पौधे) की जानकारी, सप्तऋषि और पंचवटी वन भी निर्मित किये गए है। अधिकारियों ने बताया कि लगभग साढ़े 4 करोड़ रुपए की लागत से बना यह संभाग का पहला वन मंदिर है। जहां शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी मिल पाएगी। इसके निर्माण के लिए अब तक करीब खर्च किए गए हैं।
इस दौरान वन मंत्री कश्यप ने वन मंदिर का भ्रमण कर स्कूली बच्चों से मुलाकात कर बच्चों से पढ़ाई, उनके पसंदीदा विषयों और स्कूल के अनुभवों को साझा किया। साथ ही उन्होंने नवनिर्मित वन मंदिर वाटिका के महत्व और इतिहास पर उनके विचार जाने। उन्होंने बच्चों को वन मंदिर वाटिका में रोपे गए धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व के पेड़-पौधों बारे में जानकारी दी उनसे प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक रहने को कहा। इस अवसर पर मंत्री कश्यप ने वन मंदिर में आम के पौधे का रोपण किया और अधिकारियों को वन मंदिर को और समृद्ध करने के लिए अन्य प्रकार के पौधों का रोपण भी करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर विधायक चौतराम अटामी, नगर पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य रामूराम नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं मुख्य वन संरक्षक आर.सी. दुग्गा, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, डीएफओ सागर जाधव, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 15 से 18 दिसंबर 24 तक इंडोनेशिया की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे
नई दिल्ली | नौसेना प्रमुख (सीएनएस) एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 15 से 18 दिसंबर 24 तक इंडोनेशिया की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है, जो नौसेना सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए गहन व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अनुरूप है ।
इस यात्रा के दौरान, नौसेना प्रमुख इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल सजाफ्री सजामसोएद्दीन (सेवानिवृत्त), इंडोनेशियाई सशस्त्र बलों के कमांडर जनरल अगुस सुबियांटो और इंडोनेशियाई नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल मुहम्मद अली सहित इंडोनेशियाई सरकार और रक्षा अधिकारियों के शीर्ष स्तर के साथ द्विपक्षीय चर्चा में शामिल होंगे। चर्चा में रक्षा सहयोग के क्षेत्रों, विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा, संयुक्त प्रशिक्षण पहलें और दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन सहयोग को और मजबूत करने के अवसरों की खोज के एक व्यापक दायरे को शामिल किए जाने की उम्मीद है।
यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत समुद्री संबंधों को रेखांकित करती है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-इंडोनेशिया समुद्री सहयोग के साझा विजन के अनुरूप है।
दोनों नौसेनाओं के बीच मौजूदा समुद्री सहयोग में संयुक्त सैन्य अभ्यास, बंदरगाहों के दौरे और क्षमता निर्माण के उद्देश्य से प्रशिक्षण पहलों सहित कई गतिविधियां शामिल हैं। वर्तमान में, 43वीं भारत-इंडोनेशिया समन्वित गश्ती (10-18 दिसंबर) अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) के साथ जारी है ।
एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की इंडोनेशिया में गतिविधियों से दोनों नौसेनाओं के बीच मित्रता और सहयोग के बंधनों के और मजबूत होने की उम्मीद है, जिससे पारस्परिक हित के क्षेत्रों में बेहतर सहयोग सुनिश्चित होगा।
वायु सेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड
नई दिल्ली | भारतीय वायु सेना की उड़ान और ग्राउंड ड्यूटी शाखाओं के फ्लाइट कैडेटों के प्रशिक्षण के सफल समापन पर 14 दिसंबर 2024 को वायु सेना अकादमी (एएफए), डुंडीगल में संयुक्त स्नातक परेड (सीजीपी) आयोजित हुई। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (सीएएस), परेड के समीक्षा अधिकारी, ने प्रशिक्षण के सफल समापन पर स्नातक फ्लाइट कैडेटों को राष्ट्रपति कमीशन प्रदान किया। कुल 204 कैडेट आज स्नातक की उपाधि प्राप्त की जिसमें 178 पुरुष और 26 महिलाएं शामिल थीं।
वायुसेनाध्यक्ष का स्वागत एयर मार्शल नागेश कपूर, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, प्रशिक्षण कमान और एयर मार्शल एस श्रीनिवास, कमांडेंट एएफए ने किया। परेड कमांडर ने आरओ को जनरल सलामी दी। इसके बाद एक शानदार मार्च पास्ट हुआ।
इस अवसर पर भारतीय नौसेना के 09 अधिकारियों, भारतीय तटरक्षक बल के 09 अधिकारियों और मित्र विदेशी देशों के 01 अधिकारी को भी उड़ान प्रशिक्षण के सफल समापन पर 'विंग्स' से सम्मानित किया गया। इस दिन को भारतीय वायु सेना के इतिहास में याद किया जाएगा, क्योंकि यह सीजीपी भारतीय वायु सेना में हथियार प्रणाली शाखा के अधिकारियों के पहले बैच की कमीशनिंग का भी गवाह बना। इस समारोह को गणमान्य लोगों के साथ -साथ स्नातक अधिकारियों के परिवार के सदस्यों ने भी भाग लिया।
परेड का मुख्य आकर्षण 'कमीशनिंग समारोह' था, जिसमें स्नातक फ्लाइट कैडेटों को समीक्षा अधिकारी द्वारा उनके 'रैंक और विंग्स' से सम्मानित किया गया। स्नातक अधिकारियों को उसके बाद अकादमी के कमांडेंट द्वारा शपथ दिलाई गई, जहाँ उन्होंने देश की सुरक्षा, संप्रभुता और सम्मान की रक्षा करने की शपथ ली। स्नातक परेड के दौरान चार प्रशिक्षक विमानों द्वारा तालमेल युक्त और लयबद्ध फ्लाई-पास्ट किया गया, जिसमें पिलाटस पीसी-7 एमकेआईआई, हॉक, किरण और चेतक विमान शामिल थे।
समीक्षा अधिकारी ने प्रशिक्षण के विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्नातक अधिकारियों को विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए। फ्लाइंग ब्रांच के फ्लाइंग ऑफिसर पराग धनखड़ को पायलट कोर्स में समग्र योग्यता क्रम में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए 'राष्ट्रपति की पट्टिका' और 'वायु सेना प्रमुख की स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया। फ्लाइंग ऑफिसर राम प्रसाद गुर्जर को ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर कोर्स में समग्र योग्यता क्रम में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए राष्ट्रपति की पट्टिका से सम्मानित किया गया।
परेड का समापन दो पंक्ति में नव नियुक्त अधिकारियों द्वारा वायु सेना "प्रथम पग" पर मार्शल मार्चिंग धुनों पर धीमी गति से मार्च करने के साथ अपने तत्काल कनिष्ठों से मिली पहली सलामी के साथ हुआ जो उनके सबसे भावनात्मक क्षणों में से एक रहे। एसयू-30 एमकेआई द्वारा मनोरम प्रदर्शन, सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम द्वारा समकालिक एरोबैटिक्स और सूर्य किरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) इस सीजीपी के भव्य समापन का हिस्सा रहे।
वायु सेना अधिकारियों के जीवन में यह कमीशनिंग समारोह हमेशा स्मरणीय रहता है, क्योंकि वे अपने गौरवान्वित माता-पिता और परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में अपना 'रैंक' प्राप्त करते हैं। यह दिन उनके करियर का सबसे यादगार दिन बन जाता है, जो देश की सेवा में सम्मान, गर्व और गरिमा के साथ उनके एक नए जीवन की शुरुआत करता है।
एडमिरल कप सेलिंग रेगाटा का 13वां संस्करण : भारतीय नौसेना अकादमी में संपन्न हुआ
टीम रूस ने प्रतिष्ठित एडमिरल कप 24 जीता
नई दिल्ली | ‘एडमिरल कप’ सेलिंग रेगाटा का 13वां संस्करण शुक्रवार 13 दिसंबर 24 को भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए), एझिमाला के एट्टीकुलम बीच पर एक शानदार समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। लेफ्टिनेंट गोरकुनोव पेट्र लिइच और कैडेट लोशिचिनिना पोलिना व्लादिस्लावोवना द्वारा प्रतिनिधित्व की गई रूस की टीम ने एडमिरल कप 24 जीता। मिडशिपमैन कार्लो लियोनार्डो और एनसाइन कैमिला बर्नबेई द्वारा प्रतिनिधित्व की गई इटेलियन टीम उपविजेता रही और एसएलटी जपमान अवतार और कैडेट पीके रेड्डी द्वारा प्रतिनिधित्व की गई टीम इंडिया/आईएनए ‘ए’ तीसरे स्थान पर रही। रूस के लेफ्टिनेंट गोरकुनोव पेट्र लिइच पुरुष वर्ग में व्यक्तिगत पोजिशन में पहले स्थान पर रहे, इसके बाद सिंगापुर के लेफ्टिनेंट डेरियस ली खेंग वी और ग्रीस के एनसाइन पप्पस विसारियन एचएन क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इटली की एनसाइन कैमिला बर्नबेई ने महिला वर्ग में व्यक्तिगत पोजिशन में पहला स्थान प्राप्त किया, उसके बाद रूस की कैडेट लोशिचिनिना पोलिना व्लादिस्लावोवना और भारत की एसएलटी ईशा शाह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि, वाइस एडमिरल सीआर प्रवीण नायर, कमांडेंट, आईएनए ने 'एडमिरल कप', रनर अप ट्रॉफी और व्यक्तिगत पुरस्कार प्रदान किए।
एडमिरल कप में 9 से 13 दिसंबर 24 तक आयोजित रेस के दिवसों में लेजर रेडियल नौकाओं में कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली नौकायन दौड़ देखी गई। 14 महिला प्रतिभागियों सहित कुल 53 प्रतिभागियों ने चुनौतीपूर्ण हवा और मौसम की स्थिति में लेजर रेडियल में अपने नौकायन कौशल का प्रदर्शन किया, क्योंकि पिछले चार दिनों की दौड़ में अपनी नावों से हर गाँठ निचोड़ा।
2010 में अपनी शुरुआत के बाद से इस आयोजन ने काफी लोकप्रियता हासिल की है। एडमिरल कप सेलिंग रेगाटा 2024 के 13वें संस्करण में 25 देशों और भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला की भारतीय टीमों ने भाग लिया।
पांच दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिस्पर्धी रेसिंग के अलावा, विदेशी टीमें और उनके साथ आए अधिकारी विभिन्न गतिविधियों में शामिल हुए, जिनमें भारतीय नौसेना अकादमी में स्थित प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं का दौरा, माउंट डिल्ली की फिटनेस ट्रेक और भारत की समृद्ध परंपराओं, भाषाओं, संस्कृति, नृत्य और कला रूपों को प्रदर्शित करने वाला एक सांस्कृतिक पैकेज शामिल था। यह आयोजन 13 दिसंबर 2024 को समापन समारोह के साथ एक शानदार ढंग के साथ सम्पन्न हुआ।
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस : 2024 पर प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म सुरक्षा प्रतिज्ञा लेंगे
भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए सुरक्षा प्रतिज्ञा की घोषणा की
सुरक्षा प्रतिज्ञा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा उपभोक्ता सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए सार्वजनिक प्रतिबद्धता के रूप में काम करेगी
नई दिल्ली | प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एजियो, जिओमार्ट, नेटमेड, बिग बास्केट, टाटा क्लिक, टाटा 1एमजी, जोमैटो और ओला 24 दिसंबर, 2024 को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस, 2024 के अवसर पर सुरक्षा प्रतिज्ञा लेंगे।
सुरक्षा प्रतिज्ञा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा असुरक्षित, नकली और गैर-अनुरूप उत्पादों की बिक्री का पता लगाने और रोकने, उत्पाद सुरक्षा के लिए जिम्मेदार वैधानिक अधिकारियों के साथ सहयोग करने, विक्रेताओं के बीच उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और उत्पाद सुरक्षा पर उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए एक स्वैच्छिक प्रतिबद्धता है।
भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए सुरक्षा प्रतिज्ञा की घोषणा की। सुरक्षा प्रतिज्ञा के विकास पर चर्चा करने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग ने 16.11.2023 को हितधारकों के साथ परामर्श किया। इसके बाद, प्रमुख ई-कॉमर्स संस्थाओं, उद्योग निकायों और कानून के जानकारों को अपने सदस्यों के रूप में लेकर प्रतिज्ञा का मसौदा तैयार करने के लिए 21.11.2023 को प्रसिद्ध उपभोक्ता कार्यकर्ता और पत्रकार सुश्री पुष्पा गिरिमाजी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया। समिति को सुरक्षा प्रतिज्ञा तैयार करने और विभाग को प्रस्तुत करने का काम सौंपा गया था। समिति द्वारा व्यापक परामर्श प्रक्रिया और विभाग द्वारा जांच के बाद प्रतिज्ञा का अंतिम मसौदा तैयार किया गया है।
दुनिया भर के कई न्याय अधिकार क्षेत्रों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर दायित्व निर्धारित करने के लिए एक अनौपचारिक प्रतिबद्धता के रूप में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को स्वैच्छिक सुरक्षा प्रतिज्ञा लेने के लिए प्रेरित किया है विशेषकर जब वास्तविक विक्रेता का पता नहीं चल पाता है या वह जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं होता है।
ई-कॉमर्स की अनूठी प्रकृति जहाँ खरीद से पहले उत्पादों की भौतिक जाँच संभव नहीं है वहा उत्पाद सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है। यह इस अपेक्षा पर आधारित होती है कि उत्पाद सुरक्षा मानकों और निर्दिष्ट विनियमों का पालन करते हैं। परिणामस्वरूप, ऑनलाइन खरीदारों के लिए उत्पाद सुरक्षा सर्वोपरि है।
ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर असुरक्षित या प्रासंगिक मानकों को पूरा करने में विफल उत्पादों की बिक्री उपभोक्ताओं और जनता की सुरक्षा और भलाई के लिए एक जोखिम उत्पन्न करती है। यह उन उत्पादों के मामले में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है जिन्हें गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यू सी ओ) के तहत मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है।
880 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट बाज़ार है। 2030 तक भारत के वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा ऑनलाइन शॉपर बेस होने का अनुमान है जिसमें अनुमानित 500 मिलियन खरीदार होंगे [स्रोत: इन्वेस्ट इंडिया ईकॉमर्स ब्रोशर https://static.investindia.gov.in/s3fs-public/2023-12/Ecommerce%20Brochure.pdf]। भारत में ई-कॉमर्स के निरंतर विस्तार को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन बेचे जाने वाले उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उपभोक्ता हितों के लिए अनिवार्य है।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 में किसी उत्पाद को खरीदते समय सुरक्षा और उत्पाद मानकों का उल्लेख है। अधिनियम की धारा 2(9) के तहत उल्लिखित ‘उपभोक्ता अधिकारों’ में जीवन और संपत्ति के लिए खतरनाक वस्तुओं, उत्पादों या सेवाओं के विपणन के विरूद्ध जैसा भी मामला हो, सुरक्षा का अधिकार और वस्तुओं, उत्पादों या सेवाओं की गुणवत्ता, मात्रा, शक्ति, शुद्धता, मानक और मूल्य के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार शामिल है ताकि उपभोक्ता को अनुचित व्यापार पद्धति से बचाया जा सके।
यह गलत तरीके से प्रस्तुत करना कि माल किसी विशेष मानक, गुणवत्ता, मात्रा, ग्रेड, संरचना, शैली या मॉडल का है, अधिनियम की धारा 2(47) के तहत परिभाषित ‘अनुचित व्यापार पद्धति’ है। इसके अलावा, जो सामान उस मानक का अनुपालन नहीं करते हैं जिसे किसी कानून द्वारा या उसके तहत बनाए रखने की आवश्यकता होती है उसे अधिनियम की धारा 2(10) के तहत ‘खराब’ माना जाता है।
प्रासंगिक रूप से, उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 के नियम 4(3) के तहत निर्धारित ई-कॉमर्स संस्थाओं के कर्तव्यों में किसी भी अनुचित व्यापार व्यवहार को न अपनाने का कर्तव्य शामिल है, चाहे वह अपने प्लेटफॉर्म पर व्यापार के दौरान हो या अन्यथा।
नैनो टेक्नोलॉजी एंड एनवायरनमेंट विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विकसित भारत मिशन के अंतर्गत“नैनो टेक्नोलॉजी एंड एनवायरनमेंट (एनसीएनई - 2024) पर द्वितीय राष्ट्रीय सम्मेलन 13 और 14 दिसंबर 2024 को आयोजित किया गया। इस सम्मेलन के समापन समारोह में प्रोफ़ेसर , केमिकल इंजीनियरिंग विभाग, और इस कार्यशाला की अध्यक्ष डॉ. (श्रीमती) ए. बी. सोनी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज की। मुख्य अतिथि के रूप में टस्केगी विश्वविद्यालय, एएल के प्रोफेसर डॉ. विजय रंगारी, और आयोजन सचिवों के रूप में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित केशव , डॉ धर्मपाल एवं डॉ. आर. मणिवन्नन उपस्थित रहे। समापन समारोह में विभाग के विभिन्न फैकल्टी सदस्य, शोधार्थी, छात्र एवं प्रतिभागी शामिल हुए। इस कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी - अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन, तथा सह-प्रायोजक छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् रहे।
समापन समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” से हुई, जिसके बाद डॉ. अमित केशव ने "नैनोप्रौद्योगिकी और पर्यावरण" पर राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे संस्करण में आने एवं इसे सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ऐसे सम्मेलन प्रतिभागियों को समृद्ध अनुभव प्रदान करते हैं और नेटवर्किंग के अनमोल अवसर देते हैं। नैनोप्रौद्योगिकी की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने इसके लाभों व संभावित चुनौतियों को समझने के महत्व पर चर्चा की।
इसके डॉ. एबी सोनी ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम न केवल प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं बल्कि विचारों के आदान-प्रदान का बेहतरीन मंच भी प्रदान करते हैं। उन्होंने इस सम्मेलन को को भविष्य में भी जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. सोनी ने प्रतिभागियों, विभाग एवं निर्णायकों के मध्य संपर्क बनाए रखने एवं नये और इनोवेटिव आइडिया को साझा करते रहने की सलाह दी। डॉ. विजय के. रंगारी ने अपने संबोधन में आयोजकों को धन्यवाद देते हुए इसे नेटवर्किंग और विचार-विमर्श के लिए एक बेहतरीन मंच बताया। उन्होंने प्रतिभागियों को सलाह दी कि वे अलग-अलग सुझावों को फीडबैक की तरह लें तथा अपने करियर में आगे बढ़ते रहें।
इसके बाद सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किया गया । साथ ही दो दिन में ऑफलाइन एवं ऑनलाइन संस्करण में हुए पांचों सेशन के 'बेस्ट पेपर प्रेजेंटेशन’ को पुरस्कार से सम्मानित किया गया । प्रतिभागियों द्वारा अपना अनुभव साझा करने के बाद डॉ. आर. मणिवन्नन के धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। एनसीएनई - 2024 नैनो टेक्नोलॉजी और पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ शोधकर्ताओं को जोड़ने वाला एक प्रभावशाली राष्ट्रीय मंच साबित हुआ।
हमारी सरकार ने मऊगंज को जिला बनाया, अब हम दे रहे हैं विकास की सौगातें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में चलाये जा रहे जनकल्याण अभियान में प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासन की विकास योजनाओं से लाभांवित किया जायेगा। इसके लिये ग्राम पंचायत एवं नगरीय क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर पात्र नागरिकों को योजनाओं से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि मऊगंज विकास की दौड़ में पीछे छूट गया था। हमारी सरकार ने मऊगंज को जिला बनाया और अब सरकार ही मऊगंज को विकास की सौगाते दे रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5,041 करोड़ की सीतापुर-हनुमना लिफ्ट इरिगेशन परियोजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना से मऊगंज जिले के 400 से अधिक गांवों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। समारोह में 5,175 करोड़ रुपए के 57 निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने खटखरी को नगर परिषद बनाने, दो सड़कों के उन्नयन, देवतालाब महाविद्यालय में 5 करोड़ रुपए की लागत से स्टेडियम के निर्माण, हनुमना में सिविल अस्पताल बनाने और देवतालाब शिव मंदिर में 5 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मऊगंज में आयोजित जनकल्याण पर्व समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति में सनातन मूल्यों को समाहित कर शिक्षा को नई दिशा दी है। सनातन मूल्यों का जो विरोध करेगा, देश उसके साथ खड़ा नहीं होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि मऊगंज रीवा और सतना सहित पूरा विंध्य क्षेत्र सादगी, सरलता और सदभाव का क्षेत्र है। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के वनवास के 11 वर्ष इसी क्षेत्र के चित्रकूट में बिताये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए हर मांग पूरी की जाएगी। जन कल्याण अभियान में 16,100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की कार्ययोजना पूरे प्रदेश के लिए बनाई गई है। इनमें से अकेले मऊगंज जिले को 5,041 करोड़ रुपए की सौगात मिली है। पूरे क्षेत्र में विकास के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। आज ही बाणसागर बांध के बीच स्थित मनोरम सरसी टापू का लोकार्पण हुआ है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को दो नदी जोड़ों परियोजनाओं के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी देकर किसानों को बहुत बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी सच्चे अर्थों में आधुनिक भागीरथ हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 60 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की प्रथम किश्त के रूप में 332 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से जारी किए। मुख्यमंत्री ने पोषण आहार योजना के तहत दो गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण आहार से युक्त अक्षय पात्र भेंट किए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का जनजातीय लोकनृत्य गुदुम बाजा के मधुर स्वरों से स्वागत किया गया। महिलाओं ने पुष्पवर्षा कर अपने लाड़ले मुख्यमंत्री की अगवानी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-पूजन कर गौ-माता का सम्मान किया और गौ-संवर्धन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने मऊगंज जिले के 100 से अधिक गायों की सेवा कर रहे सौखीलाल यादव को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने पुलिस बैण्ड की सराहना की। समारोह में मुख्यमंत्री को धातु निर्मित राधा-कृष्ण की प्रतिमा और डिजिटल गीता भेंट की गई।
लोकसभा में मेघवाल पेश करेंगे बिल : वन नेशन, वन इलेक्शन
नई दिल्ली | कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सोमवार को लोकसभा में वन नेशन वन इलेक्शन बिल पेश करेंगे. सूत्रों से खबर मिली है कि इस बिल को पहले चर्चा और आम सहमति बनाने के लिए जेपीसी के पास भेजा जाएगा | जेपीसी सभी दलों के नेताओं संग चर्चा करेगी उसके बाद कोई फैसला लिया जाएगा | अर्जुन राम मेघवाल भारत के संविधान में और संशोधन करने के लिए विधेयक पेश करने की अनुमति के लिए प्रस्ताव करेंगे |
सूत्रों से पता चला है कि पहला संशोधन विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने से संबंधित है, तथा दूसरा विधेयक दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी में विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने से संबंधित है | इस बीच, केंद्रीय मंत्री मेघवाल संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 भी पेश करेंगे ताकि संघ राज्य क्षेत्र अधिनियम, 1963, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 में और संशोधन करने के लिए विधेयक पेश किया जा सके।
कई विपक्षी नेताओं ने एक राष्ट्र एक चुनाव प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह अव्यावहारिक है और संघवाद पर हमला है | सीनियर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने एक राष्ट्र, एक चुनाव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर कोई राज्य सरकार छह महीने में गिर जाती है या अपना बहुमत खो देती है, तो क्या राज्य को बाकी के 4.5 साल बिना सरकार के रहना पड़ेगा | उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में चुनाव 6 महीने से ज़्यादा नहीं टाले जा सकते | अगर वन नेशन वन इलेक्शन की शुरुआत हो रही है और किसी राज्य में 6 महीने में सरकार गिर जाती है, अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाता है, तो क्या हम 4.5 साल तक बिना सरकार के रह पाएंगे ? इस देश में ऐसा संभव नहीं है | पहले सरकारें 5 साल का अपना कार्यकाल पूरा करती थीं, लेकिन आज कहीं सरकारें 2.5 साल में गिर जाती हैं तो कहीं 3 साल में।
वहीं, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मांग की और कहा कि यह विधेयक लोकतंत्र को कमजोर करता है | जयराम रमेश ने कहा कि यह विधेयक संसद में पेश किया जाएगा और हम चाहते हैं कि इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा जाए, जो इस पर चर्चा करेगी | पिछले साल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की एक राष्ट्र, एक चुनाव समिति को चार पन्नों का पत्र भेजकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट की थी, जिसमें कहा गया था कि हम इस विधेयक का विरोध करते हैं।
बता दें, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता की है | समिति ने जानकारी दी कि करीब 32 राजनीतिक दलों ने इस बिल को लेकर अपना समर्थन दिया है | वहीं, 15 पार्टियों ने विरोध जताया है | इससे पहले 12 दिसंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक को मंजूरी दे दी थी, जिससे इसे संसद में पेश करने का रास्ता साफ हो गया | हालांकि, संसद में पेश किए जाने से पहले ही इस विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस शुरू हो गई थी।
बता दें, इस वर्ष सितम्बर में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने एक राष्ट्र, एक चुनाव प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य 100 दिनों के भीतर लोकसभा और विधानसभा चुनाव, शहरी निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराना है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने अतिरिक्त : कृषि ऋण की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये की
नई दिल्ली | भारतीय रिज़र्व बैंक ने कृषि क्षेत्र की सहायता के लिए कृषि संबंधी सहायक कार्यों के लिए ऋण और बढ़ती लागतों को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अतिरिक्त कृषि ऋणों की सीमा में वृद्धि की घोषणा की है। प्रति उधारकर्ता 1.6 लाख रुपये की वर्तमान ऋण सीमा को बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है।
यह निर्णय किसानों पर मुद्रास्फीति और कृषि की बढ़ती लागत के प्रभाव के कारण से किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर वित्तीय पहुँच प्रदान करना है और यह सुनिश्चित करना कि उनके पास बिना प्रतिभूति की समास्या के अपनी परिचालन और विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हों।
1 जनवरी, 2025 से प्रभावी, देश भर के बैंकों को निर्देश दिया जाता है कि वे:
2 लाख रुपये तक प्रति उधारकर्ता को कृषि संबंधी सहायक कार्यों सहित कृषि ऋणों के लिए अतिरिक्त प्रतिभूति और मार्जिन आवश्यकताओं को माफ करें।
कृषक समुदाय को समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों को शीघ्रता से लागू करें।
बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने परिचालन क्षेत्र के किसानों और हितधारकों के बीच अधिकतम पहुंच और जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए इन परिवर्तनों का व्यापक प्रचार करें।
यह कदम विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों (क्षेत्र के 86% से अधिक) के लिए ऋण पहुंच को बढ़ाता है। ये कम उधार लागत और अतिरिक्त आवश्यकताओं को हटाने से लाभान्वित होते हैं। ऋण वितरण को सुव्यवस्थित करके। इस पहल से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋणों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है जिससे किसानों को कृषि कार्यों में निवेश करने और अपनी आजीविका में सुधार करने में सहायता मिलेगी। संशोधित ब्याज अनुदान योजना के साथ लागू 4% ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक के ऋण की पेशकश करते हुए, यह नीति वित्तीय समावेशन को मजबूत करती है, कृषि क्षेत्र की सहायता करती है, और ऋण-संचालित आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है। यह सतत कृषि के लिए सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुरूप है।
धर्मेंद्र प्रधान ने महिला नेताओं के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन किया
यह कार्यशाला, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप, शिक्षा के हर स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देती है - धर्मेंद्र प्रधान
नारी शक्ति क्षमता, दृढता और आशा का प्रतीक है - धर्मेंद्र प्रधान
महिलाएं तमाम बाधाओं को तोड़कर आगे बढ़ रही है और एसटीईएम सहित सभी क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़ रही है - धर्मेंद्र प्रधान
नई दिल्ली | केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में यूजीसी द्वारा महिला नेतृत्व पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस कार्यशाला का विषय-‘महिला नेतृत्व: 2047 तक भारत को विकासशील बनाने के लिए शैक्षणिक उत्कृष्टता को आकार देना’ है। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार भी उपस्थित थे। शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार, यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार, डीआरडीओ में एयरोनॉटिकल सिस्टम की महानिदेशक डॉ. राजलक्ष्मी मेनन, यूजीसी के उपाध्यक्ष प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव, आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी और देश भर से आए गणमान्य व्यक्ति भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप शिक्षा के हर स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देती है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य यह दिखाना है कि कैसे महिलाएं उच्च शिक्षा में शैक्षिक मानकों को उन्नत रूप दे रही हैं और साथ ही उन्हें नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए तैयार और प्रेरित भी कर रही हैं।
प्रधान ने यह भी कहा कि नारी शक्ति क्षमता, दृढ़ता और आशा का प्रतीक है और महिलाओं के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना भारतीय सभ्यता का एक अंतर्निहित मूल्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में सरकार ने किस तरह से महिलाओं के विकास से महिलाओं के नेतृत्व में विकास की ओर एक परिवर्तनकारी बदलाव लाने के लिए आगे बढ़कर नेतृत्व किया है।
मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि उभरती हुई नई विश्व व्यवस्था ज्ञान से प्रेरित होगी और महिलाएं तमाम चुनौतियों को तोड़कर निरंतर आगे बढ़ रही हैं, लैंगिक भूमिकाओं को चुनौती दे रही हैं और एसटीईएम सहित सभी क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए समान अवसर स्थापित करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि कार्यशाला में विचार-विमर्श, संवाद और अनुभव साझा करने से इसके लिए एक रोडमैप मिलेगा।
प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण का एक भारतीय मॉडल बनाया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि महिलाएं सभी निर्णय लेने वाली संरचनाओं और जीवन विकल्पों में शामिल हों। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हम विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे, नारी शक्ति अधिक निर्णय लेने वाली भूमिकाएं निभाएगी।
मंत्री महोदय ने कहा कि महिलाओं की समानता और सशक्तिकरण से ही हमारा समाज और राष्ट्र सशक्त हो सकता है।
अपने संबोधन में डॉ. सुकांत मजूमदार ने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षा में महिला नेतृत्व के महत्व पर जोर दिया। मैत्रेयी और गार्गी जैसी प्राचीन अग्रणी महिलाओं के साथ-साथ डॉ. सौम्या स्वामीनाथन जैसी वर्तमान वैज्ञानिकों का जिक्र करते हुए, उन्होंने बताया कि कैसे महिलाएं अकादमिक उत्कृष्टता को आकार देने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिला सकल नामांकन अनुपात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-यूएसएचए) जैसी पहलों के महत्व का भी उल्लेख किया जो नीतियों में लैंगिक समावेशिता पर ध्यान केंद्रित करती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की वाइज-किरण और दीक्षा (ज्ञान साझा करने के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचा) पहल ने महिलाओं को शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाया है। समाज की तुलना एक पक्षी से करते हुए उन्होंने देश के सर्वांगीण विकास और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इसके दोनों पंखों-पुरुषों और महिलाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
पूरे दिन प्रतिभागियों के साथ जुड़कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा का नेतृत्व करने वाले प्रतिष्ठित लोगों में शामिल हैं: लक्ष्मी अय्यर, लार्सन एंड टुब्रो में संयुक्त महाप्रबंधक (उद्योग-अकादमिक साझेदारी का महत्व और उच्च शिक्षा में नेतृत्व को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका); वंदना भटनागर, आईआईएम जम्मू में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की सदस्य (संस्थागत विकास और विकास में नेतृत्व अनुभव और योगदान); गीता सिंह राठौर, महानिदेशक, राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (शिक्षा में डेटा संचालित नेतृत्व और नीतियों को आकार देने पर इसका प्रभाव); डॉ. सोनल मानसिंह, पद्म विभूषण पुरस्कार विजेता और संसद सदस्य, राज्यसभा (2018-2024); डॉ. राजलक्ष्मी मेनन, महानिदेशक, एयरोनॉटिकल सिस्टम, डीआरडीओ, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता (2047 तक विकसित भारत के लिए उच्च शिक्षा नेतृत्व में महिलाओं का भविष्य); आईआईटी मद्रास, जंजीबार परिसर की प्रभारी निदेशक प्रो. प्रीति अघालयम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित में महिला नेतृत्व-एसटीईएम); आईबीएम इनोवेशन सेंटर फॉर एजुकेशन में सलाहकार और कार्यक्रम विकास प्रमुख संजीव मेहता (स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन के साथ नेतृत्व जिम्मेदारियों को संतुलित करने की रणनीति); और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य डॉ. शमिका रवि (नेतृत्व भूमिकाओं में महिलाओं के लिए परामर्श और नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म का सृजन करना)।